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शिप्रा तीर्थ परिक्रमा केवल यात्रा नहीं पुरातात्विक, आध्यात्मिक स्थलों के महत्व को बढ़ाने, सहेजने और संवारने का माध्यम बनेगी : CM MOHAN YADAV

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा केवल यात्रा नहीं यह शिप्रा तट पर स्थित पुरातात्विक, आध्यात्मिक स्थलों के महत्व को बढ़ाने, सहेजने, संवारने का माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव आज उज्जैन के पावन रामघाट पर मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा महाकाल की नगरी उज्जयिनी में पुण्य पावन सलिला मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पर शिप्रा तीर्थ परिक्रमा के शुभारंभ अवसर पर धर्म, आस्था और विश्वास का अद्भुत दृश्य निर्मित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रामघाट पर शिप्रा की पूजा-अर्चना अभिषेक व आरती कर ध्वज का पूजन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की नदियों, जल संरचनाओं के संरक्षण, संवर्धन और पुनरुद्धार को समर्पित जलाभिषेक अभियान का उपस्थित जन और प्रदेशवासियों को संकल्प दिलाकर शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का शुभारंभ किया।

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल एवं पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण के कार्य जारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रदेश में जल एवं पर्यावरण संरक्षण, नदी पुनरूद्धार एवं पौधारोपण के कार्य किये जा रहे हैं। भारत में जन्म होना भाग्य है और उज्जैन व उसके आसपास जन्म लेना सौभाग्य की बात है। पुण्य-सलीला शिप्रा में 11 नदियां समाहित है।

इसके किनारे पर 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास है। सभी तीर्थों में अवंतिका तीर्थ बड़ा माना जाता है। शिप्रा तीर्थ परिक्रमा केवल यात्रा नहीं यह शिप्रा तट पर स्थित पुरातात्विक, आध्यात्मिक स्थलों के महत्व को बढ़ाने, सहेजने, संवारने का माध्यम बनेगी।

वैदिक घड़ी के माध्यम से उज्जैन का स्टेण्डर्ड समय देश-दुनिया के समय के रूप में पुनर्स्थापित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए परिक्रमा की सफलता के लिये बधाई दी।

पुष्प वर्षा से हुआ शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का स्वागत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव संत समाज, श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों के साथ शिप्रा तीर्थ परिक्रमा में पैदल चलकर शामिल हुए। परिक्रमा करने वालों में अपार उत्साह था, तीर्थ यात्रियों के हाथों में परिक्रमा के ध्वज लहरा रहे थे। परिक्रमा मार्ग पर विभिन्न धार्मिक-सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों ने पुष्पवर्षा कर शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का स्वागत किया।

प्रारम्भ में शिप्रा तट पर पूजा-अर्चना के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंचासीन सन्तगण बालयोगी श्री उमेशनाथ महाराज (राज्यसभा सदस्य), सन्त श्री भगवानदास महाराज, श्री कुशलदास महाराज, महन्त श्री हरिदास महाराज एवं श्री अनिल गुरु महाराज का स्वागत किया।

शुभारंभ अवसर पर सांसद श्री अनिल फिरोजिया, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा, श्री सतीश मालवीय, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव एवं पूर्व विधायकगण, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर सक्सेना जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, सन्तगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

 उज्जैन के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचेगी यात्रा : गंगा दशहरा पर होगा समापन

शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा रामघाट से प्रारंभ होकर नृसिंहघाट, आनन्देश्वर मंदिर, जगदीश मंदिर, गउघाट, जंतर-मंतर, वरूणेश्वर महादेव मंदिर (शीतल गेस्ट हाउस) से इन्दौर रोड सीएचएल अस्पताल, प्रशांतधाम मंदिर, गुरूकुल (त्रिवेणी) नवग्रह शनि मंदिर पहुंचेगी तथा यहां दोपहर का भोजन व विश्राम होगा। इसके पश्चात यात्रा गोठडा, सिंकदरी, दाउदखेड़ी, चांदमुख, चिंतामण, मंगरौला फंटा, लालपुल, भूखी माता मंदिर से गुरूनानक घाट होते हुए दत्त अखाडा पहुंचेगी।

यहां पर रात्रि विश्राम किया जायेगा। इसके पश्चात रविवार 16 जून को घाट पर स्नान के पश्चात यात्रा रंजीत हनुमान, कालभैरव, सिद्धनाथ, अंगारेश्वर, कमेड, मंगलनाथ, सांदीपनी आश्रम, राम मंदिर, गढकालिका, भृर्तृहरि गुफा, ऋणमुक्तेश्वर, वाल्मीकी धाम चक्रतीर्थ, दानीगेट, ढाबारोड़, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार, गुदरी चौराहा, महाकाल मंदिर, बडा गणेश मंदिर, हरसिद्धी से वापस रामघाट पहुंचेगी। यहां गंगा दशहरा पर यात्रा का समापन होगा।

मध्यप्रदेश बीएड-डीएड कॉलेज फर्जीवाड़ा: एक्शन मोड में STF, भवन निर्माण की अनुमति और बैंक की FD रसीद फर्जी; कॉलेजों पर दर्ज है FIR

Madhya Pradesh B.Ed-D.Ed college fraud: मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों की तरह बीएड-डीएड कॉलेजों में हुए फर्जीवाड़े (MP B.Ed-D.Ed college fraud) के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) और जीवाजी यूनिवर्सिटी के प्रमुख अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

इन नोटिस में यह पूछा गया है कि उन कॉलेजों का निरीक्षण किस अधिकारी या कर्मचारी ने किया था जिन्हें फर्जी तरीके से मान्यता मिली। यह भी पूछा गया है कि उन कॉलेजों को मान्यता देने वाली रिपोर्ट किसने जारी की थी।

एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि एनसीटीई दिल्ली और जीवाजी यूनिवर्सिटी के प्रमुख को नोटिस भेजे गए हैं और उनसे पूछा गया है कि फर्जी तरीके से मान्यता प्राप्त करने वाले छह कॉलेजों का निरीक्षण किसने किया था।

इन कॉलेजों को मान्यता दिलाने में किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका थी, उनके नाम और पद की जानकारी भी मांगी गई है ताकि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है और जांच पूरी होने पर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

गौरतलब है कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के छह कॉलेजों की जांच में यह पाया गया था कि मान्यता प्राप्त करने के लिए फर्जीवाड़े की सभी सीमाएं पार की गई थीं। जहां कॉलेज होने की जानकारी दी गई थी, वहां वास्तव में खेत मौजूद थे।

भवन निर्माण की अनुमति भी फर्जी निकली

ग्राम पंचायत से भवन निर्माण की अनुमति भी फर्जी तरीके से प्राप्त की गई थी, यहां तक कि सरपंच के हस्ताक्षर भी नकली थे। इसके अलावा बैंक की फिक्स डिपॉजिट रसीद (एफडीआर) भी फर्जी तरीके से बनाई गई थी।

एसटीएफ अब एनसीटीई और जीवाजी यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। 29 मई को एसटीएफ ने इन छह कॉलेजों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज किया था।

बैंक की फिक्स डिपॉजिट रसीद भी फर्जी

एसटीएफ के एसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि कुछ कॉलेजों ने मान्यता प्राप्त करने के लिए जो एफडीआर जमा की थी, वह बैंक द्वारा जारी ही नहीं की गई थी।

कॉलेज में भवन निर्माण के लिए जिन एसडीओ कार्यालय से आदेश जारी होना बताया गया था, वहां से ऐसे कोई आदेश जारी ही नहीं हुए थे। भवन पूर्णता आदेश जिन पंचायतों से जारी होना बताया गया था, उन पंचायतों ने भी ऐसे आदेश जारी करने से इनकार कर दिया है।

इन कॉलेजों पर दर्ज है FIR

एसटीएफ ने अंजुमन कॉलेज ऑफ एजुकेशन सेवड़ा (दतिया), प्राशी कॉलेज ऑफ एजुकेशन मुंगावली (अशोक नगर), सिटी पब्लिक कॉलेज शाढ़ौरा (अशोक नगर), मां सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय, वीरपुर (श्योपुर), प्रताप कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बड़ौदा (श्योपुर), आइडियल कॉलेज, बरौआ (ग्वालियर) के संचालकों को आरोपी बनाया है। एसटीएफ यह भी जांच करेगी कि ये कॉलेज अब तक कितनी डिग्रियां बांट चुके हैं।

MP में 2-3 दिनों के लिए डिले हुआ मानसून: फिलहाल प्री-मानसून करेगा खेला; 50KM की स्पीड से हवाओं के साथ बारिश का है अनुमान

महाराष्ट्र समेत कई प्रदेशों में एंटर होने के बाद मानसून की दोनों अरब सागर और बंगाल की खाड़ी ब्रांच कमजोर हो गई है। इस कारण मध्यप्रदेश में तय समय से 2-3 दिन के बाद ही एंट्री की संभावना है।

मौसम विभाग की जानकारी

IMD, भोपाल की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि 10 से 14 जून के बाद मानसून स्थिर है। इससे वह कमजोर हो गया है। इसलिए मध्यप्रदेश में इंतजार करना पड़ेगा। इससे पहले प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी है।

वर्तमान में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। दक्षिण हिस्से में बारिश और तेज हवा की स्थिति बनी हुई है। यहां हवा की गति भी अधिक है। उत्तर-पश्चिमी हिस्से में भी ऐसी स्थिति बन रही है। इसलिए मानसून आने के पहले आंधी, गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनी रहेगी।

आज कई जिलों में तेज बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने शनिवार को कई जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में आंधी, गरज-चमक का ऑरेंज अलर्ट है।

वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा, सीहोर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर में आंधी का यलो अलर्ट है। दूसरी ओर, रीवा, मऊगंज और सिंगरौली में गर्म हवाएं भी चल सकती हैं।

बारिश के साथ तेज गर्मी का असर भी

इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के कई शहरों में मौसम बदल गया। खरगोन, हरदा, इंदौर के महू, सीहोर के आष्टा, खंडवा, बैतूल समेत कई जिलों में बारिश हुई। बैतूल जिले के मुलताई में सीएम डॉ. मोहन यादव की सभा के दौरान तेज बारिश होने लगी। इससे बचने के लिए लोगों ने वहां लगाए गए होर्डिंग को सिर पर रख लिया। कुछ लोग बारिश से बचने के लिए टेंट में छिपते नजर आए। इसी दौरान वहां करंट की चपेट में आकर एक महिला और बच्चा घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इधर, गर्मी का असर भी देखने को मिला। सबसे गर्म छतरपुर का खजुराहो रहा। यहां दिन का तापमान 45.2 डिग्री रहा। छतरपुर जिले का बिजावर भी दूसरा सबसे गर्म रहा। यहां पारा 45 डिग्री दर्ज किया गया। टॉप-10 सबसे गर्म शहरों में सीधी, रीवा, सिंगरौली, सतना, नौगांव, शहडोल, दमोह और ग्वालियर शामिल रहे।

प्री-मानसून एक्टिविटी का विश्लेषण

प्री-मानसून एक्टिविटी का मतलब है मानसून से पहले की बारिश, आंधी और तूफान। वर्तमान में मध्यप्रदेश में प्री-मानसून एक्टिविटी तेज है। इस एक्टिविटी का असर कई जिलों में देखा जा रहा है, जिससे तेज हवा और बारिश हो रही है। यह स्थिति तब तक जारी रहेगी जब तक मानसून पूरी तरह से नहीं आ जाता।

आगामी मौसम की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में अगले कुछ दिनों में मौसम की स्थिति और बदल सकती है। आंधी, तूफान और बारिश की संभावना बनी रहेगी। साथ ही, गर्म हवाओं का प्रभाव भी कुछ जिलों में देखने को मिल सकता है। इस दौरान तापमान में गिरावट और वृद्धि दोनों हो सकती है।

मानसून की तैयारी

मध्यप्रदेश में मानसून की देरी के बावजूद, लोगों को तैयार रहना चाहिए। प्री-मानसून एक्टिविटी से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर रहना आवश्यक है। तेज हवा और बारिश के समय बाहर निकलने से बचें और अपने घरों को सुरक्षित रखें। बिजली के उपकरणों का सही तरीके से उपयोग करें और संभावित जोखिमों से बचें।

खेती और फसलों पर प्रभाव

मानसून की देरी का असर खेती और फसलों पर भी पड़ सकता है। किसान भाईयों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की जानकारी पर ध्यान दें और अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। समय पर बुवाई और सिंचाई की व्यवस्था करें ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।

ग्वालियर डबल मर्डर: हाईवे के पास दो शव मिलने से सनसनी, सीएम मोहन यादव के आगमन से पहले हाई अलर्ट पर है ग्वालियर

ग्वालियर (मध्य प्रदेश): ग्वालियर हाईवे पर शनिवार सुबह दो युवक मृत पाए गए। उनके चेहरे पर पत्थर से बुरी तरह से वार किया गया था और उनमें से एक का कृत्रिम अंग लगा हुआ था।

उनके शवों के पास खून के निशान वाला एक पत्थर मिला है। आशंका है कि युवकों की हत्या की गई है और पहचान छिपाने के लिए उनके चेहरे को पत्थर से कुचल दिया गया है।

डबल मर्डर का मामला दर्ज किया गया है। ग्वालियर में आज सीएम मोहन यादव के आने की वजह से हाई अलर्ट है। कड़ी सुरक्षा के बावजूद दो युवकों की हत्या कर दी गई।

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह 7.30 बजे शीतला माता मंदिर रोड हाईवे के पास दो खून से लथपथ शव मिले। इनमें से एक का कृत्रिम पैर गायब था। उनके सिर पत्थर से कुचले हुए थे। गला घोंटने के निशान भी मिले हैं। पास में खून से सने पत्थर भी मिले हैं।

सीएसपी अशोक जादौन और सीएसपी हिना खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से कपड़ों से भरा एक बैग बरामद हुआ है, हालांकि पहचान के लिए कोई दस्तावेज नहीं मिले हैं। बैग नया लग रहा है, जैसे 4-5 दिन पहले ही खरीदा गया हो। चार्जर तो बरामद हो गया, लेकिन मोबाइल नहीं मिला।

सीएसपी अशोक जादौन ने बताया कि वे आसपास के शहरों की पुलिस से भी संपर्क कर रहे हैं। जिस तरह से हत्या की गई है, उससे माना जा रहा है कि मामला प्रेम प्रसंग या प्रॉपर्टी विवाद का हो सकता है। पुलिस का यह भी मानना ​​है कि बैग और हुलिए से दोनों यात्री लग रहे हैं। दोनों दूसरे शहर के हो सकते हैं।

MP OBC RESERVATION:एमपी हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को मंजूरी दी, अब शेष पदों पर होगी नियुक्ति!

भोपाल (मध्य प्रदेश): अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण को चुनौती देने वाली रिट याचिका को खारिज करते हुए उच्च न्यायालय, जबलपुर की मुख्य पीठ ने उप अभियंता भर्ती 2022 में शेष 13 प्रतिशत पदों पर भर्ती का रास्ता साफ कर दिया है। 

यह भर्ती 27 विभागों में 3400 पदों के लिए थी। मप्र कर्मचारी चयन बोर्ड ने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के आधार पर भर्ती की थी और परिणाम घोषित किया था। लेकिन 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में रिट याचिका 6036-2023 दायर की गई थी। चूंकि मामला हाईकोर्ट में लंबित था, इसलिए बोर्ड ने 87%-13% फॉर्मूले के आधार पर 13 प्रतिशत पदों को रोकते हुए परिणाम घोषित किया।

अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने कहा, “हमने उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ से संपर्क किया, जिसने उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ से याचिका वापस ले ली। रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए, जबलपुर उच्च न्यायालय ने फरवरी 2024 में याचिका खारिज कर दी, लेकिन चुनाव और आदर्श आचार संहिता के कारण, इसे आज सुनाया गया।

आज हाईकोर्ट ने लिखित याचिका 6036/2023 को खारिज करते हुए आदेश सुनाया, जिससे सब-इंजीनियरों की इस भर्ती में 27 प्रतिशत आरक्षण का रास्ता साफ हो गया। अब पिछली सभी भर्तियों में जहां राज्य सरकार ने परिणाम घोषित करते समय 87%-13% का फॉर्मूला अपनाया था, सरकार को शेष सभी 13 प्रतिशत पदों पर नियुक्ति देनी चाहिए।”

अधिवक्ता रामेश्वर ठाकुर ने कहा हालांकि ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं लंबित हैं, लेकिन उच्च न्यायालय में सुनवाई अलग है और उप-इंजीनियरों और अन्य की इस भर्ती में, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रिट याचिका 6036-2023 को खारिज करते हुए 27 प्रतिशत आरक्षण का रास्ता साफ कर दिया है।

सिवनी की प्रख्यात कथक नृत्यांगना डॉ. गुंजन तिवारी काठमांडू, नेपाल में ‘नृत्य मणी सम्मान-2024’ से सम्मानित

सिवनी, (मध्य प्रदेश): काठमांडू, नेपाल में शास्त्रीय अंतर्राष्ट्रीय नृत्य महोत्सव में सिवनी जिले की प्रख्यात कथक नृत्यांगना डॉ. गुंजन तिवारी ने अपने अद्वितीय प्रदर्शन से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस महोत्सव का आयोजन भक्ति, शक्ति और शांति पर आधारित था, जिसमें डॉ. गुंजन तिवारी ने अपनी कला से हर किसी को प्रभावित किया। उनके नृत्य प्रदर्शन ने न केवल भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा को बढ़ाया, बल्कि सिवनी शहर का नाम भी रोशन किया।

गुंजन तिवारी कथक ‘नृत्य मणी सम्मान-2024’ से सम्मानित

इस प्रतिष्ठित महोत्सव में डॉ. गुंजन तिवारी को उनके उत्कृष्ट कथक नृत्य प्रदर्शन एवं नृत्य के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान के लिए कथक ‘नृत्य मणी सम्मान-2024’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके परिश्रम और नृत्य के प्रति उनकी अटूट समर्पण का प्रतीक है। डॉ. गुंजन तिवारी की इस उपलब्धि ने सिवनी शहर को गर्वित किया है।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में गुंजन तिवारी का नाम दर्ज

डॉ. गुंजन तिवारी ने इससे पूर्व भी अपने नाम को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया था। यह उपलब्धि उनके अद्वितीय नृत्य कौशल और नृत्य के क्षेत्र में उनकी अनवरत प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कई राष्ट्रीय स्तर के सम्मानों से भी स्वयं को सम्मानित कराया है, जो उनके नृत्य कौशल और नृत्य के प्रति उनके अद्वितीय समर्पण को दर्शाता है।

इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में अतिथि व्याख्याता

वर्तमान में, डॉ. गुंजन तिवारी इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कथक नृत्य विभाग में अतिथि व्याख्याता के पद पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव से कई विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया है, जिससे वे नृत्य की जटिलताओं और उसकी सुंदरता को समझ सकें। डॉ. गुंजन तिवारी का यह योगदान नृत्य शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

परिवार और समाज की खुशी

डॉ. गुंजन तिवारी की इस शानदार उपलब्धि से उनके पिता अरविंद कुमार तिवारी, माता शशिकला तिवारी, भाई नयन तिवारी और बहन अनुश्री तिवारी सहित परिवार के सभी सदस्य अत्यंत प्रफुल्लित हैं। इस उपलब्धि पर उनके परिजन व कला क्षेत्र से जुड़े हुए सभी लोग गर्वित महसूस कर रहे हैं। यह सम्मान न केवल तिवारी परिवार के लिए बल्कि पूरे सिवनी शहर के लिए गर्व की बात है।

नृत्य कला में डॉ. गुंजन तिवारी का योगदान

डॉ. गुंजन तिवारी का नृत्य के क्षेत्र में योगदान अतुलनीय है। उन्होंने अपनी कला से न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बनाई है। उनकी नृत्य शैली में न केवल तकनीकी कौशल बल्कि भावनात्मक अभिव्यक्ति भी देखने को मिलती है। उनकी प्रस्तुतियों में शास्त्रीय तत्वों के साथ-साथ आधुनिकता का भी समावेश होता है, जिससे वे सभी उम्र के दर्शकों को प्रभावित करती हैं।

भविष्य की योजनाएँ और योगदान

डॉ. गुंजन तिवारी का नृत्य के प्रति समर्पण उन्हें निरंतर नई ऊँचाइयों की ओर ले जा रहा है। वे भविष्य में भी नृत्य के क्षेत्र में अपना योगदान जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी योजनाओं में न केवल नृत्य प्रस्तुतियाँ शामिल हैं बल्कि नृत्य शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी वे अपने योगदान को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

नृत्य के माध्यम से सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण

डॉ. गुंजन तिवारी के नृत्य में भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण और संवर्धन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वे अपने नृत्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्धि और विविधता को प्रस्तुत करती हैं। उनकी प्रस्तुतियों में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक तत्वों का समावेश होता है, जो दर्शकों को न केवल मनोरंजन प्रदान करता है बल्कि उन्हें संस्कृति के प्रति जागरूक भी करता है।

डॉ. गुंजन तिवारी की प्रेरणादायक यात्रा

डॉ. गुंजन तिवारी की नृत्य यात्रा प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने कठिन परिश्रम और नृत्य के प्रति अपने अद्वितीय समर्पण से अनेक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उनकी यह यात्रा हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है जो अपने क्षेत्र में कुछ बड़ा हासिल करना चाहता है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि अगर आपके पास प्रतिभा है और आप मेहनत करने के लिए तैयार हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

मध्य प्रदेश वासियों के लिए खुशखबरी: घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में मिलेगी राहत; 24 हजार 420 करोड़ रूपये की सब्सिडी

भोपाल: मध्य प्रदेश के घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को विगत वर्षों की तरह वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये लागू टैरिफ दरों में राहत देने के लिये बिजली कंपनियों को अनुमानित 24 हजार 420 करोड़ 8 लाख रूपये की सब्सिडी देने का निर्णय राज्य शासन द्वारा लिया गया है।

ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि यह सब्सिडी अटल गृह ज्योति योजना, अटल कृषि ज्योति योजना टैरिफ सब्सिडी और नि:शुल्क विद्युत प्रदाय योजना में दी जायेगी।

राज्य शासन के निर्णयानुसार फ्लैट दर पर 10 हार्सपावर तक की क्षमता वाले स्थायी कृषि उपभोक्ताओं से मात्र 750 रूपये प्रति हार्सपावर प्रति वर्ष लिये जाने के एवज में 11 हजार 943 करोड़ 98 लाख रूपये की सब्सिडी दी जायेगी।

इसी तरह प्लेट दर पर 10 हार्सपावर से अधिक क्षमता से स्थाई कृषि उपभोक्ताओं से 1500 रूपये प्रति हार्सपावर प्रति वर्ष लिये जाने की एवज में 969 करोड़ 31 लाख रूपये, 10 हार्सपावर तक की क्षमता वाले मीटर युक्त स्थाई कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिये 50 करोड़ 63 लाख रूपये की सब्सिडी दी जायेगी.

इसके साथ ही 10 हार्सपावर से अधिक क्षमता वाले मीटर युक्त स्थाई कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिये 3 करोउ़ 22 लाख, अस्थाई कृषि पंप संयोजन के लिये 371 करोड़ 49 लाख रूपये, एक हेक्टेयर तक की भूमि वाले 5 हार्सपावर तक के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के स्थाई कृषि पंप उपभोक्ताओं को नि:शुल्क विद्युत प्रदाय के लिये 5009 करोड़ 73 लाख रूपये की सब्सिडी दी जायेगी.

साथ ही अटल गृह ज्योति योजना के अंतर्गत 150 यूनिट तक की मासिक खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट की मासिक खपत पर अधिकतम 100 रूपये के बिल अनुसार बिजली देने के एवज में 5866 करोड़ 26 लाख रूपये, अटल गृह ज्योति योजना में गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले अनुसूचित जाति एवं जनजाति के घरेलू उपभोक्ताओं को केवल 25 रूपये प्रति माह की दर से 30 यूनिट बिजली देने के एवज में 36 लाख रूपये और उच्च दाब उद्वहन/समूह सिंचाई उपभोक्ताओं को वार्षिक न्यूनतम प्रभार से छूट तथा ऊर्जा प्रभार में 190 पैसे प्रति यूनिट की छूट देने के लिये 205 करोड़ 10 लाख रूपये की सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।

NEET परीक्षा नीट एंड क्लीन नहीं है: गुजरात ,बिहार व राजस्थान में स्पेशल सेंटर!; पसंदीदा सेंटर के लिए 10 लाख

NEET-UG Cheating Fraud 2024 : मेडिकल प्रवेश परीक्षा के नतीजों में छेड़छाड़ के बारे में NEET उम्मीदवारों के आरोपों के बाद, NEET-UG परिणाम विवाद में एक और विवाद सामने आया. गुजरात के गोधरा के परशुराम रॉय कथित तौर पर अपनी कंपनी के माध्यम से एक अवैध ऑपरेशन चलाते थे। छात्रों ने अपने मनचाहे परीक्षा केंद्र सुरक्षित करने के लिए उन्हें 10 लाख रुपये का भुगतान किया और उनकी उत्तर पुस्तिकाएँ भरने के लिए मोटी रकम वसूली गई। 

जिस प्रश्न का उत्तर पता हो टिक करें, बाकी हमारे लिए छोड़ें!

कम से कम 16 छात्रों ने कथित तौर पर परशुराम रॉय को 10 लाख रुपये का भुगतान किया ताकि उनकी उत्तर पुस्तिकाएं किसी और से भरवाई जा सकें। रॉय ने उम्मीदवारों को केवल उन्हीं प्रश्नों के उत्तर देने को कहा जिनके बारे में उन्हें पूरा भरोसा था और बाकी को खाली छोड़ दिया। गोधरा के जय जलाराम स्कूल में शिक्षक तुषार भट्ट नामक एक अन्य व्यक्ति बाद में उन उत्तरों को भरता था। 

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच कुल 12 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ है। 

जिला शिक्षा अधिकारी ने गोधरा तालुका पुलिस स्टेशन में तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में तुषार भट्ट, वडोदरा में रॉय ओवरसीज के मालिक परशुराम रॉय और गोधरा के आरिफ वोरा का नाम शामिल है। परशुराम ने इन 16 छात्रों का विवरण आरिफ के माध्यम से तुषार को भेजा। 

एक अलग घटनाक्रम में, केंद्र ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि उसने 1,563 NEET-UG 2024 उम्मीदवारों के स्कोरकार्ड को अमान्य करने का फैसला किया है, जिन्हें ग्रेस अंक दिए गए थे। यह निर्णय परीक्षा प्रक्रिया के दौरान अनुचित साधनों के आरोपों के जवाब में आया है। 

केंद्र ने यह भी कहा कि केवल इन छात्रों को 23 जून को पुनः परीक्षा देने का विकल्प दिया जाएगा। पुन: परीक्षा से बाहर रहने वाले उम्मीदवारों के लिए, बिना किसी अनुग्रह अंक के उनके मूल अंकों के आधार पर परिणाम की पुनर्गणना की जाएगी। 

पुनः परीक्षा के परिणाम 30 जून से पहले घोषित कर दिए जाएंगे ताकि 6 जुलाई से शुरू होने वाली काउंसलिंग प्रभावित न हो।