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सिवनी: शहर के पॉश इलाके बारापत्थर क्षेत्र में चेन स्नेचिंग, बुजुर्ग महिला के साथ हुई वारदात

सिवनी: सिवनी शहर के बारापत्थर क्षेत्र में 22 जून की सुबह लगभग 05 बजकर 52 मिनिट पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक बुजुर्ग महिला के साथ चेन स्नेचिंग की वारदात हुई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

वारदात का विवरण

घटना उस समय हुई जब बुजुर्ग महिला अपनी दैनिक दिनचर्या के अनुसार सुबह की सैर पर निकली थीं। अचानक एक नक़ाब पोश आरोपी ने उन पर हमला किया और उनकी गले की चेन छीन कर फरार हो गया।

आरोपी की पहचान और वारदात का तरीका

आरोपी ने पूरी योजना बना कर इस वारदात को अंजाम दिया। उसने पहले से ही घात लगा कर महिला के आने का इंतजार किया और जैसे ही महिला उसके पास आई, उसने तेजी से उनकी चेन खींच ली। आरोपी की पहचान अब तक नहीं हो पाई है, लेकिन घटना की सीसीटीवी फुटेज से उसकी तस्वीरें प्राप्त हुई हैं।

सीसीटीवी कैमरे में क़ैद घटना

पूरी घटना एक पास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी ने कैसे पूरी योजना बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया। फुटेज में आरोपी की गतिविधियाँ और उसकी शारीरिक बनावट स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं, जिससे पुलिस को उसकी पहचान करने में मदद मिल सकती है।

कोतवाली पुलिस की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची और तुरंत ही मामले की जांच शुरू कर दी और आरोपी की तलाश में जुट गई है। पुलिस ने यह भी कहा है कि जल्दी ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा और उसे कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

इलाके के लोगों में दहशत

इस घटना के बाद से बारापत्थर क्षेत्र के लोग डरे हुए हैं। लोगों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और प्रशासन से इलाके में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। बुजुर्ग महिला के परिवार ने भी इस घटना से आहत होकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सुरक्षा के उपाय

पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है साथ ही, पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर रोकथाम

यह पहली बार नहीं है जब सिवनी में इस तरह की घटना सामने आई हो। चेन स्नेचिंग की घटनाएँ पिछले कुछ महीनों में बढ़ी हैं और पुलिस को इन घटनाओं पर रोकथाम के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है।

लोगों की जिम्मेदारी

लोगों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति सचेत रहना चाहिए और अनजान व्यक्तियों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। पुलिस के साथ सहयोग कर किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देनी चाहिए।

सिवनी की सुरक्षा और पुलिस की भूमिका

सिवनी पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वे जल्दी ही आरोपी को पकड़ने में सफल होंगे और शहर में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

आगे की योजना

पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत करने की योजना बना रही है।

सिवनी: शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती 30 जून को पहुँचेंगे गुरूधाम दिघोरी, जानिए दर्शन का समय और स्थान

पूज्य पश्चिमाम्नाय द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानन्द सरस्वती जी महाराज का आगमन

सिवनी न्यूज (Seoni News): पूज्य पश्चिमाम्नाय द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री सदानन्द सरस्वती जी महाराज श्री का 30 जून को शाम के समय दिघोरी आगमन होगा। इस आगमन से सिवनी जिले के सनातनियों में अपार हर्ष का माहौल है।

दो दिवसीय सिवनी प्रवास

पूज्य महाराज श्री का दो दिवसीय सिवनी प्रवास जिले में रहेगा। महाराज श्री के गुरुधाम में दर्शन का समय 01 जुलाई को शाम 5 बजे से 8 बजे तक निर्धारित है तथा 02 जुलाई को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक गुरूधाम दिघोरी में होगा। इस दौरान श्रद्धालु भक्त पूज्य शंकराचार्य जी महाराज का दर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

दर्शन का समय और स्थान

श्रद्धालुओं के लिए दर्शन का समय और स्थान निम्नानुसार है:

  • 01 जुलाई: शाम 5 बजे से 8 बजे तक गुरूधाम दिघोरी में।
  • 02 जुलाई: प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक गुरूधाम दिघोरी में।

श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

  • समय का पालन करें: दर्शन के लिए निर्धारित समय पर ही पहुंचें।
  • स्वास्थ्य और सुरक्षा: अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और किसी भी आपात स्थिति में आयोजकों से संपर्क करें।

गुरूधाम दिघोरी का महत्त्व

गुरूधाम दिघोरी एक प्रमुख धार्मिक स्थल है और शंकराचार्य सदानंद जी महाराज का यहां आगमन एक महत्वपूर्ण धार्मिक घटना है। श्रद्धालु इस मौके पर शंकराचार्य जी महाराज के दर्शन कर पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। श्री गुरु रत्नेश्वर धाम, दिघोरी में विश्व का अद्वितीय स्फटिक शिवलिंग स्थापित है। इसका स्थापना सिवनी निवासी एवं द्वि पीठाधीश्वर शंकराचार्य श्री स्वरूपानंद जी महाराज ने की थी।

15 से 22 फरवरी 2002 के बीच एक सप्ताह के धार्मिक मेले का आयोजन कर स्फटिक के अद्वितीय शिवलिंग की स्थापना की गई। यह शिवलिंग कश्मीर से लाया गया था। इसके पूजन का भारतीय धर्मग्रंथों में अत्यधिक महत्व बताया गया है। ग्राम दिघोरी, जिला सिवनी में, जहां शंकराचार्य स्वरूपानंद जी महाराज का जन्म हुआ था, उसी स्थान पर स्फटिक के मणि शिवलिंग को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ चारों पीठों एवं अन्य धर्माचार्यों की उपस्थिति में स्थापित किया गया है।

MP WEATHER ALERT: मध्य प्रदेश में बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी, अगले कुछ दिनों में कई जिलों में भारी बारिश की बढ़ी संभावना

MP WEATHER ALERT: भारी बारिश की चेतावनी मध्य प्रदेश के मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

पिछले 24 घंटों में बारिश की स्थिति

शुक्रवार को पूर्वी क्षेत्र के इंदौर जिले के देपालपुर और पश्चिमी क्षेत्र के छतरपुर जिले के राजनगर में पिछले 24 घंटों में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। देपालपुर में 148.6 मिमी, जबकि राजनगर में 112.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। भोपाल में 10.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।

भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, दमोह और पांढुर्ना जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले कुछ दिनों में मूसलाधार बारिश की संभावना है, जिससे बाढ़ और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

येलो अलर्ट के तहत जिले

इसके अलावा, विदिशा, बैतूल, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, गुना, अशोक नगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, सिवनी, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, पन्ना, भोपाल, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, सतना और उमरिया जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

मौसम विभाग की भविष्यवाणी

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी भाग और ओडिशा के तटीय भागों पर बना चक्रवाती परिसंचरण अंतर्देशीय क्षेत्र की ओर बढ़ेगा। अगले 24 घंटों में इसके छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है। इसके राजस्थान और उत्तरी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहले से मौजूद परिसंचरण के साथ विलय होने की संभावना है।

बारिश की तीव्रता और प्रसार में वृद्धि

दोनों धाराओं के संगम से मध्य प्रदेश के उत्तरी भागों में भारी वर्षा होगी। 30 जून को वर्षा की तीव्रता और प्रसार में वृद्धि होगी और यह मध्य प्रदेश के उत्तरी और मध्य भागों को कवर करेगी।

जनता के लिए सलाह

  • सुरक्षित स्थान पर रहें: भारी बारिश के दौरान घर के अंदर रहें और सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लें।
  • यात्रा करने से बचें: अत्यधिक आवश्यक न हो तो यात्रा से बचें और सुरक्षित रहें।
  • आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें: किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें।

मध्य प्रदेश: टेलीकॉम कंपनियों का डेटा डार्क वेब पर लीक, धोखाधड़ी के खतरे में MP; डेटा लीक हुआ या बेचा गया?

भोपाल (मध्य प्रदेश): क्या आपने कभी सोचा है कि साइबर अपराधी किसी व्यक्ति के बारे में सटीक जानकारी कैसे जुटा लेते हैं? भोपाल साइबर अपराध प्रकोष्ठ के वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया है कि दूरसंचार कंपनियों (Telecom Company) का डेटा डार्क वेब (Dark Web) पर लीक हो रहा है, जिसमें लोगों की निजी जानकारी – उनका सेल फोन नंबर, IMEI नंबर, बैंकिंग खाता विवरण और अन्य निजी जानकारी शामिल है।

डेटा लीक के स्रोत

भोपाल जिला साइबर सेल के अधिकारियों ने फ्री प्रेस को बताया कि हालांकि, वे इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि डेटा गलती से लीक हो रहा है या डार्क वेब पर बेचा जा रहा है। राज्य साइबर सेल के अधिकारियों ने कहा कि डेटा का एक बड़ा हिस्सा डार्क वेब पर राज्य के स्वामित्व वाली दूरसंचार कंपनियों में से एक से लीक हो रहा है, और यह उल्लेखनीय है कि भोपाल के लगभग छह लाख लोग उक्त दूरसंचार कंपनी के उपभोक्ता हैं, जो उन्हें साइबर धोखाधड़ी के लिए असुरक्षित बनाता है।

डार्क वेब पर डेटा की स्थिति

जब इस संबंध में साइबर सेल के अधिकारियों से अधिक जानकारी मांगी गई तो पता चला कि अब तक लगभग 300 जीबी डेटा डार्क वेब पर लीक हो चुका है और चूंकि यह रहस्य से घिरा हुआ क्षेत्र है, इसलिए जिला साइबर सेल के साथ-साथ राज्य साइबर सेल भी यह पता लगाने में असमर्थ है कि डार्क नेट गतिविधियां कैसे और कहां से संचालित की जा रही हैं।

लंबे समय से ऑडिट का अभाव

जब सरकारी दूरसंचार कंपनी से डेटा लीक के पीछे का कारण पूछा गया, तो एक वरिष्ठ साइबर अपराध अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर फ्री प्रेस को बताया कि भोपाल और पूरे राज्य में दूरसंचार कंपनी के कार्यालयों में कई वर्षों से ऑडिट नहीं किया गया है, जो डेटा लीक के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण है।

डार्क वेब पर डेटा बेचने का चलन

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) शैलेंद्र सिंह चौहान ने माना कि डार्क वेब पर डेटा बेचने और डेटा लीक करने का चलन बहुत ज़्यादा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है, इसलिए साइबर सेल कार्रवाई नहीं कर सकता।

डेटा सुरक्षा के उपाय

डाटा सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है, और इसे सुनिश्चित करने के लिए कुछ उपाय किए जाने चाहिए:

  • सुरक्षित पासवर्ड का उपयोग: हमेशा मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और समय-समय पर उन्हें बदलते रहें।
  • दो-स्तरीय प्रमाणीकरण: अपने खातों के लिए दो-स्तरीय प्रमाणीकरण सक्षम करें।
  • सॉफ़्टवेयर अपडेट: अपने डिवाइस और सॉफ़्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट रखें।
  • सावधान इंटरनेट उपयोग: किसी भी संदिग्ध लिंक या अज्ञात स्रोत से आई हुई ईमेल को न खोलें।

साइबर अपराध से बचाव के लिए सरकारी पहल

सरकार ने साइबर अपराध से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं:

  • साइबर सेल की स्थापना: राज्य और जिला स्तर पर साइबर सेल की स्थापना की गई है।
  • जन जागरूकता कार्यक्रम: साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
  • कानूनी प्रावधान: साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जा रही है।

साइबर सुरक्षा में जागरूकता की आवश्यकता

साइबर सुरक्षा को लेकर आम जनता में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। लोगों को यह समझना होगा कि उनकी निजी जानकारी कितनी महत्वपूर्ण है और इसे सुरक्षित रखने के लिए क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं। इसके लिए सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों को मिलकर काम करना होगा और साइबर सुरक्षा को एक सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में देखना होगा।

सिवनी: जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी को दी गई भावभीनी विदाई

सिवनी, धारनाकला: जिला खाद्य अधिकारी शैलेश शर्मा के सेवानिवृत्त होने पर विभाग के कर्मचारी तथा अधिकारी के साथ साथ अन्य विभाग से जुडे अधिकारी तथा कर्मचारीयो ने अपनी उपस्थिति देते हुऐ उन्हे भावभीनी बिदाई देते उन्हे शुभकामनाये दी.

सेवानिवृत्त होने पर शैलेश शर्मा का जिला पंचायत सिवनी के हाल मे सभी कर्मचारी तथा अधिकारियो के द्वारा स्वागत करते हुऐ उनके सफलतम कार्य की सराहना की.

विदाई समारोह के कार्यक्रम मे उपस्थित नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक तथा विपणन संघ के जिला प्रबंधक ने अपने उद्बोधन मे कहा की हमे तथा हमारी टीम को कठिन परिस्थितियो मे भी शर्मा जी का अथक सहयोग मिलते रहा है तथा उनका मार्गदर्शन हमेशा हमारे साथ बना रहा है.

चूकि विषम परिस्थिति मे भी आपके द्वारा सामना करते हुऐ सुचारू रूप से निराकरण किया गया है वही जिले के ग्रामीण अचंलो से पहूचे विभाग के कर्मचारीयो ने शैलेश शर्मा के कार्यकाल की प्रसंसा करते हुऐ कहा की उनका कार्यकाल जिले के लिये मिशाल बनकर रह गया है की सभी कर्मचारी उनके सहयोग तथा कार्य की सजगता के प्रति उन्हे याद करते रहेगे बिदाई समारोह मे सभी की आंखे नम हो चुकी थी अन्त मे सभी ने उनकी सेवानिवृत्त होने पर उन्हे नम आखो से बिदाई दी

सिवनी में देखे गए अद्भुत पीले मेंढक जिन्हें भारतीय बुलफ्रॉग के नाम से जाना जाता है

सिवनी जिले में हाल ही में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सिवनी जिला मुख्यालय के नए रेलवे स्टेशन के लिए बने सड़क मार्ग में एक स्थान पर बारिश का पानी जमा हो गया था, यहाँ पीले मेंढक देखे गए. जिन्हें पीले मेंढक (Yellow Frog), होप्लोबैट्राचस टाइगरिनस (Hoplobatrachus tigerinus) या भारतीय बुलफ्रॉग (Indian Bullfrog) भी कहा जाता। इन पीले मेंढकों को देखकर लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन कुछ लोगों द्वारा इन्हें परेशान किया जा रहा है, कुछ लोग इन्हें पानी से बाहर निकालकर पकडकर ले जाने की योजना बना रहे है जो चिंताजनक हैं।

पीले मेंढक: होप्लोबैट्राचस टाइगरिनस या भारतीय बुलफ्रॉग

पीले मेंढक, जिन्हें होप्लोबैट्राचस टाइगरिनस (Hoplobatrachus tigerinus) और भारतीय बुलफ्रॉग (Indian Bullfrog) के नाम से भी जाना जाता है. ये मेंढक सामान्य मेंढकों से बड़े होते हैं और आमतौर पर हरे रंग के होते हैं, हालांकि उनकी शारीरिक विशेषताएँ और रंग अलग-अलग हो सकते हैं।

सिवनी में पीले मेंढकों का दिखना: एक दुर्लभ घटना!

सिवनी में पीले मेंढकों का दिखना एक दुर्लभ घटना है। बारिश के मौसम में इनका प्रकट होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि यह इनके प्रजनन काल का समय होता है। इन पीले मेंढकों को देखकर लोग चकित रह गए और उनकी ओर आकर्षित हो गए। हालाँकि, कुछ लोगों द्वारा इन्हें परेशान करने की घटनाएँ भी सामने आईं, कुछ लोग इन्हें पानी से बाहर निकालकर पकडकर ले जाने की योजना बना रहे है जो चिंताजनक हैं।

विशेषताएँ और निवास स्थान

भारतीय बुलफ्रॉग का रंग पीला होता है, जो उनके प्रजनन काल के दौरान अधिक उज्ज्वल हो जाता है। ये मेंढक पानी के निकटतम क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जैसे कि तालाब, झील, और नदियाँ। उनका शरीर बड़ा और मजबूत होता है, जो उन्हें अन्य मेंढकों से अलग बनाता है। इनके पैर लंबे और शक्तिशाली होते हैं, जो इन्हें दूर तक कूदने में मदद करते हैं।

आहार और व्यवहार

भारतीय बुलफ्रॉग मांसाहारी होते हैं और छोटे कीट, मछली, और अन्य छोटे मेंढकों को खाते हैं। ये रात्रिचर होते हैं और रात के समय अधिक सक्रिय रहते हैं। इनके शिकार करने की तकनीक भी अद्भुत होती है, जिसमें ये अचानक छलांग लगाकर अपने शिकार को पकड़ते हैं।

पर्यावरण और संरक्षण

इनमेंढकों का हमारे पर्यावरण में महत्वपूर्ण योगदान होता है। ये कीटों की संख्या को नियंत्रित रखते हैं और जैव विविधता को बनाए रखने में मदद करते हैं। हमें इनकी सुरक्षा और संरक्षण के लिए जागरूकता फैलानी चाहिए। इन पीले मेंढकों को परेशान करना या उनका शिकार करना पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकता है।

भारतीय बुलफ्रॉग का जीवनचक्र

भारतीय बुलफ्रॉग का जीवनचक्र कई चरणों में विभाजित होता है। इनका अंडे से विकसित होकर वयस्क मेंढक बनने तक का सफर अद्वितीय होता है। प्रारंभ में, मादा मेंढक पानी में अंडे देती है। इन अंडों से कुछ दिनों में टैडपोल निकलते हैं, जो पानी में तैरते हैं और छोटे-छोटे जीवों को खाते हैं। धीरे-धीरे, ये टैडपोल विकसित होकर वयस्क मेंढक बनते हैं और जमीन पर आ जाते हैं।

प्रजनन काल

भारतीय बुलफ्रॉग का प्रजनन काल बारिश के मौसम में होता है। इस दौरान, नर मेंढक अपनी आवाज़ से मादा को आकर्षित करने की कोशिश करते हैं। उनकी आवाज़ बहुत दूर तक सुनाई देती है, जो उन्हें अपने साथी को खोजने में मदद करती है। प्रजनन के बाद, मादा मेंढक पानी में अंडे देती है, जिससे नया जीवनचक्र शुरू होता है।

भारतीय बुलफ्रॉग का वैज्ञानिक महत्व

भारतीय बुलफ्रॉग का वैज्ञानिक महत्व भी बहुत है। इनके जीवनचक्र और व्यवहार का अध्ययन करने से वैज्ञानिकों को अन्य जीवों के जीवन के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। इनके आनुवांशिकी और शारीरिक रचना का अध्ययन करके वैज्ञानिक नई दवाइयों और चिकित्सा उपचारों को विकसित करने में सफल हो सकते हैं।

अनुसंधान और अध्ययन

कई वैज्ञानिक संस्थान और विश्वविद्यालय भारतीय बुलफ्रॉग पर अनुसंधान कर रहे हैं। उनके व्यवहार, प्रजनन, और जीवनचक्र का गहन अध्ययन करके वैज्ञानिक इनके संरक्षण और प्रजातियों की सुरक्षा के उपाय खोज रहे हैं। इससे हमारे पर्यावरण की सुरक्षा और जैव विविधता को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

सिवनी के लोगों का योगदान

सिवनी के लोग इन पीले मेंढकों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन्हें परेशान न करें और इनका शिकार न करें। हमें उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखना चाहिए और उन्हें प्रजनन करने के लिए उचित वातावरण प्रदान करना चाहिए। इससे न केवल इन मेंढकों की प्रजातियों की सुरक्षा होगी, बल्कि हमारे पर्यावरण को भी लाभ होगा।

सामाजिक जागरूकता

हमें समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत है कि ये मेंढक हमारे पर्यावरण के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। हमें उनके संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए और समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। इस प्रकार, हम सिवनी में इन अद्भुत पीले मेंढकों की प्रजातियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

सिवनी: राज्य स्तरीय जूनियर बॉयज फुटबॉल प्रतियोगिता में सिवनी टीम का प्रतिनिधित्व

सिवनी: जूनियर बॉयज राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता में जिला फुटबॉल संघ अंडर 17 की टीम कोच रामस्वरूप डहेरिया डी लाइसेंस कोच, विशाल कश्यप मैनेजर के साथ 18 सदस्यीय टीम आज सुबह बैहर रवाना हुई जिसमें निम्न खिलाड़ी सिवनी टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे

टीम का बैहर की ओर प्रस्थान

आज सुबह सिवनी जिले की जिला फुटबॉल संघ अंडर 17 की टीम ने राज्य स्तरीय जूनियर बॉयज फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए बैहर की ओर प्रस्थान किया। इस टीम के कोच रामस्वरूप डहेरिया और मैनेजर विशाल कश्यप के नेतृत्व में कुल 18 खिलाड़ियों की टीम ने भाग लिया है। सभी खिलाड़ियों को उनके माता-पिता और स्थानीय समर्थकों ने स्टेशन पर विदा किया, साथ ही टीम को जीत के लिए शुभकामनाएं दी।

टीम में शामिल खिलाड़ी

इस 18 सदस्यीय टीम में कई होनहार खिलाड़ी शामिल हैं जो सिवनी जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन खिलाड़ियों के नाम निम्नलिखित हैं:

  • शौर्य डहेरिया
  • आदित्य सेंगर
  • कामिल खान
  • शौर्य बघेल
  • ध्रुव सिंह बनौधे
  • देवव्रत बघेल
  • अथर्व मेहरा
  • युसूफ कुरैशी
  • हर्ष वरमैया
  • अनुराग सोनी
  • विभोर मिश्रा
  • मौलिक डेहरिया
  • शौर्य क्रिड़िया
  • अमित वरमैया
  • आरुष सोनी
  • यजुर्व हनुमत
  • यश विश्वकर्मा
  • कार्तिक वास्त्री
  • अक्षत सोनी

टीम कोच और मैनेजर की भूमिका

रामस्वरूप डहेरिया कोच के रूप में टीम का नेतृत्व करेंगे, जो डी लाइसेंस कोच हैं और उनकी कोचिंग में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां रही हैं। उनके साथ विशाल कश्यप टीम के मैनेजर के रूप में खिलाड़ियों को प्रेरित और मार्गदर्शन करेंगे। दोनों के कुशल नेतृत्व में टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

टीम को विदा करने के लिए स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण लोग उपस्थित थे। जिला फुटबॉल संघ के सचिव महेश नेमा, राजिक आकिल, शिबू सेंगर, सुरेंद्र बनौधे, संजीव, मुकेश वरमैया, गणेश वरमैया, राजीव क्रिडिया, अवध बिहारी नागरे सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने टीम को शुभकामनाएं दी। सभी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

प्रतियोगिता के महत्व और संभावनाएं

यह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने और उच्च स्तर पर खेलने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह प्रतियोगिता न केवल खिलाड़ियों के व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि सिवनी जिले के फुटबॉल की प्रतिष्ठा को भी बढ़ाएगी। प्रत्येक खिलाड़ी ने कठिन परिश्रम और समर्पण के साथ अपनी तैयारी की है, और वे इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

खेल भावना और टीम की तैयारी

टीम ने प्रतियोगिता की तैयारी के लिए कई सप्ताहों तक कड़ी मेहनत की है। खिलाड़ियों ने नियमित अभ्यास सत्रों में भाग लिया और कोच द्वारा निर्धारित रणनीतियों का पालन किया। रामस्वरूप डहेरिया और विशाल कश्यप ने खिलाड़ियों की तकनीकी और शारीरिक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए विशेष ध्यान दिया है। टीम की एकजुटता और सामूहिक प्रयास से निश्चित रूप से बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है।

प्रतियोगिता स्थल और आयोजन

बैहर में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों की टीमें भाग लेंगी। यह प्रतियोगिता न केवल खिलाड़ियों के लिए एक मंच है, बल्कि खेल प्रेमियों के लिए भी एक बड़ा आयोजन है। आयोजन स्थल पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित होंगे, जो खेल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और उत्साह को बढ़ाएंगे।

खिलाड़ियों के भविष्य के अवसर

इस प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। यह उनके खेल करियर को एक नई दिशा देने में सहायक होगा। खिलाड़ियों का उद्देश्य न केवल अपने जिले का नाम रोशन करना है, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाना है।

सिवनी एसपी ने किया खुलासा: गौवंश वध में दर्ज प्रकरणों में शामिल सभी 22 आरोपी गिरफ्तार

सिवनी: दिनांक 19/06/2024 को थाना धूमा के ग्राम गरघटिया चिंटा नाला जामुन झीर के जंगल में 28 की संख्या में मृत गौवंश, चौकी सुनवारा थाना धनोरा के ग्राम पिंडरई बैन गंगा नदी के कुरकू घाट में 22 की संख्या में मृत गौवंश एवं चौकी पलारी बैन गंगा नदी देवघाट में 07 की संख्या में मृत गौवंश और दिनांक 21/06/24 को थाना धनोरा ग्राम कड़वे थावरी पास भसूडा नाले के पास 08 की संख्या में मृत गौवंश पाए जाने से थाना धूमा में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध अप० क्र0 214/2024 धारा 4,9 म०प्र० गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004, एवं 11(1) (i) पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960, धनौरा में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अप. क्र. 211/2024 धारा 4,9 गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम एवं 11(1) (i) पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम एवं अपराध क्र. 216/2024 धारा म0प्र0 4,9 गौवंश का प्रतिषेध अधिनियम एवं 11 (1)

(i) पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम एवं चौकी पलारी में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अप. क्र. 271/2024 धारा 429 भादवि, 4,9 म०प्र. गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004, एवं 11(1) (1) पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 के प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिये गये।

अपराध पंजीबद्ध के उपरांत पुलिस के द्वारा तत्काल कार्यवाही करते मुखबिर को सक्रिय किया गया और संदिहयों की पकड़-धकड़ प्रारंभ की गई इसी अनुक्रम में घटना में शामिल वाहिद खान एवं अन्य 06 आरोपियों की जानकारी प्राप्त होने पर अति. पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा जिला स्तर पर गठित टीमो को वाहिद को ढूंढकर हिरासत में लेने हेतु तत्काल निर्देशित किया गया।

पुलिस टीमों द्वारा भरसक प्रयास कर फरार हुये वाहिद को हिरासत में लेकर सघनता से पूछताछ शुरू की गई जिसने गौवंशो की हत्या में संलिप्त होना स्वीकार कर बताया कि नागपुर के इसरार पिता मंजूर अहमद द्वारा गाय बैलों का वध करने हेतु गाय बैलो की व्यवस्था करने बोला था बदले में अच्छी रकम देने की बात किया था और बताया था कि इसरार के नागपुर के साथी गाय बैल का वध करने 17/06/2024 की शाम सिवनी पहुंच जायेंगे तुम उनकी हर संभव मदद करना।

वाहिद ने बताया कि इसरार ने वाहिद के अलावा सिवनी जिले के ग्राम ग्वारी चौकी पलारी के सना उर रहमान (अल्फाज खान), ग्राम खैरी थाना कान्हीवाड़ा के अब्दुल करीम एवं बादलपार चौकी के रफीक खान को भी पैसे देकर गाय बैल की व्यवस्था करने को कहा है।

वाहिद के बताये अनुसार उक्त तीनों को हिरासत में लेकर सघनता से पूछताछ की गई जिन्होने नागपुर वाले इसरार द्वारा पैसा देकर गाय बैलो की व्यवस्था करने एवं इसरार के नागपुर के साथियों द्वारा सिवनी आकर गाय बैलो का वध करने की बात की पुष्टि की है।

इनके नागपुर के साथियों की तलाश के लिए पृथक से टीम बनाई गई और लगातार प्रयास करने एवं मुखबिरों की मदद से इसरार को हिरासत में लेकर सघनता से पूछताछ की गई तब इसरार ने गौवंशो का वध करने की योजना बनाना स्वीकार कर बताया कि उसने 17/06/2024 को गाय बैलो का वध करने के नाम पर पैसा कमाने की योजना बनाई थी तथा सिवनी जिले में अलग अलग स्थानो पर मृत मिले गौवंशो का वध में उसकी संलिप्तता है।

इसरार ने बताया कि उसने पैसे देकर अपने नागपुर के साथी वकील, कलंदर, मोईनउददीन, वसीउल्लाह, मोईनददीन, अब्दुल अजीज एवं रफीक की सहायता से सिवनी में गौवंशो का वध कराया। इसरार ने अपने उक्त साथियों को नागपुर से अब्दुल अजीज की टवेरा गाडी क्रमांक MH31CS0962 से सिवनी भिजवाया था एवं सिवनी के वाहिद, सना उर रहमान, अब्दुल करीम एवं रफीक खान द्वारा गांव के कुछ लोगो की मदद से नागपुर से इसरार द्वारा भेजे गये व्यक्तियों की गाय बैलो का वध करने में मदद की गई।

इसरार के बताये अनुसार वकील, कलंदर, मोईनउददीन, वसीउल्लाह, मोईनददीन एवं रफीक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई जिन्होने पैसे कमाने के लिये गाय बैलो का वध करने की बात स्वीकार की।

विवेचना के दौरान धूमा, सुनवारा, पलारी के दर्ज अपराध में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

घटना में गिरफ्तार आरोपियों के नाम :-

थाना धूमा के अपराध क्रमांक 214/2024 में गिरफ्तार आरोपी :-

  1. इसरार पिता मंजूर अहमद निवासी मोमिनपुरा, महात्मा फुले बाजार, नागपुर
  2. वाहिद पिता मजीद खान निवासी ग्राम ग्वारी पलारी थाना केवलारी जिला सिवनी
  3. शादाब खान पिता इसराइल खान निवासी ग्राम ग्वारी पलारी थाना केवलारी जिला सिवनी
  4. अब्दुल अजीज पिता मोहम्मद इदरिस निवासी टेकानाका नागपुर
  5. वसीउल्ला अब्दुल लतीफ अंसारी निवासी हाजी अब्दुल मजीद लीडर रोड, मोमिन पुरा नागपुर
  6. मोहम्मद वकील अहमद पिता वली अहमद निवासी मोमिनपुरा, महात्मा फुले बाजार, नागपुर
  7. मोइनुद्दीन पिता मोहम्मद इसराइल निवासी महात्मा फुले बाजार, नागपुर
  8. मोइनुद्दीन पिता सलाउद्दीन अंसारी निवासी सैफनगर नागपुर
  9. निसार अहमद उर्फ कलंदर पिता हाजी बहुद्दीन अंसार नगर नागपुर
  10. रफीक अहमद वली मोहम्मद निवासी महात्मा फुले नगर नागपुर
  11. रफीक पिता अहमद खान निवासी बादलपार चौकी
  12. अब्दुल करीम पिता अब्दुल हन्नान निवासी ग्राम खैरी थाना कान्हीवाडा
  13. संतोष करवेती पिता बृजलाल करवेती निवासी ग्राम गर घटिया थाना धूमा जिला सिवनी
  14. रामदास उइके पिता महेंद्र उइके उर्फ करिया निवासी ग्राम पुतर्रा थाना धूमा
  15. अनिल पड़वार पिता किसन पडवार निवासी पुतर्रा धूमा

चौकी पलारी थाना केवलारी के अपराध क्रमांक 271/2024 में गिरफ्तार आरोपीः-

  1. सना उर रहमान पिता अब्दुला निवासी ग्राम ग्वारी थाना केवलारी
  2. इरफान पिता फैज मोहम्मद निवासी खैरी थाना केवलारी
  3. अहसान पिता इरफान मोहम्मद निवासी खैरी थाना केवलारी

थाना धनौरा के अपराध क्रमांक 216/2024 में गिरफ्तार आरोपी :-

  1. प्रहलाद पिता मानकलाल पंद्रे निवासी कडवे थांवरी थाना धनौरा
  2. वीरसिंह पिता चैतलाल काकोडिया निवासी कडवे थांवरी थाना धनौरा
  3. मुंशीलाल पिता धरमसिंह पंद्रे निवासी कडवे थांवरी थाना धनौरा
  4. सोनू ऊर्फ इतुआ पिता चोपसिंह धुर्वे निवासी सालीवाडा मुनीर थाना धनौरा

थाना धनौरा के अपराध क्रमांक 211/2024 में गिरफ्तार आरोपी :-

  1. वाहिद पिता मजीद खान निवासी ग्राम ग्वारी पलारी थाना केवलारी जिला सिवनी
  2. शादाब खान पिता इसराइल खान निवासी ग्राम ग्वारी पलारी थाना केवलारी जिला सिवनी

सराहनीय कार्य – अति. पुलिस अधीक्षक श्री जी. डी शर्मा के मार्गदर्शन में अनु. अधिकारी पुलिस लखनादौन श्री अपूर्व भलावी,

अनु. अधिकारी पुलिस केवलारी श्री आशीष भराडे, थाना प्रभारी धूमा उनि सतीश उईके, थाना प्रभारी केवलारी निरी चैनसिंग

उईके, थाना प्रभारी डूंडासिवनी निरी किशोर वामनकर, चौकी प्रभारी पलारी उनि राजेश शर्मा, चौकी प्रभारी सुनवारा सउनि

लूपेश राहंगडाले एवं उपनिरीक्षक निकेतन किलेदार थाना तहसील नागपुर, सिवनी के प्र.आर. योगेश ठाकुर, शेखर बघेल,

आर. यशपाल उइके, शंभू ठाकुर (थाना तहसील नागपुर), आईजी कार्यालय जबलपुर से आर. प्रीतम एवम थाना डूंडासिवनी से सैनिक मो. वकील खान, सायबर सेल सिवनी का सराहनीय योगदान रहा।