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23 से SPL सिवनी प्रिमियर लीग का आगाज़

सिवनी क्रिकेट प्रेमियों के लिए दिसम्बर माह का अंतिम सप्ताह उत्साह और मनोरंजन से भरा रहेगा 23 दिसम्बर से सिवनी के मिशन स्कूल ग्राउंड में सिवनी जिले की अब तक कि सबसे भव्य टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता SPL सिवनी प्रीमियर लीग का आयोजन होने जा रहा है जिसका क्रिकेट जगत से जुड़े हुए क्रिकेट खिलाड़ियों प्रेमियों को लम्बे समय से इंतज़ार था।

SPL के संबंध में सिवनी क्रिकेट आयोजनों के जानी पहचानी शख्सियत अब्दुल क़ाबिज़ खान जो कि SPL सिवनी प्रिमियर लीग के संयोजक भी है ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता की अग्रिम तैयारी पूर्ण हो चुकी है प्रतियोगिता 23 दिसम्बर से प्रारंभ होगी और इसका समापन 1 जनवरी को नव वर्ष के आगाज़ के साथ होगा प्रतियोगिता से सभी वर्ग के लोगो को जोड़ने के लिए सिवनी क्रिकेट फैन क्लब का भी गठन किया गया है। प्रतियोगिता में सिवनी जिले के नवगठितऔर पुराने दोनों ही क्लबो की टीमो को प्रवेश दिया गया क़ाबिज़ ने बताया कि ये प्रतियोगिता दो चरणों मे होगी टीमो को पहले नाकआउट पद्धति से खेलते हुए अपने अपने ग्रुप में जीतकर लीग में प्रवेश करना होगा नाकआउट पद्धति में किसी भी टीम को कम से कम मैच 2 खेलना और जीतना अनिवार्य होगा लीग प्रतियोगिता में 6 टीमो को प्रवेश दिया जाएगा जो आपस मे दो ग्रुप में खेलकर पॉइंट के अनुसार शीर्ष में पहुचने वाली टीम फाइनल खेलेंगी ।

आयोजन समिति का गठन

प्रतियोगिता को भव्यता देने एवं प्रतियोगिता में अनुशाशन बरकरार रखने के लिए सिवनी क्रिकेट फैन क्लब (आयोजन समिति) का गठन किया गया है जिसमें प्रतियोगिता सिवनी प्रिमियर लीग के अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर कोषाध्यक्ष दीपक रघुवंशी एवं सचिव आसिफ पटेल को बनाया गया है वही प्रतियोगिता को सम्पन्न कराने की ज़िम्मेदारी मुख्य तौर पर बॉयज़, क्लब आज़ाद ,राजपुताना क्लब साइनिंग स्टार एवं देव क्लब ने ली है।

मैच में 1 ओवर सुपर ओवर

सिवनी क्रिकेट जगत का चित्त परिचित शख्सियत अब्दुल क़ाबिज़ जो कि हमेशा क्रिकेट प्रतियोगिताओं में कुछ नया करने की कोशिश में रहते है इस बार हर मैच में एक सुपर ओवर डालकर क्रिकेट टीमो के खिलाड़ियों में खलबली मचाना चाहते है जी है क़ाबिज़ ने चर्चा के दौरान बताया कि SPL में हर मैच का छटवा ओवर सुपर ओवर होगा जिसमें उस ओवर में बल्लेबाज द्वारा बनाए गए हर रन के डबल रन उसे बोनस के तौर पर मिलेंगे अगर कोई भी बैट्समैन छक्का मरता है तो उसके और टीम के खाते में 12 रन जोड़े जाएंगे, वही अगर सुपर ओवर में गेंदबाज़ विकेट लेता है तो सामने वाली टीम के विकेट के साथ 5 रन कम कर लिए जाएंगे ।

सम्मान कार्यक्रम

23 दिसम्बर से 1 जनवरी तक 10 दिन चलने वाली सिवनी प्रिमियर लीग प्रतियोगिता में आयोजन समिति प्रतिदिन उन शख्सियत का सम्मान करेगीजिन्होंने सिवनी का मान बढ़ाया है साथ ही वे समाजसेवी संगठन एवं उनके प्रमुख सदस्यो का भी सम्मान करेगी जो अपना तन मन धन और समय समाज सुधार में लगा रहे है प्रतियोगिता के दौरान सिवनी के उन पत्रकार साथियो और समाचार पत्रों का भी सम्मान किया जाएगा जो अपनी कलम और कैमरे की पैनी नज़र से समाज में पनप रही करूतियो को उजागर करते है और उन प्रतिभाओं को सामने लाते हैं जो सुविधाओ के आभाव में अपने हुनर के साथ गुमनामी के अंधेरो में अपना दम तोड़ती रहती

एक लाख से अधिक के नगद पुराष्कर

SPL प्रियोगिता के अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर , कोषअध्यक्ष दीपक रघुवंशी और सचिव आसिफ पटेल ने चर्चा के दौरान बताया कि सिवनी प्रिमियर लीग में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमो को और उनके खिलाड़ियों को चमचमाती हुई ट्रॉफी मैडल स्पोर्ट्स घड़ी क्रिकेट टी शर्ट,स्पोर्ट्स गॉगल के साथ साथ लगभग 1 लाख रुपये के नगद इनाम भी बाटे जाएंगे वही प्रतियोगिता में शामिल होने वाले हर टीम के खिलाड़ी का पंजीयन भी किया जा रहा है सिवनी जिले के खिलाड़ी के पंजीयन शुल्क 2 सौ रुपये है।

नगरपालिका कब करेगी अलाव की व्यवस्था,गलाने वाली ठंड से हो रही परेशानी

सिवनी- कश्मीर घाटी में हुए बर्फबारी का असर सिवनी मुख्यायलय में पड़ने लगा है,बस स्टैंड, सहित नगर के अन्य चौक चौराहों पर रिक्शा ,ऑटो चालक,व यात्री ठंड से परेसान हो रहे हे, हर वर्ष की इस वर्ष भी नपा सिवनी द्वारा भरी ठण्ड में भी लकड़ी की व्यवस्था नही कि गई है,जिसके चलते अलाव की व्यवस्था नही बन पा रही है,नवागत सी एम ओ राजनिंतिक दवाब के बीच मुक्त रूप से कार्य नही कर पा रहे है,जिसका असर आम लोगो पर पड़ रहा है,ऐसा प्रतीत होता है शायद ठंड बीतनेके बाद लकड़ी की व्यवस्था कर नपा के विभागीय कर्मी अपने कर्तव्यों को निभा लेगे, आम नागिरिको की आशा अब जिला कलेक्टर गोपलचन्द्र

डॉड से है कि वे इस ओर ध्यान दे

दिव्यांग परिचय सम्मेलन ,कल जनपद पंचायत सिवनी में

सिवनी 18दिसंबर 17/ समाज में रह रहे दिव्यांगजनों के सामाजिक पुनर्वास एवं उत्थान हेतु दिव्यांगजनों के विवाह हेतु नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है। योजनान्तर्गत जिले में नि:शक्तजनों का सामूहिक विवाह मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अन्तर्गत माह फरवरी 2018 में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। ऐसे दिव्यांगजनों को अच्छे जीवन साथी मिले इस हेतु जनपद पंचायत स्तर पर दिव्यांग परिचय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। दिव्यांगजनों के जोडो का मिलान करने हेतु समस्त जनपद पंचायत स्तर पर (नगर परिषद भी शामिल होगे) दिव्यांग परिचय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा हैं। इसी तारतम्य में दिनांक 19 दिसम्बर 2017 को जनपद पंचायत घंसौर में दिव्यांग परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया हैं तथा 20 दिसम्बर को जनपद पंचायत सिवनी आयोजित होगा जिसमें नगर परिषद सिवनी के दिव्यांग भी शामिल होगें। विवाह कार्यक्रम में शामिल होने वाले दिव्यांग जोडे में दोनो दिव्यांग होने पर 01 लाख एवं जोडे में एक दिव्यांग होने पर 2.00 लाख का लाभ प्रदान किया जावेगा साथ ही कन्या विवाह योजना अन्तर्गत 20 हजार रूपये का चेक एवं 05 हजार की सामग्री से लाभान्वित किया जावेगा। समस्त वैवाहिक योग्य दिव्यांगजनों से अपील की गई है वे परिचय सम्मेलन में आकर अपने जीवन साथी की तलाश पूरी करें, जिससे आपका वैवाहिक जीवन सफलता से पूर्ण हो सके।

सिवनी 9 हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ की सेवा समाप्त 12 दिसंबर से है 11 महिला आमरण अनशन में पिछले डेढ़ माह से है हड़ताल में है

9 हड़ताली आंगनबाडी कार्यकर्ता की सेवा समाप्त रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शीघ्र आमंत्रित किये जायेंगे आवेदन जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा 9 हडताली आंगनवाडी कार्यकर्ताओ की सेवा समाप्ति कर दी गई है। इस संबंध में उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हड़ताल में जाने के फलस्वरूप विभाग द्वारा संचालित पोषण आहार व्यवस्था, शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा, टीकाकरण के साथ ही साथ विभिन्न महत्वपूर्ण अभियान प्रभावित हुए है। उन्होंने बताया कि जिले की समस्त हड़ताली आंगनबाडी कार्यकर्ता/सहायिका/ मिनी आंगनबाडी कार्यकर्ताओं से 22 नवंबर को विभाग द्वारा समाचार पत्रों के माध्यम से अपील की गई थी कि वह दो दिवस के भीतर कार्य पर वापस आये अन्यथा उनपर सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जायेगी। कार्यकर्ताओं द्वारा ऐसा न करने पर 9 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्ति कर दी गई है जिसमें सिवनी ग्रामीण 01 के आंगनबाड़ी केन्द्र जटलापुर की श्रीमति रामपुरी उईके, आंगनबाडी केन्द्र बिहिरिया की श्रीमति मोहनी सनोड़िया, परियोजना केवलारी के आंगनबाड़ी केन्द्र पुंगार की श्रीमति अंजुम कुरैशी परियोजना बरघाट के आंगनबाड़ी केन्द्र पौनारकला एवं धारनाकला की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमति निर्मला गौतम एवं श्रीमति मीना राहंगडाले इसी प्रकार परियोजना छपारा की आंगनवाड़ी केन्द्र छपारा 01 व 03 की श्रीमति आशा कोरी एवं श्रीमति मीरा गेडाम, परियोजना कुरई के आंगनबाड़ी केन्द्र बबई एवं सिन्दरियां की श्रीमती लक्ष्मी शैन्डे और श्रीमति शशि डेहरिया की सेवा समाप्ति तत्काल प्रभाव से कर दी गई है। रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शीघ्र आवेदन विभाग द्वारा आमंत्रित किये जायेंगे।

अस्पताल से नवजात चोरी, हड़कम्प मचने पर तलाशी हुई तो इस हालत में मिला

सिवनी। जिला अस्पताल के पीओपी वार्ड में सोमवार-मंगलवार एक नवजात शिशु के चोरी होने का मामला सामने आया है। रात के समय ये नवजात मां के साथ सो रहा था लेकिन अज्ञात शख्स इस नवजात शिशु को चोरी कर ले गया जिससे अस्पताल में हड़कम्प मच गया। रात करीब 3 बजे नानी ने नवजात शिशु को मां के साथ सोता हुआ देखा था। इसके कुछ देर बाद मां ने शिशु को बेड से गायब पाकर शोर मचाना शुरु कर दिया।

ड्यूटी पर मौजूद नर्से व भर्ती मरीजों के परिजनों ने एकत्रित होकर गायब नवजात शिशु की तलाश शुरू की। करीब डेढ घंटे खोजबीन के बाद 9 दिन पहले जन्मा शिशु बच्चा वॉर्ड के बाहर सूखी नाली में लावारिस हालत में पड़ा हुआ मिला।

केवलारी विकासखण्ड के ग्राम कालीमाटी ढुटेरा निवासी दिलीप बरकड़े ने बताया कि 11 दिसम्बर को उसकी पत्नी शशि बरकड़े (21) ने ऑपरेशन के बाद अस्पताल में स्वास्थ्य बच्चे को जन्म दिया। मां व नवजात बच्चे का इलाज पिछले 8 दिनों से अस्पताल के पीओपी वॉर्ड में चल रहा था। हालांकि बच्चा मिलने से माता-पिता और परिजनों ने राहत की सांस ली है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था पर जरूर सवाल खड़े कर दिए।

एक कटोरी में रोज जलाएं ये 1 चीज, इससे आकर्षित होती हैं देवी लक्ष्मी

देवी-देवताओं की आरती में कर्पूर जलाने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है।देवी-देवताओं की पूजा में किए जाने वाले सभी काम धर्म के साथ ही हमारे स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। पूजा में आरती करना महत्वपूर्ण कर्म है और आरती में कर्पूर भी अनिवार्य रूप से जलाया जाता है। कर्पूर जलाने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। शास्त्रों के अनुसार देवी-देवताओं के सामने कर्पूर जलाने से अक्षय पुण्य मिलता है। यहां जानिए घर में कर्पूर जलाने से कौन-कौन से लाभ मिलते हैं…

2. कर्पूर जलाने से घर का वातावरण पवित्र और सुगंधित होता है। ऐसे वातावरण से देवी लक्ष्मी सहित सभी देवी-देवता आकर्षित होते हैं। इसकी महक से हमारे विचारों में भी सकारात्मकता आती है।

3.कर्पूर जलाने का वैज्ञानिक महत्व भी है। कर्पूर सुगंधित होता है और इसे जलने पर कर्पूर की महक तेजी से फैलती है। इसकी महक से वातावरण में मौजूद कई हानिकारक सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं।

4. अगर आप रात को सोने से पहले कर्पूर जलाकर सोएंगे तो इससे अनिद्रा की शिकायत दूर हो जा सकती है, बुरे सपने नहीं आते हैं।

कर्पूर जलाते समय इस मंत्र का जाप करें-

कर्पूरगौरम् करुणावतारम्,संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्।

सदा वसन्तम् हृदयारविन्दे,भवम् भवानि सहितम् नमामि।।

आरती में जब भी कर्पूर जलाया जाता है तो इस मंत्र का जाप किया जाता है। ये मंत्र भगवान शिव की आराधना के लिए है। इसका अर्थ इस प्रकार है…

कर्पूरगौरम्यानी जो कर्पूर के समान गौर वर्ण वाले हैं

करुणावतारम्यानी जो करुणा के साक्षात् अवतार हैं

संसारसारम्यानी जो इस समस्त संसार के एकमात्र सार हैं

भुजगेन्द्रहारम्यानी जो भुजंग (सांप) की माला धारण किए रहते हैं

सदा वसन्तम् हृदयारविन्दे,भवम् भवानि सहितम् नमामि।।

यानी जो माता पार्वती के साथ ही, सभी भक्तों के कमल रूपी हृदय में सदैव निवास करते हैं, उन महादेव की हम वंदना करते हैं, आराधना करते हैं, उन्हें नमन करते हैं।

अपनाकर देखें शिवजी का बताया ये छोटा सा ज्योतिषीय तरीका,कभी असफलता नहीं मिलेगी

शिव स्वरोदय नाम के ग्रंथ में बताया गया है कि हम अपने शुभ-अशुभ समय का पता अपनी ही सांसों से लगा सकते हैं। शिव स्वरोदय नाम के ग्रंथ में बताया गया है कि हम अपने शुभ-अशुभ समय का पता अपनी ही सांसों से लगा सकते हैं। ये ही बात वाल्मीकि रामायण में भी कही गई है। किसी भी शुभ काम या जरूरी काम पर जाने से पहले शुभ मुहूर्त के अलावा नाक के स्वर यानी किस हाथ के ओर की सांस चल रही है, इस पर भी ध्यान देना चाहिए। कहते हैं अगर पैसों के लेन देन या किसी व्यापारिक सौदे के लिए जा रहे हो तो पहले स्वर देखना चाहिए।

फिर डिसाइड करना चाहिए कि काम करें या नहीं। ऐसा करने से नौकरी हो या व्यापार या कोई अन्य काम किसी में भी असफलता नहीं मिलेगी। हमारे शरीर में दो स्वर होते हैं। जिन्हें चंद्र नाड़ी स्वर व सूर्य स्वर कहा जाता है। नाक के दाहिने छिद्र से चलने वाली सांस को सूर्य स्वर कहते हैं। यह साक्षात शिव का प्रतीक है। जबकि बाईं ओर से चलने वाली सांस को चंद्र स्वर कहते हैं। सारे सौम्य काम यानी जो काम स्त्री प्रधान होते हैं वो उल्टे हाथ की ओर वाले स्वर के चलने पर और पौरुष प्रधान काम सीधे स्वर के चलने पर करना चाहिए।

सांस से कैसे जानें, शुभ व अशुभ …

रिफरेंस- शिव स्वरोेदय ग्रंथ बहुत प्राचीन ग्रंथों में से एक माना जाता है। इसमें करीब 395 श्लोक हैं और ये ग्रंथ शिव-पार्वती के संवाद के रूप में है, जिसमें पार्वती शिव से सवाल करती हैं और शिव उनके जवाब देते हैं। इस ग्रंथ का रचनाकार भगवान शिव को ही माना जाता है, जिस पर अनेक विद्वानों ने टीका

राहुल की 29वीं हार; मोदी की 12वीं जीत, 24 साल में BJP के 1428 विधायक, कांग्रेस के पास सिर्फ 766

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बीजेपी ने गुजरात में 54% सीटें जीतीं हैं। सीटों के लिहाज से 14 बीजेपी शासित राज्यों में गुजरात आठवें पायदान पर है।
नई दिल्ली. बीजेपी ने सोमवार को आए नतीजों में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में जीत दर्ज की। नरेंद्र मोदी की ये 12वीं जीत है जबकि राहुल गांधी 29वीं बार कोई चुनाव हारे। क्योंकि 29 में से 12 राज्य ऐसे हैं जहां कांग्रेस 14 से 50 साल से सत्ता से दूर है। जबकि 22 साल में बीजेपी ने 14 राज्य और सहयोगियों के साथ 5 राज्यों (कुल 19) में सरकार बना ली।
कांग्रेस का कम होता दम
– कांग्रेस के पास 766 विधायक बचे हैं। ये इतिहास में सबसे कम है।
– इसके उलट 24 साल में बीजेपी के 1428 विधायक हो गए। ये किसी भी पार्टी के अब तक के सबसे ज्यादा एमएलए हैं।
– अब बीजेपी देश के 75% इलाके, 68% आबादी और 54% इकोनॉमी पर काबिज है।

गुजरात में मोदी और राहुल की रैलियां
– मोदी ने 34 रैलियां कीं। 134 सीटों तक पहुंचे। 72 में जीत दिलाई।
– राहुल ने 30 रैलियां कीं। 120 सीटों तक पहुंचे। 62 में जीत दिलाई।
– दोनों की तुलना करें तो मोदी का सक्सेस रेट 52% रहा।

बीजेपी को शहरों से मिली 68% सीटें
– गुजरात की 84 शहरी सीटों में से 57 पर बीजेपी का कब्जा हो गया तो 27 पर कांग्रेस का।
– वहीं, ग्रामीण इलाकों की 98 सीटों में से 42 बीजेपी जीती और 56 कांग्रेस।

गुजरात में बीजेपी की कमजोर जीत
– बीजेपी ने गुजरात में 54% सीटें जीतीं हैं। सीटों के लिहाज से 14 बीजेपी शासित राज्यों में गुजरात आठवें पायदान पर है।
– यूपी की तुलना में गुजरात में 21% सीटें कम मिलीं। हिमाचल में 63% सीटें मिलीं। यानी हिमाचल छठे पायदान पर है।

जहां कांग्रेस हारी और हारती चली गई
राज्य इतने साल से कांग्रेस बाहर
तमिलनाडु 50
प. बंगाल 40
सिक्किम 33
उत्तरप्रदेश 27
बिहार 27
त्रिपुरा 24
गुजरात 22
ओडिशा 17
झारखंड 17
मध्यप्रदेश 14
छत्तीसगढ़ 14
नगालैंड 14

पीएससी का विवादास्पद नियम, महिलाओं फुलायेंगी पाँच सेमी सीना !

ग्वालियर | राज्य वन सेवा परीक्षा के लिये मप्र पीएससी के विवादास्पद नियम से महिला अभ्यार्थी में सकते में हैं, क्योंकि वनरक्षक व सहायक वन क्षेत्रपाल बनने के लिये उन्हें भी पुरूषों के समान 05 सेन्टी मीटर सीना फूला कर विस्तार करना पड़ेगा। 74 सेन्टी मीटर सीने की अनिवार्यता की शर्त रखी गयी है। ऐसा नहीं होने पर दोनों पदों के लिये उन्हें अपात्र माना जायेगा। ऐसा नियम तो पुलिस एसआई परीक्षा में भी नहीं है।
वनरक्षक के लिये 04 घंटे में 14 किलोमीटर पैदल चलना व वन क्षेत्रपाल के लिये 04 घंटे में 16 किलोमीटर पैदल चलना होगा। लेकिन महिला परीक्षार्थियों के लिये 74 सेन्टी मीटर सीना होने की अनिवार्य शर्त व 05 सेन्टी मीटर फुलाकर विस्तार करने के नियम से महिला परीक्षार्थियों को आपत्ति है।

एसआई परीक्षा में महिलाओं के लिये सीने की बाध्यता नहीं थी – 01 अगस्त 2017 में मध्य प्रदेश पुलिस में एसआई के लिये 300 पदों की भर्ती के लिये महिलाओं के लिये सीने की कोई बाध्यता नहीं थी। केवल पुरूष अभ्यार्थियों को सीने की बाध्यता थी।

शर्मनाक घटना – डिंडोरी बच्चे को जन्म से पहले मृत बताकर अस्पताल से भगाया फिर खेत में हुई डिलिवरी

डिंडोरी । साड़ी का पर्दा बनाया गया, खेत में गर्भवती महिला की डिलिवरी करा दी गई क्योंकि डॉक्टर्स बेरहम हो चुके थे। उन्होंने गर्भवती महिला के बच्चे को जन्म से पहले ही मरा हुआ बता दिया। यही नहीं हद तो तब हो गई जब डॉक्टर्स ने खुद ही व्यवस्थाओं का, सरकारी निर्देशों का तमाशा बना दिया और महिला को अस्पताल से बाहर निकाल दिया।

मध्य प्रदेश के डिंडोरी में एक गर्भवती महिला की डिलिवरी खेत में अन्य महिलाओं की मदद से कराई गई। दरअसल, डॉक्टर्स ने कथित तौर पर बच्चे को जन्म से पहले ही मृत घोषित कर दिया था और महिला को अस्पताल से बाहर निकाल दिया था।

सीएमओ ने दिया कार्रवाई का आश्वासन : इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि जांच के बाद दोषियों को निलंबित किया जा सकता है या तो उनकी सैलरी काटकर उन्हें सजा दी जा सकती है।