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सिवनी के विजय नंदन सीएम शिवराज को देंगे चुनौती: विधानसभा सीट बुधनी में सीएम के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे

Seoni News: सिवनी/भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के नजदीकी काउंटडाउन शुरू हो गया है, और बस निर्वाचन आयोग की ओर से तारीख का इंतजार है। इस बार, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को उनकी विधानसभा सीट, बुधनी में चुनौती देने के लिए निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी कदम बढ़ाया है।

इस लेख में, हम विस्तार से देखेंगे कि कौन हैं ये युवा उद्यमी विजय नंदन और कैसे उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ बुधनी सीट से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।

विजय नंदन: एक युवा उद्यमी की कहानी

  1. युवा उद्यमी का परिचय: विजय नंदन एक युवा उद्यमी हैं, जो मध्यप्रदेश के उद्योग सेक्टर में अपनी पहचान बना चुके हैं।
  2. सामाजिक सेवा में सक्रिय: विजय नंदन ने केवल व्यवसाय में ही नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा में भी अपना योगदान दिया है।

चुनौती शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ

  1. निर्दलीय उम्मीदवार का निर्णय: विजय नंदन ने अपने साथी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
  2. बुधनी सीट पर आवेदन: विजय नंदन ने बुधनी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए अपना आवेदन दाखिल किया है।

चुनौती का महत्व

  1. बुधनी सीट: महत्वपूर्ण सीट: मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में सबसे महत्वपूर्ण सीट में शामिल बुधनी विधानसभा सीट पर सभी की निगाह है।
  2. शिवराज सिंह चौहान की पांच बार की जीत: इस सीट से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांच बार चुनाव लड़ा और विजय प्राप्त की हैं।
  1. चुनौती बढ़ रही है: विजय नंदन के उम्मीदवार बनने से चुनौती बढ़ रही है, और यह देखने के लिए रोमांचक होगा कि चुनाव में कौन बनता है विजयी।

इस लेख के साथ-साथ, अब आइए देखते हैं कि लोग इस विषय पर क्या पूछ रहे हैं।

FAQs (पूछे जाने वाले प्रश्न)

क्या विजय नंदन का चुनावी नामांकन शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ गंभीर है?

जी हां, विजय नंदन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ चुनावी नामांकन किया है, और यह चुनौती बढ़ गई है।

क्या बुधनी सीट महत्वपूर्ण है?

हां, बुधनी सीट मध्यप्रदेश की विधानसभा में महत्वपूर्ण है और इस पर बहुत सारी नजरें हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने कितने बार बुधनी सीट से चुनाव जीते हैं?

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी सीट से पांच बार चुनाव जीते हैं।

विजय नंदन के क्या प्रमुख चुनावी मुद्दे हैं?

विजय नंदन के प्रमुख चुनावी मुद्दे बुधनी क्षेत्र के विकास और सामाजिक सुधार हैं।

चुनाव के आसपास की तारीख क्या है?

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा निर्वाचन आयोग के द्वारा की जाएगी, और इसका इंतजार है।

इस लेख में हमने विजय नंदन की चुनौती के बारे में जानकारी दी है, और आने वाले चुनाव में कैसे यह एक महत्वपूर्ण पहली चुनौती बन सकती है।

सिवनी: जिला ब्राह्मण समाज की हथनापुर – मुंगवानी सेक्टर इकाई का होगा गठन, अहम बैठक 10 अक्टूबर को

Seoni News – सिवनी: सिवनी विकासखंड अंतर्गत जिला ब्राह्मण समाज, हथनापुर – मुंगवानी सेक्टर इकाई के गठन हेतु समाज की बैठक दिनांक 10 अक्टूबर 2023, दिन मंगलवार को कात्यायनी मंदिर हस्तिनापुर प्रांगण में दोप 3:00 बजे से आयोजित की गई है।

सेक्टर में मुंगवानी कला, मुंगवानी खुर्द, जैतपुर खुर्द, सिंगोड़ी, जॉम, पांजरा, बगदरी, प्याली, हथनापुर, मड़वा, पिपारिया, चंदौरी, मनोरी, मारवोड़ी, सपापार, चौड़ा, भाटीवाडा, खेऱी, जैतपुर कला, खेड़ा, कमकासुर, तिघरा, ढेकी व लोनिया ग्राम सम्मिलित किए गए हैं।

जिसमें मुंगवानी सेक्टर के सभी विप्र बन्धुओं की उपस्थिति प्रार्थनीय है।

आपका जीवन कैसे बदल सकता है: सिवनी विकासखंड में जिला ब्राह्मण समाज के गठन का महत्व

सिवनी विकासखंड एक ऐसा स्थान है जो सोने की चिड़ीया की तरह है – सुनहरा और सुंदर। इस क्षेत्र में जिला ब्राह्मण समाज के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया है, जो कि 10 अक्टूबर 2023 को होगा। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज के विकास और एकता को मजबूती से बढ़ावा देना है।

ब्राह्मण समाज का एकता में महत्व

सिवनी विकासखंड के सभी गाँवों के संगठनात्मक रूप से संघटित होने का महत्व है। ब्राह्मण समाज के लोगों के बीच एकता को बढ़ावा देने से समाज के विकास में मदद मिलेगी। यह बैठक एक मौका है जब सभी विप्र बन्धुओं को एक साथ आने का मौका मिलेगा और वे अपने विचारों और विचारों को साझा कर सकेंगे।

सामाजिक संगठन का महत्व

सिवनी विकासखंड में ब्राह्मण समाज के लोगों के सामाजिक संगठन का महत्वपूर्ण योगदान है। इसके माध्यम से वे समाज के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का समर्थन कर सकते हैं। ब्राह्मण समाज के लोगों के बीच यह संगठन एक मानविक संबंध और समरसता की भावना को बढ़ावा देता है।

उद्देश्य और मिशन

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ब्राह्मण समाज के विकास और समृद्धि में मदद करना है। समाज के सभी सदस्यों को एक साथ आने का अवसर मिलेगा जिससे वे अपने समस्याओं और आवश्यकताओं को साझा कर सकें। इसके साथ ही, समाज के अधिकांश सदस्यों के साथ मिलकर समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का मिशन भी होगा।

आपका योगदान क्यों महत्वपूर्ण है

आपका सामर्थ्य और योगदान समाज के विकास में महत्वपूर्ण है। इस बैठक में आपका योगदान समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और समाज के सभी सदस्यों के लिए सुधार का माध्यम बनेगा। आपके योगदान से समाज के अन्य सदस्यों को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे भी समाज के विकास में योगदान करें।

सिवनी विकासखंड में जिला ब्राह्मण समाज के गठन की इस बैठक में आपका स्वागत है। यह एक महत्वपूर्ण मौका है समाज के विकास में योगदान करने का, और हम सभी मिलकर समृद्धि और समाज की सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए साथ मिलकर काम करेंगे। आइए, हम सभी एकता के साथ आगे बढ़ें और सिवनी विकासखंड को समृद्धि की ओर बढ़ावा दें।

MP ELECTION DATE: मध्य प्रदेश में एक ही चरण में 17 नवंबर को होगा मतदान, 3 दिसंबर को रिजल्ट

MP ELECTION DATE 2023: भारत के चुनाव आयोग ने सोमवार को घोषणा की कि 230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए 17 नवंबर को एक ही चरण में मतदान होगा और परिणाम 3 दिसंबर को घोषित किया जाएगा।

गजट अधिसूचना 21 अक्टूबर को जारी की जाएगी और उम्मीदवार 30 अक्टूबर तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन की जांच की तारीख 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है और उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख 2 नवंबर होगी।

सीईसी के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया 5 दिसंबर तक पूरी हो जाएगी. 

चुनाव आयोग ने कहा कि मिजोरम, छत्तीसगढ़, राजस्थान, एमपी, तेलंगाना में मतदान में 8.2 करोड़ पुरुष, 7.8 करोड़ महिला मतदाता और 60.2 लाख पहली बार मतदाता होंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, “लगभग 60 लाख पहली बार मतदाता (18-19 वर्ष) 5 राज्यों के चुनावों में भाग लेंगे। योग्यता तिथियों में संशोधन के कारण 15.39 लाख युवा मतदाता चुनाव में भाग लेने के पात्र हैं। युवा मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए, 2900 से अधिक मतदान केंद्रों का प्रबंधन युवाओं द्वारा किया जाएगा।”

‘भारत के दिल’ मध्य प्रदेश में कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है क्योंकि मौजूदा भारतीय जनता पार्टी दूसरे कार्यकाल के साथ जारी रखने की कोशिश कर रही है जबकि कांग्रेस वापसी की कोशिश कर रही है। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का मध्य प्रदेश में पहला मुकाबला होगा। एबीपी न्यूज सीवोटर ओपिनियन पोल के मुताबिक, राज्य में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर होगी क्योंकि दोनों पार्टियों को 44 फीसदी वोट शेयर मिलने की उम्मीद है। 

सर्वेक्षण से पता चलता है कि मायावती की बसपा को दो प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है, जबकि अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को लगभग 10 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं।

सीटों के मामले में, सर्वेक्षण कांग्रेस को थोड़ा आगे रखता है, जिससे सबसे पुरानी पार्टी को 108-120 सीटें मिल सकती हैं, जबकि भाजपा को 106-118 सीटें मिलने की उम्मीद है।

2018 के चुनावों में, कांग्रेस ने 230 सदस्यीय सदन में 114 सीटें जीतीं – जो कि भाजपा की 109 सीटों से पांच अधिक है। सामान्य बहुमत हासिल करने से कम होने के बावजूद, कांग्रेस ने चार निर्दलीय विधायकों की मदद से सरकार बनाई।

हालाँकि, यह जीत अल्पकालिक थी क्योंकि वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कांग्रेस के 22 विधायकों ने भाजपा के साथ पाला बदल लिया था। 

इसके बाद 23 मार्च 2020 को बीजेपी के शिवराज सिंह चौहान की सीएम के रूप में वापसी हुई.

Rajasthan Election 2023: राजस्थान में 23 नवंबर को एक चरण में मतदान । मतदान कार्यक्रम की पूरी डिटेल पढ़ें

Rajasthan Election 2023: – राजस्थान चुनाव 2023 तिथियां: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए मतदान 23 नवंबर को होगा और वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। चुनाव एक चरण में होगा, भारत चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को घोषणा की।

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ, आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) सोमवार से लागू हो गई है। राजस्थान, जिसने 1998 से ‘रिवॉल्विंग डोर ट्रेंड’ देखा है, में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई देखने को मिलेगी, जहां भगवा पार्टी सत्ता विरोधी लहर पर सवार होकर अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार को हटाने की उम्मीद करेगी।

राजस्थान में नतीजे, जहां छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मिजोरम और मध्य प्रदेश के साथ चुनाव होने हैं, 2024 के आम चुनावों से पहले भविष्य की भविष्यवाणी करेंगे।

राजस्थान चुनाव 2023 के लिए घोषित चुनाव कार्यक्रम इस प्रकार है: 

अधिसूचना की तारीख: 30 अक्टूबर
नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख: 6 नवंबर
नामांकन की जांच: 7 नवंबर
नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख: 9 नवंबर
मतदान की तारीख: 23 नवंबर (गुरुवार) मतगणना
की तारीख (परिणाम): 3 दिसंबर

200 सदस्यीय राजस्थान विधानसभा में, कांग्रेस के 108 सदस्य हैं और भाजपा के 70 सदस्य हैं। दिसंबर 2018 में पिछले विधानसभा चुनाव में, कांग्रेस 100 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, और बहुमत के आंकड़े को हासिल करने के लिए एक सीट से पीछे रह गई। उसने बसपा और निर्दलियों के समर्थन से सरकार बनाई।

जबकि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपनी पार्टियों के भीतर गुटबाजी से घिरे हुए हैं, सचिन पायलट के गहलोत के साथ मतभेद खत्म होने से कांग्रेस राहत की सांस लेगी। जून में, पार्टी नेतृत्व द्वारा दिल्ली में पायलट और गहलोत के साथ अलग-अलग बैठकें करने के बाद, कांग्रेस ने घोषणा की कि युद्धरत नेता एकजुट होकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। 

यह घटनाक्रम तब हुआ जब पायलट ने पिछली वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर कथित निष्क्रियता को लेकर अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया।

दूसरी ओर, भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के नेतृत्व वाले गुटों के बीच अंदरूनी कलह से भी त्रस्त है।

बीजेपी के लिए राजस्थान की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले एक साल में 10 से ज्यादा बार राज्य का दौरा कर चुके हैं. भाजपा का अभियान महिला आरक्षण, कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ अपराध पर केंद्रित है। 

अपनी रैलियों में पीएम मोदी ने पेपर लीक माफिया, भ्रष्टाचार और दलितों पर अत्याचार को लेकर अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है.

पीएम ने ‘लाल डायरी’ का मुद्दा भी उठाया, जिसका जिक्र पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने किया था. गुढ़ा, जो बाद में शिवसेना में शामिल हुए, ने दावा किया कि उनके पास एक “लाल डायरी” है जिसमें मुख्यमंत्री गहलोत और अन्य लोगों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं का विवरण है।

इस बीच कांग्रेस अपनी कल्याणकारी योजनाओं के दम पर सत्ता में वापसी पर निर्भर रहेगी. गहलोत सरकार ने भी बिहार के नक्शेकदम पर चलते हुए राज्य में जातिगत सर्वे कराने के आदेश जारी कर दिए हैं.

कल्याणकारी योजनाएं जैसे चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना (जो 25 लाख रुपये तक का कवरेज प्रदान करती है ), वृद्धावस्था पेंशन में वृद्धि, गैस सिलेंडर सब्सिडी, 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली, पुरानी पेंशन योजना का पुनरुद्धार और योजना युवतियों को मुफ्त मोबाइल फोन उपलब्ध कराना लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रहा है।

सिवनी विधानसभा से दिनेश राय मुनमुन लड़ेंगे चुनाव, भाजपा की चौथी लिस्ट जारी

Seoni News: सिवनी विधानसभा से दिनेश राय मुनमुन लड़ेंगे चुनाव, भाजपा की चौथी लिस्ट जारी, सिवनी विधानसभा पर प्रत्याशी बदलने की अटकले बीते कई दिनों से चल रही थी जिसपर अबी विराम भाजपा की चौथी लिस्ट जारी होते ही लग गया है. इस चौथी लिस्ट में भाजपा के सिवनी विधानसभा से प्रत्याशी दिनेश राय मुनमुन ही है सिवनी विधानसभा से दिनेश राय मुनमुन लड़ेंगे चुनाव

चौथी लिस्ट में भाजपा के 57 प्रत्याशी

मध्यप्रदेश भाजपा ने अपनी चौथी लिस्ट जारी कर दी है जिसमे 57 प्रत्याशियों के नाम है और इस लिस्ट में सिवनी विधानसभा के लिए दिनेश राय मुनमुन पर एक बार फिर भरोसा जताया गया है। इस चौथी लिस्ट में मुख्यमंत्री का नाम भी शामिल है, जो कि बुदनी विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे।

इस नई लिस्ट के बारे में खबरों में बहुत बातें हो रही हैं, और यह चुनावी दायरे में बड़ी घमासान पैदा कर सकता है।

सिवनी विधानसभा में चेहरा बदलने की चर्चा

सिवनी विधानसभा में इस विधानसभा चुनाव में चेहरा बदलने की चर्चा ने बीते कई दिनों से जोर पकड़ा था। इस चर्चा के बाद से ही लगातार सिवनी के दावेदारों से लेकर आम जनता की नजरें प्रदेश से लेकर देश की राजनीति पर टिकी हुई थी

राजनीति के पंडितों ने प्रदेश की कई विधानसभाओं में केंद्रीय मंत्री और सांसदों को टिकट मिलने के बाद सिवनी विधानसभा से सांसद ढालसिंह की टिकट मिलने की उम्मीद भी जाता दी थी। और सिर्फ इतना ही नहीं सिवनी विधानसभा के कई नेताओं ने स्वयं को दावेदार बताने के बाद टिकट भी फाइनल मां लिया था।

भाजपा की चौथी लिस्ट ने सब कुछ बदल दिया

लेकिन तमाम अटकलों को भाजपा की चौथी लिस्ट ने विराम लगा दिया है। भाजपा ने सिवनी विधानसभा से दिनेश राय ‘मुनमुन’ पर विश्वास जताते हुए अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

सिवनी विधानसभा के इस चुनाव में भाजपा की चौथी लिस्ट ने राजनीतिक दलों को संवेदनशीलता के साथ काम करने की आवश्यकता को प्रमोट किया है।

नई लिस्ट का इंतेजार

इससे पहले की चुनाव में चाहे जैसा भी हुआ हो, इस बार के चुनाव में नयी लिस्ट का इंतेजार है। यह तो वक्त ही बताएगा कि भाजपा की चौथी लिस्ट ने किस तरह की राजनीतिक गर्माहट पैदा की है और क्या यह सिवनी विधानसभा के चुनाव में उनके लिए कामयाब साबित होगी।

Chhattisgarh Election 2023: छत्तीसगढ़ में 7 नवंबर और 17 नवंबर को दो चरणों में होगा मतदान । पढ़ें पूरा मतदान कार्यक्रम

Chhattisgarh Election 2023::  आदिवासी मतदाताओं के प्रभुत्व वाले छत्तीसगढ़ में 7 नवंबर और 17 नवंबर को मतदान (CG Election 2023) होगा। चुनाव दो चरणों में होगा और वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने कहा सोमवार को घोषणा की गई.

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ, आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू हो जाती है। राज्य में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा, हालांकि आप, हमार राज, अनुभवी आदिवासी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम द्वारा नव स्थापित संगठन और सर्व आदि दल (एसएडी) जैसे कुछ नए शामिल हुए हैं, जिसका उद्देश्य गठबंधन बनाना है। अल्पसंख्यकों और आदिवासियों का प्रभाव, कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

छत्तीसगढ़ चुनाव 2023 के लिए घोषित मतदान कार्यक्रम इस प्रकार है: 

छत्तीसगढ़ चुनाव 2023: चरण 1 (20 निर्वाचन क्षेत्र)

अधिसूचना की तारीख: 13 अक्टूबर
नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख: 20 अक्टूबर
नामांकन की जांच: 21 अक्टूबर
नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख: 23 अक्टूबर
मतदान की तारीख: 7 नवंबर
मतगणना की तारीख (परिणाम): 3 दिसंबर

छत्तीसगढ़ चुनाव 2023: चरण 2 (70 निर्वाचन क्षेत्र)

अधिसूचना की तारीख: 21 अक्टूबर
नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख: 30 अक्टूबर
नामांकन की जांच: 31 अक्टूबर
नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख: 2 नवंबर
मतदान की तारीख: 17 नवंबर
मतगणना की तारीख (परिणाम): 3 दिसंबर

छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटें हैं. भारत के हृदय में बसा यह राज्य राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है, जिसके राजनीतिक परिदृश्य में विभिन्न प्रकार की विचारधाराओं और पार्टियों का वर्चस्व है।

2018 में हुए पिछले राज्य चुनावों में, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 15 साल के शासन को समाप्त करते हुए भारी जीत हासिल करने में कामयाब रही। कांग्रेस ने 90 विधानसभा सीटों में से 68 सीटें जीतीं और दूसरी ओर, भाजपा को एक महत्वपूर्ण झटका लगा, केवल 15 सीटें हासिल कीं। कांग्रेस पार्टी की इस चुनावी जीत से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार बनी।

आगामी प्रतियोगिता बेहद प्रतिस्पर्धी होने का वादा करती है, जिसमें कांग्रेस और भाजपा दोनों सत्ता के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इसके अलावा, क्षेत्रीय दलों और गठबंधनों से भी चुनावी नतीजों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।

विशेष रूप से, आम आदमी पार्टी भी चुनावी लड़ाई में भूमिका निभाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसने अब तक 32 सीटों के लिए नामांकन की घोषणा की है। आप की राज्य इकाई के प्रमुख कोमल हुपेंडी और प्रमुख किसान नेता तेजराम विद्रोही को क्रमशः भानुप्रतापपुर (एसटी) और राजिम निर्वाचन क्षेत्रों से मैदान में उतारा गया है। 2018 में पिछले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में, AAP ने 90 में से 85 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन कोई जीत हासिल नहीं कर पाई। 

चुनाव आयोग की घोषणा ने छत्तीसगढ़ में एक उग्र चुनाव अभियान के लिए मंच तैयार कर दिया है क्योंकि भाजपा कांग्रेस सरकार पर भ्रष्ट गतिविधियों और कथित घोटालों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उसे बदलना चाहती है।

इसके अलावा, पिछले एक साल में, बीजेपी ने अपना ध्यान आदिवासी आबादी तक पहुंचने पर केंद्रित किया है। भाजपा ने बार-बार मतदाताओं को यह याद दिलाने की कोशिश की है कि उसने द्रौपदी मुर्मू को देश का पहला आदिवासी राष्ट्रपति बनाया था।

विभिन्न राज्य योजनाओं में घोटालों के आरोपों के अलावा, विकास, रोजगार, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे मुद्दे चर्चा में छाए रहने की उम्मीद है।

दूसरी ओर, महिलाओं के लिए बनाई गई बघेल की कल्याणकारी योजनाएं और उनका किसान समर्थक रुख मतदाताओं के बीच हिट रहा है। उनकी प्रसिद्ध कल्याणकारी योजनाओं में से एक, ‘गोधन न्याय’ योजना, जिसके तहत सरकार पशुपालकों से 2 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गाय का गोबर खरीदती है, की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। 

Telangana Election 2023: तेलंगाना में 30 नवंबर को एक चरण में मतदान होगा, यहां देखें पूरा विवरण

Telangana Election 2023: भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को आगामी तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 की तारीख की घोषणा की। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने एक संवाददाता सम्मेलन में कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि चुनाव 30 नवंबर को एक चरण में होंगे।

वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि मिजोरम में कुल मतदाता 8.52 लाख, छत्तीसगढ़ में 2.03 करोड़, मध्य प्रदेश में 5.6 करोड़, राजस्थान में 5.25 करोड़ और तेलंगाना में 3.17 करोड़ हैं. 

इससे पहले, राजीव कुमार की अध्यक्षता में भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की एक उच्च स्तरीय टीम ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का आकलन करने के लिए तेलंगाना की तीन दिवसीय यात्रा शुरू की।

यात्रा के दौरान, टीम ने राजनीतिक दलों, प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य हितधारकों से मुलाकात की। अपनी यात्रा के पहले दिन, टीम राष्ट्रीय और राज्य-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक करेगी। बैठक के लिए प्रत्येक राजनीतिक दल के तीन प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।

आयोग ने चुनाव कराने को लेकर पार्टियों की राय और सुझाव भी लिये. इसके बाद आगामी चुनावों से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के लिए प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बैठक हुई। बैठक में मतदाताओं पर धन, शराब और अन्य प्रलोभनों के प्रभाव को रोकने के उपायों से संबंधित निर्णय लिए गए।

तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) विकास राज और राज्य और केंद्रीय पुलिस बलों के नोडल अधिकारियों ने चुनाव तैयारियों के बारे में ईसीआई टीम के सामने प्रस्तुतियां दीं। अगले दिन, टीम ने मतदाता जागरूकता अभियान के तहत एक साइक्लोट्रॉन और वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद जिला स्तरीय तैयारियों की समीक्षा के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक की गई।

5 अक्टूबर को, ईसीआई टीम ने व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और चुनावी भागीदारी (एसवीईईपी) गतिविधियों पर प्रदर्शनी का दौरा किया। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जागरूकता और भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए चुनाव आयोग की टीम राज्य के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, विकलांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) मतदाताओं और युवा मतदाताओं के साथ बातचीत करेगी। इसके बाद टीम ने चुनाव तैयारियों पर चर्चा के लिए मुख्य सचिव शांति कुमारी और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अंजनी कुमार के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

Vidhan Sabha Election 2023: मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में एक चरण में तो छत्तीसगढ़ में दो चरणों में होगा मतदान। पूरा शेड्यूल देखें

Vidhan Sabha Election 2023: एमपी, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में एक चरण में वहीँ छत्तीसगढ़ में दो चरणों में होगा मतदान। भारत निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों – मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है।

चुनाव 2023: भारत निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों – मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव कराने के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। घोषणा के अनुसार, मतदान 7 नवंबर को शुरू होगा और 30 नवंबर को समाप्त होगा जबकि परिणाम 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। 

एमपी, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में एक चरण में और छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होगा।

5 राज्यों में चुनाव की तारीखें

मध्य प्रदेश: 17 नवंबर

राजस्थान: 23 नवंबर

छत्तीसगढ़: 7 नवंबर, 17 नवंबर

तेलंगाना: 30 नवंबर

मिजोरम: 7 नवंबर

सभी पांच राज्यों के लिए वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी और मतदान का पूरा कार्यक्रम 5 दिसंबर को पूरा हो जाएगा. 

मिजोरमMizoram

राजपत्र अधिसूचना 13 अक्टूबर को जारी होगी और उम्मीदवार 20 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर होगी और एक चरण में 7 नवंबर को मतदान होगा। 

छत्तीसगढ Chhattisgarh 

पहला चरण: राजपत्र अधिसूचना जारी करने की तारीख 13 अक्टूबर निर्धारित की गई है और 20 अक्टूबर नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख होगी, जिसकी जांच 21 अक्टूबर को की जाएगी। 23 अक्टूबर तक उम्मीदवारी वापस ली जा सकती है और राज्य में मतदान होगा। पहला चरण 7 नवंबर को. 

दूसरा चरण: 21 अक्टूबर को राजपत्र अधिसूचना जारी की जाएगी और उम्मीदवार 30 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं, जबकि नामांकन की जांच 31 अक्टूबर को होगी। नामांकन वापस लेने की तारीख 2 नवंबर निर्धारित है और दूसरे चरण के लिए मतदान होगा। 17 नवंबर को. 

मध्य प्रदेश Madhya Pradesh 

राजपत्र अधिसूचना 21 अक्टूबर को जारी होगी और उम्मीदवार 30 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 2 नवंबर होगी और एक चरण में 17 नवंबर को मतदान होगा। 

राजस्थान – Rajasthan 

राजपत्र अधिसूचना जारी होने की तारीख 30 अक्टूबर निर्धारित की गई है और 6 नवंबर नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख होगी, जिसकी जांच 7 नवंबर को होगी। उम्मीदवारी 9 नवंबर तक वापस ली जा सकती है और एकल चरण का मतदान 23 नवंबर को होगा। . 

तेलंगाना – Telangana

राजपत्र अधिसूचना 3 नवंबर को जारी की जाएगी और उम्मीदवार 10 नवंबर तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं जबकि नामांकन की जांच 13 नवंबर को होगी। नामांकन वापस लेने की तारीख 15 नवंबर निर्धारित है और मतदान 30 नवंबर को होगा। 

घोषणा के साथ, आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) पूरे चुनाव अवधि के लिए लागू हो जाती है, जिसके दौरान पार्टियों को एमसीसी के तहत अन्य प्रतिबंधों के अलावा, मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए कोई भी घोषणा करने से बचना होता है।

MP ACHAR SANHITA: मप्र में आचार संहिता लागू, इस दिन होगा विधानसभा चुनाव के लिए मतदान और वोटों की गिनती

MP ACHAR SANHITA: मप्र में आचार संहिता लागू, इस दिन होगा विधानसभा चुनाव के लिए मतदान और वोटों की गिनती

Assembly Election Date Announced:

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया है कि मिजोरम में सबसे पहले चुनाव करवाए जाएंगे. मिजोरम में 7 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. इसके अलावा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी 7 नवंबर को वोट डाले जाएंगे

Assembly Election Date Announced: राजस्थान में 23 नवंबर और तेलंगाना में 30 नवंबर को वोटिंग

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि राजस्थान में 23 नवंबर को वोट डाले जाएंगे, जबकि तेलंगाना में 30 नवंबर को वोटिंग होने वाली है. 

3 दिसंबर को आएंगे नतीजे….

विधानसभा चुनाव 2023 की तारीखें लाइव: मतदान 7 नवंबर को शुरू होगा, नतीजे 3 दिसंबर को

भारत निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। 

मध्य प्रदेश: 17 नवंबर

राजस्थान: 23 नवंबर

छत्तीसगढ़: 7 नवंबर, और 17 नवंबर

तेलंगाना: 30 नवंबर

मिजोरम: 7 नवंबर

नतीजे: 3 दिसंबर

पांच दिसंबर तक चुनाव संपन्न कराना है.

आज 12 बजे चुनाव की तारीखों का ऐलान: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान आज

ELECTION DATES 2023: आज 12 बजे चुनाव की तारीखों का ऐलान: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh), राजस्थान (Rajasthan), तेलंगाना (Telangana) और मिजोरम (Mizoram) में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान आज

चुनाव आयोग आज पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान की तैयारियों और मतदान की तारीखों के बारे में अपडेट देने के लिए एक प्रेस वार्ता आयोजित करेगा।

भारत का चुनाव आयोग (ईसीआई) आज दोपहर 12 बजे पांच राज्यों – मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मिजोरम की विधान सभा के चुनाव के लिए मतदान की तारीखों की घोषणा करेगा। 

शीर्ष चुनाव निकाय इन पांच राज्यों में चुनाव प्रक्रिया के निष्पक्ष और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए की जाने वाली तैयारियों और उन तारीखों के बारे में जानकारी देने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगा जब मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 

पीटीआई के मुताबिक, चुनाव आयोग सोमवार को दोपहर में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगा।

2018 में, इन पांच राज्यों में से चार में एक ही चरण में मतदान हुआ, जबकि नक्सली समस्या के मद्देनजर छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान हुआ। 

चुनावों से पहले राजनीतिक दलों द्वारा बड़े पैमाने पर आरोप-प्रत्यारोप, हमले और पलटवार देखने को मिले, क्योंकि उन्होंने मतदाताओं को लुभाने के लिए अपनी ताकत झोंक दी थी। आज की घोषणा के साथ, पार्टियों को आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के तहत ईसीआई की किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए विवेकपूर्ण ढंग से अपने प्रचार की योजना बनानी होगी, जो मतदान की तारीखों की घोषणा के तुरंत बाद लागू होगी।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है. जहां भगवा पार्टी मध्य प्रदेश में शासन कर रही है, वहीं कांग्रेस राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सत्ता में है। ये चुनाव 2024 के लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले आए हैं, जहां भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए लगातार तीसरे कार्यकाल पर नजर गड़ाए हुए है।

विपक्ष ने आम चुनावों में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से मुकाबला करने के लिए एक मेगा इंडिया ब्लॉक का गठन किया है, जिसमें 25 से अधिक पार्टियां चुनाव लड़ने के लिए एक साथ आ रही हैं। हालांकि, विपक्षी खेमे ने अभी तक अपने पीएम उम्मीदवार और सीट बंटवारे को लेकर कोई घोषणा नहीं की है. इसके अलावा, गठबंधन केवल संसद चुनावों के लिए ही बनता दिख रहा है क्योंकि ज्यादातर पार्टियां विधानसभा चुनाव अकेले लड़ना जारी रखे हुए हैं।