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सिवनी में पत्रकार शमीम खान पर हमले का खुलासा: 25 हजार की सुपारी, चाकू से हमला करने वाला कान्हा उर्फ बिट्टू गिरफ्तार

Seoni News: संपादक शमीम खान पर जानलेवा हमला, 25 हजार की सुपारी का खुलासा; कान्हा उर्फ बिट्टू गिरफ्तार

सिवनी। महाकौशल एक्सप्रेस के संपादक शमीम खान पर 3 सितंबर को हुए जानलेवा हमले के मामले में सिवनी पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। कोतवाली पुलिस ने हमले के आरोपी कान्हा उर्फ कृष्णा उर्फ बिट्टू बैरागी और एक 16 वर्षीय विधि विवादित किशोर को पकड़ा है।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने करीब ₹25 हजार की सुपारी लेकर शमीम खान पर हमला करने की बात स्वीकार की है। मामले में घटना के लिए सुपारी देने वाले व्यक्ति की पहचान और तलाश अभी जारी है।

स्कूटी से बेटे को स्कूल छोड़कर लौट रहे थे शमीम खान

पुलिस के मुताबिक, घटना 3 सितंबर 2026 की सुबह करीब 8 बजे हुई। शमीम खान अपने बेटे को मोपेड स्कूटी से उदय पब्लिक स्कूल छोड़कर वापस लौट रहे थे।

इसी दौरान बड़ी ज्यारत नाका के पास शिवहरे क्लिनिक के नजदीक पीछे से स्कूटी पर सवार दो नकाबपोश युवकों ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश की।

गाली-गलौज के बाद चाकू से हमला करने का प्रयास

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए धारदार चाकू से शमीम खान के पेट पर वार करने का प्रयास किया। घटना के बाद उन्होंने 4 सितंबर को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 781/2026 दर्ज करते हुए BNS की धारा 126(2), 296(बी), 351(2), 109(1), 3(5) के तहत जांच शुरू की।

पुलिस ने बनाई टीम, संदिग्धों की तलाश शुरू

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तत्काल टीम गठित की। पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर संदिग्धों की तलाश शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने कृष्णा उर्फ कान्हा उर्फ बिट्टू बैरागी और एक विधि विवादित किशोर को पकड़ा। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने करीब ₹25 हजार की सुपारी लेकर पत्रकार पर हमला करने की बात स्वीकार की।

महत्वपूर्ण: सुपारी देने वाले व्यक्ति की पहचान अभी पुलिस जांच का विषय है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

स्कूटी और धारदार चाकू जब्त

पुलिस ने आरोपियों से घटना में इस्तेमाल एक्सेस स्कूटी MP22 ZC 0140 और एक धारदार चाकू जब्त किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने घटना में इस्तेमाल सामान पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसके बाद उसे विधिवत जब्त किया गया।

आरोपी जेल भेजा गया

पुलिस ने कान्हा उर्फ कृष्णा उर्फ बिट्टू बैरागी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

वहीं 16 वर्षीय विधि विवादित किशोर को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेषण गृह (सुधारालय), सिवनी भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।

कौन है कान्हा उर्फ बिट्टू?

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी कान्हा उर्फ कृष्णा उर्फ बिट्टू बैरागी, पिता पंचम उर्फ पंचमलाल बैरागी, उम्र 24 वर्ष, सिवनी के बारापत्थर स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे का निवासी है।

पुलिस ने उसके खिलाफ पहले से चोरी और मारपीट से संबंधित 10 आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी दी है।

16 वर्षीय विधि विवादित किशोर के खिलाफ भी पुलिस ने पूर्व में चोरी और मारपीट से जुड़े 2 प्रकरण दर्ज होने की बात कही है।

2024 में भी सामने आया था बिट्टू का नाम

पुलिस प्रेस विज्ञप्ति में कान्हा उर्फ बिट्टू से जुड़े एक पुराने मामले का भी उल्लेख किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 2 दिसंबर 2024 को बिट्टू ने अपने साथियों पीयूष उर्फ खब्बा यादव और शेख स्माईल उर्फ आशु अंसारी के साथ मिलकर परमानंद जायसवाल निवासी अभिषेक कॉलोनी, सिवनी के साथ लाठी-डंडों से मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाई थी।

पुलिस का कहना है कि यह घटना कोतवाली थाने के सूचीबद्ध गुण्डा बदमाश के कहने पर की गई थी। इस मामले में कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 882/2024 के तहत BNS की धारा 115(2), 117(2), 296, 3(5) में प्रकरण दर्ज किया गया था।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है।

सुपारी देने वाले की तलाश अभी बाकी

पत्रकार पर हमले के मामले में पुलिस की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब उस व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जिसने कथित तौर पर हमला कराने के लिए सुपारी दी थी।

इसके अलावा पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और घटना से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।

Seoni News: सिवनी में 1.11 करोड़ की डकैती का 24 घंटे में खुलासा, 26 किलो चांदी और 320 ग्राम सोना बरामद; 7 आरोपी गिरफ्तार

Seoni News: NH-44 डकैती का खुलासा, 26 किलो चांदी और 320 ग्राम सोना बरामद; 7 आरोपी गिरफ्तार

सिवनी। बंडोल थाना क्षेत्र में NH-44 पर सराफा व्यापारी से हुई करीब ₹1.11 करोड़ की डकैती का सिवनी पुलिस ने महज 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात में शामिल बताए जा रहे 7 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए लूटा गया पूरा मशरूका बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान 320 ग्राम सोना, 26 किलो चांदी, नकदी से संबंधित बरामदगी के साथ वारदात में इस्तेमाल 2 मोटरसाइकिल और 7 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। बरामद कुल मशरूका की कीमत करीब ₹1.11 करोड़ बताई गई है।

NH-44 पर व्यापारी को घेरकर की थी डकैती

घटना 3 सितंबर 2026 की शाम करीब 6 बजे की है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, लखनवाड़ा निवासी योगेंद्र बघेल पिछले करीब 10 वर्षों से पार्टनरशिप में गांव-देहात के साप्ताहिक हाट बाजारों में सोने-चांदी के जेवर बेचने का काम करते हैं।

बंडोल बाजार से जेवरात लेकर वे मोटरसाइकिल से अपने घर लखनवाड़ा लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम भोंगाखेड़ा स्थित गीता वेयर हाउस के सामने NH-44 पर आरोपियों ने कथित तौर पर मोटरसाइकिल से ओवरटेक कर उनकी बाइक के सामने वाहन अड़ा दिया।

आंखों में मिर्च पाउडर डाला, चाकू दिखाकर लूटा

पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने व्यापारी की आंखों में मिर्च पाउडर फेंका, जिससे वे नीचे गिर गए। इसके बाद चाकू दिखाकर उन्हें डराया गया और उनके पास रखे सोने-चांदी के जेवरात एवं नकदी लेकर आरोपी फरार हो गए।

शिकायत के अनुसार लूटे गए सामान में करीब 26 किलो चांदी और 320 ग्राम सोने के जेवरात शामिल थे। व्यापारी ने लूटे गए माल की कुल कीमत करीब ₹1.08 करोड़ बताई थी।

मामले में बंडोल थाने में अपराध क्रमांक 350/2026, धारा 309(4) BNS के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

10 विशेष टीमों ने संभाला मोर्चा

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देश पर तत्काल 10 विशेष टीमों का गठन किया गया।

इन टीमों ने अलग-अलग दिशाओं में जांच करते हुए नागपुर, जबलपुर, कुरई, छपारा और लखनादौन समेत विभिन्न स्थानों के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

पुलिस के अनुसार, 200 से अधिक CCTV फुटेज/स्थानों की जांच की गई और संदिग्ध स्थानों पर लगातार दबिश दी गई।

24 घंटे के भीतर सातों आरोपी पुलिस गिरफ्त में

पुलिस की जांच और दबिश के बाद सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का दावा है कि उनके कब्जे से लूटा गया 100 प्रतिशत मशरूका बरामद कर लिया गया है।

₹1.11 करोड़ का मशरूका बरामद

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार जब्त सामान में शामिल है—

बरामद सामान

अनुमानित कीमत

320 ग्राम सोना

करीब ₹48 लाख

26 किलो चांदी

करीब ₹60 लाख

2 मोटरसाइकिल

करीब ₹2 लाख

7 मोबाइल फोन

करीब ₹1 लाख

कुल

करीब ₹1.11 करोड़

यानी पुलिस के अनुसार लूटे गए सोने-चांदी के अलावा वारदात में इस्तेमाल वाहनों और मोबाइल फोन को भी जब्ती में शामिल किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों में कई पुराने अपराधी

पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों को आदतन अपराधी बताया है। उनके नाम और पूर्व अपराधों की संख्या इस प्रकार है—

  1. जितेन्द्र उर्फ जित्तू पिता माधव बंजारा, उम्र 26 वर्ष, बंजारा मोहल्ला बंडोल — 3 अपराध, जिनमें हत्या का मामला भी शामिल बताया गया है।
  2. भूपेन्द्र पिता गौतम जंघेला, उम्र 20 वर्ष, बंधा, थाना बंडोल — 4 अपराध
  3. योगेश पिता राजकुमार साहू, उम्र 19 वर्ष, वार्ड नंबर 7 समनापुर, थाना लखनवाड़ा — 4 अपराध
  4. राज उर्फ आरव पिता राजू उइके, उम्र 20 वर्ष, संजय कॉलोनी छपारा — 1 अपराध
  5. दुर्गेश पिता धनीराम नागोत्रा, उम्र 23 वर्ष, भैरोगंज, कोतवाली — 3 अपराध
  6. आकाश पिता विजय डेहरिया, उम्र 19 वर्ष, संजय कॉलोनी छपारा — 2 अपराध
  7. आदित्य उर्फ सिद्धू पिता रविन्द्र लाहोरिया, उम्र 24 वर्ष, भैरोगंज, कोतवाली — 9 अपराध

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के जरिए वारदात की पूरी योजना, भूमिका और अन्य संभावित कड़ियों की जानकारी जुटा रही है।

जबलपुर से नागपुर तक CCTV खंगाले

इस मामले में पुलिस की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई CCTV फुटेज की जांच रही। पुलिस टीमों ने अलग-अलग रूट पर लगे कैमरों की फुटेज को खंगाला और संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रेस करने का प्रयास किया।

200 से अधिक CCTV फुटेज/स्थानों की जांच के बाद आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिलने की बात पुलिस ने कही है।

यह कार्रवाई सिवनी पुलिस के अलग-अलग थानों, यातायात पुलिस, साइबर सेल और रक्षित केंद्र की टीमों के संयुक्त प्रयास से हुई।

इन अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जबलपुर जोन प्रमोद वर्मा, पुलिस उपमहानिरीक्षक राकेश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन में की गई।

वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा, SDOP सिवनी चंचलेश मरकाम और SDOP लखनादौन अपूर्व भलावी के मार्गदर्शन में टीमों ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

कार्रवाई में बंडोल, लखनवाड़ा, कोतवाली, डूण्डासिवनी, छपारा, बरघाट, आदेगांव, अजाक, यातायात पुलिस, कंट्रोल रूम, साइबर सेल और रक्षित केंद्र के पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।

Highlights

  • NH-44 पर सराफा व्यापारी से करीब ₹1.08 करोड़ की डकैती
  • घटना 3 सितंबर 2026 की शाम करीब 6 बजे हुई।
  • भोंगाखेड़ा के पास व्यापारी की आंखों में मिर्च पाउडर डाला गया।
  • चाकू दिखाकर 320 ग्राम सोना और 26 किलो चांदी लूटी गई।
  • सिवनी पुलिस ने 24 घंटे में केस का खुलासा करने का दावा किया।
  • 7 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
  • 200 से अधिक CCTV फुटेज/स्थानों की जांच की गई।
  • पुलिस ने 100% लूटा गया मशरूका बरामद करने की बात कही।
  • कुल जब्त मशरूका की कीमत करीब ₹1.11 करोड़ बताई गई।
  • आरोपियों से पूछताछ जारी है।

इस खबर का असर

NH-44 पर इतनी बड़ी डकैती के बाद सिवनी पुलिस के सामने आरोपियों को जल्द पकड़ना बड़ी चुनौती थी। पुलिस के मुताबिक 10 विशेष टीमों और 200 से अधिक CCTV फुटेज की जांच के जरिए 24 घंटे के भीतर सातों आरोपियों तक पहुंच बनाई गई और लूटे गए सोने-चांदी की पूरी मात्रा बरामद कर ली गई।

खास बात यह है कि पुलिस ने आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी साझा की है। अब आगे की जांच में यह पता लगाया जाना महत्वपूर्ण होगा कि वारदात की योजना कैसे बनाई गई और क्या आरोपियों ने इससे पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया था।

बंडोल के भोंगाखेड़ा में सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों की डकैती का सिवनी पुलिस ने तेजी से खुलासा किया है। 7 आरोपियों की गिरफ्तारी और करीब ₹1.11 करोड़ के मशरूके की बरामदगी पुलिस की इस कार्रवाई की सबसे बड़ी उपलब्धि बताई जा रही है।

नोट: आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और उनकी आपराधिक भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।


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सिवनी में NH-44 पर सराफा व्यापारी से ₹1.08 करोड़ की डकैती का 24 घंटे में खुलासा। 7 आरोपी गिरफ्तार, 320 ग्राम सोना और 26 किलो चांदी बरामद।

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  1. सिवनी में NH-44 पर अपराध और पुलिस कार्रवाई की प्रमुख खबरें
  2. बंडोल थाना क्षेत्र की बड़ी आपराधिक घटनाएं
  3. सिवनी पुलिस की बड़ी सफलताएं और गिरफ्तारियां
  4. सिवनी में व्यापारियों के साथ लूट और चोरी के मामले
  5. सिवनी-जबलपुर और सिवनी-नागपुर मार्ग की प्रमुख खबरें

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24 घंटे में करोड़ों की डकैती का खुलासा!

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  • ऊपर लाल पट्टी: BIG BREAKING
  • सेंटर बड़े पीले अक्षरों में: ₹1.11 करोड़ बरामद!
  • नीचे सफेद/पीले टेक्स्ट में: 7 आरोपी गिरफ्तार
  • एक छोटे लाल बॉक्स में: 24 घंटे में खुलासा
  • बैकग्राउंड में NH-44 + पुलिस + सोने-चांदी के जेवर + CCTV का विजुअल रखें।
  • 7 आरोपियों की तस्वीर उपलब्ध होने पर छोटे-छोटे कटआउट में लगाई जा सकती हैं।

सिवनी में गेहूं खरीदी केंद्र पर बड़ा खुलासा: 1,156 क्विंटल गेहूं का हिसाब नहीं मिला, कलेक्टर नेहा मीना को मिली शिकायत, 3 के खिलाफ FIR

Seoni News: कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र में 1,156 क्विंटल गेहूं की कमी, प्रबंधक समेत 3 पर FIR – सिवनी। किसानों की शिकायत पर जिला प्रशासन ने गेहूं खरीदी केंद्र कुड़ारी की जांच कराई तो उपार्जन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में खरीदी गई गेहूं की मात्रा और गोदाम में जमा गेहूं के बीच 1,156.26 क्विंटल का अंतर पाया गया, जिसकी समर्थन मूल्य के हिसाब से कीमत ₹30.35 लाख से अधिक है।

मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सेवा सहकारी समिति कुड़ारी के प्रबंधक सरदारी लाल यादव, खरीदी केंद्र प्रभारी वीरेन्द्र बघेल और कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेयास बघेल के खिलाफ 4 सितंबर 2026 को धनौरा थाने में FIR दर्ज कराई है।

Highlights

  • कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
  • 480 किसानों से 56,501.50 क्विंटल गेहूं खरीदा गया।
  • गोदाम में 55,345.24 क्विंटल गेहूं ही जमा हुआ।
  • 1,156.26 क्विंटल गेहूं की मात्रा का अंतर मिला।
  • इस मात्रा की समर्थन मूल्य पर कीमत ₹30,35,182.50 है।
  • 19 किसानों का भुगतान लंबित हुआ था, जिसे बाद में कराया गया।
  • प्रबंधक समेत 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
  • FIR 4 सितंबर 2026 को धनौरा थाने में दर्ज हुई।

जनसुनवाई में किसानों ने उठाई थी शिकायत

पूरा मामला 4 अगस्त 2026 को जनपद पंचायत धनौरा में आयोजित विशेष जनसुनवाई शिविर से सामने आया। यहां किसानों ने कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के सामने गेहूं खरीदी केंद्र कुड़ारी को लेकर सामूहिक शिकायत दर्ज कराई थी। किसानों का आरोप था कि गेहूं की तुलाई और खरीदी दर्ज करने के नाम पर उनसे प्रति क्विंटल ₹20 से ₹25 अतिरिक्त राशि ली जा रही थी। इसके अलावा खरीदी गई गेहूं के अनुपात में गोदामों में पर्याप्त मात्रा जमा नहीं होने की शिकायत भी की गई थी।

भुगतान में देरी से किसान परेशान

किसानों ने प्रशासन को बताया था कि गेहूं खरीदी समाप्त होने के करीब एक महीने बाद भी कुछ किसानों का भुगतान लंबित था। उन्होंने पूरे मामले की जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और लंबित भुगतान जल्द कराने की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जिला स्तरीय जांच दल गठित कर मामले की जांच के निर्देश दिए।

480 किसानों से खरीदा गया 56,501.50 क्विंटल गेहूं

जिला स्तरीय जांच में सामने आया कि कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र पर कुल 480 किसानों से समर्थन मूल्य पर 56,501.50 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। हैंडलिंग, परिवहन, गोदाम में भंडारण और भंडारण के दौरान गेहूं रिजेक्ट होने की स्थिति में अपग्रेडेशन एवं सेग्रिगेशन की प्रक्रिया के बाद गोदाम में वास्तविक रूप से 55,345.24 क्विंटल गेहूं जमा कराया गया। यानी खरीदी गई कुल मात्रा और गोदाम में जमा गेहूं के बीच 1,156.26 क्विंटल का अंतर पाया गया।

₹30.35 लाख से ज्यादा की गेहूं की मात्रा का अंतर

जांच के अनुसार 1,156.26 क्विंटल गेहूं की समर्थन मूल्य के आधार पर कीमत ₹30,35,182.50 आंकी गई है। इस मात्रा के गोदाम में जमा नहीं होने के कारण खरीदी केंद्र से जुड़े 19 किसानों का भुगतान लंबित हो गया था। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जांच में सामने आया मात्रा का अंतर अपने आप में किसी व्यक्ति द्वारा गेहूं की चोरी या गबन साबित नहीं करता। मामले में पुलिस FIR दर्ज कर चुकी है और आगे की जांच में जिम्मेदारी एवं पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।

कलेक्टर के निर्देश पर 19 किसानों का भुगतान कराया गया

प्रशासन ने किसानों के हित को प्राथमिकता देते हुए लंबित भुगतान की समस्या का तत्काल समाधान कराया। किसानों को समय पर भुगतान दिलाने के लिए शासन से अतिरिक्त राशि की मांग की गई और संबंधित 19 किसानों का भुगतान कराया गया। इस कार्रवाई से उन किसानों को राहत मिली, जिनका भुगतान खरीदी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अटका हुआ था।

प्रबंधक समेत तीन के खिलाफ FIR

जांच में उपार्जन कार्य के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद खरीदी केंद्र के विरुद्ध प्रकरण तैयार किया गया। इसके आधार पर 4 सितंबर 2026 को धनौरा पुलिस थाने में इन तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई—

  • सरदारी लाल यादव — प्रबंधक, सेवा सहकारी समिति कुड़ारी
  • वीरेन्द्र बघेल — खरीदी केंद्र प्रभारी
  • श्रेयास बघेल — कम्प्यूटर ऑपरेटर

अब पुलिस FIR में दर्ज तथ्यों और जांच के आधार पर मामले की आगे पड़ताल करेगी।

किसानों की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई का संदेश

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि किसानों से जुड़ी शिकायतों का गंभीरता और प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाएगा। उपार्जन कार्य में किसी भी तरह की अनियमितता, लापरवाही या किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कुड़ारी खरीदी केंद्र की जांच और FIR के बाद जिले के अन्य गेहूं खरीदी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर भी प्रशासनिक निगरानी और सख्त होने की संभावना है। खासकर किसानों से अतिरिक्त राशि लेने, खरीदी के आंकड़ों और गोदाम में जमा अनाज की मात्रा के मिलान जैसे मामलों पर प्रशासन की नजर रहेगी।

किसानों की शिकायत से शुरू हुई जांच में कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र पर खरीदी और भंडारण की मात्रा में बड़ा अंतर सामने आया है। प्रशासन ने लंबित किसानों का भुगतान कराया और अब तीन संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ FIR के बाद पुलिस जांच आगे बढ़ेगी।

सिवनी के युवक से होटल लीज के नाम पर 50 लाख की ठगी! फर्जी IAS बनकर घूमने वाली तृप्ति सिंह पर 4 FIR दर्ज

भोपाल/सिवनी। ट्रेनी IAS अधिकारी और मध्यप्रदेश टूरिज्म (MPT) में एडिशनल डायरेक्टर होने का कथित दावा कर लोगों को अपने जाल में फंसाने वाली तृप्ति सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बागसेवनिया पुलिस ने उसके खिलाफ एक और मामला दर्ज किया है, जिसमें सिवनी निवासी युवक से होटल लीज दिलाने के नाम पर करीब ₹50 लाख लेने का आरोप है।

नए मामले के बाद तृप्ति सिंह के खिलाफ दर्ज FIR की संख्या चार हो गई है। इनमें दो मामले अशोकनगर के हैं, जबकि दो FIR भोपाल के बागसेवनिया थाने में दर्ज हुई हैं।

SEONI के युवक से होटल लीज के नाम पर लिए करीब 50 लाख

पुलिस के अनुसार, सिवनी निवासी 31 वर्षीय गगन उपवंशी ने बागसेवनिया थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तृप्ति सिंह, उसके भाई सुधांशु सिंह और सहयोगी प्रखर ने मध्यप्रदेश टूरिज्म के माध्यम से होटल लीज दिलाने का भरोसा दिलाया।

आरोप है कि तीनों ने अपने कथित पद और प्रभाव का हवाला देकर गगन का विश्वास हासिल किया और होटल लीज की व्यवस्था कराने के नाम पर करीब ₹50 लाख ले लिए।

काफी समय बीतने के बाद भी जब होटल लीज नहीं मिली तो गगन को संदेह हुआ। इसके बाद उसने आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई और उसे पता चला कि तृप्ति सिंह IAS अधिकारी नहीं है। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की।

पांच दिन की जांच के बाद दर्ज हुई FIR

पुलिस ने शिकायत की प्रारंभिक जांच करीब पांच दिन तक की। इसके बाद मंगलवार देर रात तृप्ति सिंह, सुधांशु सिंह और प्रखर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई।

पुलिस अब पूरे मामले में पैसों के लेन-देन और होटल लीज के नाम पर किए गए कथित वादों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

पहले भी 39.17 लाख की ठगी का मामला

इससे पहले बागसेवनिया पुलिस ने बालाघाट जिले के खैरलांजी तहसील के चिचोली निवासी 29 वर्षीय रोहित लिल्हारे की शिकायत पर तृप्ति सिंह, सुधांशु सिंह, प्रखर और अन्य सहयोगियों के खिलाफ करीब 39.17 लाख की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।

इस मामले में आरोप लगाया गया था कि तृप्ति ने खुद को ट्रेनी IAS अधिकारी और MPT की एडिशनल डायरेक्टर बताते हुए होटल-रिसॉर्ट की लीज दिलाने और नौकरी लगवाने का भरोसा दिया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने होटल लीज के नाम पर 35.30 लाख और नौकरी दिलाने के नाम पर 3.87 लाख लिए। इस तरह कुल 39.17 लाख लेने का आरोप है। इनमें से तृप्ति ने कथित तौर पर केवल 1 लाख ऑनलाइन वापस किए।

अशोकनगर में पहले से दर्ज हैं दो मामले

पुलिस के अनुसार, तृप्ति सिंह के खिलाफ अशोकनगर में पहले ही दो FIR दर्ज हो चुकी हैं। अब बागसेवनिया थाने में दो मामले दर्ज होने के बाद उसके खिलाफ दर्ज मामलों की कुल संख्या चार हो गई है।

लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और लोगों से हासिल की गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।

अशोकनगर जेल में बंद है तृप्ति सिंह

तृप्ति सिंह वर्तमान में अशोकनगर जेल में बंद है। बागसेवनिया पुलिस उसे नए मामले में पूछताछ के लिए भोपाल लाने की तैयारी कर रही है।

पुलिस टीम अशोकनगर पहुंच चुकी है और प्रोडक्शन वारंट के जरिए तृप्ति को अपनी हिरासत में लेने की कार्रवाई कर रही है। पुलिस के मुताबिक, रिमांड मिलने के बाद उसे भोपाल लाकर पूछताछ की जाएगी।

पूछताछ में खुल सकते हैं नेटवर्क से जुड़े राज

पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान होटल लीज, नौकरी दिलाने और कथित पद-प्रभाव का इस्तेमाल कर लोगों से रकम लेने के तरीके से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। साथ ही अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

नोट: पुलिस में दर्ज शिकायत और FIR में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। आरोप सिद्ध होने तक संबंधित व्यक्तियों को दोषी नहीं माना जा सकता।

Highlights

  • सिवनी निवासी गगन उपवंशी ने करीब ₹50 लाख लेने का आरोप लगाया।
  • होटल लीज दिलाने के नाम पर रकम लेने की शिकायत।
  • तृप्ति सिंह, सुधांशु सिंह और प्रखर के खिलाफ नई FIR।
  • बागसेवनिया थाने में तृप्ति के खिलाफ यह दूसरी FIR है।
  • अशोकनगर के दो मामलों समेत कुल चार FIR दर्ज होने की बात पुलिस ने कही।
  • तृप्ति फिलहाल अशोकनगर जेल में बंद है।
  • पुलिस प्रोडक्शन वारंट के जरिए उसे भोपाल लाने की तैयारी में है।

नए मामले के सामने आने के बाद तृप्ति सिंह पर लगे कथित धोखाधड़ी के आरोपों की जांच का दायरा बढ़ गया है। खास तौर पर होटल लीज और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रकम लेने के आरोपों को लेकर पुलिस अब कथित नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर सकती है।

सिवनी निवासी युवक की शिकायत पर दर्ज नई FIR ने तृप्ति सिंह के खिलाफ चल रही जांच को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस की पूछताछ और दस्तावेजी जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित तौर पर कितने लोगों से रकम ली गई और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था।

Seoni News: सिवनी के लोगों के लिए जरूरी खबर, नेपाल-तिब्बत यात्रा पर गए नागरिकों की जानकारी के लिए हेल्पलाइन जारी

सिवनी। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में हाल में हुई प्राकृतिक आपदा को देखते हुए सिवनी जिला प्रशासन ने जिले के उन नागरिकों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है, जो नेपाल या तिब्बत की यात्रा पर गए हैं। इनमें पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालुओं की जानकारी भी शामिल है।

प्रशासन ने ऐसे लोगों के परिजनों और रिश्तेदारों से अपील की है कि यदि उनका कोई करीबी नेपाल या तिब्बत में मौजूद है, तो उसकी वर्तमान स्थिति और लोकेशन की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराएं।

हेल्पलाइन नंबर पर दें जानकारी

जिला प्रशासन द्वारा नेपाल-तिब्बत यात्रा पर गए सिवनी जिले के नागरिकों की जानकारी संकलित करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

हेल्पलाइन नंबर: 70493 25633

इस नंबर पर नागरिक अपने परिवार के सदस्य या रिश्तेदार के संबंध में उपलब्ध जानकारी साझा कर सकते हैं।

किन लोगों की जानकारी दी जा सकती है?

  • नेपाल की यात्रा पर गए सिवनी जिले के नागरिक
  • तिब्बत की यात्रा पर गए नागरिक
  • नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में गए पर्यटक
  • तीर्थयात्री
  • कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु
  • यात्रा पर गए ऐसे नागरिक जिनसे वर्तमान स्थिति को लेकर संपर्क नहीं हो पा रहा है

जानकारी मिलने के बाद क्या होगा?

जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी को राज्य शासन और गृह मंत्रालय के साथ समन्वय में उपयोग किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित नागरिकों के लिए राहत, बचाव और आवश्यक सहायता से जुड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

प्रशासन का उद्देश्य नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में मौजूद सिवनी जिले के नागरिकों की स्थिति और लोकेशन से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित रूप से संकलित करना है।

जिला प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने आमजन से आग्रह किया है कि नेपाल अथवा तिब्बत यात्रा पर गए सिवनी जिले के किसी नागरिक के संबंध में उनके पास जानकारी है, तो उसे बिना देरी के हेल्पलाइन नंबर पर साझा करें। इससे जरूरत की स्थिति में संबंधित व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर समन्वय किया जा सकेगा।

Highlights

  • नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा के बाद प्रशासन सक्रिय।
  • सिवनी जिले से यात्रा पर गए नागरिकों की जानकारी जुटाई जा रही है।
  • कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु भी दायरे में।
  • परिजन वर्तमान स्थिति और लोकेशन की जानकारी दे सकते हैं।
  • हेल्पलाइन: 70493 25633

नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में यात्रा कर रहे सिवनी के नागरिकों के परिजनों के लिए यह हेल्पलाइन महत्वपूर्ण है। प्रशासन को समय पर जानकारी मिलने से जरूरत पड़ने पर राज्य शासन और गृह मंत्रालय के स्तर पर संबंधित यात्रियों की सहायता के लिए समन्वय करना आसान होगा।

निष्कर्ष: नेपाल या तिब्बत यात्रा पर गए सिवनी जिले के किसी नागरिक की जानकारी आपके पास है, तो उसे हेल्पलाइन नंबर 70493 25633 पर साझा करें।

SEONI NEWS: POCSO केस में आरोपी सुरेंद्र टांडेकर दोषमुक्त, अधिवक्ता डी.पी. विश्वकर्मा और प्रहलाद सनोडिया की पैरवी को मिली बड़ी सफलता

सिवनी जिले के चर्चित POCSO मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी सुरेंद्र टांडेकर को दोषमुक्त कर दिया है। लखनवाड़ा थाने के अपराध क्रमांक 317/2024 से जुड़े मामले में अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रमाणित करने में सफल नहीं रहा।

आरोपी की ओर से अधिवक्ता डी.पी. विश्वकर्मा और प्रहलाद सनोडिया ने पैरवी की। अदालत ने साक्ष्यों में सामने आए विरोधाभास और संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को सभी आरोपों से बरी करने का आदेश दिया।

  • HEIGHLIGHTS
  • लखनवाड़ा थाने के अपराध क्रमांक 317/2024 का मामला
  • POCSO एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में दर्ज था प्रकरण
  • विशेष न्यायाधीश किरण कोल की अदालत ने सुनाया फैसला
  • आरोपी सुरेंद्र टांडेकर दोषमुक्त
  • बचाव पक्ष की ओर से डी.पी. विश्वकर्मा और प्रहलाद सनोडिया ने की पैरवी
  • अदालत ने कहा कि अभियोजन आरोपों को प्रमाणित नहीं कर सका
  • साक्ष्यों में विरोधाभास को भी फैसले में महत्वपूर्ण माना गया
  • लखनवाड़ा थाने में दर्ज हुआ था मामला

प्रकरण लखनवाड़ा थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपी सुरेंद्र टांडेकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ POCSO एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। मामले का विचारण विशेष न्यायाधीश (POCSO एक्ट) किरण कोल की अदालत में हुआ।

बचाव पक्ष ने साक्ष्यों पर उठाए सवाल

आरोपी की ओर से अधिवक्ता डी.पी. विश्वकर्मा और प्रहलाद सनोडिया ने न्यायालय में पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने अभियोजन द्वारा पेश किए गए न्यायालयीन साक्ष्यों की प्रतिपरीक्षण के दौरान कथित विरोधाभासों को अदालत के सामने रखा। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि अभियोजन आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर पाया है। उन्होंने मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं के साथ उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न न्याय दृष्टांतों का भी हवाला दिया।

अदालत ने साक्ष्यों को माना निर्णायक

मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश किरण कोल ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को प्रमाणित करने में सफल नहीं रहा। अदालत ने साक्ष्यों में मौजूद विरोधाभास और संदेह का लाभ आरोपी को देते हुए सुरेंद्र टांडेकर को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।

दोषमुक्ति का मतलब क्या है?

अदालत से दोषमुक्त किए जाने का अर्थ है कि इस मामले में अभियोजन आरोपी के खिलाफ अपराध कानूनी रूप से सिद्ध नहीं कर सका। इसे आरोपों की न्यायिक पुष्टि के रूप में नहीं, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत द्वारा दिया गया निर्णय समझा जाना चाहिए।

अधिवक्ता ने बताया न्याय की जीत

फैसले के बाद अधिवक्ता डी.पी. विश्वकर्मा ने इसे सत्य और न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि अदालत ने बचाव पक्ष के तर्कों को गंभीरता से सुना और निष्पक्ष निर्णय दिया। दोषमुक्ति के फैसले के बाद दोनों अधिवक्ताओं की पैरवी की चर्चा भी स्थानीय स्तर पर हो रही है। POCSO अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया विशेष कानून है। ऐसे मामलों में आरोपों की प्रकृति गंभीर होती है, लेकिन आपराधिक न्याय व्यवस्था में दोषसिद्धि के लिए अभियोजन को आरोपों को आवश्यक कानूनी मानक के अनुसार साबित करना होता है।

इस मामले में अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ मिला और वह दोषमुक्त हुआ। अदालत के फैसले से आरोपी पक्ष को बड़ी राहत मिली है। वहीं यह मामला एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि गंभीर आपराधिक मामलों में भी अदालत फैसला उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहियों और कानूनी कसौटियों के आधार पर करती है।

सिवनी के लखनवाड़ा थाने से जुड़े POCSO मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी सुरेंद्र टांडेकर को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने अभियोजन द्वारा आरोपों को सिद्ध नहीं कर पाने और साक्ष्यों में विरोधाभास को ध्यान में रखते हुए आरोपी को संदेह का लाभ दिया।

सिवनी में रॉन्ग साइड से आई कार ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर, लोगों ने चालक को बाहर निकालकर रोकी कार

सिवनी में नेत्रपाल पेट्रोल पंप के सामने सड़क हादसे का एक वीडियो सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रॉन्ग साइड से आ रही कार ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी, जिसके बाद बाइक कार के अगले हिस्से में फंस गई।

हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए कार को रुकवाया। लोगों के मुताबिक, कार में सवार चालक नशे की हालत में बताए जा रहे थे और भीड़ के बीच से कार निकालने का प्रयास कर रहे थे।

मुख्य बातें

  • नेत्रपाल पेट्रोल पंप के सामने हुआ हादसा
  • रॉन्ग साइड से आ रही कार ने बाइक को मारी टक्कर
  • टक्कर के बाद बाइक कार के अगले हिस्से में फंसी
  • प्रत्यक्षदर्शियों ने कार सवारों के नशे में होने का दावा किया
  • मौके पर मौजूद लोगों ने कार को रुकवाया
  • भीड़ के बीच कार चलाने से बड़ा हादसा होने की आशंका थी

रॉन्ग साइड से आई कार ने बाइक को मारी टक्कर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार रॉन्ग साइड से आ रही थी। इसी दौरान नेत्रपाल पेट्रोल पंप के सामने कार की बाइक से जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त बताई जा रही है कि बाइक कार के अगले हिस्से में जाकर फंस गई। सामने आए वीडियो में लोगों को बाइक को कार से निकालने के लिए मशक्कत करते हुए देखा जा सकता है। हादसे के बाद बाइक कार के फ्रंट हिस्से में फंस गई थी। वीडियो में कार के अगले हिस्से से कूलेंट जैसा तरल पदार्थ बहता हुआ भी दिखाई दे रहा है। वाहन की स्थिति देखकर टक्कर की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

भीड़ के बीच कार निकालने का आरोप

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार में सवार चालक नशे में होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि हादसे के बाद भी कार सवार भीड़ के बीच से वाहन निकालने का प्रयास कर रहे थे। इससे मौके पर मौजूद लोगों के बीच चिंता बढ़ गई और किसी दूसरे व्यक्ति के चपेट में आने की आशंका बन गई।

लोगों ने चालक को बाहर निकाला, कार कराई बंद

मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति को देखते हुए कार सवार व्यक्ति को वाहन से बाहर निकाला और कार को बंद कर दिया। लोगों के इस हस्तक्षेप से संभावित रूप से आगे होने वाली किसी अन्य दुर्घटना को टाला जा सका। हालांकि, चालक के नशे में होने की बात फिलहाल प्रत्यक्षदर्शियों के दावे और वायरल वीडियो पर आधारित है। इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच या मेडिकल परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस जांच के बाद साफ होगी स्थिति

हादसे में बाइक सवार को कितनी चोटें आईं और दुर्घटना के संबंध में पुलिस ने क्या कार्रवाई की, इसकी जानकारी उपलब्ध तथ्यों में स्पष्ट नहीं है। कार चालक के नशे में होने, रॉन्ग साइड में वाहन चलाने और हादसे की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी। रॉन्ग साइड वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का गंभीर कारण बन सकता है। खासकर पेट्रोल पंप और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वाहन की गति और दिशा को लेकर थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम दे सकती है।

घटना के बाद सड़क सुरक्षा और नशे में वाहन चलाने को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। यदि प्रत्यक्षदर्शियों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई सड़क पर दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होगी।

नेत्रपाल पेट्रोल पंप के सामने कार और बाइक की टक्कर का वीडियो हादसे की गंभीरता को दिखाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार रॉन्ग साइड से आ रही थी और उसमें सवार लोग नशे में बताए जा रहे थे। फिलहाल इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और घटना की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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Seoni-Balaghat Four Lane Road: सिवनी-बालाघाट के बीच बदलेगी सफर की तस्वीर! 91.64 किमी फोरलेन सड़क के लिए ₹3,960 करोड़ मंजूर

Seoni-Balaghat Four Lane Road: 91.64 किमी फोरलेन मार्ग के लिए ₹3,960 करोड़ की मंजूरी. सिवनी और बालाघाट के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद ने 91.64 किलोमीटर लंबे सिवनी-बालाघाट मार्ग को फोरलेन, पेव्हड शोल्डर सहित विकसित करने के लिए ₹3,960 करोड़ 09 लाख की स्वीकृति दी है।

यह परियोजना पूरी होने के बाद सिवनी और बालाघाट के बीच आवागमन के साथ-साथ पर्यटन, कृषि, खनिज और वन उत्पादों की आवाजाही को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

  • सिवनी-बालाघाट 91.64 किमी मार्ग को फोरलेन बनाने की मंजूरी
  • कुल ₹3,960 करोड़ 09 लाख की स्वीकृति
  • सड़क फोरलेन के साथ पेव्ड शोल्डर से लैस होगी
  • परियोजना के लिए हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) अपनाया जाएगा
  • करीब 8 से 10 लाख आबादी को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ
  • पेंच और कान्हा क्षेत्र में पर्यटन को मिल सकता है बढ़ावा
  • खनिज, कृषि और वन उत्पादों के परिवहन में सुधार की उम्मीद

सिवनी-बालाघाट मार्ग होगा फोरलेन

मंत्रि-परिषद ने सिवनी-बालाघाट के बीच 91.64 किलोमीटर सड़क को फोरलेन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मार्ग का निर्माण पेव्हड शोल्डर के साथ किया जाएगा।

परियोजना के लिए कुल 3,960 करोड़ 09 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस राशि में सड़क निर्माण के साथ निर्माण से पहले की आवश्यक गतिविधियां और सुपरविजन चार्ज भी शामिल हैं।

निर्माण लागत कितनी होगी?

स्वीकृत योजना के अनुसार परियोजना और वित्तीय लागत 3,458 करोड़ 93 लाख रुपये रखी गई है। इसके अलावा भू-अर्जन, अन्य प्री-कंस्ट्रक्शन कार्यों और सुपरविजन चार्ज के लिए 501 करोड़ 16 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

HAM मॉडल से होगा परियोजना का निर्माण

सड़क परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट के आधार पर विकसित किया जाएगा। निर्माण लागत में राज्य बजट से 40 प्रतिशत यानी 704 करोड़ 38 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। शेष 60 प्रतिशत यानी 2,253 करोड़ 39 लाख रुपये संचालन अवधि के दौरान 15 वर्षों तक छमाही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट से दिए जाएंगे।

सिवनी और बालाघाट के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सड़क?

सिवनी-बालाघाट मार्ग मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से का महत्वपूर्ण राज्य राजमार्ग-72 है। यह सिवनी जिला मुख्यालय को बालाघाट से जोड़ता है।

इस मार्ग की खास अहमियत इसलिए भी है क्योंकि यह क्षेत्र के कई प्रमुख मार्गों और आर्थिक गतिविधियों को आपस में जोड़ता है।

यह मार्ग—

  • राष्ट्रीय राजमार्ग-44
  • राष्ट्रीय राजमार्ग-543
  • राष्ट्रीय राजमार्ग-543 के (बालाघाट-भंडारा) मार्ग

से संपर्क प्रदान करता है।

पर्यटन को भी मिलेगा फायदा

सिवनी-बालाघाट मार्ग के फोरलेन होने का असर पर्यटन क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। यह मार्ग पेंच टाइगर रिजर्व और कान्हा टाइगर रिजर्व जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद करेगा। बेहतर सड़क बनने से पर्यटकों के आवागमन का समय और यात्रा सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। इसका फायदा सिवनी और बालाघाट के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को भी मिल सकता है।

खनिज और कृषि कारोबार के लिए भी अहम

बालाघाट क्षेत्र खनिज और वन उत्पादों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, जबकि सिवनी कृषि और पर्यटन गतिविधियों का प्रमुख क्षेत्र है। फोरलेन सड़क बनने के बाद दोनों क्षेत्रों के बीच माल परिवहन और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। इससे कृषि उत्पादों, खनिज और वन आधारित उत्पादों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकती है।

8 से 10 लाख लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का दावा

परियोजना के तहत करीब 8 से 10 लाख आबादी को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध होने की बात कही गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए जिला मुख्यालय, बाजार, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य सेवाओं तक पहुंच आसान होने की संभावना है। सिवनी और बालाघाट मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से के महत्वपूर्ण जिले हैं। दोनों क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क कृषि, खनिज, वन उत्पाद और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

ऐसे में मौजूदा मार्ग को फोरलेन में विकसित करने की योजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के साथ आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाली परियोजना के रूप में देखी जा रही है। फोरलेन परियोजना पूरी होने के बाद सिवनी-बालाघाट के बीच यात्रा अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। बेहतर सड़क से पर्यटन गतिविधियों, माल परिवहन और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है। इसके अलावा पेंच और कान्हा जैसे पर्यटन क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने से पर्यटकों की आवाजाही में भी वृद्धि हो सकती है।

सिवनी-बालाघाट के बीच 91.64 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन बनाने के लिए ₹3,960 करोड़ 09 लाख की मंजूरी क्षेत्र के लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर फैसला है। परियोजना का लाभ सड़क संपर्क के साथ पर्यटन, कृषि, खनिज और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलने की उम्मीद है।

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जनविश्वास शिविर में गांव तक पहुंचा सिवनी जिला प्रशासन: ग्रामीणों की सुनी समस्याएं, युवाओं को उद्यमिता का मिला संदेश

सिवनी: मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत कुरई विकासखंड के ग्राम धोबीसर्रा में शिविर आयोजित किया गया। शिविर में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की। शिविर में ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी समस्याएं एवं आवेदन अधिकारियों के समक्ष रखे, जिन पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं निराकरण के निर्देश दिए गए।

शिविर में विधायक श्री कमल मर्सकोले, कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी, डीएफओ श्री गौरव मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य श्री तेजसिंह रघुवंशी, जनपद अध्यक्ष श्री लोचन सिंह मर्सकोले, उपाध्यक्ष श्री हरदीप भाटिया, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुरई श्री प्रशांत उइके सहित अन्य क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ किया गया। इसके बाद उद्यम संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपना व्यवसाय स्थापित करने वाले युवा उद्यमियों ने योजनाओं से मिले सहयोग और अपने अनुभव साझा किए। युवा उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा कर अन्य युवाओं को भी शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।

योजनाओं का लाभ लेकर युवाओं ने स्थापित किए उद्यम

उद्यम संवाद के दौरान एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के हितग्राही श्री लक्ष्मण साहू ने 73 लाख रुपये की लागत से राइस मिल स्थापित करने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत ग्राम धोबीसर्रा के श्री मयूर चौधरी ने लोहा-सीमेंट व्यवसाय के लिए 8 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर अपना व्यवसाय प्रारंभ किया।

इसी प्रकार आचार्य विद्यासागर गो संवर्धन योजना के अंतर्गत श्रीमती सुलोचना सराठे को 6 लाख रुपये का लाभ मिला। आजीविका मिशन की सीसीएल योजना के माध्यम से श्री कृष्णा पटेल द्वारा बकरी एवं भैंस पालन का व्यवसाय किया जा रहा है। पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत 24 लाख रुपये का ऋण लेकर गुड़ यूनिट प्रारंभ की गई है। वहीं ग्राम साल्हे के श्री रोहित उइके ने भगवान बिरसा मुंडा योजना के माध्यम से 7.30 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया।

इन युवा उद्यमियों के अनुभवों से शिविर में उपस्थित अन्य युवाओं को भी यह संदेश मिला कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता प्राप्त कर युवा अपने कौशल और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

विधायक ने युवाओं से कहा- नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने वाले भी बनें

विधायक श्री कमल मर्सकोले ने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान सरकार और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। गांव में ही शिविर आयोजित होने से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचाने और शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए दूर नहीं जाना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि शासन का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। ग्रामीण योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और पात्रतानुसार उनका लाभ उठाएं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि युवा केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी क्षमता, हुनर और स्थानीय संसाधनों के आधार पर स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ें।

विधायक ने उद्यम संवाद में अपने अनुभव साझा करने वाले हितग्राहियों की सराहना करते हुए कहा कि इन युवाओं ने शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर न केवल अपना व्यवसाय शुरू किया है, बल्कि आगे चलकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि एक युवा जब अपना उद्यम स्थापित करता है तो उसका लाभ उसके परिवार के साथ-साथ गांव और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मिलता है।

उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि किसी योजना का लाभ लेने में कोई समस्या आ रही है तो उसे शिविर में अधिकारियों के समक्ष रखें। जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर समस्या के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और प्रशासन को ग्रामीणों के और करीब लाना है। ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का निदान हो, यही शिविर का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए तथा समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड, फार्मर रजिस्ट्री सहित अन्य शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से भी अपनी रुचि, क्षमता और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप उद्यम स्थापित करने के लिए शासकीय योजनाओं का लाभ लेने का आग्रह किया।

साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी

पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी ने साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने मोबाइल फोन, बैंकिंग एवं ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सावधानी बरतने तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की।

डीएफओ श्री गौरव मिश्रा ने ग्रामीणों को वन विभाग की विभिन्न योजनाओं, वन संरक्षण एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने वनों के संरक्षण में ग्रामीणों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।

जनपद अध्यक्ष श्री लोचन सिंह मर्सकोले ने ग्रामीणों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रतानुसार उनका लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं।

आत्मीयता से सुनीं समस्याएं, निराकरण के दिए निर्देश

जनविश्वास शिविर में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीयता से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई कर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी की गई। इस दौरान ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने, आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति करने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित विभाग से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के माध्यम से प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद कर रहा है। इससे एक ओर जहां ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से जोड़ने और समस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

प्राकृतिक खेती कर आय बढ़ा रहे सिवनी जिले के किसान: खेतों का कलेक्टर-एसपी ने किया अवलोकन

सिवनी: मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर के दौरान कलेक्टर नेहा मीना एवं पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने ग्राम धोबीसर्रा में प्राकृतिक रूप से खेती कर रहे किसानों के खेतों का अवलोकन किया। उन्होंने खेतों में किसानों द्वारा अपनाई जा रही विविध फसल प्रणाली को देखा और किसानों से खेती एवं उत्पादन के संबंध में जानकारी ली।

किसान धान की खेती के साथ-साथ खेतों की मेड़ों का भी बेहतर उपयोग कर रहे हैं। मेड़ों पर तुअर, अरबी एवं जिमीकंद जैसी फसलों के साथ विभिन्न देशी सब्जियों का उत्पादन लिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मेड़ों पर स्थित पलाश के पेड़ों से लाख का उत्पादन लेकर किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। किसानों द्वारा प्राकृतिक तरीके से खेती करते हुए एक ही खेत से विभिन्न फसलों और अन्य कृषि गतिविधियों के माध्यम से आय के स्रोत विकसित करने के प्रयासों की कलेक्टर एवं एसपी ने सराहना की।

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र के किसानों को उद्यानिकी फसलों के उत्पादन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को अधिक आय वाली फसलों की जानकारी एवं तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए चिया सीड एवं अश्वगंधा की खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ ऐसी फसलों को अपनाने से किसानों की आय बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं।