Home Blog Page 191

आइसक्रीम में निकली कटी हुई ऊँगली: मुंबई के मलाड में ऑनलाइन ऑर्डर हुई आइसक्रीम के अंदर निकली इंसानी उंगली- Watch Video

आपने फिंगर चिप्स के बारे में तो सुना ही होगा। लेकिन फिंगर आइसक्रीम के बारे में? जब ओरलेम के निवासी ब्रेंडन सेराओ (27) ने बुधवार को एक ऑनलाइन डिलीवरी ऐप के ज़रिए कोन आइसक्रीम का ऑर्डर दिया, तो उन्हें इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि उन्हें बड़ा झटका लगेगा।

उसने यम्मो बटरस्कॉच कोन का ढक्कन खोला और आइसक्रीम को खाना शुरू किया, तभी उसकी जीभ पर कोई सख्त चीज लगी। उसने उसे बाहर निकाला और पाया कि वह लगभग 2 सेमी लम्बी एक मानव उंगली का टुकड़ा था।

उन्होंने खबर सत्ता को बताया कि सुबह उनकी बहन ऑनलाइन डिलीवरी ऐप के ज़रिए किराने का सामान मंगवा रही थी, तभी उन्होंने उससे तीन बटरस्कॉच कोन आइसक्रीम को लिस्ट में शामिल करने को कहा।

जब आइसक्रीम डिलीवर हुई तो उन्होंने कोन खोलकर उसका मज़ा लिया, लेकिन उसमें उंगली का एक टुकड़ा निकला। उन्होंने इस घटना की जानकारी मलाड पुलिस को दी है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिंगर पीस को फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जिस जगह पर आइसक्रीम बनाई और पैक की जाती है, उसकी भी तलाशी ली जाएगी। उन्होंने कहा, “हमने इसे गंभीरता से लिया है।”

आइसक्रीम निर्माता ने खबर सत्ता के कॉल का जवाब नहीं दिया।

KhaI! Sthani Gaddar नहीं देशभक्त Sardar – ज्योत जीत सिंह की X पोस्ट हो रही वायरल

KhaI! Sthani Gaddar नहीं देशभक्त Sardar – ज्योत जीत सिंह की X पोस्ट हो रही वायरल: ज्योत जीत सिंह (Jyot Jeet Singh) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में काफी एक्टिव रहते है. ज्योत जीत सिंह (Jyot Jeet Singh) लगातार ही देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त खालिस्तानियों के खिलाफ अपनी बातें खुले मन से रखते है.

लेकिन आए दिन इन्हें जान से मारने की धमकी तक खालिस्तानी समर्थकों द्वारा दी जाती रही है. इसी बीच ज्योत जीत सिंह (Jyot Jeet Singh) की एक X पोस्ट काफी वायरल हो रही है. इस वायरल पोस्ट में अपनी फोटो के साथ इन्होने लिखा है “KhaI! sthani Gadda r ❌ देशभक्त 🇮🇳 Sardar ✅”. पोस्ट आप नीचे देख सकते है.

ज्योत जीत सिंह (Jyot Jeet Singh) लगातार ही देश विरोधी ताक़तों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते दिखाई देते है.

अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार किया गया नियुक्त, PM MODI के तीसरे कार्यकाल का बड़ा फैसला

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने गुरुवार को आधिकारिक आदेश के अनुसार अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के रूप में फिर से नियुक्त किया। आदेश में कहा गया है कि उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के साथ या अगले निर्देशों तक चलेगी।

आदेश में कहा गया है, “अजीत डोभाल, IPS (सेवानिवृत्त), को कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा 10.06.2024 से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया है।”

इसमें कहा गया है कि पूर्व IPS अधिकारी डोभाल को उनके कार्यकाल के दौरान वरीयता तालिका में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाएगा और उनकी नियुक्ति का विवरण अलग से अधिसूचित किया जाएगा। अधिक विवरण की प्रतीक्षा है।

MP के Indore में शाहिद ने राज बनकर की शादी: बच्चे को इस्लामी नाम देने से पत्नी ने किया मना तो ससुराल वालों ने पीटा; दोस्तों और रिश्तेदारों से बलात्कार…

Indore News: इंदौर में एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां एक हिंदू महिला ने अपने मुस्लिम ससुराल वालों पर मारपीट का आरोप लगाया है। उसने यह भी आरोप लगाया है कि पति ने अपने दोस्तों के जरिए उसका बलात्कार करवाया और बच्चे को इस्लामिक नाम देने से इनकार करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी।

महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति शाहिद अहमद उर्फ ​​राज, सास शबनम, ननद सानिया और उनके रिश्तेदार वसीम अख्तर, नौमान और फैजल खान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। महिला की शिकायत के बाद मंगलवार शाम को उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया।

पति ने हिंदू धर्म अपनाने पर सहमति जताई

दैनिक भास्कर के अनुसार, 2019 में महिला की मुलाकात शाहिद से एक कॉल सेंटर में हुई, जहाँ उसने अपना नाम राज बताया। दोनों करीब आए और शाहिद ने उससे शादी का वादा किया, जिस पर वह राजी हो गई।

हालांकि, खजराना में उसके घर जाने पर उसे पता चला कि शाहिद एक मुस्लिम परिवार से है। उसने उसे बताया कि वह दोनों के अलग-अलग धर्मों के कारण उससे शादी नहीं कर सकती। इसके बाद शाहिद ने उसे भरोसा दिलाया कि वह हिंदू धर्म अपना लेगा और इस वादे के आधार पर दोनों ने शादी कर ली।

शुरुआत में सब कुछ ठीक-ठाक चला और महिला गर्भवती हो गई। बेटे के जन्म के बाद ससुराल वालों ने उसे मुस्लिम नाम देने पर जोर दिया। महिला ने शाहिद को उसके वादे की याद दिलाई कि वह किसी भी धार्मिक परिवर्तन को लागू नहीं करेगा और सवाल किया कि उनके बेटे के लिए मुस्लिम नाम क्यों चुना जा रहा है।

इसके कारण शाहिद, उसकी माँ शबनम और भाभी सानिया ने उसे गालियाँ दीं और धमकियाँ दीं। उन्होंने उसे मौखिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया और बच्चे को मुस्लिम नाम देने पर जोर दिया।

इसके अलावा, महिला का दावा है कि उसके पति ने धमकी दी कि अगर उसने उनकी मांगें पूरी नहीं कीं तो वह उनके बेटे को मार देगा। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके पति ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के ज़रिए उसका बलात्कार करवाने की योजना बनाई, ताकि उनके बेटे के खिलाफ़ धमकियों का फ़ायदा उठाया जा सके।

एफआईआर के बाद पुलिस ने पति, सास और ननद को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

Morena News: खाकीधारी ने खुद का किया अपहरण, पत्नी से 40 लाख की फिरौती मांगी

Morena News: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक मजेदार घटना सामने आई है, जहां एक पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर अपने ही अपहरण की योजना बनाई और अपनी पत्नी से 40 लाख रुपये की मांग की। जब पुलिस ने उसे उसके चाचा के घर पर पाया तो उसकी पत्नी हैरान रह गई।

पुलिसकर्मी शिवशंकर रावत ने फिरौती की मांग करने के लिए एक नए नंबर से कॉल भी किया। पुलिस ने उसके मोबाइल की लोकेशन करौली में ट्रेस की, जहां उसे बस स्टैंड के पास एक घर में सोते हुए पाया गया।

जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर लक्ष्मी रावत नाम की महिला सबलगढ़ थाने पहुंची और खुद को निरार थाने में तैनात कांस्टेबल शिवशंकर रावत की पत्नी बताया।

लक्ष्मी ने रोते हुए बताया कि उसके पति का अपहरण कर लिया गया है और अपहरणकर्ता उसे छोड़ने के लिए 40 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। फिरौती न देने पर शव के टुकड़े कर भेजने की धमकी दी जा रही है।

शुरुआत में पुलिस को लगा कि यह अपहरण का असली मामला है। उन्होंने कांस्टेबल के मोबाइल लोकेशन का पता लगाया और करौली पहुँच गए। वहाँ उन्होंने कांस्टेबल को अपने चाचा के घर में एक दोस्त के साथ सोते हुए पाया।

पुलिस ने फिरौती के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल को जब्त कर लिया और पाया कि वह शिवशंकर रावत का था। पता चला कि शिवशंकर और उसके दोस्त ने लक्ष्मी से फिरौती मांगने के लिए अपनी आवाज़ बदली थी।

अन्य पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार शिवशंकर रावत ने राजस्थान के करौली में एक शादी में शामिल होने के लिए अपने विभाग से तीन दिन की छुट्टी ली थी।

इस दौरान उसने अपनी पत्नी को फोन कर अपहरण की झूठी कहानी गढ़ ली। अपहरण की खबर से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

MP के BHIND में दूषित पानी की वजह से 2 लोगों की मौत और 70 ग्रामीणों बीमार, राजस्व अधिकारी निलंबित

Bhind News: भिंड में दूषित पानी पीने से दो लोगों की मौत और लगभग 70 ग्रामीणों के बीमार होने के बाद कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने बुधवार को एक राजस्व अधिकारी को निलंबित करने का आदेश दिया।

उन्होंने भिंड के फूप गांव में स्थित अस्पताल का दौरा किया, जहां मरीज भर्ती थे और स्टाफ को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने घटना में शामिल राजस्व अधिकारी और एक अन्य कर्मचारी को निलंबित करने के भी निर्देश दिए।

सीएमएचओ ने की मौतों की पुष्टि

तत्काल चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल में तीन एम्बुलेंस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अब तक दूषित पानी ने दो बुजुर्गों की जान ले ली है।

दूषित पानी पीने से लगभग 70 लोग बीमार पड़ गए हैं।

मीडिया से बात करते हुए मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डी.के. शर्मा ने पुष्टि की कि “लगातार उल्टी और दस्त के कारण दो बुजुर्गों की मौत हो गई है।”

फूप में चिकित्सा शिविर लगाया गया

फूप, भिंड और ग्वालियर के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के इलाज के प्रयास जारी हैं। कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने चिकित्सा अधिकारियों को फूप नगर परिषद के वार्डों में शिविर लगाकर प्रभावित व्यक्तियों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने शहर में बिजली के खंभे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, उन्हें नालियों से जोड़ने के लिए मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, निवासियों ने चिंता जताई है कि इन कार्यों के दौरान, पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप नाली का पानी आवासीय संपत्तियों में लीक हो सकता है।

मध्यप्रदेश के 15 GAVI जिलों में शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य

प्रदेश के ऐसे ज़िले जहाँ पर टीकाकरण विहीन बच्चों का बाहुल्य है वहाँ टीकाकरण की सघनता बढ़ाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्ययोजना का निर्माण किया जा रहा है। कार्ययोजना निर्माण और क्रियान्वयन के लिए यूएनडीपी के सहयोग से भोपाल में विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की 1 दिवसीय 0 डोज इमप्लिमेंटेशन प्लान कार्यशाला हुई।

उल्लेखनीय है कि भारत शासन ने 11 राज्यों के 143 जिलों का चयन किया है (जिसमें मध्यप्रदेश के 15 जिले शामिल हैं) जहां 1 वर्ष तक के 0 डोज प्राप्त बच्चों की संख्या अधिक पायी गई है।

मिशन संचालक एनएचएम श्रीमती प्रियंका दास ने कहा कि यह स्वास्थ्य विभाग के लिए महत्वपूर्ण अवसर है कि टीकाकरण में पीछे रह गये क्षेत्रों को अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं का विशेष सहयोग प्राप्त होने जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अमले को इस मौक़े लाभ लेकर शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूरे मनोयोग से प्रयास करने और संस्थाओं को अपेक्षित सहयोग प्रदान करने के लिए निर्देशित किया। कार्यशाला में एन०एच०एम० के उपसंचालक, सीएमएचओ, डीईओ तथा टीकाकरण पार्टनर एजेंसी के सदस्य उपस्थित थे।

मॉनिटरिंग एवं रिकॉर्ड संधारण के लिए डिजिटल तकनीक का प्रयोग

डब्ल्यू.एच.ओ. द्वारा समस्त जिलों की कार्ययोजना 30 जून तक कम्प्यूटरीकृत कर ली जायेगी। यूएनडीपी के सहयोग से 0 से 5 वर्ष के सभी बच्चों का टीकाकरण रिकॉर्ड यूविन पोर्टल में अपडेट किया जायेगा। जे.एस.आई. द्वारा शत प्रतिशत वैक्सीनेटर के मॉड्यूल आधारित प्रशिक्षण 30 जुलाई तक पूर्ण किया जायेगा। यूनीसेफ द्वारा शीघ्र ही एकीकृत मेन्टिरिंग मॉनीटरिंग एप का उपयोग कर सुपरविजन टूल दिया जायेगा। जिससे जिले एवं ब्लॉक में पायी गई कमियों का सुधार उसी दिन किया जा सकेगा।

नियमित समीक्षा

डब्ल्यू.एच.ओ. की निगरानी में प्रदेश में 200 फील्ड मॉनीटर सत्र स्थल एवं घर-घर जाकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी साप्ताहिक समीक्षा करेंगे और ऐक्शन टेकन रिपोर्ट राज्य टीकाकरण प्रकोष्ठ को प्रेषित करेंगे। प्रतिरोधी परिवारों के लिये विशेष कार्ययोजना बनायी जाएगी।

1 भी घर, 1 भी बच्चा टीकों से वंचित न रहे

यूएनडीपी के राष्ट्रीय सलाहकार डॉ प्रदीप हलदर ने कहा कि 1 वर्ष के भीतर जिन्हें 1 भी डोज डी.पी.टी. युक्त (पेन्टाविलेंट) वैक्सीन प्राप्त नहीं हुई हैं उन्हें जीरो डोज अंतर्गत रिपोर्ट माना जायेगा। घर-घर सर्वे में 0 से 1 वर्ष के बच्चों के जीरो टीकाकरण डोज की सूची तैयार की जायेगी। 1 भी घर, 1 भी बच्चा टीकों से वंचित न रहे इसकी योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जाएगा।

राष्ट्रीय तकनीकि विशेषज्ञ, यूएनडीपी नई दिल्ली डॉ पंकज सुमानी ने प्रदेश में एन.एफ.एच.एस. 1 (1992-93) 35% पूर्ण टीकाकरण से एन.एफ.एच.एस. 5 (2019-21) 76% प्रदेश की प्रगति की सराहना की। एक भी बच्चा अटीकाकृत न रहे इसके लिए अभिभावकों में जागरूकता लाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्र जैसे झुग्गी स्थल, घुमक्कड़ आबादी, प्रतिरोधी, जनजाति बाहुल्य एवं पहुंच विहीन क्षेत्रों में विशेष ध्यान देते हुए IRMMA (आइडेंटिफाई, रीच, मॉनिटर, मेजर, एडवोकेट) योजना पर कार्य करना होगा।

संचालक, टीकाकरण डॉ संतोष शुक्ला ने बताया कि GAVI (ग्लोबल अलायन्स फॉर वैक्सीन एंड इम्यूनाइजेशन) अंतर्गत चयनित 15 जिलों (बालाघाट, बड़वानी, भिंड, मंदसौर, मुरैना, पन्ना, राजगढ़, रीवा, सतना, शिवपुरी, सिंगरौली, सीहोर, ग्वालियर, विदिशा एवं दमोह) में कुल 97 ब्लॉक शामिल किये गये हैं।

आम नहीं खास है मध्य प्रदेश के आम: नूरजहां आम, सुंदरजा आम, मियाजाकी आम ने बनाई विश्व में अलग पहचान

मध्यप्रदेश का आम किसी पहचान का मोहताज नहीं है। इसके स्वाद और खुशबू की चर्चा केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विश्वभर में होती है। मध्यप्रदेश के आम का इतिहास और यहां के किसानों की मेहनत की कहानी बेहद दिलचस्प है। इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे यह प्रदेश आम उत्पादन में अपनी एक विशेष पहचान बना चुका है।

नूरजहां आम: आलीराजपुर का गर्व

कट्ठीवाड़ा का नूरजहां आम अद्वितीय है। इसका आकार और वजन ही नहीं, बल्कि इसकी महक और स्वाद भी इसे खास बनाती है। नूरजहां आम का वजन 500 ग्राम से 2 किलो तक हो सकता है। इसकी लंबाई बारह इंच तक होती है।

यहां के किसानों का मानना है कि यह आम अपने आप में एक कृति है, जिसे देखने और चखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। आम की बुकिंग इसकी फसल के पहले ही हो जाती है। यह आम जनवरी में फूलता है और जून तक तैयार हो जाता है। इसका पौधा अफगानिस्तान से होते हुए गुजरात और फिर मध्यप्रदेश आया। कट्ठीवाड़ा में 37 प्रकार के आम मिलते हैं, जिनमें नूरजहां का नाम सबसे ऊपर आता है।

सुंदरजा आम: रीवा का अनमोल रत्न

रीवा के गोविंदगढ़ का सुंदरजा आम भी किसी से कम नहीं है। इसे ज्योग्राफिकल इंडिकेशन टैग मिला हुआ है। सुंदरजा आम अपनी सुगंध और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। यह आम वर्ष 1968 में डाक टिकट पर भी छपा था।

इसकी पत्तियाँ, छाल और गुठलियाँ औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। सुंदरजा आम में शक्कर की मात्रा कम होती है, जिससे यह मधुमेह के मरीजों के लिए भी सुरक्षित है। रीवा के फल अनुसंधान केंद्र में इस पर लगातार शोध चल रहे हैं और यहाँ विभिन्न प्रकार के आमों के 2345 पेड़ हैं।

मियाजाकी आम: जबलपुर की शान

जबलपुर का मियाजाकी आम अपनी महंगाई और स्वाद के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यह आम जापान की किस्म है और इसे “सूर्य का अंडा” भी कहा जाता है। मियाजाकी आम का एक फल 20000 रूपये तक बिकता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 3 लाख रूपये प्रति किलो तक पहुँच जाती है। जबलपुर में 1984 से इसका उत्पादन हो रहा है और इसके पेड़ों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

आम का इतिहास और महत्व

आम का इतिहास 5000 साल पुराना है। यह फल इंडो वर्मा रीजन में उत्पन्न हुआ और पूरे दक्षिण एशिया में फैला। वर्ष 1498 में पुर्तगाली कोलकाता में उतरे और उन्होंने आम का व्यापार स्थापित किया। आम ट्रॉपिकल और सब ट्रॉपिकल जलवायु में अच्छा फलता है। यह ब्राज़ील, इक्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, मेक्सिको, पेरू में भी पाया जाता है। आम के पेड़ की पत्तियों का उपयोग शादियों और धार्मिक आयोजनों में किया जाता है।

मध्यप्रदेश में आम का उत्पादन

मध्यप्रदेश में आम का उत्पादन पिछले कुछ सालों में लगातार बढ़ा है। वर्ष 2016-17 में उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 13.03 मीट्रिक टन थी जो 2023-24 में बढ़कर 14.66 मीट्रिक टन हो गई है। इसी प्रकार, 2016-17 में आम का क्षेत्र 43609 हेक्टेयर था जो अब बढ़कर 64216 हेक्टेयर हो गया है। इसी दौरान उत्पादन 5,04,895 मीट्रिक टन से बढ़कर 9,41,352 मीट्रिक टन हो गया है।

उद्यानिकी फसलों का महत्व

बाणसागर की नहर ने इस क्षेत्र में खेती और उद्यानिकी फसलों की पैदावार को बढ़ावा दिया है। यहाँ खाद्य प्रसंस्करण लघु उद्योगों की भी भरपूर संभावनाएं बनी हैं। गोविंदगढ़ क्षेत्र में आम के कई बाग हैं और यहाँ से फ्रांस, अमेरिका, इंग्लैंड और अरब देशों को आम निर्यात होता है।

आम की अन्य प्रमुख किस्में

मध्यप्रदेश में आम की कई प्रमुख किस्में पाई जाती हैं, जिनमें बॉम्बे ग्रीन, इंदिरा, दशहरा, लंगड़ा, गधुवा, आम्रपाली और मलिका मुख्य हैं। हर किस्म का अपना विशेष स्वाद और महक है, जो इसे बाकी से अलग बनाती है।

आम का औषधीय महत्व

आम न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है। इसमें विटामिन-ए, विटामिन-सी और आयरन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट होता है और शरीर को कई प्रकार की बीमारियों से बचाता है। इसकी पत्तियाँ और छाल का उपयोग भी औषधीय रूप में किया जाता है।