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सिवनी में नशे के खिलाफ उमड़ा जनसैलाब, 2000 से ज्यादा लोगों ने बनाई मानव श्रृंखला और ली नशामुक्ति की शपथ

Seoni News: ‘नशे से दूरी, है ज़रूरी 2.0’ अभियान के तहत शौर्य चौक पर 2000 से अधिक लोगों ने बनाई मानव श्रृंखला

मध्यप्रदेश शासन के “नशे से दूरी, है ज़रूरी 2.0” महाअभियान के तहत सिवनी में रविवार को नशामुक्त समाज का संदेश देने के लिए एक भव्य जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शौर्य चौक और शौर्य पथ पर 2,000 से अधिक छात्र-छात्राओं, पुलिस अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने मानव श्रृंखला बनाकर नशे के खिलाफ एकजुटता दिखाई और नशामुक्ति की शपथ ली।

मुख्य बातें

  • शौर्य चौक से शौर्य पथ तक बनी विशाल मानव श्रृंखला।
  • 2,000 से अधिक छात्र-छात्राओं और नागरिकों ने लिया हिस्सा।
  • “नशे से दूरी, है ज़रूरी 2.0” अभियान के तहत हुआ आयोजन।
  • एएसपी दीपक मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ कार्यक्रम।
  • मानस हेल्पलाइन 1933 और नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 की दी गई जानकारी।

नशे के खिलाफ सिवनी ने दिया एकजुटता का संदेश

मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार 15 से 30 जुलाई 2026 तक चल रहे “नशे से दूरी, है ज़रूरी 2.0” महाअभियान के अंतर्गत 20 जुलाई को सिवनी के शौर्य चौक स्थित मातृशक्ति संगठन द्वारा स्थापित टैंक टी-55 के सामने विशाल मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया।

पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी (भा.पु.से.) के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा समाज को नशामुक्त बनाने का संदेश देना था।

2,000 से अधिक लोगों ने बनाई मानव श्रृंखला

कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों सहित करीब 2,000 लोगों ने भाग लिया। शौर्य चौक से शौर्य पथ तक बनी मानव श्रृंखला ने यह संदेश दिया कि समाज का हर वर्ग नशे के खिलाफ एकजुट है।

पुलिस अधिकारियों ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को “नशा मुक्त भारत” का संकल्प दिलाया गया। प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे स्वयं नशा नहीं करेंगे, दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

नशे के दुष्प्रभावों पर किया गया जागरूक

पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और नागरिकों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। साथ ही मानस हेल्पलाइन 1933 एवं नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 के बारे में जानकारी देते हुए जागरूकता पंपलेट भी वितरित किए गए।

एएसपी दीपक मिश्रा ने क्या कहा?

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि शौर्य चौक पर बनी यह मानव श्रृंखला इस बात का प्रतीक है कि सिवनी का युवा और समाज नशे के खिलाफ मजबूती से खड़ा है।

युवाओं से की गई विशेष अपील

नगर पुलिस अधीक्षक चंचलेश मरकाम ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे अपने मित्रों और साथियों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें तथा खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।

वहीं मातृशक्ति संगठन और मार्गिक फाउंडेशन की पदाधिकारियों ने कहा कि परिवार को नशामुक्त बनाने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।

कार्यक्रम में रहे मौजूद

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा, नगर पुलिस अधीक्षक चंचलेश मरकाम, कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी, लखनवाड़ा थाना प्रभारी चंद्र किशोर सिरामे, डूंडा सिवनी थाना प्रभारी सी.एस. उइके, अजाक थाना प्रभारी अनंती मर्सकोले, नियंत्रण कक्ष प्रभारी निरीक्षक ओमेश्वर ठाकरे, महिला थाना प्रभारी संदीपिका ठाकुर, यातायात प्रभारी विजय बघेल, सूबेदार जितेंद्र रावतकर सहित जिले के विभिन्न पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा 15 से 30 जुलाई 2026 तक राज्यभर में “नशे से दूरी, है ज़रूरी 2.0” अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना, समाज में जनजागरूकता बढ़ाना और नशामुक्त वातावरण तैयार करना है।

ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम युवाओं और समाज में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशासन का मानना है कि पुलिस, सामाजिक संगठनों और नागरिकों की सहभागिता से नशामुक्त समाज बनाने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

सिवनी में आयोजित यह विशाल मानव श्रृंखला केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनी। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी सफल होगी जब समाज का हर वर्ग इसमें अपनी जिम्मेदारी निभाए।

घंसौर में चोरों का बड़ा धावा! एक ही रात में बाबू और 4 पटवारियों के सरकारी आवासों के ताले टूटे, लाखों की चोरी

उमेश श्रीवास्तव, Seoni News: घंसौर की मॉडल कॉलोनी में एक साथ 5 सरकारी आवासों में चोरी, बाबू और चार पटवारियों को बनाया निशाना

सिवनी जिले के घंसौर में चोरों ने एक ही रात में बड़ी वारदात को अंजाम देकर पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। मॉडल कॉलोनी स्थित सरकारी आवासों में घुसकर अज्ञात बदमाशों ने एक बाबू और चार पटवारियों के घरों से लाखों रुपये के जेवर, नकदी और कीमती सामान चोरी कर लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

मुख्य बातें

  • घंसौर की मॉडल कॉलोनी में एक ही रात में 5 सरकारी आवासों में चोरी।
  • एक बाबू और चार पटवारियों के घरों को बनाया गया निशाना।
  • सोने-चांदी के जेवर, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी।
  • पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
  • CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों की तलाश जारी।

मॉडल कॉलोनी में एक साथ पांच सरकारी आवासों में चोरी

घंसौर थाना क्षेत्र की मॉडल कॉलोनी में अज्ञात चोरों ने सुनियोजित तरीके से एक बाबू और चार पटवारियों के सरकारी आवासों के ताले तोड़ दिए। चोर घरों के अंदर रखे सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चोरी गया सामान लाखों रुपये का बताया जा रहा है।

सुबह टूटी मिली ताले, मची अफरा-तफरी

घटना की जानकारी उस समय सामने आई जब सुबह संबंधित कर्मचारियों ने अपने सरकारी आवासों के ताले टूटे हुए देखे। इसके बाद तत्काल घंसौर थाना पुलिस को सूचना दी गई। एक साथ कई सरकारी आवासों में चोरी की खबर फैलते ही कॉलोनी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस ने शुरू की जांच, CCTV फुटेज खंगाली जा रही

सूचना मिलते ही घंसौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और आरोपियों तक जल्द पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

क्षेत्र में बढ़ी चिंता, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

एक ही रात में पांच सरकारी आवासों को निशाना बनाए जाने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि सरकारी कॉलोनी भी सुरक्षित नहीं है तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

पुलिस का बयान

घंसौर पुलिस के अनुसार, चोरी की घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अज्ञात चोरों की तलाश जारी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।

हाल के समय में कई क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। ऐसे में लगातार हो रही वारदातों के बाद रात्रि गश्त और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग तेज हो रही है।

इस खबर का असर

सरकारी कर्मचारियों के आवासों में एक साथ हुई चोरी की इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है। पुलिस पर भी जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का खुलासा करने का दबाव बढ़ गया है।

घंसौर की मॉडल कॉलोनी में हुई यह चोरी सामान्य वारदात नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या सुराग सामने आते हैं और अज्ञात चोर कब तक कानून के शिकंजे में आते हैं।

Seoni News: खेत तालाब योजना में भारी गड़बड़ी, 300 दिन पुरानी CM हेल्पलाइन शिकायत मोटी रकम के बदले स्पेशल क्लोज?

Seoni Barghat News: मध्यप्रदेश सरकार की CM हेल्पलाइन 181 का उद्देश्य लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान करना है। लेकिन सिवनी जिले के बरघाट विकासखंड की ग्राम पंचायत धारनाकला से सामने आए एक मामले ने इस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आरोप है कि खेत तालाब योजना में कथित अनियमितताओं की शिकायत पर करीब 300 दिन तक जांच नहीं हुई और बाद में शिकायत को “स्पेशल क्लोज” करने की सिफारिश कर दी गई।

मुख्य बातें

  • ग्राम पंचायत धारनाकला में खेत तालाब योजना में कथित अनियमितताओं का आरोप।
  • शिकायतकर्ता ने CM हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई थी।
  • दावा है कि करीब 300 दिन तक शिकायत पर जांच नहीं हुई।
  • शिकायत को बाद में “स्पेशल क्लोज” किए जाने पर सवाल उठे।
  • जिला पंचायत सीईओ ने निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है।

खेत तालाब योजना में अनियमितताओं के आरोप

सिवनी जिले के बरघाट विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत धारनाकला में खेत तालाब योजना के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि योजना के तहत ऐसे खेत तालाबों के नाम पर भी शासकीय राशि का भुगतान किया गया, जिनके निर्माण का दावा विवादों के घेरे में है।

आरोपों के अनुसार, इस कार्य में कथित रूप से फर्जी मस्टर रोल तैयार किए गए और ऐसे लोगों के नाम पर भी मजदूरी दर्शाई गई, जिन्होंने काम नहीं किया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

300 दिन तक जांच नहीं, फिर शिकायत स्पेशल क्लोज

शिकायतकर्ता ने इन कथित अनियमितताओं को लेकर CM हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के लगभग 300 दिन बाद भी संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू नहीं की।

इसी बीच शिकायत को “स्पेशल क्लोज” करने की सिफारिश किए जाने से शिकायतकर्ता ने पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बिना जांच के शिकायत बंद करने का प्रयास किया गया।

जनपद पंचायत बरघाट की भूमिका पर उठे सवाल

मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने जनपद पंचायत बरघाट के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि शिकायत की विधिवत जांच होती तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती थी।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है और संबंधित विभाग की विस्तृत जांच अभी बाकी है।

जिला पंचायत सीईओ ने क्या कहा?

इस मामले में जिला पंचायत सिवनी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) अंजुली शाह ने कहा कि जनपद पंचायत बरघाट द्वारा शिकायत को स्पेशल क्लोज करने की सिफारिश भेजी गई थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शिकायत पर जांच नहीं हुई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

मध्यप्रदेश सरकार ने CM हेल्पलाइन 181 की शुरुआत नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की थी। इस व्यवस्था का मकसद यह है कि निर्धारित समयसीमा में शिकायतों का निराकरण हो और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा सके।

ऐसे मामलों में यदि बिना जांच शिकायतों के निराकरण को लेकर सवाल उठते हैं, तो इससे शिकायत निवारण प्रणाली की पारदर्शिता पर भी बहस शुरू हो जाती है।

यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं तो खेत तालाब योजना के तहत हुए कार्यों की विस्तृत जांच हो सकती है। साथ ही शिकायत के निस्तारण की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा संभव है। वहीं यदि जांच में आरोप गलत साबित होते हैं तो इससे प्रशासनिक पक्ष भी स्पष्ट हो जाएगा।

धारनाकला पंचायत का यह मामला केवल एक शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और शिकायत निवारण व्यवस्था की विश्वसनीयता से भी जुड़ा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रस्तावित जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारी किसकी तय होती है।

बरघाट जनपद पंचायत विवाद: CEO और अध्यक्ष के विवाद के बीच विधायक कमल मर्सकोले की भूमिका पर उठे सवाल

बरघाट जनपद पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और जनपद अध्यक्ष आभा राहंगडाले के बीच चल रहे विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। इस मामले में एक जनपद सदस्य ने स्थानीय विधायक कमल मर्सकोले की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किए जाने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

मुख्य बातें

  • बरघाट जनपद पंचायत में CEO और अध्यक्ष के बीच विवाद चर्चा का विषय बना।
  • जनपद सदस्य ने विधायक कमल मर्सकोले की भूमिका पर सवाल उठाए।
  • आरोप है कि विधायक सामान्य सभा और सामान्य प्रशासन समिति की बैठकों में नियमित रूप से शामिल नहीं हुए।
  • दावा किया गया कि आपसी समन्वय की कमी का असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है।
  • विधायक से विवाद सुलझाने के लिए पहल करने की अपील की गई।

बरघाट जनपद पंचायत विवाद में विधायक की भूमिका पर उठे सवाल

बरघाट जनपद पंचायत में CEO और जनपद अध्यक्ष आभा राहंगडाले के बीच पिछले कुछ समय से चल रहे विवाद के बीच अब जनप्रतिनिधियों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। एक जनपद सदस्य ने सार्वजनिक रूप से विधायक कमल मर्सकोले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में सबसे बड़ी कमी नेतृत्व और समन्वय की रही है।

उनका कहना है कि यदि समय रहते दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कराया जाता तो विवाद इस स्तर तक नहीं पहुंचता और विकास कार्यों में बाधा नहीं आती।

बैठकों में अनुपस्थिति का लगाया आरोप

सामान्य सभा और प्रशासनिक बैठकों का किया जिक्र

जनपद सदस्य ने आरोप लगाया कि बरघाट जनपद पंचायत में पिछले चार वर्षों से अधिक समय के दौरान विधायक कमल मर्सकोले सामान्य सभा तथा सामान्य प्रशासन समिति की बैठकों में शामिल नहीं हुए।

उनका कहना है कि विधायक के रूप में यह नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वे जनपद की बैठकों में उपस्थित होकर 90 ग्राम पंचायतों से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा करें, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करें तथा आवश्यक मार्गदर्शन दें।

नोट: इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और विधायक की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

CEO और अध्यक्ष के बीच विवाद का असर विकास कार्यों पर?

जनपद सदस्य का दावा है कि CEO और अध्यक्ष के बीच विवाद कई दिनों से जारी था और इसकी जानकारी स्थानीय स्तर पर थी। इसके बावजूद विवाद को सुलझाने के लिए प्रभावी पहल नहीं होने से विकास कार्यों की गति प्रभावित हुई।

उन्होंने कहा कि इसका असर केवल जनपद सदस्यों पर ही नहीं बल्कि क्षेत्र की आम जनता पर भी पड़ रहा है, क्योंकि कई विकास कार्यों में देरी की स्थिति बन सकती है।

विधायक से हस्तक्षेप की अपील

जनपद सदस्य ने विधायक कमल मर्सकोले से आग्रह किया है कि वे इस पूरे मामले में पहल करते हुए दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराएं और विवाद का समाधान निकालने का प्रयास करें। उनका कहना है कि जनपद पंचायत में बेहतर समन्वय स्थापित होने से विकास कार्यों को गति मिल सकेगी।

बरघाट जनपद पंचायत में हाल के दिनों में CEO और जनपद अध्यक्ष आभा राहंगडाले के बीच विवाद चर्चा का विषय रहा है। इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में लगातार चर्चाएं हो रही हैं। अब इस विवाद को लेकर जनप्रतिनिधियों की ओर से भी सार्वजनिक बयान सामने आने लगे हैं।

यदि जनपद पंचायत में प्रशासन और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय मजबूत नहीं होता है, तो विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ सकता है। ऐसे मामलों में समय पर संवाद और समाधान स्थानीय विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

बरघाट जनपद पंचायत का विवाद अब केवल प्रशासनिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इसमें जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है। मामले का समाधान संवाद और समन्वय के जरिए निकलना क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा।

SEONI में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के 17वें स्थापना दिवस पर हुआ CSC DIWAS का भव्य आयोजन

Seoni News: कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर जिले में सीएससी दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर), जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा आम नागरिकों ने भाग लिया।

आयोजन का उद्देश्य नागरिकों को सीएससी के माध्यम से उपलब्ध डिजिटल एवं जनकल्याणकारी सेवाओं की जानकारी देना तथा डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम के दौरान सीएससी द्वारा प्रदान की जा रही विभिन्न सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

इनमें आयुष्मान भारत कार्ड, पैन कार्ड, आधार सेवाएं, डिजीपे के माध्यम से बैंकिंग एवं डिजिटल भुगतान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, ई-श्रम पंजीकरण, टेली-लॉ (निःशुल्क विधिक परामर्श), ई-कोर्ट सेवाएं, रेल टिकट आरक्षण, बिजली-पानी एवं अन्य उपयोगिता बिलों का भुगतान, बीमा एवं पेंशन सेवाएं, पासपोर्ट आवेदन, डिजिटल शिक्षा, कृषि सेवाएं, लोनबाज़ार के माध्यम से ऋण सुविधा, कौशल विकास तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं शामिल हैं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती सविता आर्य (तकनीकी सहायक, जिला पंचायत), डीपीएम आरजीएसए श्री भुवनेश डेहरिया, जिला परियोजना प्रबंधक श्री संजय रस्तोगी तथा एनआरएलएम वित्त समावेश के जिला प्रबंधक श्री राजेंद्र शुक्ला उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सीएससी जिला प्रबंधक श्री शिवांशु जंघेला ने कहा कि पिछले 17 वर्षों में सीएससी ने ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की सेवाओं को सरल, पारदर्शी और सुलभ रूप में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि आज सीएससी डिजिटल इंडिया अभियान का मजबूत आधार बन चुका है, जो नागरिकों को उनके गांव के निकट ही सरकारी एवं निजी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।

इससे लोगों के समय और धन की बचत होने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।

कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वीएलई अमोल बिसेन, उज्जवल कटरे, राजेश कुल्हाड़े, संजय सोनी, मोहम्मद रेहान खान एवं पंकज चौधरी को प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान देकर सम्मानित किया गया।

नटराज स्वीट्स सिवनी को नोटिस जारी: समोसे में मरी मक्खी का वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया खाद्य विभाग, नटराज स्वीट्स सिवनी से लिया सैंपल

Natraj Sweets Seoni: शहर के चर्चित नटराज स्वीट्स में समोसे में मरी हुई मक्खी मिलने का वीडियो वायरल होने और इस मामले को “खबर सत्ता” द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद आखिरकार खाद्य सुरक्षा विभाग हरकत में आ गया। विभाग ने प्रतिष्ठान का निरीक्षण कर समोसे का नमूना जांच के लिए एकत्रित किया और परिसर में स्वच्छता संबंधी कमियां पाए जाने पर खाद्य कारोबारकर्ता को सुधार सूचना पत्र (Improvement Notice) जारी किया है।

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के निर्देशानुसार जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटखोरी पर नियंत्रण के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा चलित खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से मंगलवार को शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों पर त्वरित जांच एवं सैंपलिंग की कार्रवाई की गई।

नटराज स्वीट्स में समोसे का सैंपल, स्वच्छता में मिली कमियां

खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बताया कि 13 जुलाई 2026 को कचहरी चौक स्थित नटराज स्वीट्स का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान समोसे का नमूना जांच के लिए लिया गया। साथ ही प्रतिष्ठान में स्वच्छता संबंधी निर्देशों का पूर्ण पालन नहीं मिलने पर संचालक को सुधार सूचना पत्र जारी किया गया।

“खबर सत्ता” की खबर के बाद हुई कार्रवाई

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले नटराज स्वीट्स के समोसे में मरी हुई मक्खी मिलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले को “खबर सत्ता” ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद खाद्य विभाग ने जांच प्रक्रिया शुरू करते हुए समोसे का सैंपल एकत्रित किया।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

स्थानीय लोगों के अनुसार बीते कई वर्षों में नटराज स्वीट्स के समोसों में कभी बाल तो कभी मक्खी मिलने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि हर बार विभागीय कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित रहने के आरोप भी लगते रहे हैं। इस बार भी लोगों की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

सुधार नहीं होने पर लाइसेंस निलंबन की चेतावनी

खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में आवश्यक सुधार नहीं किए गए या खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन जारी रहा, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खाद्य लाइसेंस के निलंबन सहित नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने कहा है कि जिलेभर में आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निरीक्षण, स्पॉट टेस्टिंग और सैंपलिंग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

कई प्रतिष्ठानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने

कार्रवाई के दौरान यादव मंगोड़ा सेंटर से मंगोड़े, एल.डी. मार्ट से फ्रेम्स तथा श्री साई जूस कॉर्नर से एप्पल जूस के नमूने जांच के लिए लिए गए। इसके साथ ही मौके पर खाद्य पदार्थों की स्पॉट टेस्टिंग कर उनकी गुणवत्ता की भी जांच की गई।

SEONI में शुरू हुआ Swasth Skin Clinic, Krishna Pharma & Pathology: 10 जुलाई को सभी पैथोलॉजी जांच पर 50% तक की छूट

Swasth Skin Clinic, Krishna Pharma & Pathology Seoni: सिवनी शहर के लोगों को अब आधुनिक पैथोलॉजी जांच और स्किन कंसल्टेशन की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। गणेश चौक, बरघाट रोड स्थित Swasth Skin Clinic, Krishna Pharma & Pathology का शुभारंभ किया गया है। डॉ. आयुष भार्गव ने जानकारी देते हुए बताया कि Swasth Skin Clinic, Krishna Pharma & Pathology के उद्घाटन एवं शुभारंभ के उपलक्ष्य में 10 जुलाई 2026 को सभी प्रकार की पैथोलॉजी जांच पर 50 प्रतिशत तक की विशेष छूट दी जा रही है.

सिवनी में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई शुरुआत

सिवनी जिला मुख्यालय के गणेश चौक स्थित Swasth Skin Clinic, Krishna Pharma & Pathology ने शहरवासियों के लिए अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। संस्थान का उद्देश्य मरीजों को एक ही स्थान पर विश्वसनीय पैथोलॉजी जांच, आधुनिक तकनीक से जांच सुविधा और स्किन संबंधी परामर्श उपलब्ध कराना है।

क्लिनिक के संचालक डॉ. आयुष भार्गव (BAMS, Skin & General Physician) के नेतृत्व में यहां गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

10 जुलाई को सभी पैथोलॉजी जांच पर 50% तक की छूट

शुभारंभ के अवसर पर संस्थान ने 10 जुलाई 2026 को विशेष ऑफर की घोषणा की है। इस दिन सभी प्रकार की पैथोलॉजी जांच पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इस ऑफर के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांच शामिल हैं, जिनमें—

  • Full Body Checkup
  • Complete Body Health Package
  • सभी प्रकार के Blood Test
  • Urine Test
  • Sugar Test
  • Thyroid Profile
  • Liver Function Test (LFT)
  • Kidney Function Test (KFT)
  • Lipid Profile
  • CBC
  • Vitamin D एवं Vitamin B12
  • Dengue, Typhoid एवं Malaria जांच
  • Pregnancy Test
  • अन्य सभी प्रकार की पैथोलॉजी जांच

मरीजों को मिलेंगी ये सुविधाएं

संस्थान के अनुसार यहां आधुनिक मशीनों के माध्यम से जांच की जाएगी, जिससे रिपोर्ट की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित की जा सके।

पैथोलॉजी सेवाएं

  • Blood Test
  • Urine Test
  • Stool Test
  • Thyroid Test
  • Diabetes Test
  • Cholesterol Test
  • CBC
  • Vitamin Test
  • Liver Profile
  • Kidney Profile
  • Hormone Test
  • Infection Profile
  • Fever Profile
  • Pregnancy Test
  • Allergy Test
  • Full Body Health Checkup Packages

स्किन क्लिनिक सेवाएं

  • Skin Consultation
  • Hair Consultation
  • Allergy Management
  • Fungal Infection उपचार
  • Acne एवं Pimples परामर्श
  • Pigmentation
  • Hair Fall
  • विभिन्न Skin Diseases का उपचार

संस्थान की प्रमुख विशेषताएं

क्लिनिक प्रबंधन का कहना है कि मरीजों को बेहतर और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्य विशेषताएं—

  • आधुनिक एवं अत्याधुनिक मशीनों से जांच
  • Accurate एवं विश्वसनीय रिपोर्ट
  • अनुभवी एवं प्रशिक्षित स्टाफ
  • समय पर रिपोर्ट उपलब्ध
  • स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण
  • उचित शुल्क
  • मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं भरोसेमंद सेवा

पता एवं संपर्क

Swasth Skin Clinic, Krishna Pharma & Pathology. 📍 महावीर व्यायामशाला के पास, गणेश चौक, बरघाट रोड, सिवनी. 📞 8251044022, 📞 9109003987

महत्वपूर्ण बातें

  • 10 जुलाई 2026 को सभी पैथोलॉजी जांच पर 50% तक की छूट।
  • गणेश चौक, बरघाट रोड पर शुरू हुई नई स्वास्थ्य सुविधा।
  • आधुनिक मशीनों से पैथोलॉजी जांच।
  • स्किन एवं हेयर कंसल्टेशन की सुविधा।
  • Full Body Health Checkup Packages उपलब्ध।
  • अनुभवी स्टाफ और समय पर रिपोर्ट का दावा।

सिवनी में स्वास्थ्य सुविधाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए आधुनिक पैथोलॉजी और स्किन क्लिनिक की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही थी। ऐसे में शहर के प्रमुख क्षेत्र गणेश चौक में इस नए संस्थान की शुरुआत स्थानीय लोगों के लिए स्वास्थ्य जांच और परामर्श सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

उद्घाटन के अवसर पर दी जा रही 50 प्रतिशत तक की छूट से ऐसे लोग भी आवश्यक स्वास्थ्य जांच करा सकेंगे जो सामान्य दिनों में खर्च के कारण जांच टाल देते हैं। साथ ही शहरवासियों को आधुनिक पैथोलॉजी और स्किन कंसल्टेशन की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी।

Swasth Skin Clinic, Krishna Pharma & Pathology की शुरुआत के साथ सिवनी के लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य जांच और स्किन संबंधी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। उद्घाटन ऑफर के तहत 10 जुलाई को दी जा रही विशेष छूट का लाभ उठाकर लोग अपनी आवश्यक स्वास्थ्य जांच कम लागत में करा सकते हैं।

SEONI में 6 लाख के फर्जीवाड़े का खुलासा: किसानों से टैक्स के नाम पर वसूली, पटवारी अरुण सनोडिया पर EOW की FIR

Seoni Patwari Arun Sanodiya News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सिवनी (SEONI) जिले में किसानों और भू-स्वामियों के साथ कथित ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने एक तत्कालीन पटवारी के खिलाफ फर्जी चालान बनाकर सरकारी राजस्व में हेराफेरी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में करीब 6 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।

मुख्य बातें (Highlights)
सिवनी के तत्कालीन पटवारी पर EOW ने दर्ज की एफआईआर।
किसानों और भू-स्वामियों से निजी खाते में ऑनलाइन राशि लेने का आरोप।
सरकारी चालान की जगह कथित तौर पर फर्जी चालान दिए गए।
प्रारंभिक जांच में करीब 6 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा।
शिकायत के बाद जिला कोषालय में सत्यापन में चालान फर्जी पाए गए।
आरोपी वर्तमान में घंसौर तहसील में पदस्थ, पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
EOW जबलपुर ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की।

किसानों से ऑनलाइन पैसे लेकर निजी खाते में कराए ट्रांसफर

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के अनुसार आरोपी अरुण कुमार सनोडिया, जो वर्तमान में घंसौर तहसील के हल्का नंबर-25 में पदस्थ हैं, घटना के समय सिवनी तहसील के हल्का नंबर-11 में पटवारी थे।

जांच में सामने आया कि 1 मार्च 2024 से 31 अगस्त 2024 के बीच उन्होंने किसानों और भू-स्वामियों से लगान, डायवर्सन और अन्य राजस्व मदों की राशि अपने निजी बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करवाई। इसके बाद संबंधित लोगों को सरकारी चालान की जगह कथित तौर पर फर्जी चालान दे दिए गए, जबकि राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं कराई गई।

शिकायत से खुला पूरे फर्जीवाड़े का मामला

इस मामले का खुलासा एकता कॉलोनी निवासी राजकुमार साहू की शिकायत के बाद हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने वर्ष 2007 से 2025 तक के संपत्ति कर के रूप में 5,400 रुपये ऑनलाइन जमा किए थे। बदले में मिले चालान की जांच करने पर वह सरकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं मिला।

इसी तरह रामकुमार कुशवाहा से 89,550 रुपये लेकर भी कथित रूप से फर्जी चालान जारी किया गया। तत्कालीन एसडीएम के निर्देश पर जिला कोषालय से चालानों का सत्यापन कराया गया, जिसमें दोनों दस्तावेज फर्जी पाए गए।

विभागीय जांच में सामने आए और मामले

प्राथमिक शिकायतों के बाद शुरू हुई विभागीय जांच में अन्य मामलों का भी खुलासा हुआ। जांच के दौरान पाया गया कि:

सुनील नाहर से लगान के नाम पर 44,856 रुपये लेने के बाद दिए गए चालानों में भी अनियमितता मिली।
शीतल चंद भूरा के नाम पर जारी 5.04 लाख रुपये का चालान भी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं मिला और कथित रूप से फर्जी पाया गया।

प्रारंभिक जांच में करीब 6 लाख रुपये के गबन की आशंका जताई गई है।

आरोपी पटवारी निलंबित, EOW ने दर्ज किया मामला

फर्जी चालान की पुष्टि होने के बाद आरोपी पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई। अब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर ने अपराध क्रमांक 83/2026 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

EOW ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 316(5), 337, 336(3), 340(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(सी) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। नोट: मामले की जांच जारी है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक और विवेचना प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

राजस्व विभाग में लगान, डायवर्सन और अन्य सरकारी शुल्क निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीधे सरकारी खाते में जमा किए जाते हैं। ऐसे मामलों में यदि किसी कर्मचारी द्वारा निजी खाते में राशि लेकर फर्जी दस्तावेज जारी किए जाने के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जैसी एजेंसियां करती हैं।

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित किसानों को राहत मिलने के साथ-साथ राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी व्यापक असर पड़ सकता है। यह मामला सरकारी राजस्व वसूली में पारदर्शिता और डिजिटल भुगतान के सत्यापन की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

सिवनी में सामने आया यह मामला सरकारी राजस्व प्रणाली में कथित अनियमितताओं का गंभीर उदाहरण है। फिलहाल EOW ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब आगे की विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि आरोपों की पुष्टि किस हद तक होती है।

Gwalior Laddu Gopal News: 5 महीने से लापता ‘लड्डू गोपाल’ को खोजने में जुटी पुलिस, ग्वालियर में बनी SIT, 3 थानों को सौंपी जिम्मेदारी

Gwalior Laddu Gopal News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से आस्था और संवेदनशीलता से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक परिवार के आराध्य ‘लड्डू गोपाल’ की प्रतिमा पिछले पांच महीनों से लापता है। परिवार की भावनाओं को देखते हुए ग्वालियर रेंज के आईजी ने विशेष जांच दल (SIT) गठित कर प्रतिमा की तलाश तेज करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य बातें (Highlights)
ग्वालियर में 5 महीने से लापता है लड्डू गोपाल की प्रतिमा।
परिवार ने प्रतिमा को अपने सदस्य जैसा बताया।
प्रतिमा 29 जनवरी को खरीदारी के दौरान गुम हुई थी।
पहले 1,100 रुपये, बाद में 5,000 रुपये का इनाम घोषित।
आईजी अरविंद सक्सेना ने SIT गठित की।
कोतवाली, जनकगंज और माधोगंज थाना पुलिस संयुक्त जांच करेगी।
सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी।

Gwalior Laddu Gopal News: खरीदारी के दौरान लापता हुई थी लड्डू गोपाल की प्रतिमा

जानकारी के अनुसार, ग्वालियर के अल्कापुरी क्षेत्र की निवासी विजया शर्मा 29 जनवरी को अपनी बहन के साथ पूजा सामग्री खरीदने के लिए माधोगंज और सब्जी मंडी क्षेत्र गई थीं। इसी दौरान उनके साथ मौजूद लड्डू गोपाल की प्रतिमा कहीं गुम हो गई।

प्रतिमा के गायब होने का पता चलते ही परिवार ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद मामले की शिकायत कोतवाली थाना में दर्ज कराई गई। पुलिस ने भी अपने स्तर पर खोजबीन की, लेकिन पांच महीने बाद भी प्रतिमा का पता नहीं चल सका।

“लड्डू गोपाल हमारे परिवार के सदस्य हैं”

विजया शर्मा का कहना है कि उनके लिए लड्डू गोपाल केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रतिमा उन्हें उनकी नानी ने दी थी और परिवार रोज विधि-विधान से उनकी पूजा करता था।

प्रतिमा के गुम होने के बाद से पूरा परिवार भावनात्मक रूप से परेशान है। विजया का कहना है कि उन्हें कई बार सपने में भी लड्डू गोपाल दिखाई दिए, जिससे उनकी उन्हें वापस पाने की उम्मीद और मजबूत हुई।

5,000 रुपये का इनाम भी घोषित

प्रतिमा की तलाश में मदद करने वाले व्यक्ति के लिए पहले 1,100 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद में परिवार ने इसे बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग खोज अभियान में सहयोग कर सकें।

आईजी ने गठित की SIT, तीन थानों की पुलिस करेगी जांच

परिवार की अपील पर ग्वालियर रेंज के आईजी अरविंद सक्सेना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएसपी लश्कर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

इस टीम में कोतवाली, जनकगंज और माधोगंज थाना पुलिस को शामिल किया गया है। पुलिस अब संयुक्त रूप से प्रतिमा की तलाश करेगी। जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी और अन्य संभावित सुरागों की जांच की जाएगी।

पुलिस बोली- हर शिकायत का संवेदनशीलता से होगा समाधान

आईजी अरविंद सक्सेना ने कहा कि पुलिस हर शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ देखती है। चूंकि यह मामला एक परिवार की गहरी धार्मिक आस्था और भावनाओं से जुड़ा है, इसलिए विशेष टीम का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग कर प्रतिमा की तलाश की जाएगी।

भारत में अनेक परिवार अपने आराध्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को केवल पूजन की वस्तु नहीं, बल्कि परिवार का अभिन्न सदस्य मानते हैं। ऐसे मामलों में प्रतिमा के खो जाने का भावनात्मक प्रभाव सामान्य वस्तु के गुम होने से कहीं अधिक होता है। इसी संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने इस मामले में विशेष जांच शुरू की है।

यह मामला बताता है कि पुलिस केवल आपराधिक मामलों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि नागरिकों की धार्मिक आस्था और भावनाओं से जुड़े मामलों में भी संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर सकती है। इससे आम लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत हो सकता है।

ग्वालियर में लड्डू गोपाल की प्रतिमा की तलाश के लिए SIT का गठन पुलिस की संवेदनशील कार्यप्रणाली का उदाहरण माना जा रहा है। अब तीन थानों की संयुक्त टीम प्रतिमा की खोज में जुटेगी। परिवार को उम्मीद है कि उनके आराध्य जल्द ही वापस मिल जाएंगे।

Ayodhya Ram Mandir News: तिरुपति मॉडल अपनाएगा राम मंदिर ट्रस्ट, CEO चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन

Ayodhya Ram Mandir News: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव का फैसला लिया है। ट्रस्ट ने तिरुपति मंदिर की तर्ज पर पेशेवर प्रबंधन लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की है। यह फैसला हाल के विवादों और प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा के बाद लिया गया।

तिरुपति मॉडल की तर्ज पर बदलेगा राम मंदिर का प्रबंधन

ट्रस्ट की अहम बैठक में निर्णय लिया गया कि मंदिर के प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने के लिए पेशेवर CEO की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए गठित समिति योग्य उम्मीदवारों का चयन कर अपनी सिफारिश ट्रस्ट को सौंपेगी।

समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सुरेश हावड़े को शामिल किया गया है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार

बैठक के दौरान ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे भी स्वीकार कर लिए। ट्रस्ट ने फिलहाल कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि प्रशासनिक कार्यों और मंदिर से जुड़े अन्य कार्यों में कोई बाधा न आए।

चढ़ावा विवाद के बाद लिया गया फैसला

हाल के दिनों में मंदिर के चढ़ावे को लेकर सामने आए कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद ट्रस्ट ने अपनी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने स्वीकार किया कि मौजूदा व्यवस्था में कुछ कमियां सामने आई हैं और उन्हें दूर करने के लिए व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भक्तों के विश्वास की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में इन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा

बैठक में मंदिर प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था, भविष्य की कार्ययोजना और दान प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। ट्रस्ट का मानना है कि पेशेवर प्रबंधन लागू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में ऐसी विवादित स्थितियों की संभावना कम होगी।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?

बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की। इसमें कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, विश्व तीर्थ प्रसन्नाचार्य, स्वामी परमानंद गिरी, जगद्गुरु बासुदेवानंद सरस्वती, महंत दिनेंद्र दास, कृष्ण मोहन, शशांक त्रिपाठी सहित कई सदस्य शामिल हुए। कुछ वरिष्ठ अधिकारी और पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

मुख्य बातें (Highlights)
राम मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासनिक सुधारों का बड़ा फैसला लिया।
तिरुपति मंदिर की तर्ज पर CEO नियुक्त करने की तैयारी।
CEO चयन के लिए तीन सदस्यीय हाई पावर कमेटी गठित।
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार।
कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी।
ट्रस्ट ने पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर दिया जोर।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हाल में चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद के बाद ट्रस्ट ने प्रशासनिक ढांचे की समीक्षा शुरू की थी। इसी प्रक्रिया के तहत अब पेशेवर प्रबंधन प्रणाली लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

यदि नया CEO मॉडल प्रभावी ढंग से लागू होता है, तो मंदिर के वित्तीय प्रबंधन, दान व्यवस्था, सुरक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही आने की उम्मीद है। इससे श्रद्धालुओं का भरोसा भी और मजबूत हो सकता है।

राम मंदिर ट्रस्ट का यह फैसला केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि मंदिर प्रबंधन को अधिक संस्थागत और पेशेवर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब निगाहें CEO चयन प्रक्रिया और नई व्यवस्था के क्रियान्वयन पर रहेंगी।