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जब CMO को ही करनी पड़ी CM हेल्पलाइन में शिकायत! लखनादौन में दूषित पानी ने खोली नगर परिषद की पोल

उमेश श्रीवास्तव, लखनादौन मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की लखनादौन नगर परिषद एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला किसी आम नागरिक की शिकायत का नहीं, बल्कि लखनादौन नगर परिषद की पूर्व मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) एवं छपारा नगर परिषद की वर्तमान मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) से जुड़ा है। हैरानी की बात यह है कि लोगों की समस्याओं का समाधान कराने वाली अधिकारी को ही अपनी मूलभूत समस्या के निराकरण के लिए CM हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़ा।

जानकारी के अनुसार लखनादौन नगर परिषद की तत्कालीन सीएमओ गीता वाल्मीकि, जो वर्तमान में छपारा नगर परिषद में पदस्थ हैं, अपने लखनादौन स्थित निवास में लंबे समय से दूषित पेयजल की समस्या से जूझ रही थीं। उनका निवास नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 4 में स्थित है, जहां नलों के माध्यम से गंदे और दूषित पानी की आपूर्ति होने की शिकायत सामने आई है।

अधिकारियों को बताया, फिर भी नहीं हुआ समाधान

सूत्रों के मुताबिक गीता वाल्मीकि ने पहले नगर परिषद के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराया था। उम्मीद थी कि प्रशासनिक स्तर पर जल्द कार्रवाई होगी और समस्या का समाधान निकाला जाएगा। लेकिन जब लगातार शिकायत के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो उन्होंने अंततः CM हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई।

नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

यह मामला सामने आने के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली और शिकायत निवारण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि नगर परिषद की पूर्व सीएमओ को ही अपनी समस्या के समाधान के लिए CM हेल्पलाइन तक पहुंचना पड़े, तो आम नागरिकों की शिकायतों के निराकरण की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड क्रमांक 4 में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में यह घटना नगर परिषद की जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगा रही है।

दूषित पेयजल से बढ़ सकता है स्वास्थ्य संकट

विशेषज्ञों के अनुसार दूषित पानी के सेवन से डायरिया, टायफाइड, हैजा और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नगर परिषद की जिम्मेदारी बनती है कि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

CM हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होने के बाद अब निगाहें जिला प्रशासन और नगर परिषद की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। स्थानीय नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न केवल शिकायत का समाधान किया जाएगा, बल्कि वार्ड क्रमांक 4 सहित पूरे नगर क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था की भी जांच कराई जाएगी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब व्यवस्था का हिस्सा रह चुकी अधिकारी को भी शिकायत दर्ज कराने के लिए CM हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़ा, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान आखिर किस तरह हो रहा है?

सिवनी में हाईवे पर बड़ा सड़क हादसा: ट्रक से टकराने के बाद बस ने कार को भी मारी टक्कर, एक दर्जन से अधिक यात्री घायल

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में नेशनल हाईवे-44 पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। बंडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत पूजा ढाबा के पास झमाझम बारिश के बीच एक यात्री बस पहले ट्रक से टकरा गई और इसके बाद अनियंत्रित होकर एक कार को भी टक्कर मार दी। हादसे में बस में सवार एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए, जबकि कार में बैठे चार लोगों को मामूली चोटें आई हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। बारिश के कारण सड़क पर दृश्यता कम हो गई थी, जिससे बस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के कई शीशे टूट गए और टूटे हुए कांच से यात्रियों को चोटें पहुंचीं।

बस के शीशे टूटने से कई यात्री हुए घायल

हादसे के दौरान बस के सामने और साइड के शीशे चकनाचूर हो गए। शीशे टूटने से बस में बैठे कई यात्रियों के हाथ, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। दुर्घटना के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोग बस से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर भागे।

ट्रक से टक्कर के बाद कार को भी मारी टक्कर

जानकारी के अनुसार, ट्रक से टकराने के बाद बस का संतुलन बिगड़ गया और उसने पास से गुजर रही एक कार को भी अपनी चपेट में ले लिया। कार में सवार चार लोगों को मामूली चोटें आई हैं। राहत की बात यह रही कि कार सवारों को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और एंबुलेंस

घटना की सूचना मिलते ही बंडोल थाना पुलिस और एंबुलेंस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर यातायात को सुचारू कराया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

बारिश के बीच हाईवे पर बढ़ रहे हादसे

लगातार हो रही बारिश के चलते नेशनल हाईवे-44 सहित जिले की कई सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता की स्थिति बनी हुई है। ऐसे मौसम में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान हाईवे पर वाहनों की रफ्तार नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है, अन्यथा बड़े हादसे हो सकते हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

सिवनी कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े चाकूबाजी! पुरानी रंजिश में युवक की हत्या की कोशिश, 3 आरोपी गिरफ्तार, 2 नाबालिग भी पकड़े गए

Seoni News: जिला न्यायालय परिसर में चाकू से जानलेवा हमला, 3 आरोपी गिरफ्तार, 2 नाबालिग बाल संप्रेक्षण गृह भेजे गए

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर के भीतर हुई चाकूबाजी की घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। दिनदहाड़े अदालत परिसर में हुए इस हमले में एक युवक की हत्या का प्रयास किया गया। घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो विधि-विवादित किशोरों को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो धारदार चाकू और पत्थर भी जब्त किए हैं।

कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप, जान बचाने के लिए कोर्ट कक्षों में छिपे युवक

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 जून 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे जिला एवं सत्र न्यायालय सिवनी परिसर में पुरानी रंजिश के चलते योगेश उर्फ काली जसोरिया पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि देवू सनकत, अमन झंझोटे, अंकित बैन और उनके साथ दो नाबालिग साथियों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।

बताया गया कि आरोपी अमन झंझोटे ने धारदार चाकू से योगेश के सिर पर वार किया। हालांकि वार गंभीर नहीं हो सका, लेकिन हमले से उसके बाल कट गए। इसके बाद आरोपियों ने योगेश जसोरिया, नयन बघेल और राहुल कश्यप पर पत्थरों से भी हमला किया। अचानक हुए हमले से घबराए पीड़ित और उसके साथी अपनी जान बचाने के लिए न्यायालय के विभिन्न कक्षों में छिप गए।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, हथियार भी बरामद

पीड़ित की शिकायत पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 541/2026 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और जल्द ही तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए दो धारदार चाकू और पत्थर भी जब्त कर लिए हैं।

ये हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं—

  • देव उर्फ देवू सनकत (25 वर्ष), निवासी मंगलीपेठ अंबेडकर वार्ड, सिवनी
  • अमन झंझोटे (32 वर्ष), निवासी मंगलीपेठ, सिवनी
  • अंकित बैन (23 वर्ष), निवासी ग्वारीघाट रोड रामपुर, जबलपुर, हाल निवासी मंगलीपेठ, सिवनी

इसके अलावा 15 और 14 वर्ष आयु के दो विधि-विवादित किशोरों को भी हिरासत में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी आया सामने

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी देवू सनकत के खिलाफ पहले से मारपीट के छह मामले दर्ज हैं। वहीं अमन झंझोटे के विरुद्ध सात आपराधिक प्रकरण पहले से दर्ज बताए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि दोनों आरोपी पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले की जड़ में पिछले एक वर्ष से चला आ रहा विवाद है।

पहला विवाद: मठ मंदिर के पास हुआ था झगड़ा

18 जून 2025 को मठ मंदिर क्षेत्र में मारपीट की घटना के बाद दो पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया था। इस मामले में जातिसूचक गालियां और मारपीट के आरोप भी लगे थे। बाद में दोनों पक्षों के बीच चाकू और लाठी से हमला होने पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए थे।

दूसरा विवाद: शराब के पैसे मांगने को लेकर हुआ था मामला

23 मार्च 2026 को नगरपालिका क्षेत्र में शराब के लिए पैसे मांगने और मारपीट को लेकर एक अन्य मामला दर्ज हुआ था। इसी प्रकरण में आरोपी पक्ष के लोग न्यायालय में जमानत संबंधी कार्यवाही के लिए पहुंचे थे। पुलिस का मानना है कि पुरानी दुश्मनी और पहले के विवादों ने इस घटना को जन्म दिया।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई सख्त कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस टीम में निरीक्षक सतीश तिवारी, उपनिरीक्षक एन.के. उपाध्याय, उपनिरीक्षक राजेश शर्मा सहित कोतवाली थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कानून के मंदिर में हिंसा ने खड़े किए सवाल

जिला न्यायालय जैसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले परिसर में दिनदहाड़े चाकू और पत्थरों से हमला होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन अदालत परिसर में इस तरह की घटना ने आम लोगों और अधिवक्ताओं के बीच चिंता बढ़ा दी है।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

सिवनी कोर्ट परिसर में मचा बवाल! चाकू लेकर दौड़े युवक, जमकर हुआ पथराव, बड़ी वारदात टली

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिला न्यायालय परिसर में शुक्रवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि न्यायालय

परिसर में चाकूबाजी, धमकी और पथराव की घटनाएं सामने आईं। हालात कुछ समय के लिए इतने तनावपूर्ण हो गए कि वहां मौजूद वकील, पक्षकार और आम नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे। हालांकि पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तत्परता के चलते एक बड़ा खूनी संघर्ष टल गया।

जमानत के दौरान शुरू हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम करीब 5 बजे वाशु नामक युवक की जमानत के सिलसिले में उसके मित्र अमन झंझोड और अन्य साथी जिला न्यायालय परिसर पहुंचे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कुछ लोगों से उनकी कहासुनी हो गई। शुरुआत में मामूली लगने वाला यह विवाद कुछ ही देर में उग्र रूप धारण कर गया और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।

चाकू लहराते हुए दौड़ा युवक, मची भगदड़

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान एक युवक ने अचानक चाकू निकाल लिया और विरोधी पक्ष के लोगों को जान से मारने की धमकी देते हुए उनके पीछे दौड़ पड़ा। न्यायालय परिसर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की घटना से लोगों में दहशत फैल गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।

दोनों पक्षों में हुआ जमकर पथराव

स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। न्यायालय परिसर में फेंके गए पत्थरों से वहां खड़ी कई मोटरसाइकिलें और अन्य दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ देर के लिए न्यायालय परिसर रणक्षेत्र जैसा दिखाई देने लगा।

पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस बल और न्यायालय सुरक्षा कर्मियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों को खदेड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों की तत्परता के कारण किसी बड़ी जनहानि या गंभीर हादसे की नौबत नहीं आई।

दो हिरासत में, पांच आरोपियों पर मामला दर्ज

कोतवाली पुलिस ने मामले में अमन झंझोड और एक नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं दूसरे पक्ष के कुछ लोग घटना के बाद मौके से फरार हो गए।

पुलिस के अनुसार फरियादी योगेश जाशोरिया की शिकायत पर अमन झंझोड, अंकित वेन, यशवंत, देबू सनकत और आरव सनकत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), 296(बी), 351(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है तथा फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

न्यायालय परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल

जिला न्यायालय परिसर में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान पर कानून और न्याय की प्रक्रिया संचालित होती है, वहां खुलेआम चाकू लहराना और पथराव होना सुरक्षा प्रबंधन की गंभीर चुनौती माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और अधिवक्ताओं ने परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

सिवनी: दलसागर चौपाटी के सामने बिजली के खंभे में दौड़ रहा था हाई वोल्टेज करंट, 2 गायों की मौत

Seoni News। जिला मुख्यालय के सबसे व्यस्त और लोकप्रिय मार्गों में शामिल दलसागर तालाब चौपाटी क्षेत्र में गुरुवार को एक गंभीर हादसा सामने आया। दलसागर तालाब के सामने स्थित एक बिजली के खंभे में हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित हो रहा था, जिसकी चपेट में आने से दो गायों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार जिस स्थान पर यह घटना हुई, वह सिवनी शहर का अत्यंत व्यस्त क्षेत्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग दलसागर के वाटर शो और चौपाटी का आनंद लेने पहुंचते हैं। ऐसे भीड़भाड़ वाले इलाके में बिजली के खंभे में करंट का बहना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देने जैसा था।

इंसानों की जान भी जा सकती थी

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति का पता नहीं चलता तो कोई भी राहगीर, बच्चा या बुजुर्ग इसकी चपेट में आ सकता था। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई व्यक्ति प्रभावित नहीं हुआ, अन्यथा यह घटना और भी भयावह रूप ले सकती थी।

स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण दो बेजुबान पशुओं को अपनी जान गंवानी पड़ी। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर लगे बिजली के खंभों और तारों की नियमित जांच नहीं होने से ऐसे हादसे बार-बार सामने आते हैं।

छात्रों का भी रहता है लगातार आवागमन

जिस मार्ग पर यह घटना हुई, वहां से प्रतिदिन एमएलबी स्कूल, उत्कृष्ट विद्यालय और पीजी कॉलेज के हजारों छात्र-छात्राओं का आवागमन होता है। सुबह से शाम तक इस सड़क पर विद्यार्थियों की भारी आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में बिजली के खंभे में करंट का बहना किसी भी समय बड़ी जनहानि का कारण बन सकता था।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

घटना के बाद क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों ने मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा शहर के सभी बिजली खंभों और विद्युत व्यवस्थाओं का तत्काल निरीक्षण कराया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो अगली बार किसी इंसान की जान भी जा सकती है। फिलहाल दो गायों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है और लोगों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी व्याप्त है।

सिवनी में अवैध शराब पर एक्शन: बरघाट पुलिस ने 60 लीटर अवैध महुआ शराब के साथ दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

Seoni News। जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बरघाट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 60 लीटर अवैध हाथ भट्टी निर्मित महुआ शराब के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शराब परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जप्त किए हैं।

पुलिस अधीक्षक सिवनी कृष्ण लालचंदानी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा के निर्देशन में जिलेभर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 17 जून को बरघाट पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति मानेगांव की ओर से बड़ी मात्रा में अवैध शराब लेकर बरघाट की ओर आ रहे हैं।

सूचना मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बरघाट ललित गठरे ने थाना प्रभारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। थाना प्रभारी निरीक्षक मोहनीश बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मानेगांव रोड स्थित चीरघर के पास घेराबंदी की।

कुछ देर बाद एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक प्लास्टिक की बोरी लेकर आते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर उन्होंने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने हिकमत अमली से उन्हें पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान बोरी से 15-15 लीटर क्षमता की चार कुप्पियों में भरी कुल 60 लीटर अवैध हाथ भट्टी निर्मित महुआ कच्ची शराब बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम पिकेश कुमरे (24) और मुकेश परते (23), निवासी ग्राम अखीवाड़ा, थाना बरघाट, जिला सिवनी बताए।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 6 हजार रुपये मूल्य की अवैध शराब, मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी 22 जेडडी 2380, जिसकी कीमत लगभग 44 हजार रुपये है, तथा दो एंड्रॉइड मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत 20 हजार रुपये है, जप्त किए हैं।
आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

Seoni Accident News: बेहरई मोड़ पर बस-ट्रक की खतरनाक भिड़ंत, चीख-पुकार के बीच 6 घायल अस्पताल पहुंचाए गए

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। बरघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिवनी-बालाघाट मार्ग पर स्थित बेहरई ग्राम के मोड़ के पास एक यात्री बस और ट्रक के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में छह लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल बरघाट सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि सभी घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

बेहरई मोड़ पर हुआ हादसा, बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 8 बजे कौशल यात्री बस अपने निर्धारित मार्ग पर जा रही थी, जबकि सामने से सिवनी की ओर एक ट्रक आ रहा था। बेहरई गांव के पास स्थित मोड़ पर दोनों वाहनों के बीच अचानक आमने-सामने की टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री घबराकर बस से बाहर निकल आए, जबकि आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मदद के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए।

छह घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज

इस दुर्घटना में बस में सवार पांच यात्रियों सहित ट्रक चालक घायल हो गया। घायलों की पहचान दीपक लिल्हारे, मनीष निमोसे, संदीप धुर्वे, कोमल चंद राहंगडाले, योगेश मडवे और दुर्गेश के रूप में हुई है।

स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तुरंत बरघाट के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक सभी घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और उनकी स्थिति सामान्य बनी हुई है।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

हादसे की जानकारी मिलते ही बरघाट थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस और ट्रक को सड़क से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी ताकि सिवनी-बालाघाट मार्ग पर यातायात बाधित न हो।

पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में मोड़ पर वाहन का नियंत्रण खोना और तेज रफ्तार संभावित कारण माने जा रहे हैं।

क्या बोले थाना प्रभारी?

बरघाट थाना प्रभारी मोहनीश बेस ने बताया कि बस और ट्रक की टक्कर में छह लोग घायल हुए हैं, जबकि कुछ अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।

स्थानीय लोगों ने उठाई सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग

हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से सिवनी-बालाघाट मार्ग के खतरनाक मोड़ों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क पर अधिक चेतावनी संकेतक लगाए जाएं, मोड़ों पर सुरक्षा बैरियर स्थापित किए जाएं और सड़क किनारे बने साइड सोल्डर को समतल किया जाए, जिससे भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

सिवनी-बालाघाट हाईवे पर बेहरई मोड़ पर हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर करता है। समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू होने से बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द ही इस मार्ग पर सुरक्षा संबंधी आवश्यक सुधार करे।

क्या आपने कभी सोचा है कि ऑनलाइन डिलीवरी बॉक्स भूरे रंग के क्यों होते हैं? इसके पीछे की वजह बेहद दिलचस्प है

मुंबई : वर्तमान में लोगों का झुकाव ऑनलाइन शॉपिंग की ओर अधिक है। त्योहारी सीजन के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियां हमें ढेर सारे डिस्काउंट और ऑफर्स देती हैं। 

जिससे हम घर बैठे भी कम कीमत में सामान मंगवा सकते हैं। जब ये सामान घर आते हैं तो हमेशा एक डिब्बे में पैक करके आते हैं। वस्तु चाहे बहुत छोटी हो या बड़ी वह एक बड़े डिब्बे में आती है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप कुछ ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं, तो वह बॉक्स भूरे रंग का क्यों होता है? यह सफेद या नीले, हरे रंग में क्यों नहीं आता है? अगर आप नहीं जानते हैं तो चिंता न करें हम इसे जानने में आपकी मदद करेंगे।

क्यों कूरियर बॉक्स भूरे रंग के होते हैं

दरअसल जिस कूरियर बॉक्स से पार्सल आता है, डिलीवरी बॉक्स कार्डबोर्ड या कार्डबोर्ड से बना होता है, पूरा कॉर्पस कागज का बना होता है। अब आप जान गए होंगे कि प्राकृतिक रूप से हमें पेड़ों से कागज मिलता है और वह कागज प्रक्षालित नहीं होता, इसलिए उसका रंग भूरा होता है।

ऑनलाइन कंपनियों का उपयोग करने के पीछे का कारण है…

भूरा कागज का प्राकृतिक रंग है। कागज प्राकृतिक रूप से भूरा होता है क्योंकि यह लकड़ी, तनों और पेड़ों की छाल से बनता है।

फिर उसे सफ़ेद करने के लिए हम इसे प्राकृतिक रूप से ब्लीच करते हैं ताकि इस पर लिखना आसान हो। लेकिन हमें कार्डबोर्ड पर कुछ भी नहीं लिखना है, इसलिए इसे ब्लीचिंग की जरूरत नहीं है। इसके अलावा, क्योंकि ब्लीचिंग प्रक्रिया महंगी है, कागज को सफेद करने में अधिक पैसा खर्च होता है। ताकि इसे न्यूनतम लागत के साथ बनाया जा सके।

 न्यूनतम लागत ..

इसलिए हमारे पास जो कुरियर बॉक्स आते हैं उनका रंग भूरा होता है। वास्तव में जब हम Amazon और Flipkart जैसी कंपनियों से ऑर्डर करते हैं, तो हम इसे न्यूनतम कीमत पर चाहते हैं और कोई भी ग्राहक पैकिंग के लिए अधिक भुगतान नहीं करना चाहता है, इसलिए कंपनियां इन कार्डबोर्ड को ब्लीच करने पर पैसा खर्च नहीं करती हैं और इसे खरीद या बॉक्स बनाकर हमें वितरित करती हैं।