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राहुल की 29वीं हार; मोदी की 12वीं जीत, 24 साल में BJP के 1428 विधायक, कांग्रेस के पास सिर्फ 766

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बीजेपी ने गुजरात में 54% सीटें जीतीं हैं। सीटों के लिहाज से 14 बीजेपी शासित राज्यों में गुजरात आठवें पायदान पर है।
नई दिल्ली. बीजेपी ने सोमवार को आए नतीजों में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में जीत दर्ज की। नरेंद्र मोदी की ये 12वीं जीत है जबकि राहुल गांधी 29वीं बार कोई चुनाव हारे। क्योंकि 29 में से 12 राज्य ऐसे हैं जहां कांग्रेस 14 से 50 साल से सत्ता से दूर है। जबकि 22 साल में बीजेपी ने 14 राज्य और सहयोगियों के साथ 5 राज्यों (कुल 19) में सरकार बना ली।
कांग्रेस का कम होता दम
– कांग्रेस के पास 766 विधायक बचे हैं। ये इतिहास में सबसे कम है।
– इसके उलट 24 साल में बीजेपी के 1428 विधायक हो गए। ये किसी भी पार्टी के अब तक के सबसे ज्यादा एमएलए हैं।
– अब बीजेपी देश के 75% इलाके, 68% आबादी और 54% इकोनॉमी पर काबिज है।

गुजरात में मोदी और राहुल की रैलियां
– मोदी ने 34 रैलियां कीं। 134 सीटों तक पहुंचे। 72 में जीत दिलाई।
– राहुल ने 30 रैलियां कीं। 120 सीटों तक पहुंचे। 62 में जीत दिलाई।
– दोनों की तुलना करें तो मोदी का सक्सेस रेट 52% रहा।

बीजेपी को शहरों से मिली 68% सीटें
– गुजरात की 84 शहरी सीटों में से 57 पर बीजेपी का कब्जा हो गया तो 27 पर कांग्रेस का।
– वहीं, ग्रामीण इलाकों की 98 सीटों में से 42 बीजेपी जीती और 56 कांग्रेस।

गुजरात में बीजेपी की कमजोर जीत
– बीजेपी ने गुजरात में 54% सीटें जीतीं हैं। सीटों के लिहाज से 14 बीजेपी शासित राज्यों में गुजरात आठवें पायदान पर है।
– यूपी की तुलना में गुजरात में 21% सीटें कम मिलीं। हिमाचल में 63% सीटें मिलीं। यानी हिमाचल छठे पायदान पर है।

जहां कांग्रेस हारी और हारती चली गई
राज्य इतने साल से कांग्रेस बाहर
तमिलनाडु 50
प. बंगाल 40
सिक्किम 33
उत्तरप्रदेश 27
बिहार 27
त्रिपुरा 24
गुजरात 22
ओडिशा 17
झारखंड 17
मध्यप्रदेश 14
छत्तीसगढ़ 14
नगालैंड 14

पीएससी का विवादास्पद नियम, महिलाओं फुलायेंगी पाँच सेमी सीना !

ग्वालियर | राज्य वन सेवा परीक्षा के लिये मप्र पीएससी के विवादास्पद नियम से महिला अभ्यार्थी में सकते में हैं, क्योंकि वनरक्षक व सहायक वन क्षेत्रपाल बनने के लिये उन्हें भी पुरूषों के समान 05 सेन्टी मीटर सीना फूला कर विस्तार करना पड़ेगा। 74 सेन्टी मीटर सीने की अनिवार्यता की शर्त रखी गयी है। ऐसा नहीं होने पर दोनों पदों के लिये उन्हें अपात्र माना जायेगा। ऐसा नियम तो पुलिस एसआई परीक्षा में भी नहीं है।
वनरक्षक के लिये 04 घंटे में 14 किलोमीटर पैदल चलना व वन क्षेत्रपाल के लिये 04 घंटे में 16 किलोमीटर पैदल चलना होगा। लेकिन महिला परीक्षार्थियों के लिये 74 सेन्टी मीटर सीना होने की अनिवार्य शर्त व 05 सेन्टी मीटर फुलाकर विस्तार करने के नियम से महिला परीक्षार्थियों को आपत्ति है।

एसआई परीक्षा में महिलाओं के लिये सीने की बाध्यता नहीं थी – 01 अगस्त 2017 में मध्य प्रदेश पुलिस में एसआई के लिये 300 पदों की भर्ती के लिये महिलाओं के लिये सीने की कोई बाध्यता नहीं थी। केवल पुरूष अभ्यार्थियों को सीने की बाध्यता थी।

शर्मनाक घटना – डिंडोरी बच्चे को जन्म से पहले मृत बताकर अस्पताल से भगाया फिर खेत में हुई डिलिवरी

डिंडोरी । साड़ी का पर्दा बनाया गया, खेत में गर्भवती महिला की डिलिवरी करा दी गई क्योंकि डॉक्टर्स बेरहम हो चुके थे। उन्होंने गर्भवती महिला के बच्चे को जन्म से पहले ही मरा हुआ बता दिया। यही नहीं हद तो तब हो गई जब डॉक्टर्स ने खुद ही व्यवस्थाओं का, सरकारी निर्देशों का तमाशा बना दिया और महिला को अस्पताल से बाहर निकाल दिया।

मध्य प्रदेश के डिंडोरी में एक गर्भवती महिला की डिलिवरी खेत में अन्य महिलाओं की मदद से कराई गई। दरअसलडॉक्टर्स ने कथित तौर पर बच्चे को जन्म से पहले ही मृत घोषित कर दिया था और महिला को अस्पताल से बाहर निकाल दिया था।

सीएमओ ने दिया कार्रवाई का आश्वासन : इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि जांच के बाद दोषियों को निलंबित किया जा सकता है या तो उनकी सैलरी काटकर उन्हें सजा दी जा सकती है।

‘नीच’ वाले बयान से लेकर राम मंदिर तक, इन मु्द्दों की वजह गुजरात में कांग्रेस को मिली हार

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नई दिल्ली: गुजरात विधानसभा चुनावों में बीजेपी को जीत मिलती दिख रही है. बीजेपी यहां 22 साल की सत्ता बचाने में कामयाब हो गई है. बीजेपी का आंकड़ा 100 से पार जाता दिख रहा है. वहीं कांग्रेस इस राज्य में 80 सीटों के करीब है. शुरूआती रूझानों में तो कांग्रेस बीजेपी को कड़ी टक्कर देती नज़र आई. मामला यहां तक पहुंचा कि कांग्रेस एक वक्त बीजेपी से आगे भी निकल गई. लेकिन इसके बाद बीजेपी ने जो फिर रफ्तार पकड़ी तो वो फिर रूकी नहीं. इन नतीजों से ये साफ हो गया है कि मोदी पर निजी हमला कांग्रसे के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हुआ है.

आंकड़े बताते हैं कांग्रेस की हार की वजह

गुजरात में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 89 सीटों पर मतदान हुए थे. इन सीटों पर अगर नतीजे देखें तो कांग्रेस बीजेपी को टक्कर देती दिखी है. इन सीटों में 41 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिलती दिख रही है तो वहीं बीजेपी को 48 सीटों पर जीत मिल रही है. लेकिन जब दूसरे चरण के नतीजो में कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ है.

दूसरे चरण में कुल उत्तर और मध्य गुजरात की कुल 93 सीटों पर 14 दिसंबर को वोटिंग हुई थी. इनमें से 60 सीटों पर बीजेपी बढ़त बनाए हुए है. वहीं कांग्रेस 30 सीटों के साथ दूसरे चरण के इस चुनाव में सिमट गई है.

आपको याद दिला दें कि दूसरे चरण से पहले पीएम मोदी ने बीजेपी के लिए धुआंधार प्रचार किया और कांग्रेस को कई मुद्दों पर जमकर घेरा.

पहला मुद्दा-

गुजरात विधानसभा का चुनाव विकास के नारों से शुरू हुआ लेकिन राहुल के जातिकार्ड के भंवर में फंस गया. गुजरात में दूसरे चरण के चुनाव से पहले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी के ‘नीच’ बताया जिसपर खूब हंगामा हुआ. इस बवाल के बाद उन्होंने माफी भी मांगी और राहुल गांधी ने बार-बार सफाई भी दी. लेकिन इस मुद्दे को चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इसे पद की गरिमा और गुजराती अस्मिता से जोड़ दिया. अब चुनाव के नतीजे दिखा रहे हैं कि इस मुद्दे की वजह से बीजेपी को खूब फायदा हुआ.

दूसरा मुद्दा

गुजरात चुनावों में पीएम मोदी ने कांग्रेस का पाकिस्तान से कनेक्शन भी जोड़ दिया. बनासकांठा में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि अहमद पटेल को गुजरात का सीएम बनाने के लिए मणिशंकर अय्यर के घर पाक के पूर्व विदश मंत्री के साथ कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई थी. इस मुद्दे पर कांग्रेस ने लाख सफाई पेश की लेकिन पीएम मोदी के इस भाषण का जनता पर कितना असर हुआ ये नतीजे खुद बयां कर रहे हैं.

तीसरा मुद्दा-

चुनाव प्रचार के दौरान जब राहुल गांधी मंदिर-मंदिर घूमकर बीजेपी के हिंदुत्व वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे थे उस वक्त बीजेपी ने हिंदुत्व का मु्ददा ऐसा भुनाया कि कांग्रेस उसका बचाव ना कर पाई. प्रचार के लिए गुजरात में डटे राहुल गांधी सोमनाथ मंदिर में पूजा औऱ दर्शन करने पहुंचे. यहां पर राहुल गांधी का नाम अहमद पटेल के साथ उस रजिस्टर में दर्ज हुआ जिसमें गैर-हिंदुओं को एंट्री करनी होती है. इस मुद्दे को बीजेपी ने राहुल गांधी के धर्म से जोड़कर खूब उछाला. इसके बाद कांग्रेस ने सफाई देने के लिए राहुल गांधी की ‘जनेऊधारी’ जारी की. लेकिन नतीजे दिखाते हैं कि ये सब कांग्रेस ये सारे हथकंडे भी कांग्रेस के काम ना आए.

चौथा मुद्दा

इसके बाद राम मंदिर के मसले पर कपिल सिब्बल का वकील के तौर पर अदालत में सुनवाई टालने की दलील देना बीजेपी के लिए चुनावी कार्ड बन गया. इस मु्द्दे पर भी कांग्रेस को बैकफुट पर आना पड़ा.

पांचवां मु्द्दा

कांग्रेस ने इस चुनाव में पाटीदार आंदोलन की लहर पर सवाल होकर सत्ता तक पहुंचने की पूरी कोशिश की लेकिन हार्दिक पटेल के समर्थन के बावजूद पटेलों का पूरा वोट कांग्रेस के पाले में नहीं आया. वोट के इस बिखराव में बीजेपी को फायदा रहा. पटेल फैक्टर वाले 37 में से 21 सीटों पर बीजेपी जीत रही है.

बता दें कि गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य है और यहां पर उन्होंने हर रैली में इस चुनाव को खुद से जोड़ा और खुद ही जिताने की अपील की. यहां आपको बता दें कि पीएम मोदी ने गुजरात के मतदाताओं का मन जीतने के लिए कुल 36 रैलियां कीं. अपनी इन रैलियों में पीएम ने नोटबंदी, जीएसटी, पाटीदार, दलित हर मुद्दे पर आक्रामक रूख अपनाया और सरकार पर लगे हर आरोप का सख्ती से जवाब दिया. दूसरे चरण के नतीजों को देखें तो ये साफ हो जाता है कि कांग्रेस अपने ही भंवर में फंसकर अपनी नैया डुबा लीं तो वहीं पीएम ने उन्हीं के मु्द्दों पर घेरकर इस रण में जीत हासिल कर ली है.

गुजरात में कुल सीटों की संख्या 182 है, 2012 के विधानसभा चुनाव के परिणाम पर नजर डालें तो बीजेपी को 115, कांग्रेस को 61 और अन्य को 6 सीटें मिली थीं. 2012 के वोट फीसद की बात करें तो बीजेपी को 48%, कांग्रेस को 39% और अन्य को 13 फीसदी वोट मिले थे.

गुजरात जीत के बाद राजनाथ सिंह का राहुल गांधी पर तंज, कहा- सिर मुडाते ही ओले पड़े

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गुजरात में दो चरणों में हुए चुनाव में औसतन 68.41 फीसदी मतदान हुआ था.
नई दिल्ली: गुजरात और हिमाचल चुनाव में पार्टी की जीत से बीजेपी नेता बेहद उत्साहित हैं. जीत के इसी उत्साह में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर चुटकी ली है. कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी की पहली हार पर गृहमंत्री ने कहा कि सिर मुंडाते ही ओले पड़े.

संसद से बाहर निकलते हुए गृहमंत्री ने कहा, ”गुजरात और हिमाचल की जीत से यह बात साबित हो गई है कि देश में सिर्फ बीजेपी ही अच्छा शासन दे सकती है. लोगों में पूरा विश्वास है, इसलीलिए जनता ने बीजेपी को चुना है.”

क्या बोले योगी आदित्यनाथ?
सीएम योगी ने कहा, ”यह जीत बीजेपी के ऊर्जावान नेतृत्व और कर्ता कीकड़ी मेहनत का नतीजा है.” राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के सवाल पर योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मैंने पहले भी कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व बदलना हमारे लिए शुभ संकेत है.”

स्मृति ईरानी ने क्या कहा?

केद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा- यह विकास की जीत है और वंशवाद की हार है, प्रधानमंत्री मोदी के रूम सचिन जैसा बल्लेबाज और अमित शाह के रूम में धोनी जैसा कप्तान है. इसी नेतृ्त्व और कार्यकर्ताओं की मेहनत ने जीत दिलाई.

गुजरात नतीजों के बाद शिवसेना का बीजेपी पर निशाना, फैसले को बताया जनता की नाखुशी

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शिवसेना ने आज कहा कि गुजरात में विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती के रुझानों से पता चलता है कि वहां के आवाम बीजेपी से खुश नहीं हैं
मुंबई: शिवसेना ने आज कहा कि गुजरात में विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती के रुझानों से पता चलता है कि वहां के आवाम बीजेपी से खुश नहीं हैं.

गुजरात विधानसभा के रुझानों के अनुसार 182 सीटों में से 100 से अधिक सीटों पर बीजेपी जबकि कांग्रेस 70 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है. राज्य में सामान्य बहुमत के लिए 92 सीटों पर जीत जरूरी है.

शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा, ‘‘विकास के गुजरात मॉडल का हवाला देते हुए हम (बीजेपी) देश में सत्ता में आये हैं. अगर गुजरात में आवाम बीजेपी से खुश नहीं हैं तो उनका मन-मानस समझें, समझें कि देश में लोग क्या महसूस करते हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘बीजेपी को गुजरात के लोगों का मन-मानस तथा उनके खुश नहीं होने के कारण को समझना चाहिए.’’ राज्यसभा सदस्य ने दावा किया कि चाहे वह सुरक्षा का मामला हो अथवा, कश्मीर, पाकिस्तान, नोटबंदी, बेरोजगारी अथवा किसान आत्महत्या का मुद्दा हो, नरेंद्र मोदी की सरकार ने किसी भी मुद्दे पर सफलता नहीं पायी है.’’ उन्होंने कहा कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि गुजरात में बीजेपी बीजेपी का गठन करने जा रही है.

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जनादेश देखते हुए यह साफ है कि आज जो गुजरात का मूड है वह देश का मूड है क्योंकि यह गुजरात ही है जिसने (बीजेपी को) जीत की राह दिखाई.

राउत की यह टिप्पणी शिवसेना द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ करने के बाद आयी है. शिवसेना ने राहुल की तारीफ करते हुए कहा है कि वह नतीजे की परवाह किये बगैर गुजरात में चुनावी जंग लड़ रहे थे और यही आत्मविश्वास राहुल को आगे ले जायेगा.

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने कहा कि अमेठी से सांसद 47 वर्षीय राहुल गांधी ने बेहद नाजुक मोड़ पर इस सबसे पुरानी पार्टी का बागडोर संभाला है.

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित एक संपादकीय में लिखा है, ‘‘राहुल गांधी ने बेहद नाजुक मोड़ पर कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी स्वीकार की है. उन्हें शुभकामना देने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.’’ पार्टी ने कहा कि राहुल गांधी ने गुजरात में अंतिम चुनावी परिणाम की परवाह किये बगैर चुनाव प्रचार में खुद को झोंका.

मस्जिद के लिए मंदिर के अध्यक्ष ने दे दी अपनी जमीन

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मंगलुरू । देश में एक तरफ जहां धर्म के नाम पर भड़काऊ भाषण दिए जाते हैं और लोगों का बांटने का प्रयास किया जाता है, तो वहीं दूसरी तरफ ये खबर उन लोगों के लिए मुंहतोड़ जवाब है जो ऐसा करने की सोचते हैं। जी हां, मीडिया की ख़बरों के मुताबिक, ये मामला है दक्षिण कन्नड़ जिले का।

यहां पर एलिया श्री विष्णुमूर्ति मंदिर के अध्यक्ष मोहन राय ने अपनी जमीन का 12 सेंट सेंट मस्जिद को दे दिया है जो कि उनकी संपत्ति के बराबर में है। ओलेमुंडोवू गांव के रहने वाले मोहन राय को मस्जिद प्रशासन ने इस बात के लिए धन्यवाद कहा है। साथ ही,  उनके इस कदम की प्रशंसा की है। मोहन राय के इस कदम की चारो ओर तारीफ की जा रही है।

खबरों के मुताबिक, मस्जिद कमेटी ने राय से जमीन देने की सिफारिश की थी। राय 12 दिसंबर को मस्जिद के कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां पर उन्होंने मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष पुथु मोनू, खातिब सय्यादलावी थंगल मस्तिकुंडु, नेता उमर मुस्लियार और रेंजलादी इस्लामिक सेंटर के कन्वेनर  केआर हुसैन दरीमी को जमीन सौंपी। इस बारे में बात करते हुए हुसैन दरीमी ने कहा “यह ओलेमुडोवू गांव के लोगों के लिए बहुत ही यादगार दिन था। प्रत्येक भारतीय को इस प्रकार की उदारता दिखानी चाहिए। हिंदू-मुस्लिम एकता से बढ़कर इस देश में कुछ नहीं है।

उधर, इस मामले पर मोहन राय का कहना है कि देश में हिंदू-मुस्लिम एकता और सामंजस्य से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि “मस्जिद मेरी संपत्ति के बिलकुल बराबर में है और मस्जिद कमेटी को इसका विस्तार करने के लिए जमीन की आवश्यकता थी। बेशक हमारे अलग-अलग धर्म है लेकिन हमारा एक ही भगवान है। हम धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं कर सकते हैं और हमें सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। मुझे जो दिया है वो भगवान ने दिया है और मैं उसी का भाग दान में दे रहा हूं।”

परिवार ने ८ साल पहले बचाई थी जान तो 8 सालों से रोज़ मिलने आती है गिलहरी

किसी ने आपके साथ कुछ अच्छा किया हो तो कई इंसान की फितरत है कि उस अच्छाई को वे ज्यादा दिन याद नहीं रखते। लेकिन जानवरों के साथ ऐसा नहीं है। वे किसी की मदद, किसी के एहसान को कभी नहीं भूलते।

2009 में ब्रेन्टले हैरीसन के परिवार ने एक घायल गिलहरी के बच्चे को बचाया, उसे ठीक किया और फिर उसे आजाद कर दिया। वो गिलहरी आठ सालों से लगभग हर रोज इस परिवार से मिलने आ रही है।

साउथ कैरोलिना के इस परिवार ने उस मासूम गिलहरी को बेला नाम दिया। बेला पर एक उल्लू ने हमला कर दिया था जिससे वह बुरी तरह चोटिल हो गई। इस परिवार ने लैरी, कर्ली और मोई नाम की अपनी तीन गिलहरियों के साथ उसे भी रखा और उसकी देखभाल की।

एक साल तक यह गिलहरी इस परिवार में ही रही। जब वह ठीक हो गई तो उसे आजाद कर दिया। परिवार ने सोचा भी नहीं था कि वह लौटकर आएगी और रोज उनसे मिलेगी।

ब्रेन्टले ने बताया जब वह वापस लौटी तो उसके बच्चे भी उसके साथ थे। उस समय उसके पैर में चोट लग गई थी और उस समय भी हमारे पास थी। बेला अब इतनी पॉपुलर हो गई है कि उसका इंस्टाग्राम पेज भी है जिस पर चार हजार से ज्यादा फॉलोअर भी है।

UKSSSC Recruitment 2017

यूकेएसएससी (UKSSSC) ने अपने यहां खाली पड़े पदों पर भर्तियां निकाली हैं. 245 पदों पर निकाली गई भर्तियों के लिए विभाग ने ऑनलाइन आवेदन मंगाए हैं. इच्छुक आवेदक 30 दिसंबर तक इन पदों के लिए आवेदन कर सकता है. पद और योग्यता से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए नीचे देखें….

इस वेबसाइट पर जाकर करें आवेदन- इच्छुक आवेदन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.sssc.uk.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

इतनी होनी चाहिए योग्यता- इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या इंस्टीट्यूट से डिप्लोमा किया होना अनिवार्य है.

उम्र सीमा- आवेदक की उम्र 21 से 42 साल के बीच होना जरूरी है.

इतना देना होगा आवेदन शुल्क- इन पदों के लिए आवेदन करने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों को 300 रुपये जबकि एससी व एसटी वर्ग से आने वाले उम्मीदवार को 150 रुपये देने होंगे.

इस आधार पर होगा चयन- उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के अंक और इंटरव्यू में मिले अंक के आधार पर होगा.

 

UKHFWS Recruitment 2017

>उत्तराखंड हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर सोसाइटी (UKHFWS) ने अपने यहां खाली विभिन्न पदों पर  भर्तियां निकाली है. 73 पदों पर निकली इन भर्तियों के लिए इच्छुक आवेदकों को डाक के माध्यम से आवेदन करना होगा. आवेदन करने की अंतिम तारीख 22 दिसंबर है. पद और योग्यता से जुड़ी अन्य जानकारियां नीचे दी गई हैं….

यहां से डाउनलोड करें फॉर्म- इच्छुक आवेदन इन पदों के लिए आवेदन करने के लिए आवेदन फॉम विभाग की वेबसाइट  www.ukhfws.org से भी डाउनलोड कर सकते हैं.

इतनी होनी चाहिए योग्यता- इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से एमडी या एमबीबीएस की डिग्री होना जरूरी है.

उम्र सीमा- आवेदक की उम्र 56 या उससे कम होनी चाहिए

ऐसे होगा चयन- आवेदकों का चयन परीक्षा में प्रदर्शन के साथ-साथ इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर होगा.

इस पते पर भेजना होगा आवेदन फॉर्म- National Rural Health Mission,Directorate Health & Family Welfare,Danda Lohkhand, PO-Gujrada,Sahastradhara Road, Dehradun – 248001.