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किसानो की उपार्जन व्यवस्था बनी सरल

4 दिन पूर्व ही प्राप्त हो जायेगा किसान को एसएमएस

. किसानों की सुविधा के लिये उपार्जन व्यवस्था को बनाया और सरल

सिवनी 22 मार्च 18/ राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिये समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन व्यवस्था का सरलीकरण किया गया है। नई व्यवस्था के तहत किसानों को खरीदी केन्द्रों पर गेहूँ विक्रय करने की सूचना कम से कम 4 दिन पूर्व अवश्य दी जायेगी। साथ ही यह भी ध्यान रखा जायेगा कि एक ही ग्राम के लघु और सीमांत कृषकों को इस प्रकार बुलाया जायेगा कि वह आपस में समन्वय कर एक साथ वाहनों से फसल आसानी से खरीदी केन्द्रों तक ला सकें। प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग श्रीमती नीलम शमी राव ने प्रदेश के सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को इस आशय के निर्देश जारी किये हैं। नई व्यवस्था में किसान भाइयों को अलग-अलग तिथियों का विकल्प भी दिया जायेगा, जिसमें वे अपनी सुविधानुसार आ सकेंगे। खरीदी केन्द्रों पर किसानों की भीड एकत्र न हो इसलिये एक दिन में अधिकतम 20 किसानों को ही एसएमएस किये जायेंगे। कृषकों की सुविधा के लिये शेड्यूल एसएमएस की तिथि में परिवर्तन एवं शेड्यूल एसएमएस, समिति स्तर पर भी भेजे जा सकेंगे। इसके साथ कृषक भाइयों को निर्धारित तिथि पर ही विक्रय हेतु उपस्थित होने के लिये प्रेरित किया जायेगा। क्र.142/

गर्भवती श्रमिक महिलाओं को पोषण आहार के लिए मिलेगी राशि

सिवनी 22 मार्च 18/ असंगठित श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए शासन द्वारा विभिन्न निर्णय लिए गए हैं। आर्थिक असुरक्षा से जूझ रहे असंगठित श्रमिक बहनों की जानकारी एवं उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा एवं अन्य सुविधाएं देने के लिए विशेष प्रावधान किए जा रहे हैं। अब गर्भवती श्रमिक महिलाओं को पोषण आहार के लिए 4 हजार रूपये की राशि प्रदाय की जाएगी। प्रसव होने पर महिला के खाते में 12 हजार 500 रूपये जमा किए जाएंगे। श्रमिकों के बच्चों की पहली कक्षा से लेकर डॉक्टरेट तक पूरी पढाई की फीस शासन द्वारा भरी जाएगी। इसमें इंजीनियरिंग, मेडिकल तथा नामचीन प्रबंधन संस्थान भी शामिल होंगे। इन शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिकों का पंजीयन कराना आवश्यक है। यह पंजीयन www.shramsewa.mp.gov.in के माध्यम से कराया जा सकता है। यह पंजीयन एक अप्रैल से प्रारंभ होगा।

सिवनी कलेक्टर की आमजन से अपील

वृद्वाश्रम भवन हेतु भूमि दान करें सिवनी 22 मार्च 18/ कलेक्टर श्री गोपालचंद डाड ने आम नागरिकों से अपील की है कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण- पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 के प्रावधान अंतर्गत जिला मुख्यालय में 50 सीटर सर्वसुविधा युक्त वृद्वाश्रम भवन का निर्माण किया जाना है।
वृद्वजनों के लिये सर्वसुविधा युक्त वृद्वाश्रम भवन निर्माण हेतु 2 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। यदि कोई दानदाता वृद्वाश्रम भवन निर्माण हेतु भूमि दान करने के इच्छुक हो तो पूर्ण विवरण सहित कार्यालय उपसंचालक, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण सिवनी में संपर्क कर सकते है।

MOBILE चार्जिंग पर लगाकर बात कर रही थी युवती, ब्लास्ट, मौत

भुवनेश्वर। ओडिशा के खेरियाखानी में मोबाइल फटने की वजह से 18 साल की लड़की की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ, जब लड़की अपने किसी रिश्तेदार से मोबाइल पर बात कर रही थी। शुरुआती जांच में ये बात सामने आ रही है कि लड़की नोकिया के 3310 मॉडल का इस्तेमाल कर रही थी। ये रिपोर्ट एक अंग्रेजी अखबार में छपी है। जिसके मुताबिक मरने वाली लड़की का नाम उमा ओराम है।



वो अपने रिश्तेदार से फोन पर बात कर रही थी। इसी दौरान उसे बैटरी लो होने का पता चला और उसने मोबाइल को चार्ज में लगाकर दोबारा बात करना शुरू कर दिया। इसी दौरान मोबाइल फट गया। इससे उमा गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके सिर, पैर और सीने में चोट लगी। आनन-फानन में उसे पास के अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। ये घटना 19 मार्च की है।

लड़की के भाई दुर्गा प्रसाद ने बताया कि, मोबाइल की बैटरी लो थी। ऐसे में बहन ने फोन को चार्जिंग में लगा दिया। अचानक मोबाइल फट गया और बहन बेहोश हो गई। हालांकि मोबाइल बनाने वाली कंपनी एचएमडी ने इसे अपना डिवाइस होने से इंनकार कर दिया है। एचएमडी 2017 से नोकिया फोन बना रही है। इस मामले में पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है।


अजब-गजब : जानिए कहां है एशिया का सबसे स्वच्छ गांव

हम अक्सर ही जब टीवी पर कोई यूरोप, अमेरिका महाद्वीप या एशिया का ही कोई अन्य विकासशील देश में बसा शहर या गंव देखते है तो यही सोचते हैं कि भारत इतना साफ और सुंदर क्यों नहीं है, लेकिन खुद कुछ नहीं करते। इसी सोच के साथ सरकार ने एक मुहिम चलाई जिसका नाम है ‘स्वच्छ भारत’ । जिसके तहत जमकर साफ-सफाई और स्वच्छता का प्रचार किया जाता है। इस मुहिम के बाद से देश में सफाई को लेकर जागरूकता आई है और लोग अब अपने आस-पास का कचरा खुद साफ करने में गुरेज नहीं करते, लेकिन क्या आप जानते है एशिया महाद्वीप का सबसे स्वच्छ गांव भारत में ही है। ये गांव मोदी सरकार की इस मुहिम के पहले ले ही स्वच्छता को लेकर जागरूक था। इसलिए सरकार की इस मुहिम को सुनकर इस गांव को लोगों को ज्यादा अचरज नहीं हुई और ना ही इस गांव के लोगों ने सोशल मीडिया पर खुद की स्वच्छता का प्रदर्शन किया।



गांव बसा है मेघालय राज्य में जिसका नाम है ‘मावलिन्नांग’ राजधानी शिलांग और भारत-बांग्लादेश बॉर्डर से 90 किलोमीटर दूर स्थित मावलिन्नांग को एशिया के सबसे स्वच्छ गांव का खिताब मिला हुआ है। मावलिन्नांग गांव की साफ-सफाई का ख्याल कोई और नहीं बल्कि वहां रहने वाले लोग ही रखते है। लगभग 500 लोगों की जनसंख्या वाले इस छोटे से गांव में करीब 95 खासी जनजातीय परिवार रहते हैं। मावलिन्नांग में पॉलीथीन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है और यहां थूकना मना है।

गांव के रास्तों पर जगह-जगह कूड़े फेंकने के लिए बांस के कूड़ेदान लगे हुए है। इसके अलावा रास्ते के दोनों ओर फूल-पौधे कि क्यारियां और स्वच्छता का निर्देश देते हुए बोर्ड भी लगे हुए है। गांव के हर परिवार का सदस्य गांव की सफाई में रोजाना भाग लेते है और अगर कोई ग्रामीण सफाई अभियान में भाग नहीं लेता है तो उसे घर में खाना नहीं मिलता है।

मावलिन्नांग गांव मातृसत्तात्मक है, जिस कारण यहां की औरतों को ज्यादा अधिकार प्राप्त हैं और गांव को स्वच्छ रखने में वो अपने अधिकारों का बखूबी प्रयोग करती हैं। मावलिन्नांग के लोगों को कंक्रीट के मकान की जगह बांस के बने मकान ज्यादा पसंद है। अपनी स्वच्छता के लिए मशहूर मावलिन्नांग को देखने के लिए हर साल पर्यटक भारी तादात में आते हैं। ‘मावल्यान्नॉंग’ गांव को ‘भगवान का अपना बगीचा’  भी कहा जाता है।

 

 



फेसबुक विवाद: मार्क जुकरबर्ग ने मानी गलती, कहा- डाटा लीक होना विश्वास में सेंध लगने जैसा

कैम्ब्रिज एनालिटिका पर आरोप है कि उसने पांच करोड़ फेसबुक उपयोगकर्ताओं के निजी डेटा बिना उनकी मंजूरी के चुरा लिए हैं और उसका उपयोग राजनेताओं की मदद के लिए किया गया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रेक्सिट अभियान शामिल हैं.

नई दिल्ली: फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने बुधवार (21 मार्च) को कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल मामले में गलती स्वीकार करते हुए कहा कि यह विश्वासघात का मामला है. जुकरबर्ग ने फेसबुक पोस्ट कर कहा, “मैं कैंब्रिज एनालिटिका को लेकर अपनी बात रखना चाहता हूं. हम इस दिशा में समस्याओं से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा लिए हैं. मैं यह समझने की कोशिश की दिशा में काम कर रहा हूं कि असल में हुआ क्या और इसे दोबारा होने से कैसे रोका जाए.” जुकरबर्ग ने कहा, “अच्छी खबर यह है कि इसे रोकने के लिए जो जरूरी कदम हमने आज उठाए हैं, वे असल में कई वर्षो पहले ही उठा लिए गए थे लेकिन हमने फिर भी गलतियां कीं लेकिन अब हमें इन्हें दोबारा होने से रोकने के लिए कमर कसने की जरूरत है.”

जुकरबर्ग का कहना है कि कंपनी उन सभी एप की जांच करेगी, जिनके जरिए बड़ी मात्रा में जानकारियां हासिल की गई. वह कहते हैं, “निजी जानकारियों का दुरुपयोग या उनसे छेड़छाड़ करने वालों डेवलेपर्स पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. इसके साथ ही संदिग्ध गतिविधियों वाले सभी एप की जांच की जाएगी.” ब्रिटिश डेटा विश्लेषण कंपनी, कैम्ब्रिज एनालिटिका पर आरोप है कि उसने पांच करोड़ फेसबुक उपयोगकर्ताओं के निजी डेटा बिना उनकी मंजूरी के चुरा लिए हैं और उसका उपयोग राजनेताओं की मदद के लिए किया गया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रेक्सिट अभियान शामिल हैं.


कंपनी पर आरोप है कि उसने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान मतदाताओं को डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में प्रभावित करने के लिए फेसबुक के पांच करोड़ उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारियों का दुरुपयोग किया था. इस मामले के सामने आने के बाद फेसबुक और कैंब्रिज एनालिटिका दोनो को यूरोपीय संघ, ब्रिटेन समेत अमेरिका में भी कानूनी कार्रवाइयों का सामना करना पड़ रहा है. दोनों कंपनियां इस मामले को लेकर भारी आलोचना झेल रहीं हैं.

फेसबुक विवाद: कैंब्रिज एनालिटिका का सीईओ निलंबित
फेसबुक उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारियों का दुरुपयोग करने को लेकर विवादों में फंसी परामर्श कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलैक्जेंडर निक्स को निलंबित कर दिया है. निक्स को उनके खिलाफ लंबित जांच को लेकर निलंबित किया गया है. निक्स ने ब्रिटेन के एक समाचार चैनल4 न्यूज के एक अंडरकवर रिपोर्टर को यह बताया था कि किस तरीके से मतदाताओं को प्रभावित किया गया था.



चैनल द्वारा 20 मार्च को प्रसारित वीडियो क्लिप में निक्स कह रहे हैं कि उनकी कंपनी ने 2016 राष्ट्रपति चुनाव मे ट्रंप की जीत में बड़ी भूमिका निभायी है. उन्होंने कहा कि कैंब्रिज एनालिटिका‘ सारी सूचनाएं… सारा आकलन… सारा क्रियान्वयन’ संभाल रही थी. उन्होंने दावा किया कि कंपनी ने कुछ समय बाद खुद ही मिट जाने वाले ई-मेल का इस्तेमाल भी किया था ताकि बाद में उसे पकड़ पाना मुश्किल हो. उन्होंने कहा, ‘‘अब कोई सबूत नहीं है, कोई कागजी निशान नहीं है, अब कुछ नहीं है.’’

ईयू, ब्रिटिश सांसदों ने डेटा लीक पर फेसबुक से मांगा स्पष्टीकरण
यूरोपीय संघ (ईयू) और ब्रिटिश सांसदों ने मंगलवार (20 मार्च) को राजनीतिक मकसद से बड़े पैमाने पर निजी डेटा के दुरुपयोग का खुलासा होने के बाद सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक से इस डेटा सेंधमारी के लिए स्पष्टीकरण मांगा है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यूरोपीय संसद के अध्यक्ष एंटोनियो ताजानी ने एक ट्वीट में कहा, “हमने मार्क जुकरबर्ग को यूरोपीय संसद में आमंत्रित किया है. फेसबुक को 50 करोड़ यूरोपीय नागरिकों के प्रतिनिधियों के सामने स्पष्टीकरण देने की जरूरत है कि निजी डेटा का इस्तेमाल लोकतंत्र में गड़बड़ी के लिए तो नहीं किया गया.” ताजानी ने कहा, “अगर यह सही है तो हमारी निजी डेटा की चोरी अस्वीकार्य है और यह लोकतंत्र के लिए खतरा है.”



Jio का एक और धमाका, सस्ते दामों में लॉन्च किया यह प्रोडक्ट

रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने सस्ते में टैरिफ प्लान लॉन्च करने के बाद एक और प्रोडक्ट किफायती दामों में पेश किया है. अब कंपनी ने भारतीय बाजार में अपने JioFi लाइनअप का विस्तार किया है.


नई दिल्ली : रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने सस्ते में टैरिफ प्लान लॉन्च करने के बाद एक और प्रोडक्ट किफायती दामों में पेश किया है. अब कंपनी ने भारतीय बाजार में अपने JioFi लाइनअप का विस्तार किया है. इसके तहत कंपनी ने JioFi 4G LTE हॉटस्पॉट डिवाइस को लॉन्च किया है. इसकी कीमत 999 रुपये है. जियो ने नए मॉडल को JioFi JMR815 नाम दिया है. अगर आप इसे खरीदने के इच्छुक हैं तो एक्सक्लूसिव तौर पर फ्लिपकार्ट से खरीद सकते हैं. कंपनी इसके साथ एक साल की वारंटी दे रही है. इसकी डाउनलोड स्पीड 150Mbps और अपलोड स्पीड 50Mbps की है.



जियो ने अपनी इस डिवाइस को ‘डिजाइन्ड इन इंडिया’ टैगलाइन दी है. नए JioFi मॉडल को गोलाकार डिजाइन वाला बनाया गया है. पहले जियोफाई को अंडाकार आकार में लाया गया था. इसमें पावर ऑन/ऑफ और WPS (वाई-फाई प्रोटेक्टेड सेटअप) जैसे फिजिकल बटन दिए हैं. इसमें बैटरी, 4G और Wi-Fi सिग्नल के लिए के लिए नोटिफिकेशन लाइट दी गई है.

इससे एक बार में 32 यूजर्स कनेक्ट हो सकते हैं. इसमें 31 वाई-फाई के माध्यम से और 1 यूएसबी के जरिए कनेक्ट हो सकता है. कनेक्ट होने के बाद स्मार्टफोन्स पर Jio 4G वॉयस एप के जरिये HD वॉयस और वीडियो कॉल्स किए जा सकेंगे. इसके अलावा इसमें ALT3800 प्रोसेसर दिया गया है और ये FDD-Band 3, Band 5 और TDD-Band 40 को सपोर्ट करता है. इसमें JioFi कार्ड स्लॉट दिया गया है, इसकी स्टोरेज को 64GB तक एक्सपेंड किया जा सकता है.

ioFi में 3000mAh की पावरफुल बैटरी दी गई है. कंपनी का दावा है कि इसे एक बार फुल चार्ज करने पर यह साढ़े तीन घंटे तक चलता है. ओरिजनल JioFi को 2300mAh की बैटरी के साथ पेश किया गया था. फिलहाल इसे जियो की वेबसाइट (Jio.com) पर जगह नहीं दी गई है.


अब MOBILE में इंटरनेट की डबल स्पीड मिलेगी | RAISE INTERNET SPEED

ये डिजिटल जेनरेशन है और इंटरनेट हरे एक इंसान की जरूरत बन चुका है। भारत जैसे विकासील देशों में शहरों से लेकर गांवों तक के सभी लोगों इंटरनेट का भरपूर उपयोग कर रहे हैं। 3G, 4G तकनीक के बाद लोग उम्मीद करते हैं कि उनका इंटरनेट फटाफट काम करे परंतु कई बार लोग SLOW INTERNET सेवा से भी परेशान हो जाते हैं। भारत में ज्यादातर लोग ANDROID फोन में इंटरनेट चलाते हैं। कभी-कभी इंटरनेट चलाने में समस्या आती हैं और इंटरनेट का धीमा चलना किसी को पसंद नहीं आता। ऐसी सिचुएशन में आप इंटरनेट को दोष दिए बिना कुछ उपाय कर सकते हैं, जिससे आपका इंटरनेट अच्छी स्पीड से बिना किसी रूकावट के चल सके।



PERFORMANCE BOOSTING APP DOWNLOAD करें
सबसे पहले आपको अपने फोन में “CLEAN MASTER” डाउनलोड करें, जो सभी JUNK FILES को साफ करके इंटरनेट स्पीड को बढ़ाएगा। इसके अलावा आपको “DU SPEED BUSTER” भी अपने SMARTPHONE में इंस्टॉल करें। यह आपके फॉन के रैम (RAM) को साफ करेगा और कुछ अनावश्यक एप्लिकेशन को चलने से भी रोक देगा। इससे आपके एंड्रॉयड स्मार्टफोन और इंटरनेट दोनों की गति में तेजी आएगी।
नेटवर्क सेटिंग चैक करें
अगर आपका इंटरनेट कनेक्शन निरंतर धीमी गति से चलता है तो आपको अपने फोन की इंटरनेट सेटिंग चेक करने की जरूरत होती है। अपने फोन के सेटिंग में जाकर मोबाइल नेटवर्क सेंटिंग को सलेक्ट करें। इसके बाद चेक करें कि आपका इंटरनेट कनेक्शन किस मोड में है। अगर यह 3जी मोड में है तो इसे LTE, WDCMA, GSM (AUTO MODE) में सलेक्ट करें। ध्यान रहें कि आपका फोन सिर्फ 3जी मोड में ना रहे। इसके बाद सेंटिंग से बाहर निकलकर अपने फोन को स्विच ऑफ करके फिर ऑन करें। अब आपका इंटरनेट तेज गति से चलने लगेगा। इस प्रक्रिया को हम आपको आसान तरीके से तीन सरल स्टेप के जरिए समझाते हैं:



सेटिंग-> मोबाइल नेटवर्क सेटिंग-> LTE, WDCMA, GSM (AUTO MODE)-> सेटिंग से बाहर आए-> फोन को स्विच ऑफ करें -> फोन को फिर से स्विच ऑन करें।
 
फास्ट वेब ब्राउजर करें यूज
स्मार्टफोन में तेज इंटरनेट चलाने के तेज वेब ब्राउजर का भी इंस्टॉल होना जरूरी होता है। अगर आप तेज स्पीड वाले ब्राउजर से इंटरनेट चलाएंगे तो उसकी स्पीड भी काफी अच्छी रहेगी और वो बिना किसी रूकावट चल पाएगा। आजकल दो वेब ब्राउजर हैं जो तेज गति से पूरी दुनिया में काम करते हैं।
1. ओपेरा मिनी (OPERA MINI)
2. गूगल क्रोम (GOOGLE CHROME)
इनमें से किसी भी इंटरनेट ब्राउजर को इंस्टॉल करने से आपका इंटरनेट तेजी से चल सकेगा। ध्यान रहें कि इन तरीकों से आपका इंटरनेट 5जी स्पीड से नहीं चलेगा लेकिन मौजूदा इंटरनेट की गति में सुधार होगा।



SBI में स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर भर्ती

स्पेशल मैनेजमैन्ट एग्जीक्यूटिव के पद पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी को CA/ ICWA/ ACS/ या किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से फाइनैंस में एमबीए की डिग्री या फिर डिप्लोमा धारक होना चाहिए.

बैंक की नौकरी का सपना हर किसी का होता है. अगर आप भी बैंक में नौकरी करने की चाहत रखते हैं तो ये आपके लिए अच्छा मौका है, क्योंकि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर के पदों पर भर्ती निकाली है. हालांकि पदों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन एसबीआई की इस जॉब में सैलरी आपको ज़रूर आकर्षित करेगी.

पद का नाम: स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर

पदों की कुल संख्या: 119

स्पेशल मैनेजमेन्ट एग्जीक्यूटिव: 35 पद

डिप्टी मैनेजर लॉ: 82 पद

डिप्टी जनरल मैनेजर: 02 पद

सैलरी: 68680 से 74520 (प्रति महीने)

आवेदन की अंतिम तारीख:

स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर के पद पर आप 7 अप्रैल 2018 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

योग्यता: स्पेशल मैनेजमैन्ट एग्जीक्यूटिव के पद पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी को CA/ ICWA/ ACS/ या किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से फाइनैंस में एमबीए की डिग्री या फिर डिप्लोमा धारक होना चाहिए. वहीं डिप्टी मैनेजर (लॉ) और डिप्टी जनरल मैनेजर (लॉ) के पद पर आवेदन के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से 3 से 5 साल की कानून की डिग्री होनी चाहिए.

आयु सीमा:

स्पेशल मैनेजमेन्ट एग्जीक्यूटिव के पद के लिए आयुसीमा 30 से 40 वर्ष वहीं डिप्टी मैनेजर लॉ के लिए 42 से 52 वर्ष है. इसके अलावा डिप्टी जनरल मैनेजर के पद के लिए आयुसीमा 31.12.2017 तक 25 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए.

आवेदन शुल्क:

सामान्य और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 600 रुपये शुल्क देय होगा. वहीं एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी अभ्यर्थियों के लिए 100 रुपये आवेदन शुल्क के लिए रूप में जमा करना होगा. आवेदन शुल्क नेटबैंकिंग या फिर डेबिट और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से जमा किया जा सकता है.

चयन प्रक्रिया:

लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा.

22 मार्च विश्व जल दिवस: पानी नहीं मिलने पर किस तरह होती है मौत?

हर साल 22 मार्च के दिन विश्व जल दिवस मनाया जाता है.

लोगों के बीच पानी से संबंधिक चुनौतियों को लेकर जागरूकता बढ़े, इसलिए संयुक्त राष्ट्र ने इस दिवस की घोषणा की थी.

सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कई सवाल अक्सर पूछे जाते हैं, जिनमें से एक सवाल है कि पानी के बिना इंसान कितने दिन तक ज़िंदा रह सकता है?

ज़्यादा से ज़्यादा कितने दिन?

कई लोकप्रिय आर्टिकलों का निचोड़ निकालकर, गूगल इसका जवाब देता है कि एक मनुष्य क़रीब बीस दिन तक खाने के बिना तो रह सकता है. लेकिन पानी के बिना तीन-चार दिन से ज़्यादा जीना बहुत मुश्किल है.

जबकि अमरीका में बायोलॉजी के प्रोफ़ेसर रेंडल के पैकर कहते हैं कि इसका जवाब इतना सीधा नहीं हो सकता. मसलन, गर्म मौसम में बंद कार के भीतर बैठा बच्चा और गर्मी में खेल रहा एक एथलीट पानी नहीं मिलने पर कुछ ही घंटों में मर सकते हैं.

पानी का बेलेंस

पर ऐसा क्यों होता है? इसका एक ही जवाब है डी-हाईड्रेशन. यानी शरीर में पानी की कमी होना.

ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस के अनुसार, डी-हाईड्रेशन वो अवस्था है जब आपका शरीर पानी की जितनी मात्रा छोड़ रहा होता है, पानी की उतनी मात्रा उसे मिल नहीं रही होती.

छोटे बच्चों और बुज़ुर्गों को डी-हाईड्रेशन से सबसे ज़्यादा ख़तरा होता है. और सही वक़्त पर इसपर ध्यान नहीं दिया जाए, तो ये जानलेवा हो सकती है.

पानी न मिलने पर कैसे आती है मौत?

  • शरीर में पानी की कमी होने पर सबसे पहले मुँह सूखता है. प्यास लगने लगती है. ये है डी-हाईड्रेशन की पहली निशानी.
  • इसके बाद पेशाब का रंग गहरा पीला होने लगता है. उसमें दुर्गंध बढ़ जाती है. डॉक्टरों के अनुसार, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पानी की कमी होने पर ख़ूँन में शुगर और नमक (सोडियम) का बेलेंस ख़राब हो जाता है.
  • कुछ घंटे बाद आपको थकान महसूस होने लगती है. बच्चे रोते हैं तो उनके आँसू आने बंद हो जाते हैं.
  • अगले कुछ घंटों में पेशाब की मात्रा एकदम से घट जाती है. कुछ लोगों को चक्कर आने लगते हैं और आँखें थकान महसूस करने लगती हैं.
  • दूसरे दिन शरीर मुँह में थूक बनाने की ज़्यादा कोशिशें करने लगता है. होंठ सूखने लगते हैं और आँखों में दर्द होता है.
  • दूसरे दिन बहुत ज़्यादा नींद आती है. शरीर हर क़ीमत पर पानी बचाने की कोशिशें करने लगता है.
  • शुगर के मरीज़, दिल के मरीज़ और डायरिया के शिकार लोगों में ये सारे लक्षण और भी जल्दी दिख सकते हैं. साथ ही ज़्यादा शराब पीने वाले और 38 डिग्री तापमान में काम कर रहे लोगों की भी हालत तेज़ी से बिगड़ती है.
  • दूसरे दिन के अंत तक पेशाब का अंतराल आठ घंटे से ज़्यादा हो जाता है.
  • प्लस रेट बढ़ जाता है. त्वचा पर पानी की कमी साफ़ दिखने लगती है. कुछ लोगों को दौरे पड़ने लगते हैं.
  • लोगों को दिखाई देना बंद हो जाता है या धुँधला दिखाई देने लगता है.
  • कमज़ोरी इतनी बढ़ जाती है कि खड़े होने में भी दिक्कत होने लगती है. हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगते हैं.

पानी है बहुत ज़रूरी

ये स्थिति ख़तरनाक है. इसके बाद किसी की भी मौत हो सकती है या इलाज मिलने के बाद भी डॉक्टरों के लिए मरीज़ को बचाना चुनौती भरा हो सकता है.

मरीज़ के आसपास तापमान कितना है, उसे क्या बीमारी है और उसे अपने शरीर को कितना हिलाना-डुलाना पड़ रहा है, इससे भी मरीज़ की स्थिति तय होती है.

डॉक्टरों की मानें, तो दिन में जितनी बार खाना खाएं, उतनी बार कम से कम पानी ज़रूर पियें. कम पानी पीने से किडनी से जुड़ी समस्याएं होने की संभावना बढ़ जाती है. पाचन ख़राब होता है और ख़ूँन की क्वालिटी बिगड़ती है.

मानव शरीर में पानी का काम?

  • हार्मोन बनाने के लिए दिमाग को पानी की ज़रूरत होती है.
  • शरीर पानी से थूक बनाता है जो पाचन क्रिया के लिए ज़रूरी है.
  • शरीर का तापमान पानी से तय होता है.
  • बॉडी के सेल पानी के दम पर बढ़ते हैं और नए सेल तैयार करते हैं.
  • शरीर की गंदगी को बाहर लाने में सबसे ज़रूरी है पानी.
  • हड्डियों के जोड़ों के बीच चिकनाहट और त्वचा को नमी भी पानी से मिलती है.
  • शरीर में ऑक्सीज़न की ज़रूरी मात्रा बनाए रखने के लिए ज़रूरी है पानी.

पानी के लिए मारामारी!

22 मार्च 2018: जल दिवस के दिन संयुक्त राष्ट्र ने एक दस वर्षीय एक्शन कैंपेन की भी शुरुआत की है, जिसका लक्ष्य लोगों को सूखे, बाढ़ और पानी से जुड़े अन्य जोखिमों के बारे में जानकारी देना होगा.

कुछ वक़्त पहले ही ग्यारह ऐसे शहरों की एक सूची जारी की जा चुकी है जहां पीने का पानी या तो ज़रूरत से काफ़ी कम बचेगा या ख़त्म ही हो जाएगा. इस लिस्ट में दक्षिण भारतीय शहर बेंगलुरु का भी नाम शामिल था.

यूएन के एक अनुमान के मुताबिक़, साल 2030 तक साफ़ पानी की डिमांड 40 फ़ीसदी तक बढ़ सकती है. ऐसे में पानी के लिए सही मैनेजमेंट नहीं किया गया तो इसके लिए मारामारी बढ़ना लाज़िम होगा