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Navratri 2023: नवरात्री में बाल न काटें, उपवास में क्या करें और क्या न करें, शुभ मुहूर्त और बहुत कुछ जानिए

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Navratri 2023 Upwas, Shubh Muhurat: नवरात्रि का नौ दिनों तक चलने वाला त्योहार नजदीक है, पूरे देश में, नवरात्रि बहुत धूमधाम के साथ मनाई जाती है और यह माँ दुर्गा के नौ अवतारों की पूजा के लिए समर्पित है और विजय दशमी पर देवी की मूर्तियों के विसर्जन के साथ समाप्त होती है। 

नवरात्रि हिंदुओं के बीच सबसे शुभ और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। भक्त नौ दिनों तक उपवास रखते हैं, खासकर उत्तर भारत में। व्रत के कुछ नियम होते हैं। आइए जानते हैं व्रत रखने के क्या करें और क्या न करें। आइए देखें: 

Navratri 2023: उपवास करने के लिए क्या करें और क्या न करें

  • इस दौरान मांसाहारी और तामसिक भोजन करने से बचें और शराब से भी दूर रहें
  • चावल और गेहूं के बजाय, अपनी पूरी, पुलाव आदि में कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, बाजरा और साबूदाना का
  • प्रयोग करें – सेंधा नमक का प्रयोग करें और नहीं व्यंजन तैयार करने के लिए टेबल नमक
  • नवरात्रि के दौरान भोजन तैयार करने के लिए परिष्कृत तेल के स्थान पर घी या मूंगफली के तेल पर स्विच करें –
  • खाना पकाने में हल्दी, लौंग आदि जैसे मसालों का उपयोग करने से बचें –
  • नवरात्रि उत्सव के 9 दिनों के दौरान अपने बाल न काटें या मुंडवाएं नहीं
  • वसंत ऋतु में सफाई करवाएं और नवरात्रि में अपने घर को साफ रखें। नौ दिनों में, अपना दिन शुरू करने से पहले और भगवान को प्रसाद चढ़ाने से पहले सुबह स्नान करें और साफ हो जाएं।
  • नवरात्रि के पहले ही दिन कलश स्थापना या घटस्थापना करें। त्योहारों के सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक, कलश स्थापना तब की जानी चाहिए जब यह अभी भी प्रतिपदा है।
  • देवी दुर्गा से प्रार्थना करने के लिए दुर्गा आरती, श्लोक और मंत्रों का जाप करें
  • सभी नौ दिनों के दौरान, एक दीया जलाया जाता है और देवी के सामने रखा जाता है। 

Navratri Vrat: कौन कर सकता है व्रत?

उम्र या लिंग के बावजूद, सही स्वास्थ्य वाला कोई भी व्यक्ति व्रत का पालन कर सकता है। लेकिन अगर आप अस्वस्थ हैं या दवा ले रहे हैं या इलाज करवा रहे हैं, तो उपवास से बचना सबसे अच्छा है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताओं के मामले में, उपवास करने का निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से जाँच करें।

Navratri 2023 Shubh Muhurat

चित्रा नक्षत्र: पंचांग के अनुसार, 14 अक्टूबर 2023 को चित्रा नक्षत्र की शुरुआत होगी और  15 अक्टूबर 2023 को शाम 6 बजकर 12 मिनट पर समाप्त होगी।

वैधृति योग: हिंदू पंचांग के अनुसार, 14 अक्टूबर 2023 को सुबह 10 बजकर 25 मिनट पर वैधृति योग भी लगेगा और 15 अक्टूबर को वैधृति योग समाप्त होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग में कलश स्थापित करना शुभ नहीं माना जाता है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त: अभिजीत मुहूर्त को कलश स्थापना का सबसे शुभ समय माना जाता है। 15 अक्टूबर 2023 को सुबह 11 बजकर 9 मिनट से लेकर 11 बजकर 56 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त बन रहा है। मान्यता है कि इस मुहूर्त में कलश स्थापित करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

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OLA S1 PRO मात्र 6 महीने में पहुंची अंतिम यात्रा पर: गाड़ी मालिक परेशान; कंपनी नहीं दे रही कोई अपडेट

OLA S1 PRO REVIEW AND COMPLAINT: OLA S1 PRO लेने के बाद से ही गाड़ी लेने वाले ग्राहक बेहद ही परेशान हो रहे है, OLA लगातार ही अपनी सर्विस के बारे में बहुत प्रचार प्रसार करती है। लेकिन OLA की ELECTRIC गाड़ियों की हकीकत आखिर कुछ और ही है। इससे पहले भी आपको OLA के S1 Pro मॉडल के बारे में एक खबर बताई गई थी जिसे आप यहां पढ़ सकते है – यह भी पढ़ें: Ola Electric: 6 दिनों में 600 किलोमीटर चली Ola S1Pro ने तोड़ा दम, सर्विसिंग के नाम पर कस्टमर को कंपनी कर रही परेशान

OLA S1 PRO REVIEW AND COMPLAINT

आज हम एक और OLA S1 PRO Model की बात करेंगे, जिसे खरीदने के बाद से ही ग्राहक सर्विसिंग के लिए लगातर ही परेशानी झेल रहा है, फरवरी में खरीदी गई गाड़ी में लगातार ही कुछ ना कुछ परेशानी आ रही थी और 6 माह बीतते ही गाड़ी पूरी तरह अंतिम यात्रा की तरफ चल पड़ी।

मात्र 6 माह में OLA की OLA S1 Pro मॉडल जिसका गाड़ी नंबर MP 22 ZA 9446 है, 6 माह में गाड़ी का चेचिस अपने आप ही 2 टुकड़ों में बट गया कंपनी में इसकी शिकायत की गई जिसके 1 माह बाद कंपनी ने एक्शन लिया, ग्राहक के घर मे महीने भर गाड़ी खड़ी रही जिसके बाद कंपनी के जबलपुर सर्विस सेंटर में गाड़ी ले जाया गया।

जबलपुर सर्विस सेंटर में गाड़ी जाने के बाद से लगभग 1 माह हो चुका है पर गाड़ी ले जाने के बाद से ही कंपनी ने ग्राहक को गाड़ी के बारे में अपडेट देना बंद कर दिया है, ग्राहक कुछ दिनों के अंतराल में OLA कंपनी को कॉल कर अपनी गाड़ी की जानकारी मांगता है पर उसे कोई जानकारी नहीं मिलती।

OLA S1 PRO मात्र 6 महीने में पहुंची अंतिम यात्रा पर: गाड़ी मालिक परेशान; कंपनी नहीं दे रही कोई अपडेट

ग्राहक का कहना है कि कम से कम ग्राहकों को उनकी गाड़ी के बारे में अपडेट तो दिया जाए पर कंपनी गाड़ी बिकने तक साथ देती है गाड़ी खरीदते ही वह अपने ग्राहकों को भूल जाती है,

सिवनी: केवलारी से राकेश पाल पर दांव लगाना भाजपा को पड़ सकता है भारी, केवलारी दोबारा बन सकता है कांग्रेस का गढ़

Seoni News: सिवनी, केवलारी:- मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी दोबारा काबिज होने के लिए पूरी तैयारी में जुटी हुई है. जिस तरह भाजपा एक एक सीट पर कैंडिडेट का कार्यकाल और अनेकों फैक्टर पर ध्यान रखते हुए कैंडिडेट घोषित कर रही है उससे यह तो साफ़ है कि मध्यप्रदेश में भाजपा कटतई भी रिस्क नहीं लेना चाहती है। सिवनी जिले की सिवनी विधानसभा के लिए भाजपा ने दिनेश राय मुनमुन को प्रत्याशी घोषित किया है. वहीँ सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा में अभी भी सस्पेंस बरकार है. केवलारी विधानसभा की बात करें तो केवलारी विधानसभा की जनता विधायक राकेश पाल सिंह से बेहद ही नाराज है.

बीते विधानसभा चुनाव में राकेश पाल सिंह ने कांग्रेस के गढ़ नष्ट जरूर किया था परन्तु उनके विधायक बनने के बाद से ही वहां की जनता उनसे नाराज नजर आ रही है. जिस तरह केवलारी में राकेश पाल सिंह को लेकर जनता का नजरिया बना हुआ है उस आधार पर यदि भाजपा राकेश पाल सिंह पर दांव लगाती भी है तो भाजपा को नुक्सान झेलना पड़ सकता है.

हालाँकि बात तो यह भी सामने आई है कि सिर्फ जनता ही नहीं बल्कि स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं को विधायक राकेश पाल सिंह द्रारा लगातार नजर अंदाज करना भी उन्हें भारी नुक्सान की और ले जा सकता है.

टिकिट पाने के लिए राकेश पाल सिंह लगा रहे पूरी ताकत

भाजपा मध्यप्रदेश की एक एक सीट पर कदम फूंक फूंक कर रख रही है ऐसे में भाजपा की राज्य और केंद्र सरकार द्वारा कराए गए सर्वे राकेश पाल सिंह की जमीनी हकीकत पहुंची है या नहीं इसकी तो जानकारी मिल पाना संभव नहीं है लेकिन यदि ऐसा हुआ तो ये तो पक्का है कि भाजपा राकेश पाल सिंह पर दांव नहीं खेलेगी.

आगामी माह में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मध्यप्रदेश की सिवनी जिले से विधानसभा बरघाट व विधानसभा सिवनी से भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गयी है। इसके साथ ही अभी लखनादौन व केवलारी से उमीदवारों की घोषणा का इन्तजार किया जा रहा है. कई ऐसे भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता और नेता भी राकेश पाल सिंह के साथ टिकिट की दावेदारी में लगे हुए है. अब देखना तो यही है कि भाजपा किस पर दांव लगाती है.

केवलारी वापस बन सकता है कांग्रेस का गढ़

सिवनी जिले की केवलारी विधानसभा क्षेत्र वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के लिए हार का रिकार्ड बनाने वाला क्षेत्र बना हुआ था हालाँकि राकेश पाल सिंह ने इस रिकॉर्ड को बीते विधानसभा चुनाव में भारी मतों से जीत हासिल कर तोड़ दिया था. केवलारी विधानसभा में कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार के रूप में रजनीश सिंह ठाकुर को देखा जा रहा है जिन्हें राकेश पाल सिंह ने बीते चुनाव में हार का मुह दिखाया था लेकिन. हार के बाद से ही रजनीश सिंह ठाकुर जिस तरह से केवलारी विधानसभा में सक्रिय रहे है यूज़ देखा जाए तो केवलारी वापस कांग्रेस का गढ़ बन सकता है.

रजनीश सिंह ठाकुर का पुश्तैनी राजनैतिक दबदबा आज भी बरकरार है. बीते चुनाव में हार के बाद राजनैतिक दलों के मुह से यही सुनाई दे रहा था कि मोदी लहर की वजह से ठाकुर रजनीश सिंह को हार का मुह देखना पड़ा था। कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार ठाकुर रजनीश सिंह समस्त क्षेत्र में ताकतवर माने जाते है ऐसी स्थिति में उन्हें चुनौती देना और चुनाव में शिकस्त देना भाजपा के लिये आसान नहीं है।

चुनावी चर्चा में भी खुली राकेश पाल की पोल, ना विकास और ना गांव आने पर गाँव वालों से चर्चा

खबर सत्ता की चुनावी चर्चा बरघाट विधानसभा के बरघाट क्षेत्र में बीते दिनों संपन्न हुई थी जिसमे कुछ केवलारी विधानसभा के लोग भी थे उन्होंने अपने क्षेत्र के बारे में बातचीत करते हुए बताया कि राकेश पाल सिंह को लेकर वहां के लोगों की राय अब ठीक नहीं है. वह जन गाँव आते है तो गाँव के लोगों से चर्चा तक नहीं करते और ना ही उनके 5 वर्षों के कार्यकाल में किसी प्रकार का कोई विकास हुआ. वीडियो आपको जल्दी ही खबर सत्ता के आधिकारिक Youtube Channel पर देखने को मिलेगी.

केवलारी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार कौन होगा इसको लेकर जनचर्चा अभी थमी नहीं है क्योंकि भाजपा ने अभी तक अधिकृत उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। कांग्रेस से अपनी टिकिट फाईनल मानकर पूर्व विधायक ठाकुर रजनीश सिंह ने अपना प्रचार-प्रसार गांव-गांव प्रारंभ कर दिया है।

सिवनी: दिनेश राय मुनमुन के लिए पनप गया अंदरूनी विद्रोह; मुनमुन के गले की फांस बनेगी ये कलह; कैसे होगी जीत दर्ज!

सिवनी (Seoni News): सिवनी विधानसभा में 10 वर्ष पहले भारतीय जनता पार्टी की मटकी फोड़ने के बाद खुदके मटके में निर्दलीय विधायक के रूप में अपना सिंहासन सजाया था. भाजपा का गढ़ कहा जाने वाला सिवनी और सिवनी की राजनैतिक पार्टियों को बड़ा सदमा दिनेश राय मुनमुन ने दिया था. वर्तमान समय की बात करें तो दिनेश राय मुनमुन भारतीय जनता पार्टी के विधायक है क्योंकि बीते चुनाव में दिनेश राय मुनमुन ने भारतीय जनता पार्टी का दामान थाम लिया था. हालाँकि इसके बाद मुनमुन का एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमे उन्हें यह कहते सुन जा रहा था कि वह अपना ईमान बेचकर भाजपा में शामिल हुए है.

दिनेश राय मुनमुन के भाजपा का दामन थामने के बाद से ही पार्टी में भारी विद्रोह देखा जा रहा है. राजनैतिक सूत्रों की माने तो सिवनी विधानसभा के भाजपा के कुछ मूल कार्यकर्ता अब दिनेश राय मुनमुन के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में है. मौजूदा विधायक दिनेश राय मुनमुन को टिकिट मिलने के बाद से ही गुप्त बैठकों का दौर निरंतर जारी है. सूत्रों की माने तो इन बैठकों में विधायक दिनेश राय मुनमुन के खिलाफ एक जुट होकर निर्दलीय प्रत्याशी को मैदान में उतारने की तैयारी पर मंथन किया जा रहा है.

लगातार चल रही इस गुप्त बैठक में अनेकों मूल भाजपाई शामिल हो रहे है विधायक दिनेश राय मुनमुन के खिलाफ चुनाव में तैयारी का दौर निरंतर जारी है इसके साथ ही सूत्र बताते है कि हर बैठक में एक बात जरूर निकलकर सामने आती है कि विधायक दिनेश राय मुनमुन लगातार ही सिवनी जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं का अपमान करते रहते है.

भाजपा के कार्यकर्ता भले ही वह दरी फट्टी बिछाने का कार्य हो या भाजपा का झंडा पकड़कर चलना हो या फिर पूर्व विधायक या पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष हो किसी का भी अपमान सार्वजनिक रूप से करने में कोई कसर नहीं छोड़ते.

गुप्त मीटिंग में मंथन सिर्फ अपमान नहीं बल्कि विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा सिवनी विधानसभा के लिए क्या किया गया है उसे लेकर भी समीक्षा की गई जिसके बाद अब यह तय है कि सिवनी से मुनमुन की जगह तय किया गया निर्दलीय प्रत्याशी को ही जीत दिलानी है.

हालाँकि यह खबर तो वर्षों से सामने आती है कि सिवनी विधायक मुनमुन राय द्वारा पार्टी के किसी भी नेता को तवज्जो नही दी जाती और सार्वजनिक रूप से उनका अपमान करना दिनेश राय मुनमुन का पेशा है. इस विषय पर भी मंथन हुआ और वहां पर येही बात सामने आई कि जो कार्यकर्ता हमारे साथ इतने समय तक जुड़ा रहता है अब उसका अपमान नही सहा जाएगा उसके लिए हमे एकसाथ होना ही पड़ेगा और तय किये जा रहे उमीदवार को जीत भी दिलाना होगा.

सिवनी: शिवराज सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से उम्मीदवारों की लगेगी नैया पार!

सिवनी,धारनाकला: वैसे तो मध्य प्रदेश तथा केन्द्र सरकार के द्वारा जनहित से जुडी अनेक योजनाऐ संचालित की जा रही है चाहे वह आम आदमी से जुडी हो अथवा किसानो तथा गरीबो से जुडी हो जिनका लाभ प्रदेश के लोगो को मिल रहा हो किन्तु मध्य प्रदेश चुनाव के ठीक पहले शिवराज सरकार द्वारा संचालित की गई लाडली बहना योजना शिवराज सरकार के घोषित उम्मीदवारो की नैया पार लगाते दिखने के साथ ही शिवराज की वापसी के दौर खोलते दिखाई दे रही है.

चूकि ठीक चुनाव के पहले शिवराज सरकार ने लाड़ली बहना योजना की शुरूआत कर प्रदेश की महिलाओ को अपनी सरकार की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है वैसे तो इसके पूर्व भी सरकार की अनेको योजनाओ के माध्यम से महिलाओ को लाभ मिला है जैसे प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना मुख्य मंत्री किसान कल्याण योजना आयुष्मान भारत योजना मुख्य मंत्निरी शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना मुख्यमंत्री कल्याणी पेंशन सहायता योजना आदि अनेको योजनाओं के बाद भी वर्तमान मे प्रारम्भ की गई लाड़ली बहना योजना शिवराज के लिये सोने पे सुहागा साबित होते दिखाई दे रही है.

चुकि इस योजना के तहत महिलाओ के खाते मे प्रति माह पहूच रही राशि का ही परिणाम है की महिलाओ के द्वारा अपने भाई के द्वारा सीधे खाते मे आ रही राशि से महिलाओ का आत्म विश्वास तो जागा ही है साथ ही सरकार के प्रति रूझान भी बढा है जो आने वाले समय मे क्या भूमिका अदा करता है यह आने वाला समय निर्भर करेगा।

Barghat Vidhan Sabha Election: सिवनी जिले की बरघाट विधान सभा में क्या है जनता की राय | चुनावी चर्चा

लाखों की तादाद मे है महिला स्व सहायता समूह

उल्लेखनीय है केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा महिलाओ को आत्म निर्भर बनाने के प्रयास मे वैसे तो अनेको योजनाओ का समावेश है किन्तु आजीविका महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से महिलाओ का आत्म निर्भर बनना भी सामने आया है तथा प्रदेश की महिलाऐ सरकार की रीति नीति तथा सहयोग से सीधे रोजगार से भी जुडी है तथा बैको के माध्यम से लाखो रूपये महिलाओ को अति कम ब्याज मे उपलब्ध हो रहा है.

जिसके माध्यम से समूह की महिलाये अपने स्वय के रोजगार को प्रारम्भ करने के साथ बैक की विधिवत ञण राशि का भी भुगतान आय अर्जित करते हुऐ कर रही है और यही कारण है की महिलाऐ आत्म विश्वास के साथ बैक शाखाओ मे भी नजर आ रही है

इसके साथ ही सरकार द्वारा लगातार महिलाओ को आत्म निर्भर बनाने का प्रयास सरकार की गतिविधियो की ओर महिलाओ को आकर्षित करता हुआ नजर आ रहा है जिससे इन्कार नही किया जा सकता है

3173 महिला स्व सहायता समूह है संचालित

उल्लेखनीय है की बरघाट विकाश के अन्तर्गत ही बरघाट तथा कुर ई मे 3173 महिला स्व सहायता समूह संचालित है तथा लगभग 40000 चालीस हजार महिलाऐ स्व सहायता समूह से जुडकर शासन की योजनाओ से सीधे जुडकर लाभ ले रही है तथा आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भर बनते हुऐ जागरूक भी हुई है जिनकी ओर वर्तमान चुनाव मे राजनैतिक दल सीधे अपना ध्यान केन्द्रित करते हुऐ भी नजर आ रहे है और आने वाले समय मे आयेगे भी चूकि यह मानना भी गलत नही होगा की महिलाओ का द्रढ़संकल्प मजबूत होता है. ऐसी स्थिति मे महिलाये चुनावी ऊंट को करवट बैठालने मे भी अहम भूमिका अदा कर सकती है

जनसम्पर्क मे आई तेजी

यहा यह बताना भी लाजिमी है की जैसे चुनाव आयोग के द्वारा मतदान की तारीख का ऐलान हुआ है उम्मीदवारो के द्वारा जनसम्पर्क मे तेजी देखी जा रही है जहा भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कमल मरसकोले के रूप मे पहले ही कर दी है

वही दूसरी तरफ काग्रेस के द्वारा अब तक उम्मीदवार की घोषणा नही की गई है फिर भी वर्तमान विधायक अर्जुन का छेत्र मे तूफानी दौरा के साथ साथ अनेको स्थानो पर आचार संहिता के पूर्व निर्माण कार्यो का भूमि पूजन तथा जनसम्पर्क यह जरूर सिद्ध करता है की बरघाट विधान सभा से वे ही काग्रेस के उम्मीदवार के रूप मे सामने होगे

ऐसे मे बरघाट विधान सभा के मतदाताओ के सामने यही दोनो पुराने चेहरे चुनावी रण मे मतदाताओ के सामने होगे अब यह मतदाताओ का मत ही तय करेगा की बरघाट विधान सभा का प्रति निधितत्व बरघाट विधान सभा का मतदाता किसके हाथो मे सौपता है

Barghat Vidhan Sabha Election: सिवनी जिले की बरघाट विधान सभा में क्या है जनता की राय | Watch Video

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MP चुनाव: आदर्श आचरण संहिता के प्रारूप के साथ एफएसटी और पुलिस टीम क्रियाशील होती है

2023 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जूनून अपनी उच्च गति से चल रहा है, और आचार संहिता के प्रारूप को लागू करने के बाद, यह चुनावी प्रक्रिया के सुझाव को बढ़ावा मिल रहा है।

इस लेख में, हम देखेंगे कि कैसे आचार संहिता के प्रारूप के बाद एफएसटी और पुलिस की संयुक्त टीम क्रियाशील हो गई है और नागरिकों के लिए चुनावी प्रक्रिया में सख्त कदम उठाया गया है.

आचार संहिता का पूरा प्रभाव

आचार संहिता का प्रारूप लागू होते ही निर्वाचन प्रक्रिया पर उसका पूरा प्रभाव दिखाई देने लगा है. यह निष्कर्ष और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है.

एफएसटी टीम की क्रियाशीलता

उड़नदस्ता दल (एफएसटी) का सशक्त बनना निर्वाचन समय की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. इसने गुमराह करने वालों और बदमाशों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं.

पुलिस टीम का सहयोग

पुलिस टीम ने अवैध शराब, मादक पदार्थ, और अमूल्य धातु के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग किया है. इससे निर्वाचन प्रक्रिया में और भी सुरक्षिति हुई है.

अवैध शराब और महुआ लहान की बड़ी कार्रवाई

आबकारी विभाग ने अवैध शराब और महुआ लहान की बड़ी कार्रवाई की है, जिससे नागरिकों को जोखिम से बचाया जा रहा है.

नागरिकों के लिए सुरक्षा

इस कदम से, नागरिकों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया में सुरक्षा बढ़ी है और चुनाव स्वच्छ और निष्पक्ष हो रहे हैं.

निर्वाचन प्रक्रिया की स्थिरता

यह नए कदम से निर्वाचन प्रक्रिया की स्थिरता को सुनिश्चित करता है, जिससे चुनावी प्रक्रिया के प्रति जन विश्वास मजबूत होत

AUS vs SA: ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का किया बड़ा फैसला, देखें दोनों टीमों की प्लेइंग XI

Australia vs South Africa World Cup 2023 Live Match Score in Hindi: ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका विश्व कप 2023 लाइव मैच स्कोर मराठी में: वनडे विश्व कप 2023 में आज दक्षिण अफ्रीका का सामना ऑस्ट्रेलिया से है।

पहले मैच में अफ्रीकी टीम ने श्रीलंका पर बड़ी जीत हासिल की थी. वहीं, ऑस्ट्रेलिया को भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। अब ऑस्ट्रेलिया जीत की राह पर लौटने की कोशिश करेगा। वहीं, दक्षिण अफ्रीका अपनी जीत का सिलसिला जारी रखना चाहेगी। लखनऊ में हुए मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया.

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है. ऑस्ट्रेलियाई टीम में दो बदलाव किए गए हैं. मार्कस स्टोइनिस ने कैमरून ग्रीन की जगह और जोश इंग्लिश ने एलेक्स कैरी की जगह ली। दक्षिण अफ्रीकी टीम भी एक बदलाव के साथ मैदान में उतरी है. कोएत्जी की जगह स्पिनर तबरेज शम्सी को टीम में शामिल किया गया है.

दक्षिण अफ्रीकी टीम शानदार फॉर्म में-
दक्षिण अफ्रीकी टीम जबरदस्त फॉर्म में है. विश्व कप के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका ने श्रीलंका को 102 रनों से हरा दिया. इस मैच में अफ्रीकी बल्लेबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. क्विंटन डी कॉक, रासी वैन डेर डुसेन और एडन मार्कराम ने शतक बनाए।

मार्कराम ने विश्व कप में सबसे तेज शतक लगाया। अफ्रीकी टीम इस मैच में भी अपनी लय बरकरार रखना चाहती है. दक्षिण अफ्रीका ने पिछले महीने ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज जीती थी और वह इस मैच को भी जीतना चाहेगी।

दोनों टीमों की प्लेइंग XI-
ऑस्ट्रेलिया: डेविड वार्नर, मिशेल मार्श, स्टीव स्मिथ, मार्नस लाबुशेन, जोश इंग्लिस (विकेटकीपर), ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, पैट कमिंस (कप्तान), मिशेल स्टार्क, एडम ज़म्पा, जोश हेज़लवुड।

दक्षिण अफ्रीका: क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), टेम्बा बावुमा (कप्तान), रासी वैन डेर डुसेन, एडन मार्कराम, हेनरिक क्लासेन, डेविड मिलर, मार्को जानसेन, केशव महाराज, लुंगी एनगिडी, कैगिसो रबाडा, तबरेज़ शम्सी।

सिवनी का विजय नंदन सीएम शिवराज को हराने के लिए बना “संत”, बुधनी विधानसभा से लडेगा निर्दलीय चुनाव

MP ELECTION- सिवनी/भोपाल: मध्यप्रदेश के सिवनी (Seoni News) जिले के विजय नंदन (Vijay Nandan) जो कि युवा उद्यमी के रूप में जाने जाते है उन्होंने बीते दिनों ही ऐलान कर दिया था कि विधानसभा चुनाव 2023 (MP Vidhan Sabha Election 2023) में वह बुधनी विधानसभा से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM SHIVRAJ SINGH CHOUHAN) के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे.

मध्य प्रदेश को विधान सभा की द्रष्टि से देखने तो मध्यप्रदेश में 230 विधानसभा सीटें है जिनमे से कुछ सीटें ऐसी है जिनके अलग ही मायने रहते है जिसमे छिंदवाड़ा विधानसभा सीट और बुधनी विधानसभा सीट के मायने काफी हद तक प्रदेश के साथ देश की राजनीति में अहम और बेहद ही अलग रहते है.

छिंदवाड़ा विधानसभा सीट और बुधनी विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरेंगे. मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के बैटरी का व्यवसायी विजय नंदन ने मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM SHIVRAJ SINGH CHOUHAN) के खिलाफ चुनाव का बिगुल फूंक दिया है.

सीएम शिवराज को चुनाव में मात देने के लिए युवा उद्यमी विजय नंदन अचानक बना संत

सिवनी के युवा उद्यमी विजय नंदन को सिवनी जिले की जनता युवा उद्यमी के रूप में जानती है. लेकिन जब से विजय नंदन ने सीएम शिवराज के खिलाफ चुनाव लड़ने की बात कही और मैदान में उतरे है उसके बाद से ही विजय नंदन का एक अलग ही रूप सामने आया है.

अब विजय नंदन सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ में भगवा चोला धारण किये हुए नजर आते है. सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ में उनके नाम के आगे संत जुदा दिखाई दे रहा है. क्या युवा उद्यमी विजय नंदन से संत विजय नंदन बनना उन्हें सीएम शिवराज के खिलाफ जीत दिला पाएगा. हालाँकि उनका अचानक से संत बनना समझ से परे है.

बिजनेसमैन विजय नंदन CM शिवराज सिंह के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव

मध्य प्रदेश की दो सबसे पोपुलर सीट छिंदवाड़ा विधानसभा सीट और बुधनी विधानसभा सीट में से विजय नंदन ने सीएम शिवराज के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में बुधनी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. 

कांग्रेस से मांगा था टिकट मिला

मीडिया ख़बरों की माने तो विजय नंदन ने कांग्रेस से बुधनी विधानसभा सीट से टिकिट मांगा था परन्तु अभी तक कांग्रेस की तरफ से उन्हें कुछ भी नहीं मिल पाया है. इसलिए उम्मीद यही जताई जा रही है कि वह अब निर्दलीय ही चुनाव लड़ेंगे. युवा उद्यमी विजय नंदन से बने संत विजय नंदन की पढ़ाई की बात करें तो इनकी प्रारंभिक शिक्षा हायर सेकेंडरी तक है.

यह भी पढ़ें: सिवनी के विजय नंदन सीएम शिवराज को देंगे चुनौती: विधानसभा सीट बुधनी में सीएम के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे