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राजस्थान: करौली के कैला देवी मंदिर से पूजा कर MP लौट रहे श्रद्धालुओं में 9 लोगों की मौत, 4 घायल

BHOPAL NEWS: राजस्थान के करौली जिले में सोमवार को एक भीषण दुर्घटना में तीर्थयात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं को ले जा रही बोलेरो गाड़ी एक डंपर ट्रक से टकरा गई। इस दुखद घटना में नौ लोगों की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना मंडरायल कस्बे के डुंडापुरा चौराहे के पास हुई।

पीड़ित करौली में कैला देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद ढोढर थाना क्षेत्र में स्थित बलवानी गांव में अपने घर लौट रहे थे।

मृतकों में छह महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं, जो समुदाय को हुए भारी नुकसान को दर्शाता है। एक छोटी बच्ची सहित घायलों को तत्काल चिकित्सा के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।

करौली के पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, “दुर्घटना में छह महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। वे कैला देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद श्योपुर जा रहे थे।”

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पीड़ित के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजनों को 4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। इस कदम का उद्देश्य शोक संतप्त परिवारों को इस दुख की घड़ी में कुछ आर्थिक राहत प्रदान करना है।

Bharatiya Nyay Sanhita: नए कानून के बाद एमपी के ग्वालियर में पहला आपराधिक मामला दर्ज

Bharatiya Nyay Sanhita: भारत में भारतीय न्याय संहिता (INC) के लागू होने के बाद, मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पहला आपराधिक मामला दर्ज किया गया। यह मामला ग्वालियर के हजीरा पुलिस स्टेशन में सोमवार को सुबह 12:10 बजे दर्ज हुआ।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, यह एफआईआर 1 जुलाई की देर रात धारा 303 (2) के तहत दर्ज की गई। यह एफआईआर एक बाइक चोरी से संबंधित है, जिसे ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र के निवासी सौरभ नरवरिया (पुत्र नागेंद्र सिंह नरवरिया) ने एक रेहड़ी-पटरी वाले के खिलाफ दर्ज कराया है।

नए आपराधिक कोड के पीछे का विचार

पहले भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में आरोपी को दंडित करने पर जोर दिया जाता था। लेकिन नए कानूनों के साथ न्याय पर अधिक जोर दिया गया है। इसलिए भारतीय दंड संहिता को भारतीय न्यायिक संहिता में बदल दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।

ई-एफआईआर की सुविधा

नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन के साथ, एफआईआर पंजीकरण प्रक्रिया को उन्नत किया गया है। अब पीड़ित उस स्थान से ई-एफआईआर दर्ज कर सकता है जहां घटना घटी थी। इससे घटना स्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी को गवाह के रूप में बाध्य किया जाएगा। पीड़ित घटना के 3 दिन के भीतर पुलिस स्टेशन जाकर एफआईआर की कॉपी प्राप्त कर सकता है।

चेन स्नैचिंग के लिए अलग धारा

पहले चेन स्नैचिंग के अपराध के लिए कोई अलग धारा नहीं थी और इसे डकैती के अपराध के तहत दर्ज किया जाता था। लेकिन नई आपराधिक संहिता में चेन स्नैचिंग के लिए एक अलग धारा शामिल की गई है। इससे इस प्रकार के अपराधों के लिए एक स्पष्ट और विशिष्ट दंड व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।

न्याय प्रणाली में सुधार

नए आपराधिक कोड के साथ न्याय प्रणाली में कई सुधार किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य न्याय को सुलभ और शीघ्र बनाना है। नए कानूनों के तहत अपराधों की जांच और सुनवाई की प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

नए कोड के लाभ

नए आपराधिक कोड के लागू होने से कई लाभ प्राप्त होंगे:

  1. त्वरित न्याय: न्याय प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
  2. पारदर्शिता: न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
  3. तकनीकी उन्नति: ई-एफआईआर जैसी सुविधाओं के माध्यम से तकनीकी उन्नति को बढ़ावा मिलेगा।
  4. विशिष्ट दंड: विभिन्न अपराधों के लिए विशिष्ट दंड व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

नए आपराधिक कोड के कार्यान्वयन में चुनौतियाँ

हालांकि नए कोड के कई लाभ हैं, इसके कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियाँ भी हैं:

  1. प्रशिक्षण: पुलिस और न्यायिक अधिकारियों को नए कानूनों के बारे में प्रशिक्षण देना।
  2. सार्वजनिक जागरूकता: आम जनता को नए कानूनों के बारे में जागरूक करना।
  3. तकनीकी समर्थन: ई-एफआईआर जैसी सुविधाओं के लिए तकनीकी समर्थन सुनिश्चित करना।

ग्वालियर में नया मामला: एक उदाहरण

ग्वालियर में दर्ज किया गया पहला मामला नए आपराधिक कोड के तहत न्याय प्रक्रिया में सुधार का एक उदाहरण है। इस मामले में एफआईआर को दर्ज करने की प्रक्रिया और इसके तहत कार्रवाई का तरीका नए कानूनों की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

Seoni News: सिवनी से मैहर जाते समय जबलपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: 1 की मौत, 5 गंभीर रूप से घायल; ड्राइवर फरार

सिवनी: रविवार देर रात, जबलपुर के गढ़ा थाना क्षेत्र के अंधमुख बाईपास के ओवर ब्रिज पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा रात करीब 1 बजे हुआ और इसके पीछे खराब दृश्यता और तेज गति प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, एक परिवार जो सिवनी धनोरा के बगियाई गांव का निवासी था, मां शारदा के दर्शन के लिए मैहर जा रहा था। उनकी गाड़ी का नियंत्रण ओवरब्रिज पार करते समय खो गया और यह भीषण दुर्घटना घटित हुई।

गाड़ी में सवार रज्जू चौहान, उनकी पत्नी उमा चौहान, बेटियां इच्छा और खुशी चौहान, रज्जू के बड़े भाई मनोहर सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना चौहान शामिल थे। ड्राइवर की पहचान उजागर नहीं की गई है, वह फिलहाल लापता है। जैसे ही कार क्रमांक – MP09-CW-8581 अंधमूक बायपास के पास पहुंची, तभी हाइवा से जा टकराई।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय निवासियों की सहायता से घायलों को पास के निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें आवश्यक चिकित्सा देखभाल प्रदान की जा रही है।

प्राथमिक कारण और जांच

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ओवरब्रिज पार करते समय कार का नियंत्रण खो गया जिससे यह दुर्घटना हुई। हालांकि, दुर्घटना का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है और गढ़ा पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि खराब दृश्यता और तेज गति इस दुर्घटना के प्रमुख कारण हो सकते हैं।

सड़क सुरक्षा और यातायात नियम

इस दुर्घटना ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की गंभीरता को उजागर किया है। तेज गति से वाहन चलाने और ओवरब्रिज पर नियंत्रण खोने से इस प्रकार की घटनाएं अक्सर घटित होती हैं। यात्रियों को हमेशा यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

सिवनी: रात के 1 बजे आशीष मोबाइल शॉप में शॉर्टसर्किट से लगी आग, बड़ा हादसा टला

सिवनी: सिवनी जिला मुख्यालय में नगर पालिका के बाजू में स्थित आशीष मोबाइल शॉप में रात लगभग 1 बजे शॉर्टसर्किट होने की वजह से दुकान में आग लग गई।

घटना की जानकारी मिलते ही आम नागरिकों और प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आग पर काबू पाया। इस समय रहते हस्तक्षेप से एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।

आग लगने की खबर सुनते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया।

नागरिकों की तत्परता और प्रशासन की त्वरित कार्यवाही के चलते आग पर जल्दी काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से रोका जा सका।

अंदाजा लगाया जा सकता है कि आग लगने से दुकान में रखे कई कीमती मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलकर खाक हो गए। हालांकि, समय पर आग बुझाने की वजह से आसपास की दुकानों को कोई नुकसान नहीं हुआ और कोई हताहत नहीं हुआ।

इस घटना ने एक बार फिर से इलेक्ट्रिकल सेफ्टी की महत्वपूर्णता को उजागर किया है। नागरिकों से अपील की जाती है कि वे अपने घरों और दुकानों में इलेक्ट्रिकल फिटिंग की नियमित जांच करवाते रहें और सुरक्षा मानकों का पालन करें।

आम नागरिकों और प्रशासन की त्वरित कार्यवाही ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया, जिससे एक महत्वपूर्ण सबक भी मिलता है कि सतर्कता और समय पर की गई कार्यवाही से बड़ी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।

सिवनी में भारत के विश्व विजेता बनने पर पुलिस ने जश्न मना रहे युवाओं को रोका तो पुलिस से भिड़ गए भाजपा नेता भुनेश कुल्हाडे – VIDEO VIRAL

सिवनी: सिवनी में एक विवादास्पद घटना सामने आई जब युवाओं के एक समूह को सिवनी पुलिस ने भारत के विश्व विजेता बनने पर जश्न मनाने से रोका। जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह घटना शहर के प्रमुख इलाके शुक्रवारी चौक की बताई जा रही है. जहां पर युवा भारत के वर्ल्ड कप फाइनल में जीत हासिल करने पर जश्न मना रहे थे।

भाजपा नेता भुनेश कुल्हाडे (Bhunesh Kulhade) ने बताया कि पुलिस ने युवाओं के जश्न को रोकने का प्रयास किया, जिससे वहा पर तनाव का माहौल बन गया क्योंकि युवा भारत की जीत पर जश्न मना रहे थे ना कि कोई पर्सनल पार्टी या सेलिब्रेशन था। उसी समय किसी व्यक्ति द्वारा इस घटनाक्रम का वीडियो बना लिया गया और देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया.

वायरल वीडियो में भाजपा युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष भुनेश कुल्हाड़े (Bhunesh Kulhade) पुलिस से भिड़ते नजर आ रहे है, वीडियो में साफ़ दिखाई दे रहा है भुनेश कुल्हाड़े और पुलिस के बीच काफी नोक झोंक होती हुई दिखाई दे रही है. हालांकि कुछ देर बाद बाद पुलिस वापस लौटी और वहाँ मौजूद युवाओं ने जय श्रीराम के नारों के साथ वापस जश्न मनाना शुरू किया।

घटना के बाद, युवाओं ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए और पूरे जोश और उल्लास के साथ अपना जश्न मनाना जारी रखा। इस घटना ने शहर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तो पैदा कर ही दी है और इसे लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं भी आएंगी यह भी निश्चित है.

देश के प्रति युवाओं के उत्साह को कुचलने की कोशिश ना करें पुलिस – भुनेश कुल्हाडे

भुनेश कुल्हाड़े से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि पुलिस का यह कदम युवाओं के जोश और उत्साह को दबाने वाला था, और उन्होंने पुलिस से आग्रह किया कि वे इस प्रकार से देश के प्रति युवाओं के उत्साह को कुचलने की कोशिश ना करें।

इस मामले में अभी तक पुलिस स्टेशन तक कोई भी आवेदक नहीं पहुंचा है ना ही किसी प्रकार की कोई ऐसी शिकायत पहुंची है जिसमें भारत की जीत के लिए जश्न मनाने से किसी भी नागरिक को रोका गया हो. अंदाजा लगाय जा सकता है कि मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा भीड़ को एकत्रित देख किसी प्रकार का कोई विवाद ना हो उस उद्देश्य से शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह कदम हो, लेकिन युवाओं के देश के प्रति जोश के आगे शायद ही कोई टिक पाए.

हालाँकि यदि पुलिस द्वारा वाकई में युवाओं को जश्न मनाने से रोका गया हो तो यह भारत देश के नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन जरूर होगा।

भेड़ाघाट अपडेट: मानसून की वजह से जबलपुर के भेड़ाघाट में लगाए गए प्रतिबंध, पर्यटकों में निराश

Jabalpur BHedaghat Upadte: मानसून का मौसम शुरू होते ही जबलपुर (Jabalpur) के लोकप्रिय पर्यटन स्थल भेड़ाघाट (Bhedaghat) में एक बार फिर चहल-पहल बढ़ गई है। हालांकि, बारिश के कारण भेड़ाघाट में कई सुविधाएं बंद कर दी गई हैं। पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर जबलपुर के विश्व प्रसिद्ध आकर्षण – भेड़ाघाट, धुआंधार, बोटिंग और रोपवे 15 अक्टूबर तक बंद रहेंगे, जिससे अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों में निराशा है।

भेड़ाघाट: एक प्राकृतिक आकर्षण

भेड़ाघाट अपनी सुंदर प्राकृतिक छटा और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। नर्मदा नदी के किनारे स्थित यह स्थल, संगमरमर की चट्टानों, धुआंधार झरने और नाव विहार के लिए प्रसिद्ध है। हर साल लाखों पर्यटक इस स्थल की ओर आकर्षित होते हैं, खासकर मानसून के दौरान जब यहां की प्राकृतिक सुंदरता और भी निखर जाती है।

मानसून का प्रभाव और सुरक्षा उपाय

मानसून के मौसम में नर्मदा नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण नौका विहार गतिविधियों को स्थगित करना पड़ा है, तथा बरसात के मौसम के कारण रोपवे को भी बंद कर दिया गया है।

भेड़ाघाट नगर पंचायत के सीईओ विक्रम सिंह झारिया ने बताया कि हर साल किए जाने वाले प्रयासों के बावजूद पर्यटक अक्सर लापरवाही के कारण दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। इसलिए इस साल प्रशासन ने पर्यटकों को तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से रोकने के लिए “रोको-टोको” अभियान शुरू किया है।

पर्यटकों की प्रतिक्रिया

इस प्रसिद्ध स्थल पर आने वाले पर्यटकों ने बोटिंग बंद होने पर निराशा व्यक्त की, लेकिन फिर भी उन्हें इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता में सुकून मिला।

प्रतिबंधों के बावजूद कई लोग बहते पानी के बीच में गाना गाकर अपना मन बहला रहे हैं। पर्यटकों ने बताया कि भले ही बोटिंग और रोपवे जैसी गतिविधियाँ बंद हैं, लेकिन यहां की प्राकृतिक सुंदरता उन्हें आकर्षित कर रही है और वे इस अनुभव को भी अनूठा मान रहे हैं।

सुरक्षा के लिए किए गए उपाय

किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए पर्यटकों को खतरनाक क्षेत्रों से दूर रखने के लिए होमगार्ड के जवान, गोताखोर और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। इसके अलावा, इन सुरक्षा उपायों को लागू करने और पर्यटकों को पानी के बहुत करीब जाने से रोकने के लिए नगर पंचायत की कई टीमें बनाई गई हैं। नगर पंचायत के सीईओ विक्रम सिंह झारिया ने कहा, “हम पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हैं और इसके लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।”

पंडित प्रदीप मिश्रा ने राधारानी पर की थी विवादास्पद टिप्पणी: बरसाना में राधा रानी मंदिर पहुंचकर माफी मांगी

सीहोर कुबेरेश्वर धाम (Sehore Kubereshwar Dham) के पंडित प्रदीप मिश्रा (Pradeep Mishra) ने राधा और भगवान कृष्ण पर अपनी विवादास्पद टिप्पणी के बाद शनिवार को उत्तर प्रदेश के बरसाना (Barsana) स्थित राधा रानी मंदिर (Radha Rani Mandir) में माफी मांगी. सीहोर कुबेरेश्वर धाम के पंडित प्रदीप मिश्रा शनिवार को मिश्रा बरसाना गए, जहां उन्होंने राधा को नमन किया और माफ़ी मांगी।

माफ़ी मांगने के बाद मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं यहां राधा रानी के चरणों में आया हूं। अगर मेरे शब्दों से ब्रज के लोगों को ठेस पहुंची है तो मैं माफ़ी मांगता हूं। मैं राधा रानी से माफ़ी मांगता हूं।” राधा रानी पर मिश्रा की टिप्पणी ने बरसाना में संतों में नाराजगी पैदा कर दी थी, जिन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने माफ़ी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पंडित मिश्रा की विवादास्पद टिप्पणी: एक दृष्टिकोण

पंडित प्रदीप मिश्रा ने धार्मिक प्रवचन के दौरान कहा था कि राधा मूल रूप से रावल गांव की थीं और साल में सिर्फ़ एक बार बरसाना आती थीं, जहाँ उनके पिता का दरबार था। उन्होंने आगे दावा किया था कि राधा का नाम भगवान कृष्ण की रानियों में नहीं था और उनके पति का नाम अनय घोष था, और उनकी सास का नाम जटिला और ननद का नाम कुटिला था। मिश्रा ने दावा किया था कि राधा की शादी छत्र गांव में हुई थी। इन टिप्पणियों के बाद संत समुदाय में तीखी प्रतिक्रिया हुई। मुख्य आलोचक प्रेमानंद महाराज ने विरोध का नेतृत्व किया था।

राधा रानी मंदिर के संतों की प्रतिक्रिया

राधा रानी मंदिर के मुख्य सेवा अधिकारी किशोरी श्याम गोस्वामी ने फ्री प्रेस को बताया, “पंडित प्रदीप मिश्रा ने ब्रज के लोगों से माफ़ी मांगी है। वे माफ़ी मांगने राधा रानी मंदिर आए थे।”

बरसाना में पंडित मिश्रा का माफ़ी मांगना

शनिवार को, पंडित प्रदीप मिश्रा बरसाना गए और राधा रानी के चरणों में माफी मांगी। उन्होंने कहा, “मैं यहां राधा रानी के चरणों में आया हूं। अगर मेरे शब्दों से ब्रज के लोगों को ठेस पहुंची है तो मैं माफ़ी मांगता हूं।” मिश्रा ने अपनी टिप्पणियों के लिए संतों और भक्तों से माफी मांगी और वचन दिया कि भविष्य में वे इस प्रकार की किसी भी विवादास्पद टिप्पणी से बचेंगे।

राधा और कृष्ण की कहानी में नए दृष्टिकोण

पंडित मिश्रा की टिप्पणियों ने राधा और कृष्ण की परंपरागत कहानी पर नए दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राधा की शादी छत्र गांव में हुई थी और उनके पति का नाम अनय घोष था। इस दृष्टिकोण से कई लोग सहमत नहीं थे और उन्होंने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

संत समुदाय की नाराजगी और चेतावनी

पंडित मिश्रा की टिप्पणियों से संत समुदाय में नाराजगी पैदा हुई। मुख्य आलोचक प्रेमानंद महाराज ने कहा, “अगर मिश्रा माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने कहा कि मिश्रा की टिप्पणियों ने ब्रजवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।

मिश्रा की माफी और भविष्य की योजनाएं

मिश्रा ने माफी मांगने के बाद कहा कि वे भविष्य में ऐसी किसी भी टिप्पणी से बचेंगे जो विवाद पैदा कर सके। उन्होंने कहा कि वे ब्रजवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हैं और उनकी माफी से संत समुदाय में शांति बनी रहेगी।

समाज और धर्म के बीच संतुलन

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि धर्म और समाज के बीच संतुलन बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। पंडित मिश्रा की माफी ने यह संकेत दिया कि धार्मिक नेताओं को समाज की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और विवादास्पद टिप्पणियों से बचना चाहिए।

30 June MP Weather: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत एमपी के इन 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

30 June MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी हैइसके साथ ही मध्यप्रदेश में एक मजबूत सिस्टम सक्रिय है जो आज रविवार 30 जून को सम्पूर्ण मध्यप्रदेश को भिगोएगा। इस वीकेंड पर मध्यप्रदेश के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर समेत 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा इंदौर और उज्जैन में भी आज अच्छी बारिश होगी। 

भोपाल मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश में 3 चक्रवाती हवाएं सक्रिय हैं। जिसकी वजह से बंगाल की खाड़ी से मध्यप्रदेश में नमी आ रही है, वहीं दूसरी ओर एक ट्रफ लाइन भी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। ऐसे में पूरे प्रदेश में बारिश का एक मजबूत सिस्टम बन गया है। उत्तरी और पूर्वी हिस्से ज्यादा प्रभावित होने वाले हैं।यह भी पढ़ें

रविवार 30 जून को मौसम की स्थिति

भारी बारिश का अलर्ट: भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर कलां, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सिंगरौली, जबलपुर, उमरिया, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट के लिए अलर्ट जारी किया गया है।

बारिश और आंधी: इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, गुना, विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी समेत पूरे प्रदेश का मौसम बदला रहेगा।

एमपी में मौसम 24 घंटे पहले 

शनिवार को प्रदेश में मानसून की जोरदार सक्रियता देखने को मिली। भोपाल में शाम तक 1 इंच से ज्यादा तेज बारिश दर्ज की गई। बालाघाट के मलांजखंड और सिवनी में 1.25 इंच, उमरिया और खजुराहो में 1 इंच बारिश दर्ज की गई। मंडला, धार, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, रतलाम और उज्जैन में भी बारिश हुई।

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन समेत कई जिलों में पारा 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां दिन का तापमान 26.8 डिग्री रहा। सिवनी में 27.2 डिग्री, मलांजखंड में 28.5 डिग्री और मंडला में 28.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।