सिवनी/कुरई। कुरई थाना पुलिस ने 75 वर्षीय मनीराम मेश्राम की हत्या के मामले का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, जमीन बिक्री से मिले 13 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के चलते वृद्ध की हत्या की गई और शव को जंगल में फेंककर साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने मामले में ग्राम जिरेवाड़ा निवासी अखिलेश कावल (37) को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
10 सितंबर से लापता थे मनीराम मेश्राम
पुलिस के मुताबिक, ग्राम जिरेवाड़ा निवासी द्वारका मेश्राम, पिता मनीराम मेश्राम, ने 16 सितंबर को थाना कुरई में अपने 75 वर्षीय पिता के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया था कि मनीराम मेश्राम 10 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे से लापता थे। काफी तलाश के बाद भी उनका पता नहीं चला, जिसके बाद अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी गई। इस मामले में थाना कुरई में अपराध क्रमांक 0418/2026 के तहत BNS की धारा 140(3) में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जंगल में बोरी से ढका मिला शव
जांच के दौरान 20 सितंबर 2026 को ग्राम रमली के जंगल में एक नालीनुमा स्थान पर पुलिस को प्लास्टिक की बोरी से आधा ढका हुआ एक अज्ञात शव मिला। मौके पर पहुंचे मृतक के पुत्र द्वारका मेश्राम और नाती शिवम ने शव की पहचान मनीराम मेश्राम के रूप में की। शव काफी सड़ी-गली अवस्था में था। इसके चलते मेडिकल कॉलेज सिवनी की फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम द्वारा पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई गई।
अखिलेश कावल पर कैसे पहुंचा पुलिस का शक?
पुलिस के अनुसार, परिजनों ने बताया कि 10 सितंबर को मनीराम मेश्राम गांव के ही अखिलेश कावल के साथ गए थे। इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों और परिजनों द्वारा जताए गए संदेह के आधार पर अखिलेश कावल को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
13 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर था विवाद
पुलिस के मुताबिक, मनीराम मेश्राम ने अपनी जमीन 13 लाख रुपये में बेची थी। इसी रकम के लेनदेन को लेकर मनीराम और अखिलेश कावल के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, इसी आर्थिक विवाद के चलते अखिलेश ने मनीराम की हत्या कर दी और पहचान छिपाने तथा साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को रमली के जंगल में फेंक दिया।
इन धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जांच और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की निम्न धाराएं जोड़ी गई हैं:
- BNS धारा 140(3) – अपहरण से संबंधित प्रावधान
- BNS धारा 103(1) – हत्या
- BNS धारा 238 – साक्ष्य छिपाने से संबंधित प्रावधान
आरोपी अखिलेश कावल को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कृपाल शाह तेकाम, उपनिरीक्षक इंजनसिंह मर्सकोले, सउनि शैलेन्द्र डोंगरे, सउनि भूपेन्द्र नागेश्वर, सउनि दिलीप सरयाम सहित पुलिस टीम की भूमिका बताई गई है।
टीम में प्रआर. 176 चंचलेश नरवरे, प्रआर. 271 राजेश माथरे, प्रआर. 568 महेन्द्र परतेती, आर. 626 अविनाश पांडे, आर. 249 राजेन्द्र कटरे, आर. 71 सतीश इनवाती, आर. 316 मुकेश भगत, आर. 818 प्रकाश उइके, आर. 757 ललित शर्मा और चालक आर. 411 यशपाल सिंह उइके शामिल रहे।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सिवनी कृष्णलाल चंदानी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और एसडीओपी बरघाट ललित गठरे के मार्गदर्शन में की गई।
Highlights
- कुरई पुलिस ने 75 वर्षीय मनीराम मेश्राम की हत्या का खुलासा किया।
- 10 सितंबर से लापता थे मनीराम मेश्राम।
- 20 सितंबर को रमली के जंगल में मिला शव।
- जमीन बिक्री के 13 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद की बात सामने आई।
- पुलिस ने ग्राम जिरेवाड़ा निवासी अखिलेश कावल (37) को गिरफ्तार किया।
- BNS की धारा 140(3), 103(1) और 238 के तहत कार्रवाई।
- आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
मामले के खुलासे से मनीराम मेश्राम के लापता होने और बाद में जंगल में शव मिलने की घटना की पुलिस जांच की दिशा स्पष्ट हुई है। अब मामले में पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और आरोपी के खिलाफ प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी।
कुरई पुलिस के अनुसार, करीब दस दिन से लापता 75 वर्षीय मनीराम मेश्राम की मौत के मामले में आर्थिक विवाद को हत्या की वजह बताया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अब मामले की आगे की कार्रवाई न्यायालय में होगी।


