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सीएम योगी की PM मोदी के साथ बैठक खत्‍म

डेस्क।यूपी में उभरे असंतोष के सुरों के बीच मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. प्रधानमंत्री आवास पर पीएम के साथ मीटिंग को खत्‍म करके योगी, बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा से मुलाकात करने के लिए रवाना हो चुके हैं.

भारत सूत्रों ने बताया कि पीएम और योगी की मीटिंग करीब 70 मिनट चली.पीएम से मुलाकात के बाद सीएम योगी ने एक ट्वीट में लिखा, ‘आज आदरणीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट एवं मार्गदर्शन प्राप्ति का सौभाग्य प्राप्त हुआ.

व्यस्ततम दिनचर्या से भेंट के लिए समय प्रदान करने व आत्मीय मार्गदर्शन करने हेतु पीएम का हृदय से आभार.’गौरतलब है क‍ि पिछले कुछ समय में योगी के खिलाफ असहमति के सुर उभरे हैं और कोरोना महामारी से निपटने के यूपी सरकार के प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठे थे.

योगी ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की, यह मुलाकात करीब डेढ़ घंटे तक चली थी. ऐसे समय जब यूपी में विधानसभा चुनाव में एक वर्ष से भी कम समय शेष है, बीजेपी का पूरा ध्‍यान पार्टी में बढ़ रहे मतभेदों को दूर करने पर केंद्रित है.


सूत्रों ने साफ किया है कि पार्टी सीएम योगी आदित्‍यनाथ को बदलने पर विचार नहीं कर रही लेकिन कुछ अन्‍य बदलाव किए जा सकते हैं. वरिष्‍ठ नेता बीके संतोष के नेतृत्‍व वाली टीम की ओर ये करीब एक सप्‍ताह पहले यूपी में सरकार को लेकर फीडबैक लिए जाने के बाद आज की बैठक हो रही है.

इस टीम ने मंत्रियों, विधायकों, सांसदों और सीएम के साथ समीक्षा बैठक की थी. बीजेपी के वैचारिक मागर्दर्शक राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (RSS) के दत्‍तात्रेय होसबोले अपनी यात्रा के दौरान कैडर में कथित तौर पर असंतोष के भाव महसूस करने बाद फीडबैक सेशन की सिफारिश की थी. सूत्र बताते हैं कि सभी रिपोर्टों में यह बात प्रमुखता से कही गई कि योगी सभी को साथ लेकर नहीं चल पा रहे हैं. रिपोर्ट में गैर ठाकुरों (सीएम योगी इसी ठाकुर जाति से हैं) विशेषकर ब्राह्मणों के बीच असंतोष के बारे में भी जिक्र है.

भगवा वस्‍त्र धारण करने वाले सीएम योगी को पार्टी सांसदों और विधायकों के लिए ‘पहुंच से दूर’ बताया गया है. यह भी कहा जा रहा है कि यूपी जब कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहा था तब तो यह असंतोष, गहरी नाराजगी में बदल गया.


यूपी में फेरबदल में हाल ही में बीजेपी ने एंट्री करने वाले जितिन प्रसाद को अहम भूमिका मिल सकती है. 47 साल के जितिन की पहचान यूपी में कांग्रेस के शीर्ष ब्राह्मण चेहरे के तौर पर थे और राज्‍य में इस समाज के करीब 13 फीसदी वोट हैं.

जितिन ने बुधवार को हो कांग्रेस पार्टी छोड़कर बीजेपी के साथ नाता जोड़ा है. सूत्रों के अनुसार, पूर्व नौकरशाह और पीएम मोदी के करीबी माने जाने एके शर्मा को भी यूपी सरकार में अहम रोल दिया जा सकता है.

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दरभांग बना बिहार का नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इंडिगो ने शुरू किया दुबई के लिए विमान सेवा शुरू

डेस्क।जब 08 नवंबर 2020 को दरभंगा से विमान सेवा की शुरुआत हुई थी तो सबको बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन इतने कम समय में इतना अधिक परिवर्तन यहां हो जाएगा, इसकी उम्मीद तो किसी ने भी नहीं की थी। स्पाइसजेट के बाद दूसरी विमानन कंपनी इंडिगो के यहां आने के बाद तो कुछ ऐसा ही लग रहा है।


इंडिगो ने दरभंगा से केवल हैदराबाद और कोलकाता के लिए अपनी सीधी उड़ान आरंभ करने की घोषणा की है, लेकिन अपने प्रबंधन कौशल से न केवल चेन्नई, कोच्ची, रांची, रायपुर, भुवनेश्वर आदि शहरों को जोड़ दिया वरन अब दुबई तक के लिए यात्रा को सुगम करने का फैसला किया है।

इस तरह से दरभंगा से सीधे विदेश जाने का सपना साकार होने जा रहा है। 05 जुलाई को पहली यात्रा दुबई के लिए संभव होने जा रही है। कंपनी की वेबसाइट पर इसकी बुकिंग शुरू कर दी गई है। दरभंगा जैसे छोटे शहर से इसकी शुरुआत को एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।


दरभंगा से दुबई के लिए उड़ान को कनेक्टिंग फ्लाइट के माध्यम से संभव बनाया गया है। पहले यात्री दरभंगा से हैदराबाद जाएंगे और वहां से विमान बदलकर दुबई के लिए रवाना होंगे। टाइमिंग की बात है तो पांच जुलाई को दरभंगा से हैदराबाद की फ्लाइट 12:45 बजे है। यह विमान दोपहर बाद 2:45 बजे लैंड करेगा।

इसके बाद यहां करीब 11 घंटे 10 मिनट का ले ओवर है। इस दौरान एयरक्राफ्ट चेंज होगा। फिर छह जुलाई को 01:55 बजे हैदराबाद से उड़ान भरने के बाद सुबह 4:30 बजे दुबई पहुंच जाएंगे।

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पीएफ से नहीं निकल रहा पैसा तो डायल करें ये व्हाटसप नंबर, मिनटों में होगी शिकायत दर्ज

डेस्क।यदि आपको पीएफ का पैसा निकालने में दिक्कत आ रही है या अन्य कोई और समस्या है तो अब आप अपने वॉट्सऐप से भी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को शिकायत कर सकते हैं। EPFO ने अपने अंशधारकों की शिकायतों के तुरंत समाधान के लिए वॉट्सऐप हेल्पलाइन सेवा शुरू कर रखी है।


यह सुविधा EPFO के शिकायतों के समाधान के लिए अन्य प्लेटफॉर्म जैसे ऑनलाइन सर्विस, फोन कॉल, EPFIGMS पोर्टल, CPGRAMS, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (फेसबुक और ट्विटर) और 24 घंटे काम करने वाला कॉल सेंटर आदि शामिल है।


EPFO अपने सदस्यों के जीवन को और ज्यादा सुगम बनाने के लिए व्हाट्सऐप आधारित हेल्पलाइन सेवा दे रहा है। इससे पीएफ खाताधारक व्यक्तिगत स्तर पर EPFO के क्षेत्रीय कार्यालयों के साथ सीधे बातचीत कर सकते हैं। ईपीएफओ के सभी 138 लोकल कार्यालयों में व्हाट्सऐप हेल्पलाइन सेवा शुरू हो चुकी है।

संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर पर व्हाट्सऐप संदेश के माध्यम से EPFO से जुड़ी सेवाओं को लेकर किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कर सकता है। सभी 138 क्षेत्रीय कार्यालयों के व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।


दिल्ली के पीएफ धारक इन नंबर पर कर सकते हैं शिकायत
दिल्ली सेंट्रल – 8178457507
दिल्ली ईस्ट – 7818022890
दिल्ली नॉर्थ – 9315075221
दिल्ली साउथ – 9717547174

गूजरात के लिए नंबर
सुरत – 9484530500
अहमदाबाद – 7383146934
ठाणे के लिए नंबर
ठाणे नॉर्थ – 9321666951

ठाणे साउथ – 8928977985

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UPPSC New Exam Calendar 2021: लोक सेवा आयोग ने भर्ती परीक्षाओं New कैलेंडर जारी किया

UPPSC recruitment New exam calendar 2021: 14 जून तक कराई जाने वाली सभी परीक्षाएं कुछ समय पहले कोरोना की वजह से स्थगित कर दी गई थीं. जिसके बाद अब संशोधित कलेंडर के अनुसार परीक्षाएं 25 जुलाई से शुरू होनी हैं.UPPSC ने PCS 2021 और सहायक वन संरक्षक (ACF) क्षेत्रीय वन अधिकारी (RFO) 2021 की प्रीलिम्‍स भर्ती परीक्षाओं का संसोधित कलेंडर जारी कर दिया है. UPPSC recruitment New exam calendar 2021  उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) एक भर्ती कैलेंडर या नौकरी अधिसूचना (UPPSC recruitment New exam calendar 2021) की अनुसूची जारी किया गया राज्य सरकार द्वारा इस साल रिलीज होने वाली। Uppsc.up.nic.in पर जारी कैलेंडर के अनुसार, 2020 में प्रकाशित नोटिफिकेशन (UPPSC Notification 2021) के लिए कई परीक्षाएं भी इसी साल आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम (UPPSC recruitment New exam calendar 2021) के अनुसार 2021 में कुल 16 परीक्षाएं आयोजित होने की उम्मीद है। यह भी पढ़ें: यूपीपीएससी भर्ती 2021: उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन ने कई विभागों में निकाली भर्तियां, ऐसे करें अप्लाई

UPPSC recruitment New exam calendar 2021

कोरोना वायरस की वजह से 14 जून 2021 तक कराई जाने वाली सभी परीक्षाएं कुछ समय पहले ही स्थगित कर दी गई थीं. जिसके बाद आज संशोधित परीक्षा कलेंडर जारी होने पर यह सभी परीक्षाएं परीक्षाएं 25 जुलाई से शुरू होनी हैं. पहली परीक्षा यूनानी चिकित्सा अधिकारी (स्क्रिनिंग) परीक्षा 2019 होगी. लोकसेवा आयोग की तरफ से आज जारी परीक्षा कैलेंडर के अनुसार 9 महीने में कुल 14 परीक्षाएं आयोजित होंगी.

स्‍टाफ नर्स भर्ती परीक्षा की डेट भी जारी

25 जुलाई से 10 अप्रैल 2022 के बीच ये परीक्षाएं कराई जाएंगी. वही PCS के 538 पदों की भर्ती के लिए 6,91,173 अभ्‍यर्थियों ने आवेदन किये हैं. जारी किए गये इस नए कैलेंडर में स्टाफ नर्स ( Male/Female) परीक्षा 2021 को भी शामिल किया गया है. पहले कलेंडर में इस परीक्षा को शामिल नही किया गया था. संशोधित कैलेंडर में ये परीक्षा तीन अक्टूबर को प्रस्तावित की गई है.

UP में ये परीक्षाएं की गई थीं स्‍थगित

Covid19 के चलते लोकसेवा आयोग ने पहले 2021 के कलेंडर में पांच परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं.
1: प्रवक्ता राजकीय डिग्री कॉलेज( स्क्रिनिग) परीक्षा
2: प्रधानाचार्य कैटेगरी-2/उप प्रधानाचार्य/ सहायक निदेशक(स्क्रिनिग) परीक्षा
3: राज्य कृषि सेवा स्क्रीनिंग परीक्षा PCS 2021
4: PCS 2021 और ACF/RFO -2021 की प्रीलिम्‍स परीक्षा
5: प्रवक्ता राजकीय इंटर कॉलेज( महिला/पुरुष) राजकीय इंटर कॉलेज प्रीलिम्‍स परीक्षा

UPPSC EXAM DATE 2021: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने 2021 और 2022 में आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षाओं के लिए एक संशोधित परीक्षा कैलेंडर की घोषणा की है। UPPSC संशोधित परीक्षा कार्यक्रम आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up पर जारी किया गया है । nic.in. उम्मीदवारों से अनुरोध है कि वे उपर्युक्त वेबसाइट पर जाएं और यूपीपीएससी परीक्षा तिथियों 2021 की जांच करें। विशेष रूप से, यूपीपीएससी भर्ती परीक्षा जुलाई 2021 और अप्रैल 2022 के बीच आयोजित की जाएगी। यह भी पढ़ें:यूपीपीएससी भर्ती 2021: उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन ने कई विभागों में निकाली भर्तियां, ऐसे करें अप्लाई

परीक्षा पहले महामारी के मद्देनजर स्थगित कर दी गई थी। यूपीपीएससी कैलेंडर में सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक है (प्रांतीय सिविल सेवा) पीसीएस 2021 प्रारंभिक परीक्षा जो 24 अक्टूबर, 2021 को आयोजित होने वाली है। (सहायक वन संरक्षक / रेंज वन अधिकारी) एसीएफ / आरएफओ प्रारंभिक परीक्षा भी होगी। यूपी पीसीएस के समान तिथि पर आयोजित किया जाएगा। यह भी पढ़ें: नीति आयोग ने कहा- सितंबर-अक्टूबर में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर, तैयार रहने की जरूरत

उम्मीदवार नीचे संशोधित यूपीपीएससी परीक्षा तिथियों 2021-2022 की जांच कर सकते हैं:

परीक्षा का नामसंशोधित तिथियां
यूनानी चिकित्सा अधिकारी स्क्रीनिंग 201825 जुलाई, 2021
राज्य कृषि सेवा प्रारंभिक परीक्षा 202001 अगस्त 2021
प्रवक्ता, (पुरुष / महिला) राज्य इंटर कॉलेज प्रारंभिक परीक्षा 202019 सितंबर, 2021
स्टाफ नर्स (पुरुष/महिला) परीक्षा 2021अक्टूबर 03, 2021
यूपीपीएससी पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा/एसीएफ/आरएफओ प्रारंभिक परीक्षा 202124 अक्टूबर 2021
संभावना अधिकारी परीक्षा 202021 नवंबर, 2021
राज्य कृषि सेवा मुख्य परीक्षा 202026 नवंबर, 2021 से आगे
समीक्षा अधिकारी / सहायक समीक्षा अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा 202105 दिसंबर, 2021
प्रवक्ता, (पुरुष / महिला) राज्य इंटर कॉलेज मुख्य परीक्षा 202019 दिसंबर, 2021
प्राचार्य, उप-प्राचार्य, सहायक निदेशक कक्षा 2, स्क्रीनिंग टेस्ट 2019जनवरी 09, 2022
यूपीपीएससी पीसीएस मेन्स 202128 जनवरी 2022
एसीएफ/आरएफओ मेन्स 2021मार्च 07, 2022 आगे
प्रवक्ता, स्टेट डिग्री कॉलेज (स्क्रीनिंग) परीक्षा 202003 अप्रैल, 2022
समीक्षा अधिकारी / सहायक समीक्षा अधिकारी मेन्स 202110 अप्रैल 2022 से आगे

MP Board 12 Exam Cancelled: मप बोर्ड कक्षा 12 वीं की परीक्षा दिए बिना पास होंगे विद्यार्थी – MPBSE(Opens in a new browser tab)

अब संशोधित कलेंडर जारी होने के बाद प्रतियोगी छात्र छात्राओं को परीक्षा के लिए थोड़ा और समय मिलेगा

MP MONSOON: समय से पहले मानसून की दस्तक, मौसम विभाग ने इन 8 जिलों में जारी किया आरेंज अलर्ट

भोपाल,। मध्य प्रदेश में मानसून समय से पहले आ गया है। प्रदेश के दक्षिण-पश्चिम भाग में मानसून ने दस्तक दे दी है। वहीं मौसम विभाग ने प्रदेश के आठ जिलों में भारी बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया है।

मध्यप्रदेश में मानसून गुरुवार को 7 दिन पहले ही राज्य में प्रवेश कर गया है। दक्षिण पश्चिमी मानसून प्रदेश के बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और मंडला तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने गुरुवार दोपहर इसकी अधिकारिक घोषणा कर दी है।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों तरफ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बीते 10 दिन से मानसून के लगातार सक्रिय होने के कारण यह एक सप्ताह पहले आ गया है। 

हालांकि इसके पूरी तरह से यह 20 जून तक सक्रिय होने की उम्मीद है। 13-14 जून तक मानसून के इंदौर-भोपाल पहुंचने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के बैतूल, छिंदवाड़ा, मंडला, सिवनी, बालाघाट में मानसून ने दस्तक दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 8 जिलों में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने जबलपुर, शहडोल, रीवा, सतना, बुराहनपुर, बैतूल, हरदा, खंडवा में अलर्ट जारी किया है, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, ग्वालियर, चंबल संभाग में येलो अलर्ट किया गया है, इन संभागों के जिलों में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना जताई जा रही है।

Kangana Ranaut ने की बोल्डनेस सारी हदें की पार, खुद को बताया हॉट संघी

बॉलीवुड की क्वीन कंगना रनौत के लिए चर्चा में रहना कोई नई बात नहीं है। वह अक्सर अपने बेबाक बयानों के कारण सुर्खियों में रहती हैं। लेकिन इस बार कंगना अपनी कुछ हॉट तस्वीरों को लेकर चर्चा में हैं।

कंगना रनौत ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर अपनी दो बोल्ड तस्वीरें शेयर की हैं और इसके साथ ही उन्होंने खुद को हॉट संघी बताया है।

कंगना ने अपनी पहली तस्वीर के साथ कैप्शन में किखा-‘ लिब्रूस: संघी महिलाएं हॉट नहीं होतीं। मैं: जरा मेरी बीयर (सिंबल) पकड़ो। ‘

इसके बाद कंगना ने अपनी दूसरी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा-‘ हॉट संघी।’

कंगना की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो कंगना रनौत जल्द ही रजनीश घई की फिल्म ‘धाकड़’ , सर्वेश मेवाड़ की फिल्म ‘तेजस’ और ए एल विजय द्वारा निर्देशित तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री व अभिनेत्री जयललिता की बायोपिक ‘थलाइवी’ में मुख्य भूमिका में नजर आयेंगी।

हाल ही कंगना ने अपनी नई फिल्म ‘मणिकर्णिका रिटर्न्स: द लीजेंड ऑफ दिद्दा’ की भी घोषणा की हैं।इन सबके अलावा कंगना रनौत बतौर प्रोड्यूसर डिजिटल डेब्यू करने की तैयारी में हैं।उन्होंने हाल ही में अपने प्रोडक्शन हाउस ‘मणिकर्णिका फिल्म्स’ का लोगो लॉन्च किया था।

कल से खुलेंगे सोमनाथ व द्वारका सहित अधिकांश मंदिरों के कपाट

अहमदाबाद । वैश्विक महामारी कोरोना का प्रकोप कुछ कम होने के साथ ही राज्य सरकार ने कुछ पाबंदियों को नई गाइडलाइन के साथ हटा लिया है। सरकार ने राज्य के सोमनाथ, द्वारका, शामलाजी, चोटिला सहित अधिकांश मंदिर 11 जून से श्रद्धालुओं के लिए खोलने की अनुमति दे दी है।

जबकि वड़ताल स्वामीनारायण मंदिर और अंबाजी मंदिर 12 जून से और बगदाना 15 जून से खुलेगा। सरकार ने मंदिर प्रबंधन को नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। सभी मंदिरों में 50 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है।

राज्य का सोमनाथ महादेव मंदिर इस साल 11 अप्रैल से आगंतुकों के लिए बंद कर दिया गया था। कोरोना की दूसरी लहर के बाद मंदिर अब 61 दिन बाद फिर से खुल जाएगा। इससे पहले लॉकडाउन में मंदिर 89 दिन बंद रहा था। सरकार के निर्देश पर यह मंदिर कल यानी 11 जून 2021 से भक्तों के लिए खुल जायेगा।

इस संबंध में सोमनाथ ट्रस्ट ने सभी के लिए मास्क पहनना और मंदिर में सोशल डिस्टेंस बनाकर रखने के निर्देश दिए हैं। प्रवेश से पूर्व सभी श्रद्धालुओं का तापमान की जांच और हैंड सेनेटाइज करने के बाद प्रवेश की अनुमति दी है। मंदिर में दर्शन का समय भी केवल सुबह 12:30 से 6:30 और 7:30 से 11:30 और बजे तक खुला रहेगा। आरती के दौरान किसी श्रद्धालु को नहीं जाने दिया जाएगा।

प्रशासन ने तीर्थस्थल द्वारका में भगवान द्वारकाधीशजी मंदिर को 11 जून से दर्शनार्थियों के लिए खोलने की अनुमति दे दी है। जगत मंदिर के कपाट खुलने की खबर से श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई है।

राज्य का एक और प्रसिद्ध मंदिर अम्बाजी भी 13 अप्रैल से बंद है। लगभग 57 दिन के अब 12 जून से श्रद्धालुओं को मां के दर्शन के लिए फिर से खोल दिया जाएगा। बताते हैं कि मंदिर बंद होने से लगभग दान से आने वाले लगभग दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जिलाधिकारी आनंद पटेल ने बताया कि मंदिर खुलने को लेकर कर्मचारियों से बात कर सभी तैयारियां कर ली गई हैं।

एक अन्य प्रसिद्ध तीर्थस्थल शामलाजी विष्णु मंदिर के कपाट भी 11 जून से आगंतुकों के लिए खुल जाएंगे। इसके अलावा पावागढ़ मंदिर भी जनता के लिए खुला रहेगा। इसी तरह चोटिला के चामुंडा माताजी, भावनगर के खोडियार मंदिर, वडताल के स्वामीनारायण मंदिर और नडियाद के संतरामपुर मंदिर के कपाट भी 11 जून से खुलेंगे।

अभी डाकोर मंदिर खोलने के संबंध कोई निर्णय नहीं लिया गया है। बजरंगदास बापा के विश्व प्रसिद्ध मंदिर बगदाना का मंदिर 11 जून को नहीं खुलेगा। मंदिर खोलने पर फैसला 15 जून के बाद लिया जाएगा। वीरपुर के गादीपति रघुरामबापा मंदिर के कपाट भी 14 जून से फिर दर्शनार्थियों के लिए खुलेंगे।

हालांकि, भक्तों को सुबह-शाम की आरती के दौरान प्रवेश नहीं मिलेगा। जलाराम बापा के दर्शन का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक ही होगा।

UP Vidhan Sabha Election: अमित शाह से मिले योगी, विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली । केंद्र से तनातनी की खबरों को विराम देने के लिये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को दो दिवसीय दौरे पर राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे और यहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।

इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव, मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई है। योगी शुक्रवार को 10:45 बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और 12:30 बजे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आज दोपहर दिल्ली पहुंचे और उत्तर प्रदेश सदन में कुछ समय व्यतीत कर सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने उनके आवास पर गए। तकरीबन घंटे भर की बैठक में दोनों नेताओं के बीच कई विषयों पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि शाह के साथ बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने वर्ष 2022 के विधानसभा में पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ने के लिये रणनीतिक खाका तैयार करने पर विचार-विमर्श किया।

यह भी चर्चा है कि शाह और योगी की बैठक में उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार का विषय भी चर्चा में आया। दरअसल, केंद्र चाहता है कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर योगी मंत्रिमंडल में अरविंद शर्मा समेत कुछ नए चेहरों को शामिल किया जाए। किंतु, योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर कोई खास रुचि नहीं दिखाई, जिसके बाद योगी और केंद्र के बीच तनातनी की खबरों को पंख लग गये और उत्तर प्रदेश सरकार का चेहरा तक बदलने की अटकलों का बाजार गर्म हो गया।

नतीजतन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को बीच मे हस्तक्षेप करना पड़ा। दिल्ली में हुई संघ और उसके अनुषांगिक संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही अगला विधानसभा चुनाव लड़ने पर मुहर लगाई गई।

शाह के साथ बैठक में योगी ने कोरोना महामारी के दौरान किये गए कार्यों, टीकाकरण अभियान की भी जानकारी दी। साथ ही कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर की जा रही तैयारियों के बारे में भी बताया।

कहा जा रहा है कि हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए जितिन प्रसाद की भूमिका को लेकर भी शाह ने योगी से चर्चा की है। बीते दिनों भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष और पार्टी के प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने लखनऊ का दौरा किया था और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों की समीक्षा की थी।

विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ चर्चा में ब्राह्मण वर्ग के मतदाताओं के योगी सरकार से नाराजगी की बात सामने आई थी। ऐसे में भाजपा जितिन प्रसाद को कोई महत्वपूर्ण दायित्व दे सकती है। इस बारे में भी दोनों नेताओं ने मशविरा किया।

बांग्लादेश सीमा पर पकड़ा गया चीनी नागरिक, ​​मिलिट्री इंटेलिजेन्स करेगी पूछताछ

नई दिल्ली ​​​​​​।​ ​​भार​​त-बांग्लादेश की सीमा के पास​ गुरुवार को चीनी नागरिक को ​​​अवैध तरीके से भारत में घुसने के आरोप में बीएसएफ ने पकड़ा है​​।​​ ​​​​​​​हान जुनवे नाम ​का यह चीनी नागरिक ​​बांग्लादेश का वीजा लेकर भारत आया था​​।​​ ​उससे ​राज्य और केन्द्रीय जांच एजेंसि​यां पूछताछ ​कर रही ​हैं।​ ​इससे अलग ​​सैन्य खुफिया ​एजेंसी भी चीनी नागरिक से पूछताछ करने की तैयारी में है ​ । ​ ​

मिलिट्री इंटेलिजेन्स ने कल ही बेंगलुरु से एक अंतरराष्ट्रीय ​कॉल एक्सचेंज को पकड़ा है,​इसके तार ​ सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) ​ से जुड़ रहे हैं ​ । ​​ इसकी ​ ​जांच में खुलासा हुआ है कि ​ पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई अब ​​ भारत के उत्तर ​-​ पूर्व राज्यों से जानकारी हासिल करने में ​​ चीनी एजेंसियों की सहायता कर रही है ​​ ​​ ।

​​ बंगाल में माल्दा जिले के मिलिक सुल्तानपुर से पकड़े गए चीनी नागरिक ​ हान जुनवे ​​ ​ ​ के पास से एक लैपटॉप, 3 मोबाइल, भारतीय, बांग्लादेशी, अमेरिकी मुद्रा, बांग्लादेशी वीजा वाला एक चीनी पासपोर्ट, कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद ​ हुए हैं​ । ​चीनी नागरिक से सैन्य खुफिया ​एजेंसी इसलिए अलग एंगल से जांच करना चाहती है क्योंकि कल बेंगलुरु में ध्वस्त किये गए अंतरराष्ट्रीय ​ कॉल ​ ​ एक्सचेंज की जानकारी ​ ​​ सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) ​के एक ​ हेल्पलाइन नंबर पर आई ​ ​ संदिग्ध कॉल ​ से ही मिली ​ ​ थी ​​ । ​

इसी के बाद एक ऑपरेशन में ​​ ​​ मिलिट्री इंटेलिजेंस और बें ​​ गलुरु पुलिस (एटीसी) ने ​कल रात एक नेटवर्क ​को क्रैश किया जो ​ ​ अंतरराष्ट्रीय ​​ कॉल को स्थानीय कॉल में बदल ने का एक्सचेंज चला रहे थे ​​ ​​ । ​ मिलिट्री इंटेलिजेंस ने बेंगलुरु से तमिलनाडु के तिरुपुर जिले के मूल निवासी गौतम बिन विश्वनाथन (27) और केरल के मल्लापुरम जिले के मूल निवासी इब्राहिम मुल्लाट्टी बिन मोहम्मद कुट्टी (36) को पकड़ा ​ है​ । ​

​दरअसल ​ ​​ सिलीगुड़ी के एक हेल्पलाइन नंबर पर आई ​ कॉल पर दूसरी तरफ के व्यक्ति ने खुद को एक सेवानिवृत्त सेना अधिकारी बताया और कुछ जानकारी मांगी ​ । यह कॉल ​ मिलिट्री इंटेलिजेंस की पकड़ में आ गई, जिस पर फोन करने वाले का नाम ट्रैक किया गया।​

कॉलर आईडी पर प्रदर्शित नंबर के सहारे सैन्य खुफिया एजेंसी ने उसका विवरण और वह स्थान खोज लिया जहां से कॉल की गई थी। दिलचस्प बात यह है कि नंबर का स्थान स्थिर था लेकिन कॉल डेटा रिकॉर्ड (सीडीआर) ने दिखाया कि कॉल सिम एर्गो द्वारा किए गए थे।​ इससे आउटगोइंग कॉलों की संख्या ज्यादा थी लेकिन इस नंबर पर आने वाली कॉल छिटपुट थीं।

इससे साबित हुआ कि कॉल मशीन का उपयोग करके की जा रही थी।​ पकड़े ​दोनों युवकों ने बीटीएम लेआउट इलाकों में 6 जगहों पर अवैध रूप से टेलीफोन एक्सचेंज बना ​रखे थे​​।​

मिलिट्री इंटेलिजेंस ने वह 30 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किये हैं जिनमें 32 मोबाइल सिम कार्ड रखे थे​​ और विदेशी कॉलों को स्थानीय कॉलों में बदलने में मदद की थी। दोनों युवकों के पास से 900 से ज्यादा सिम कार्ड बरामद किए गए हैं​​। यह लोग बेंगलुरु के बीटीएम लेआउट इलाके में रहते थे।​

इनसे पूछताछ में सैन्य खुफिया को चौंकाने वाली जानकारी मिली कि पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई अब भारत के उत्तर-पूर्व राज्यों से जानकारी हासिल करने में चीनी एजेंसियों की सहायता कर रही है।​ चीनी एजेंसियों को ऐसे एजेंटों की जरूरत है जो अच्छी हिंदी और भारतीय भाषा की अंग्रेजी बोल सकें।

गौतम और इब्राहिम को आईएसआई ने पाकिस्तान से आने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉलों को स्थानीय कॉल में बदलने के लिए काम पर रखा था। ताकि आईएसआई की गतिविधियां भारतीय खुफिया एजेंसियों और दूरसंचार कंपनियों की चुभती निगाहों से बच सकें।

सिवनी: सूर्य मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 11 जून से

सिवनी: लगभग 6 शताब्दी पूर्व के जीर्ण-शीर्ण हो चुके सूर्य मंदिर का पुर्ननिर्माण किया गया है। यह कार्य श्री सिद्ध शनिधाम ट्रस्ट पलारी टेकरी के द्वारा किया गया। इस मंदिर में सूर्य भगवान की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम तीन दिनों तक 11 जून से प्रारंभ होगा।

उक्त कार्यक्रम की जानकारी देते हुये शनिधाम ट्रस्ट के उपाध्यक्ष संतोष अग्रवाल ने बताया कि 11 जून को सुबह से शिखर कलश स्थापना का कार्य होगा, जिसमें जलाधिवास, दुग्धाधिवास, अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास का कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम की अगली कड़ी में दूसरे दिन 12 जून को फलाधिवास, सुगंधाधिवास, वस्त्राधिवास, शयनाधिवास का कार्यक्रम होगा।

13 जून को सूर्य प्रतिमा की स्थापना होगी और शिखर में कलश का आरोहण किया जायेगा। प्राण-प्रतिष्ठा के सभी कार्यक्रम शनिधान ट्रस्ट के अध्यक्ष भोलेबाबा एवं पं. नीरज तिवारी के मार्गदर्शन में होगा।

अति प्राचीन इस सूर्यमंदिर को नया रंग-रूप देने की प्रेरणा पाने वाले संतोष अग्रवाल को इसका बल आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी प्रज्ञानानंद के विचारों से अधिक मिला है। सिवनी प्रवास के दौरान आचार्य महाण्डलेश्वर प्रज्ञानानंद इस सूर्यमंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान आपने कहा था कि नये मंदिरों के निर्माण की अपेक्षा खण्डहर हो चुके पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जाना ज्यादा सार्थक प्रयास है।

आपने इस कार्य में लगे हुये सभी लोगों को प्रेरित करते हुये कहा था कि सनातन संस्कृति में जिन पाँच देवों को प्राथमिकता दी गई है उसमें सूर्यदेव का भी स्थान है, जो केवल प्रकाशवान नहीं अपितु तेज देने वाले भी हैं।

आचार्य महाण्डलेश्वर प्रज्ञानानंद जी महाराज ने उस समय उपस्थितजनों को संबोधित करते हुये कहा था कि सूर्य की आराधना से बुद्धि और विवेक दोनों संतुलित रहकर कार्य करते हैं। सूर्य की उपासना से व्यक्ति तेजवान के साथ-साथ प्रकाशवान भी होता है। आपने उदाहरण देते हुये कहा था कि जीवन में बुद्धि और विवेक का संतुलित रहना आवश्यक है। ये दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।

जिस तरह चाकू का उपयोग किसी की जान लेने के लिये हो सकता है उसी तरह विवेकवान डॉक्टर उसी चाकू के उपयोग से आॅपरेशन कर मरीज की जान बचा लेता है। बुद्धि के साथ विवेक का उपयोग करना आवश्यक है। आचार्य महाण्डलेश्वर ने उपस्थितजनों को प्रेरणा देते हुये कहा था कि नये मंदिर बनाने के बदले रख-रखाव के आभाव में क्षतिग्रस्त और उपेक्षित हो चुके मंदिरों का कायाकल्प करना और उसकी व्यवस्था बनाना ज्यादा सार्थक प्रयास है।

आचार्य महाण्डलेश्वर की प्रेरणा के बाद लगातार चले इस कार्य से आज सूर्य मंदिर का पुर्ननिर्माण पूरा हो चुका है और अब इसकी प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 11 जून से प्रारंभ हो रहा है। यह कार्यक्रम में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुये उपस्थित होने का आग्रह किया गया है।

रोगों से चाहते हैं छुटकारा तो करें नित्य सूर्यदेव की करें उपासना, हर रोग हो जाएगा दूर

डेस्क।वैदिक काल से ही सूर्यदेव की उपासना की जाती है। सूर्यदेव की पूजा साक्षात रूप में की जाती है। पहले सूर्यदेव की उपासना मंत्रों से की जाती थी। बाद में मूर्ति पूजा का प्रचलन हुआ। सूर्यदेव की ऊर्जा से ही पृथ्वी पर जीवन है। उनकी कृपा से हर रोग से मुक्ति पाई जा सकती है। रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित है।


वास्तु में सूर्यदेव की उपासना को लेकर कुछ आसान से उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर हम भगवान सूर्यदेव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

कहा जाता है कि अगर पूरे हफ्ते सूर्यदेव को जल अर्पित न कर सकें तो रविवार को सूर्यदेव को जल अवश्य अर्पित करें।
तांबे के लोटे में लाल फूल डालकर सूर्यदेव को जल अर्पित करें। जल अर्पित करते समय सूर्य मंत्र का जाप करें।


1)रविवार के दिन घर के सभी सदस्यों को माथे पर चंदन का तिलक लगाना चाहिए।
2)प्रत्येक रविवार सूर्यदेव का व्रत करने से कार्यक्षेत्र में उच्च पद की प्राप्ति होती है।
3)रविवार को व्रत करने से नेत्र व चर्म रोग से मुक्ति मिलती है।
4)रविवार के दिन आदित्य ह्रदय स्त्रोत का पाठ अवश्य करें।
5)रविवार के दिन तेल से बने खाद्य पदार्थ किसी जरूरतमंद को खिलाएं। बड़े-बुजुर्गों की सेवा करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
6)रविवार को तांबे का बर्तन, पीले या लाल वस्त्र, गेहूं, गुड़, लाल चंदन आदि का दान करें।
7)रविवार सुबह घर से निकलने से पहले गाय को रोटी दें।
8)रविवार के दिन एक पात्र में जल लेकर बरगद के वृक्ष पर चढ़ाएं।
9)रविवार की रात अपने सिरहाने दूध का गिलास रखकर सोएं और सुबह इस दूध को बबूल के पेड़ की जड़ में डाल दें।
10)रविवार को पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।
11)रविवार को काली गाय को रोटी और काली चिडिय़ा को दाना डालें।
12)मछलियों को आटे की गोली बनाकर खिलानी चाहिए। रविवार के दिन पैसों से संबंधित कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए।


सूर्य को जल अर्पित करें

हमारे शास्त्र कहते हैं कि अगर आपके शरीर में कोई कष्ट है, कोई बीमारी है, या आप शारीरिक रूप से कमजोर हैं, तो आपको सुबह स्नान करने के बाद भगवान सूर्य की आराधना करनी चाहिए, और उन्हें जल अर्पित करना चाहिए।

इससे आपके शरीर की दुर्बलता, रुग्णता समाप्त होती है, और आपके चेहरे पर तेज आता है। वहीं अगर आप वैज्ञानिक रूप से भी इसको देखें, तो आप पाएंगे कि स्नान के बाद सुबह की गुनगुनी धूप में अगर आप थोड़ी देर तक खड़े हों, तो सूर्य की रोशनी से प्राप्त होने वाली विटामिन डी आपके के शरीर की हड्डियों के लिए बेहद लाभकारी होता है।

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बर्थडे स्पेशल : फिल्मों में आने से पहले कीर्तन किया करते थे मीका सिंह, ऐसे हासिल किया मुकाम

मुंबई।सावन में लग गई आग’ गाने से मशहूर हुए बॉलीवुड के जाने-माने सिंगर और रैपर मीका सिंह का जन्म 10 जून 1977 को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में हुआ था। उनके पिता अजमेर सिंह और मां बलबीर कौर राज्य स्तर के रेसलर थे। मीका का असली नाम ‘अमरीक सिंह’ है।

मीका को बचपन से ही गायन के क्षेत्र में रुचि थी। महज आठ साल की उम्र में उन्होंने गायन की शिक्षा लेनी शुरू कर दी। 12 साल की उम्र में तबला और हारमोनियम बजाना सीख गए थे और 14 साल की उम्र में मीका ने गिटार बजाना शुरू कर दिया था। फिल्मों में आने से पहले मीका कीर्तन गाया करते थे।

साल 1998 में मीका ने अपना पहला एल्बम लांच किया, जिसका नाम था ‘ग्रेटेस्ट इंडीपॉप एल्बम एवर’। इस एल्बम का गाना ‘सावन में लग गई आग’ गाकर मीका रातो-रात मशहूर हो गए।


पहली एलबम की सफलता के बाद मीका ने ‘गबरू’, ‘दुनाली’, ‘समथिंग समथिंग’ और ‘इश्क ब्रांडी’ एलबम लॉन्च किए। साल 2006 में मीका ने फिल्म ‘प्यार के साइड इफ्फेक्ट’ से बॉलीवुड में कदम रखा।

इस फिल्म में मीका ने ‘दिल तोड़ के ना जा (रीमिक्स)’ गाया था। इसके बाद मीका को हिंदी के साथ-साथ बंगाली, मराठी, तेलुगु, कन्नड़ आदि भाषाओं की फिल्मों में भी गाना गाने के ऑफर मिलने लगे।

मीका के गाये कुछ प्रमुख गानों में दिल में बजी गिटार (अपना सपना मनी मनी), मौजा ही मौजा(जब वी मेट), दिल बोले हड़िप्पा (दिल बोले हड़िप्पा), आपका क्या होगा(हॉउसफुल), इब्न बतूता (इश्कियां), जुगनी(तनु वेड्स मनु), ढिंक चिका (रेड्डी), जुम्मे की रात है (किक), ऐसी तैसी (शुभ मंगल ज्यादा सावधान) आदि शामिल हैं।


मीका सिंह ने गाना गाने के साथ-साथ कुछ फिल्मों में अभिनय भी किया है, जिसमें मिट्टी, लूट, बलविन्दर सिंह फेमस हो गया आदि शामिल हैं।

इसके अलावा मीका छोटे पर्दे के कई शो में भी नजर आ चुके हैं, जिसमें झलक दिखला जा, म्यूजिक का महामुकाबला, द वॉयस इंडिया, इस जंगल के मुझे बचाओ, टशन ए इश्क, बिग बॉस सीजन 9, सारेगामापा 2016 और इंडिया के मस्त कलंदर आदि शामिल हैं। मीका सिंह अभी तक अविवाहित है और गानों के साथ-साथ उनका विवादों से भी गहरा रिश्ता रहा है, जिसकी वजह से वह अक्सर चर्चा में रहते हैं।

मीका सिंह इंडस्ट्री के जाने-माने सिंगर दलेर मेहंदी के छोटे भाई हैं। मीका सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं और उनके चाहने वालों की संख्या लाखों में हैं।

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25 हजार में शुरू हुई Hyundai Alcazar बुकिंग्स, एडवांस्ड फीचर्स और 2 इंजन ऑप्शन में आएगी

डेस्क।देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी हुंडई मोटर इंडिया ने अपनी बहुप्रतीक्षित तीन-पंक्ति वाली एसयूवी हुंडई अलकाज़ार की लॉन्चिंग के सस्पेंस को खत्म कर दिया है।

दक्षिण कोरियाई वाहन निर्माता की भारत में बहुप्रतीक्षित नई 7-सीटरअलकाज़ार एसयूवी को 18 जून को लॉन्च करेगी।
ह्यूंदै ने एक दिन पहले बुधवार को ही एलान किया कि उसकी आनेवाली (अलकाजार) एसयूवी की बुकिंग आधिकारिक तौर पर उसके सभी डीलरशिप पर शुरू हो गई है।

इस एसयूवी को खरीदने के इच्छुक ग्राहक 25,000 रुपये की राशि देकर इस कार की बुकिंग कर सकते हैं। एसयूवी को अप्रैल के महीने में पूरी तरह से ढंके हुए फॉर्म में शोकेस किया गया था। जिसके बाद से इसकी लॉन्चिंग की खबर सुर्खियों में बनी रही।

भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण अलकाजार की आधिकारिक लॉन्चिंग टलती रही। अब आधिकारिक रूप से कंफर्म है कि इस महीने की 18 तारीख को अलकाज़ार लॉन्च हो रही हैमहामारी के कारण ऑटो उद्योग पर बड़े पैमाने पर छाई खामोशी के बावजूद ऑटो बाजार में अल्काजार ने जो चर्चा पैदा की है, उसके पीछे कारण है।

भारत में अपनी बेहद सफल एसयूवी (क्रेटा) पर आधारित साइज के मामले में अपनी कंपनी की छोटी एसयूवी को मिली सफलता को दोहराना चाहती है। ह्यूंदै का कहना है कि अलकाज़ार को भारतीय ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है और भारतीय बाजार वह जगह है जहां यह कार किसी भी अन्य बाजार से पहले लॉन्च की जा रही है। ह्यू्ंदै के अधिकारियों का कहना है कि यह नए ग्राहकों के साथ-साथ क्रेटा से अपग्रेड करने की चाहत रखने वाले खरीदारों को भी आकर्षित कर सकती है।

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दिल्ली दौरे पर योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करेंगे मुलाकात

डेस्क।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को दिल्ली दौरे पर होंगे। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सकते हैं। पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान वह यूपी के कई मुद्दों पर उनसे बात करेंगे।

सीएम योगी पीएम मोदी से मुलाकात कर उन्हें CAA को लेकर यूपी की स्थिति और केंद्र सरकार की योजनाओं के अमल पर रिपोर्ट देंगे।

जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का शिलान्यास करने के लिए उत्तर प्रदेश में आना है, इसे लेकर भी आज मुलाकात के दौरान तारीख पर चर्चा की जाएगी। इसके लिए सीएम योगी पीएम मोदी को औपचारिक आमंत्रण पहले ही दे चुके हैं।

बता दें कि बीजेपी के लिए सोमवार को बड़ा दिन है। आज बीजेपी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने वाला है। जेपी नड्डा को पार्टी का अध्यक्ष चुना जाना तय माना जा रहा है। दिल्ली बीजेपी मुख्यालय पर अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया होगी, जहां सीएम योगी भी मौजूद रहेंगे।

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यूपीपीएससी भर्ती 2021: उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन ने कई विभागों में निकाली भर्तियां, ऐसे करें अप्लाई

डेस्क।उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (UPPSC) ने विभिन्न विभागों में 129 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इन पदों के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस 4 जून से शुरू हो चुके हैं। इच्छुक कैंडिडेट्स इन पदों के लिए 01 जुलाई तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। कैंडिडेट्स का सिलेक्शन ऑनलाइन परीक्षा के आधार पर किया जाएगा।


आवश्यक योग्यता:
इन विभिन्न पदों के लिए आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स पास संबंधित क्षेत्र में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और डिप्लोमा होना चाहिए।


आयु सीमा
आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स की उम्र 21 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। आयु सीमा से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन देख सकते हैं।


इन विभागों में निकली वैकेंसी
जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक इस भर्ती प्रक्रिया के तहत हॉर्टिकल्चर एंड फूड प्रोसेसिंग डिपार्टमेंट, ट्रेनिंग डिवीजन स्टेट प्लानिंग इंस्टीट्यूट, इकोनॉमिक्स एंड स्टैटिसटिक्स डिवीजन, सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट, मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट, मेडिकल एंड हेल्थ सर्विसेज, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट, डायरेक्टरेट ऑफ नेशनल कैडेट कॉर्प्स और उत्तर प्रदेश आयुष डिपार्टमेंट में नियुक्ति की जाएगी।


एप्लीकेशन फीस
जनरल और ओबीसी- 105 रुपए
एससी और एसटी- 65 रुपए
दिव्यांग- 25 रुपए


जरूरी तारीखें
ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तारीख- 4 जून

रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख- 05 जुलाई


ऐसे करें आवेदन
इच्छुक और योग्य कैंडिडेट्स इन पदों के लिए UPPSC की ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in के जरिए आवेदन कर सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन देख सकते हैं।

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Bihar: पटना एम्स में आए 50 प्रतिशत बच्चों में पहले से एंटीबॉडी बनी मिली

पटना। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पटना वैक्सीन ट्रायल के लिए आए 50 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों की जांच में एंटीबॉडी पहले से बनी मिली है।

एम्स के सूत्रों की मानें तो 50 से 60 प्रतिशत बच्चों में एंटीबॉडी पाई गई। यानि इन बच्चों के शरीर में  पहले से कोरोना के खिलाफ प्रतिरक्षा प्रणाली सशक्त हो चुकी थी। यह तभी हुआ होगा जब इन बच्चों का शरीर कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ा होगा। ऐसे बच्चों वैक्सीन का ट्रायल नहीं किया गया।

बच्चों की जांच के दौरान सीरो रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है। 12 से 18 साल के 27 बच्चों का वैक्सीन ट्रायल अभीतक पटना एम्स में हो चुका है। ट्रायल में शामिल होने आए कई बच्चों में पहले से ही एंटीबॉडी थी। इस कारण से उन्हें टीके का डोज नहीं दिया गया।

पटना एम्स की सीनियर डॉक्टर वीणा सिंह ने बताया कि एंटीबॉडी बनने के बाद भी बच्चों और उनके माता-पिता को विशेष सावधानी बरतनी होगी। कोरोना वायरस का म्यूटेंट लगातार बदल रहा है।

अभी दूसरी लहर के वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बनी है। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि तीसरी लहर में वायरस का म्यूटेंट ऐसा ही हो। इसलिए बच्चों को लेकर विशेष सतर्कता उनके टीकाकरण पूरा होने तक बरतनी होगी।

पटना एम्स के अधीक्षक डॉ. सीएम सिंह के मुताबिक ट्रायल में शामिल होने आए 12 से 18 साल के कुछ बच्चों की जांच में एंटीबॉडी पाई गई। ऐसे बच्चों को कोवैक्सीन टीके का ट्रायल नहीं किया गया। पहले से एंटीबॉडी रहने से टीके की जरूरत नहीं होती। ट्रायल में सिर्फ उन्हीं बच्चों को शामिल किया गया, जिनमें एंटीबॉडी नहीं शामिल थी।

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छत्तीसगढ़ में बनाया गया चाइल्ड हेल्प डेस्क

रायपुर। कोविड-19 महामारी के समय में बच्चों की देखभाल और संरक्षण की ओर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है। इस परिस्थिति में पालको एवं बच्चों के मन की आशंकाओं को दूर करने के लिए उचित परामर्श और सही सहारा मिलना जरूरी हैं।

इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने कोविड 19 के कारण पालकों और अभिभावकों से वंचित होने वाले बच्चों तथा ऐसे बच्चों की देखभाल में असमर्थ पालकों की सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पडेस्क स्थापित कर टोल फ्री विशेष हेल्पलाइन नंबर 1800-572-3969 प्रारम्भ किया है।

हेल्पलाइन में संपर्क कर प्रतिदिन प्रात: 8 बजे से रात्रि 11 बजे तक कोरोना पीडि़त बच्चों के आश्रय, संरक्षण के संबंध में सही जानकारी एवं समुचित परामर्श लिया जा सकता है। महिला एंव बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस हेल्पडेस्क के माध्यम से कोविड प्रभावित बच्चों एवं पालकों के मानसिक तनाव सहित अन्य आशंकाओं को दूर किया जा रहा है।

इसके अलावा चाइल्ड लाइन 1098 एवं महिला हेल्पलाइन 181 पर भी संपर्क किया जा सकता हैं। व्हाट्सएप्प नंबर 9301450180 एवं बहेबचेीमसचसपदम/हउंपसण्बवउ पर भी संदेश प्रेषित कर इन हेल्पडेस्क के माध्यम से बच्चों के आश्रय, संरक्षण के संबंध में सही जानकारी एवं समुचित परामर्श लिया जा सकता है।

कोई भी जरूरतमंद बच्चा, पालक, रिश्तेदार, आम नागरिक इन नंबरों पर सम्पर्क कर जरूरतमंद बच्चों की सहायता कर सकते हैं। इसके साथ ही ऐसे बच्चे जिनके पालकों की मृत्यु काविड-19 के संक्रमण से हो चुकी है तथा ऐसे बच्चे जिनके पालक कोविड-19 से संक्रमित है, के बेहतर इलाज और उनके सम्पूर्ण आवश्यक देखरेख के लिए प्रत्येक जिले में बाल देखरेख संस्थाएं-फिट फेसेलिटी चिन्हांकित की गई हैं, जो बच्चों की देखभाल हेतु सुलभ है।

अधिकारियों ने बताया कि बाल देखरेख संस्थाओं में कार्यरत पदाधिकारियों, स्टॉफ, परामर्शदाताओं को संवाद कार्यक्रम के माध्यम से संवेदिकृत किया जा रहा है ताकि बच्चों की प्रभावी देखभाल की जा सके। राज्य में संचालित बाल देखरेख संस्थाओं में बच्चों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाने हेतु समस्त प्रोटोकाल का पालन किया जा रहा है।

सभी बाल देखरेख संस्थाओं में थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर, मास्क, सेनेटाइजर आदि की सम्पूर्ण व्यवस्था की गई है। प्रत्येक अस्पताल में जिला बाल संरक्षण समिति के सदस्यों के संपर्क नम्बर और हेल्पलाईन की जानकारी दे दी गई है ताकि बच्चों को त्वरित सहायता उपलब्ध हो सके।

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Flipkart Big Saving Days Sale 2021: मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक पर बड़ी डील का खुलासा

नई दिल्ली: Flipkart Big Saving Days Sale 2021: मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक पर बड़ी डील का खुलासा – फ्लिपकार्ट बिग सेविंग डे 13 जून (Flipkart Big Saving Days Sale 13 June), रविवार से शुरू होगा, जिसमें विभिन्न उत्पादों पर कुछ बेहतरीन और बड़े ऑफर्स, डील्स और छूट शामिल हैं।फ्लिपकार्ट के मुताबिक, कंपनी स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप, वियरेबल्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर भारी ऑफर देगी। फ्लिपकार्ट की बिक्री अन्य सौदों के अलावा एसबीआई कार्ड ग्राहकों के लिए 10 प्रतिशत की तत्काल छूट प्रदान करेगी

ऑफ़र के संदर्भ में, Google Pixel 4a, iPhone 11 Pro, Motorola Razr 5G, Samsung Galaxy F12, और Asus ROG Phone 3 सहित स्मार्टफोन मॉडल चार दिन की बिक्री के दौरान भारी छूट प्राप्त करेंगे।

Flipkart Big Saving Days Sale 2021

फ्लिपकार्ट प्लस के सदस्यों के लिए 12 जून की मध्यरात्रि से शुरू होने वाले चार दिवसीय बड़े बचत दिवस फ्लिपकार्ट पर लाइव होंगे। यह 13 जून से नियमित ग्राहकों के लिए शुरू होगा। 

फ्लिपकार्ट की बिक्री इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर रोमांचक सौदों की पेशकश करेगी। कंपनी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और एक्सेसरीज पर 80 फीसदी तक की छूट लाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्मार्टवॉच पर 60 प्रतिशत तक की छूट, टैबलेट पर 50 प्रतिशत तक की छूट और डेस्कटॉप पीसी और लैपटॉप पर 30 प्रतिशत तक की छूट होगी, वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स दिग्गज माइक्रोसाइट पर कहती है। इस सेल में टीवी पर 70 प्रतिशत तक की छूट भी मिलेगी।

फ्लिपकार्ट पूरी बिक्री के दौरान विशिष्ट ‘क्रेज़ी डील्स’ की मेजबानी भी करेगा, जिसमें सीमित अवधि के लिए चुनिंदा ऑफ़र होंगे।

Flipkart Big Saving Days Sale 2021 CHECK The BEST DEALS Here:

ग्राहक ध्यान दें कि फ्लिपकार्ट बिग सेविंग डेज सेल में स्मार्टफोन पर फोकस किया जाएगा। Gionee Max Pro, Infinix Smart 5, और Micromax In Note 1 जैसे फोन पर डिस्काउंट ऑफर दिए जाएंगे। Redmi Note 9 समेत मॉडल पर प्रीपेड डिस्काउंट भी मिलेगा।

Flipkart Big Saving Days Sale 2021: ROG Phone 3

आरओजी फोन 3 इसकी मौजूदा शुरुआती कीमत 46,999 रुपये से कम होकर 41,999 रुपये में उपलब्ध होगा।

Flipkart Big Saving Days Sale 2021: Samsung Galaxy F12

सैमसंग गैलेक्सी F12 को इसके सामान्य खुदरा मूल्य 10,999 रुपये से 9,999 रुपये की रियायती कीमत पर पेश किया जाएगा।

Flipkart Big Saving Days Sale 2021: Google Pixel 4a

Google Pixel 4a को 26,999 रुपये में पेश किया जाएगा जबकि iQoo 3 24,990 रुपये की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध होगा।

Flipkart Big Saving Days Sale 2021: Motorola Razr 5G:

Motorola Razr 5G 89,999 रुपये और iPhone 11 Pro 74,999 रुपये में उपलब्ध होगा। iPhone XR भी 39,999 रुपये और iPhone SE (2020) 31,999 रुपये में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा।

Flipkart Big Saving Days Sale 2021: iPhone 11 Pro

The Flipkart sale will have the iPhone 11 Pro Rs 79,899 at Rs. 74,999, down from Rs. 79,999.

The iPhone XR Rs 41,999 will also be on sale at Rs. 39,999, down from Rs. 41,999, and the iPhone SE (2020) at Rs. 31,999, down from 32,999

ग्राहकों को इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स पर आकर्षक ऑफर्स और डील्स भी मिलेंगी। कंपनी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और एक्सेसरीज पर 80 फीसदी तक की छूट देगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक स्मार्टवॉच पर 60 फीसदी तक की छूट, टैबलेट पर 50 फीसदी तक की छूट, डेस्कटॉप पीसी और लैपटॉप पर 30 फीसदी तक की छूट और टीवी पर 70 फीसदी तक की छूट दी जाएगी.

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खरीदार यह भी नोट कर सकते हैं कि फ्लिपकार्ट पूरी बिक्री के दौरान विशिष्ट ‘क्रेज़ी डील्स’ की मेजबानी सुबह 12 बजे, सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे करेगा, जिसमें सीमित अवधि के लिए चुनिंदा ऑफ़र होंगे।

कोरोना की दूसरी लहर की समाप्‍ति के बाद आंतरिक हिंसा का अंदेशा

चीन जनित वायरस संक्रमण के गिरते ग्राफ और कम होती मौत ने हम सबको थोडा आराम दिया है। लगभग एक महीने ऐसी भागदौड़ रही कि कोई अस्पताल के बिस्तर और दवाओं के अलावा अन्‍य चिंता करे, ये संभव ही नहीं था। अब जरूर समय है कि एक नजर दूसरी समस्याओं की तरफ भी डाली जाए।

वास्तव में वायरस के गिरते ग्राफ के साथ ही एक गंभीर खतरे की आहट सुनाई दे रही है। खतरा ऐसा जो भारत के भविष्य की दिशा पर सवाल लगा है।

10 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक चेतावनी दी है। ये चेतावनी वैसे तो पूरी दुनिया के लिए है लेकिन वर्तमान राजनैतिक, सामाजिक स्थिति और रोज सामने आते षड्यंत्रों को ध्यान में रखकर देखें, तो भारत के लिए ये चेतावनी ‘रेड लाइट’ की तरह है। 

एंटोनियो गुटेरेस ने कहा “यह महामारी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक भी एक बड़ा खतरा है। संभावित रूप से आने वाले समय में सामाजिक अशांति और हिंसा में वृद्धि होगी।”

ये जो सम्भावना गुटेरेस ने जताई है, उसके पीछे का कारण भी उन्होंने विस्तार से बताया है। इस संभावित सामाजिक अशांति और हिंसा के लिए गुटेरेस ने तीन प्रमुख कारण बताये हैं। एक, जब लोगों को ऐसा लगेगा की सरकार स्थिति को संभालने में नाकाम रही है या पारदर्शिता की कमी रही है, तो उनके और सरकार के बीच में अविश्वास बढेगा।

दो, महामारी के कारण कम आय वाले समूहों में आर्थिक दबाव और बढ़ेगा, ऐसे में अशांति पैदा करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक अवसर होगा और तीसरे कारण में वे राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहते हैं कि ये राजनीतिक अवसरवादिता का समय नहीं है। ये अवसरवादिता भी हिंसा और अशांति का कारण बन सकती है।

delhi riots

अब एक बार भारत की वर्तमान राजनीति को ध्यान में रखते हुए इन तीनो कारणों को दोबारा पढ़िए, और सोचिए कि किस तरह से चीन वायरस की दूसरी लहर की शुरुआत से ही टीवी स्क्रीन पर चिताओं की आग और अस्पताल के बाहर रोते लोगों को दिखाया गया।

आधी अधूरी जानकारी के साथ मौतों को लेकर भ्रामक दावे किये गए। भारत के आर्थिक तौर पर पिछड़े तीन समूहों – मुसलमान, दलित और किसानों के बीच कम्युनिस्ट संगठनों की गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं। उनके मन में अविश्वास और विभाजनकारी विचार भरे जा रहे हैं। रही बात राजनीतिक अवसरवादिता की तो आप कांग्रेस का टूलकिट पढ़ ही चुके हैं।

एंटोनियो गुटेरेस की चेतावनी सुनने के बाद यदि कांग्रेस, वामपंथी और इस्लामिक शक्तियों के गतिविधियों को देखेंगे तो बहुत ज्यादा समानता दिखाई देती है। जिन बिन्दुओं से गुटेरेस बचने की बात कर रहे हैं, उन्हें हमारे यहां सुनियोजित तरीके से लागू करने की कोशिश की जा रही है।

आप कहेंगे क्या हवा हवाई बातें हैं! ऐसा नही हैं कि ये खतरा सिर्फ भारत के सिर पर मंडरा रहा है या बीते कुछ दिनों से मंडरा रहा है। हम बस उस नजर से देख नहीं रहे और क्रोनोलॉजी पकड़ में नहीं आ रही। तो जरा समझने की कोशिश कीजिये – अमेरिका में चीन जनित वायरस के पहली लहर का चरम जुलाई 2020 में आया।

संक्रमण के मामले कम होने शुरू हुए तो अगस्त के बीच में अमेरिका में हो रहे “ब्लैक लाइफ मैटर्स” के प्रदर्शन हिंसक हो गए। कई जगहों पर आग लगायी गयी, दुकानें लूटी गयीं। इसके पीछे कम्युनिस्ट संगठनो का हाथ होने की सम्भावना कई मीडिया चैनल और जिम्मेदार लोगों ने जताई।

फ्रांस को देखिये, वहां पहली लहर का चरम नवम्बर, 2020 में आया। दिसम्बर के शुरुआत में फ्रांस के कई हिस्सों में नए पुलिस सिक्यूरिटी बिल को लेकर विरोध प्रदर्शन की शुरुआत हुई। कुछ दिनों में ये प्रदर्शन हिंसक हो गए। यहाँ भी वही आगजनी, लूट. फ्रांस में इस्लामिक ताकतें भी एक्टिव हो रही हैं। स्थितियां इस हद तक चली गयीं की फ्रांस की सेना के लोगों ने प्रधानमंत्री को चिठ्ठी लिख कर ‘गृहयुद्ध’ सम्भावना जताई है।

इजराइल ने 18 अप्रैल को चाइना वायरस से सम्बंधित पाबंदियां हटा लीं, खुद को वायरस फ्री घोषित कर दिया। 06 मई को ईस्ट जेरुसलम में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। कारण क्या? सुप्रीम कोर्ट के आर्डर के बाद, 06 परिवारों को दूसरी जगह भेजा जा रहा था। 06 परिवारों के आड़ में शुरू हुआ आन्दोलन लगभग 270 लोगों की मौत का कारण बन गया, हजारों घायल हुए।

दुनिया भर में दिख रहा है कि चाइना वायरस के मामले जैसे कम होने लगते हैं तो सामाजिक अशांति और हिंसा हो रही है। भारत का मामला भी कुछ अलग नहीं है, भारत में चाइना वायरस की पहली लहर का चरम सितम्बर में आया था। तब 25 नवम्बर को किसानों के कुछ संगठनों ने कृषि कानूनों का बहाना लेके दिल्ली में आन्दोलन की घोषणा की, और देश की राजधानी को लट्ठ लेकर घेर लिया। महीनों तक दिल्ली को बंधक बना के बैठे रहे और 26 जनवरी जैसे अवसर पर हिंसा की, लाल किले पर कब्ज़ा करने की कोशिश की।

थोडा सा सावधान होने की जरुरत है. क्यूंकि खतरा बड़ा हो सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेलबॉर्न ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट के अनुसार पांच देशों में चाइना वायरस वायरस महामारी के दौरान गृह युद्ध बढ़ा है।

हिंसा और इस्लामिक-कम्युनिस्ट गठजोड़

भारत में अगर बड़े स्तर पर आंतरिक हिंसा की शुरुआत होती है तो हम कहाँ खड़े हैं? इसका आकलन करने की जरूरत है। भारत में एक साथ पूरे देश में हिंसा की शुरुआत हो ये सम्भव नहीं लगता है। एक आन्दोलन में हुई हिंसा से निपटने में भी सरकार सक्षम है, लेकिन क्या हुआ अगर ये हिंसा तब हो जब किसी और देश ने हमपर हमला किया हो? पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा पर तनाव लगातार बना हुआ है।

कुछ खबरें भी आई हैं कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चीनी सेना और उपकरण देखे जा रहे हैं। भारत में भी हिंसा भड़काने पर उसके संभावित एलिमेंट यही हैं – इस्लाम और कम्युनिस्ट। वो शाहीनबाग़ हो या कथाकथित किसान आन्दोलन, फ्रांस हो अमेरिका, इजरायल, ब्राजील, ब्रिटेन हर जगह चर्च, कम्युनिस्ट और इस्लाम का गठजोड़ सत्ता को असंतुलित करने और हिंसा भड़काने की कोशिश कर रही है।

ऐसा नहीं है कि ये असंभव है। इजराइल में यही हुआ, एक तरफ जहाँ गज़ा से इजरायल पर राकेट दागे जा रहे थे उसी समय इजराइल के अन्दर रहने वाले मुसलमान हथियार लेकर सड़कों पर उतर आये थे। इस्लाम में एक चीज की तारीफ़ करने लायक है- वह है समन्वय। वो आपस में बड़े अच्छे से जुड़े हैं। फ्रांस में आन्दोलन हो तो भोपाल में आरिफ मसूद एक्टिव हो जाता है।

इस्लामिक युद्धनीति से लड़ने में कितना सक्षम है समाज ?

सीएए आन्दोलन के बाद दिल्ली के दंगे आपने देखे, देखा की किस तरह खून की नदियाँ बहा दी गईं। सबने उनकी तैयारी देखी? इंजीनियरिंग देखी? हजारों की संख्या में पेट्रोल बम बना लिए, बंदूकें निकल आयीं, 100-200 नहीं हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट है कि 10 हजार किल्लोग्राम पत्थर दिल्ली दंगों में इस्तेमाल किये गए। अलग तरह की गुलेल भी आपने देखी होगी।

अब मजे की बात देखिए इजराइल में जो दंगेबाज थे वो कौन सा हथियार इस्तेमाल कर रहे थे। क्या.. कोओर्डिनेशन (समन्वय) है! और अगली बार ये हथियार और खतरनाक हो सकते हैं। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक 15 दिनों में गज़ा से जो 4000 से ज्यादा राकेट दागे गए वो ‘होम मेड’ थे।

चंद हज़ार रुपए में मिलने वाले इंजन, एक छोटा सा सर्किट, लोहे की पाइप, चीनी और कंक्रीट और बन गया राकेट। तब यह सब देखने के बाद अब बहुत हद तक सावधान हो जाने की जरूरत है, चीन जनित वायरस की दूसरी लहर को समझने में हमसे चूक हो गयी। अगली लहर को समझने में हमसे देरी न हो, वस्‍तुत: आज ये ध्‍यान रखते हुए हमें आगे बढ़ते रहना होगा।

सौरभ कुमार (लेखक सामाजिक एवं राजनीतिक -अंतरराष्‍ट्रीय संबंधों के जानकार हैं)

QS World University की टॉप 200 रैंकिंग में भारत के तीन शिक्षण संस्थानों ने बनाई जगह

डेस्क।लंदन स्थित क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) ने बुधवार को 2021 के लिए क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग जारी की, जिसमें विश्व सूची के शीर्ष 200 विश्वविद्यालयों में तीन भारतीय संस्थान भी शामिल हैं।

भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु को साइटेशन पर फैकल्टी (CPF) मीट्रिक यानी शोध पेपर प्रति संकाय सदस्य के लिए 100 में से 100 अंकों के स्कोर के साथ दुनिया के शीर्ष अनुसंधान विश्वविद्यालय अर्थात टॉप रिसर्च यूनिवर्सिटी इन द वर्ल्ड के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

यह भारत के लिए अच्छी खबर है। इसके साथ, भारतीय विज्ञान संस्थान यानी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एक संपूर्ण 100 स्कोर करने वाला पहला भारतीय विश्वविद्यालय बन गया है।


आईआईटी में गुवाहाटी सबसे आगे
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के अनुसार, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गुवाहाटी को श्रेणी में 41वां स्थान दिया गया है। इस बीच, लगातार चौथे वर्ष, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे को भारत में शीर्ष क्रम के संस्थान के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि, इस साल क्यूएस रैंकिंग में यह पांच पायदान नीचे गिरकर 172 से 177 पर आ गया है।

आईआईटी दिल्ली, 193वीं रैंक से 185 पर पहुंचने के बाद, भारत का दूसरा सबसे अच्छा विश्वविद्यालय बन गया है। जबकि, आईआईएससी 185 से 186वीं रैंक पर पहुंच गया है। आईआईटी दिल्ली के बाद आईआईटी मद्रास है जो 20 स्थान ऊपर आया है और अब संयुक्त तौर पर 255वें स्थान पर है।

यह 2017 के बाद से इसका सर्वोच्च रैंक स्थान है। वहीं, आईआईटी खड़गपुर को 280वां स्थान मिला है, जबकि आईआईटी गुवाहाटी ने संयुक्त 395वीं रैंक में पहली बार वैश्विक स्तर पर शीर्ष-400 संस्थानों में प्रवेश किया है। उधर, आईआईटी हैदराबाद 591 से 600 वीं रैंक बैंड में बना हुआ है।


जेएनयू ने बनाई खास जगह
हालांकि, इस बार एक भारतीय विश्वविद्यालय ने भी क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में पदार्पण किया है, वह है जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), जिसने 561-570 रैंक बैंड में जगह बनाई है।

रैंकिंग के अनुसार, भारत के 35 विश्वविद्यालयों में से 17 ने अपने सीपीएफ स्कोर में वृद्धि की है, जबकि 12 विश्वविद्यालयों की सीपीएफ में गिरावट देखी गई है। वहीं, जब फैकल्टी/छात्र अनुपात श्रेणी की बात आती है, तो कोई भी भारतीय विश्वविद्यालय शीर्ष 250 में शामिल नहीं है।

कोविड-19 महामारी के बीच, भारत के 35 विश्वविद्यालयों में से 23 विश्वविद्यालयों को क्यूएस रैंकिंग के संकाय/छात्र अनुपात संकेतक में गिरावट का सामना करना पड़ा है।


एमआईटी नंबर-1, ऑक्सफर्ड दूसरे स्थान
जब विश्व रैंकिंग की बात आती है, तो मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को लगातार 10वें वर्ष को दुनिया के नंबर एक विश्वविद्यालय के रूप में चिह्नित किया। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने 2006 के बाद पहली बार दूसरा स्थान हासिल किया है, जबकि स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय तीसरे स्थान पर हैं।

ऐसे तैयार होती है क्यूएस रैंकिंग
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग छह संकेतकों के आधार पर तैयार की जाती है। इनमें शैक्षणिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा, प्रति संकाय उद्धरण, संकाय / छात्र अनुपात, अंतरराष्ट्रीय संकाय अनुपात और अंतरराष्ट्रीय छात्र अनुपात आदि शामिल हैं।

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BIG BREAKING : दिग्गज अभिनेता बोमन ईरानी की मां का निधन

मुंबई।बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता बोमन ईरानी की मां का निधन हो गया है। 94 वर्ष की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली. इस बात की जानकारी अभिनेता ने खुद अपने सोशल मीडिया पर दी है। बोमन ने बताया कि उनकी 94 वर्षीय मां ने नींद में ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

इस खबर के बाद से सोशल मीडिया यूजर्स बोमन की मां को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उन्होंने लिखा, ‘मां ईरानी ने नींद में ही इस दुनिया को शांति से अलविदा कह दिया। वो 94 वर्ष की थीं, उन्होंने 32 साल की उम्र से ही मेरे लिए मां और पिता, दोनों की किरदार निभाया था।

वो बहुत जिंदा दिल थीं और कई मजाकियां कहानियों से भरी थीं जो सिर्फ वहीं कह सकती थीं।’ अभिनेता लिखते हैं, ‘जब भी वो मुझे फिल्मों के लिए भेजती थीं तो हमेशा इस बात का ध्यान रखती थीं कि कंपाउंड किड्स मेरे साथ रहें। वहीं वो हमेशा कहती थीं- पॉपकार्न मत भूलना। उनको अपना भोजन और गाने पसंद थे।

इसके साथ ही तेजी से वो विकिपीडिया और आईएमडीबी को तुरंत फैक्ट चैक कर सकती थीं।’ बोमन ने लिखा, ‘मां हमेशा कहती थीं कि तुम एक अभिनेता इसलिए नहीं हो कि लोग तुम्हारी तारीफ करें। तुम एक अभिनेता हो ताकि तुम लोगों को मुस्कान दे सको। लोगों को खुशी दो। आखिरी रात उन्होंने मलाई कुल्फी और आम मांगे थे।

वो चाहती थीं चांद और तारे भी मांग सकती थीं। वो हमेशा एक स्टार थीं, और हमेशा रहेंगी।’ बता दें कि बीते साल 18 नवंबर को बोमन ने अपनी मां को जन्मदिन की बधाई देते हुए कुछ तस्वीरें शेयर की थीं।

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Happy Birthday Mika Singh: क्या आप जानते है? फिल्मों में आने से पहले कीर्तन किया करते थे मीका सिंह

‘सावन में लग गई आग’ गाने से मशहूर हुए बॉलीवुड के जाने-माने सिंगर और रैपर मीका सिंह का जन्म 10 जून 1977 को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में हुआ था। उनके पिता अजमेर सिंह और मां बलबीर कौर राज्य स्तर के रेसलर थे। मीका का असली नाम ‘अमरीक सिंह’ है।

मीका को बचपन से ही गायन के क्षेत्र में रुचि थी। महज आठ साल की उम्र में उन्होंने गायन की शिक्षा लेनी शुरू कर दी। 12 साल की उम्र में तबला और हारमोनियम बजाना सीख गए थे और 14 साल की उम्र में मीका ने गिटार बजाना शुरू कर दिया था।

फिल्मों में आने से पहले मीका कीर्तन गाया करते थे। साल 1998 में मीका ने अपना पहला एल्बम लांच किया, जिसका नाम था ‘ग्रेटेस्ट इंडीपॉप एल्बम एवर’। इस एल्बम का गाना ‘सावन में लग गई आग’ गाकर मीका रातो-रात मशहूर हो गए।

पहली एलबम की सफलता के बाद मीका ने ‘गबरू’, ‘दुनाली’, ‘समथिंग समथिंग’ और ‘इश्क ब्रांडी’ एलबम लॉन्च किए। साल 2006 में मीका ने फिल्म ‘प्यार के साइड इफ्फेक्ट’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में मीका ने ‘दिल तोड़ के ना जा (रीमिक्स)’ गाया था।

इसके बाद मीका को हिंदी के साथ-साथ बंगाली, मराठी, तेलुगु, कन्नड़ आदि भाषाओं की फिल्मों में भी गाना गाने के ऑफर मिलने लगे। मीका के गाये कुछ प्रमुख गानों में दिल में बजी गिटार (अपना सपना मनी मनी), मौजा ही मौजा(जब वी मेट), दिल बोले हड़िप्पा (दिल बोले हड़िप्पा), आपका क्या होगा(हॉउसफुल), इब्न बतूता (इश्कियां), जुगनी(तनु वेड्स मनु), ढिंक चिका (रेड्डी), जुम्मे की रात है (किक), ऐसी तैसी (शुभ मंगल ज्यादा सावधान) आदि शामिल हैं।

मीका सिंह ने गाना गाने के साथ-साथ कुछ फिल्मों में अभिनय भी किया है, जिसमें मिट्टी, लूट, बलविन्दर सिंह फेमस हो गया आदि शामिल हैं। इसके अलावा मीका छोटे पर्दे के कई शो में भी नजर आ चुके हैं, जिसमें झलक दिखला जा, म्यूजिक का महामुकाबला, द वॉयस इंडिया, इस जंगल के मुझे बचाओ, टशन ए इश्क, बिग बॉस सीजन 9, सारेगामापा 2016 और इंडिया के मस्त कलंदर आदि शामिल हैं।

मीका सिंह अभी तक अविवाहित है और गानों के साथ-साथ उनका विवादों से भी गहरा रिश्ता रहा है, जिसकी वजह से वह अक्सर चर्चा में रहते हैं। मीका सिंह इंडस्ट्री के जाने-माने सिंगर दलेर मेहंदी के छोटे भाई हैं। मीका सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं और उनके चाहने वालों की संख्या लाखों में हैं।

Juhi Chawla बोलीं ‘हमें बस सुरक्षा का सर्टिफिकेट दे दीजिए’ – 5G Case में कोर्ट की फटकार के बाद…

फिल्म अभिनेत्री जूही चावला हाल ही में 5जी रेडिएशन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने को लेकर काफी चर्चा में रहीं। दरअसल,भारत में लम्बे समय से चर्चा में बने हुए मोबाइल नेटवर्क सेवा 5जी को लेकर जूही चावला ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

उन्होंने इस टेक्नोलॉजी को लागू करने के खिलाफ याचिका दायर की थी ,जिसमें कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई और साथ ही अभिनेत्री पर 20 लाख रुपये का जुर्माना भी कर दिया। वहीं अब जूही चावला ने सोशल मीडिया के जरिए एक बार फिर इस मसले पर अपनी राय दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह कह रही हैं-‘नमस्‍ते, पिछले दिनों में इतना शोर हो गया कि मैं तो अपने आप को भी नहीं सुन पाई। 

इस शोर में मुझे लगा कि एक बहुत अहम, बहुत ही महत्‍वपूर्ण मेसेज शायद खो गया और वो था कि हम 5जी के ख‍िलाफ नहीं हैं। हम 5जी के ख‍िलाफ नहीं है, बल्‍क‍ि हम तो इसका स्‍वागत करते हैं। आप प्‍लीज जरूर लेकर आइए। हम बस यही कहना चाह रहे हैं कि अथॉरिटीज यह सर्टिफाई करें कि यह सेफ है।’

हम सब यह कह रहे हैं प्‍लीज आप इसे सर्टिफाई कर दीजिए, इस पर स्‍टडीज, इस पर रिसर्च पब्‍ल‍िक डोमेन में पब्‍ल‍िश कर दीजिए। ताकि हमारा ये जो डर है, ये निकल जाए। हम सब लोग आराम से जाकर सो जाएं। हम बस यह जानना चाहते हैं कि यह बच्‍चों के लिए, प्रग्‍नेंट महिलाओं के लिए सुरक्ष‍ित है। हम बस यही कह रहे हैं।’

सोशल मीडिया पर जूही का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। उल्लेखनीय है, 5जी को लेकर जूही चावला ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। जूही चावला ने इस याचिका के जरिए भारत सरकार के दूरसंचार मंत्रालय से अपील की है कि 5जी टेक्नोलॉजी के लागू करने से पहले आम लोगों, जीव-जंतुओं, वनस्पति और पर्यावरण पर इससे पड़ने वाले प्रभाव पर बारीकी से अध्ययन करने की जरूरत है।

वहीं इस मामले में कोर्ट ने जूही की याचिका को ख़ारिज करते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने जूही चावला के सरकार को प्रतिवेदन दिए बिना 5जी वायरलेस नेटवर्क तकनीक को चुनौती देने के लिए सीधे अदालत आने पर सवाल उठाए और इसे सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट बताया था।

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल किया है और उन पर 20 लाख का जुर्माना भी लगा दिया था।

Covaxin is effective on delta and beta variants: डेल्टा और बीटा वेरियंट पर असरदार है कोवैक्सीन

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार डेल्टा वेरियंट पिछले साल के संक्रमण से अधिक खतरनाक है।

हालांकि राहत की बात यह है कि स्वदेशी कोरोना रोधी वैक्सीन कोवैक्सीन का टीका इस पर भी प्रभावी है। हाल ही में एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ कि देसी टीका कोवैक्सीन की खुराक जानलेवा वेरियंट डेल्टा और बीटा दोनों के खिलाफ असरदार है।

कोविड-19 का खतरनाक डेल्टा वेरियंट (B.1.617.2) पहली बार भारत में पाया गया था जबकि बीटा वेरियंट (B.1.351) की खोज पहली बार दक्षिण अफ्रीका में हुई थी। शोध में मालूम चला है कि इन दोनों वेरियंट के खिलाफ कोवैक्सीन प्रभावी है। 

कोवैक्सीन की न्यूट्रलाइजेशन क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए किए गए शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि बीटा और डेल्टा वेरियंट के खिलाफ एंटीबॉडी को बेअसर करने की एकाग्रता में तीन गुना कमी पाई गई। इससे साफ जाहिर है कि कोवैक्सीन बीटा और डेल्टा वेरियंट के खिलाफ एंटीबॉडी बनाती है।

उज्जैन: मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी ने फांसी लगाई

उज्जैन। मेडिकल कॉलेज के एक सफाई कर्मचारी ने मंगलवार देर रात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार सुबह लोगों ने उसका शव फंदे पर लटका हुआ देखा तो पुलिस को सूचना की। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच के लिए एफएसएल अधिकारी डॉ. प्रीति गायकवाड़ को मौके पर बुलाया।

इस मामले में चिमनगंज थाना पुलिस ने बताया कि बुधवार सुबह आगर रोड स्थित शिवांश सिटी स्थित एक मकान के बाहर छत के पिलर से एक युवक ने फांसी लगा ली। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी और एफएसएल अधिकारी डॉ. प्रीति गायकवाड़ मौके पर जांच के लिए पहुंचे। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ भी लग गई थी।

लोगों ने मृतक की शिनाख्ती सत्यनारायण पिता रामू सोलंकी 28 साल के रूप में की। वह इसी कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। जानकारी मिलने पर उसकी पत्नी और बच्चे भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को नीचे उतार कर पीएम के लिए अस्पताल भेजा।

पिता के घर से आया था उज्जैन

प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि सत्यनारायण आरर्डी गार्डी मेडिकल कॉलेज में सफाई कर्मचारी था। वह शिवांश सिटी में किराए के मकान में पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। कोरोना कर्फ्यू के पहले से ही वह इंदौर के समीप सिमरोल स्थित अपने पिता के घर पर रह रहा था।

मंगलवार रात को वह पिता के घर से उज्जैन आया। शाम को वह सीधे अपने निर्माणधीन मकान पर पहुंचा और रात के समय फांसी लगा ली। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।

पुलिस को मिला सुसाइड नोट

एफएसएल अधिकारी डॉ. प्रीति गायकवाड़ ने बताया कि मामला आत्महत्या का है। मृतक के पास से सुसाईड नोट मिला है। जिसमें मात्र दो लाइन लिखी है जिसमें उसने लिखा है कि जब मैं ही नहीं रहूंगा तो कोर्ट केस का क्या होगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक और उसकी पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था। संभवतः इसी के चलते उसने आत्महत्या की होगी।

SATNA में सुबह 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुल सकेंगे सभी दुकानें और प्रतिष्ठान

सतना । जिले में सप्ताह में 6 दिन सभी तरह के बाजार, दुकानें, प्रतिष्ठान सुबह 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुल सकेंगे। अब 50 प्रतिशत दुकानों के खुलने का नियम शिथिल कर दिया गया है।

प्रत्येक रविवार को पूरे समय तथा प्रत्येक दिन रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक कोरोना कर्फ्यू अभी निरंतर जारी रहेगा।

जिला आपदा प्रबंधन समिति के सदस्यों से विचार-विमर्श और प्रभारी मंत्री की सहमति के पश्चात कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अजय कटेसरिया ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिये हैं।

जारी आदेशानुसार, जिले में खुदरा सब्जी मंडी आगामी आदेश तक बंद रहेंगी, ठेला एवं एकल दुकानों द्वारा वर्तमान व्यवस्था के अनुसार सब्जी की बिक्री की जा सकेगी। 

रेस्टोरेन्ट, भोजनालय, होटल अपनी कुल क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ खुल सकेंगे, लेकिन रात्रि 9 बजे के बाद नये ग्राहकों को प्रवेश नहीं देंगे और 10 बजे तक पूर्णतः बंद कर दिये जायेंगे।

पुरुषों की दुनिया में पुरुष होने की ज़रूरत नहीं-Vidhya Balan

-अनिल बेदाग़- मुंबई : विद्या बालन अभिनीत अमेज़ॅन प्राइम वीडियो की आगामी मूल फिल्म “शेरनी” एक पथप्रदर्शक कहानी है, जो एक महिला वन अधिकारी की असामान्य नौकरी और उनकी शादी के माध्यम से नेविगेट करते हुए उनके सफ़र को दर्शाती है।      

विद्या बालन ने इस फिल्म की तैयारी पर प्रकाश डालते हुए कहा, “मैं वास्तव में कुछ वन अधिकारियों से यह समझने के लिए मिली थी कि उनकी नौकरी में क्या शामिल है …

जिसमें एक वन अधिकारी बनने के लिए ट्रेनिंग, विभिन्न पोस्टिंग और उनके सामने आने वाली चुनौतियों से जुड़ी स्टडी आती है। काम की प्रकृति ऐसी है कि यह कई बार शारीरिक रूप से कठिन और खतरनाक भी हो सकता है, इसलिए पारंपरिक रूप से पुरुष प्रधान था, लेकिन इन महिला अधिकारियों ने साझा किया कि कैसे वे पितृसत्तात्मक मानसिकता के आसपास अपना रास्ता तय करती हैं … यह सब बहुत मददगार था।”      

अपने करैक्टर के बारे में उन्होंने कहा, “विद्या विन्सेंट के बारे में मुझे जो पसंद है वह यह है कि वह कुछ शब्दों की महिला है और फिर भी वह जिस चीज में विश्वास करती है उसके लिए खड़े होने का साहस रखती है … इसलिए आपको आक्रामक होने या पुरुषों की दुनिया में पुरुष होने की ज़रूरत नहीं है, आप एक महिला की तरह रह सकती हैं और फिर भी अपना रास्ता खोज सकती हैं।”      

विद्या बालन के साथ-साथ शरत सक्सेना, मुकुल चड्ढा, विजय राज, इला अरुण, बृजेंद्र कला और नीरज काबी जैसे नाम आपका मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं। टी-सीरीज़ और अबुदंतिया एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित, यह मस्ट-वॉच ड्रामा न्यूटन-फेम निर्देशक अमित मसुरकर द्वारा निर्देशित है। प्राइम मेंबर्स ‘शेरनी’ को 18 जून से एक्सक्लूसिव तौर पर ऐमजॉन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम कर सकते हैं।

भारत मे बढ़ती शिक्षित बेरोजगारी- शुभम यादव

शुभम यादव सागर मध्यप्रदेश: भारत में शिक्षित बेरोजगारी एक भीषण समस्या बनकर उभर कर आ रही है। भारत में युवाओं का प्रतिशत सबसे अधिक है और वह हर दिन रोजगार पाने के लिए लम्बी कतारों में खड़े हो जाते है और शिक्षित होने के बावजूद बहुत युवको को उनके उचित नौकरी नहीं मिल पाता है।

लाखो रूपए का निवेश कर पढ़ने वाले बड़ी डिग्रीयों के साथ पास हो जाते है। मगर नौकरी पाने के लिए उन्हें अक्सर धक्के खाने पड़ते है। एजुकेशन फॉर आल एक ऐसी नीति है जिसने देश के हर कोने में शिक्षा के दीपक जला रखे है। लेकिन शिक्षित वर्ग का एक बहुत बड़ा हिस्सा रोजगार हीन जीवन गुजार रहा है। जब हम विकास की बात करते है तो शिक्षा प्रमुख कारक है जिसका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पड़ता है।

पूर्व राष्ट्रपति ”प्रणब मुख़र्जी” ने कहा था हमारी शिक्षा प्रणाली पहुँच सामर्थ्य और गुणवत्ता के आधार पर टिकी हुयी है। इतने प्रभावशाली अभियानों के बाद भी इतनी बेरोजगारी की समस्या क्यों है ?

बेरोजगारी एक ऐसी समस्या है जब कोई व्यक्ति रोजगार की तलाश कर रहा है पर दुर्भाग्यवश रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे है।शिक्षित बेरजगारी किसी भी देश की प्रगति में एक बहुत अड़चन है। शिक्षित बेरोजगारी तब होती है जब कोई व्यक्ति शिक्षित होता है मगर कुशल नौकरी पाने में सक्षम नहीं होता है।

जब बड़ी संख्या में युवा वर्ग ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री प्राप्त करते है लेकिन सीमित नौकरी के अवसर उन्हें हताश कर देते है। शिक्षित बेरोजगारी का दर भारत और अन्य देशो में हर साल बढ़ रहा है। युवा वर्गों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है और कुछ एक को नौकरी मिल पाती है और बाक़िओं को अपने काबिलियत से कम पदों की नौकरी करनी पड़ती है।

शिक्षित बेरोजगारी से परेशान युवको को यह जानना आवश्यक है कि उनके लिए कौन सी नौकरी उपयुक्त है और उस उपयुक्त नौकरी को पाने के लिए कौन सा करियर पथ उन्हें चुनना चाहिए। युवको को उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त करने के साथ नौकरी की सम्भावनाओ और करियर के अवसरों के बारें में जानकारी देना आवश्यक है। इससे उन्हें पेशा चुनने में मदद मिलेगी जो उनकी क्षमता और योग्यता के लिए उपयुक्त है।

भारत लगभग 1.35 बिलियन की आबादी वाला देश है और ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर, साल 2017 -2018 में 14.9 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 2.1 प्रतिशत से 10.7 प्रतिशत के तहत है। हाल के वर्षो में शिक्षा वृद्धि के कारण आधुनिक युवाओं को अच्छी तरह से शिक्षित किया गया है और उनके पास BE, MBA, MBBS, Phd जैसी अच्छी डिग्री है। इसलिए हमारे देश का कार्यबल अपने संबंधित क्षेत्रों में एक अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी तलाश कर रहा है।

 कौशल आधारित प्रशिक्षण की कमी और वित्तीय बाजार में आयी मंदी के कारण युवाओं को मनचाही नौकरी मिलना मुश्किल हो जाता है। यह शिक्षित बेरोजगारी पैदा करता है।

 यदि हम भारत के बारे में बेरोजगारी की दुर्दशा के सुधारो और समाधानों के विषय में बात करें तो देश में तकनीकी और व्यवसायिक संस्थानों की स्थापना होनी चाहिए और लोगों के मन में व्यवसायिक पाठ्यक्रम का महत्व होना चाहिए। इंजीनियरिंग और मेडिकल को छोड़कर शैक्षिक क्षेत्रों को पेश करने हेतु अभियान चलाना चाहिए और ग्रामीण व्यक्तियों को इसके विषय में जागरूक करना चाहिए।

नौकरी के अवसर पाने के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन और पी एच डी जैसे पाठ्यक्रमो को उच्च शिक्षा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, स्वर्णजयंती, ग्राम सरोवर योजना, महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण योजना गारंटी अधिनियम को अधिक बढ़ावा देने की ज़रूरत है। इसे पूरे भारत में कुशलतापूर्वक लागू कर देना चाहिए।

 समस्या तब पैदा होती है जब डिग्री कोर्स की शिक्षा पाने के बावजूद कुशल नौकरी नहीं पा रहे है। इस समस्या के कारण भारत में कुशल श्रमिकों की कमी है। एक सर्वेक्ष्ण के अनुसार, शिक्षित युवाओं का 90 प्रतिशत कौशल की कमी के कारण बेरोजगार है, 60 प्रतिशत संचार कौशल यानी कम्युनिकेशन स्किल्स, 25 प्रतिशत विश्लेषणात्मक कौशल की कमी के कारण और अपने संबंधित ज्ञान की कमी के कारण शिक्षित बेरोजगारी बढ़ती जा रही है।

शिक्षित बेरोजगारी के मुख्य कारण:
कमजोर आर्थिक स्थिति कुशल जनशक्ति की कमी प्रोधोगिकी समावेश या  टेक्नोलॉजी inclusion अनियंत्रित जनसँख्या वृद्धिमहंगाई कम नौकरियां

शिक्षित बेरोजगारी के दुष्प्रभाव:
बेरोजगार व्यक्ति निराशा, चिंता, तनाव जैसी समस्याओं को जन्म देता है। रोजगार पाने के लिए बेरोजगार इंसान मज़बूरी में गलत रास्ता अपना लेता है जैसे चोरी, डैकती, अपहरण, नशीले वस्तुओं का सेवन जैसे अपराधों में घिर जाता है। एक अध्धयन के अनुसार शिक्षित रोजगार की वृद्धि के कारण अपराध दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है।
भारत में लोग केवल एक डिग्री के लिए पढ़ाई करते है। कई छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई करते है लेकिन इंजीनियरिंग की इंटरव्यू अपने हुनर को साबित नहीं कर पाते है। इन छात्रों को इंजीनियरिंग की पढ़ाई में रूचि नहीं होती केवल डिग्री मात्र के लिए पढ़ाई करते है।इसलिए वह अपने आपको कार्यस्थल और इंटरव्यू में साबित नहीं कर पाते और बेरोजगार रह जाते है।

 अर्थव्यवस्था और रोजगार दोनों किसी भी देश की रीढ़ हड्डी के सामान है। यानी देश की प्रगति इन दोनों पर निर्भर करती है। अमरीका जैसे विकसित देशों में बेरोजगारी का दर बढ़ने के साथ गरीबी बढ़ रही है। जब 2008 में अमरीका में मंदी आयी तो वहां की गरीबी का स्तर आश्चर्य रूप से बढ़कर 16 प्रतिशत के करीब चला गया। विकसित देशो की अर्थव्यवस्था में बेरोजगारी गरीबी का प्रमुख कारण है। दूसरी ओर भारत जैसे विकासशील देशो में उच्च बेरोजगारी दर और अकुशल कार्यबल के कारण शिक्षित युवा अकुशल श्रमिक वर्ग की नौकरी पाने हेतु संघर्ष कर रहे है। इसलिए गरीब और अकुशल कार्यबल के पास कोई काम नहीं बचा है।

निष्कर्ष
शिक्षित बेरोजगारी गरीबी की तुलना में सबसे बड़ा अभिशाप है। देश के विकास के लिए बेरोजगारी एक प्रमुख बाधा बन कर खड़ी है। भारत में आकड़ो के तहत बेरोजगारी की संख्या 10 करोड़ पार कर गयी है। पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश , छत्तीसगढ़ ,जम्मू कश्मीर, झारखंड, बिहार, ओडिसा और असम जैसे राज्य बेरोजगारी से पीड़ित है और भारत के कुछ राज्य बेहतर हालत में है। ज़रूरत है सही दिशा, योजनाओ और शिक्षा प्रणाली में बदलाव की। भारत सरकार कोशिशे कर रही है और आशा है वर्तमान में उद्योग और विभिन्न क्षेत्र में रोजगार पाने की अवस्था में सुधार होगा।

Vihya Balan की एक्टिंग से क्लीन बोल्ड हो गए निर्माता

-अनिल बेदाग़- मुंबई : अपने करियर में हमेशा साहसी विकल्प चुनने के वजह से विद्या बालन बॉलीवुड में सबसे अधिक पसंदीदा अभिनेत्रियों में से एक मानी जाती है। फिर चाहे वह ‘द डर्टी पिक्चर’ में सिल्क स्मिता हो या ‘कहानी’ में विद्या बागची का किरदार , या फिर उनकी पिछली फिल्म ‘शकुंतला देवी’ में से गणितज्ञ का किरदार हो या ‘तुम्हारी सुलु’ से आरजे का, विद्या ने अपनी हर भूमिका से सिनेमा प्रेमियों को चौंका दिया है।   

उन्होंने बॉलीवुड में अपने लिए एक जगह बनाई है और वह भूमिकाएँ कर रही है जो किसी अन्य अभिनेता ने करने का प्रयास या विचार नहीं किया होगा।       

विद्या की बहुमुखी प्रतिभा, कला के प्रति उनका समर्पण, और उनके द्वारा निभाए गए हर किरदार के लिए उनका जुनून ही निर्माता भूषण कुमार और विक्रम मल्होत्रा को पुरस्कार विजेता निर्देशक अमित मसुरकर की फिल्म शेरनी में मुख्य क़िरदार के लिए चुनने की वजह बनी। मानव-पशु संघर्ष पर आधारित इस फिल्म में, हम विद्या को एक वन अधिकारी की भूमिका निभाते हुए देखेंगे, जो हिंदी फिल्म उद्योग में पहली बार है।     

फिल्म का अंतिम कट देखने के बाद निर्माता विद्या के अभिनय से क्लीन बोल्ड हो गए , उन्होंने इस बहुस्तरीय जटिल चरित्र को निभाया है जो कठिन है, फिर भी कमजोर है, निडर है फिर भी वश में है।

अबंडनशीया एंटरटेनमेंट के निर्माता विक्रम मल्होत्रा अभिनेत्री की प्रशंसा करते हुए कहते हैं की, “विद्या एक असाधारण अभिनेता हैं और उन्होंने पिछले 16 वर्षों में अपने काम से एक डाई-हार्ड फैन फ्रैंचाइज़ी बनाई है। शकुंतला देवी पर एक साथ काम करते हुए, मैंने देखा कि कैसे उन्होंने खुद को उस जटिल चरित्र में ढाला और हर एक जटिल डिटेल्स पर ध्यान दिया ।

शेरनी के लिए हमारे लिए विद्या के अलावा कोई हो ही नहीं सकता।”     टी-सीरीज़ के भूषण कुमार कहते हैं, “तुम्हारी सुलु में विद्या के साथ काम करना हमारा लिए बहुत अच्छा समय था। वह एक समर्पित अभिनेत्री हैं और उनका कला के प्रति का प्रशंसनीय प्यार स्क्रीन पर प्रतिबिंबित होता है । विद्या के साथ काम करना मतलब हमेशा मजेदार और सीखने का एक शानदार अनुभव होता है।

वह न केवल हर निर्देशक की अभिनेत्री हैं, बल्कि हर निर्माता की भी पसंदीदा हैं।” भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, विक्रम मल्होत्रा और अमित मसूरकर द्वारा निर्मित शेरनी 18 जून 2021 से विशेष रूप से अमेज़न प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी।

Shirley Temple Google Doodle: Google ने शर्ले टेम्पल को किया सम्मानित

Google ने बुधवार को अमेरिकी अभिनेता, गायक, नर्तक और राजनयिक शर्ली मंदिर को एनिमेटेड डूडल के साथ सम्मानित किया। 2015 में इसी दिन सांता मोनिका हिस्ट्री म्यूजियम ने “लव, शर्ली टेम्पल” खोला था, जिसमें उनकी दुर्लभ यादगार वस्तुओं का संग्रह था।

शर्ली टेम्पल का जन्म 23 अप्रैल, 1928 को कैलिफोर्निया में हुआ था। उनकी कई प्रतिभाएं, और “सिग्नेचर डिंपल, ब्लोंड रिंगलेट कर्ल और मजबूत वर्क एथिक” ने उन्हें ‘स्टैंड अप एंड चीयर’ और ‘ब्राइट आइज़’ सहित कई फिल्मों और संगीत में उतारा। वह 10 साल की उम्र से पहले ही एक स्टार थीं, और केवल छह साल की उम्र में उन्हें अकादमी पुरस्कार मिला। वह 22 साल की उम्र में सेवानिवृत्त हुई, और धीरे-धीरे पूर्णकालिक सार्वजनिक सेवा में परिवर्तित हो गई।

“टेंपल ने न केवल हॉलीवुड के शीर्ष बॉक्स ऑफिस ड्रॉ के रूप में महामंदी की कठिनाइयों के माध्यम से लाखों अमेरिकियों की मदद की, उसने बाद में अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अपने काम के माध्यम से दुनिया के साथ अपने करिश्मे को साझा किया,” Google श्रद्धांजलि में कहता है।

मंदिर को 1969 में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया था। उसकी राजनयिक उपलब्धियों को पहचानने के लिए, घाना में एक राजदूत और विदेश विभाग में प्रोटोकॉल की पहली महिला प्रमुख बनने सहित, मंदिर को 1988 में एक मानद विदेश सेवा अधिकारी नियुक्त किया गया था। .

2006 में, स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड ने उन्हें अपना लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया।