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सिवनी: कुरई में अंधे कत्ल का खुलासा: 13 लाख की जमीन बिक्री के पैसों को लेकर विवाद, 75 वर्षीय वृद्ध की हत्या; आरोपी गिरफ्तार

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सिवनी/कुरई। कुरई थाना पुलिस ने 75 वर्षीय मनीराम मेश्राम की हत्या के मामले का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, जमीन बिक्री से मिले 13 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के चलते वृद्ध की हत्या की गई और शव को जंगल में फेंककर साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने मामले में ग्राम जिरेवाड़ा निवासी अखिलेश कावल (37) को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

10 सितंबर से लापता थे मनीराम मेश्राम

पुलिस के मुताबिक, ग्राम जिरेवाड़ा निवासी द्वारका मेश्राम, पिता मनीराम मेश्राम, ने 16 सितंबर को थाना कुरई में अपने 75 वर्षीय पिता के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया था कि मनीराम मेश्राम 10 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे से लापता थे। काफी तलाश के बाद भी उनका पता नहीं चला, जिसके बाद अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी गई। इस मामले में थाना कुरई में अपराध क्रमांक 0418/2026 के तहत BNS की धारा 140(3) में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जंगल में बोरी से ढका मिला शव

जांच के दौरान 20 सितंबर 2026 को ग्राम रमली के जंगल में एक नालीनुमा स्थान पर पुलिस को प्लास्टिक की बोरी से आधा ढका हुआ एक अज्ञात शव मिला। मौके पर पहुंचे मृतक के पुत्र द्वारका मेश्राम और नाती शिवम ने शव की पहचान मनीराम मेश्राम के रूप में की। शव काफी सड़ी-गली अवस्था में था। इसके चलते मेडिकल कॉलेज सिवनी की फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम द्वारा पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई गई।

अखिलेश कावल पर कैसे पहुंचा पुलिस का शक?

पुलिस के अनुसार, परिजनों ने बताया कि 10 सितंबर को मनीराम मेश्राम गांव के ही अखिलेश कावल के साथ गए थे। इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों और परिजनों द्वारा जताए गए संदेह के आधार पर अखिलेश कावल को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।

13 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर था विवाद

पुलिस के मुताबिक, मनीराम मेश्राम ने अपनी जमीन 13 लाख रुपये में बेची थी। इसी रकम के लेनदेन को लेकर मनीराम और अखिलेश कावल के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, इसी आर्थिक विवाद के चलते अखिलेश ने मनीराम की हत्या कर दी और पहचान छिपाने तथा साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को रमली के जंगल में फेंक दिया।

इन धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जांच और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की निम्न धाराएं जोड़ी गई हैं:

  • BNS धारा 140(3) – अपहरण से संबंधित प्रावधान
  • BNS धारा 103(1) – हत्या
  • BNS धारा 238 – साक्ष्य छिपाने से संबंधित प्रावधान

आरोपी अखिलेश कावल को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कृपाल शाह तेकाम, उपनिरीक्षक इंजनसिंह मर्सकोले, सउनि शैलेन्द्र डोंगरे, सउनि भूपेन्द्र नागेश्वर, सउनि दिलीप सरयाम सहित पुलिस टीम की भूमिका बताई गई है।

टीम में प्रआर. 176 चंचलेश नरवरे, प्रआर. 271 राजेश माथरे, प्रआर. 568 महेन्द्र परतेती, आर. 626 अविनाश पांडे, आर. 249 राजेन्द्र कटरे, आर. 71 सतीश इनवाती, आर. 316 मुकेश भगत, आर. 818 प्रकाश उइके, आर. 757 ललित शर्मा और चालक आर. 411 यशपाल सिंह उइके शामिल रहे।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सिवनी कृष्णलाल चंदानी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और एसडीओपी बरघाट ललित गठरे के मार्गदर्शन में की गई।

Highlights

  • कुरई पुलिस ने 75 वर्षीय मनीराम मेश्राम की हत्या का खुलासा किया।
  • 10 सितंबर से लापता थे मनीराम मेश्राम।
  • 20 सितंबर को रमली के जंगल में मिला शव।
  • जमीन बिक्री के 13 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद की बात सामने आई।
  • पुलिस ने ग्राम जिरेवाड़ा निवासी अखिलेश कावल (37) को गिरफ्तार किया।
  • BNS की धारा 140(3), 103(1) और 238 के तहत कार्रवाई।
  • आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।

मामले के खुलासे से मनीराम मेश्राम के लापता होने और बाद में जंगल में शव मिलने की घटना की पुलिस जांच की दिशा स्पष्ट हुई है। अब मामले में पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और आरोपी के खिलाफ प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेजों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी।

कुरई पुलिस के अनुसार, करीब दस दिन से लापता 75 वर्षीय मनीराम मेश्राम की मौत के मामले में आर्थिक विवाद को हत्या की वजह बताया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अब मामले की आगे की कार्रवाई न्यायालय में होगी।

सिवनी में अवैध महुआ शराब पर सबसे बड़ी कार्रवाई! 500 क्विंटल लाहन नष्ट, 6 थानों की संयुक्त टीम में शामिल 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने मारा छापा

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सिवनी। अवैध कच्ची महुआ शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ सिवनी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली थाना क्षेत्र के कुचबंदिया मोहल्ला गंज वार्ड में पुलिस की संयुक्त टीम ने एक साथ कई स्थानों पर छापामार कार्रवाई करते हुए करीब 500 क्विंटल महुआ लाहन और शराब बनाने की 10 भट्ठियों को नष्ट किया।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई में 100 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल रहे। टीम ने विभिन्न घरों और रेलवे ट्रैक के आसपास कार्रवाई करते हुए करीब 400 डिब्बे, 20 ड्रम और अन्य शराब निर्माण सामग्री भी बरामद की।

अवैध शराब की सूचना पर बनाई गई विशेष योजना

पुलिस अधीक्षक सिवनी कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन में जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस को कोतवाली क्षेत्र के कुचबंदिया मोहल्ला गंज वार्ड में बड़े पैमाने पर अवैध कच्ची महुआ शराब बनाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई के लिए विशेष योजना तैयार की और अलग-अलग पुलिस थानों तथा रक्षित केंद्र की टीमों को एक साथ लगाया गया।

6 थानों और रक्षित केंद्र की संयुक्त टीम ने मारा छापा

कार्रवाई के लिए कोतवाली, लखनवाड़ा, डूण्डासिवनी, बंडोल, महिला थाना, अजाक और रक्षित केंद्र सिवनी के पुलिस बल को शामिल किया गया। कुल 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम ने गंज क्षेत्र के अलग-अलग घरों और रेलवे ट्रैक के आसपास एक साथ छापामार कार्रवाई की।

500 क्विंटल महुआ लाहन मिला

पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान विभिन्न स्थानों और रेलवे ट्रैक के आसपास से करीब—

  • 400 डिब्बे
  • 500 क्विंटल महुआ लाहन
  • 10 शराब बनाने की भट्ठियां
  • 20 ड्रम
  • अन्य शराब निर्माण सामग्री मिली।

पुलिस ने मौके पर ही लाहन और शराब बनाने वाली भट्ठियों को विधिवत नष्ट कर दिया। एक प्रकरण आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज- कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत एक प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और SDOP सिवनी चंचलेश मरकाम के नेतृत्व में की गई। संयुक्त कार्रवाई में कई थाना क्षेत्रों की पुलिस को एक साथ लगाया गया, जिससे बड़े क्षेत्र में एक ही समय पर छापामार कार्रवाई की जा सकी।

Highlights

  • सिवनी पुलिस की अवैध महुआ शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई।
  • कुचबंदिया मोहल्ला गंज वार्ड में छापेमारी।
  • 500 क्विंटल महुआ लाहन नष्ट करने का पुलिस का दावा।
  • 10 शराब भट्ठियां मौके पर नष्ट की गईं।
  • करीब 400 डिब्बे और 20 ड्रम मिले।
  • 100 से अधिक पुलिसकर्मी कार्रवाई में शामिल।
  • घरों और रेलवे ट्रैक के आसपास एक साथ कार्रवाई।
  • आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत एक प्रकरण दर्ज।

कुचबंदिया मोहल्ला गंज क्षेत्र में बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई से अवैध कच्ची महुआ शराब के निर्माण पर पुलिस की सख्ती का संकेत मिलता है। बड़ी मात्रा में लाहन और शराब बनाने वाली भट्ठियों को नष्ट किए जाने से अवैध शराब उत्पादन से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई का असर पड़ सकता है।

सिवनी पुलिस ने अवैध कच्ची महुआ शराब के खिलाफ अभियान के तहत कुचबंदिया मोहल्ला गंज में व्यापक कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार करीब 500 क्विंटल लाहन, 10 भट्ठियां और अन्य सामग्री नष्ट की गई है तथा एक प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

ढेका पंचायत में सरपंच पति की कथित दखलअंदाजी के आरोप, निर्माण कार्यों और सरकारी राशि की जांच की मांग

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सिवनी। जनपद पंचायत सिवनी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ढेका में पंचायत के कामकाज को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया है कि सरपंच श्रीमती अर्चना यादव के पति मंथलाल यादव पंचायत के प्रशासनिक और विकास कार्यों में कथित रूप से हस्तक्षेप करते हैं।

शिकायतकर्ताओं ने पंचायत के निर्माण कार्यों, शासकीय राशि के आहरण और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग संबंधित अधिकारियों से की है।

पंचायत के कामकाज में हस्तक्षेप का आरोप

स्थानीय शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मंथलाल यादव पंचायत के विभिन्न कार्यों में अपनी भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं। पंचायत सचिव पर कथित रूप से दबाव बनाए जाने की बात भी शिकायतकर्ताओं की ओर से कही गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत एक निर्वाचित स्थानीय निकाय है और इसके प्रशासनिक एवं विकास संबंधी कार्य निर्धारित नियमों और अधिकृत पदाधिकारियों के माध्यम से होने चाहिए। ऐसे में पंचायत के कामकाज में किसी व्यक्ति की कथित भूमिका की जांच किए जाने की मांग उठाई गई है।

निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल

ग्राम पंचायत में हुए निर्माण और अन्य विकास कार्यों को लेकर भी स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई है कि कुछ निर्माण कार्यों में कथित रूप से कमीशन लिए जाने और पंचायत की शासकीय राशि के आहरण में अनियमितता हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की फिलहाल स्वतंत्र या प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

शासकीय राशि और भुगतान दस्तावेजों की जांच की मांग

ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने जनपद पंचायत सिवनी एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से पंचायत के कामकाज की जांच कराने की मांग की है।

जांच में मुख्य रूप से इन बिंदुओं को शामिल करने की मांग की गई है—

  • पंचायत में हुए निर्माण कार्यों की जांच।
  • निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और स्वीकृत राशि की जांच।
  • शासकीय राशि के आहरण का परीक्षण।
  • भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच।
  • पंचायत सचिव और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच।
  • पंचायत के कार्यों में कथित बाहरी हस्तक्षेप की जांच।

मंथलाल यादव की राजनीतिक सक्रियता भी चर्चा में

इधर मंथलाल यादव की राजनीतिक सक्रियता को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हैं। कुछ स्थानीय लोगों की ओर से उनके अलग-अलग समय में कांग्रेस और भाजपा से जुड़े होने की बात कही जा रही है।

हालांकि, किसी व्यक्ति की राजनीतिक संबद्धता अपने आप में पंचायत कार्यों में अनियमितता का प्रमाण नहीं है। इस संबंध में भी उपलब्ध जानकारी के आधार पर ही तथ्य सामने रखे जाने चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि राजनीतिक जुड़ाव चाहे किसी भी दल से हो, पंचायत के निर्वाचित पद की संवैधानिक मर्यादा और निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन होना चाहिए।

अब प्रशासन की जांच पर टिकी नजर

ढेका पंचायत को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। यदि शिकायत औपचारिक रूप से संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की गई है, तो दस्तावेजों और निर्माण कार्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी वास्तविकता है।

प्रशासनिक जांच में यदि कोई वित्तीय या प्रक्रियागत अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

Highlight

  • ढेका ग्राम पंचायत के कामकाज को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल।
  • सरपंच अर्चना यादव के पति मंथलाल यादव पर कथित हस्तक्षेप के आरोप।
  • पंचायत सचिव पर कथित दबाव बनाए जाने की बात।
  • निर्माण कार्यों में कथित कमीशन और वित्तीय अनियमितता के आरोप।
  • शासकीय राशि के आहरण और भुगतान दस्तावेजों की जांच की मांग।
  • जनपद पंचायत सिवनी और संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग।
  • आरोपों की वास्तविकता प्रशासनिक जांच के बाद स्पष्ट होगी।

ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और सरकारी राशि के उपयोग को लेकर पारदर्शिता महत्वपूर्ण होती है। ढेका पंचायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होने से निर्माण कार्यों, भुगतान और राशि के आहरण से जुड़े रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

ढेका पंचायत में सरपंच पति की कथित दखलअंदाजी और निर्माण कार्यों से जुड़े आरोपों को लेकर ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई है। अब प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेजों और कार्यस्थल की जांच होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

Seoni News: बैंक मित्रों की मांगों को लेकर 20 सितंबर को भोपाल में प्रदर्शन, सिवनी जिलाध्यक्ष नितिन शुक्ला ने की अपील

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सिवनी। मध्यप्रदेश बैंक मित्र संगठन ने बैंक मित्रों की लंबे समय से लंबित समस्याओं और मांगों को लेकर 20 सितंबर 2026 को भोपाल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम प्रस्तावित किया है। संगठन की ओर से प्रदेश के विभिन्न जिलों के बैंक मित्रों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है। 

सिवनी जिले में बैंक मित्र संगठन के जिलाध्यक्ष नितिन शुक्ला ने जिले के बैंक मित्रों से भोपाल पहुंचकर संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है।

बैंक मित्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

संगठन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बैंक मित्रों की ओर से कई मांगें रखी गई हैं। इनमें बैंक मित्रों और बैंकों के बीच काम करने वाली कथित कॉरपोरेट/मध्यस्थ व्यवस्था को समाप्त कर सीधे बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने की मांग प्रमुख है।

निश्चित मासिक मानदेय की मांग

संगठन का कहना है कि बैंक मित्रों को केवल लेन-देन आधारित कमीशन पर निर्भर रहने के बजाय कम से कम एक कुशल श्रमिक के बराबर निश्चित मासिक मानदेय/पारिश्रमिक दिया जाना चाहिए।

इसके साथ बैंकिंग सेवाओं और लेन-देन के आधार पर मिलने वाला निर्धारित कमीशन भी जारी रखने की मांग की गई है।

कोड बंद करने से पहले जांच और सुनवाई की मांग

बैंक मित्र संगठन ने बैंक मित्रों के कोड को बिना उचित जांच, नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए बंद या निष्क्रिय करने की व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की है।

संगठन के अनुसार बैंक मित्रों पर विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के अनावश्यक लक्ष्य एवं दबाव को भी समाप्त किया जाना चाहिए।

AEPS और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की सीमाओं की समीक्षा

प्रेस विज्ञप्ति में AEPS, Cash Withdrawal, Fund Transfer, UPI सहित अन्य बैंकिंग सेवाओं में लागू व्यावहारिक सीमाओं की समीक्षा करने की मांग भी शामिल है।

संगठन का कहना है कि कुछ सीमाओं के कारण बैंक मित्रों को ग्राहकों तक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

तकनीकी उपकरण और सामाजिक सुरक्षा की मांग

बैंक मित्रों ने आवश्यक तकनीकी उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराने तथा उन पर अनावश्यक आर्थिक भार नहीं डालने की मांग की है।

इसके अलावा दुर्घटना बीमा, जीवन सुरक्षा और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है।

राज्य स्तर पर स्थायी नीति बनाने की मांग

संगठन ने बैंक मित्रों के हितों की रक्षा के लिए राज्य स्तर पर स्पष्ट एवं स्थायी नीति बनाए जाने की मांग की है।

संगठन की ओर से कहा गया है कि बैंक मित्र ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में नागरिकों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में भूमिका निभाते हैं। इसी संदर्भ में उनके कार्य, पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के सामने मांगें रखी जा रही हैं।

20 सितंबर को भोपाल पहुंचने की अपील

जिला अध्यक्ष नितिन शुक्ला ने सिवनी जिले के बैंक मित्रों से 20 सितंबर को भोपाल पहुंचने की अपील की है। संगठन के अनुसार कार्यक्रम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।

हाल की रिपोर्टों के अनुसार मध्यप्रदेश बैंक मित्र संगठन ने 20 सितंबर के कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बैंक मित्रों और बैंक सखियों की भागीदारी की बात कही है

Seoni News: सिवनी टीवी न्यूज एसोसिएशन का गठन, सुखदेव कुमार जिला अध्यक्ष और पुनीत कपूर उपाध्यक्ष नियुक्त

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सिवनी। जिले में सैटेलाइट न्यूज चैनलों से जुड़े मीडिया कर्मियों ने एकजुट होकर ‘सिवनी टीवी न्यूज एसोसिएशन’ (Seoni TV News Association) का गठन किया है। रविवार को बारापत्थर स्थित होटल में आयोजित बैठक में पत्रकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, मीडिया कर्मियों के हितों और आपसी समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में सभी सदस्यों की सहमति से संगठन का गठन करते हुए पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गईं। संगठन का उद्देश्य पत्रकारों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर काम करना और मीडिया कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना बताया गया।

सर्वसम्मति से चुने गए संगठन के पदाधिकारी

बैठक में मौजूद मीडिया कर्मियों ने एकमत होकर संगठन के पदाधिकारियों का चयन किया। नई कार्यकारिणी में अलग-अलग प्रमुख न्यूज चैनलों से जुड़े पत्रकारों को जिम्मेदारी दी गई है।

किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?

  • संरक्षक: प्रशांत शुक्ला (जी न्यूज), शिवशंकर उर्फ सोनू गुप्ता (इंडिया टीवी), राकेश नगफासे (न्यूज नेशन)
  • जिला अध्यक्ष: सुखदेव कुमार (इंडिया न्यूज)
  • उपाध्यक्ष: पुनीत कपूर (आजतक)
  • कोषाध्यक्ष: विनोद सोनी (टीवी9 भारतवर्ष)
  • सचिव: जितेंद्र भारद्वाज (एनडीटीवी)
  • सह सचिव: अंकित रजक (IBC24)
  • सक्रिय सदस्य: विशाल भारद्वाज (IND24), विनोद यादव (बंसल न्यूज)

पत्रकारों के हितों पर हुई चर्चा

बैठक के दौरान मीडिया कर्मियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। सदस्यों ने पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दों को संगठित तरीके से उठाने और आपसी सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

एसोसिएशन के गठन के बाद उपस्थित पत्रकारों ने संगठन के माध्यम से एकजुट होकर कार्य करने और आपसी समन्वय को मजबूत करने पर सहमति जताई।

बैठक में ये मीडिया कर्मी रहे मौजूद

बैठक में प्रशांत शुक्ला (जी न्यूज), पुनीत कपूर (आजतक), सुखदेव कुमार (इंडिया न्यूज), राकेश नगफासे (न्यूज नेशन), राजकिशोर पाठक (साधना न्यूज), जितेंद्र भारद्वाज (एनडीटीवी), दिनेश ठाकुर (टाइम्स नाउ नवभारत), संजीव क्रीडिया (विस्तार न्यूज), राजेंद्र ‘पिंटू’ तरवरे (स्वराज एक्सप्रेस), अंकित रजक (IBC24), विशाल भारद्वाज (IND24), आदिल खान (अनादि टीवी), विनोद सोनी (टीवी9 भारतवर्ष) और विनोद यादव (बंसल न्यूज) सहित अन्य मीडिया कर्मी उपस्थित रहे।

Highlights

  • सिवनी में टीवी न्यूज एसोसिएशन का गठन।
  • सैटेलाइट न्यूज चैनलों से जुड़े मीडिया कर्मी संगठन में शामिल।
  • पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चयन।
  • सुखदेव कुमार को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी।
  • पुनीत कपूर उपाध्यक्ष और जितेंद्र भारद्वाज सचिव बनाए गए।
  • पत्रकारों के हितों और आपसी समन्वय को लेकर चर्चा।
  • संगठन ने पत्रकारों से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करने पर जोर दिया।

सिवनी टीवी न्यूज एसोसिएशन के गठन से अलग-अलग सैटेलाइट न्यूज चैनलों से जुड़े स्थानीय मीडिया कर्मियों को साझा मंच मिला है। संगठन के माध्यम से पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को सामूहिक रूप से उठाने और आपसी समन्वय बेहतर करने की दिशा में काम किया जा सकेगा।

सिवनी में टीवी न्यूज से जुड़े मीडिया कर्मियों ने संगठन के रूप में एकजुट होकर नई शुरुआत की है। सर्वसम्मति से चुनी गई कार्यकारिणी अब पत्रकारों के हितों और आपसी समन्वय से जुड़े विषयों पर मिलकर काम करेगी।

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सिवनी में पत्रकार शमीम खान पर हमले का खुलासा: 25 हजार की सुपारी, चाकू से हमला करने वाला कान्हा उर्फ बिट्टू गिरफ्तार

Seoni News: संपादक शमीम खान पर जानलेवा हमला, 25 हजार की सुपारी का खुलासा; कान्हा उर्फ बिट्टू गिरफ्तार

सिवनी। महाकौशल एक्सप्रेस के संपादक शमीम खान पर 3 सितंबर को हुए जानलेवा हमले के मामले में सिवनी पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। कोतवाली पुलिस ने हमले के आरोपी कान्हा उर्फ कृष्णा उर्फ बिट्टू बैरागी और एक 16 वर्षीय विधि विवादित किशोर को पकड़ा है।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने करीब ₹25 हजार की सुपारी लेकर शमीम खान पर हमला करने की बात स्वीकार की है। मामले में घटना के लिए सुपारी देने वाले व्यक्ति की पहचान और तलाश अभी जारी है।

स्कूटी से बेटे को स्कूल छोड़कर लौट रहे थे शमीम खान

पुलिस के मुताबिक, घटना 3 सितंबर 2026 की सुबह करीब 8 बजे हुई। शमीम खान अपने बेटे को मोपेड स्कूटी से उदय पब्लिक स्कूल छोड़कर वापस लौट रहे थे।

इसी दौरान बड़ी ज्यारत नाका के पास शिवहरे क्लिनिक के नजदीक पीछे से स्कूटी पर सवार दो नकाबपोश युवकों ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश की।

गाली-गलौज के बाद चाकू से हमला करने का प्रयास

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए धारदार चाकू से शमीम खान के पेट पर वार करने का प्रयास किया। घटना के बाद उन्होंने 4 सितंबर को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 781/2026 दर्ज करते हुए BNS की धारा 126(2), 296(बी), 351(2), 109(1), 3(5) के तहत जांच शुरू की।

पुलिस ने बनाई टीम, संदिग्धों की तलाश शुरू

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तत्काल टीम गठित की। पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर संदिग्धों की तलाश शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने कृष्णा उर्फ कान्हा उर्फ बिट्टू बैरागी और एक विधि विवादित किशोर को पकड़ा। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने करीब ₹25 हजार की सुपारी लेकर पत्रकार पर हमला करने की बात स्वीकार की।

महत्वपूर्ण: सुपारी देने वाले व्यक्ति की पहचान अभी पुलिस जांच का विषय है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

स्कूटी और धारदार चाकू जब्त

पुलिस ने आरोपियों से घटना में इस्तेमाल एक्सेस स्कूटी MP22 ZC 0140 और एक धारदार चाकू जब्त किया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने घटना में इस्तेमाल सामान पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसके बाद उसे विधिवत जब्त किया गया।

आरोपी जेल भेजा गया

पुलिस ने कान्हा उर्फ कृष्णा उर्फ बिट्टू बैरागी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

वहीं 16 वर्षीय विधि विवादित किशोर को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेषण गृह (सुधारालय), सिवनी भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।

कौन है कान्हा उर्फ बिट्टू?

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी कान्हा उर्फ कृष्णा उर्फ बिट्टू बैरागी, पिता पंचम उर्फ पंचमलाल बैरागी, उम्र 24 वर्ष, सिवनी के बारापत्थर स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे का निवासी है।

पुलिस ने उसके खिलाफ पहले से चोरी और मारपीट से संबंधित 10 आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी दी है।

16 वर्षीय विधि विवादित किशोर के खिलाफ भी पुलिस ने पूर्व में चोरी और मारपीट से जुड़े 2 प्रकरण दर्ज होने की बात कही है।

2024 में भी सामने आया था बिट्टू का नाम

पुलिस प्रेस विज्ञप्ति में कान्हा उर्फ बिट्टू से जुड़े एक पुराने मामले का भी उल्लेख किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 2 दिसंबर 2024 को बिट्टू ने अपने साथियों पीयूष उर्फ खब्बा यादव और शेख स्माईल उर्फ आशु अंसारी के साथ मिलकर परमानंद जायसवाल निवासी अभिषेक कॉलोनी, सिवनी के साथ लाठी-डंडों से मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाई थी।

पुलिस का कहना है कि यह घटना कोतवाली थाने के सूचीबद्ध गुण्डा बदमाश के कहने पर की गई थी। इस मामले में कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 882/2024 के तहत BNS की धारा 115(2), 117(2), 296, 3(5) में प्रकरण दर्ज किया गया था।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है।

सुपारी देने वाले की तलाश अभी बाकी

पत्रकार पर हमले के मामले में पुलिस की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब उस व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जिसने कथित तौर पर हमला कराने के लिए सुपारी दी थी।

इसके अलावा पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और घटना से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।

Seoni News: सिवनी में 1.11 करोड़ की डकैती का 24 घंटे में खुलासा, 26 किलो चांदी और 320 ग्राम सोना बरामद; 7 आरोपी गिरफ्तार

Seoni News: NH-44 डकैती का खुलासा, 26 किलो चांदी और 320 ग्राम सोना बरामद; 7 आरोपी गिरफ्तार

सिवनी। बंडोल थाना क्षेत्र में NH-44 पर सराफा व्यापारी से हुई करीब ₹1.11 करोड़ की डकैती का सिवनी पुलिस ने महज 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात में शामिल बताए जा रहे 7 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए लूटा गया पूरा मशरूका बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान 320 ग्राम सोना, 26 किलो चांदी, नकदी से संबंधित बरामदगी के साथ वारदात में इस्तेमाल 2 मोटरसाइकिल और 7 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। बरामद कुल मशरूका की कीमत करीब ₹1.11 करोड़ बताई गई है।

NH-44 पर व्यापारी को घेरकर की थी डकैती

घटना 3 सितंबर 2026 की शाम करीब 6 बजे की है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, लखनवाड़ा निवासी योगेंद्र बघेल पिछले करीब 10 वर्षों से पार्टनरशिप में गांव-देहात के साप्ताहिक हाट बाजारों में सोने-चांदी के जेवर बेचने का काम करते हैं।

बंडोल बाजार से जेवरात लेकर वे मोटरसाइकिल से अपने घर लखनवाड़ा लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम भोंगाखेड़ा स्थित गीता वेयर हाउस के सामने NH-44 पर आरोपियों ने कथित तौर पर मोटरसाइकिल से ओवरटेक कर उनकी बाइक के सामने वाहन अड़ा दिया।

आंखों में मिर्च पाउडर डाला, चाकू दिखाकर लूटा

पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने व्यापारी की आंखों में मिर्च पाउडर फेंका, जिससे वे नीचे गिर गए। इसके बाद चाकू दिखाकर उन्हें डराया गया और उनके पास रखे सोने-चांदी के जेवरात एवं नकदी लेकर आरोपी फरार हो गए।

शिकायत के अनुसार लूटे गए सामान में करीब 26 किलो चांदी और 320 ग्राम सोने के जेवरात शामिल थे। व्यापारी ने लूटे गए माल की कुल कीमत करीब ₹1.08 करोड़ बताई थी।

मामले में बंडोल थाने में अपराध क्रमांक 350/2026, धारा 309(4) BNS के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

10 विशेष टीमों ने संभाला मोर्चा

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देश पर तत्काल 10 विशेष टीमों का गठन किया गया।

इन टीमों ने अलग-अलग दिशाओं में जांच करते हुए नागपुर, जबलपुर, कुरई, छपारा और लखनादौन समेत विभिन्न स्थानों के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

पुलिस के अनुसार, 200 से अधिक CCTV फुटेज/स्थानों की जांच की गई और संदिग्ध स्थानों पर लगातार दबिश दी गई।

24 घंटे के भीतर सातों आरोपी पुलिस गिरफ्त में

पुलिस की जांच और दबिश के बाद सभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का दावा है कि उनके कब्जे से लूटा गया 100 प्रतिशत मशरूका बरामद कर लिया गया है।

₹1.11 करोड़ का मशरूका बरामद

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार जब्त सामान में शामिल है—

बरामद सामान

अनुमानित कीमत

320 ग्राम सोना

करीब ₹48 लाख

26 किलो चांदी

करीब ₹60 लाख

2 मोटरसाइकिल

करीब ₹2 लाख

7 मोबाइल फोन

करीब ₹1 लाख

कुल

करीब ₹1.11 करोड़

यानी पुलिस के अनुसार लूटे गए सोने-चांदी के अलावा वारदात में इस्तेमाल वाहनों और मोबाइल फोन को भी जब्ती में शामिल किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों में कई पुराने अपराधी

पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों को आदतन अपराधी बताया है। उनके नाम और पूर्व अपराधों की संख्या इस प्रकार है—

  1. जितेन्द्र उर्फ जित्तू पिता माधव बंजारा, उम्र 26 वर्ष, बंजारा मोहल्ला बंडोल — 3 अपराध, जिनमें हत्या का मामला भी शामिल बताया गया है।
  2. भूपेन्द्र पिता गौतम जंघेला, उम्र 20 वर्ष, बंधा, थाना बंडोल — 4 अपराध।
  3. योगेश पिता राजकुमार साहू, उम्र 19 वर्ष, वार्ड नंबर 7 समनापुर, थाना लखनवाड़ा — 4 अपराध।
  4. राज उर्फ आरव पिता राजू उइके, उम्र 20 वर्ष, संजय कॉलोनी छपारा — 1 अपराध।
  5. दुर्गेश पिता धनीराम नागोत्रा, उम्र 23 वर्ष, भैरोगंज, कोतवाली — 3 अपराध।
  6. आकाश पिता विजय डेहरिया, उम्र 19 वर्ष, संजय कॉलोनी छपारा — 2 अपराध।
  7. आदित्य उर्फ सिद्धू पिता रविन्द्र लाहोरिया, उम्र 24 वर्ष, भैरोगंज, कोतवाली — 9 अपराध।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के जरिए वारदात की पूरी योजना, भूमिका और अन्य संभावित कड़ियों की जानकारी जुटा रही है।

जबलपुर से नागपुर तक CCTV खंगाले

इस मामले में पुलिस की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई CCTV फुटेज की जांच रही। पुलिस टीमों ने अलग-अलग रूट पर लगे कैमरों की फुटेज को खंगाला और संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रेस करने का प्रयास किया।

200 से अधिक CCTV फुटेज/स्थानों की जांच के बाद आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिलने की बात पुलिस ने कही है।

यह कार्रवाई सिवनी पुलिस के अलग-अलग थानों, यातायात पुलिस, साइबर सेल और रक्षित केंद्र की टीमों के संयुक्त प्रयास से हुई।

इन अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जबलपुर जोन प्रमोद वर्मा, पुलिस उपमहानिरीक्षक राकेश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन में की गई।

वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा, SDOP सिवनी चंचलेश मरकाम और SDOP लखनादौन अपूर्व भलावी के मार्गदर्शन में टीमों ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

कार्रवाई में बंडोल, लखनवाड़ा, कोतवाली, डूण्डासिवनी, छपारा, बरघाट, आदेगांव, अजाक, यातायात पुलिस, कंट्रोल रूम, साइबर सेल और रक्षित केंद्र के पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।

Highlights

  • NH-44 पर सराफा व्यापारी से करीब ₹1.08 करोड़ की डकैती।
  • घटना 3 सितंबर 2026 की शाम करीब 6 बजे हुई।
  • भोंगाखेड़ा के पास व्यापारी की आंखों में मिर्च पाउडर डाला गया।
  • चाकू दिखाकर 320 ग्राम सोना और 26 किलो चांदी लूटी गई।
  • सिवनी पुलिस ने 24 घंटे में केस का खुलासा करने का दावा किया।
  • 7 आरोपी गिरफ्तार किए गए।
  • 200 से अधिक CCTV फुटेज/स्थानों की जांच की गई।
  • पुलिस ने 100% लूटा गया मशरूका बरामद करने की बात कही।
  • कुल जब्त मशरूका की कीमत करीब ₹1.11 करोड़ बताई गई।
  • आरोपियों से पूछताछ जारी है।

इस खबर का असर

NH-44 पर इतनी बड़ी डकैती के बाद सिवनी पुलिस के सामने आरोपियों को जल्द पकड़ना बड़ी चुनौती थी। पुलिस के मुताबिक 10 विशेष टीमों और 200 से अधिक CCTV फुटेज की जांच के जरिए 24 घंटे के भीतर सातों आरोपियों तक पहुंच बनाई गई और लूटे गए सोने-चांदी की पूरी मात्रा बरामद कर ली गई।

खास बात यह है कि पुलिस ने आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी साझा की है। अब आगे की जांच में यह पता लगाया जाना महत्वपूर्ण होगा कि वारदात की योजना कैसे बनाई गई और क्या आरोपियों ने इससे पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया था।

बंडोल के भोंगाखेड़ा में सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों की डकैती का सिवनी पुलिस ने तेजी से खुलासा किया है। 7 आरोपियों की गिरफ्तारी और करीब ₹1.11 करोड़ के मशरूके की बरामदगी पुलिस की इस कार्रवाई की सबसे बड़ी उपलब्धि बताई जा रही है।

नोट: आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और उनकी आपराधिक भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।


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सिवनी में NH-44 पर सराफा व्यापारी से ₹1.08 करोड़ की डकैती का 24 घंटे में खुलासा। 7 आरोपी गिरफ्तार, 320 ग्राम सोना और 26 किलो चांदी बरामद।

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  1. सिवनी में NH-44 पर अपराध और पुलिस कार्रवाई की प्रमुख खबरें
  2. बंडोल थाना क्षेत्र की बड़ी आपराधिक घटनाएं
  3. सिवनी पुलिस की बड़ी सफलताएं और गिरफ्तारियां
  4. सिवनी में व्यापारियों के साथ लूट और चोरी के मामले
  5. सिवनी-जबलपुर और सिवनी-नागपुर मार्ग की प्रमुख खबरें

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24 घंटे में करोड़ों की डकैती का खुलासा!

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  • ऊपर लाल पट्टी: BIG BREAKING
  • सेंटर बड़े पीले अक्षरों में: ₹1.11 करोड़ बरामद!
  • नीचे सफेद/पीले टेक्स्ट में: 7 आरोपी गिरफ्तार
  • एक छोटे लाल बॉक्स में: 24 घंटे में खुलासा
  • बैकग्राउंड में NH-44 + पुलिस + सोने-चांदी के जेवर + CCTV का विजुअल रखें।
  • 7 आरोपियों की तस्वीर उपलब्ध होने पर छोटे-छोटे कटआउट में लगाई जा सकती हैं।

सिवनी में गेहूं खरीदी केंद्र पर बड़ा खुलासा: 1,156 क्विंटल गेहूं का हिसाब नहीं मिला, कलेक्टर नेहा मीना को मिली शिकायत, 3 के खिलाफ FIR

Seoni News: कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र में 1,156 क्विंटल गेहूं की कमी, प्रबंधक समेत 3 पर FIR – सिवनी। किसानों की शिकायत पर जिला प्रशासन ने गेहूं खरीदी केंद्र कुड़ारी की जांच कराई तो उपार्जन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में खरीदी गई गेहूं की मात्रा और गोदाम में जमा गेहूं के बीच 1,156.26 क्विंटल का अंतर पाया गया, जिसकी समर्थन मूल्य के हिसाब से कीमत ₹30.35 लाख से अधिक है।

मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सेवा सहकारी समिति कुड़ारी के प्रबंधक सरदारी लाल यादव, खरीदी केंद्र प्रभारी वीरेन्द्र बघेल और कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेयास बघेल के खिलाफ 4 सितंबर 2026 को धनौरा थाने में FIR दर्ज कराई है।

Highlights

  • कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
  • 480 किसानों से 56,501.50 क्विंटल गेहूं खरीदा गया।
  • गोदाम में 55,345.24 क्विंटल गेहूं ही जमा हुआ।
  • 1,156.26 क्विंटल गेहूं की मात्रा का अंतर मिला।
  • इस मात्रा की समर्थन मूल्य पर कीमत ₹30,35,182.50 है।
  • 19 किसानों का भुगतान लंबित हुआ था, जिसे बाद में कराया गया।
  • प्रबंधक समेत 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
  • FIR 4 सितंबर 2026 को धनौरा थाने में दर्ज हुई।

जनसुनवाई में किसानों ने उठाई थी शिकायत

पूरा मामला 4 अगस्त 2026 को जनपद पंचायत धनौरा में आयोजित विशेष जनसुनवाई शिविर से सामने आया। यहां किसानों ने कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के सामने गेहूं खरीदी केंद्र कुड़ारी को लेकर सामूहिक शिकायत दर्ज कराई थी। किसानों का आरोप था कि गेहूं की तुलाई और खरीदी दर्ज करने के नाम पर उनसे प्रति क्विंटल ₹20 से ₹25 अतिरिक्त राशि ली जा रही थी। इसके अलावा खरीदी गई गेहूं के अनुपात में गोदामों में पर्याप्त मात्रा जमा नहीं होने की शिकायत भी की गई थी।

भुगतान में देरी से किसान परेशान

किसानों ने प्रशासन को बताया था कि गेहूं खरीदी समाप्त होने के करीब एक महीने बाद भी कुछ किसानों का भुगतान लंबित था। उन्होंने पूरे मामले की जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और लंबित भुगतान जल्द कराने की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जिला स्तरीय जांच दल गठित कर मामले की जांच के निर्देश दिए।

480 किसानों से खरीदा गया 56,501.50 क्विंटल गेहूं

जिला स्तरीय जांच में सामने आया कि कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र पर कुल 480 किसानों से समर्थन मूल्य पर 56,501.50 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। हैंडलिंग, परिवहन, गोदाम में भंडारण और भंडारण के दौरान गेहूं रिजेक्ट होने की स्थिति में अपग्रेडेशन एवं सेग्रिगेशन की प्रक्रिया के बाद गोदाम में वास्तविक रूप से 55,345.24 क्विंटल गेहूं जमा कराया गया। यानी खरीदी गई कुल मात्रा और गोदाम में जमा गेहूं के बीच 1,156.26 क्विंटल का अंतर पाया गया।

₹30.35 लाख से ज्यादा की गेहूं की मात्रा का अंतर

जांच के अनुसार 1,156.26 क्विंटल गेहूं की समर्थन मूल्य के आधार पर कीमत ₹30,35,182.50 आंकी गई है। इस मात्रा के गोदाम में जमा नहीं होने के कारण खरीदी केंद्र से जुड़े 19 किसानों का भुगतान लंबित हो गया था। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जांच में सामने आया मात्रा का अंतर अपने आप में किसी व्यक्ति द्वारा गेहूं की चोरी या गबन साबित नहीं करता। मामले में पुलिस FIR दर्ज कर चुकी है और आगे की जांच में जिम्मेदारी एवं पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।

कलेक्टर के निर्देश पर 19 किसानों का भुगतान कराया गया

प्रशासन ने किसानों के हित को प्राथमिकता देते हुए लंबित भुगतान की समस्या का तत्काल समाधान कराया। किसानों को समय पर भुगतान दिलाने के लिए शासन से अतिरिक्त राशि की मांग की गई और संबंधित 19 किसानों का भुगतान कराया गया। इस कार्रवाई से उन किसानों को राहत मिली, जिनका भुगतान खरीदी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अटका हुआ था।

प्रबंधक समेत तीन के खिलाफ FIR

जांच में उपार्जन कार्य के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद खरीदी केंद्र के विरुद्ध प्रकरण तैयार किया गया। इसके आधार पर 4 सितंबर 2026 को धनौरा पुलिस थाने में इन तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई—

  • सरदारी लाल यादव — प्रबंधक, सेवा सहकारी समिति कुड़ारी
  • वीरेन्द्र बघेल — खरीदी केंद्र प्रभारी
  • श्रेयास बघेल — कम्प्यूटर ऑपरेटर

अब पुलिस FIR में दर्ज तथ्यों और जांच के आधार पर मामले की आगे पड़ताल करेगी।

किसानों की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई का संदेश

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि किसानों से जुड़ी शिकायतों का गंभीरता और प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाएगा। उपार्जन कार्य में किसी भी तरह की अनियमितता, लापरवाही या किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कुड़ारी खरीदी केंद्र की जांच और FIR के बाद जिले के अन्य गेहूं खरीदी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर भी प्रशासनिक निगरानी और सख्त होने की संभावना है। खासकर किसानों से अतिरिक्त राशि लेने, खरीदी के आंकड़ों और गोदाम में जमा अनाज की मात्रा के मिलान जैसे मामलों पर प्रशासन की नजर रहेगी।

किसानों की शिकायत से शुरू हुई जांच में कुड़ारी गेहूं खरीदी केंद्र पर खरीदी और भंडारण की मात्रा में बड़ा अंतर सामने आया है। प्रशासन ने लंबित किसानों का भुगतान कराया और अब तीन संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ FIR के बाद पुलिस जांच आगे बढ़ेगी।

सिवनी के युवक से होटल लीज के नाम पर 50 लाख की ठगी! फर्जी IAS बनकर घूमने वाली तृप्ति सिंह पर 4 FIR दर्ज

भोपाल/सिवनी। ट्रेनी IAS अधिकारी और मध्यप्रदेश टूरिज्म (MPT) में एडिशनल डायरेक्टर होने का कथित दावा कर लोगों को अपने जाल में फंसाने वाली तृप्ति सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बागसेवनिया पुलिस ने उसके खिलाफ एक और मामला दर्ज किया है, जिसमें सिवनी निवासी युवक से होटल लीज दिलाने के नाम पर करीब ₹50 लाख लेने का आरोप है।

नए मामले के बाद तृप्ति सिंह के खिलाफ दर्ज FIR की संख्या चार हो गई है। इनमें दो मामले अशोकनगर के हैं, जबकि दो FIR भोपाल के बागसेवनिया थाने में दर्ज हुई हैं।

SEONI के युवक से होटल लीज के नाम पर लिए करीब 50 लाख

पुलिस के अनुसार, सिवनी निवासी 31 वर्षीय गगन उपवंशी ने बागसेवनिया थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तृप्ति सिंह, उसके भाई सुधांशु सिंह और सहयोगी प्रखर ने मध्यप्रदेश टूरिज्म के माध्यम से होटल लीज दिलाने का भरोसा दिलाया।

आरोप है कि तीनों ने अपने कथित पद और प्रभाव का हवाला देकर गगन का विश्वास हासिल किया और होटल लीज की व्यवस्था कराने के नाम पर करीब ₹50 लाख ले लिए।

काफी समय बीतने के बाद भी जब होटल लीज नहीं मिली तो गगन को संदेह हुआ। इसके बाद उसने आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई और उसे पता चला कि तृप्ति सिंह IAS अधिकारी नहीं है। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की।

पांच दिन की जांच के बाद दर्ज हुई FIR

पुलिस ने शिकायत की प्रारंभिक जांच करीब पांच दिन तक की। इसके बाद मंगलवार देर रात तृप्ति सिंह, सुधांशु सिंह और प्रखर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई।

पुलिस अब पूरे मामले में पैसों के लेन-देन और होटल लीज के नाम पर किए गए कथित वादों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

पहले भी 39.17 लाख की ठगी का मामला

इससे पहले बागसेवनिया पुलिस ने बालाघाट जिले के खैरलांजी तहसील के चिचोली निवासी 29 वर्षीय रोहित लिल्हारे की शिकायत पर तृप्ति सिंह, सुधांशु सिंह, प्रखर और अन्य सहयोगियों के खिलाफ करीब 39.17 लाख की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।

इस मामले में आरोप लगाया गया था कि तृप्ति ने खुद को ट्रेनी IAS अधिकारी और MPT की एडिशनल डायरेक्टर बताते हुए होटल-रिसॉर्ट की लीज दिलाने और नौकरी लगवाने का भरोसा दिया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने होटल लीज के नाम पर 35.30 लाख और नौकरी दिलाने के नाम पर 3.87 लाख लिए। इस तरह कुल 39.17 लाख लेने का आरोप है। इनमें से तृप्ति ने कथित तौर पर केवल 1 लाख ऑनलाइन वापस किए।

अशोकनगर में पहले से दर्ज हैं दो मामले

पुलिस के अनुसार, तृप्ति सिंह के खिलाफ अशोकनगर में पहले ही दो FIR दर्ज हो चुकी हैं। अब बागसेवनिया थाने में दो मामले दर्ज होने के बाद उसके खिलाफ दर्ज मामलों की कुल संख्या चार हो गई है।

लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और लोगों से हासिल की गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।

अशोकनगर जेल में बंद है तृप्ति सिंह

तृप्ति सिंह वर्तमान में अशोकनगर जेल में बंद है। बागसेवनिया पुलिस उसे नए मामले में पूछताछ के लिए भोपाल लाने की तैयारी कर रही है।

पुलिस टीम अशोकनगर पहुंच चुकी है और प्रोडक्शन वारंट के जरिए तृप्ति को अपनी हिरासत में लेने की कार्रवाई कर रही है। पुलिस के मुताबिक, रिमांड मिलने के बाद उसे भोपाल लाकर पूछताछ की जाएगी।

पूछताछ में खुल सकते हैं नेटवर्क से जुड़े राज

पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान होटल लीज, नौकरी दिलाने और कथित पद-प्रभाव का इस्तेमाल कर लोगों से रकम लेने के तरीके से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। साथ ही अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

नोट: पुलिस में दर्ज शिकायत और FIR में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। आरोप सिद्ध होने तक संबंधित व्यक्तियों को दोषी नहीं माना जा सकता।

Highlights

  • सिवनी निवासी गगन उपवंशी ने करीब ₹50 लाख लेने का आरोप लगाया।
  • होटल लीज दिलाने के नाम पर रकम लेने की शिकायत।
  • तृप्ति सिंह, सुधांशु सिंह और प्रखर के खिलाफ नई FIR।
  • बागसेवनिया थाने में तृप्ति के खिलाफ यह दूसरी FIR है।
  • अशोकनगर के दो मामलों समेत कुल चार FIR दर्ज होने की बात पुलिस ने कही।
  • तृप्ति फिलहाल अशोकनगर जेल में बंद है।
  • पुलिस प्रोडक्शन वारंट के जरिए उसे भोपाल लाने की तैयारी में है।

नए मामले के सामने आने के बाद तृप्ति सिंह पर लगे कथित धोखाधड़ी के आरोपों की जांच का दायरा बढ़ गया है। खास तौर पर होटल लीज और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रकम लेने के आरोपों को लेकर पुलिस अब कथित नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर सकती है।

सिवनी निवासी युवक की शिकायत पर दर्ज नई FIR ने तृप्ति सिंह के खिलाफ चल रही जांच को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस की पूछताछ और दस्तावेजी जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित तौर पर कितने लोगों से रकम ली गई और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था।

Seoni News: सिवनी के लोगों के लिए जरूरी खबर, नेपाल-तिब्बत यात्रा पर गए नागरिकों की जानकारी के लिए हेल्पलाइन जारी

सिवनी। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में हाल में हुई प्राकृतिक आपदा को देखते हुए सिवनी जिला प्रशासन ने जिले के उन नागरिकों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है, जो नेपाल या तिब्बत की यात्रा पर गए हैं। इनमें पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालुओं की जानकारी भी शामिल है।

प्रशासन ने ऐसे लोगों के परिजनों और रिश्तेदारों से अपील की है कि यदि उनका कोई करीबी नेपाल या तिब्बत में मौजूद है, तो उसकी वर्तमान स्थिति और लोकेशन की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराएं।

हेल्पलाइन नंबर पर दें जानकारी

जिला प्रशासन द्वारा नेपाल-तिब्बत यात्रा पर गए सिवनी जिले के नागरिकों की जानकारी संकलित करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

हेल्पलाइन नंबर: 70493 25633

इस नंबर पर नागरिक अपने परिवार के सदस्य या रिश्तेदार के संबंध में उपलब्ध जानकारी साझा कर सकते हैं।

किन लोगों की जानकारी दी जा सकती है?

  • नेपाल की यात्रा पर गए सिवनी जिले के नागरिक
  • तिब्बत की यात्रा पर गए नागरिक
  • नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में गए पर्यटक
  • तीर्थयात्री
  • कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु
  • यात्रा पर गए ऐसे नागरिक जिनसे वर्तमान स्थिति को लेकर संपर्क नहीं हो पा रहा है

जानकारी मिलने के बाद क्या होगा?

जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी को राज्य शासन और गृह मंत्रालय के साथ समन्वय में उपयोग किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित नागरिकों के लिए राहत, बचाव और आवश्यक सहायता से जुड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

प्रशासन का उद्देश्य नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में मौजूद सिवनी जिले के नागरिकों की स्थिति और लोकेशन से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित रूप से संकलित करना है।

जिला प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने आमजन से आग्रह किया है कि नेपाल अथवा तिब्बत यात्रा पर गए सिवनी जिले के किसी नागरिक के संबंध में उनके पास जानकारी है, तो उसे बिना देरी के हेल्पलाइन नंबर पर साझा करें। इससे जरूरत की स्थिति में संबंधित व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर समन्वय किया जा सकेगा।

Highlights

  • नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा के बाद प्रशासन सक्रिय।
  • सिवनी जिले से यात्रा पर गए नागरिकों की जानकारी जुटाई जा रही है।
  • कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु भी दायरे में।
  • परिजन वर्तमान स्थिति और लोकेशन की जानकारी दे सकते हैं।
  • हेल्पलाइन: 70493 25633

नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में यात्रा कर रहे सिवनी के नागरिकों के परिजनों के लिए यह हेल्पलाइन महत्वपूर्ण है। प्रशासन को समय पर जानकारी मिलने से जरूरत पड़ने पर राज्य शासन और गृह मंत्रालय के स्तर पर संबंधित यात्रियों की सहायता के लिए समन्वय करना आसान होगा।

निष्कर्ष: नेपाल या तिब्बत यात्रा पर गए सिवनी जिले के किसी नागरिक की जानकारी आपके पास है, तो उसे हेल्पलाइन नंबर 70493 25633 पर साझा करें।