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SEONI में शुरू हुआ Swasth Skin Clinic, Krishna Pharma & Pathology: 10 जुलाई को सभी पैथोलॉजी जांच पर 50% तक की छूट

Swasth Skin Clinic, Krishna Pharma & Pathology Seoni: सिवनी शहर के लोगों को अब आधुनिक पैथोलॉजी जांच और स्किन कंसल्टेशन की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। गणेश चौक, बरघाट रोड स्थित Swasth Skin Clinic, Krishna Pharma & Pathology का शुभारंभ किया गया है। डॉ. आयुष भार्गव ने जानकारी देते हुए बताया कि Swasth Skin Clinic, Krishna Pharma & Pathology के उद्घाटन एवं शुभारंभ के उपलक्ष्य में 10 जुलाई 2026 को सभी प्रकार की पैथोलॉजी जांच पर 50 प्रतिशत तक की विशेष छूट दी जा रही है.

सिवनी में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई शुरुआत

सिवनी जिला मुख्यालय के गणेश चौक स्थित Swasth Skin Clinic, Krishna Pharma & Pathology ने शहरवासियों के लिए अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। संस्थान का उद्देश्य मरीजों को एक ही स्थान पर विश्वसनीय पैथोलॉजी जांच, आधुनिक तकनीक से जांच सुविधा और स्किन संबंधी परामर्श उपलब्ध कराना है।

क्लिनिक के संचालक डॉ. आयुष भार्गव (BAMS, Skin & General Physician) के नेतृत्व में यहां गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

10 जुलाई को सभी पैथोलॉजी जांच पर 50% तक की छूट

शुभारंभ के अवसर पर संस्थान ने 10 जुलाई 2026 को विशेष ऑफर की घोषणा की है। इस दिन सभी प्रकार की पैथोलॉजी जांच पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इस ऑफर के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांच शामिल हैं, जिनमें—

  • Full Body Checkup
  • Complete Body Health Package
  • सभी प्रकार के Blood Test
  • Urine Test
  • Sugar Test
  • Thyroid Profile
  • Liver Function Test (LFT)
  • Kidney Function Test (KFT)
  • Lipid Profile
  • CBC
  • Vitamin D एवं Vitamin B12
  • Dengue, Typhoid एवं Malaria जांच
  • Pregnancy Test
  • अन्य सभी प्रकार की पैथोलॉजी जांच

मरीजों को मिलेंगी ये सुविधाएं

संस्थान के अनुसार यहां आधुनिक मशीनों के माध्यम से जांच की जाएगी, जिससे रिपोर्ट की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित की जा सके।

पैथोलॉजी सेवाएं

  • Blood Test
  • Urine Test
  • Stool Test
  • Thyroid Test
  • Diabetes Test
  • Cholesterol Test
  • CBC
  • Vitamin Test
  • Liver Profile
  • Kidney Profile
  • Hormone Test
  • Infection Profile
  • Fever Profile
  • Pregnancy Test
  • Allergy Test
  • Full Body Health Checkup Packages

स्किन क्लिनिक सेवाएं

  • Skin Consultation
  • Hair Consultation
  • Allergy Management
  • Fungal Infection उपचार
  • Acne एवं Pimples परामर्श
  • Pigmentation
  • Hair Fall
  • विभिन्न Skin Diseases का उपचार

संस्थान की प्रमुख विशेषताएं

क्लिनिक प्रबंधन का कहना है कि मरीजों को बेहतर और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्य विशेषताएं—

  • आधुनिक एवं अत्याधुनिक मशीनों से जांच
  • Accurate एवं विश्वसनीय रिपोर्ट
  • अनुभवी एवं प्रशिक्षित स्टाफ
  • समय पर रिपोर्ट उपलब्ध
  • स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण
  • उचित शुल्क
  • मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं भरोसेमंद सेवा

पता एवं संपर्क

Swasth Skin Clinic, Krishna Pharma & Pathology. 📍 महावीर व्यायामशाला के पास, गणेश चौक, बरघाट रोड, सिवनी. 📞 8251044022, 📞 9109003987

महत्वपूर्ण बातें

  • 10 जुलाई 2026 को सभी पैथोलॉजी जांच पर 50% तक की छूट।
  • गणेश चौक, बरघाट रोड पर शुरू हुई नई स्वास्थ्य सुविधा।
  • आधुनिक मशीनों से पैथोलॉजी जांच।
  • स्किन एवं हेयर कंसल्टेशन की सुविधा।
  • Full Body Health Checkup Packages उपलब्ध।
  • अनुभवी स्टाफ और समय पर रिपोर्ट का दावा।

सिवनी में स्वास्थ्य सुविधाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए आधुनिक पैथोलॉजी और स्किन क्लिनिक की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही थी। ऐसे में शहर के प्रमुख क्षेत्र गणेश चौक में इस नए संस्थान की शुरुआत स्थानीय लोगों के लिए स्वास्थ्य जांच और परामर्श सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

उद्घाटन के अवसर पर दी जा रही 50 प्रतिशत तक की छूट से ऐसे लोग भी आवश्यक स्वास्थ्य जांच करा सकेंगे जो सामान्य दिनों में खर्च के कारण जांच टाल देते हैं। साथ ही शहरवासियों को आधुनिक पैथोलॉजी और स्किन कंसल्टेशन की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी।

Swasth Skin Clinic, Krishna Pharma & Pathology की शुरुआत के साथ सिवनी के लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य जांच और स्किन संबंधी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। उद्घाटन ऑफर के तहत 10 जुलाई को दी जा रही विशेष छूट का लाभ उठाकर लोग अपनी आवश्यक स्वास्थ्य जांच कम लागत में करा सकते हैं।

SEONI में 6 लाख के फर्जीवाड़े का खुलासा: किसानों से टैक्स के नाम पर वसूली, पटवारी अरुण सनोडिया पर EOW की FIR

Seoni Patwari Arun Sanodiya News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सिवनी (SEONI) जिले में किसानों और भू-स्वामियों के साथ कथित ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने एक तत्कालीन पटवारी के खिलाफ फर्जी चालान बनाकर सरकारी राजस्व में हेराफेरी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में करीब 6 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।

मुख्य बातें (Highlights)
सिवनी के तत्कालीन पटवारी पर EOW ने दर्ज की एफआईआर।
किसानों और भू-स्वामियों से निजी खाते में ऑनलाइन राशि लेने का आरोप।
सरकारी चालान की जगह कथित तौर पर फर्जी चालान दिए गए।
प्रारंभिक जांच में करीब 6 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा।
शिकायत के बाद जिला कोषालय में सत्यापन में चालान फर्जी पाए गए।
आरोपी वर्तमान में घंसौर तहसील में पदस्थ, पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
EOW जबलपुर ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की।

किसानों से ऑनलाइन पैसे लेकर निजी खाते में कराए ट्रांसफर

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के अनुसार आरोपी अरुण कुमार सनोडिया, जो वर्तमान में घंसौर तहसील के हल्का नंबर-25 में पदस्थ हैं, घटना के समय सिवनी तहसील के हल्का नंबर-11 में पटवारी थे।

जांच में सामने आया कि 1 मार्च 2024 से 31 अगस्त 2024 के बीच उन्होंने किसानों और भू-स्वामियों से लगान, डायवर्सन और अन्य राजस्व मदों की राशि अपने निजी बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करवाई। इसके बाद संबंधित लोगों को सरकारी चालान की जगह कथित तौर पर फर्जी चालान दे दिए गए, जबकि राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं कराई गई।

शिकायत से खुला पूरे फर्जीवाड़े का मामला

इस मामले का खुलासा एकता कॉलोनी निवासी राजकुमार साहू की शिकायत के बाद हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने वर्ष 2007 से 2025 तक के संपत्ति कर के रूप में 5,400 रुपये ऑनलाइन जमा किए थे। बदले में मिले चालान की जांच करने पर वह सरकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं मिला।

इसी तरह रामकुमार कुशवाहा से 89,550 रुपये लेकर भी कथित रूप से फर्जी चालान जारी किया गया। तत्कालीन एसडीएम के निर्देश पर जिला कोषालय से चालानों का सत्यापन कराया गया, जिसमें दोनों दस्तावेज फर्जी पाए गए।

विभागीय जांच में सामने आए और मामले

प्राथमिक शिकायतों के बाद शुरू हुई विभागीय जांच में अन्य मामलों का भी खुलासा हुआ। जांच के दौरान पाया गया कि:

सुनील नाहर से लगान के नाम पर 44,856 रुपये लेने के बाद दिए गए चालानों में भी अनियमितता मिली।
शीतल चंद भूरा के नाम पर जारी 5.04 लाख रुपये का चालान भी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं मिला और कथित रूप से फर्जी पाया गया।

प्रारंभिक जांच में करीब 6 लाख रुपये के गबन की आशंका जताई गई है।

आरोपी पटवारी निलंबित, EOW ने दर्ज किया मामला

फर्जी चालान की पुष्टि होने के बाद आरोपी पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई। अब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर ने अपराध क्रमांक 83/2026 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

EOW ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 316(5), 337, 336(3), 340(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(सी) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। नोट: मामले की जांच जारी है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक और विवेचना प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

राजस्व विभाग में लगान, डायवर्सन और अन्य सरकारी शुल्क निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीधे सरकारी खाते में जमा किए जाते हैं। ऐसे मामलों में यदि किसी कर्मचारी द्वारा निजी खाते में राशि लेकर फर्जी दस्तावेज जारी किए जाने के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जैसी एजेंसियां करती हैं।

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित किसानों को राहत मिलने के साथ-साथ राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी व्यापक असर पड़ सकता है। यह मामला सरकारी राजस्व वसूली में पारदर्शिता और डिजिटल भुगतान के सत्यापन की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

सिवनी में सामने आया यह मामला सरकारी राजस्व प्रणाली में कथित अनियमितताओं का गंभीर उदाहरण है। फिलहाल EOW ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब आगे की विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि आरोपों की पुष्टि किस हद तक होती है।

Gwalior Laddu Gopal News: 5 महीने से लापता ‘लड्डू गोपाल’ को खोजने में जुटी पुलिस, ग्वालियर में बनी SIT, 3 थानों को सौंपी जिम्मेदारी

Gwalior Laddu Gopal News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से आस्था और संवेदनशीलता से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक परिवार के आराध्य ‘लड्डू गोपाल’ की प्रतिमा पिछले पांच महीनों से लापता है। परिवार की भावनाओं को देखते हुए ग्वालियर रेंज के आईजी ने विशेष जांच दल (SIT) गठित कर प्रतिमा की तलाश तेज करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य बातें (Highlights)
ग्वालियर में 5 महीने से लापता है लड्डू गोपाल की प्रतिमा।
परिवार ने प्रतिमा को अपने सदस्य जैसा बताया।
प्रतिमा 29 जनवरी को खरीदारी के दौरान गुम हुई थी।
पहले 1,100 रुपये, बाद में 5,000 रुपये का इनाम घोषित।
आईजी अरविंद सक्सेना ने SIT गठित की।
कोतवाली, जनकगंज और माधोगंज थाना पुलिस संयुक्त जांच करेगी।
सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी।

Gwalior Laddu Gopal News: खरीदारी के दौरान लापता हुई थी लड्डू गोपाल की प्रतिमा

जानकारी के अनुसार, ग्वालियर के अल्कापुरी क्षेत्र की निवासी विजया शर्मा 29 जनवरी को अपनी बहन के साथ पूजा सामग्री खरीदने के लिए माधोगंज और सब्जी मंडी क्षेत्र गई थीं। इसी दौरान उनके साथ मौजूद लड्डू गोपाल की प्रतिमा कहीं गुम हो गई।

प्रतिमा के गायब होने का पता चलते ही परिवार ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद मामले की शिकायत कोतवाली थाना में दर्ज कराई गई। पुलिस ने भी अपने स्तर पर खोजबीन की, लेकिन पांच महीने बाद भी प्रतिमा का पता नहीं चल सका।

“लड्डू गोपाल हमारे परिवार के सदस्य हैं”

विजया शर्मा का कहना है कि उनके लिए लड्डू गोपाल केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रतिमा उन्हें उनकी नानी ने दी थी और परिवार रोज विधि-विधान से उनकी पूजा करता था।

प्रतिमा के गुम होने के बाद से पूरा परिवार भावनात्मक रूप से परेशान है। विजया का कहना है कि उन्हें कई बार सपने में भी लड्डू गोपाल दिखाई दिए, जिससे उनकी उन्हें वापस पाने की उम्मीद और मजबूत हुई।

5,000 रुपये का इनाम भी घोषित

प्रतिमा की तलाश में मदद करने वाले व्यक्ति के लिए पहले 1,100 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद में परिवार ने इसे बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग खोज अभियान में सहयोग कर सकें।

आईजी ने गठित की SIT, तीन थानों की पुलिस करेगी जांच

परिवार की अपील पर ग्वालियर रेंज के आईजी अरविंद सक्सेना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएसपी लश्कर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

इस टीम में कोतवाली, जनकगंज और माधोगंज थाना पुलिस को शामिल किया गया है। पुलिस अब संयुक्त रूप से प्रतिमा की तलाश करेगी। जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी और अन्य संभावित सुरागों की जांच की जाएगी।

पुलिस बोली- हर शिकायत का संवेदनशीलता से होगा समाधान

आईजी अरविंद सक्सेना ने कहा कि पुलिस हर शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ देखती है। चूंकि यह मामला एक परिवार की गहरी धार्मिक आस्था और भावनाओं से जुड़ा है, इसलिए विशेष टीम का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग कर प्रतिमा की तलाश की जाएगी।

भारत में अनेक परिवार अपने आराध्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को केवल पूजन की वस्तु नहीं, बल्कि परिवार का अभिन्न सदस्य मानते हैं। ऐसे मामलों में प्रतिमा के खो जाने का भावनात्मक प्रभाव सामान्य वस्तु के गुम होने से कहीं अधिक होता है। इसी संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने इस मामले में विशेष जांच शुरू की है।

यह मामला बताता है कि पुलिस केवल आपराधिक मामलों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि नागरिकों की धार्मिक आस्था और भावनाओं से जुड़े मामलों में भी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर सकती है। इससे आम लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत हो सकता है।

ग्वालियर में लड्डू गोपाल की प्रतिमा की तलाश के लिए SIT का गठन पुलिस की संवेदनशील कार्यप्रणाली का उदाहरण माना जा रहा है। अब तीन थानों की संयुक्त टीम प्रतिमा की खोज में जुटेगी। परिवार को उम्मीद है कि उनके आराध्य जल्द ही वापस मिल जाएंगे।

Ayodhya Ram Mandir News: तिरुपति मॉडल अपनाएगा राम मंदिर ट्रस्ट, CEO चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन

Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव का फैसला लिया है। ट्रस्ट ने तिरुपति मंदिर की तर्ज पर पेशेवर प्रबंधन लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की है। यह फैसला हाल के विवादों और प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा के बाद लिया गया।

तिरुपति मॉडल की तर्ज पर बदलेगा राम मंदिर का प्रबंधन

ट्रस्ट की अहम बैठक में निर्णय लिया गया कि मंदिर के प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने के लिए पेशेवर CEO की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए गठित समिति योग्य उम्मीदवारों का चयन कर अपनी सिफारिश ट्रस्ट को सौंपेगी।

समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सुरेश हावड़े को शामिल किया गया है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार

बैठक के दौरान ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे भी स्वीकार कर लिए। ट्रस्ट ने फिलहाल कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि प्रशासनिक कार्यों और मंदिर से जुड़े अन्य कार्यों में कोई बाधा न आए।

चढ़ावा विवाद के बाद लिया गया फैसला

हाल के दिनों में मंदिर के चढ़ावे को लेकर सामने आए कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद ट्रस्ट ने अपनी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने स्वीकार किया कि मौजूदा व्यवस्था में कुछ कमियां सामने आई हैं और उन्हें दूर करने के लिए व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भक्तों के विश्वास की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में इन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा

बैठक में मंदिर प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था, भविष्य की कार्ययोजना और दान प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। ट्रस्ट का मानना है कि पेशेवर प्रबंधन लागू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में ऐसी विवादित स्थितियों की संभावना कम होगी।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?

बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की। इसमें कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, विश्व तीर्थ प्रसन्नाचार्य, स्वामी परमानंद गिरी, जगद्गुरु बासुदेवानंद सरस्वती, महंत दिनेंद्र दास, कृष्ण मोहन, शशांक त्रिपाठी सहित कई सदस्य शामिल हुए। कुछ वरिष्ठ अधिकारी और पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

मुख्य बातें (Highlights)
राम मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासनिक सुधारों का बड़ा फैसला लिया।
तिरुपति मंदिर की तर्ज पर CEO नियुक्त करने की तैयारी।
CEO चयन के लिए तीन सदस्यीय हाई पावर कमेटी गठित।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार।
कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी।
ट्रस्ट ने पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर दिया जोर।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हाल में चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद के बाद ट्रस्ट ने प्रशासनिक ढांचे की समीक्षा शुरू की थी। इसी प्रक्रिया के तहत अब पेशेवर प्रबंधन प्रणाली लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

यदि नया CEO मॉडल प्रभावी ढंग से लागू होता है, तो मंदिर के वित्तीय प्रबंधन, दान व्यवस्था, सुरक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही आने की उम्मीद है। इससे श्रद्धालुओं का भरोसा भी और मजबूत हो सकता है।

राम मंदिर ट्रस्ट का यह फैसला केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि मंदिर प्रबंधन को अधिक संस्थागत और पेशेवर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब निगाहें CEO चयन प्रक्रिया और नई व्यवस्था के क्रियान्वयन पर रहेंगी।

सफ़र, चायवाला से प्रधानमंत्री तक

भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनका जीवन स्वयं एक प्रेरक कथा बन जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन भी संघर्ष, संकल्प, सेवा और नेतृत्व की ऐसी ही कहानी है। प्रस्तुत कविता उसी जीवन-यात्रा को काव्यात्मक रूप में अभिव्यक्त करने का प्रयास है।

सफ़र: चायवाले से प्रधानमंत्री तक

छोटा-सा गांव वो वडनगर का,
जहां जीते थे लोग रईसी मे।
इसमें दोष कहां था मोदी का,
जो जनम लिया ग़रीबी मे।

मां की ममता का आंचल था,
था पिता-भाई का प्यार मिला।
एक प्यार हीं था जो मिल भी पाया,
बाकी सूख छीना गरीबी ने।

बचपन से ही आदत पड़ गई,
काम मे हाथ बंटाने का।
सेवा घर-घर की मां के साथ,
झाड़ू-पोछा लगाने का।

पिता रहते परेशान बहुत,
जंक्शन पे चाय बनाने मे।
लगे लोगों को चाय पिलाने,
लोगों की कसक मिटाने मे।

अपना जीवन वो भूल चुके,
दुनिया से महरूम थे वो।
क्या होते हैं सपने अपने,
इन सब से भी दूर थे वो।

परिवार ने शादी की जंजीरों से बांधा उनको,
दिल मे थी आवाज़ इक आयी,
करना है कुछ और उनको।

हो विरक्त इस दुनिया से,
निकल गये अंजान सफ़र मे।
हिमालयी उस उपवन मे,
ख़ुद से मिलना था, जो उनको।

घाटी वो बड़ा सुहाना था,
बालक वो व्यस्क थे बन चले।
पहचान कर ख़ुद की शक्ति,
उन्हे वापस दुनिया मे आना था।

मर्यादित कामों मे थे,
कुछ करने की फ़िर से ठानी।
बाटे-साटे बैनर-पोस्टर
शुरू हुई एक नई कहानी।

संघ का तब मिला सहारा,
तनमन से था काम किया।
अटल से ले आडवाणी तक,
कार्यों का पैगाम गया।

आ गए तब राजनीति मे,
आदत थी सेवा करने की।
मां भारती की भी चाहत थी,
उनके कुछ कर गुजरने की।

सफ़र राजनीति का भी,
था इतना आसान नही।
भूकंप पीड़ित गुजरात मे तब,
फूंक दी फिर से जान नई।

प्रगति-पथ पर अग्रसर था तब,
बाकी राज्यो मे निराशा थी।
हताश देश की जनता को बस,
मोदी से इक आशा थी।

सन् चौदह का वो दिन,
जब संसद में प्रवेश किया।
गंगाजल के साथ मे गीता,
देश के नाम भेंट किया।

लगें हैं तब से लगातार,
देश का मान बढ़ाने मे।
US,UK, विश्व लगे हैं,
भारत के गुण गाने मे।

आत्मनिर्भर हो, आयुष्मान हो, चाहे हो तीन तलाक़।
चंद्रयान हो, गगनयान हो,
या तीन सौ सत्तर पर हो बात।

वो सब कर के दिखा दिए,
जिसकी थी देश को आश।
करने से पहले जगा दिए थे,
लोगों का विश्वास।

कसक अभी भी सीने मे था,
दिल से आती आवाज़।
रामलला का कार्य करने को,
थी जनता की फरियाद।

जनता के आदेशों को,
थे सर-आंखों पर ले लिया।
निमित्त कार्य का बनकर वो,
पल-पल समय को जी लिया।

कसक दबा है दिलो के अंदर,
करना बहुत कुछ बाकी है।
तन-मन-जीवन सब समर्पित,
मोदी की यही कहानी है।
सुधांशु शेखर,घेजन,जहानाबाद,बिहार।

संपादकीय टिप्पणी

यह रचना एक काव्यात्मक और वैचारिक प्रस्तुति है। इसमें व्यक्त विचार एवं भाव लेखक के निजी हैं। इसे किसी राजनीतिक प्रचार के बजाय एक साहित्यिक अभिव्यक्ति के रूप में प्रकाशित करना अधिक उपयुक्त रहेगा।

लेखक: सुधांशु शेखर, ग्राम+पोस्ट: घेजन, जिला: जहानाबाद, बिहार

सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर सिवनी में 148वां संगीतमय सुंदरकांड पाठ सम्पन्न, धार्मिक आयोजन के साथ दिया गया स्वच्छता और स्वास्थ्य का संदेश

Jwala Devi Sidhhpeeth Mandir Seoni: सिवनी के सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर, भैरोगंज में 148वां साप्ताहिक संगीतमय सुंदरकांड एवं श्री हनुमान चालीसा पाठ श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ। धार्मिक आयोजन के साथ-साथ श्रद्धालुओं को स्वच्छता, वर्षा ऋतु में स्वास्थ्य सुरक्षा और अंधविश्वास से दूर रहने का संदेश भी दिया गया।

मुख्य बातें (Highlights)
● सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर में हुआ 148वां संगीतमय सुंदरकांड पाठ
● बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने की सहभागिता
● भजन-कीर्तन, सुंदरकांड पाठ और महाआरती का हुआ आयोजन
● वर्षा ऋतु में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा का दिया गया संदेश
● सर्पदंश की स्थिति में अंधविश्वास छोड़ तत्काल अस्पताल जाने की अपील
● जन्मदिवस पर श्रीमती रोशनी अमित शक्रवार रहीं विशेष यजमान

भक्ति और श्रद्धा के बीच सम्पन्न हुआ सुंदरकांड पाठ

सिवनी के सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर, भैरोगंज में माँ ज्वाला देवी और श्रीराम भक्त हनुमान जी महाराज की कृपा से 148वां साप्ताहिक संगीतमय सुंदरकांड एवं श्री हनुमान चालीसा पाठ श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।

मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, भजन-कीर्तन और सुंदरकांड पाठ से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर पूजा-अर्चना की और भगवान श्री हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

धार्मिक आयोजन के साथ दिया गया जनजागरूकता का संदेश

कार्यक्रम के दौरान मंदिर समिति ने वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं से घर और आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।

समिति ने नागरिकों से कहा कि जलभराव रोकें, वर्षा जल की उचित निकासी सुनिश्चित करें तथा कूलर और अन्य स्थानों पर जमा पानी को नियमित रूप से खाली करें, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके और मौसमी बीमारियों से बचाव हो सके।

स्वास्थ्य और वैज्ञानिक सोच अपनाने की अपील

मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से वर्षा ऋतु में हल्का एवं सुपाच्य भोजन करने, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या में चिकित्सकीय सलाह लेने का आग्रह किया।

विशेष रूप से सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय तत्काल अस्पताल जाकर वैज्ञानिक उपचार कराने का संदेश भी दिया गया। समिति ने लोगों से इन बातों को अपने परिवार और समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया।

जन्मदिवस पर परिवार सहित बने विशेष यजमान

इस अवसर पर चौरई (जिला छिंदवाड़ा) निवासी श्रीमती रोशनी अमित शक्रवार ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर परिवार सहित विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई और कार्यक्रम की विशेष यजमान रहीं।

महाआरती और महाप्रसाद के साथ हुआ समापन

पूजन-अर्चन के बाद संगीतमय सुंदरकांड पाठ, श्रीहनुमान चालीसा एवं भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। इसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर माँ ज्वाला देवी और श्रीहनुमान जी महाराज से सभी श्रद्धालुओं के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की गई।

सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर में प्रत्येक सप्ताह संगीतमय सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और जनजागरूकता से जुड़े संदेशों के प्रसार का भी माध्यम बनता जा रहा है।

धार्मिक आयोजनों के माध्यम से स्वच्छता, स्वास्थ्य और वैज्ञानिक सोच का संदेश समाज तक पहुंचाना जनजागरूकता की प्रभावी पहल है। इससे लोगों में सामाजिक जिम्मेदारी और स्वास्थ्य के प्रति सजगता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर में आयोजित 148वां संगीतमय सुंदरकांड पाठ श्रद्धा और सेवा का सुंदर संगम बना। धार्मिक आयोजन के साथ समाजहित के संदेशों ने इस कार्यक्रम को केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया।

सिवनी: 3.93 करोड़ की सड़क पहली ही बारिश में बही, सिवनी कलेक्टर नेहा मीना ने दिए स्वतंत्र जांच के आदेश, जांच दल गठित

सिवनी जिले के केवलारी विकासखंड में करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क पहली ही तेज बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। मोहबर्रा से सारसडोल के बीच करीब 3.93 करोड़ रुपये की लागत से तैयार डामरीकृत सड़क का बड़ा हिस्सा पुलिया सहित बह जाने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

मुख्य बातें (Highlights)
● केवलारी के मोहबर्रा-सारसडोल मार्ग का मामला
● करीब 3.93 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क बारिश में क्षतिग्रस्त
● पुलिया सहित सड़क का हिस्सा बहने से कई गांवों का संपर्क प्रभावित
● कलेक्टर नेहा मीना ने स्वतंत्र एजेंसी से जांच के दिए निर्देश
● जिला पंचायत सीईओ अंजली शाह को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी
● समयबद्ध जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश

पहली ही बारिश में बह गई करोड़ों की सड़क

सिवनी जिले के केवलारी विकासखंड में मोहबर्रा से सारसडोल के बीच निर्मित डामरीकृत सड़क तेज बारिश की मार नहीं झेल सकी। 2 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान पानी निकासी की पुलिया के साथ सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया।

इस घटना के बाद क्षेत्र के कई गांवों के बीच सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एक माह पहले पूरा हुआ था सड़क निर्माण

जानकारी के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा स्वीकृत लगभग 3 किलोमीटर लंबी इस सड़क की लागत करीब 3 करोड़ 93 लाख रुपये है।

सड़क निर्माण का ठेका बालाघाट जिले के लामता निवासी ठेकेदार आशीष जायसवाल को दिया गया था। बताया जा रहा है कि सड़क का निर्माण कार्य बारिश शुरू होने से लगभग एक माह पहले पूरा किया गया था।

पुल निर्माण अभी भी जारी

इसी मार्ग पर स्थित नदी पर लगभग 1 करोड़ रुपये की लागत से 4 मीटर ऊंचे पुल का निर्माण कार्य अभी प्रगति पर है। जबकि सड़क का शेष भाग पहले ही तैयार कर उपयोग के लिए खोल दिया गया था।

कलेक्टर ने स्वतंत्र जांच के दिए आदेश

सड़क क्षतिग्रस्त होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए सिवनी कलेक्टर नेहा मीना ने स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने बताया कि जांच की जिम्मेदारी जिला पंचायत सिवनी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अंजली शाह को सौंपी गई है। गठित जांच दल को मामले की विस्तृत जांच कर समयबद्ध जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच में किन बिंदुओं पर रहेगा फोकस?

प्रशासन की जांच में निम्न पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है—

निर्माण कार्य की गुणवत्ता
तकनीकी मानकों का पालन
पुलिया और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति
निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका
क्षति के वास्तविक कारण

हालांकि, निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं, इसका निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

मानसून के दौरान मध्यप्रदेश के कई जिलों में सड़क और पुल-पुलियों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे मामलों में निर्माण गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। प्रशासनिक जांच का उद्देश्य क्षति के कारणों का पता लगाना और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना होता है।

यदि जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही या तकनीकी अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। साथ ही प्रभावित सड़क के पुनर्निर्माण और ग्रामीणों की आवाजाही बहाल करने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।

केवलारी की यह घटना सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच पर हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि सड़क प्राकृतिक कारणों से क्षतिग्रस्त हुई या निर्माण प्रक्रिया में कहीं कोई कमी रही।

MP बना देश का पहला राज्य, नए वक्फ अधिनियम के तहत गठित किया नया वक्फ बोर्ड; 2 हिंदू सदस्य भी शामिल

Reconstitution of the new Waqf Board: मध्यप्रदेश सरकार ने नए वक्फ अधिनियम के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर देश में नई पहल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्णय के बाद राज्य सरकार ने नया वक्फ बोर्ड गठित कर दिया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश नए कानून के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

मुख्य बातें (Highlights)
● मध्यप्रदेश में नए वक्फ बोर्ड का गठन
● नए अधिनियम के तहत पुनर्गठन करने वाला पहला राज्य बना एमपी
● सनवर पटेल बनाए गए वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष
● बोर्ड में कुल 10 सदस्य शामिल
● दो हिंदू सदस्य मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव को भी मिली जगह
● राज्य सरकार ने राजपत्र में अधिसूचना जारी की

नए वक्फ बोर्ड का गठन, राजपत्र में जारी हुई अधिसूचना

मध्यप्रदेश सरकार ने वक्फ अधिनियम, 1995 (संशोधित-2025) के प्रावधानों के तहत राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना जारी कर दी गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर गठित नए बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल होंगे।

देश का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश

राज्य सरकार के अनुसार, नए वक्फ अधिनियम के लागू होने के बाद उसके प्रावधानों के अनुरूप वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

सरकार ने यह कार्रवाई वक्फ अधिनियम-1995 (संशोधित-2025) की धारा 13(1) और धारा 14 में दिए गए प्रावधानों के तहत की है।

बोर्ड में कुल 10 सदस्य, दो हिंदू सदस्य भी शामिल

नवगठित वक्फ बोर्ड में कुल 10 सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।

वक्फ बोर्ड के प्रमुख सदस्य
अध्यक्ष – सनवर पटेल
नजमा हेपतुल्ला
आतिफ अकील (विधायक, भोपाल उत्तर)
फैजान खान (उज्जैन)
फातेमा चौधरी (इंदौर)
शाइस्ता सुल्तान (पार्षद, बैरसिया)
शबाना खान (पार्षद, रतलाम)
मनोज मालपानी (इंदौर)
अनिमेश भार्गव (राघौगढ़, गुना)
आयुक्त, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग

नजमा हेपतुल्ला का कार्यकाल रहेगा जारी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नजमा हेपतुल्ला का चयन पूर्व अधिसूचना के तहत निर्वाचित श्रेणी में हुआ था। उनका कार्यकाल 18 अप्रैल 2028 तक प्रभावी है, इसलिए उन्हें शेष कार्यकाल के लिए नए बोर्ड में भी शामिल किया गया है।

सरकार का उद्देश्य

राज्य सरकार का कहना है कि नए अधिनियम के अनुरूप वक्फ बोर्ड का गठन कर प्रशासनिक व्यवस्था को अद्यतन किया गया है। बोर्ड वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, संरक्षण और अधिनियम के तहत निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करेगा।

हाल ही में वक्फ अधिनियम में संशोधन के बाद राज्यों को नए प्रावधानों के अनुरूप अपने-अपने वक्फ बोर्डों का पुनर्गठन करना था। मध्यप्रदेश सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरा करते हुए नया बोर्ड गठित कर दिया है।

नए वक्फ बोर्ड के गठन से राज्य में वक्फ संपत्तियों के प्रशासनिक प्रबंधन और अधिनियम के नए प्रावधानों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। साथ ही, सरकार का दावा है कि मध्यप्रदेश इस दिशा में पहल करने वाला पहला राज्य बन गया है।

मध्यप्रदेश में नए वक्फ बोर्ड का गठन राज्य सरकार का महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है। नए अधिनियम के तहत गठित इस बोर्ड में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। आने वाले समय में बोर्ड की कार्यप्रणाली और नए प्रावधानों का प्रभाव राज्य में वक्फ प्रशासन की दिशा तय करेगा।