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गरीबों को मिलेगी मुफ्त चिकित्सा सुविधा : मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री द्वारा काटजू अस्पताल में नवीन बहुमंजिला भवन का भूमि-पूजन

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने डॉ. कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में 100 बिस्तर के नवीन बहुमंजिला भवन के निर्माण का भूमि-पूजन किया। राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, सांसद श्री आलोक संजर, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को इलाज की सुविधा मुफ्त में उपलब्ध होगी। उन्होंने सक्षम लोगों का आव्हान किया कि वे जरूरतमंद गरीबों को सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं का लाभ दिलाने में स्व-प्रेरणा से मदद करें।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में काटजू अस्पताल में बीस बिस्तर की सुविधा है। अब यह स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से सर्व-सुविधा संपन्न बनेगा। इसमें सुविधायुक्त लेबर रूम, ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर होगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आम लोगों की सहूलियत के लिये ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील’ वाहन को रवाना किया। इस वाहन में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण करने का किट भी उपलब्ध रहेगा। आम नागरिक इसका लाभ उठा सकते हैं।

सेना भर्ती रैली 9 मई से कलेक्टर ने किया अवलोकन

सिवनी – आगामी 6 मई से 18 मई तक थल सेना भर्ती रैली का आयोजन जिला मुख्यालय सिवनी के स्टेडियम में किया गया है। सैनिकों की भर्ती सामान्य ड्यूटी, लिपिक, स्टोर कीपर, ट्रेड्समेन, नर्सिंग सहायक एवं तकनीकी पदों के लिए जिसके लिए न्यूनतम योग्यता आठवीं एवं दसवीं उत्तीर्ण है। इस भर्ती में कटनी, बालाघाट, सीधी, सिंगरौली, जबलपुर, उमरिया, सतना, अनूपपुर, मण्डला, नरसिंहपुर, सिवनी, शहडोल, डिण्डौरी एवं रीवा समेत कुल 14 जिलों के युवा भाग ले सकेंगे। प्रतिभागियों से अपील की गयी है की निर्धारित तिथि व समय में आवश्यक दस्तावेज सहित उपस्थित रहे | विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक www.joinindianarmy.nic.in साइट का अवलोकन कर सकते हैं।

सिवनी में सिंधी संतों का महाकुंभ

सिवनी – आगामी 10 मई को सिंधी संतों का महाकुंभ भक्तिधाम बाबा पेशूराम दरबार में होने जा रहा है। इस महाकुंभ में पूरे देश से अलग-अलग प्रदेश से महामंडलेश्वर, महंत और बड़े-बड़े भाग लेने के लिए सिवनी पहुंच रहे है। संतों का महाकुंभ 10 मई को प्रात: 10 बजे से सत्संग एवं प्रवचन के साथ प्रारंभ हो जायेगा।

भक्तिधाम पीठाधीश्वर स्वामी संतूराम ने बताया कि इस महाकुंभ में भीलवाड़ा से महामडलेश्वर हंसराम उदासी, उज्जैन से महंत आत्मदास उदासी, रायपुर से स्वामी युद्धिष्ठिरलाल, सतना से स्वामी रिवाम्यादास, किशनगढ़ से महंत श्यामदास उदासी, अजमेर से महंत स्वरूपदास उदासी, भीलवाड़ा से महंत गणेशदास उदासी, उल्लासनगर से स्वामी साजनलाल दास उदासी, हरिद्वार से स्वामी गंगादास उदासी, रीवा से स्वामी हंसदास उदासी, उल्लास नगर से महंत अर्जुनदास उदासी, जगराओ से स्वामी दौलत गिरि, उल्लास नगर से एड. सुरेश मलकानी, उल्लास नगर से स्वामी दिनेश कुमार, अमरावती से डॉ. संतोष कुमार, इंदौर से स्वामी माधवदास, सतना स्वामी पुरूषोत्तम, इंदौर स्वामी मोहनदास, अहमदाबाद से एस.संजय मसंद, गांधीधाम से महंत दर्शनदास उदासी, गोधरा से सध्वी परमानंदा, राजकोट से स्वामी अमरलाल जग्यासी, अजमेर से स्वामी आत्मादास, कोटा से संतनारायण दास, आगरा से डॉ. शंकरनाथ, कानपुर से स्वामी हरिदास आदि संतों का 9 मई को सिवनी आगमन हो रहा है। पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष उद्धवदास आसवानी ने बताया कि 10 मई को प्रात: 10 बजे से सत्संग एवंं प्रवचन का आयोजन भक्तिधाम बाबा पेशूराम दरबार सिंधी कॉलोनी में रखा गया है दोपहर 1 बजे से आम भंडारा लंगर का कार्यक्रम संपन्न होगा।

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट हुई शिकायत

सिवनी-विगत दिनों सोशल मीडिया फेसबुक,व्हाट्सएप, पर पोस्ट की जा रही विधायक एवँ भाजपा पदाधिकारियों की अनर्गल एवं विवादस्पद पोस्ट एवं आपत्तिजनक फ़ोटो को लेकर आज सिवनी कोतवाली में विधायक प्रतिनिधि मोंटी तिवारी,सजंय मंडल,सहित अन्य द्वारा प्रथमिकि दर्ज की गई है

सिवनी के निर्दलीय विधायक दिनेश राय के द्वारा भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद जिले में आये सियासी उबाल के बीच अब सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों का सिलसिला आरंभ हो गया है, जिसकी निंदा की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया फेसबुक पर जिला सिवनी बचाओ आंदोलन के नाम से किसी के द्वारा एक पेज बनाया गया है। इस पेज पर भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर के सिर पर सिवनी के विधायक दिनेश राय को पैर रखा दिखाया जाकर लिखा गया है कि कटप्पा को आखिर झुकना पड़ा।

इसमें एक अन्य पोस्ट में सिवनी भाजपा की हलचल शीर्षक के साथ एक और चित्र दिखाया गया है जिसमें नरेश दिवाकर, राजेश त्रिवेदी, नरेंद्र ठाकुर, संतोष नगपुरे एवं श्रीमति नीता पटेरिया को बैठे दिखाया गया है और दिनेश राय को पुलिस की वर्दी में दौड़ते दिखाया गया है।

इसके अलावा इस पेज पर एक अन्य पोस्ट में सिवनी भाजपा पेश करते हैं राजनीतिक विषकन्या और उसका सपेरा शीर्षक के साथ एक फोटो पोस्ट किया गया है जिसमें सिवनी के विधायक दिनेश राय के हाथा में एक साँप दिखाया गया है जिसके मुँह पर श्रीमति नीता पटेरिया का चेहरा लगा दिया गया है।

जिला सिवनी बचाओ आंदोलन के इस पेज को लेकर तरह – तरह की चर्चाओं का बाजार गर्मा गया है। शहर के हर चौक – चौराहे पर इस पेज की चर्चाएं हो रही हैं। इस पेज में जिस तरह से असंसदीय भाषा, गालियों का प्रयोग किया जा रहा है उसकी चारों ओर निंदा की जा रही है।

शहर में चल रहीं चर्चाओं के अनुसार सियासी दलों के नुमाईंदों और उनके समर्थकों के बीच इसके पहले बहुत ही शालीनता के साथ एक दूसरे का विरोध किया जाता रहा है। पिछले दो तीन विधानसभा चुनावों से सिवनी में इस शालीनता को पूरी तरह तार-तार करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है।

शहर के सभ्रांत लोगों का मानना है कि इस तरह से असंसदीय भाषा के प्रयोग को किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं माना जा सकता है। इससे आने वाले समय में सिवनी में सियासी वातावरण पूरी तरह दूषित हो जायेगा। लोगों का मानना है कि नेताओं के समर्थकों के द्वारा अति उत्साह में इस तरह से असभ्य संवादों का प्रयोग कर अपने ही नेताओं की छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।

बहरहाल, इस मामले में नगर पालिका की राजस्व समिति के सभापित अभिषेक दुबे के द्वारा एक पोस्ट डाली गयी है जिसमें उनके द्वारा इस बात की शिकायत पुलिस अधीक्षक तरूण नायक के द्वारा बनाये गये सिवनी पुलिस एप्प में की गयी है। माना जा रहा है कि जल्द ही साईबर पुलिस के द्वारा इस पेज के संचालक को खोज लिया जायेगा।

जब बैलगाड़ी से निकल पड़ा दूल्हा

सिवनी -जिले की बरघाट तहसील में एक अनोखी शादी का मामला देखने को आया जहाँ आधुनिक दौर में जहां लोग शादी-विवाह में दिखावे के लिए लाखों रुपए पानी की तरह बहा देते हैं,महँगी कार में सवार होकर डीजे में बजते पश्चिम संस्कृति की धुनों पर थिरकते रहते है जो कि आजकल फैशन से बन गया हैं वही इसके विपरीत सिवनी जिले के बरघाट गाव के एक युवा ने परम्परागत तरीके से शादी कर अनावश्यक खर्च पर अंकुश लगाया, साथ ही गोवंश और पर्यावरण सरंक्षण का संदेश देते हुए बैलगाड़ी पर सवार होकर ससुराल पहुंच गया।
गौरतलब हो कि बरघाट नगर को धान का कटोरा भी कहा जाता है जहा छेत्र की सबसे बड़ी बैल बाजार भी भरी जाती है।
बरघाट नगर के समाजसेवी मेडिकल के संचालक चन्दप्रकाश (बंटी पटले) की बारात परम्परागत तरीके से निकली बनी जो आकर्षण का केंद्र भी बनी दूल्हे बने बंटी बताया कि हिन्दू धर्म में गाय को माता की तरह पूजते हैं और उसकी संतान बैल भी हमारे खेतों में कृषि कार्य में उपयोगी हैं, लिहाजा उसने अपने निजी वाहन को छोड़कर, परंपरा को ध्यान में रखते हुए बारात बैलगाड़ी से ले जाने का निश्चय किया। सज धज कर बैलगाड़ी पर बैठे दूल्हे को देखकर लोग बस उसे निहारते रह गए। वही बारात में शामिल सभी बारातियो ने इस अनोखी बारात में शामिल होने का लुत्फ उठाया और सभी महिला पुरूष सहित बच्चो ने भी खूब आनन्द लिया इस तरह की बारात हमारी परम्पराओ संस्कृति को बचाने का प्रयास है जो सरहनीय है

एएसआई धुर्वे पर प्राण घातक हमला

सिवनी -जिले के अरी थाने में पदस्थ एएसआई गौरव धुर्वे पर गत 5 मई की रात लगभग 11 बजे मुख्यालय के अकबर वार्ड स्थित मातो श्री काम्प्लेक्स के समीप मोटरसाइकिल में सवार 4 युवकों ने पर प्राणघातक हमला किया है,

गंभीर घायल एएसआई जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है,जहाँ उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मोटरसाइकिल अरी थाने के ग्राम निवासी अमर पिता सुखदास की बताई जा रहीं, मोटरसाइकिल के नम्बर की पहचान की गई mp 22- mf-4822 हो गई है।

वही कोतवाली पुलिस द्वारा अज्ञात के खिलाफ वीभन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।

आखिरकार सिवनी पहुँचा जीतेंद्र : देखे वीडियो

सिवनी- विगत 2013 से पाक की जेल में बन्द बरघाट निवासी जीतेंद्र अखिकाकर सिवनी वापस आ ही गया। वाघा बॉर्डर से रिहा हुए जीतेंद्र के साथ उसका भाई भरत व बरघाट में पदस्थ उपनिरीक्षक राजेश सरैठा भी थे, आज उप पुलिस अधिकछ गोपाल डांडेल ने बताया कि अब जीतेंद्र को बरघाट भेज दिया गया है|

सिवनी में शासकीय मेडिकल कालेज की घोषणा

बचाव की मुद्रा में दिखे शिवराज

सिवनी- पालिटेनिक मैदान में आयोजित एक शासकीय आयोजन में उपस्थित हजारो महिला पुरुषों को मचं से अपने सम्बोधन के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह बचाव की मुद्रा में दिखाई दिए,

महिलाओं को अपने विशेष सम्बोधन में शिवराज ने कहा कि गरीबी अभिशाप है जिसे रोजगार देकर ही समाप्त किया जा सकता है,

तेंदूपत्ता बोनस वितरण,कर्मकार मण्डल सहित अन्य सरकारी आयोजनों के साथ ही उन्होंने भाजपा में नए नये शामिल हुए विधायक मूनमुन राय द्वारा सरकारी मेडिकल व पेच परियोजना से लालमाठि इलाके में पानी देने की माँग को शिवराज ने स्वीकार कर
घोषणा की सिवनी में जल्द सरकारी मेडिकल कालेज के भूमिपूजन करने आएंगे वही लालमाटी में पानी के लिये सिचाई विभाग के आला अधिकारियों की बैठक का आसशवन दिया।

इस अवसर सांसद बोधसिंह भगत,फग्गनसिंह कुलस्ते,विधायक मूनमुन राय, कमल मर्सकोले,पूर्व सांसद नीता पटेरिया,जिला भाजपा अध्यक्ष राकेश पाल सिंह,पूर्व नपाध्यक्ष राजेश त्रिवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना बिसेन,सहित अन्य भाजपा पद अधिकारी सहित जिले कलेक्टर गोपालचन्र्द डाँड़ उपसिथ थे

सिवनी जब आपस मे लड़ने लगे साँप : देखे वीडियो

सिवनी- नगर से छिंदवाड़ा मार्ग पर स्तिथ ग्राम लखनवाडा में आज 4 मई की शाम सुरेश बघेल के खेत मे एक अचरज भरा नजारा देखने को आया जब लगभग 15 फिट लंबे 2 सर्पो की लड़ाई देखी गई,

इस अदभुद पल को ग्रामीणों ने अपने कैमरों में कैद कर लिया जहाँ कई देर तक ऊक्त लड़ाई काफी देर तक चलती रही।

बाघ प्रदेश बन रहा है मध्यप्रदेश

पन्ना के बाद नौरादेही बना बाघ का नया ठिकाना

मध्यप्रदेश में निरंतर किये जा रहे प्रयासों से बाघों की संख्या बढ़ रही है। किशोर होते बाघों को वर्चस्व की लड़ाई और मानव द्वंद से बचाने के लिये वन विभाग ने अभिनव योजना अपनायी है। वन विभाग अनुकूल वातावरण का निर्माण कर बाघों को ऐसे अभयारण्यों में शिफ्ट कर रहा है, जहाँ वर्तमान में बाघ नहीं हैं। पन्ना में बाघ पुनर्स्थापना से विश्व में मिसाल कायम करने के बाद वन विभाग ने सीधी के संजय टाइगर रिजर्व में भी 6 बाघों का सफल स्थानांतरण किया है। बाघ शून्य हो चुके पन्ना में आज लगभग 30 बाघ हैं। अब नौरादेही अभयारण्य में बाघ पुनर्स्थापना का कार्य प्रगति पर है। मध्यप्रदेश केवल प्रदेश में ही नहीं देश में भी बाघों का कुनबा बढ़ा रहा है। जल्द ही प्रदेश उड़ीसा के सतकोसिया अभयारण्य को भी 3 जोड़े बाघ देगा। वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार स्वयं नौरादेही पहुँचकर ऑपरेशन का जायजा ले रहे हैं।

जबलपुर से 140 किलोमीटर दूर दमोह, सागर और नरसिंहपुर जिले में 1197 वर्ग किलोमीटर में फैले नौरादेही अभयारण्य में बहुत पहले कभी बाघ रहे होंगे। यह जंगल देश की दो बड़ी नदियों गंगा और नर्मदा का कछार होने के कारण यहाँ पानी की कमी नहीं है। वन विभाग ने पन्ना की तर्ज पर देश के सबसे बड़े इस अभयारण्य में बाघ आबाद करना शुरू कर दिया है। पिछले 18 अप्रैल को यहाँ कान्हा से ढ़ाई वर्षीय एक बाघिन और 29 अप्रैल को बाँधवगढ़ से लगभग पाँच वर्षीय बाघ का स्थानांतरण किया गया है। बाघिन तो नये वातावरण में रम गई है, पर बाघ को नये आवास का अभ्यस्त बनाने के लिये विभाग काफी मशक्कत कर रहा है। नौरादेही की टीम ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम के साथ मिलकर युद्ध स्तर पर मात्र तीन दिनों में दोनों के लिये विशेष रूप से अलग-अलग बाड़ा तैयार किया है। प्रबंधन ने इन्हें एन-1 और एन-2 का नाम दिया है। बाघ का जोड़ा आने से स्थानीय लोगों में काफी उत्साह और गर्व की भावना है। वे इन्हें राधा-किसन के नाम से पुकारने लगे हैं।

वनमंडलाधिकारी श्री रमेशचन्द विश्वकर्मा ने बताया कि शुरू में एक-दो दिन असहज रहने के बाद बाघिन ने नये वातावरण के साथ सामंजस्य शुरू कर दिया है। वह शिकार भी कर रही है और एक हेक्टयेर में बने अपने बाड़े में स्वाभाविक रूप से दिनचर्या व्यतीत कर रही है। पास में स्थित मचान और एक वाहन के माध्यम से वन अधिकारी-कर्मचारी 24 घंटे बाघिन के स्वास्थ्य और सुरक्षा की निगरानी कर रहे हैं। बाघ ने स्वयं को बाड़े से आजाद कर दो-ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित नाले के किनारे प्राकृतिक रूप से बनी खोह में अपना ठिकाना बना रखा है। दो सौ किलोग्राम से अधिक वजन वाला यह बाघ काफी तन्दरूस्त और शक्तिशाली है। शुरूआती दिनों में असहज रहने के बाद वह भी नये माहौल में घुलने-मिलने लगा है। बाघ के रेस्क्यू के लिये बांधवगढ़ से हाथी की टीम के साथ दल आ गया है। वन विभाग बाघ पर सतत निगरानी रखे हुए हैं। कुछ दिनों के बाद बाघ की पसंद को देखते हुए निर्णय लिया जायेगा कि इसे वापस बाड़े में पहुँचायें या उन्मुक्त जंगल में विचरण करने दें।

अभयारण्य में बसे गाँव के लोग भी इस काम में मदद कर रहे हैं। अभयारण में 69 गाँव थे, जिनमें से 10 गाँव का विस्थापन कर मुआवजा दिया जा चुका है। सात गाँव के विस्थापन की प्रक्रिया जारी है। इनमें 4 सागर और 3 नरसिंहपुर जिले के हैं। ग्रामीण भी खुश हैं कि अब उन्हें जंगल में होने वाली दिक्कतों से दो-चार नहीं होना पड़ रहा है। घर में बिजली है, कहीं आने-जाने के लिये सड़क और साधन हैं। तेंदुआ, सियार आदि जंगली जानवरों का भय भी नहीं रहा। रिक्त गाँवों में बड़ी मात्रा में घास विकसित की गई है। इससे शाकाहारी प्राणियों की संख्या बढ़ने से बाघों को भरपूर शिकार मिलेगा।

विस्थापन से मानव हस्तक्षेप खत्म होने से जंगल अपने प्राकृतिक स्वरूप में आता जा रहा है। यहाँ के भारतीय भेड़िया के साथ भालू, सांभर, चीतल, चिंकारा, जंगली बिल्ली आदि की संख्या बढ़ी है। पेंच राष्ट्रीय उद्यान से भी सात खेप में यहाँ 125 चीतल आ चुके हैं।

 

सुनीता दुबे