Homeसिवनीसिवनी: सूर्य मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 11 जून से

सिवनी: सूर्य मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 11 जून से

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सिवनी: लगभग 6 शताब्दी पूर्व के जीर्ण-शीर्ण हो चुके सूर्य मंदिर का पुर्ननिर्माण किया गया है। यह कार्य श्री सिद्ध शनिधाम ट्रस्ट पलारी टेकरी के द्वारा किया गया। इस मंदिर में सूर्य भगवान की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम तीन दिनों तक 11 जून से प्रारंभ होगा।

उक्त कार्यक्रम की जानकारी देते हुये शनिधाम ट्रस्ट के उपाध्यक्ष संतोष अग्रवाल ने बताया कि 11 जून को सुबह से शिखर कलश स्थापना का कार्य होगा, जिसमें जलाधिवास, दुग्धाधिवास, अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास का कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम की अगली कड़ी में दूसरे दिन 12 जून को फलाधिवास, सुगंधाधिवास, वस्त्राधिवास, शयनाधिवास का कार्यक्रम होगा।

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13 जून को सूर्य प्रतिमा की स्थापना होगी और शिखर में कलश का आरोहण किया जायेगा। प्राण-प्रतिष्ठा के सभी कार्यक्रम शनिधान ट्रस्ट के अध्यक्ष भोलेबाबा एवं पं. नीरज तिवारी के मार्गदर्शन में होगा।

अति प्राचीन इस सूर्यमंदिर को नया रंग-रूप देने की प्रेरणा पाने वाले संतोष अग्रवाल को इसका बल आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी प्रज्ञानानंद के विचारों से अधिक मिला है। सिवनी प्रवास के दौरान आचार्य महाण्डलेश्वर प्रज्ञानानंद इस सूर्यमंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान आपने कहा था कि नये मंदिरों के निर्माण की अपेक्षा खण्डहर हो चुके पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जाना ज्यादा सार्थक प्रयास है।

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आपने इस कार्य में लगे हुये सभी लोगों को प्रेरित करते हुये कहा था कि सनातन संस्कृति में जिन पाँच देवों को प्राथमिकता दी गई है उसमें सूर्यदेव का भी स्थान है, जो केवल प्रकाशवान नहीं अपितु तेज देने वाले भी हैं।

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आचार्य महाण्डलेश्वर प्रज्ञानानंद जी महाराज ने उस समय उपस्थितजनों को संबोधित करते हुये कहा था कि सूर्य की आराधना से बुद्धि और विवेक दोनों संतुलित रहकर कार्य करते हैं। सूर्य की उपासना से व्यक्ति तेजवान के साथ-साथ प्रकाशवान भी होता है। आपने उदाहरण देते हुये कहा था कि जीवन में बुद्धि और विवेक का संतुलित रहना आवश्यक है। ये दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।

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जिस तरह चाकू का उपयोग किसी की जान लेने के लिये हो सकता है उसी तरह विवेकवान डॉक्टर उसी चाकू के उपयोग से आॅपरेशन कर मरीज की जान बचा लेता है। बुद्धि के साथ विवेक का उपयोग करना आवश्यक है। आचार्य महाण्डलेश्वर ने उपस्थितजनों को प्रेरणा देते हुये कहा था कि नये मंदिर बनाने के बदले रख-रखाव के आभाव में क्षतिग्रस्त और उपेक्षित हो चुके मंदिरों का कायाकल्प करना और उसकी व्यवस्था बनाना ज्यादा सार्थक प्रयास है।

आचार्य महाण्डलेश्वर की प्रेरणा के बाद लगातार चले इस कार्य से आज सूर्य मंदिर का पुर्ननिर्माण पूरा हो चुका है और अब इसकी प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम 11 जून से प्रारंभ हो रहा है। यह कार्यक्रम में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुये उपस्थित होने का आग्रह किया गया है।

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Shubham Sharma
Shubham Sharma is an Indian Journalist and Media personality. He is the Director of the Khabar Arena Media & Network Private Limited , an Indian media conglomerate, and founded Khabar Satta News Website in 2017.
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