उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) सहारा इंडिया रियल एस्टेट कार्पोरेशन लिमिटेड एवं सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड के उन बांड धारकों को धन वापसी कर रहा है। जिन्होंने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास अपनी शिकायतें और दावे प्रस्तुत किये थे।
सभी बांड धारकों को यह सलाह भी दी गई है कि वह अंतिम तारीख 2 जुलाई तक अपने आवेदन भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सेबी के मुंबई आफिस में प्रस्तुत कर दें और जिन बांड धारकों ने अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज मांगे जाने संबंधी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पत्र का जवाब नहीं दिया है, उन सभी बांड धारकों को भी यह सलाह दी गई है कि वह अपने जवाब आवश्यक दस्तावेजों के साथ 2 जुलाई तक प्रस्तुत कर दें। दो जुलाई 2018 के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सेबी द्वारा विचार नहीं किया जायेगा।
सहारा इंडिया रियल एस्टेट एवं इन्वेस्टमेंट के बांड धारकों को धन वापसी के लिए सेबी को करना होगा आवेदन
पीएससी परीक्षा का उन्मुखीकरण प्रशिक्षण 21 मई से
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2019 का उन्मुखीकरण प्रशिक्षण 21 मई से शासकीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र इंदौर में शुरू होगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुसूचित जाति/जनजाति के युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जायेगा।
इस प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 मई है। आगामी 18 मई 2018 को प्रशिक्षण के लिए चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी की जायेगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऐसे आवेदक जिन्होंने स्नातक परीक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हों और उनके परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रूपये से अधिक न हो आवेदन कर सकते हैं।
आज देर रात से प्रांरभ होगी थल सेना भर्ती

सिवनी- मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में सोमवार-मंगलवार की रात्रि से थल सेना भर्ती का आयोजन प्रांरभ होगा जिसकी पूर्ण तैयारी की जा चुकी है। उक्ताशय की जानकारी जबलपुर आर्मी के अधिकारी डी.के.तिवारी एवं सिवनी कलेक्टर गोपालचंद डाड ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी।
आर्मी अधिकारी डी.के.तिवारी ने बताया कि 9 मई से 18 मई तक थल सेना भर्ती रैली का आयोजन जिला मुख्यालय सिवनी के स्टेडियम में किया गया है। सैनिकों की भर्ती सामान्य ड्यूटी, लिपिक, स्टोर कीपर, ट्रेड्समेन, नर्सिंग सहायक एवं तकनीकी पदों के लिए जिसके लिए न्यूनतम योग्यता आठवीं एवं दसवीं उत्तीर्ण है। इस भर्ती में कटनी, बालाघाट, सीधी, सिंगरौली, जबलपुर, उमरिया, सतना, अनूपपुर, मण्डला, नरसिंहपुर, सिवनी, शहडोल, डिण्डौरी एवं रीवा समेत कुल 14 जिलों के युवा भाग ले सकेंगे। सैनिको की भर्ती प्रतिदिन लगभग 3000 लोगों को दौड , फिजिकल टेस्ट, मेडीकल लिया जायेगा। इन टेस्टों में पास होने अभ्यर्थीयों को 29 जुलाई 2018 को जबलपुर में रिटर्न परीक्षा देना होगा। रिटर्न परीक्षा में उर्त्तीण छात्र सितम्बर तक सेना में भर्ती की पात्रता रखेगा। सिवनी जिले में यह भर्ती सोमवार-मंगलवार की देर रात्रि से प्रांरभ हो जायेगी। इस भर्ती में लगभग 30000 लोगो ने आनलाईन पंजीयन कराया जो 14 जिले से है जिनमें सिवनी तीसरे नंबर पर है। श्री तिवारी ने इस भर्ती परीक्षा में शामिल हो रहे अभ्यर्थीयों से अपील है कि वे किसी भी प्रकार से किसी भी दलाल के बहकावें में न आये ंना ही किसी भी प्रकार से उनको अर्थिक लाभ देने का प्रयास करें , यह परीक्षा निष्पक्ष एवं पारदर्शा है।
कलेक्टर गोपालचंद डाड ने बताया कि थल सेना भर्ती रैली के आयोजन की समस्त तैयारियां पूर्ण हो चुकी है आज देर रात्रि से यह भर्ती प्रक्रिया प्रांरभ हो जायेगी। इसमें सबसे पहले सिवनी जिले के अभ्यर्थी शामिल होगें, द्वितीय दिन कटनी, सीधी, तृतीय दिन बालाघाट , मंडला, चतुर्थ दिन, जबलपुर, सिंगरौली, डिंडौरी, पांचवे दिन अनुपपुर उमरिया, शहडोल, छठवे व सातवें दिन सतना, व अंतिम दिनांं में रीवा के लोग शामिल होगें। इस भर्ती में प्रत्येक दिन 3000 अभ्यर्थी शामिल होगें। प्रतिभागियों से अपील की गयी है, कि निर्धारित तिथि व समय में आवश्यक दस्तावेज सहित उपस्थित रहे ।
धर्म नियंत्रित राज्य की स्थापना के लिये हुआ था परशुराम जी का अवतरण : स्वामी स्वरूपानंद
सिवनी- आज 8 मई को नगर में पधारे जगद्गुरू स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज ने दोपहर 5 बजे माता महाकाली मन्दिर में कलश व मूर्तियों की स्थापना के लिए आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
उसके बाद वे डूंडा सिबनी में नवनिर्मित भगवान परशुराम जी एवम माता रानी मंदिर व परशुराम भवन प्राग्गन पहुच कर गुरुवर ने एक धर्म सभा को सम्बोधित किया ,
महाराज श्री ने कहा कि परशुराम जी का अवतरण धर्म नियंत्रित राज्य की सपथना के लिये हुआ था, ना कि किसी जाति के नाश के लिये,
लोग बोलते है कि भारत मे हिन्दू रास्ट्र वादी सरकार है,फिर क्यों गोमांस का उत्पादन हो रहा है,राम मंदिर का निर्माण कब होगा किसी को चिंता नही है,
कश्मीर में शांति क्यों नही हो रही वही हम हिन्दू रास्ट्र वादी सरकार के राज में स्कुलो में रामायण व महाभारत का शिक्षा नही दे पा रहै है,
यदि ब्राह्मतवत्व बचा रहा तो देश की सनातन परपरा सुरक्षित है,वेद पुराणो के आधार पर ही देश की तररकी सम्बभव है,ब्राह्मण का पक्ष लेने
स्वामी स्वरूपानंद जी के करकमलों से हुईं काली मंदिर में कलश व मूर्ति स्थापना
सिवनी-माता महाकाली मंदिर में जीर्णोद्धार के पश्चात कलशारोहण के कार्यक्रम में आज 7 मई की शाम 5 बजे स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज का आगमन हुआ।

इस दौरान महाराजश्री ने मंदिर में स्थापित होने वाली प्रतिमाओं की प्राणप्रतिष्ठा विधी,विधान से की साथ ही हनुमान जी,शिवलिंग,गणेश जी,नंदी,ब्रम्हा,विष्णु,महेश,भैरव जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की इस दौरान मंदिर से जुडे हुये जानकी प्रसाद पाठक, सुरेन्द्र करोसिया, राजेन्द्र गुप्ता, दुर्गेश सोनी, सोम पाठक, सहित क्षेत्र के लोगों को अपना आर्शीवाद प्रदान करने के पश्चात आप डूंडासिवनी स्थित परसूराम मंदिर पहुंचे।
महाकाली ने किया दैत्यों का संहार श्रीमद् देवी भागवत महापुराण व शतचण्डी महायज्ञ जारी है।

मिली जानकारी के अनुसार माता महाकाली मंदिर काली चौक में 10 दिवसीय आयोजन जारी है। जिसमें शतचण्डी महायज्ञ, संगीतमय श्रीमद् देवीभागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ में बालसंत नवनीत महाराज ने कहा कि किसी भी स्थान पर बिना निमंत्रण जाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि जहां आप जा रहे हैं वहां आपका,अपने इष्ट या अपने गुरु का अपमान न हो। यदि अपमान होने की आशंका हो तो उस स्थान पर जाना नहीं चाहिए। चाहे वह स्थान अपने जन्मदाता पिता का ही घर क्यों हो। सती के प्रसंग पर प्रवचन सुनाते हुए कहा कि महाराजश्री ने कहा कि भगवान शिव की अनुमति लिए बिना सती अपने पिता दक्ष के यज्ञ में भाग लेने पहुंच गईं। यज्ञ कार्यक्रम में भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किया गया था। इससे दुखी होकर सती ने यज्ञ कुंड में आहुति देकर शरीर त्याग दिया था। इससे नाराज शिव के गणों ने राजा दक्ष का यज्ञ विध्वंस कर दिया। भगवान के मना करने के बाद भी सती नहीं मानी और मायके चली गई थी। पिता के घर में सती का अपमान हुआ। इससे सीख मिलती है कि जो नारी अपने पति की आज्ञा की अव्हेलना करती है, उसे संसार में अपमानित होना पड़ता है ।
जिस नक्सल एरिया में जाने से डरते हैं लोग, वहीं बच्चों को पढ़ा कर बदलाव लाने चला है देश का ये सिपाही
हमारे देश की पुलिस अपनी कर्तव्यनिष्ठा के लिए जानी जाती है, लेकिन इनमें से कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो अपने काम के साथ इंसानियत का धर्म भी निभाते हैं. ऐसे ही चंद लोगों में सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) प्रमोद पासवान भी आते हैं. दरसअल, वर्तमान में वो झारखंड East Singhbhum Gudabanda पुलिस स्टेशन में अपनी सेवा दे रहे हैं.
Jharkhand: Pramod Paswan, Asst sub-inspector (ASI) in East Singhbhum’s Gudabanda, teaches Maths to school children everyday after concluding his duty as a cop, says ‘I thought if I teach them they can not only do well in competitive exams but also stay away from naxal activities’ pic.twitter.com/efoNxGNDkf
— ANI (@ANI) May 3, 2018
आम जनता की रक्षा के साथ-साथ प्रमोद स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ाने का काम भी करते हैं, बस उनकी यही ख़ासियत उन्हें औरों से अलग बनाती है. अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद वो Hatiapada, Madhya Vidyalaya जाकर छात्रों को मैथ्स पढ़ाते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, ये जगह नक्सल गतिविधियों के लिए जाना जाती है, पर अपनी जान की परवाह न करते हुए, उन्होंने बच्चों के भविष्य के लिए ये निर्णय लिया.
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में हर वक़्त आशांति के डर को देखते हुए, यहां की शिक्षा प्रणालियों में गंभीर कमी है. यही वजह है कि प्रमोद ने छात्रों को पढ़ाने का ज़िम्मा उठाया. ANI से बात करते हुए वो कहते हैं कि ‘हमारे पास जो भी विद्या है, हमें उसे छात्रों में बांटनी चाहिए. मुझे जब भी समय मिलता है, मैं यहां पढ़ाने आ जाता हूं. मुझे विश्वास है कि अगर यहां का हर एक बच्चा शिक्षित होगा, तो नक्सल की समस्या ख़त्म हो जाएगी.’
Youtube पर अपलोड किये गए इस वीडियो में आप प्रमोद को स्कूल के छात्रों को BODMAS पढ़ाते हुए देख सकते हैं, उनका मानना है कि इस तरह छात्रों को मैथ्स की समस्याओं को सुलझाने में मदद मिलेगी.
वाकई एक होनहार पुलिस अफ़सर और इंसानियत की मिसाल प्रमोद पासवान को सलाम!
रील वाले कैमरे से फ़ोटो, पेंसिल से कैसेट ठीक करना, 90s की ये बातें उस दौर के हर बच्चे को याद होंगी
90 के दशक को आज के बच्चे ब्लैक एंड वाइट युग कहा जा सकता है, क्योंकि न तो उस दौर में कलर्ड टीवी हुआ करते थे और न ही चारों तरफ़ छितराए हुए स्मार्टफ़ोन. टेक्नोलॉजी ने जिस तरह आज के बच्चों की लाइफ़ इतनी सरल बना दी है, वो शायद तब नहीं थी. उस ज़माने में बच्चों को एक फ़ोटो लेने के लिए रील वाले कैमरे और टीवी पर अपने फ़ेवरेट शो को देखने के लिए टीवी के बटन से जद्दोजहद करनी पड़ती थी, लेकिन फिर भी ज़िंदगी बड़ी रंगीन थी. तो चलिए एक बार फिर से 90’s की उन यादों को एक बार से ताज़ा कर लेते हैं.
इस पोस्ट को आखरी तक पढ़े अगर आपको लगता है कि हमारी इस लिस्ट में कुछ छूट गया है, तो कमेंट कर हमसे शेयर करना न भूलें.
कैसेट रिकॉर्ड करवाना

आज तो बच्चे झट से अपना स्मार्टफ़ोन निकालते हैं और अपना मनचाहा गाना सुनते हैं. लेकिन पहले अपने फे़वरेट गाने को सुनने के लिए किसी दोस्त से कैसेट उधार लेनी पड़ती थी. कई बार तो रेडियो पर अपने गाने के प्ले होने का इंतज़ार करना होता था, ताकि वो उसे रिकॉर्ड कर सकें. वो भी इस दुआ के साथ, कि आरजे गाने के बीच में फ़ालतू का ज्ञान न दे.
वॉकमैन

अगर किसी बच्चे को उस ज़माने में वॉकमैन मिल जाता था, तो उसे बहुत ही ख़ुशनसीब समझा जाता था. गली-नुक्कड़ के सारे बच्चे उसके आस-पास ही नज़र आते थे. साथ ही वॉकमैन के साथ मॉर्निंग वॉक करने की जंग तो शायद ही कोई भुला पाया होगा.
स्कूल प्रोजेक्ट

तकनीक ने बच्चों के मनोरंजन के साथ ही उनकी पढ़ाई को भी Easy बना दिया है. पहले बच्चों को स्कूल प्रोजेक्ट के लिए अपने हाथ से सभी चीजे़ं इकट्ठी कर बनानी होती था. लेकिन अब इंटरनेट की मदद से प्रिंट आउट निकाला और एक फ़ाइल में उसे सजाकर पेश कर दिया.
लैंडलाइन फ़ोन

घर में मौजूद एक मात्र लैंडलाइन वाले फ़ोन पर घंटों अपने दोस्त की कॉल का इंतज़ार करना. वहीं अगर किसी एक दोस्त का बार-बार फ़ोन आने पर परिवार वालों के सैंकड़ों सवालों का जवाब देना के लिए तैयार रहना होता था.
मैसेज भेजना

नोकिया के वो मोटे-मोटे फ़ोन तो हर किसी को याद होंगे, जिनमें मैसेज टाइप करना पहाड़ पर चढ़ने जैसा थकाऊ था. तब Predictive Text नाम की तो कोई चीज़ ही नहीं होती थी. एक मैसेज को टाइप करने के लिए सैंकड़ों बटन दबाने होते थे.
सेल्फ़ी/ग्रुप फ़ोटो लेना

आजकल तुरंत अपनी जेब से फ़ोन निकाला और सेल्फ़ी ले ली, लेकिन पहले इस तरह फ़ोटो लेना इतना आसान न था. तब किसी ऐसे दोस्त को तलाशा जाता था, जिसके पास वो रील वाल कैमरा हो, हर हसीन पल को कैद करने के लिए तब काफ़ी जद्दोजहद करनी पड़ती थी.
टीवी

टीवी पर किसी चैनल को सर्च करने के लिए बार-बार बटन दबाना पड़ता था. कई बार तो छत पर जाकर एंटिना एडजस्ट करना होता था ताकि स्क्रीन पर सबकुछ साफ़ नज़र आए.
कंप्यूटर गेम्स

उन दिनों एक अदने से गेम को खेलने के लिए उस दोस्त की खु़ुशामद करनी पड़ती थी, जिसके पास कंप्यूटर होता था. आजकल तो बच्चे अपने मोबाइल पर ही ऑनलाइन गेम खेलते नज़र आते हैं.
कपड़े ख़रीदना

आजकल तो बच्चे अपने लिए ख़ुद ही ऑनलाइन कपड़े ऑर्डर कर लेते हैं. जबकि पहले मां-बाप संडे को बच्चों को बाज़ार लेकर जाते थे और हमेशा बच्चों को उन्हीं की पसंद के कपड़े ख़रीदने होते थे.
पेंसिल से कैसेट को सुधारना

एक गाने को रिवाइंड करने के लिए पेंसिल से कैसेट की रील को पीछे करना होता था. कई बार अगर कैसेट की रील चलते-चलते अटक जाए, या बाहर निकल आए, तो उसी से सुधारना पड़ता था.
अगर आपको लगता है कि हमारी इस लिस्ट में कुछ छूट गया है, तो कमेंट कर हमसे शेयर करना न भूलें.
सिवनी कलेक्टर की आम जनता से अपील
तापमान में लगातार हो रही वृद्धि, तेज धूप तथा गरम हवाओं से लू एवं ताप आघात का प्रकोप होने की आशंका रहती है
कलेक्टर श्री गोपालचंद डाड ने आम जनता से लू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि अधिक तापमान होने पर घर से बाहर जाने से बचें। यदि बहुत आवश्यक हो तो धूप में जाते समय हल्के रंग की सूती वस्त्रों का प्रयोग करें। धूप तथा गरम हवा से बचाव के लिये सूती कपडे, गमछे आदि का उपयोग करें। आंखों को ताप से बचाने के लिये रंगीन चश्मे का उपयोग करें। घर से बाहर निकलने से पहले पर्याप्त पानी पियें। नियमित अन्तराल के बाद ठण्डा पानी, शर्बत, शिकंजी, छाछ, कच्चे आम का पना आदि पीते रहें। ओआरएस जीवन रक्षक घोल का पैकेट हमेशा साथ रखें। शरीर में पानी की कमी महसूस होने पर एक गिलास पानी में घोल बनाकर इसे पियें। लू का प्रकोप होने पर तत्काल चिकित्सक से सम्पर्क कर उसकी सलाह के अनुसार दवायें लें।
बैंक खातों में त्रुटि के कारण प्रोत्साहन राशि ना मिलने पर आवेदन करें
रबी 2016-17 में गेहूं तथा खरीफ वर्ष 2017 में धान उपार्जन कराने वाले कृषकों को मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजनांतर्गत 200 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि प्रदाय की गई है, परंतु बैंक खातों में त्रुटि के कारण कुछ किसानों के खातों मे प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे कृषकों से अपील की है कि वे अपने बैंक पासबुक, आधारकार्ड व पंजीयन की छायाप्रति के साथ अपने अपने विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में आवेदन करें ताकि प्रोत्साहन राशि का यथा शीघ्र भुगतान किया जा सके।
दलसागर चौपाटी के दुकानों के संचालन हेतु टूरिज्म प्रमोशन काउन्सिल अधिकृत
कलेक्टर श्री गोपालचंद डाड द्वारा पर्यटन विकास मद से दलसागर तालाब में बनाई गई 5 दुकानों के संचालन एवं स्वामित्व के अधिकार नगरपालिका से तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए टूरिज्म प्रमोशन काउन्सिल सिवनी को सुपुर्द करने के निर्देश दिये गये है।
उल्लेखनीय है कि पर्यटन विकास निगम के द्वारा पर्यटन विकास मद से चौपाटी के रूप में निर्मित 5 दुकानों सहित संपूर्ण संपत्ति का संचालन हेतु नगरपालिका को सुपुर्द किया गया था। जिसमें दुकानों की नीलामी उपरान्त संचालकों से नियत किराये से 50 प्रतिशत राशि टूरिज्म प्रमोशन काउन्सिल को प्राप्त होनी थी परन्तु नगरपालिका द्वारा आज दिनांक तक दुकान संचालकों से प्राप्त किराये की राशि टूरिज्म प्रमोशन काउन्सिल उपलब्ध न कराने व लगभग 2 वर्षो से दुकानों के बंद रहने से पर्यटन गतिविधियों व संपत्ति के नुकसान के मद्देनजर कलेक्टर श्री डाड द्वारा यह आदेश दिये गये। कलेक्टर द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी सिवनी को निर्देशित किया गया है कि उक्त दुकानों के संबंध में की गई समस्त कार्यवाही तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए सुरक्षा जमा राशि में से किराये की वसूली करते हुए अगस्त 2015 से अप्रैल 2018 तक की किराये की राशि टूरिज्म प्रमोशन काउन्सिल को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
