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Shirley Temple Google Doodle: गूगल ने शानदार डूडल बनाकर हॉलीवुड आइकन शर्ले टेम्पल को किया सम्मानित

डेस्क।हर खास मौके पर Google अपना खास डूडल बना कर सेलिब्रेट करता है। आज भी Google ने Doodle बनाकर एक्ट्रेस और सिंगर शर्ले टेम्पल को याद किया है।

दरअसल गूगल ने अमेरिकी एक्ट्रेस और सिंगर शर्ले टेम्पल (Shirley Temple) के 93वें जन्म दिन पर डूडल (Google Doodle) बनाया है। दिग्गज टेक कंपनी ने एक्ट्रेस के सम्मान में एनिमेटेड डूडल बनाया है।

इस डूडल (Google Doodle) में टेम्पल को चाइल्ड स्टार के रूप में दिखाया गया है। शर्ले टेम्पल ना सिर्फ सिंगर और एक्ट्रेस थी, बल्कि वह एक डिप्लोमैट भी थी।

गूगल ने अपने इस डूडल में 6 साल की शर्ले टेम्पल को डांस करते हुए दिखाया गया है। साथ में उन्हें ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर भाषण देते हुए और एक अवार्ड लेते हुए दिखाया गया है। यह तीनों ही तस्वीरें एक जीआईएफ में हैं।


3 साल की उम्र से ही Shirley Temple करती थी डांसिंग की प्रैक्टिस
टेम्पल (Shirley Temple) ने डांसिंग की प्रैक्टिस 3 साल की उम्र से ही शुरू कर दी थी। साल 1934 में Stand Up And Cheer पर किए गए उनके टो-टैप डांस ने पूरे अमेरिका का ध्यान अपनी ओर खींचा था।

उन्होंने 6 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की थी। अपने करियर के लॉन्चिंग साल में उन्होंने 12 फिल्मों में काम किया था। शर्ले अमेरिकी सिनोमा जगत की सबसे ज्यादा चर्चित स्टार्स में से एक हैं। वह पलकी चाइल्ड स्टार थी, जिन्हें 6 साल की उम्र में अकेडमी अवॉर्ड दिया गया है।


22 साल की उम्र में हॉलीवुड से ऐक्ट्रेस ने लिया था रिटायरमेंट
साल 1942 तक टेम्पल (Shirley Temple) रेडियो स्टार बन चुकी थी। उन्होंने जूनियर मिस के स्टार के रूप में लोगों के दिलों पर राज करना शुरू कर दिया था।

जूनियर मिस न्यूयॉर्क शहर में बड़ी हो रही एक किशोरी की कहनी है। वह कम उम्र में फिल्मों में लगातार काम करती रही। हालांकि, उन्होंने हॉलीवुड से महज 22 साल की उम्र में ही रिटायरमेंट ले लिया। 1958 में उन्होंने शर्ले टेम्पल की स्टोरी बुक को नैरेट किया। यह बच्चों के लिए एक टेलीविजन सीरीज थी, जिसमें परिवार और दोस्तों से जुडडी कहानियां थी।


Google Doodle में क्या कहा गया?
कुछ फिल्मों को प्रसारित भी किया गया है। एक एक्ट्रेस और सिंगर होने के साथ साथ वह एक डिपलोमैट भी थी। उन्हें 1969 में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका का प्रतिनिधि बनाया गया। साल 1972 में संयुक्त राष्ट्र की कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मानव पर्यावरण पर अपने देश का प्रतिनिधित्व किया। गूगल डूडल की वेबसाइट पर कहा गया है, ‘घाना में एक राजदूत और पहली महिला चीफ ऑफ प्रोटोकॉल टू स्टेट डिपार्टमेंट के रूप में उनकी राजनयिक उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए साल 1988 में, उन्हें Honorary Foreign Service Officer नियुक्त किया गया था।’

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पूर्व CM कमल नाथ मेदांता अस्पताल में भर्ती

डेस्क।मध्य प्रदेश से बड़ी खबर सामने आई है कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता कमलनाथ की अचानक तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें आनन-फानन में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी जांच की जा रही है, बताया जाता है कि इस दौरान उनकी कोरोना जांच भी होगी।

सीने में दर्द के बाद आया तेज बुखार
दरअसल, बुधवार सुबह 10 के आसपास कमलनाथ को मेदांता अस्पताल के 15वें फ्लोर पर भर्ती किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, कमलनाथ को सीने में दर्द होने की शिकायत थी।

वहीं बुखार के अलावा कोरोना संक्रमण के अन्‍य लक्षण भी दिखाई दिए हैं। डॉक्टरों की टीम उनकी देखभाल कर रही है। वहीं सूचना के बाद कमलनाथ के बेटे और सांसद नकुल नाथ शाम को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। साथ ही एमपी और दिल्ली से भी कांग्रेस के कई नेता हॉस्पिटल पहुंचेंगे।

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Vat Savitri Vrat 2021: अखंड सौभाग्य का व्रत है वट सावित्री, जानें पूजा का समय और व्रत कथा

डेस्क।हिन्दू परंपराओं और रीति-रिवाजों अनुसार, महिलाएं वट सावित्री व्रत अपने अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु के लिए रखती हैं। हर साल यह व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या को रखा जाता है। इसी दिन शनि जयंती मनाने की भी परंपरा है।


इस बार खास बात यह है कि इस दिन सूर्यग्रहण भी लग रहा है। इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा करके और उसके चारों ओर परिक्रमा लगाकर यह व्रत किया जाता है और पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है। कुछ महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत भी करती हैं।


इस बार की ज्येष्ठ अमावस्या बेहद खास है क्योंकि इस बार 10 जून,2021 के दिन गुरुवार को अमावस्या के दिन साल 2021 का पहला सूर्यग्रहण लगेगा। यह सूर्य ग्रहण कंकणाकृति सूर्य ग्रहण होगा। ध्यान रहे ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले सूतक लग जाते हैं और पूजा-पाठ करना वर्जित होता है।


10 जून,2021 दिन गुरुवार को दोपहर 01 बजकर 42 मिनट से सूर्य ग्रहण आरंभ हो जाएगा जो शाम 06 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगा। इस तरह सूर्य ग्रहण की कुल अवधि लगभग पांच घंटे की रहेगी।

बता दें कि यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा। इस कारण सभी कार्य किए जा सकते हैं। महिलाएं भी बिना किसी संशय के पूजन कर सकती हैं, लेकिन इस दिन पूजा करने के शुभ मुहूर्त के साथ कुछ मुहूर्त ऐसे भी हैं जिनमें पूजन करना सही नहीं रहेगा।


आइए जानते हैं वट सावित्री व्रत का पूजा मुहूर्त, व्रत सामग्री, व्रत विधि और महत्व।

अमावस्या तिथि वट सावित्री पूजा का शुभ मुहूर्त :-

ज्येष्ठ अमावस्या तिथि आरंभ :- 9 जून,2021 दिन बुधवार दोपहर 01 बजकर 57 मिनट पर

ज्येष्ठ अमावस्या तिथि समाप्त :- 10 जून,2021 दिन गुरुवार शाम 04 बजकर 20 मिनट पर

वट सावित्री व्रत तिथि :- 10 जून दिन गुरुवार

वट सावित्री व्रत पारण :- 11 जून,2021 दिन शुक्रवार


शुभ काल :-

अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक
अमृत काल – सुबह 08 बजकर 08 मिनट से सुबह 09 बजकर 56 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 08 मिनट से सुबह 04 बजकर 56 मिनट तक

इस समय न करें पूजन :-

राहुकाल- दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से शाम 03 बजकर 47 मिनट तक
यमगण्ड- प्रातः 05 बजकर 44 मिनट से सुबह 07 बजकर 24 मिनट तक
आडल योग- प्रातः 04 बजकर 57 मिनट से सुबह 11 बजकर 45 मिनट तक
दुर्मुहूर्त- सुबह 10 बजकर 12 मिनट से से सुबह 10 बजकर 25 मिनट तक
कुलिक काल- सुबह 09 बजकर 05 मिनट से सुबह 10 बजकर 45 मिनट तक

पूजा सामाग्री :-

सावित्री-सत्यवान की प्रतिमाएं, बांस का पंखा, लाल कलावा (मौली) या सूत, धूप-दीप, घी-बाती, पुष्प, फल, कुमकुम या रोली, सुहाग का सामान, पूरियां, गुलगुले, चना, बरगद का फल, कलश जल भरा हुआ।


वट सावित्री व्रत विधि :-

सुबह प्रातः जल्दी उठें और स्नान करें। स्नान के बाद व्रत करने का संकल्प लें। शृंगार करें। इस दिन पीला सिंदूर लगाना शुभ माना जाता है। बरगद के पेड़ सावित्री-सत्यवान और यमराज की मूर्ति रखें। बरगद के पेड़ में जल डालकर उसमें पुष्प, अक्षत, फूल और मिठाई चढ़ाएं। सावित्री-सत्यवान और यमराज की मूर्ति रखें।

बरगद के वृक्ष में जल चढ़ाएं। वृक्ष में रक्षा सूत्र बांधकर आशीर्वाद मांगें। वृक्ष की सात बार परिक्रमा करें। इसके बाद हाथ में काले चना लेकर इस व्रत का कथा सुनें। कथा सुनने के बाद पंडित जी को दान देना न भूलें। दान में आप वस्त्र, पैसे और चने दें। अगले दिन व्रत को तोड़ने से पहले बरगद के वृक्ष का कोपल खाकर उपवास समाप्त करें।


वट सावित्री व्रत का महत्व :

वट सावित्री व्रत को सावित्री से जोड़ा गया है। वही सावित्री जिनका पौराणिक कथाओं में श्रेष्ठ स्थान है। कहा जाता है कि सावित्री अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस ले आईं थी। इस व्रत में महिलाएं सावित्री के समान अपने पति की दीर्घायु की कामना तीनों देवताओं से करती हैं ताकि उनके पति को सुख-समृद्धि, अच्छा स्वास्थ्य और दीर्घायु प्राप्त हो सके।

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15 दिन के अंतराल पर दूसरा ग्रहण, दुनिया में मच सकती है उथल-पुथल

डेस्क।इस साल का पहला सूर्य ग्रहण कल यानि 10 जून को लगने जा रहा है।हालांकि ये भारत के अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में ही दिखाई देगा। धार्मिक दृष्टि से भले ही ग्रहण लगना शुभ नहीं माना जाता हो लेकिन इस खगोलीय घटना का दीदार करने के लिए हर कोई उत्सुक रहता है।

आपको बता दें कि ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। भारतीय समयानुसार ये दोपहर 1.42 बजे शुरू होगा और शाम 6.41 बजे खत्म हो जाएगा। वलयाकार सूर्य ग्रहण की घटना यूं तो वर्ष में एक से अधिक बार होती है, लेकिन हर बार ही ये वैज्ञानिकों और खगोलीय घटनाओं में दिलचस्‍पी रखने वालों के लिए किसी अदभुत नजारे से कम नहीं होती है।


जानकारी के अनुसार भारत की बात करें तो इसे शाम लगभग 5:52 बजे इसे अरुणाचल प्रदेश में दिबांग वन्यजीव अभयारण्य के पास से देखा जा सकेगा। वहीं, लद्दाख के उत्तरी हिस्से में ये शाम लगभग 6 बजे दिखाई देगा। भारत के अलावा इस घटना को उत्तरी अमेरिका, उत्तरी कनाडा, यूरोप और एशिया, ग्रीनलैंड, रूस के बड़े हिस्‍से में भी देखा जा सकेगा।


हालांकि कनाडा, ग्रीनलैंड तथा रूस में वलयाकार जबकि उत्तर अमेरिका के अधिकांश हिस्सों, यूरोप और उत्तर एशिया में आंशिक सूर्य ग्रहण ही दिखाई देगा। वलयाकार सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूरज को इस तरह से ढक लेता है कि उससे केवल सूरज का बाहरी हिस्सा ही प्रकाशमान के तौर पर दिखाई देता है। इस दौरान सूरज का मध्‍य हिस्‍सा पूरी तरह से चंद्रमा के पीछे ढक जाता है।

आपको बता दें कि ये घटना उस वक्‍त घटती है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आ जाते हैं। ऐसे में कुछ समय के लिए चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य की रोशनी को रोक देता है। ऐसे में सूर्य ग्रहण होता है।

जब चंद्रमा के पीछे से धीरे-धीरे सूर्य की रोशनी बाहर आती है तो एक समय इसकी चमक किसी हीरे की अंगूठी की तरह प्रतीत होती है, जिसको रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है

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HBD : पहली फिल्म में हिट साबित होने के बाद भी आज गुमनामी की जिन्दगी जी रही है अमीषा पटेल

मुंबई।फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ से बॉलीवुड डेब्यू करने वाली बॉलीवुड की बोल्ड एक्ट्रेस अमीषा पटेल का करियर उतार चढ़ाव भरा रहा है. उन्होंने से एक बढ़कर एक 40 से ज्यादा फिल्में की हैं लेकिन वे लंबे समय से बड़े पर्दे से दूर हैं. 46 साल की अमीषा ने अब तक शादी नहीं की है।


साल 2000 में आई फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ ने फिल्म के लीड हीरो ऋतिक रोशन को तो बुलंदियों पर पहुंचा ही दिया था. फिल्म की लीड हीरोइन अमीषा पटेल भी रातों-रात स्टार बन गई थीं. सबको लगा था कि ऋतिक की तरह उनका भी सिक्का बॉलीवुड में चल निकलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ।


गदर एक प्रेम कथा, भूल भुलैया, हमराज़, जैसी इक्का-दुक्का ठीक ठाक फिल्मों के बाद अमीषा का फ़िल्मी करियर असफल साबित हुआ।


अमीषा इन दिनों स्कूलों के वार्षिकोत्सव, खेलों के पुरस्कार वितरण समारोहों और कभी बिग बॉस में दिखाई देती हैं. 40 फिल्मों में काम करने वाली अमीषा लंबे समय से बड़े पर्दे से दूर हैं।


मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो डायरेक्टर विक्रम भट्ट के साथ अफेयर के चलते भी अमीषा को उनकी मां ने चप्पल से पीट दिया था और घर से बाहर निकाल दिया था. हालांकि 2012 में अमीषा की मां ने खुलासा किया था कि उन्होंने बेटी से सारे गिले शिकवे भुला दिए हैं।


अमीषा की आखिरी फिल्म भैयाजी सुपरहिट थी जो कि 2018 में आई थी और ये भी सुपरफ्लॉप साबित हुई थी. फिल्मों में काम करते हुए अमीषा का नाम कई विवादों में भी उछला. वह अपने परिवार के साथ ही विवादों के चलते सुर्खियों में रहीं।

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बंद होगा सीजी टीका पोर्टल, टीएस सिंहदेव ने कहा-केन्द्र सरकार के टीके कोविन पर ही होंगे रजिस्टर

रायपुर।स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि सीजी टीका पोर्टल बंद होगा। जब तक राज्य सरकार की ओर से टीकाकरण होगा,तब तक सीजी टीका पोर्टल रहेगा,उसके बाद बंद हो जाएगा।

उन्होंने कहा है कि 21 जून से 18 प्लस आयु वर्ग का वैक्सीनेशन केंद्र सरकार करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह घोषणा कर दी है, लेकिन अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।


अब तक 18 से 44 आयु वर्ग के लिए प्रदेश सरकार वैक्सीन खरीद रही थी। हमने टीकाकरण के लिए अलग पोर्टल बनाया था।

अब राज्य सरकार की खरीदी के बाहर के टीके कोविन पोर्टल पर ही रजिस्टर होंगे। बुधवार को विभागीय बैठक होने वाली है,इसके बाद सरकार बताएगी कि आगे टीकाकरण किस तरह से होगा।

प्रदेश में वैक्सीन की उपलब्धता के हिसाब से राज्य सरकार को फिर वैक्सीन खरीदनी पड़ेगी। इस पर भी बुधवार को बैठक में निर्णय लिया जाएगा।

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सनातनियो की कायरता ने महादेव के हाथ में शराब का गिलास पकड़वा दिया-दिव्य अग्रवाल

मार्क जुगरबर्ग अपनी सफलता का श्रेय भारत के नीम करोली बाबा को देते है जिन्हें भारत के लोग हनुमान जी की तरह पूजते है तो फिर वो मार्क जुगरबर्ग जब कुछ नही थे तो सनातन सभ्यता में विश्वास रखते थे पर आज फेसबुक एवम इंस्टाग्राम के मालिक बनने के बाद उसी सनातन सभ्यता का मजाक बनाते हुए इंस्टाग्राम की एक गलिम्प्सि/स्टीकर में देवो के देव महादेव के हाथ में शराब का गिलास पकड़ा देते है ।

ये वो इंस्टाग्राम है जिस्का उपयोग पूरी दुनिया करती है तो इस तरह के अपमानित स्टिकर बनाकर पूरी दुनिया मे सनातन संस्कृति को बदनाम क्यों करना चाहते हैं । इसका मूलभूत कारण है कि हिन्दू धर्म मे आपसी सदभाब की भावना इतनी प्रबल है कि कोई भी नेता हो या अभिनेता,बुद्धिजीवी हो या अनपढ़ विश्व की सबसे पुरानी संस्कृति का अपमान आसानी से कर देता है ।

चाहे मुद्दा वेब सीरीज का हो या पिक्चरों का हर जगह हिन्दू सभ्यता का मजाक खुलकर उड़ा दिया जाता है । क्या कोई भी देश चाहे वो ईसाइयों का हो या मुस्लिमो का हो क्या अपनी सभ्यता के प्रति इस तरह की अपमानजनक स्थिति को बर्दाश्त करते हैं, नही बिल्कुल भी बर्दाश्त नही करते क्योंकि उन लोगो के लिए पहले अपनी सभ्यता है बाद में बाकी सब कुछ । भारत सरकार को इस तरह की अपमानजनक हरकतों का संज्ञान तुरंत लेकर कठोर कारीवाही करनी चाहिए।

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Kanpur Accident News: भीषण हादसा, बस और टैम्पो की टक्कर में 16 लोगों की मौत

Kanpur Accident News: भीषण हादसा, बस और टैम्पो की टक्कर में 16 लोगों की मौत कानपुर में मंगलवार की रात भीषण हादसा हो गया। सचेंडी के किसान नगर के पास मंगलवार रात टेंपो और बस में भीषण टक्कर में टैम्पो के परखचे उड़ गए। टैम्पो सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में पलट गई। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई है। पांच लोग घायल हैं। मरने वाले सभी टैम्पो सवार थे। यह लोग बिस्कुट फैक्ट्री में काम करने के लिए जा रहे थे। 

हादसे की सूचना मिलते ही कानपुर आउटर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और घायलों आनन-फानन लोडर और पुलिस की गाड़ियों से हैलट पहुंचाया गया। रात के अंधेरे की वजह से बचाव काम भी देर से शुरू हो पाया। मुख्यमंत्री ने हादसे को लेकर गहरा दुख जताया और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। 

बताया जाता है कि सक्तेपुर निवासी टैम्पो चालक मान सिंह बिस्कुट बनाने वाली फैक्ट्री के लिए काम करता है। वह रोज रात में 17-18 कर्मियों को लेकर फैक्ट्री जाता था। मंगलवार को भी वह कर्मचारियों को लेकर फैक्ट्री जा रहा था। इसी दौरान फजलगंज से अहमदाबाद जाने के लिए निकली बस ने किसान नगर के पास टैम्पो में जोरदार टक्कर मार दी। 

हादसे  के बाद बस और टैम्पो दोनों सड़क किनारे सात फीट गहरे गड्ढे में पलट गए। टैम्पो के परखचे उड़ गए। सूचना पर एसपी आउटर एपी सिंह फोर्स के साथ मौके पहुंचे। राहत कार्य के दौरान बस के नीचे और टेंपो के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया गया। भीषण हादसे में टैम्पो सवार 15 लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। एक ने हैलट में दम तोड़ा। घायलों को हैलट भेजा गया। मरने वाले सभी टैम्पो सवार हैं। बस सवारों को भी चोट लगी है।

हैलट में आईजी मोहित अग्रवाल और एडिशनल सीपी कानून व्यवस्था आकाश कुलहरि ने पहले से ही स्ट्रेचर और डॉक्टरों की टीम के साथ अलर्ट खड़े रहे। जैसे ही घायलों को लेकर गाड़ियां पहुंचीं उनका तुरंत इलाज शुरू हो गया। 

मृतकों की शिनाख्त करने का प्रयास
मृतकों का शिनाख्त के लिए पुलिस उनके दस्तावेजों और आईडी कार्ड को इकट्ठा करने में जुटी रही। बिस्कुट फैक्ट्री के मालिक को सूचना भिजवाई गई है। उनके जरिए मृतकों और घायलों के परिजनों को सूचना दी जा रही है।

बिहार में ‘लॉकडाउन’ समाप्त

डेस्क।बिहार में कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी होने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को लॉकडाउन समाप्त होने की घोषणा कर दी। हालांकि उन्होंने अभी भी भीडभाड से बचने की सलाह दी है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से खुद इसकी घोषणा करते हुए ट्वीट करते हुए लिखा, ”लॉकडाउन से कोरोना संक्रमण में कमी आई है। अत: लॉकडाउन खत्म करते हुए शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रि कर्फ्यू जारी रहेगा। 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ सरकारी एवं निजी कार्यालय 4 बजे अपराह्न् तक खुलेंगे। दुकान खुलने की अवधि 5 बजे अपराह्न् तक बढेगी।”
उन्होंने लोगों को भीडभाड से बचने की सलाह देते हुए आगे लिखा, ” आनलाईन शिक्षण कार्य किये जा सकेंगे। निजी वाहन चलने की अनुमति रहेगी। यह व्यवस्था अगले एक सप्ताह तक रहेगी। अभी भी भीड़भाड़ से बचने की आवश्यकता है।”

इससे पहले आपदा प्रबंधन समूह की बैठक के बाद लॉकडाउन की विस्तृत समीक्षा के बाद नीतीश कुमार ने यह घोषणा की है।

उल्लेखनीय है कि बिहार में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या पर अंकुष लगाने के लिए राज्य में पांच मई से लॉकडाउन लगाया गया था, जिसके आपदा प्रबंधन समूह की बैठक के बाद समय-समय पर इसे विस्तारित किया जाता रहा।

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Kanpur Accident News: भीषण सड़क हादसा, बस-जेसीबी और टैम्पो में टक्कर, 16 की मौत, कई गंभीर

Kanpur Accident News: भीषण सड़क हादसा, बस-जेसीबी और टैम्पो में टक्कर, 16 की मौत, कई गंभीर: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur) में मंगलवार की रात भीषण हादसा (Road Accident) हो गया। एसी बस (AC BUS), जेसीबी (JCB) और टैम्पो (TEMPO) की टक्कर में 16 लोगों की मौत हो गई। थाना सचेंडी (Sachedi) के पास एक बिस्कुट फैक्टरी के सामने हादसा हुआ।

घटना के बाद से अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी घायलों को लोडर की मदद से कानपुर हैलट ले जाया जा रहा है। मौतों और घायलों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंची पुलिस बचाव और राहत कार्य में जुट गई है।

Kanpur Accident News

सीएम योगी (UP CM Yogi Adityanath) ने भी इस भीषण सड़क हादसे पर गहरा दुख जताया है, वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर हरसंभव सहायता करने के दिए निर्देश भी सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए हैं

प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो हादसे के बाद आनन-फानन में पुलिस की गाड़ियों और सचेंडी पीएचसी-सीएचसी से एंबुलेंस तत्काल ही मौके पर पहुंची, रात के भयंकर अंधेरे में गाड़ियों की रोशनी में ही जेसीबी (JCB) के नीचे दबे घायलों को निकाला गया, इन सबके बीच दुखद यह रहा कि घायलों को जब तक अस्पताल लाया गया तब तक उनमे से 16 लोग अपनी जान गवां चुके थे , हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं अभी यह स्पष्ट नहीं है। हैलट अस्पताल की इमरजेंसी में हाहाकार की स्थिति है।

पुलिस के अनुसार प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि टैम्पो सवार 12 लोग सचेंडी स्थित एक बिस्कुट फैक्ट्री में काम करने जा रहे थे। सामने से आ रही बस ने टक्कर मार दी। इससे टैम्पो के परखच्चे उड़ गए। उसमें सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

सिवनी: नीलगाय का करेंट लगाकर शिकार करने वाले तीन आरोपित पहुंचे जेल

सिवनी, 08 जून। जिले के दक्षिण सामान्य वनमंडल के परिक्षेत्र खवासा सामान्य के बीट पिंडरई अंतर्गत वन्यप्राणी मादा नीलगाय का करेंट लगाकर शिकार करने वाले 03 व्यक्तियों को वन विभाग के अमले ने गिरफ्तार कर मंगलवार को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया है जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी खवासा सामान्य घनश्याम दास चतुर्वेदी ने मंगलवार की शाम को जानकारी दी कि मुखबिर की सूचना पर परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले बीट पिंडरई के वनकक्ष क्रमांक पी.एफ.355 से लगे ग्राम पिंडरई में सोमवार को किरण पुत्र गुलाव धुर्वे के घर दबिश दी गई जहां पर घर में रखे फ्रिज में मादा नीलगाय का कच्चा मांस 10 किलोग्राम बरामद किया गया है।

किरण धुर्वे ने वन विभाग को पूछताछ में बताया कि रविवार 06 जून की रात्रि में ग्राम पिडंरई निवासी धारासिंह पुत्र भैयालाल बरकडे और रमेश पुत्र सूजन काकोडे के साथ मिलकर उसने जंगल में करेंट लगाकर नीलगाय का शिकार किया और उसका मांस सब्जी बनाने के लिए फ्रिज में रखा और अन्य अवशेष को वनक्षेत्र के पास नाले में दबा दिया है।

आगे बताया गया कि आरोपित द्वारा बताये गये वनक्षेत्र से मृत नीलगाय के अवशेष रेत में गड़े हुऐ एवं मौके पर करेंट लगाने में उपयोग की गई बांस की खूंटिया जब्त की गई है। और अन्य सहयोगी धारासिंह एवं रमेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई जहां दोनो आरोपितों ने किरण के साथ नीलगाय को करेंट लगाकर शिकार करना स्वीकार किया।

और नीलगाय का शिकार करने व काटने में उपयोग की सामग्री जी.आई.तार. बांस की खूटियां , कुल्हाडी, पावसी, चाकू धारा बरकडे के खेत से बरामद की गई है। जिस पर वन विभाग ने तीनों आरोपितों के क्रमशः किरण (29) पुत्र गुलाब धुर्वे , धारासिंह (54) पुत्र भैयालाल वरकडे, रमेश(52) पुत्र सुजन काकोडे तीनो निवासी ग्राम पिडरई के विरूद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2(16).9.39 सहपठित 51, 52 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मंगलवार को जिला न्यायालय सिवनी के समक्ष पेश किया है। जहां से जिला न्यायालय के आदेश उपरांत तीनो आरोपितों को जेल भेज दिया गया है।

सिवनी: नाबालिग को नागपुर ले जाकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी की जमानत खारिज

सिवनी । जिला न्यायालय के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश लखनादौन श्री संजय राज ठाकुर ने मंगलवार को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपित की जमानत याचिका खारिज की है।

जिला न्यायालय के मीडिया सेल प्रभारी मनोज कुमार सैयाम ने मंगलवार की देर शाम को जानकारी दी कि लखनादौन थाना अंतर्गत 27 सितंबर 20 को नाबालिग के पीडित पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बेटी को अज्ञात व्यक्ति ने बहला फुसलाकर भगाकर ले गया है।

जिस पर लखनादौन थाना में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान नाबालिग पीडिता ने बताया कि रायचैर निवासी आसिफ (24) पुत्र आजाद खान उसकी जान पहचान का था उसे शादी का प्रलोभन देकर उसे नागपुर लेकर गया और किराया का कमरा लेकर उसके साथ मारपीट कर जबदस्ती शारीरिक संबंध बनाये और 19 जनवरी 21 को अकेला छोडकर भाग गया जिस पर वह बस से वापस अपने घर आई और यह घटना अपने माता-पिता को बताई।

आगे बताया गया कि विवेचना उपरांत लखनादौन पुलिस ने प्रकरण द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश लखनादौन के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय में आरोपित द्वारा जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। जिस पर श्रीमती निर्जल मर्सकोले अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी के द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई, जिसमें न्यायालय द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपित आसिफ खान की जमानत आवेदन को निरस्त करने का आदेश जारी किया गया ।

Instagram ने भगवान शिव के हाथ में थमाया वाइन ग्लास, GIF Viral होते ही Instagram के खिलाफ शिकायत दर्ज

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) पर वाइन ग्लास के साथ भगवान शिव (Lord Shiva) के GIF को लेकर विवाद बढ़ने लगा है जो की बढ़ना ही था जबसे सोशल मीडिया पर लोगों ने instagram के खिलाफ मोर्चा खोला है तभी से इस मामले को बढ़ने के आसार नज़र आ रहे थे .

भगवान शिव के इस विवादित GIF को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इंस्टाग्राम की आलोचना की है. इंस्टाग्राम पर भगवान शिव के इस GIF को देखकर लोगों की भावनाए आहत हुई हैं, जिसमें महादेव अपने हाथ में वाइन का ग्लास थामे नजर आ रहे हैं.

कई यूजर्स ने इंस्टाग्राम पर दिखाई देने वाले नए GIF को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया. वायरल हो रहा जीआईएफ तब सामने दिखाई देता है, जब कोई यूजर ऐप पर शिव (Shiva) सर्च करता है.

इससे पहले, कर्नाटक के लोगों को चोट पहुंचाने के लिए अमेजन और गूगल की भी आलोचना हुई थी. अमेजन को तब आलोचना का सामना करना पड़ा, जब उपयोगकर्ताओं ने दावा किया कि कर्नाटक ध्वज और प्रतीक के रंगों वाली एक बिकिनी कनाडा की साइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है. इस बीच गूगल को एक सर्च रिजल्ट के लिए लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा, जिसने कन्नड़ को भारत की सबसे बदसूरत भाषा के रूप में दिखाया था.

देखें ट्वीट

ये भगवान शिव का अनादर

इंस्टाग्राम पर Shiva सर्च करने पर

दिल्ली में इंस्टाग्राम के खिलाफ एफआईआर दर्ज

हृदय को झकझोर देने वाला यह कृत्य, दफनाने के बजाय नवजात को फेंका – MP NEWS

गुना । जुड़वा बच्चे पैदा होने के दौरान उनमें से एक की मृत्यू हो जाने पर उसे दफनाने की रस्म निभाने की बजाए फेंक दिए जाने का मामला सामने आया है। ह्दय को झकझोर देने वाला यह कृत्य किसी और ने नहीं बल्कि नवजात के दादा और पिता ने किया है।

मामला शहर के महावीरपुरा ओवरब्रिज के पास मिले नवजात के शव से जुड़ा है। पुलिस ने आरोपित पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पुलिस ने एक पिन की मदद से नवजात के परिजन को खोज निकालते हुए घटना का खुलासा किया।

पिन की मदद से परिजनों तक पहुंची पुलिस

एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने मंगलवार को बताया कि दो दिन पहले शहर के महावीरपुरा ओवरब्रिज के पास एक नवजात का शव मिलने की सूचना मिली थी। जिस पर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को बरामद किया।

मामले को लेकर एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने डीएसपी प्रशांत शर्मा के नेतृत्व में थाना कोतवाली गुना से पुलिस की एक टीम गठित कर शव को लावारिस हालत में सडक़ किनारे फेंकने वालों की पतारसी कर उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए जांच के दौरान पुलिस को बच्चे के पेट पर नाड़ी में एक पिन लगी मिली, जिससे बच्चे का जन्म किसी अस्पताल में होना सामने आने पर पुलिस द्वारा शहर की अस्पतालों में इस बारे में पता किया तो जिला चिकित्सालय में नवजात के परिजन मिल गए।

जुड़वा बच्चों को दिया था जन्म, एक की हो गई थी मृत्यू

एसपी ने बताया कि जिला अस्पताल से जानकारी लेने पर पता चला कि संदीप पुत्र गुलाब सिंह मीना निवासी ग्राम बीलाखेड़ी, थाना चांचौड़ा की पत्नी द्वारा दो जुड़वा बच्चों को जिला चिकित्सालय में जन्म दिया था, इनमें से एक की मृत्यु होने पर बच्चे के शव को उसके पिता संदीप मीना व दादा गुलाब सिंह मीना को सौंप दिया गया था।

इसके बाद वह शव लेकर चले गए थे। इतनी जानकारी मिलने के बाद पुलिस द्वारा अस्पताल में संदीप मीना व गुलाब सिंह मीना को तलाश कर नवजात शव के संबंध में पूछताछ करने पर उनके द्वारा बच्चे के शव को बूढ़े बालाजी तरफ कहीं दफना देना बताया गया, किन्तू जब पुलिस द्वारा शव दिखाने के लिए बोला तो वह हड़बड़ा गए और असली कहानी पुलिस के सामने उगल दी।

पिता-पुत्र ने बताया कि शव को दफनाने के बजाए वह उसे ओव्हरब्रिज के पास फैंककर वापस अस्पताल आ गए थे। एसपी ने बताया कि दोंनो आरोपितों का यह कृत्य भारतीय दण्ड विधान की धारा 297 के दहत दण्डनीय होने से दोनों के विरूद्ध थाना कोतवाली गुना में अप.क्र. 474/21 धारा 297, 34 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया गया एवं दोंनो को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही की गई।

MP: भोपाल सहित कई जिलों में तेज बारिश – MP Weather Update

भोपाल । केरल सहित दक्षिण भारत में मानसून दस्तक दे चुका है। यही वजह है कि मध्यप्रदेश में भी पिछले एक सप्‍ताह से प्री-मानसून गतिविधियों के चलते लगातार बारिश का दौर जारी है।

मंगलवार को राजधानी भोपाल में शाम से देर रात तक बारिश ने तरबतर कर दिया, जबकि प्रदेश के कटनी, छिंदवाड़ा और देवास समेत कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में गरज चमक के साथ तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।

बता दें कि देश के हिस्‍सों में प्री मानसून की गतिविधि तेज हो गई है जिसके चलते प्रदेश के मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में भी मानसूनी हलचत तेज हो गई है। यही कारण के सूबे के जिलों में पिछले एक सप्‍ताह से बारिश का दौर बना हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके बढऩे के साथ ही मध्य प्रदेश में दो दिशाओं से मानसून के प्रवेश करने की संभावना बढ़ गई है। उधर मौजूदा स्थिति में वातावरण में लगातार नमी मिल रही है। जिसके चलते राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। इसमें इंदौर में 22.6 एमएम, शाजापुर में 9.0 एमएम, भोपाल में 6.2 एमएम, खजुराहो में 2.8 एमएम, रायसेन में 6.4 एमएम, भोपाल सिटी 16.2 एमएम और जबलपुर और उज्जैन में बूंदाबांदी दर्ज की गई।

प्रदेश के इन जिलों में बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार राजधानी भोपाल सहित होशंगाबाद ,ग्वालियर, चंबल और इंदौर संभाग, सागर संभाग और जबलपुर संभाग के कुछ जिलों में गरज चमक के तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश में 20 जून तक पहुंच सकता है मानसून

केरल सहित दक्षिण भारत में मानसून दस्तक दे चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि 20 जून तक मध्य प्रदेश में भी मानसून दस्तक दे देगा। ऐसे में प्रदेश में प्री मानसून का दौर शुरू हो गया है।

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में नए सत्र 2021-22 के लिए प्रवेश अधिसूचना जारी – @mcu.ac.in

भोपाल: एशिया के पहले पत्रकारिता शिक्षा विश्वविद्यालय के रूप में प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय आगामी नए शैक्षणिक सत्र 2021-22 से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की पहल कर रहा है।

सोमवार को विश्वविद्यालय द्वारा अपने विभिन्न परिसरों के 29 पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके अनुसार 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। आगामी शिक्षा सत्र से 3/4 वर्षीय सात ग्रेजुएट ऑनर्स पाठ्यक्रम नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप होंगे, जबकि फिल्म और ग्रामीण पत्रकारिता में दो नए पी.जी. डिप्लोमा भी शुरू किए गए हैं।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.जी. सुरेश ने कहा है कि विश्वविद्यालय के नए सत्र 2021-22 में सात पाठ्यक्रमों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (हृश्वक्क 2020) के अनुसार तैयार किया गया है, इन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को मल्टीपल एग्जिट – एंट्री सिस्टम सहित अन्य प्रावधानों की सुविधा मिलेगी। आगे हम नई शिक्षा नीति को पूर्ण रूप से लागू करेंगे।

विश्वविद्यालय द्वारा पत्रकारिता, जनसंचार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, न्यू मीडिया, फिल्म प्रोडक्शन, विज्ञापन एवं जनसंपर्क, मीडिया मैनेजमेंट, कंप्यूटर साइंस एवं एप्लीकेशन तथा लाइब्रेरी एवं इंफॉर्मेशन साइंस से संबंधित डिप्लोमा, डिग्री एवं रिसर्च के 29 पाठ्यक्रमों के लिए भोपाल, रीवा तथा खंडवा परिसर में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

आगामी शिक्षा सत्र से विश्वविद्यालय अपने खंडवा परिसर में फिल्म अभिनेता किशोर कुमार की स्मृति में फिल्म पत्रकारिता तथा रीवा परिसर में ग्रामीण पत्रकारिता में एक वर्षीय पी.जी. डिप्लोमा भी शुरू कर रहा है।

सभी पाठ्यक्रमों की सीमित सीटों के लिए मेरिट आधार पर होने वाले प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है, जबकि प्रथम चयन सूची 12 अगस्त को जारी की जाएगी। विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।

MP Education Portal: निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के लिये आवेदन 10 जून से प्रारंभ

MP Education Portal: निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के लिये आवेदन 10 जून से प्रारंभ: शिक्षा का अधिकार कानून के तहत, सत्र 2021-22 में प्रायवेट स्कूलों की प्रथम कक्षा में निःशुल्क प्रवेश के लिये ऑनलाइन आवेदन 10 जून 2021 से किए जा सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2021 निर्धारित की गई है। इस संबंध में आर.टी.ई पोर्टल www.educationportal.mp.gov.in/Rte Portal पर ऑनलाइन आवेदन-पत्र का प्रारूप उपलब्ध कराया गया है।

पात्रतानुसार निजी विद्यालय में निःशुल्क प्रवेश के लिए आवेदकों का चयन, ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 6 जुलाई 2021 को किया जायेगा। इस वर्ष की निःशुल्क प्रवेश प्रक्रिया में कोविड-19 से माता-पिता या अभिभावक की मृत्यु के कारण अनाथ हुए बच्चों को ऑनलाइन लॉटरी में प्राथमिकता दी जायेगी।

संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र श्री धनराजू एस ने इस संबंध में समय-सारणी जारी करते हुए सभी ज़िला कलेक्टर्स एवं अन्य अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिये हैं। निर्देश और समय-सारणी आर.टी.ई पोर्टल पर भी उपलब्ध हैं।

समय-सारणी के अनुसार, वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के आवेदक अपना आवेदन ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से 10 से 30 जून 2021 तक जमा कर पंजीयन कर सकते हैं। फार्म के साथ पात्रता संबंधित कोई भी एक दस्तावेज अपलोड किया जाना होगा।

MP Education Portal Online Admission Form

ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदकों को इसी अवधि में दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित संकुल केन्द्र वाले स्कूल में अधिकृत सत्यापनकर्ता अधिकारी से करवाना होगा। आवेदक ने आर.टी.ई. में निःशुल्क प्रवेश के लिये जिस केटेगरी या निवास क्षेत्र के माध्यम से प्रवेश चाहा है, उस केटेगरी और निवास प्रमाण का सत्यापन, संबंधित मूल प्रमाण-पत्र से किया जायेगा।

लाटरी के पूर्व ही दस्तावेज सत्यापन हो जाने से आवेदकों को स्कूल आवंटित होने के बाद दस्तावेजों की त्रुटि या अभाव में, एडमिशन निरस्त होने की समस्या उत्पन्न नहीं होगी।

educationportal.mp.gov.in

ऑनलाइन आवेदन करने में कोई समस्या या कठिनाई होने की स्थिति में संबधित विकासखंड के बीआरसी कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। एन.आई.सी. द्वारा 6 जुलाई 2021 को पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से छात्रों को निजी स्कूलों में सीट का आवंटन किया जायेगा।

लॉटरी प्रक्रिया के बाद आवंटित सीट की जानकारी आवेदक को उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से दी जायेगी। ऑनलाइन लॉटरी की सूची आर.टी.ई. पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेगी। साथ ही स्कूल आवंटन की जानकारी बीआरसीसी कार्यालय के सूचना पटल पर भी दर्शित की जायेगी।

MP Education Portal

किसी आवेदक को आवेदन प्रारुप प्राप्त करने अथवा जमा करने में कोई दिक्कत हो या उन स्कूलों की जानकारी चाहिए हों, जहाँ सीटें खाली हैं, तो आर.टी.ई. पोर्टल, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सर्व शिक्षा अभियान के ज़िला परियोजना कार्यालय अथवा विकासखण्ड स्रोत केन्द्र कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।

नर्सरी, के.जी.-1 और के.जी-2 कक्षाओं में प्रवेश के लिये न्यूनतम आयु 3 से 5 वर्ष और कक्षा-1 मे प्रवेश के लिये न्यूनतम आयु 5 वर्ष से अधिकतम 7 वर्ष तक निर्धारित की गयी है। आयु के संबंध में मूल प्रति से मिलान न करने की स्थिति में अथवा मूल प्रति प्रस्तुत न करने की स्थिति में आवेदक को अपात्र माना जायेगा।

सत्र 2021-22 में प्रवेश के लिये आवेदक की आयु की गणना 16 जून 2021 की स्थिति में की जायेगी। आवेदक द्वारा जन्म प्रमाण-पत्र में अंकित तिथि ही ऑनलाइन आवेदन में दर्ज की जाये।

MP Education Portal: 2021-22 में नि:शुल्क प्रवेश के लिये समय-सारणी

क्र.गतिविधियाँसमय-सीमा
1.पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन एवं त्रुटि सुधार के लिये विकल्प10 से 30 जून तक
2.ऑनलाइन आवेदन के बाद पोर्टल से पावती 2 प्रति में डाउनलोड कर मूल दस्तावेजों से निकट के सत्यापन केन्द्र (शासकीय जनशिक्षा केन्द्र) में सत्यापनकर्ता अधिकारियों से सत्यापन कराना।सत्यापन अधिकारी द्वारा मूल दस्तावेजों से सत्यापन किया जायेगा एवं सत्यापन अधिकारी द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से सत्यापन किया जायेगा। आवेदक का सत्यापन केन्द्र पर ही सत्यापन एप पर दर्ज किया जायेगा।सत्यापन पंजीयन के बाद आवेदक के पंजीकृत मोबाइल नम्बर पर पात्र या अपात्र होने संबंधी एसएमएस भेजा जायेगा। सत्यापन के बाद यदि आवेदक को अपात्र किया गया है, तो एसएमएस में अपात्र किये जाने का कारण भी प्रदर्शित होगा।14 जून से 1 जुलाई, 2021 तक
3.रेण्डम पद्धति से ऑनलाइन लॉटरी द्वारा स्कूल का आवंटन एवं चयनित आवेदकों को एसएमएस द्वारा सूचना6 जुलाई, 2021
4.जिस बच्चे को ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से स्कूल आवंटन हुआ है, उसके द्वारा पोर्टल से आवंटन-पत्र डाउनलोड कर आवंटित स्कूल में प्रवेश के लिये उपस्थित होकर प्रवेश प्राप्त करना। प्रवेश लेते समय ही संबंधित अशासकीय स्कूल द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से एडमिशन रिपोर्टिंग करने पर पोर्टल द्वारा आवेदक के पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस प्राप्त होना। एडमिशन लेने के 15 दिवस में बच्चे का आधार सत्यापन करना अनिवार्य है।6 जुलाई से 16 जुलाई, 2021 तक
5.द्वितीय चरण लॉटरी के लिये रिक्त सीटों को पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाना।19 जुलाई, 2021
6.द्वितीय चरण के लिये स्कूलों की च्वाइस को अपडेट किया जाना19 जुलाई से 25 जुलाई, 2021
7.द्वितीय चरण से ऑनलाइन लॉटरी द्वारा स्कूल का आवंटन28 जुलाई, 2021
8.जिस बच्चे को ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से स्कूल आवंटन हुआ है, उसके द्वारा पोर्टल से आवंटन-पत्र डाउनलोड कर आवंटित स्कूल में प्रवेश के लिये उपस्थित होकर प्रवेश प्राप्त करना। प्रवेश लेते समय ही संबंधित अशासकीय स्कूल द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से एडमिशन रिपोर्टिंग दर्ज करना अनिवार्य है। संबंधित अशासकीय स्कूल द्वारा एडमिशन रिपोर्टिंग करने पर पोर्टल द्वारा आवेदक के पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस प्राप्त होना। एडमिशन लेने के 15 दिवस में बच्चे का आधार सत्यापन करना अनिवार्य है।28 जुलाई से 7 अगस्त, 2021 तक

MP: 2020-21 की रिक्त सीटों पर निःशुल्क प्रवेश के लिये जानकारी

कोविड-19 के कारण शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधान के तहत सत्र 2020-21 के प्रवेश नही हो पाये थे, परन्तु आरटीई प्रावधान के तहत जो बच्चे आयु अनुरूप सत्र 2020-21 के लिये पात्र थे, उन पात्र बच्चों को इस योजना का लाभ हो सके, इसे ध्यान में रखते हुए जिन आवेदकों द्वारा सत्र 2020-21 के लिये आवेदन किये जायेंगे, उनकी आयु की गणना 16 जून 2020 की स्थिति से की जायेगी।

सत्र 2020-21 के लिए आवेदन करने की स्थिति में आवेदक/अभिभावक के लिये यह स्पष्ट किया गया है कि उक्त सत्र में बच्चे को आवटित कक्षा नोशनल (Notional) होगी। यानी प्रवेशित बच्चा, वास्तविक रूप से प्रवेश की अगली कक्षा में पढ़ेगा।सत्र 2020-21 की कक्षाओं में प्रवेश हेतु समय सारणी

क्र.गतिविधियाँसमय-सीमा
1.पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन एवं त्रुटि सुधार के लिये विकल्प7 से 20 जुलाई, 2021 तक
2.ऑनलाइन आवेदन के बाद पोर्टल से पावती 2 प्रति में डाउनलोड कर मूल दस्तावेजों से सत्यापन केन्द्रों में सत्यापनकर्ता अधिकारियों से सत्यापना करना।सत्यापन अधिकारी द्वारा मूल दस्तावेजों से सत्यापन किया जायेगा और सत्यापन अधिकारी द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से सत्यापन किया जायेगा। आवेदक का सत्यापन केन्द्र पर ही सत्यापन एप पर दर्ज किया जायेगा।सत्यापन पंजीयन के बाद आवेदक के पंजीकृत मोबाइल नम्बर पर पात्र/अपात्र होने संबंधी एसएमएस भेजा जायेगा। सत्यापन के बाद यदि आवेदक को अपात्र किया गया है, तो एसएमएस में अपात्र किये जाने का कारण भी प्रदर्शित होगा।8 से 21 जुलाई, 2021 तक
3.रेण्डम पद्धति से ऑनलाइन लॉटरी द्वारा स्कूल का आवंटन एवं चयनित आवेदकों को एसएमएस द्वारा सूचना26 जुलाई, 2021
4.जिस बच्चे को ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से स्कूल आवंटन हुआ है, उसके द्वारा पोर्टल से आवंटन-पत्र डाउनलोड कर आवंटित स्कूल में प्रवेश के लिये उपस्थित होकर प्रवेश प्राप्त करना। प्रवेश लेते समय ही संबंधित अशासकीय स्कूल द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से एडमिशन रिपोर्टिंग दर्ज करना अनिवार्य है। संबंधित अशासकीय स्कूल द्वारा एडमिशन रिपोर्टिंग करने पर पोर्टल द्वारा आवेदक के पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस प्राप्त होना। एडमिशन लेने के 15 दिवस में बच्चे का आधार सत्यापन करना अनिवार्य है।26 जुलाई से 7 अगस्त, 2021 तक

ICSI CS June 2021 exam revised time table 2021 @icsi.edu

ICSI CS जून 2021 परीक्षा संशोधित कार्यक्रम: ICSI CS जून 2021 की परीक्षा अब 10 अगस्त से 20 अगस्त तक होगी। प्रतियोगी परीक्षा

ICSI CS जून 2021 परीक्षा संशोधित समय सारणी जारी, इसे यहां देखें

ICSI CS जून 2021 परीक्षा संशोधित कार्यक्रम: इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) ने फाउंडेशन प्रोग्राम, एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम और प्रोफेशनल प्रोग्राम के लिए CS परीक्षाओं की संशोधित परीक्षा तिथियां जारी कर दी हैं।

आईसीएसआई सीएस परीक्षा संशोधित समय सारणी: भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) ने सोमवार, 7 जून को फाउंडेशन कार्यक्रम, कार्यकारी कार्यक्रम और पेशेवर कार्यक्रम के लिए सीएस परीक्षाओं की संशोधित परीक्षा तिथियों की घोषणा की। परीक्षा अब 10 अगस्त से 20 अगस्त तक होगी।

पहले यह परीक्षा 1 जून से 10 जून तक होने वाली थी

आधिकारिक अधिसूचना में लिखा है, “यह 4 मई 2021 की पिछली महत्वपूर्ण परीक्षा घोषणा के क्रम में है। इसके द्वारा यह घोषणा की जाती है कि फाउंडेशन कार्यक्रम, कार्यकारी कार्यक्रम (पुराना और नया पाठ्यक्रम) और व्यावसायिक कार्यक्रम (पुराना और नया पाठ्यक्रम) के लिए सीएस परीक्षाएं। अब 1 अगस्त से होगी। 2021 से 20 अगस्त 2021″।

उम्मीदवार आईसीएसआई की आधिकारिक वेबसाइट https://www.icsi.edu/home/ पर अधिसूचना देख सकते हैं।

Vaccine After Covid 19: क्या आपको कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद 3 महीने तक इंतजार करने की जरूरत है?

Vaccine After Covid: क्या आपको कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद 3 महीने तक इंतजार करने की जरूरत है? और Vaccine After Covid: अगर मुझे कोविड हो गया है, तो कितने दिनों के बाद मैं खुद को टीका लगवा सकता हूं? स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को 2 महीने में पहली बार भारत के दैनिक कोविड मामले 1 लाख से नीचे गिर गए। देश में मामलों में गिरावट और नए मामलों की तुलना में ठीक होने के साथ, कई लोग टीकाकरण के लिए कतार में लगने के लिए तैयार हो रहे हैं। हालांकि, सवाल यह उठता है कि बीमारी से उबरने के बाद कब किसी को कोविड का टीका लगवाने की योजना बनानी चाहिए ।

स्वस्थ मंत्रालय ने कुछ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों ( एफएक्यू ) को जारी किया जो लोग कोविड टीकाकरण के बारे में उठाते हैं, जहां डॉ वीके पॉल, सदस्य (स्वास्थ्य), नीति आयोग और डॉ रणदीप गुलेरिया, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक ने विभिन्न संदेहों को संबोधित किया है जो लोगों के पास हैं। कोविड-19 के टीके के संबंध में।

Vaccine After Covid: अगर मुझे कोविड हो गया है, तो कितने दिनों के बाद मैं खुद को टीका लगवा सकता हूं?

डॉ गुलेरिया ने कहा कि नवीनतम दिशा-निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोविड -19 को पकड़ने वाला व्यक्ति ठीक होने के दिन से तीन महीने बाद वैक्सीन ले सकता है। ऐसा करने से शरीर को मजबूत प्रतिरक्षा विकसित करने में मदद मिलेगी और वैक्सीन का प्रभाव बेहतर होगा।

मई में, नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर COVID-19 (NEGVAC) ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ COVID-19 टीकाकरण के संबंध में नई सिफारिशें साझा कीं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि ये सिफारिशें सीओवीआईडी ​​​​-19 महामारी की उभरती स्थिति और उभरते वैश्विक वैज्ञानिक साक्ष्य और अनुभव पर आधारित हैं।

-एनईजीवीएसी की नई सिफारिशों के अनुसार, बीमारी से उबरने के बाद 3 महीने के लिए कोविड टीकाकरण को टाल दिया जाएगा।

-उन व्यक्तियों के लिए जिन्होंने कम से कम पहली खुराक प्राप्त की है और खुराक कार्यक्रम पूरा होने से पहले COVID-19 संक्रमण प्राप्त कर चुके हैं: COVID-19 बीमारी से नैदानिक ​​​​सुधार के बाद दूसरी खुराक को 3 महीने के लिए स्थगित कर दिया जाना चाहिए।

-किसी अन्य गंभीर सामान्य बीमारी वाले व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती होने या आईसीयू देखभाल की आवश्यकता होती है, उन्हें भी COVID-19 वैक्सीन प्राप्त करने से पहले 4-8 सप्ताह तक प्रतीक्षा करनी चाहिए।

-कोविड-19 रोगी जिन्हें सार्स -2 मोनोक्लोनल एंटीबॉडी या दीक्षांत प्लाज्मा दिया गया है: कोविड -19 टीकाकरण अस्पताल से छुट्टी की तारीख से 3 महीने के लिए टाल दिया जाएगा।

50 मोस्ट डिजायरेबल वूमेन की लिस्ट में रिया चक्रवर्ती ने टॉप किया, इन अभिनेत्रियों को पछाड़ा

मुंबई।अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद से रिया लगातार सुर्ख़ियों में बनी हुई हैं। दिवंगत सुशांत सिंह राजपूत केस में रिया का नाम आने से वह ज्यादातर मुद्दों पर चुप ही रहती हैं। इस केस में सुशांत के परिवार ने रिया पर कई आरोप लगाए थे।

वहीं इस केस में ड्रग एंगल से जाँच होने के बाद रिया का नाम सामने आया और उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। फिलहाल रिया जमानत पर बाहर हैं। वहीं इन सब के बीच रिया चक्रवर्ती के हाथ एक बड़ी उपलब्धि लगी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार ‘द टाइम्‍स 50 मोस्‍ट डिजायरेबल वुमेन 2020’ की लिस्‍ट में टॉप किया है। यह लिस्‍ट ‘द टाइम्‍स 50 मोस्‍ट डिजायरेबल मेन 2020’ के जारी होने के बाद सामने आई है जिसमें रिया ने टॉप किया था।


‘द टाइम्‍स 50 मोस्‍ट डिजायरेबल विमिन 2020’ की लिस्ट में 40 से कम उम्र की अलग-अलग क्षेत्रों की उन महिलाओं को शामिल किया गया है, जिन्होंने किसी ना किसी तरह से लोगों का दिल जीता और अपनी एक अलग छाप छोड़ी है।

इस लिस्ट में रिया चक्रवर्ती ने दीपिका पादुकोण, दिशा पाटनी और कटरीना कैफ को भी पीछे छोड़ दिया है।

50 मोस्ट डिजायरेबल वुमेन 2020 की लिस्ट की बात करें तो मिस यूनिवर्स 2020 की तीसरी रनरअप एडलिन कैस्टेलिनो नंबर 2 पर हैं। तीसरे नंबर पर दिशा पाटनी, चौथे नंबर में कियारा आडवाणी, पांचवें नंबर में दीपिका पादुकोण. छठे नंबर में कटरीना कैफ, सातवे में जैकलीन फर्नांडिस, आठवे में अनुप्रिया गोयंका, वौले में रूही सिंह और दसवे नंबर में आवृति चौधरी है।


इस लिस्ट में कुछ नए स्टार्स में अनुजा जोशी, श्रेया चौधरी, नेहा जायसवाल (LIVA मिस दिवा रनर-अप 2020), त्रिधा चौधरी, श्रिया पिलगांवकर, अलाया फर्नीचरवाला, श्रेया धनवंतरी, कल्याणी प्रियदर्शन (कोच्चि टाइम्स मोस्ट डिजायरेबल वुमन 2020) शामिल हैं।

Also read- https://khabarsatta.com/blog/world-ocean-day-creates-awareness-about-the-conservation-and-importance-of-oceans/It

14 दिन की बच्ची को हुआ ब्लैक फंगस, ऑपरेशन सफल

आगरा । आगरा में 14 दिन की बच्ची को ब्लैक फंगस होने के बाद डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन करके उसकी जान बचा ली है। इतने छोटे बच्चे में ब्लैक फंगस का यह देश का पहला मामला बताया जा रहा है।

एसएन मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. अखिल प्रताप ने बताया कि हाथरस निवासी एक परिवार में 14 दिन पूर्व इस बच्ची का जन्म हुआ था। जन्म के बाद बच्ची की तबीयत खराब थी और उसे निजी अस्पताल के एनआईसीयू में भर्ती किया गया था।

इस दौरान बच्ची के गाल पर काला दाग नजर आ रहा था। शनिवार को बच्ची के परिजन उसे लेकर आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज लाए थे। बच्ची की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया और ऑपरेशन की बात कही। परिजनों की रजामंदी के बाद सोमवार को उसका सफल ऑपरेशन किया गया।

उन्होंने बताया कि बच्ची की आंख का ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग की टीम ने किया। बच्ची अब खतरे से बाहर है। विशेषज्ञ डॉक्टर उसकी देखरेख कर रहे हैं। कोविड की दूसरी लहर में पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन के दौरान फंगस की बीमारी के मरीज सामने आ रहे हैं।

पूरे देश में इतनी कम उम्र की बच्ची का यह पहला मामला सामने आया है। बच्ची फिलहाल बीमारी से मुक्त है पर अभी उसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

बच्ची के संपर्क में लगातार रहने के चलते निजी अस्पताल और परिवार के लोगों को जरूरी हिदायत दी गई है। वर्तमान में एसएन मेडिकल कॉलेज में फंगस के 40 मरीज भर्ती हैं जिनमें से 32 में पुष्टि हो चुकी है और 8 मामले अभी संदिग्ध हैं।

डॉ. अखिल प्रताप ने बताया कि बच्ची की तबीयत ठीक हो जाने के बाद एक और सर्जरी की जाएगी। उसकी उम्र अभी बहुत कम है, इसलिए सर्जरी के बाद बड़े होने पर उसके चेहरे पर न के बराबर निशान ही रहेंगे।

महासागरों के संरक्षण और उनके महत्व के प्रति जागरूक करता है ‘विश्व महासागर दिवस’

डेस्क।प्रतिवर्ष ‘8 जून’ को मनाया जाता है। समुद्र की महत्त्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस दिवस की शुरुआत वर्ष 1992 में की गई थी।

सन 1992 में रियो डी जनेरियो में हुए ‘पृथ्वी ग्रह’ नामक फोरम में प्रतिवर्ष विश्व महासागर दिवस मनाने के फैसले के बाद और सन 2008 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इस संबंध में आधि‍कारिक मान्यता दिए जाने के बाद से यह दिवस मनाया जाने लगा है।

विश्व महासागर दिवस मनाने का प्रमुख कारण विश्व में महासागरों के महत्व और उनकी वजह से आने वाली चुनौतियों के बारे में विश्व में जागरूकता पैदा करना है। इसके अलावा महासागर से जुड़े पहलुओं, जैसे- खाद्य सुरक्षा, जैव-विविधता, पारिस्थितिक संतुलन, सामुद्रिक संसाधनों के अंधाधुंध उपयोग, जलवायु परिवर्तन आदि पर प्रकाश डालना है।


शुरुआत


पहला विश्व महासागर दिवस 8 जून, 2009 को मनाया गया था। इसके बाद से प्रतिवर्ष 8 जून को विश्व भर में ‘विश्व महासागर दिवस’ मनाया जाता है। यह दिवस सन 1992 में ‘रियो डी जनेरियो’ में हुए “पृथ्वी ग्रह” नामक फोरम में प्रतिवर्ष विश्व महासागर दिवस मनाने के फैसले के बाद और वर्ष 2008 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इस सम्बंध में आधिकारिक मान्यता दिये जाने के बाद मनाया जाने लगा।

महासागर हमारी पृथ्वी पर न सिर्फ जीवन का प्रतीक है, बल्कि पर्यावरण संतुलन में भी प्रमुख भूमिका अदा करता है। पृथ्वी पर जीवन का आरंभ महासागरों से माना जाता है। महासागरीय जल में ही पहली बार जीवन का अंकुर फूटा था। आज महासागर असीम जैव विविधता का भंडार है। हमारी पृथ्वी का लगभग 70 प्रतिशत भाग महासागरों से घिरा है।

महासागरों में पृथ्वी पर उपलब्ध समस्त जल का लगभग 97 प्रतिशत जल समाया हुआ है। महासागरों की विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यदि पृथ्वी के सभी महासागरों को एक विशाल महासागर मान लिया जाए तो उसकी तुलना में पृथ्वी के सभी महाद्वीप एक छोटे द्वीप से प्रतीत होंगे। मुख्यत: पृथ्वी पर पाँच महासागर हैं, जिनके नाम इस प्रकार हैं-


प्रशांत महासागर
हिन्द महासागर
अटलांटिक महासागर
उत्तरी ध्रुव महासागर
दक्षिणी ध्रुव महासागर


महासागरों का सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से महत्त्व मानव के लिए इन्हें अतिमहत्त्वपूर्ण बनाता है। इसलिए महासागरों के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से सन 1992 से प्रतिवर्ष 8 जून को “विश्व महासागर दिवस” के रूप में मनाया जाता है।

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PM मोदी से मिलने के बाद बोले उद्धव- मराठा आरक्षण पर हुई बात, GST कलेक्शन का मसला भी उठाया

डेस्क।हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी से अपनी टीम के साथ दिल्ली आकर मुलाकात करने पर महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उनके रिश्ते टूटे नहीं हैं। पीएम नरेंद्र मोदी से रिश्तों और मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल को लेकर उद्धव ठाकरे ने बेबाकी से जवाब दिया है।

उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘भले ही राजनीतिक रूप से साथ नहीं हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हमारा रिश्ता खत्म हो गया है। मैं कोई नवाज शरीफ से मिलने नहीं गया था। इसलिए यदि मैं उनसे व्यक्तिगत मुलाकात करता हूं तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।’


बता दें कि इससे पहले मंगलवार दोपहर महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने पीएम नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मराठा कोटे पर सुप्रीम कोर्ट की रोक हटाने के लिए केंद्र सरकार के दखल की मांग की। इसके अलावा ओबीसी आरक्षण, जातिगत जनगणना और मराठी को क्लासिकल भाषा का दर्जा दिए जाने की भी मांग की गई।

इस दौरान सीएम उद्धव ठाकरे के साथ डिप्टी सीएम अजित पवार, कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस लीडर अशोक चव्हाण भी मौजूद थे। इस मीटिंग के दौरान महाराष्ट्र के नेताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी के सामने जीएसटी क्षतिपूर्ति का मुद्दा भी रखा।

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आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ की पॉलिसीधारकों को 867 करोड़ रुपये का बोनस देने की घोषणा

डेस्क।निजी क्षेत्र की जीवन बीमा कम्पनी-आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने वित्त वर्ष 2021 में उसके साथ रहने वाले सभी पात्र पॉलिसी धारकों के लिए 867 करोड़ रुपये के वार्षिक बोनस की घोषणा की है।

कंपनी ने कहा कि यह उसके द्वारा अब तक की सबसे बड़ी बोनस राशि है और पिछले वित्त वर्ष में घोषित बोनस से भी 10 प्रतिशत अधिक है।


इसमें कहा गया है कि 31 मार्च, 2021 तक लागू सभी प्रतिभागी नीतियां इस बोनस को प्राप्त करने के लिए पात्र हैं और इसे पॉलिसीधारकों के लाभों में जोड़ा जाएगा।

कुल 9.8 लाख पॉलिसीधारकों को इससे लाभ होने की उम्मीद है, जो उन्हें उनके दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों के करीब ले जाएगा।

बोनस कंपनी के सहभागी पॉलिसीधारक के फंड द्वारा उत्पन्न लाभ का हिस्सा है जो उनके गारंटीकृत परिपक्वता लाभों में जोड़ा जाता है। इससे कॉर्पस में इजाफा होता है।


यह लगातार 15वां वर्ष है जब कंपनी ने पॉलिसी धारकों को बेहतर जोखिम-समायोजित रिटर्न देने के लिए अपनी ग्राहक-केंद्रितता और दीर्घकालिक निवेश ²ष्टिकोण को रेखांकित करते हुए बोनस की घोषणा की है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक और सीईओ एन.एस. कन्नन ने कहा, हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि वित्त वर्ष 2021 के लिए वार्षिक बोनस कंपनी के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक है।

संचालन के 20वें साल में हम हमारे ग्राहकों की सुरक्षा और दीर्घकालिक बचत जरूरतों को पूरा करने की खुशी प्रदान करना चाहते हैं।

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डिलेवरी के बाद इस तरह अपने आपको फिट रखें महिलाएं, जीवनभर नहीं आएगी परेशानी

डेस्क।मां बनना किसी भी महिला के लिए बहुत ही सुखद एहसास होता है। हर महिला इस पल को जीना चाहती है। लेकिन गर्भावस्था के साथ महिलाओं के लिए कुछ समस्याएं आती हैं, जो प्रसव के तुरंत बाद खत्म नहीं होती हैं। कई महिलाओं को त्वचा की समस्याएं, मुंहासे, काले घेरे, खिंचाव के निशान, बालों का झड़ना और रंजकता का अनुभव होता है। लेकिन बच्चे की देखभाल और जिम्मेदारियों के कारण वह अपना ख्याल नहीं रख पाती है।

लेकिन याद रखें, जिस तरह अपने परिवार की देखभाल करना आपका कर्तव्य है, उसी तरह अपना ख्याल रखना भी आपकी जिम्मेदारी है। यदि आप अपना ख्याल नहीं रखते हैं, तो आप दूसरों की देखभाल नहीं कर पाएंगे। प्रसवोत्तर के बाद, हर महिला के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि उसके शरीर में जो भी परिवर्तन हो रहे हैं, वह उसके हार्मोनल परिवर्तनों का परिणाम है।


1)बच्चे के जन्म के बाद बालों का झड़ना एक आम समस्या है। इससे बचने के लिए हफ्ते में दो बार बालों में कंघी करें। यह बालों को पोषण देता है और रूखेपन को कम करता है।

  1. बालों को समय-समय पर मॉइस्चराइज करना भी बहुत जरूरी है। इसके लिए हेयर पैक अच्छे से काम करते हैं। लेकिन अगर आप इसे और अधिक गन्दा नहीं कर सकते हैं, तो सप्ताह में कम से कम एक बार अपने बालों में दही लगाएं। दही आपके बालों को मॉइस्चराइज़ करता है।
  2. त्वचा के दाग-धब्बों को कम करने के लिए और डार्क सर्कल्स को दूर करने और स्ट्रेच मार्क्स को दूर करने के लिए आलू के रस को मौके पर लगाने से त्वचा के दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं। यह अच्छे परिणाम देता है।
  3. पिगमेंटेशन में आराम पाने के लिए 4-5 बादाम भिगोकर छील लें। इस पेस्ट में एक चम्मच शहद और कुछ बूंद नींबू और एक चम्मच दूध मिलाएं। इस पेस्ट का इस्तेमाल रोजाना रात को सोने से पहले करें। ऐसा करीब एक महीने तक करें। आपको बहुत आराम मिलेगा।
  4. पिंपल्स की समस्या से निजात पाने के लिए बेकिंग सोडा सबसे अच्छा उपाय है। थोड़ा सा पानी डालकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और कुछ देर सूखने दें। पैक सूख जाने के बाद अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें।
  5. समय-समय पर चेहरे को मॉइश्चराइज करना भी जरूरी होता है। इसके लिए आप चेहरे पर मलाई और बेसन का पेस्ट लगा सकते हैं। इससे बहुत फर्क पड़ेगा।https://khabarsatta.com/bollywood/known-for-fitness-and-beauty-shilpa-shetty-big-brother-changed-life/

फिटनेस और खूबसूरती के लिए जानी जाती हैं शिल्पा शेट्टी, ‘बिग ब्रदर’ ने बदल दी जिंदगी

मुंबई।अपनी फिटनेस को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाली फिल्म अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत एवं मशहूर अदाकाराओं में से एक हैं। 8 जून, 1975 को जन्मी शिल्पा शेट्टी को बचपन से ही मॉडलिंग और अभिनय का शौक था। दसवीं पास करने के बाद ही शिल्पा ने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा।

लिम्का के विज्ञापन से शिल्पा ने सबका ध्यान आकर्षित किया और फिल्म जगत के कई निर्माताओं की तलाश शिल्पा पर जाकर ठहर गई। शिल्पा को कई विज्ञापनों एवं फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। साल 1992 में शिल्पा को फिल्म ‘गाता रहे मेरा दिल’ में काम करने का मौका मिला, लेकिन दुर्भाग्य से यह फिल्म रिलीज नहीं हो पाई।


बॉलीवुड में उन्हें बड़े पर्दे पर साल 1993 में फिल्म ‘बाजीगर’ से आने का मौका। इस फिल्म में उनके साथ शाहरुख खान और काजोल भी थे। इस फिल्म में शिल्पा के अभिनय और उनकी खूबसूरती ने हर किसी का ध्यान आकर्षित किया। फिल्म में उनके अभिनय को लोगों ने काफी पसंद किया। इस फिल्म के बाद शिल्पा के आगे कई फिल्मों की लाइन लग गई।

साल 1994 में आई फिल्म ‘मैं अनाड़ी तू खिलाड़ी’ में शिल्पा अक्षय कुमार और सैफ अली खान के साथ मुख्य भूमिका में नजर आई। इस फिल्म में उनके बसंती के किरदार और अक्षय कुमार के साथ उनकी रोमांटिक कमेस्ट्री को दर्शकों ने काफी पसंद किया।


शिल्पा शेट्टी हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु और कन्नड़ भाषा की भी कई फिल्मों में अभिनय करती नजर आई। साल 1999 में शिल्पा शेट्टी मनोज वाजपेयी और रवीना टंडन अभिनीत फिल्म ‘शूल’ में स्पेशल अपीरियंस में नजर आई।

दरअसल इस फिल्म में शिल्पा एक गाने में नजर आई और गाने का बोल था-‘दिलवालों के दिल का करार लूटने, मैं आई हूं यूपी-बिहार लूटने।’ इस गाने के बाद लोगों के बीच शिल्पा के किस्से मशहूर हो गए। हर जुबान पर शिल्पा का यह गाना था। शिल्पा ने अपने फिल्मी करियर में हर तरह के किरदार को बखूबी निभाया हैं।


अपनी फिटनेस को लेकर चर्चा में रहने वाली शिल्पा की प्रमुख फिल्मों में परदेशी बाबू, जानवर, धड़कन, रिश्ते, डरना जरूरी हैं, दस ,फरेब, लाइफ इन अ मेट्रो आदि हैं। फिल्मों में अभिनय के अलावा शिल्पा शेट्टी छोटे पर्दे पर भी नजर आई।

साल 2007 में शिल्पा शेट्टी ने ब्रिटिश रियलिटी शो सेलिब्रिटी बिग ब्रदर 5 में बतौर कंटेस्टेंट हिस्सा लिया। वे इस शो की विजेता भी घोषित हुई। इस शो में 2007 तक किसी भारतीय ने हिस्सा नहीं लिया था, इसलिए शिल्पा शेट्टी उस शो की पहली भारतीय प्रतियोगी के रूप में सबके सामने आई। इसके बाद शिल्पा कई रियलिटी शो में जज की भूमिका में नजर आई, जिसमें जरा नचके दिखा, नच बलिये, सुपर डांसर आदि शामिल हैं।


शिल्पा शेट्टी ने 2009 में बिजनेसमैन राज कुंद्रा से शादी कर ली। 2012 को उनके बेटे वियान का जन्म हुआ और 15 फरवरी, 2020 को वह सेरोगेसी के जरिये बेटी समीशा की मां बनी हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाली शिल्पा शेट्टी इन दिनों सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले डांस रियलिटी शो ‘सुपर डांसर चैप्टर 4 ‘ की जज के रूप में नजर आ रही है।

लम्बे समय तक अभिनय जगत से दूरी बनाये रखने के बाद अब शिल्पा जल्द ही फिल्म ‘हंगामा 2’ और ‘निकम्मा’ से बॉलीवुड में वापसी करने की तैयारी में हैं।

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बच्चों में विटामिन डी की कमी को कैसे करें दूर…

डेस्क।बच्चों के समग्र विकास के लिए उनके शरीर में सही मात्रा में पोषक तत्वों का होना बेहद आवश्यक है। इनमें कई तरह के विटामिन्स व मिनरल्स शामिल है।

अन्य विटामिन की तरह ही विटामिन डी भी बच्चे के लिए उतना ही जरूरी है। हड्डियों, दांतों व मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन डी की आवश्यकता होती है।

विटामिन डी की कमी से बच्चों में रिकेट्स जैसी हड्डियों की विकृति हो सकती है। इतना ही नहीं, विटामिन डी की कमी से बच्चे को अधिक चिड़चिड़ापन होता है व उसे अधिक गुस्सा आता है। वैसे तो विटामिन डी का सबसे अच्छा व नेचुरल स्त्रोत सूरज की किरणों को माना जाता है।

लेकिन इसके अलावा आप कुछ फूड्स की मदद से उसके शरीर में विटामिन डी की कमी को दूर कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में-


मशरूम्स

मशरूम एकमात्र ऐसा प्लांट स्त्रोत है, जिसमें विटामिन डी की महत्वपूर्ण मात्रा होती है। न्यूटिशन एक्सपर्टके अनुसार, मशरूम में विटामिन डी -2 होता है, जबकि पशु उत्पादों में विटामिन डी -3 होता है। विटामिन डी -2 विटामिन डी -3 की तरह जैव-उपलब्धता नहीं हो सकता है लेकिन फिर भी विटामिन डी का स्तर बढ़ा सकता है।

फोर्टिफाइड सेरल्स

डायटिशियन बताते हैं कि कई ब्रेकफास्ट सेरल्स और ओटमील्स आदि विटामिन डी के साथ फोर्टिफाइड होते हैं। फोर्टिफाइड अनाज में विटामिन डी की मात्रा ब्रांडों के बीच भिन्न हो सकती है। आम तौर पर प्रति सर्विंग में 0.2 से 2.5 उबह विटामिन डी पाया जाता है।


सोया प्रॉडक्ट

डायटिशियन के अनुसार, टोफू और सोया चंक्स जैसे सोया उत्पाद विटामिन डी का एक स्वस्थ स्रोत हैं। ये उत्पाद एक सुपरमार्केट में आसानी से उपलब्ध हैं। टोफू आपके लिए नया प्रॉडक्ट हो सकता है, लेकिन आप इसे अपने पनीर से स्विच कर सकते हैं।

खाएं संतरे

वैसे तो बहुत से फलों में विटामिन डी कम ही पाया जाता है। लेकिन संतरा एक ऐसा फल है, जिससे आपको विटामिन डी मिल सकता है। इसलिए अपने बच्चों की डाइट में एक गिलास संतरे का जूस जरूर शामिल करें। यह बच्चे की विटामिन डी के साथ-साथ कैल्शियम व विटामिन सी आदि की जरूरतों को पूरा करने में भी मदद करेगा।

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उज्जैन: पहला डोज कोवीशील्ड का दूसरा लगा दिया कोवैक्सीन का – MP NEWS

उज्जैन । शहर में वैक्सीनेशन को लेकर जिला टीकाकरण विभाग कितना लापरवाह है तथा प्रशासनिक मानीटरिंग कितनी कमजोर है, इसका एक उदाहरण पूर्व में हिंदुस्थान समाचार द्वारा जारी किया गया था, हालांकि उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। दूसरा मामला फिर सामने आ गया है।

इस पर लीपापोती की कोशिशें जारी है। पूरा मामला कितना गंभीर है, इसे पढ़कर पाठक भी चौंक जाएंगे कि आखिर स्वास्थ्य अमला क्या कर रहा है? मन में प्रश्न उठेगा कि निर्देशों के पालन में क्यों कोताही हो रही है?

महिला को पहले कोविशील्ड लगा था, अब लगा दिया कोवैक्सीन

महाशक्ति नगर निवासी एक 45+ महिला पुलिस हॉस्पिटल, नागझिरी में पहला टीका लगवाने गई तो उन्हे कोवीशिल्ड का टीका लगाया गया। सीधे हाथ में टीका लगवाकर वे अपने घर आ गई। उनके मोबाइल फोन पर एसएमएस भी आ गया कि उन्हे पहला डोज लग गया है। उनके बेटे ने एसएमएस में दी गई लिंक अनुसार पहले डोज का प्रमाण पत्र भी डाउनलोड कर लिया।

जब दूसरा डोज लगवाने गई तो यह हुआ

उक्त महिला दूसरा डोज लगवाने अपनी सहेली के साथ महानंदानगर कम्युनिटी हाल में गई। यहां उसने बताया कि उसका पहला डोज लग चुका है, दूसरा लगवाना है। महिला से किसी ने यह नहीं पूछा कि पहला डोज किस वैक्सीन का लगा था? मोबाइल नम्बर लेकर पंजीयन की प्रक्रिया शुरू की और दूसरा डोज लगा दिया।

जब डोज लगवा लिया, तब बातों बातों में महिला को पता चला कि उसे कोवैक्सीन का डोज दे दिया गया है, जबकि पहला डोज उसे कोवीशिल्ड का दिया गया था? उसने तत्काल उपस्थित डॉक्टर को बताया। उपस्थित स्वास्थ्य कर्मचारियों ने महिला को समझा दिया कि कुछ नहीं होगा, दोनों टीके एक ही है।

इसके बाद महिला अपने घर चली गई। इधर उसके मोबाइल पर दूसरे डोज का एसएमएस नहीं आया। महिला के पति ने पहला डोज लगाने वाले डॉक्टर से सम्पर्क किया।

अरे आपका तो रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ ?

महिला के पति ने पुलिस हॉस्पिटल, नागझिरी सम्पर्क किया तो उन्हे बताया गया कि अब यहां का स्टॉफ पुलिस कम्युनिटी हॉल, सर्किट हाउस के समीप,टीका लगा रहा है। वहां उन्होने सम्पर्क किया। यहां उपस्थित डॉक्टर ने सारी बातें सुनी तो चौंके। उन्होंने मोबाइल नम्बर लेकर एप पर डाला। फिर चौंककर बोले: अरे, तुम्हारा तो दूसरे डोज का रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ है। ऐसे में प्रमाण पत्र कैसे मिलेगा? साथ ही पूछा कि क्या घटनाक्रम हुआ था? उसके बाद समझाया कि चार दिन बित गए हैं, ऐसे में आप अब चिंता न करें। आप तो ओर अधिक स्ट्रांग हो गई हैं। आपकी बॉडी अधिक एंटीबॉडी बन गई है। यह कहकर उनको समझा दिया गया।

यह है अंदर की बात

जानकारी मिली कि महिला का अब कभी भी दोनों डोजवाला प्रमाण पत्र डाउनलोड नहीं होगा। कारण बताया कि जहां दूसरा डोज गलती से लगाया गया, उन्होने अपनी गलती छिपाने के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रोसेस निरस्त कर दी। ऐसे में एक ही विकल्प है कि महिला पुन: दूसरा डोज कोवीशिल्ड का लगवाए, जोकि शरीर के लिए घातक हो सकता है।

ऐसा कर सकते हैं…कलेक्टर से पूछना पड़ेगा

दूसरा विकल्प बताया गया। महिला का कोवीशिल्ड के डोज का रजिस्ट्रेशन कर लिया जाए ओर टीका नहीं लगाया जाए। ऐसे में उनके मोबाइल फोन पर दूसरा डोज लगाने का एसएमएस आ जाएगा। उन्हे प्रमाण पत्र मिल जाएगा, लेकिन इस बात की अनुमति कलेक्टर से लेना होगी।

यह था पहला मामला

पुलिस सामुदायिक केंद्र, सर्किट हाउस के समीप नर्स द्वारा कुर्सी पर बैठे-बैठे एक हाथ से ही टीका लगाया जा रहा था। जिन्हें टीका लगाया गया,उनको खून भी निकला। इस बात की शिकायत कलेक्टर तक पहुंची थी,लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई। आज भी वहां कुर्सी पर बैठकर ही एक हाथ से टीका लगाया जा रहा है। कहा जाता है: ऐसे ही लगाते हैं।

कोई बात नहीं…महिला का स्वास्थ्य कैसा है: डॉ.मालवीय

इस संबंध में जब जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.मालवीय से चर्चा की गई तो उन्होने पूछा: महिला का स्वास्थ्य कैसा है? ठीक तो है? चलेगा, चार दिन बीत गए और कोई रिएक्शन नहीं हुई तो। कोई बात नहीं ? इस प्रश्न पर कि अब महिला को दोनों डोज का प्रमाण पत्र कैसे मिलेगा? उन्होने कोई जवाब नहीं दिया।

पीएम मोदी ने दीवाली तक मुफ्त अनाज और 18 प्लस को फ्री वैक्सीन का किया एलान

डेस्क।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान सोमवार को दो बड़े एलान किए। अब केंद्र सरकार 18 वर्ष से ऊपर वालों को भी मुफ्त में वैक्सीन राज्य सरकारों को उपलब्ध कराएगी। वहीं केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को बढ़ाकर दीपावली तक कर दिया है। इस प्रकार दीपावली तक 80 करोड़ जनता को मुफ्त में अनाज मिलेगा।

कोरोना की पहली लहर के दौरान भी प्रधानमंत्री मोदी ने यह घोषणा की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान कहा, “21 जून, सोमवार से देश के हर राज्य में, 18 वर्ष से ऊपर की उम्र के सभी नागरिकों के लिए, भारत सरकार राज्यों को मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराएगी। वैक्सीन निर्माताओं से कुल वैक्सीन उत्पादन का 75 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार खुद ही खरीदकर राज्य सरकारों को मुफ्त देगी।”


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “देश की किसी भी राज्य सरकार को वैक्सीन पर कुछ भी खर्च नहीं करना होगा। अब तक देश के करोड़ों लोगों को मुफ्त वैक्सीन मिली है। अब 18 वर्ष की आयु के लोग भी इसमें जुड़ जाएंगे। सभी देशवासियों के लिए भारत सरकार ही मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध करवाएगी। आज ये निर्णय लिया गया है कि राज्यों के पास वैक्सीनेशन से जुड़ा जो 25 प्रतिशत काम था, उसकी जिम्मेदारी भी भारत सरकार उठाएगी। ये व्यवस्था आने वाले 2 सप्ताह में लागू की जाएगी।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन दो सप्ताह में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नई गाइडलाइंस के अनुसार आवश्यक तैयारी कर लेंगी। देश में बन रही वैक्सीन में से 25 प्रतिशत, प्राइवेट सेक्टर के अस्पताल सीधे ले पाएं, ये व्यवस्था जारी रहेगी।
प्राइवेट अस्पताल, वैक्सीन की निर्धारित कीमत के उपरांत एक डोज पर अधिकतम 150 रुपए ही सर्विस चार्ज ले सकेंगे। इसकी निगरानी करने का काम राज्य सरकारों के ही पास रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान दूसरी बड़ी घोषणा करते हुए कहा, “आज सरकार ने फैसला लिया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को अब दीपावली तक आगे बढ़ाया जाएगा। महामारी के इस समय में, सरकार गरीब की हर जरूरत के साथ, उसका साथी बनकर खड़ी है। यानि नवंबर तक 80 करोड़ से अधिक देशवासियों को, हर महीने तय मात्रा में मुफ्त अनाज उपलब्ध होगा।”


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जो लोग भी वैक्सीन को लेकर आशंका पैदा कर रहे हैं, अफवाहें फैला रहे हैं, वो भोले-भाले भाई-बहनों के जीवन के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसी अफवाहों से सतर्क रहने की जरूरत है।

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महिला की करंट से मौत, बचाने गए पति और पुत्र भी झुलसे

गुना, जिले के बरोदिया गांव में अपने खेत पर काम करने के दौरान मवेशियों को भगाने गयी महिला की करंट लगने से मौत हो गयी। उसको बचाने गया उसका पति और बेटा भी करंट की चपेट में आ गया। महिला का बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया जिसका जिला अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर से 11 किमी दूर ग्राम बरोदिया में रहने वाले लोधा परिवार का गांव से एक किमी दूर ही खेत है। सोमवार को दोपहर में परिवार के सभी लोग खेत पर काम कर रहे थे। दोपहर में चली तेज हवा के कारण बिजली के तार टूटकर गिर गए थे।

महिला को यह जानकारी नहीं थी। सोमवार शाम महिला मवेशियों को भगाने के लिए गयी। जबकि उसका पति और दोनों बेटे खेत पर बनी झोपडी में ही बैठे रहे। मवेशियों को भगाने के दौरान ही महिला टूटकर गिरे हुए तार की चपेट में आ गयी। उसे काफी तेज झटका लगा।

यह देख पति और बच्चे महिला को बचाने के लिए दौड़े। इस दौरान वे दोनों भी करंट की चपेट में आ गए। पास से गुजरते हुए ग्रामीण भागते हुए पहुंचे तो महिला के सर के नीचे करंट वाला तार चिपका हुआ था। बड़ी मुश्किल से पास में पड़े प्लास्टिक के पाइप से तार को हटाया गया।

करंट इतना तेज लगा था की महिला रामसुखी बाई (55) की मौके पर ही मौत हो गयी। वहीं उसका बेटा हरनाम लोधा (25) बुरी तरह जख्मी हो गया। महिला के पति मूलचंद लोधा(60) वर्ष को ज्यादा गंभीर चोट नहीं आयी। उसे बचाने के दौरान एक -दो ग्रामीणों को भी बिजली का झटका लगा लेकिन उन्हें ज्यादा चोट नहीं आयी। महिला के परिवार वालों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने एम्बुलेंस को फोन किया।

लेकिन एम्बुलेंस चालक ने उनसे कहा की जितनी देर में हम पहुंचेंगे , उतनी देर में तो आप लोग मोटरसाइकिल से जिला अस्पताल पहुँच जाओगे। ग्रामीणों ने बिना देर किये हुए मोटरसाइकिल पर दोनों को बिठाया और जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहाँ डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।