सिवनी, घंसौर, उमेश श्रीवास्तव। विकास कार्यों में लापरवाही आम नागरिकों के लिए किस तरह परेशानी का कारण बन सकती है, इसका ताजा उदाहरण ग्राम पंचायत घंसौर के वार्ड क्रमांक 7 में देखने को मिल रहा है। यहां विनय शास्त्री के घर के सामने करीब 15 से 20 दिन पहले एलएनटी कंपनी द्वारा नाली और सड़क की खुदाई कर पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने दिनों बाद भी न तो पाइपलाइन बिछाई जा सकी और न ही नाली निर्माण का कार्य पूरा हो पाया।
अधूरे निर्माण कार्य के चलते सड़क पर गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर रास्ता कीचड़ और जलभराव की वजह से लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। इससे रोजमर्रा के कामकाज के लिए निकलने वाले लोगों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जलभराव से मच्छरों का बढ़ा प्रकोप, बीमारी फैलने की आशंका
स्थानीय वार्डवासियों का कहना है कि लंबे समय से जमा गंदे पानी के कारण क्षेत्र में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लोगों को डर है कि यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी तो डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। गर्मी और बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि इस संबंध में ग्राम पंचायत और जल निगम को कई बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अधूरी खुदाई और बंद पड़ी नाली के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जल्द कार्य पूरा कराने की मांग
वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरे पड़े नाली और पाइपलाइन निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही सड़क पर हो रहे जलभराव को समाप्त कर आम नागरिकों को राहत दिलाई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
मुख्य बिंदु (Highlights)
- वार्ड क्रमांक 7 में 15–20 दिनों से अधूरा पड़ा नाली निर्माण।
- एलएनटी कंपनी ने खुदाई के बाद कार्य बीच में छोड़ा।
- सड़क पर गंदा पानी जमा होने से लोगों का आवागमन प्रभावित।
- मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से बीमारी फैलने की आशंका।
- शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का वार्डवासियों का आरोप।
- प्रशासन से जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग।
