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सिवनी: नगर पालिका अध्यक्ष शफीक ख़ान की कार को ट्रक ने मारी टक्कर, कार के परखच्चे उड़े; इलाज जारी

सिवनी: सिवनी नगर पालिका अध्यक्ष शफीक ख़ान की कार को आज 29 जनवरी की रात करीब 8:30 बजे सुकतरा के पास एक तेज़ रफ़्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इस भयंकर हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए और नगर पालिका अध्यक्ष शफीक ख़ान गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद नगरपालिका अध्यक्ष शफीक ख़ान को जिला चिकित्सालय सिवनी में भर्ती कराया गया।

इलाज जारी, हालत गंभीर या स्थिर?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। उनकी हालत को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन बताया जा रहा है कि वे गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।

नगर में मची हलचल

नगरपालिका अध्यक्ष शफीक ख़ान के हादसे की खबर फैलते ही नगर में हलचल मच गई। उनके समर्थक और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में जिला अस्पताल पहुंच गए और उनकी हालत की जानकारी लेने लगे।

इस हादसे से नगरवासियों में आक्रोश है, और लोग प्रशासन से दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और ट्रक चालक की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

सिवनी: श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला इकाई सहित ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा

श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला इकाई सिवनी की नव गठित कार्यकारिणी 2025 की घोषणा

सिवनी: श्रमजीवी पत्रकार संघ की नव गठित जिला कार्यकारिणी 2025 की औपचारिक घोषणा कर दी गई है। यह घोषणा प्रदेश कार्यकारी महासचिव सत्यनारायण वैष्णव द्वारा प्रांताध्यक्ष साथी शलभ भदौरिया के निर्देशानुसार और जिला अध्यक्ष मनीष जैन की अनुशंसा से की गई। इस घोषणा में जिले के 7 ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति भी शामिल है।

श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला कार्यकारिणी में नियुक्त पदाधिकारी

मुख्य पदाधिकारी:

  • जिलाध्यक्ष: मनीष जैन
  • कार्यकारी अध्यक्ष (शहर): मनोज मर्दन त्रिवेदी
  • कार्यकारी अध्यक्ष (ग्रामीण): कन्हैया प्रजापति
  • महासचिव: नंदन श्रीवास्त्री
  • कोषाध्यक्ष: सत्यांश भट्ट

उपाध्यक्ष:

  • रामदास ठाकुर
  • संजीत बघेल
  • दीवान आजम अली
  • सुभाष चंदौरे
  • द्वारका श्रीवास्तव
  • सुधीर पांडे
  • बिलाल अंसारी
  • राजेन्द्र डहेरिया
  • राजेश जैन

सचिव:

  • आगा खान
  • जितेन्द्र नामदेव
  • हरिओम सोनी
  • नरेश यादव

संयुक्त सचिव:

  • राजदीप राहंगडाले
  • दिलीप यादव
  • संतोष नामदेव

कार्यकारिणी सदस्य:

  • डाल सिंह राकेश
  • देवराज डहेरिया
  • शाहिद खान
  • तोप सिंह पटले
  • जयकुमार डहेरिया
  • विनोद कुमार यादव
  • अशोक शांडिल्य
  • आनंद चिंटू कौशल

श्रमजीवी पत्रकार संघ के ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा

श्रमजीवी पत्रकार संघ की जिला इकाई ने 7 ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा भी कर दी है। सभी ब्लॉक अध्यक्षों से आशा की गई है कि वे ब्लॉक स्तर पर पत्रकारों की एक मजबूत इकाई बनाएंगे और पत्रकारों के अधिकारों एवं सुरक्षा की रक्षा करेंगे।

नियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों की सूची:

ब्लॉकअध्यक्षसमाचार पत्र/मीडिया
बरघाटनरेश सिंह राजपूतदैनिक हरि भूमि
कुरईदेवेंद्र दीक्षितदैनिक सुदूर संदेश
छपारारफीक खानदेशबंधु
घंसौरगणेश राजपूतसामर्थ सहारा भोपाल
केवलारीरफीक खानIND24
लखनादौनशिव दयाल यादवदैनिक दालसागर
सिवनीसंजीव क्रीडियाविस्तार न्यूज

नई कार्यकारिणी की जिम्मेदारियां और भविष्य की योजनाएं

श्रमजीवी पत्रकार संघ की इस नव गठित कार्यकारिणी से यह अपेक्षा की जाती है कि वे पत्रकारों के हितों की रक्षा, मीडिया स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने और पत्रकारों के लिए बेहतर कार्य वातावरण बनाने की दिशा में काम करेंगे।

आगामी 15 दिनों में ब्लॉक स्तर पर कार्यकारिणी गठन की अनिवार्यता

सभी नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे अगले 15 दिनों के भीतर अपनी कार्यकारिणी का गठन कर उसे जिला इकाई से अनुमोदित कराएं। इससे संघ की संरचना और अधिक सशक्त होगी और पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी नेटवर्क तैयार होगा।

संघ की ओर से सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं

श्रमजीवी पत्रकार संघ सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को खबर सत्ता की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता है। हम सभी से आशा करते हैं कि वे पत्रकारिता जगत के उत्थान और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए निष्पक्ष एवं निष्ठापूर्वक कार्य करेंगे

सिवनी: गणतंत्र दिवस पर नहीं फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज, लालपुर छपारा की आदिम जाति सहकारी समिति की अनदेखी

  • 76वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराना: एक गंभीर मुद्दा

सिवनी: छपारा स्थित आदिम जाति सहकारी समिति में 76वें गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराने की घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह संस्था, जो सरकार और सांसद निधि से वित्त पोषित है, वर्षों से लालपुर और छपारा में स्थापित है। बावजूद इसके, यहां के जवाबदारों ने इस राष्ट्रीय पर्व को मनाने की जरूरत नहीं समझी। यह घटना न केवल संवैधानिक मूल्यों का अपमान है, बल्कि सहकारिता क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं को भी उजागर करती है।

लालपुर समिति का अस्तित्व खतरे में

लालपुर की आदिम जाति सहकारी समिति वर्षों से ग्राम पंचायत लालपुर के अधीन संचालित थी। हालांकि, हाल के वर्षों में कुछ कर्मचारियों ने अपने स्वार्थ और लाभ के लिए इस समिति का संचालन छपारा में स्थानांतरित कर दिया। लालपुर समिति, जो सहकारिता के रिकॉर्ड में दर्ज है, का नाम बदलकर ‘लालपुर छपारा’ कर दिया गया। यह स्थानांतरण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ग्रामीणों और किसानों के अधिकारों का हनन भी है।

धान खरीदी केंद्र का स्थानांतरण और किसानों की समस्याएं

लालपुर समिति की स्थापना के बाद से धान खरीदी केंद्र लालपुर में ही स्थित था। हालांकि, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने इसे छपारा में स्थानांतरित कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि लालपुर के किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि कई किसानों ने मजबूरी में अन्य स्थानों, जैसे धोबी सर्रा और खामी केंद्र, पर धान बेचना शुरू कर दिया। किसानों के लिए यह समस्या कुचिया व्यापारियों द्वारा बढ़ाई गई है, जो किसानों के पंजीयन पर व्यापार कर रहे हैं।

राष्ट्रीय पर्व पर समारोह की उपेक्षा

राष्ट्रीय पर्व पर लालपुर में कोई कार्यक्रम आयोजित न करना इस बात को स्पष्ट करता है कि समिति के कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है। नव नियुक्त समिति प्रबंधक की उपस्थिति के बावजूद, ध्वजारोहण का कार्यक्रम नहीं हुआ। ग्रामीणों और सरपंच ने इस बात पर रोष प्रकट किया कि समिति के कर्मचारी केवल औपचारिकता निभाने के लिए उपस्थित हुए थे।

छपारा कार्यालय में अनियमितताएं

छपारा स्थित कार्यालय को कर्मचारियों द्वारा अपनी जागीर बना लिया गया है। यहां बैंक और सहकारिता विभाग की अनदेखी में मनमाने ढंग से संचालन होता है। समिति का कार्यालय कभी भी खोला और बंद किया जाता है, और इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के निजी स्वार्थों की पूर्ति करना है।

सहकारिता विभाग की उदासीनता

सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारी, जो कई समितियों का संचालन करते हैं, इस स्थिति में मूकदर्शक बने हुए हैं। अधिकारियों की यह निष्क्रियता न केवल समिति की समस्याओं को बढ़ा रही है, बल्कि किसानों और ग्रामीणों के अधिकारों का भी हनन कर रही है।

राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण न करने की जवाबदेही

जहां देशभर में छोटे से छोटे कार्यालय और संस्थान राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण करते हैं, वहीं लालपुर छपारा की समिति में यह कार्यक्रम नहीं हुआ। यह सवाल उठता है कि जब हजारों किसान यहां खाद-बीज लेने आते हैं, तो फिर राष्ट्रीय पर्व पर इस स्थान को नजरअंदाज क्यों किया गया?

क्या होगी ठोस कार्रवाई?

इस पूरे मामले में प्रशासनिक अधिकारियों और संवेदनशील जिला कलेक्टर को हस्तक्षेप करना चाहिए। सहकारिता विभाग की अनियमितताओं और लालपुर समिति की समस्याओं को हल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
सरपंच साजिद बेग ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि लालपुर समिति के कर्मचारियों ने वहां आना बंद कर दिया है और इसका संचालन छपारा से ही किया जा रहा है।

लालपुर छपारा की आदिम जाति सहकारी समिति में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण न होना एक गंभीर समस्या है। यह घटना सहकारिता क्षेत्र की अनियमितताओं और कर्मचारियों की लापरवाही को दर्शाती है। प्रशासन को इस मामले में शीघ्रता से कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा हो सके।

मध्य प्रदेश कैबिनेट में बड़ा फैसला: MP के इन 17 धार्मिक शहरों में शराब पर लगाया प्रतिबंध!

भोपाल (मध्य प्रदेश): राज्य मंत्रिमंडल ने राज्य के 17 धार्मिक शहरों में शराबबंदी लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। महेश्वर में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। इन शहरों में शराब की सभी दुकानें और बार बंद रहेंगे।

2025-26 के लिए नई आबकारी नीति को भी मंजूरी दी गई। जिन 17 शहरों में प्रतिबंध लागू होगा उनमें उज्जैन नगर निगम, ओंकारेश्वर नगर पंचायत, महेश्वर नगर पंचायत, मंडलेश्वर नगर पंचायत, ओरछा नगर पंचायत, मैहर नगर पंचायत, चित्रकूट नगर पंचायत, दतिया नगर पंचायत, पन्ना नगर पंचायत, मंडला नगर पालिका शामिल हैं।

मुलताई नगर पालिका, मंदसौर नगर पालिका, अमरकंटक नगर पंचायत, सलकनपुर ग्राम पंचायत, और कई अन्य ग्राम पंचायतें जैसे बरमानकलां, लिंगा, बरमानखुर्द, कुंडलपुर और बांदकपुर.

इसके अलावा, नई आबकारी नीति में राज्य में शराब की खपत को बेहतर ढंग से विनियमित और नियंत्रित करने के लिए बार की एक नई श्रृंखला शुरू की जाएगी।

2025-26 के लिए आबकारी नीति को मंजूरी

कैबिनेट ने 2025-26 के लिए आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य राज्य में शराब के नियमन और नियंत्रण को सुव्यवस्थित करना है। चालू वर्ष के लिए शराब की दुकानों के मूल्य में 20 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वृद्धि लागू की गई है, जिसमें 2025-26 के लिए आरक्षित दरें तय की जाएंगी।

नवीनीकरण की अनुमति के लिए अब दुकान के मूल्य का 80 प्रतिशत या उससे अधिक आवेदन करना होगा। जालसाजी को रोकने के लिए, बयाना राशि के लिए केवल ई-चालान और ई-बैंक गारंटी को ही मान्यता दी जाएगी, जिससे साधारण बैंक गारंटी और सावधि जमा रसीदें (एफडीआर) समाप्त हो जाएंगी।

शराब की दुकानों का आवंटन नवीनीकरण, लॉटरी और ई-टेंडर प्रक्रिया के बाद किया जाएगा। युवाओं में शराब की अत्यधिक खपत को हतोत्साहित करने के प्रयास में, नई नीति में केवल बीयर, वाइन और रेडी टू ड्रिंक (RTD) पेय पदार्थ परोसने वाले बार की एक श्रृंखला शुरू की गई है।

अवैध शराब से निपटने के लिए, कम अल्कोहल सामग्री वाली देशी शराब की एक नई रेंज 180 मिली और 90 मिली आकार में लॉन्च की जाएगी, जिसमें 180 मिली संस्करण के लिए टेट्रा पैक भी शामिल होंगे।

बिलिंग और आपूर्ति ट्रैकिंग के लिए सभी शराब की दुकानों पर पीओएस मशीनों के साथ तकनीकी उपाय लागू किए जाएंगे। विदेशी शराब गोदामों के लिए शराब आपूर्ति प्रणाली स्वचालित होगी, और शुल्क दरें ईडीपी-आधारित एड वैलोरम प्रणाली का पालन करेंगी।

मंत्रियों को मिली सत्ता हस्तांतरण की जिम्मेदारी

कैबिनेट ने राज्य स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बहुप्रतीक्षित स्थानांतरण नीति को भी मंजूरी दे दी है। हालांकि, यह नीति जिलों में तैनात अधिकारियों पर लागू नहीं होगी।

मंत्रियों द्वारा सीमित परिस्थितियों में ही तबादलों को मंजूरी दी जाएगी, जिसमें रिक्त पद, गंभीर बीमारी, न्यायिक आदेश या किसी अधिकारी के खिलाफ गंभीर शिकायतें शामिल हैं। विशेष मामलों में मंत्री तबादलों को मंजूरी भी दे सकते हैं। मंजूरी के बाद, सीएम सचिवालय औपचारिक आदेश जारी करेगा, जिससे तबादलों पर अधिक नियंत्रण के लिए मंत्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी।

MP WEATHER UPDATE: गणतंत्र दिवस पर रहेगी ठंड, अगले 48 घंटों में रात के तापमान में गिरावट आने की संभावना

भोपाल (मध्य प्रदेश): शुक्रवार को पूरे राज्य में दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में चल रही सर्द हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गणतंत्र दिवस के आसपास सप्ताहांत में पारे के स्तर में उल्लेखनीय गिरावट आने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

इसलिए अगले 48 घंटों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है। शुक्रवार को भोपाल में दिन के तापमान में 6.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह 22.6 डिग्री सेल्सियस रहा। रात का तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इंदौर में दिन के तापमान में 3.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह 23.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

जबलपुर में 5.9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जबकि टीकमगढ़ में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सागर में 4.6 डिग्री और दमोह में 4.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। देश के मध्य भागों में इस समय किसी भी खराब मौसम की स्थिति का सबसे कम खतरा है।

इस प्रकार, राजस्थान और मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र की ओर मौसमी प्रतिचक्रवातों के स्थानांतरित होने से गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मध्य भागों में मौसम साफ रहने की संभावना बढ़ गई है।

24 जनवरी को न्यूनतम तापमान

स्थान  – डिग्री सेल्सियस

  • नीमच 9.2
  • मंडला 10.0
  • पचमढ़ी 10.2
  • राजगढ़ 10.4
  • ग्वालियर. 10.4
  • नौगोंग 10.6

MP Nursing Scam: हाई कोर्ट द्वारा मांगी गई CCTV फुटेज नर्सिंग काउंसिल ऑफिस से गायब

Madhya Pradesh Nursing Scam: एमपी नर्सिंग काउंसिल ऑफिस, भोपाल से 11 दिसंबर 2024 से 16 दिसंबर 2024 तक की सीसीटीवी फुटेज गायब है। हाईकोर्ट ने 12 दिसंबर 2024 को नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने में कथित अनियमितताओं को लेकर एमपी नर्स रजिस्ट्रेशन काउंसिल (MPNRC) की रजिस्ट्रार अनीता चंद और चेयरमैन डॉ. जितेन चंद्र शुक्ला को उनके पदों से हटाने का आदेश दिया था।

अधिवक्ता विशाल बघेल की जनहित याचिका व अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मप्र नर्सिंग काउंसिल कार्यालय के 13 दिसंबर से 19 दिसंबर 2024 तक के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और सीलबंद लिफाफे में जमा करने के निर्देश दिए थे।

हाईकोर्ट की विशेष बेंच के जस्टिस संजय द्विवेदी और जस्टिस अचल कुमार पालीवाल ने पूरा मामला पुलिस कमिश्नर भोपाल और साइबर सेल को सौंपते हुए आदेश दिया कि उक्त अवधि के परिषद कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।

परिषद कार्यालय के आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी जाए, ताकि पता चल सके कि कार्यालय से क्या-क्या निकाला गया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता आलोक वागरेचा ने बताया कि हाईकोर्ट ने साइबर सेल को तत्कालीन रजिस्ट्रार के मोबाइल फोन की टावर लोकेशन की जानकारी भी एकत्र करने के निर्देश दिए हैं, ताकि 13 दिसंबर 2024 से 19 दिसंबर 2024 तक परिषद कार्यालय में उनकी भौतिक उपलब्धता का पता लगाया जा सके।

‘उन कॉलेजों में नामांकन हुआ जहां कोई छात्र नहीं थे’

याचिकाकर्ता विशाल बघेल ने तत्कालीन रजिस्ट्रार अनीता चंद पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने ग्वालियर के कई ऐसे नर्सिंग कॉलेजों के सत्र 2022-23 के विद्यार्थियों के नामांकन अवैधानिक तरीके से जारी किए हैं, जिनमें सीबीआई जांच रिपोर्ट में सत्र 2022-23 में एक भी विद्यार्थी का प्रवेश लेना नहीं पाया गया है।

इसके बावजूद तत्कालीन रजिस्ट्रार ने सीबीआई रिपोर्ट को दरकिनार कर फर्जी तरीके से प्रवेशित छात्रों के नामांकन के लिए पोर्टल बैकडेट पर खोल दिया। हाईकोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल को नामांकन से संबंधित फाइलें हाईकोर्ट में पेश करने का भी निर्देश दिया है।

पेंच नेशनल पार्क सिवनी में पर्यटकों के लिए होगी होम स्टे की सुविधा: MP TOURISM करवा रहा ट्रेकिंग!

  • चूल्हे पर मिट्टी के बर्तनों में पका हुआ भोजन परोसा जाएगा पर्यटकों को
  • देश-विदेश के पर्यटकों के लिए अगले माह से मिलेगा नया अनुभव

सिवनी। दुर्लभ प्रजाति के जीव-जंतुओं, बाघ-तेंदुए और बघीरा की उछलकूद से गुलजार, नैसर्गिक वनों के साथ साथ प्राकृतिक गुफाओं की खूबसूरती के लिए पूरे देश में ख्याति प्राप्त “पेंच नेशनल पार्क” में पर्यटकों के लिए खास सुविधाएं मिलने जा रही हैं।

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने इंडियन ग्रामीण सर्विसेज संस्था के साथ मिलकर पार्क के दो ग्रामों में “होम स्टे” का निर्माण करवाया है, जो अगले माह से देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए खोले जाएंगे। जल्द ही पर्यटकों को होम स्टे में देसी व्यंजनों का स्वाद भी मिलने जा रहा है। खास बात यह है कि सिवनी के होम स्टे में पर्यटकों के भोजन मिट्टी के बर्तनों में ही चूल्हे पर बनाया जाएगा, जो अपने आप में अनूठा प्रयोग है।

मध्यप्रदेश और खास तौर पर पेंच नेशनल पार्क में पर्यटन गतिविधियों को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने के लिए टूरिज्म बोर्ड लगातार एक्टिविटी कर रहा है। साइकिल सफारी, बाइक सफारी और ट्रेकिंग के बाद अब यहां पर होम स्टे की सुविधा बढ़ाई जा रही है, जिससे दूर-दराज से आने वाले पर्यटक पार्क के अंदर ग्रामीण जीवन का लुफ्त उठा सकें।

टूरिज्म बोर्ड ने पेंच नेशनल पार्क के पर्यटन ग्राम बरेलीपार और कोहका में होम स्टे का निर्माण करवाया है, जो बनकर तैयार हो रहे हैं। पहले चरण में बरेलीपार और कोहका में पांच-पांच होम स्टे शुरू किए जा रहे हैं।

होम स्टे की सुविधा की शुरुआत के साथ देसी और विदेशी पर्यटकों के लिए पूरी तरह से इस अंचल की की आदिवासी संस्कृति, परम्परा और खानपान और रहन-सहन से जुड़े तथ्यों को समझना और जानना आसान हो जाएगा। इन होम स्टे में पर्यटक रुकने के साथ सिवनी अंचल के स्थानीय व्यंजनों का भी स्वाद चख सकेंगे।

पेंच नेशनल पार्क के भीतर पर्यटकों को घुमाने के लिए स्थानीय युवाओं को रोजगार भी दिया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा गांव के युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सके। पेंच पार्क प्रबंधन के साथ मिलकर मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने पर्यटकों के लिए ट्रेकिंग की सुविधा भी यहां उपलब्ध करवाई है।

सिवनी के प्रशांत भगत का गाना “AZAADI” सोशल मीडिया पर छाया, देशभर में हो रहा वायरल

सिवनी (SEONI) जिले के प्रतिभावान गायक प्रशांत भगत (Prashant Bhagat) ने हाल ही में अपना नया गाना “AZAADI” रिलीज़ किया है, जो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। यह गाना न केवल युवा पीढ़ी को आकर्षित कर रहा है, बल्कि हर वर्ग के लोग इसे पसंद कर रहे हैं। गाने की दिलचस्प धुन और गहरे अर्थ वाले बोल इसे और भी खास बनाते हैं।

गाने के बारे में और प्रशांत भगत का परिचय

प्रशांत भगत, जो सिवनी जिले के रहने वाले हैं उनका गाना “AZAADI” उनकी सृजनशीलता और मेहनत का अद्भुत उदाहरण है। प्रशांत ने न केवल इस गाने को गाया है, बल्कि इसे लिखा भी है। गाने के बोल समाज के प्रति जागरूकता फैलाने और स्वतंत्रता का सही मतलब समझाने का संदेश देते हैं।

प्रशांत भगत का संगीत सफर

प्रशांत का संगीत सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। सिवनी जैसे छोटे से जिले से अपनी शुरुआत करने वाले प्रशांत ने विभिन्न मंचों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा को निखारा। उनकी गायकी की खासियत यह है कि वह अपने गानों में सामाजिक संदेश को जोड़ते हैं, जिससे लोग उनसे आसानी से जुड़ पाते हैं।

“AZAADI” गाने की खासियत

“AZAADI” गाना युवाओं के बीच जोश और उत्साह भरता है। गाने की कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • गहरे अर्थ वाले बोल: गाने के बोल स्वतंत्रता का सही अर्थ बताते हैं और समाज में बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते हैं।
  • आधुनिक और लोकसंगीत का मिश्रण: गाने में आधुनिक बीट्स और लोकसंगीत का सुंदर मेल है, जो इसे सभी वर्गों के लिए आकर्षक बनाता है।
  • प्रेरणादायक संदेश: यह गाना युवाओं को अपने अधिकारों के लिए खड़ा होने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है।

सोशल मीडिया पर गाने की लोकप्रियता

गाना “AZAADI” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर जबरदस्त प्रतिक्रिया बटोर रहा है।

  • इंस्टाग्राम रील्स: कई यूजर्स इस गाने पर रील्स बना रहे हैं, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई है।
  • फेसबुक पर शेयर: गाने को लोग बड़ी संख्या में शेयर कर रहे हैं, जिससे यह देशभर में वायरल हो रहा है।

गाने के बोल और उनका महत्व

गाने के बोल न केवल मनोरंजन प्रदान करते हैं, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश भी देते हैं। इसमें स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ को समझाया गया है और यह बताया गया है कि केवल व्यक्तिगत स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि समाज की भलाई के लिए भी स्वतंत्रता का उपयोग किया जाना चाहिए।

प्रशांत भगत ने अपने फैंस को यह वादा किया है कि वह आगे भी इसी तरह के प्रेरणादायक गाने लेकर आएंगे। उनकी योजना है कि वह भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाएं और अपनी कला के माध्यम से समाज में बदलाव लाएं।