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क्या सिवनी जिला चिकित्सालय ब्लड बैंक में रक्त की आवक-जावक की पूर्ण जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए ?
होली पर नमक का ये उपाय बना देगा आपको मालामाल

हर साल होली बड़े धूम-धाम और उत्साह से मनाई जाती है। इस साल होली का पर्व 2 मार्च को मनाई जाएगी और सभी लोग होली की तैयारियों में जोरो शोरों से लग गए है। नमक के प्रयोग के बारे में तो सभी जानते है। नमक हमारे भोजन के स्वाद में मुख्य भूमिका निभाता है। क्या आप जानते हैं कि घर के भोजन का स्वाद बढ़ाने वाला नमक आपके इस चाहत को पूरी कर सकता हैं। जी हाँ, नमक के ज्योतिषीय रूप से कई उपाय हैं जिनको इस होली आप अपनाकर सुख-संपत्ति कि प्राप्ति कर सकते हैं। तो आइये जानते हैं नमक से जुड़े उन ज्योतिषीय उपायों के बारे में जो आपको इस होली जीवन की सभी खुशियां दिला सकते हैं।
कारोबार में उन्नति के लिए : यदि आप कारोबार में उन्नति या मुनाफा बढ़ाना चाहते है तो तिजोरी के ऊपर डली वाले नमक को लाल रंग के कपड़ें में बांधकर लटका दीजिए, इससे धन लाभ मिल सकता है।
नज़र दोष से बचाने के लिए : यदि घर के किसी व्यक्ति को नज़र लग गई है तो चुटकी भर नमक लेकर उसके सिर से पांव तक घुमाना चाहिए और बाद में इसे बहते पानी में बहा देना चाहिए।
नकारात्मक उर्जा को दूर करने में : घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए घर में पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा साबुत खड़ा नमक (समुद्री नमक) मिला लेना चाहिए। इस उपाय से भी घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है। वातावरण की पवित्रता बढ़ती है।
यदि सताता हो भय : नमक के उपयोग से होने वाला ऐसा ही एक और मिलता-जुलता वास्तु उपाय मौजूद है। यदि किसी व्यक्ति को घर में नकारात्मक ऊर्जा के होने का आभास हो रहा हो, या किसी रूह के होने का डर सता रहा हो या किसी भी चिंता की वजह से वह परेशान हो तो शीशे के बर्तन में नमक डालकर घर के किसी भी कोने में रख दें। नकारात्मक ऊर्जा घर से निकल जाएगी।
राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को दूर करें : यदि रात को सोने से पहले आप गुनगुने पानी में नमक मिलाकर हाथ-पांव धोकर सोएंगे तो इससे आपके ऊपर मंडरा रहा राहु-केतु का बुरा साया टल जाएगा। साथ ही आप हर प्रकार के तनाव से मुक्त हो जाएंगे और अच्छी नींद पाएंगे।
बीमारियों से बचने के लिए : यदि घर का कोई इंसान अधिकतर बीमार रहता हो तो उसके कमरे में तांबे के किसी बर्तन में नमक भरकर रख दें, जल्द ही बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है।
मध्यप्रदेश निजी विद्यालय फीस विधेयक लागू
मध्यप्रदेश में निजी विद्यालयों द्वारा प्रति वर्ष ली जाने वाली फीस में अप्रत्याशित वृद्धि को रोकने के लिए मध्यप्रदेश निजी विद्यालय विधेयक-2017 को राज्य शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई हैं। यह विधेयक 22 फरवरी से लागू हो गया है।
विधेयक के प्रमुख प्रावधान के अनुसार विद्यालय प्रबंधन पूर्ववर्ती वर्ष के लिए नियत फीस के लिए 10 प्रतिशत की सीमा तक फीस में वृद्धि कर सकेगा। स्कूल प्रबंधन द्वारा यदि पिछले वर्ष के तुलना में फीस में वृद्धि 10 से 15 प्रतिशत प्रस्तावित हो तो ऐसे प्रस्ताव को स्वीकृत करने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला समिति की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार यदि पिछले वर्ष के शुल्क के तुलना में फीस में वृद्धि 15 प्रतिशत से अधिक प्रस्तावित की गई हो तो इसके लिये आयुक्त लोक शिक्षण की अध्यक्षता में गठित राज्य समिति इसकी मंजूरी देगी।
फीस तथा संबंधित विषयों के लिये गठित जिला समिति निजी विद्यालय के प्रबंधन और अध्ययनरत छात्र के फीस संबंधी नियमों के उल्लंघन और शिकायत प्रकरणों की जाँच कर सकेगी। समिति अपनी जाँच में यह पाती है कि संबंधित स्कूल प्रबंधन द्वारा निर्धारित नियम से अधिक फीस ली गई है तो समिति छात्र के पालक को फीस राशि लौटाने का आदेश दे सकेगी। इसके साथ ही 2 लाख रुपये तक की पेनाल्टी लगाने का अधिकार जिला समिति को होगा। ऐसे प्रकरणों में जहाँ फीस वापसी के आदेश दूसरी बार जारी होंगे, वहाँ पेनाल्टी की राशि 4 लाख रुपये तक लगाई जा सकेगी। दो बार के बाद के प्रकरणों में समिति 6 लाख रुपये तक पेनाल्टी लगा सकेगी। इसके साथ ही निजी विद्यालय की मान्यता निलंबित और रद्द करने की अनुशंसा जिला समिति सक्षम प्राधिकारी को कर सकेगी।
स्कूल शिक्षा विभाग के इस निर्णय से निजी विद्यालयों द्वारा किये जा रहे शिक्षा के व्यवसायीकरण तथा फीस के नाम पर विभिन्न मदों में राशि संग्रहित करने की प्रवृत्ति और उसमें अप्रत्याशित वृद्धि करने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण किया जा सकेगा।
मवेशी के मांस सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
सिवनी-जिले के थाना धनौरा के अन्तर्गत पुलिस चौकी सुनवारा के ग्राम सकरी से बरुबन्द रोड़ के पास जंगल मे मवेशी काटते काटते तीन लोग पकड़ाये 8 अन्य फरार पकड़े गये आरोपी मैं साधुराम पिता रतिराम 50 वर्ष निवासी बरुबन्द, नाय निवासी सकरी, सुखमन उर्फ भूरा निवासी बरुबन्द एवं आठ आरोपी फरार जिनमे छोटे शब्बार का लड़का निवासी बोरिया बजारी, झमलाल,भूरा पिता हामी, दयाल ककोडिया,देवरी कला निवासी बारुबन्द, सुमेरी उइके, काशीराम, आरोपियों पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
बोर्ड परीक्षाओं में केन्द्राध्यक्ष को मिले व्यापक अधिकार

सिवनी-माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश के अंतर्गत वर्ष 2018 की बोर्ड परीक्षायें एक मार्च से तीन अप्रैल तक प्रात: 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक जिले में स्थापित किये गये परीक्षा केन्द्रों पर होंगी। हाई स्कूल परीक्षा 5 मार्च से 31 मार्च तक प्रात: 9 बजे से 12 बजे तक परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जायेंगी।
बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा केन्द्र के केन्द्राध्यक्ष एवं सहायक केन्द्राध्यक्षों को परीक्षा के दिन सुबह 9 बजे से शुरू होने वाली परीक्षा में छात्रों को परीक्षा कक्ष में प्रात: 8.45 बजे तक प्रवेश देने का अधिकार होगा। परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनिट बाद किसी भी छात्र को परीक्षा में सम्मिलित नहीं कराया जायेगा। यदि छात्र प्रात: 8.45 बजे के बाद उपस्थित होता है, तो उसे परीक्षा में सम्मिलित नहीं कराये जाने का अधिकार केन्द्राध्यक्ष एवं सहायक केन्द्राध्यक्ष को होगा। केन्द्राध्यक्ष, सहायक केन्द्राध्यक्ष को परीक्षा केन्द्र पर नियुक्त संदेहास्पद कर्मियों की ड¬ूटी निरस्त करने और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाने का अधिकार होगा।
केन्द्राध्यक्ष एवं सहायक केन्द्राध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी कि वे निर्धारित समय पर परीक्षा प्रारंभ करायें। पर्यवेक्षकगण पर्यवेक्षण का कार्य ठीक ढंग से कर रहे हैं या नहीं, इस पर निगरानी रखेंगे। साथ ही नियमानुसार परीक्षा सम्पन्न होने के पश्चात उत्तर पुस्तिकाओं को निर्धारित स्थान पर सुरक्षित रूप से जमा करेंगे।
श्रीदेवी को श्रद्धांजलि नहीं देगी MP विधानसभा क्योंकि मौत के पहले पी रखी थी शराब!

भोपाल// मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत के बाद सामने आए तथ्यों की वजह से मध्य प्रदेश की विधानसभा ने उन्हें श्रद्धांजलि देने का फैसला बदल दिया है। यही नहीं श्रीदेवी के साथ-साथ वरिष्ठ अभिनेता शशि कपूर का नाम भी श्रद्धांजलि सूची से हटा दिया गया है।
दिन दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। सोमवार को बजट सत्र का पहला दिन था। उस दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण होना था, इसलिए सदन में निधन उल्लेख नहीं किया गया।
लिस्ट से श्रीदेवी का नाम निकलवा दिया
मंगलवार के लिए जो कार्य सूची बनी, उसमें पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के अलावा 11 अन्य नाम थे। इनमें फिल्म अभिनेता शशि कपूर और अभिनेत्री श्रीदेवी का भी नाम था लेकिन दोपहर बाद जब यह खबर आई कि श्रीदेवी की मौत बाथटब में डूबने की वजह से हुई है। उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह भी पता चला कि मरते वक्त उन्होंने शराब पी रखी थी। ऐसे में बीजेपी के नेताओं ने कार्य सूची में से उनका नाम हटाने का फैसला किया।
जानकारी के मुताबिक, संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र के कहने पर विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीताशरण शर्मा ने श्रीदेवी का नाम निधन उल्लेख सूची से निकलवा दिया। उनके साथ शशि कपूर का भी नाम निकाल दिया गया। हालांकि, यह नहीं बताया गया कि शशि कपूर का नाम क्यों हटाया गया, लेकिन श्रीदेवी के नाम का नाम हटाने की वजह स्पष्ट बता दी गई।
अंतिम क्षणों में बदलाव
यह पहला मौका है जब निधन उल्लेख सूची में अंतिम क्षणों में बदलाव किया गया है। बाकायदा दूसरी सूची प्रिंट कराई गई और उसे जारी किया गया। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी नेता किसी भी विवाद से बचना चाहते हैं। क्योंकि जिस तरह श्रीदेवी की मौत की खबर आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं ने श्रद्धांजलि दी और खेद जताया, मौत की असली वजह सामने आने के बाद उस पर सवालिया निशान लगा। इस वजह से उनका नाम ही हटा दिया गया।
12 मार्च को होगा मतदान

सिवनी- जिला अधिवक्ता संघ सिवनी के वीभन्न पदों हेतु आगामी 12 मार्च 2018 को मतदान होंगे,
निर्वाचन अधिकारी बी आर सिसोदिया ने बताया कि 26 फरवरीं से 28 फरवरीं तक नामांकन फार्म भरे जाएंगे,जिंनकी जाच के बाद पदों के लिये सूची जारी कर मतदान के बाद उसी दिन यानी 12 मार्च को विजयी प्रत्याशी की घोषणा होगी।
धर्म परिवर्तन और धमकी से सहमे आशिक ने की आत्महत्या, फेसबुक पर अपलोड किया वीडियो

टीकमगढ़ (आर.बी.सिंह परमार): मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में एक बार फिर हुआ जी मीडिया की खबर का बड़ा असर. वीडियो वायरल करने के बाद आत्महत्या करने वाले युवक के मामले में पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. हरकत में आई सेंदरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है. जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं. इसके अलावा पुलिस द्वारा अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. बताया जा रहा है कि आरोपियों द्वारा मृतक युवक पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जा रहा था दबाव और ऐसा न करने पर पूरे परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी जा रही थी.
मुस्लिम लड़की से हुआ हिन्दू लड़के को प्यार
जानकारी के मुताबिक पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र के मजरा मकारा निवासी 19 वर्षीय दीपू यादव पृथ्वीपुर में रहकर 12वीं की पढ़ाई कर रहा था. जहां पास के ही मडिया गांव की रहने वाली एक मुस्लिम लड़की से उसे प्यार हो गया. दोनों के बीच यह प्यार जब परवान चढ़ा तो इनके इश्क की चर्चाएं भी आम हो गईं. यह बात धीरे-धीरे जैसे ही लड़की के परिजनों तक पहुंची तो उन्होंने लड़के के परिजनों से इस बात की शिकायत की.

धर्म परिवर्तन के दबाव से था परेशान
शिकायत मिलते ही लड़के के पिता ने अपने बेटे को पृथ्वीपुर से हटाकर पढ़ने के लिए अपनी बुआ के गांव सेंदरी भेज दिया था. इसके बावजूद भी इन दोनों की बातचीत का सिलसिला जारी रहा. उधर, लड़की के परिजन दीपू यादव पर लगातार धर्म परिवर्तन करने का दबाव बना रहे थे. इसको लेकर दीपू पिछले काफी दिनों से मानसिक रूप से परेशान था.
फेसबुक और यू ट्यूब पर अपलोड की पूरी कहानी
इसी के चलते ही दीपू यादव ने 24 फरवरी को रात करीब साढ़े तीन बजे अपने सोशल मीडिया एकाउंट फेसबुक और यू-ट्यूब पर अपनी पूरी कहानी और आत्महत्या करने की वजह से संबंधित वीडियो अपलोड कर दी. अपना यह वीडियो वायरल करने के साथ-साथ उसने 12 पन्ने का सुसाइड नोट अपनी बनियान में रखकर 24 फरवरी की सुबह करीब 8 बजे अपनी बुआ के घर के पीछे एक पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी.

हरकत में आई पुलिस ने इनको किया गिरफ्तार
उक्त मामले में संदेरी थाना पुलिस ने मुस्ताक खान, नसीम बानो, रेशमा बानो, शहजाद खान, अमजद खान, रूक्सार मंसूरी, रूबीना बानो सहित मुस्ताक खान की नाबालिग 17 वर्षीय बेटी के खिलाफ धारा 306, 34 आई.पी.सी. के तहत मामला दर्ज कर मुस्ताक खान, नसीम बानो, रेशमा बानो, शहजाद खान व मुस्ताक खान की नाबालिग बेटी को गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायालय में पेश किया. इस मौके पर एसपी टीकमगढ़ कुमार प्रतीक ने जी मीडिया को बताया कि शेष आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है.
भाजपा राज में उद्योग-धंधों के “बुरे दिन” उद्योग की चाबी लेकर भूल गए “शिवराज”

उद्योग की चाबी लेकर भूल गए “शिवराज”
भाजपा राज में उद्योग-धंधों के “बुरे दिन”
विशेष संवाददाता, भोपाल।
मध्य्प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के राज में उद्योग-धंधों के “बुरे दिन” आ गए हैं। युवा उद्यमियों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, लिहाजा उन्हें अपने उद्योग में ताला तक लगाना पड़ रहा है। ताज़ा मामला मध्यप्रदेश के सिवनी जिले का है, यहां सरकार के निक्कम्मे सिस्टम से परेशान होकर एक महिला युवा उद्यमी ने ना सिर्फ अपने प्लांट में ताला जड़ दिया, बल्कि इसकी चाबी तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंप दी। इसके बाद भी ना तो सरकार की नींद खुली और ना ही सरकारी अधिकारियों की।
दुर्भाग्य की बात तो यह है कि प्रदेश के मुखिया “शिवराज” भी चाबी लेकर भूल गए। महिला उद्यमी दीपमाला नंदन पहले सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाने के कारण परेशान थी, अब अपने प्लांट की चाबी वापस पाने के लिए दर दर की ठोकरें खा रही है।
यह है मामला
दरअसल, सिवनी निवासी महिला उद्यमी दीपमाला पति विजय नंदन का नागपुर रोड के खेरीटेक में बैटरी मैनुफैक्चरिंग प्लांट है। यह प्लांट उन्होंने 2015 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से 25 लाख रुपए का ऋण लेकर शुरू किया था। एक साल बाद उन्हें बैटरी की लगातार आ रही अधिक डिमांड को पूरा करने के लिए करीब 15 लाख रुपए वर्किंग केपिटल ऋण की जरुरत पड़ी। इसके लिए उन्होंने सेंटरमध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक से संपर्क किया तो बैंक के अधिकारियों ने वर्किंग केपिटल ऋण देने के लिए हामी भर दी। लेकिन लगातार आवेदन करने के बाद भी बैंक के अधिकारियों ने आज तक लोन स्वीकृत नहीं किया, जबकि बैंक ने पहले से ही महिला उद्यमी की करीब 80 लाख कीमत की प्रॉपर्टी भी अपने पास बंधक रखी हुई है।
परेशान होकर सौंपी थी चाबी
बीते एक साल से वर्किंग केपिटल के लिए परेशान महिला उद्यमी ने आखिरकार अपने प्लांट में ताला जड़ दिया और 12 जनवरी को छिंदवाड़ा के हवाई पट्टी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ज्ञापन के साथ चाबी सौंप दी। महिला उद्यमी का कहना है कि मुख्यमंत्री को चाबी सौंपने के पीछे मकसद यह था कि वह मेरे प्रकरण में गंभीरता से ध्यान देकर मुझे वर्किंग केपिटल दिलवा देंगे और मुझे अपनी चाबी वापस कर देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
डेढ़ माह से बंद है प्लांट
इसके बाद महिला उद्यमी ने जिला कलेक्टर सहित मुख्यमंत्री शिवराज को 2 बार ज्ञापन सौंप चुकी है। महिला उद्यमी के पास प्लांट की एक ही चाबी थी, लिहाजा प्लांट 12 जनवरी से ही बंद पड़ा है। प्लांट में एक दर्जन से ज्यादा वर्कर बेरोजगार हो गए है। चाबी के लिए महिला उद्यमी ने छिंदवाड़ा कलेक्टर से लेकर सीएम हाउस तक संपर्क किया, उन्हें चाबी कहीं नहीं मिली। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी सिस्टम ही लापरवाही की भेंट चढ़ा हो तो फिर कहां और किससे उम्मीद करें। न्याय की उम्मीद लिए सीएम को चाबी सौंपने वाली युवा उद्यमी अब यही कह रही है कि भाजपा राज में “अच्छे दिन” एक बहुत अच्छा “जुमला” है।
इनका कहना है
महिला उद्यमी का वर्किंग केपिटल लोन प्रक्रिया में है। मैंने फ़ाइल तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी है।
– एस के अवस्थी, प्रबंधक, सेंट्रल मप्र ग्रामीण बैंक सिवनी
मुझे चाबी के बारे में जानकारी तो मिली थी, मैंने यहाँ पता करवाया, लेकिन नहीं मिली।
– अजय तिर्की, डिप्टी कलेक्टर, छिंदवाड़ा
चाबी को लेकर सीएम हाउस से फोन आया था। हमने यहां पता करवाया, लेकिन चाबी नही मिल पाई।
– राजेश साही, एसडीएम, छिंदवाड़ा
बोलीं महिला उद्यमी
मैं एक साल से वर्किंग केपिटल की मांग बैंक से कर रही हूं, आज तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। मुख्यमंत्री से उम्मीद थी, लेकिन वह तो चाबी ही ले गए। कम से कम चाबी तो हमें वापस कर दें, ताकि हम प्लांट खोल सकें।
– दीपमाला नंदन, सिवनी
