सिवनी। जनपद पंचायत सिवनी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ढेका में पंचायत के कामकाज को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया है कि सरपंच श्रीमती अर्चना यादव के पति मंथलाल यादव पंचायत के प्रशासनिक और विकास कार्यों में कथित रूप से हस्तक्षेप करते हैं।
शिकायतकर्ताओं ने पंचायत के निर्माण कार्यों, शासकीय राशि के आहरण और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग संबंधित अधिकारियों से की है।
पंचायत के कामकाज में हस्तक्षेप का आरोप
स्थानीय शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मंथलाल यादव पंचायत के विभिन्न कार्यों में अपनी भूमिका निभाने का प्रयास करते हैं। पंचायत सचिव पर कथित रूप से दबाव बनाए जाने की बात भी शिकायतकर्ताओं की ओर से कही गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत एक निर्वाचित स्थानीय निकाय है और इसके प्रशासनिक एवं विकास संबंधी कार्य निर्धारित नियमों और अधिकृत पदाधिकारियों के माध्यम से होने चाहिए। ऐसे में पंचायत के कामकाज में किसी व्यक्ति की कथित भूमिका की जांच किए जाने की मांग उठाई गई है।
निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल
ग्राम पंचायत में हुए निर्माण और अन्य विकास कार्यों को लेकर भी स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई है कि कुछ निर्माण कार्यों में कथित रूप से कमीशन लिए जाने और पंचायत की शासकीय राशि के आहरण में अनियमितता हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की फिलहाल स्वतंत्र या प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
शासकीय राशि और भुगतान दस्तावेजों की जांच की मांग
ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने जनपद पंचायत सिवनी एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से पंचायत के कामकाज की जांच कराने की मांग की है।
जांच में मुख्य रूप से इन बिंदुओं को शामिल करने की मांग की गई है—
- पंचायत में हुए निर्माण कार्यों की जांच।
- निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और स्वीकृत राशि की जांच।
- शासकीय राशि के आहरण का परीक्षण।
- भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच।
- पंचायत सचिव और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच।
- पंचायत के कार्यों में कथित बाहरी हस्तक्षेप की जांच।
मंथलाल यादव की राजनीतिक सक्रियता भी चर्चा में
इधर मंथलाल यादव की राजनीतिक सक्रियता को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हैं। कुछ स्थानीय लोगों की ओर से उनके अलग-अलग समय में कांग्रेस और भाजपा से जुड़े होने की बात कही जा रही है।
हालांकि, किसी व्यक्ति की राजनीतिक संबद्धता अपने आप में पंचायत कार्यों में अनियमितता का प्रमाण नहीं है। इस संबंध में भी उपलब्ध जानकारी के आधार पर ही तथ्य सामने रखे जाने चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि राजनीतिक जुड़ाव चाहे किसी भी दल से हो, पंचायत के निर्वाचित पद की संवैधानिक मर्यादा और निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन होना चाहिए।
अब प्रशासन की जांच पर टिकी नजर
ढेका पंचायत को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। यदि शिकायत औपचारिक रूप से संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत की गई है, तो दस्तावेजों और निर्माण कार्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी वास्तविकता है।
प्रशासनिक जांच में यदि कोई वित्तीय या प्रक्रियागत अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
Highlight
- ढेका ग्राम पंचायत के कामकाज को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल।
- सरपंच अर्चना यादव के पति मंथलाल यादव पर कथित हस्तक्षेप के आरोप।
- पंचायत सचिव पर कथित दबाव बनाए जाने की बात।
- निर्माण कार्यों में कथित कमीशन और वित्तीय अनियमितता के आरोप।
- शासकीय राशि के आहरण और भुगतान दस्तावेजों की जांच की मांग।
- जनपद पंचायत सिवनी और संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग।
- आरोपों की वास्तविकता प्रशासनिक जांच के बाद स्पष्ट होगी।
ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और सरकारी राशि के उपयोग को लेकर पारदर्शिता महत्वपूर्ण होती है। ढेका पंचायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होने से निर्माण कार्यों, भुगतान और राशि के आहरण से जुड़े रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
ढेका पंचायत में सरपंच पति की कथित दखलअंदाजी और निर्माण कार्यों से जुड़े आरोपों को लेकर ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई है। अब प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेजों और कार्यस्थल की जांच होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।


