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मुख्यमंत्री CM MOHAN YADAV के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज, कलेक्टर नेहा मीना पहुंची कार्यक्रम स्थल

सिवनी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 01 जुलाई को प्रस्तावित सिवनी प्रवास को लेकर जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने कार्यक्रम स्थल पॉलिटेक्निक मैदान, हेलीपैड सहित विभिन्न स्थलों का विस्तृत निरीक्षण कर तैयारियों एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम के प्रत्येक पहलू की बारीकी से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती मीना ने मंच व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, हितग्राहियों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, शौचालय, बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था, वाहन पार्किंग, यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सुविधा, प्रदर्शनी स्थल तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाएं तथा कार्यक्रम में शामिल होने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कलेक्टर श्रीमती मीना ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की गरिमा के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण, हितलाभ वितरण तथा विभिन्न विभागों द्वारा विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगी

सिवनी से 3,941 किसानों को CM मोहन यादव 2.82 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि

विभिन्न विकास कार्यो मुख्यमंत्री डॉ यादव के हस्ते होगा लोकार्पण- भूमिपूजन. मुख्यमंत्री डॉ यादव धान महोत्सव कार्यक्रम में होंगे शामिल

सिवनी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 01 जुलाई को सिवनी आगमन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ यादव जिले में आयोजित धान महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह आयोजन कृषि, श्रीअन्न (मिलेट्स) संवर्धन और विकास कार्यों को समर्पित होगा, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं आमजन शामिल होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा सिंगल क्लिक के माध्यम से कोदो एवं कुटकी उत्पादक प्रदेश के 3,941 किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 2 करोड़ 82 लाख 99 हजार 300 की प्रोत्साहन राशि भी अंतरित की जाएगी। यह राशि ₹1,000 प्रति क्विंटल की दर से प्रदान की जा रही है, जिससे श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव जिले के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। साथ ही विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया जाएगा।

कार्यक्रम का आकर्षण विभिन्न विभागों द्वारा लगाई जाने वाली थीम आधारित विकास प्रदर्शनी भी रहेगी। प्रदर्शनी में धान बुवाई के कृषि यंत्र, प्राकृतिक बीजों की प्रदर्शनी, कस्टम हायरिंग सेंटर, प्राकृतिक एवं नैचुरल फार्मिंग मॉडल, जीआई टैग प्राप्त सीताफल एवं मिलेट्स उत्पाद, पीएमएफएमई उत्पाद, आम की विभिन्न किस्में, स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प एवं मिट्टी कला उत्पाद, लघु वनोपज, स्थानीय उद्यमियों के उत्पाद तथा पोषण आहार का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही कृषिका एप की जानकारी भी किसानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, नवाचारों और उपलब्धियों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रस्तावित आगमन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड, सुरक्षा, बैठक व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, विद्युत, यातायात तथा अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम का आयोजन भव्य, सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हो सके

जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर से ब्रॉडबैंड में जियो को नई रफ्तार

• 5G फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड में जियो की मजबूत पकड़
• मई में FWA सेगमेंट में जियो ने करीब 4 लाख ग्राहक जोड़े
• एक्टिव मोबाइल यूजर्स के मामले में भी जियो आगे

नई दिल्ली, 30 जून, 2026: ब्रॉडबैंड बाजार में रिलायंस जियो को जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर जैसी सेवाओं से नई रफ्तार मिल रही है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी TRAI की मई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक फिक्स्ड वायर्ड ब्रॉडबैंड में जियोफाइबर 1.44 करोड़ ग्राहकों के साथ आगे है। वहीं 5G फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड में भी जियोएयरफाइबर की पकड़ मजबूत बनी हुई है।

5G फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड यानी 5G FWA उन ग्राहकों के लिए अहम साबित हो रहा है, जिन्हें बिना पारंपरिक वायरिंग के तेज ब्रॉडबैंड कनेक्शन चाहिए। इसका इस्तेमाल घरों के साथ-साथ दफ्तरों, दुकानों, स्कूलों और छोटे कारोबार में भी किया जा सकता है। मई 2026 के अंत में जियो के 5G FWA ग्राहकों यानी जियोएयरफाइबर की संख्या करीब 89.68 लाख पहुंच गई।

जियोएयरफाइबर ने फिक्स्ड वायरलेस ब्रॉडबैंड सेगमेंट में कंपनी की बढ़त को और मजबूत किया है। ट्राई के मुताबिक मई में जियो ने FWA सेगमेंट में करीब 4 लाख ग्राहक जोड़े, जबकि निकटतम प्रतिस्पर्धी एयरटेल की बढ़त करीब 10 हजार रही। कुल FWA बाजार में जियो की हिस्सेदारी करीब 78.4 प्रतिशत बताई गई है।

फिक्स्ड वायर्ड ब्रॉडबैंड में भी जियो की स्थिति लगातार मजबूत बनी हुई है। ट्राई रिपोर्ट के अनुसार मई 2026 के अंत में जियो के फिक्स्ड वायर्ड ब्रॉडबैंड ग्राहक 1.44 करोड़ रहे, जबकि एयरटेल के 1.09 करोड़ ग्राहक थे। यह सेगमेंट जियोफाइबर जैसी सेवाओं से जुड़ा है, जहां ग्राहक स्थिर और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्शन चाहते हैं।

देश में ब्रॉडबैंड का कुल आधार भी लगातार बढ़ रहा है। ट्राई के मुताबिक मई 2026 के अंत में कुल ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 108.01 करोड़ पहुंच गई है। इनमें जियो 52.96 करोड़ ग्राहकों के साथ पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर एयरटे 37.61 करोड़ ब्रॉडबैंड ग्राहकों के साथ दूसरे नंबर पर है। हालांकि मई माह में एयरटेल ने करीब 29.2 लाख तो जियो ने 21.5 लाख सब्सक्राइबर जोड़े।

मोबाइल सेवाओं में भी जियो की सक्रिय ग्राहक हिस्सेदारी मजबूत रही। मई में जियो 44.2 प्रतिशत एक्टिव यूजर शेयर के साथ आगे रहा। एक्टिव यूजर वे ग्राहक माने जाते हैं जो नेटवर्क पर वास्तव में सक्रिय रहते हैं। इस आधार पर भी जियो की पकड़ मजबूत बनी हुई है।

MP Transfer Policy: सिवनी सहकारिता विभाग में आखिर क्यों नहीं हो रहे तबादले? वर्षों से एक ही शाखा में जमे प्रबंधकों पर उठे सवाल

मध्य प्रदेश की स्थानांतरण नीति लागू होने के बावजूद सिवनी के सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में वर्षों से एक ही शाखा में पदस्थ शाखा प्रबंधकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानिए पूरा मामला।

सिवनी। मध्य प्रदेश शासन द्वारा घोषित स्थानांतरण नीति के तहत प्रदेश के अधिकांश सरकारी विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले पूरे हो चुके हैं। कई विभागों ने अपनी स्थानांतरण सूची भी जारी कर दी है, लेकिन सिवनी जिले का सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अब तक इस प्रक्रिया से लगभग अछूता दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि अब सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जब अन्य विभाग शासन की नीति का पालन कर चुके हैं, तब सहकारिता विभाग में स्थानांतरण प्रक्रिया लागू नहीं होना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि यदि शासन ने स्पष्ट स्थानांतरण नीति बनाई है तो उसका पालन सभी विभागों में समान रूप से होना चाहिए।

रोटेशन नीति के बावजूद वर्षों से एक ही शाखा में पदस्थ शाखा प्रबंधक

सूत्रों के अनुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की कई शाखाओं में शाखा प्रबंधक पिछले पांच से छह वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सामान्यतः रोटेशन नीति के तहत समय-समय पर अधिकारियों का स्थानांतरण किया जाता है, लेकिन जिले की कई शाखाओं में यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू होती नजर नहीं आ रही है।

बताया जा रहा है कि कुछ शाखा प्रबंधकों के विरुद्ध कार्यशैली को लेकर शिकायतें भी जिला प्रशासन तक पहुंच चुकी हैं। हालांकि इन शिकायतों पर आधिकारिक रूप से क्या कार्रवाई हुई है, इसकी कोई सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है।

किसानों के हितों से जुड़ा है पूरा मामला

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक केवल बैंकिंग संस्था ही नहीं, बल्कि हजारों किसानों की आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र भी है। किसानों के खाते, फसल भुगतान और सहकारी समितियों का अधिकांश वित्तीय लेन-देन इसी बैंक के माध्यम से संचालित होता है।

ऐसे में बैंक शाखाओं में लंबे समय तक एक ही अधिकारी की पदस्थापना को लेकर पारदर्शिता और प्रशासनिक निष्पक्षता के प्रश्न उठना स्वाभाविक माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि धान भुगतान सहित कई बैंकिंग कार्यों को लेकर समय-समय पर किसानों ने असंतोष भी जताया है।

‘राजनीतिक संरक्षण’ की चर्चाएं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं

स्थानीय चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि कुछ अधिकारी राजनीतिक प्रभाव के कारण लंबे समय से एक ही शाखा में बने हुए हैं। हालांकि इस संबंध में किसी सक्षम प्राधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

कुछ कर्मचारियों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर यह भी दावा किया कि लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारी सहकारी समितियों के प्रबंधकों के लिए भी प्रशासनिक चुनौती बने हुए हैं।

जिला कलेक्टर की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल

सहकारी संस्थाओं में लंबे समय से संचालक मंडल के चुनाव नहीं होने के कारण वर्तमान में प्रशासनिक जिम्मेदारी जिला प्रशासन के माध्यम से संचालित हो रही है। ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब जिला प्रशासन के पास सहकारिता व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी है, तब स्थानांतरण और रोटेशन नीति का पालन सुनिश्चित क्यों नहीं कराया जा रहा।

स्थानीय नागरिकों और किसानों का मानना है कि यदि रोटेशन नीति समय पर लागू होती है तो बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत हो सकती हैं।

जनहित में कार्रवाई की मांग

जिले के कई नागरिकों और किसान संगठनों का मानना है कि सहकारिता विभाग एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में शासन की स्थानांतरण एवं रोटेशन नीति का निष्पक्ष पालन कराया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों का नियमानुसार स्थानांतरण किया जाए तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी और किसानों का विश्वास भी मजबूत होगा।

फिलहाल जिला सहकारी केंद्रीय बैंक या सहकारिता विभाग की ओर से इस विषय में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि संबंधित विभाग अपना पक्ष जारी करता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

मानसून अवधि में SEONI जिले में रेत उत्खनन पर 30 जून की मध्यरात्रि से प्रतिबंध

सिवनी/ कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने मानसून अवधि को दृष्टिगत रखते हुए जिले में रेत उत्खनन पर प्रतिबंध संबंधी आदेश जारी किए हैं। यह आदेश भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी सतत रेत खनन प्रबंधन दिशा-निर्देश, 2016, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, नागपुर तथा संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म, भोपाल द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में जारी किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार जिले में मानसून की सक्रियता को देखते हुए 30 जून 2026 की मध्यरात्रि से 1 अक्टूबर 2026 तक जिले की सभी रेत खदानों, नदियों एवं नालों से रेत उत्खनन पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। इस अवधि में किसी भी स्थान से रेत का उत्खनन नहीं किया जा सकेगा।

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। उन्होंने संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को प्रतिबंध अवधि में आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने तथा अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी निगरानी रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

CM Mohan Yadav Seoni Visit: 1 जुलाई को सिवनी आएंगे मुख्यमंत्री, कलेक्टर नेहा मीना ने संभाली कमान, कार्यक्रम स्थल और हेलीपैड का किया बारीकी से निरीक्षण

CM Mohan Yadav Seoni Visit: सिवनी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित 1 जुलाई 2026 के सिवनी दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री के आगमन को ऐतिहासिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। इसी क्रम में रविवार को कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने पॉलिटेक्निक मैदान स्थित कार्यक्रम स्थल एवं हेलीपैड का विस्तृत निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान विधायक दिनेश राय भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम स्थल पर हर व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यक्रम स्थल की सभी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मंच निर्माण, वीआईपी एवं आम नागरिकों की बैठक व्यवस्था, प्रवेश और निकास मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता, बैरिकेडिंग, मीडिया गैलरी तथा नियंत्रण कक्ष सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की प्रगति का जायजा लिया।

कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं और प्रत्येक विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य करे।

बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना, अधिकारियों को दिए विशेष निर्देश

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता के साथ निभाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम स्थल पर आने वाले लोगों के लिए सुगम आवागमन, पर्याप्त सुरक्षा, पेयजल, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।

हेलीपैड पर भी सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर आगमन को देखते हुए कलेक्टर ने हेलीपैड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तकनीकी एवं सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर पूरी कर ली जाएं ताकि किसी प्रकार की असुविधा या जोखिम की स्थिति उत्पन्न न हो।

अधिकारियों ने दी तैयारियों की जानकारी

निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी तैयारियों की विस्तृत जानकारी कलेक्टर को दी। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह, अपर कलेक्टर श्री सी.एल. चनाप, एसडीएम श्रीमती पूर्वी तिवारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासन की तैयारियों पर टिकी लोगों की नजर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का प्रस्तावित सिवनी दौरा जिले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि कार्यक्रम पूरी तरह व्यवस्थित, सुरक्षित और सफल रहे। इसके लिए जिला प्रशासन लगातार तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहा है और सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

गांव-गांव पहुंच रही MP POLICE की साइबर सुरक्षा मुहिम: बरघाट पुलिस ने ग्रामीणों को दिए गए ठगी से बचने के अहम मंत्र – SAFE CLICK 2.0

बरघाट (सिवनी) एस. शुक्ला। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को रोकने और आम नागरिकों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा साइबर जनजागरूकता अभियान अब गांव-गांव तक पहुंच चुका है। इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को साइबर ठगी से बचने के आसान और प्रभावी तरीके बताए जा रहे हैं। अभियान में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिल रही है।

इसी क्रम में बरघाट विकासखंड की ग्राम पंचायत बेहरई में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी मोहनीश बैस एवं एजेके थाना प्रभारी अनंती मश्कोले ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर साइबर अपराधों से बचने के महत्वपूर्ण उपाय साझा किए।

अपनी भाषा में समझाया साइबर सुरक्षा का महत्व

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरल और स्थानीय भाषा में समझाया कि आज लगभग हर घर में एंड्रॉयड मोबाइल मौजूद है, जिसका उपयोग युवा, महिलाएं और बच्चे सभी करते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी साइबर अपराधियों को मौका दे सकती है।

थाना प्रभारी मोहनीश बैस ने कहा कि “सावधानी ही सुरक्षा है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल, मैसेज, लिंक, फोटो, वीडियो, APK फाइल या अन्य फाइलों को बिना जांचे डाउनलोड न करें। साथ ही लालच, डर या किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।

इन साइबर फ्रॉड से रहें सतर्क

एजेके थाना प्रभारी अनंती मश्कोले ने मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विशेष रूप से इन मामलों से सावधान रहने की सलाह दी—

  • लॉटरी और इनाम के नाम पर ठगी
  • फर्जी मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाकर धोखाधड़ी
  • क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड फ्रॉड
  • बैंक KYC अपडेट के नाम पर ठगी
  • सिम स्वैप फ्रॉड
  • OTP फ्रॉड
  • फर्जी वॉयस कॉल और डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी

उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक खाता, OTP, PIN या अन्य गोपनीय जानकारी कभी भी साझा न करें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत करें यह काम

कार्यक्रम में ग्रामीणों को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति अनजाने में साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

ग्रामीणों ने दिखाई जागरूकता, पुलिस की पहल की सराहना

इस जागरूकता अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी को गंभीरता से सुना। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष एवं जनपद सदस्य विजय उइके ने भी ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सरल और सहज भाषा में लोगों को जागरूक करने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराधों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी।

लगातार गांव-गांव चलाया जा रहा अभियान

मध्य प्रदेश पुलिस का यह जनजागरूकता अभियान लगातार गांवों, कस्बों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखना और साइबर अपराधियों के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करना है।

Pench Tiger Reserve Safari Accident: पेंच टाइगर रिजर्व में पलटी सफारी जिप्सी, रायपुर-नागपुर के 4 पर्यटक घायल, पहली बार सामने आया ऐसा हादसा

सिवनी। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व से शनिवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। खवासा बफर क्षेत्र में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों से भरी एक जिप्सी अचानक असंतुलित होकर पलट गई। इस हादसे में रायपुर और नागपुर के चार पर्यटक घायल हो गए, जबकि वाहन में मौजूद तीन बच्चों को मामूली चोटें आईं। राहत की बात यह रही कि हादसे के तुरंत बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और सभी घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।

ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 10 बजे सफारी वाहन खवासा बफर क्षेत्र के जंगल मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान ऊंचे-नीचे और असमतल रास्ते पर वाहन का संतुलन बिगड़ गया और जिप्सी पलट गई। हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को पहले कुरई अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर कर दिया गया।

इन पर्यटकों को आई चोटें

हादसे में घायल पर्यटकों की पहचान इस प्रकार हुई—

  • अनिंधा योगी (40), निवासी रायपुर
  • कुमार साहू (43), निवासी रायपुर
  • लिपिना साहू (36), निवासी रायपुर
  • दीपित राय (33), निवासी नागपुर

वहीं वाहन में मौजूद तीन बच्चों को हल्की खरोंचें आईं, जिन्हें गंभीर चोट नहीं लगी।

गाइड और चालक सुरक्षित

हादसे के समय वाहन में मौजूद गाइड विजय कंवल और चालक कर्मकार पूरी तरह सुरक्षित रहे। दोनों को किसी प्रकार की चोट नहीं आई।

सफारी वाहन और चालक पर तत्काल कार्रवाई

घटना के बाद पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सफारी वाहन और चालक पर आगामी सफारी संचालन के लिए रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन अंजनी गांव निवासी रामलाल लोंढे का है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

पेंच टाइगर रिजर्व में पहली बार हुआ ऐसा हादसा

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार पेंच टाइगर रिजर्व में इस प्रकार की दुर्घटना पहली बार सामने आई है। सामान्य परिस्थितियों में सफारी वाहनों की गति निर्धारित सीमा में रहती है और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि जंगल मार्ग के ऊंचे-नीचे और असमतल होने के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह हादसा हुआ।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे की वजह केवल खराब रास्ता था या फिर इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी या मानवीय कारण भी जिम्मेदार था।

पेंच टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां हर वर्ष हजारों पर्यटक जंगल सफारी का आनंद लेने पहुंचते हैं। ऐसे में यह हादसा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता की ओर भी संकेत करता है। फिलहाल सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, जिससे राहत की खबर है।

ITI घंसौर में घंसौर पुलिस ने चलाया साइबर जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को बताए ऑनलाइन सुरक्षा के उपाय

घंसौर, उमेश श्रीवास्तव -: डिजिटल युग में साइबर अपराध लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। फर्जी कॉल, ओटीपी, केवाईसी अपडेट, निवेश के झांसे, सोशल मीडिया हैकिंग और फर्जी लिंक के माध्यम से साइबर ठग आम नागरिकों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। इन बढ़ते साइबर अपराधों पर रोक लगाने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से घंसौर पुलिस ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) घंसौर में विशेष साइबर जनजागरूकता अभियान चलाया।

यह अभियान पुलिस अधीक्षक कृष्णचंद्र लालचंदानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अपूर्व भलावी के सानिध्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह झारिया एवं घंसौर पुलिस की टीम ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए।

थाना प्रभारी श्री झारिया ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों की छोटी-सी लापरवाही का फायदा उठाकर बैंक खाते खाली कर देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति से अपना ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें तथा सोशल मीडिया पर आने वाले फर्जी संदेशों और लुभावने ऑफरों से सतर्क रहें।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आजकल साइबर अपराधी बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, बिजली विभाग, केवाईसी अपडेट, लॉटरी, नौकरी और निवेश के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं तथा साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से भी रिपोर्ट करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान को रोका जा सके।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया सुरक्षा और मोबाइल एप्लिकेशन के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें मजबूत पासवर्ड बनाने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करने और साइबर ठगी की किसी भी घटना की तत्काल पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई।

घंसौर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जागरूक रहें, सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के ऑनलाइन प्रलोभन या दबाव में आकर अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी साझा न करें। पुलिस का कहना है कि “सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

एलएनटी कंपनी की मनमानी: 20 दिनों से खुदी पड़ी सड़क, नाली अधूरी… घंसौर के इस वार्ड में गंदे पानी से त्रस्त लोग, प्रशासन पर उठे सवाल

सिवनी, घंसौर, उमेश श्रीवास्तव विकास कार्यों में लापरवाही आम नागरिकों के लिए किस तरह परेशानी का कारण बन सकती है, इसका ताजा उदाहरण ग्राम पंचायत घंसौर के वार्ड क्रमांक 7 में देखने को मिल रहा है। यहां विनय शास्त्री के घर के सामने करीब 15 से 20 दिन पहले एलएनटी कंपनी द्वारा नाली और सड़क की खुदाई कर पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने दिनों बाद भी न तो पाइपलाइन बिछाई जा सकी और न ही नाली निर्माण का कार्य पूरा हो पाया।

अधूरे निर्माण कार्य के चलते सड़क पर गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर रास्ता कीचड़ और जलभराव की वजह से लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। इससे रोजमर्रा के कामकाज के लिए निकलने वाले लोगों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जलभराव से मच्छरों का बढ़ा प्रकोप, बीमारी फैलने की आशंका

स्थानीय वार्डवासियों का कहना है कि लंबे समय से जमा गंदे पानी के कारण क्षेत्र में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लोगों को डर है कि यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी तो डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। गर्मी और बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि इस संबंध में ग्राम पंचायत और जल निगम को कई बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अधूरी खुदाई और बंद पड़ी नाली के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

जल्द कार्य पूरा कराने की मांग

वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरे पड़े नाली और पाइपलाइन निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही सड़क पर हो रहे जलभराव को समाप्त कर आम नागरिकों को राहत दिलाई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • वार्ड क्रमांक 7 में 15–20 दिनों से अधूरा पड़ा नाली निर्माण।
  • एलएनटी कंपनी ने खुदाई के बाद कार्य बीच में छोड़ा।
  • सड़क पर गंदा पानी जमा होने से लोगों का आवागमन प्रभावित।
  • मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से बीमारी फैलने की आशंका।
  • शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का वार्डवासियों का आरोप।
  • प्रशासन से जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग।