Seoni News: कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र में 1,156 क्विंटल गेहूं की कमी, प्रबंधक समेत 3 पर FIR – सिवनी। किसानों की शिकायत पर जिला प्रशासन ने गेहूं खरीदी केंद्र कुड़ारी की जांच कराई तो उपार्जन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में खरीदी गई गेहूं की मात्रा और गोदाम में जमा गेहूं के बीच 1,156.26 क्विंटल का अंतर पाया गया, जिसकी समर्थन मूल्य के हिसाब से कीमत ₹30.35 लाख से अधिक है।
मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सेवा सहकारी समिति कुड़ारी के प्रबंधक सरदारी लाल यादव, खरीदी केंद्र प्रभारी वीरेन्द्र बघेल और कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेयास बघेल के खिलाफ 4 सितंबर 2026 को धनौरा थाने में FIR दर्ज कराई है।
Highlights
- कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
- 480 किसानों से 56,501.50 क्विंटल गेहूं खरीदा गया।
- गोदाम में 55,345.24 क्विंटल गेहूं ही जमा हुआ।
- 1,156.26 क्विंटल गेहूं की मात्रा का अंतर मिला।
- इस मात्रा की समर्थन मूल्य पर कीमत ₹30,35,182.50 है।
- 19 किसानों का भुगतान लंबित हुआ था, जिसे बाद में कराया गया।
- प्रबंधक समेत 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
- FIR 4 सितंबर 2026 को धनौरा थाने में दर्ज हुई।
जनसुनवाई में किसानों ने उठाई थी शिकायत
पूरा मामला 4 अगस्त 2026 को जनपद पंचायत धनौरा में आयोजित विशेष जनसुनवाई शिविर से सामने आया। यहां किसानों ने कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के सामने गेहूं खरीदी केंद्र कुड़ारी को लेकर सामूहिक शिकायत दर्ज कराई थी। किसानों का आरोप था कि गेहूं की तुलाई और खरीदी दर्ज करने के नाम पर उनसे प्रति क्विंटल ₹20 से ₹25 अतिरिक्त राशि ली जा रही थी। इसके अलावा खरीदी गई गेहूं के अनुपात में गोदामों में पर्याप्त मात्रा जमा नहीं होने की शिकायत भी की गई थी।
भुगतान में देरी से किसान परेशान
किसानों ने प्रशासन को बताया था कि गेहूं खरीदी समाप्त होने के करीब एक महीने बाद भी कुछ किसानों का भुगतान लंबित था। उन्होंने पूरे मामले की जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और लंबित भुगतान जल्द कराने की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जिला स्तरीय जांच दल गठित कर मामले की जांच के निर्देश दिए।
480 किसानों से खरीदा गया 56,501.50 क्विंटल गेहूं
जिला स्तरीय जांच में सामने आया कि कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र पर कुल 480 किसानों से समर्थन मूल्य पर 56,501.50 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। हैंडलिंग, परिवहन, गोदाम में भंडारण और भंडारण के दौरान गेहूं रिजेक्ट होने की स्थिति में अपग्रेडेशन एवं सेग्रिगेशन की प्रक्रिया के बाद गोदाम में वास्तविक रूप से 55,345.24 क्विंटल गेहूं जमा कराया गया। यानी खरीदी गई कुल मात्रा और गोदाम में जमा गेहूं के बीच 1,156.26 क्विंटल का अंतर पाया गया।
₹30.35 लाख से ज्यादा की गेहूं की मात्रा का अंतर
जांच के अनुसार 1,156.26 क्विंटल गेहूं की समर्थन मूल्य के आधार पर कीमत ₹30,35,182.50 आंकी गई है। इस मात्रा के गोदाम में जमा नहीं होने के कारण खरीदी केंद्र से जुड़े 19 किसानों का भुगतान लंबित हो गया था। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जांच में सामने आया मात्रा का अंतर अपने आप में किसी व्यक्ति द्वारा गेहूं की चोरी या गबन साबित नहीं करता। मामले में पुलिस FIR दर्ज कर चुकी है और आगे की जांच में जिम्मेदारी एवं पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।
कलेक्टर के निर्देश पर 19 किसानों का भुगतान कराया गया
प्रशासन ने किसानों के हित को प्राथमिकता देते हुए लंबित भुगतान की समस्या का तत्काल समाधान कराया। किसानों को समय पर भुगतान दिलाने के लिए शासन से अतिरिक्त राशि की मांग की गई और संबंधित 19 किसानों का भुगतान कराया गया। इस कार्रवाई से उन किसानों को राहत मिली, जिनका भुगतान खरीदी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अटका हुआ था।
प्रबंधक समेत तीन के खिलाफ FIR
जांच में उपार्जन कार्य के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद खरीदी केंद्र के विरुद्ध प्रकरण तैयार किया गया। इसके आधार पर 4 सितंबर 2026 को धनौरा पुलिस थाने में इन तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई—
- सरदारी लाल यादव — प्रबंधक, सेवा सहकारी समिति कुड़ारी
- वीरेन्द्र बघेल — खरीदी केंद्र प्रभारी
- श्रेयास बघेल — कम्प्यूटर ऑपरेटर
अब पुलिस FIR में दर्ज तथ्यों और जांच के आधार पर मामले की आगे पड़ताल करेगी।
किसानों की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई का संदेश
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि किसानों से जुड़ी शिकायतों का गंभीरता और प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाएगा। उपार्जन कार्य में किसी भी तरह की अनियमितता, लापरवाही या किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कुड़ारी खरीदी केंद्र की जांच और FIR के बाद जिले के अन्य गेहूं खरीदी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर भी प्रशासनिक निगरानी और सख्त होने की संभावना है। खासकर किसानों से अतिरिक्त राशि लेने, खरीदी के आंकड़ों और गोदाम में जमा अनाज की मात्रा के मिलान जैसे मामलों पर प्रशासन की नजर रहेगी।
किसानों की शिकायत से शुरू हुई जांच में कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र पर खरीदी और भंडारण की मात्रा में बड़ा अंतर सामने आया है। प्रशासन ने लंबित किसानों का भुगतान कराया और अब तीन संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ FIR के बाद पुलिस जांच आगे बढ़ेगी।


