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SEONI में बकरीद पर गौवंश वध की कथित साजिश! NSA के तहत बड़ी कार्रवाई, नागपुर से गिरफ्तार हामिद इंजीनियर पहुंचा जबलपुर जेल

SEONI। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में बकरीद के दौरान कथित रूप से गौवंश वध की योजना बनाकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश रचने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई करते हुए उसे महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल जबलपुर भेज दिया है।

पुलिस अधीक्षक सिवनी कृष्ण लालचंदानी ने जानकारी देते हुए बताया कि मोहम्मद हामिद उर्फ इंजीनियर (69 वर्ष) निवासी सेवा सदन, सी.ए. रोड, गांधीबाग, नागपुर (महाराष्ट्र) के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 की धारा 3(2) के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।

बकरीद के दौरान कथित गौवंश वध की बनाई गई थी योजना

पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर 28 मई 2026 को बकरीद के अवसर पर कुर्बानी के नाम पर गौवंश वध करने की कथित योजना बनाई थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए सात गौवंशों को आरोपी और उसके साथियों के कब्जे से मुक्त कराया तथा उन्हें सुरक्षित गौशाला भेज दिया।

पुलिस का कहना है कि यदि समय पर हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो जिले में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता था।

पहले से दर्ज है गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम का मामला

कोतवाली थाना पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से ही मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, 2004 के तहत प्रकरण दर्ज है। इसके अलावा पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी का नाम नागपुर में वर्ष 2025 के सांप्रदायिक दंगे से जुड़े एक आपराधिक मामले में भी सामने आया था।

इन्हीं तथ्यों और गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

सांप्रदायिक सौहार्द और शांति व्यवस्था को देखते हुए NSA लगाया गया

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गतिविधियों से जिले की लोक शांति, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी। इसी आधार पर जिला प्रशासन ने NSA के तहत कार्रवाई को उचित माना।

सिवनी जिला पूर्व में भी गौवंश वध और अन्य कारणों से उत्पन्न सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं का सामना कर चुका है। ऐसे में प्रशासन किसी भी प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने और जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सतर्क है।

नागपुर से गिरफ्तारी, तीन माह के लिए केंद्रीय जेल भेजा गया

कोतवाली पुलिस के अनुसार आरोपी को 16 जून 2026 को नागपुर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत निरुद्ध कर तीन माह के लिए केंद्रीय जेल, जबलपुर भेज दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है और अन्य संबंधित पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश

इस कार्रवाई को जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक सद्भाव कायम रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने या सांप्रदायिक माहौल खराब करने की किसी भी कोशिश के खिला

सिवनी में 3 करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए रची गई खौफनाक साजिश! भोपाल से बुलाए गए शूटर ने आधी रात घर पर बरसाई गोली, 3 आरोपी गिरफ्तार

सिवनी। शहर के बुधवारी क्षेत्र में पिछले दिनों हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का कोतवाली पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह कोई सामान्य वारदात नहीं थी, बल्कि करीब 3 करोड़ रुपये की विवादित प्रॉपर्टी को लेकर रची गई एक सुनियोजित आपराधिक साजिश थी। इस मामले में पुलिस ने भोपाल से बुलाए गए शूटर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार है जिसकी तलाश जारी है।

पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है।

आधी रात चली गोली, बाल-बाल बची जान

जानकारी के अनुसार 12 जून 2026 को सुनारी मोहल्ला निवासी शैलेन्द्र चौरसिया ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि 11-12 जून की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे अज्ञात बदमाशों ने उनके घर पर गोली चलाई थी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान घर के बाहर सड़क पर गोली का खाली खोखा मिला तथा दुकान के शटर पर गोली लगने के निशान पाए गए। गोली शटर को चीरते हुए दुकान के अंदर से घर तक पहुंच गई थी।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस स्थान पर गोली लगी, वहीं फरियादी शैलेन्द्र चौरसिया रोजाना सोते थे। हालांकि घटना वाली रात किसी कारणवश वे वहां नहीं सोए थे, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस ने शुरुआती जांच में ही इसे जानलेवा हमला माना।

3 करोड़ की प्रॉपर्टी बनी खूनी साजिश की वजह

पुलिस जांच में सामने आया कि छिंदवाड़ा चौक स्थित लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य की एक विवादित प्रॉपर्टी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस संपत्ति पर फरियादी के परिजनों का कब्जा था और मामला न्यायालय में विचाराधीन था।

इसी बीच फरियादी ने विवाद से छुटकारा पाने के लिए उक्त संपत्ति को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का एग्रीमेंट किया था। जांच में पता चला कि आरोपी अमन चौहान और गौरव दीक्षित भी इस प्रॉपर्टी से लाभ लेना चाहते थे, लेकिन उनके मंसूबे पूरे नहीं हो पा रहे थे।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने यह योजना बनाई कि यदि शैलेन्द्र चौरसिया पर जानलेवा हमला कराया जाए तो संदेह सीधे प्रॉपर्टी विवाद में शामिल अन्य पक्षों पर जाएगा और उन्हें संपत्ति पर कब्जा करने का रास्ता मिल जाएगा।

भोपाल से बुलाए गए शूटर

साजिश को अंजाम देने के लिए गौरव दीक्षित और अमन चौहान ने भोपाल से दो युवकों को बुलाया। इनके नाम निखिल वाथम और गोलू अहिरवार बताए गए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य शूटर निखिल वाथम ने देशी पिस्टल से फरियादी के घर पर फायर किया था। वहीं गोलू अहिरवार बाइक चलाकर उसे घटना स्थल तक लेकर आया था। घटना में प्रयुक्त बाइक की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर अमन चौहान ने कराई थी।

50 से ज्यादा CCTV खंगालकर पुलिस पहुंची आरोपियों तक

घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने करीब 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और विभिन्न स्थानों पर जांच की। तकनीकी साक्ष्यों एवं गहन पड़ताल के आधार पर सबसे पहले अमन चौहान की पहचान की गई। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ और अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी

  1. निखिल वाथम (25 वर्ष) निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, निशातपुरा, भोपाल – मुख्य शूटर। इसके खिलाफ पहले से मारपीट एवं आबकारी अधिनियम के मामले दर्ज हैं।
  2. गोलू अहिरवार (25 वर्ष) निवासी हाउसिंग बोर्ड गैस राहत कॉलोनी, निशातपुरा, भोपाल – घटना में सहयोगी। इसके खिलाफ भी भोपाल में मारपीट के मामले दर्ज हैं।
  3. अमन चौहान (28 वर्ष) निवासी भैरोगंज, सिवनी।

फरार आरोपी

गौरव दीक्षित (30 वर्ष) निवासी हाउसिंग बोर्ड, सिवनी – पुलिस के अनुसार घटना का मुख्य साजिशकर्ता।

पुलिस ने बरामद किए ये सामान

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल (MP22 ZE 2195), एक देशी पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक कीपैड मोबाइल फोन जब्त किया है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस पूरे मामले के खुलासे में एसडीओपी सिवनी सचिन परते, थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी, प्रधान आरक्षक मुकेश गौडाने, सिद्धार्थ दुबे, सतीश इनवाती एवं प्रतीक बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी गौरव दीक्षित की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस खुलासे के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर 3 करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए किस तरह एक खौफनाक साजिश रची गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की जान जाते-जाते बची।

SEONI में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा! ADM कार्यालय का रीडर 20 हजार की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, जमीन विवाद में फैसला कराने का था खेल

Seoni News । मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आम लोगों को न्याय दिलाने वाले सरकारी दफ्तर में ही फैसले की कीमत तय होने का आरोप लगा है। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एडीएम कार्यालय में पदस्थ रीडर माधव प्रसाद तिवारी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर जमीन विवाद के मामले में शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला कराने के बदले घूस मांगने का आरोप है।

इस कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पैतृक जमीन के विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजली पटले के मुताबिक, शिकायतकर्ता संतोष सिंह सिसोदिया ने जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पैतृक जमीन पर लगे जामुन सहित अन्य पेड़ों की कटाई से जुड़े विवाद में उनके खिलाफ फैसला आने के बाद उन्होंने एडीएम कार्यालय में अपील दायर की थी।

शिकायतकर्ता का आरोप था कि अपील में उनके पक्ष में निर्णय करवाने के लिए एडीएम कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 एवं रीडर माधव प्रसाद तिवारी लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था।

पहले मांगे 30 हजार, फिर 20 हजार रुपये में हुआ सौदा

शिकायत के अनुसार, आरोपी रीडर ने शुरुआत में 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बाद में बातचीत के दौरान यह रकम घटाकर 20 हजार रुपये तय कर दी गई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जानकारी लोकायुक्त पुलिस को दी।

लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन किया और आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

जाल बिछाकर पकड़ा गया आरोपी

मंगलवार को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने एडीएम कार्यालय परिसर स्थित उपभोक्ता फॉर्म बिल्डिंग के पोर्च में जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी माधव प्रसाद तिवारी ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया।

इस कार्रवाई के दौरान मौजूद अधिकारियों ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

एसडीएम के फैसले के बाद एडीएम कार्यालय पहुंचा था मामला

जानकारी के मुताबिक, पैतृक जमीन से जुड़े इस विवाद की सुनवाई पहले लखनादौन एसडीएम कार्यालय में हुई थी, जहां फैसला शिकायतकर्ता के खिलाफ आया था। इसके बाद उन्होंने एडीएम कार्यालय में अपील दायर की थी। आरोप है कि इसी अपील में अनुकूल निर्णय दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में निरीक्षक उमा कुशवाह, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया सहित जबलपुर लोकायुक्त की टीम शामिल रही।

आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7, 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

भ्रष्टाचार पर फिर उठे सवाल

सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के मामलों पर लगातार कार्रवाई के बावजूद ऐसे मामलों का सामने आना चिंता का विषय है। सिवनी की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आम नागरिकों को न्याय पाने के लिए कितनी बाधाओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि, लोकायुक्त की इस त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश भी दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करने वालों को न्याय मिल सकता है और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सकता है।

SEONI: 6 महीने से पुलिस को चकमा दे रहा ‘गोलू पठान’ आखिरकार गिरफ्तार, बस स्टैंड से कोतवाली पुलिस ने दबोचा

सिवनी। अपराधियों और फरार आरोपियों के खिलाफ सिवनी पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले 6 महीनों से फरार चल रहे स्थाई वारंटी सोहेल खान उर्फ गोलू पठान को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे आरोपी को आखिरकार सिवनी बस स्टैंड से दबोच लिया गया।

जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सिवनी श्री कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन में जिलेभर में अपराधों की रोकथाम और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) सिवनी श्री सचिन परते के मार्गदर्शन में की जा रही है।

इसी विशेष अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़े एक प्रकरण में फरार चल रहे स्थाई वारंटी सोहेल खान उर्फ गोलू पठान की तलाश तेज कर दी थी। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सिवनी बस स्टैंड क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

6 माह से था फरार

पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले लगभग छह महीनों से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ स्थाई वारंट जारी था। लगातार प्रयासों के बावजूद वह पुलिस गिरफ्त से बचता रहा, लेकिन आखिरकार कोतवाली पुलिस की सक्रियता के चलते उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिल गई।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान

  • नाम: सोहेल खान उर्फ गोलू पठान
  • पिता का नाम: सफीक खान
  • उम्र: 28 वर्ष
  • निवासी: बड़े मिशन स्कूल के पीछे, सिवनी

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई को सफल बनाने में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में शामिल पुलिसकर्मियों का योगदान सराहनीय रहा।

विशेष रूप से—

  • प्रधान आरक्षक मनोज मरावी
  • आरक्षक प्रतीक बघेल
  • आरक्षक सतीश इनवाती
  • आरक्षक सिद्धार्थ दुबे
  • आरक्षक अजेंद्र पाल

ने आरोपी की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अपराधियों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

सिवनी पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध पर नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए फरार आरोपियों और वारंटियों के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून से बचने की कोशिश करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बनी गिरफ्तारी

बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाके से लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद शहर में यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों ने पुलिस की तत्परता और सक्रियता की सराहना की है।

सिवनी को मिला नया जिला आपूर्ति अधिकारी: अब राशन व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव, देवेंद्र सिंह खोबरिया संभालेंगे कमान

सिवनी। मध्यप्रदेश शासन ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सिवनी जिले को नया जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) नियुक्त किया है। जारी स्थानांतरण आदेश के अनुसार देवेंद्र सिंह खोबरिया का तबादला नरसिंहपुर जिले से सिवनी किया गया है। माना जा रहा है कि वे जल्द ही सिवनी पहुंचकर अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। शासन के इस निर्णय के बाद जिले के राशन हितग्राहियों, उचित मूल्य दुकान संचालकों और विभागीय कर्मचारियों की नजर अब नए अधिकारी की कार्यशैली पर टिक गई है।

प्रदेश स्तर पर हुए प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है तबादला

जानकारी के मुताबिक, राज्य शासन द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कई अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इसी क्रम में देवेंद्र सिंह खोबरिया को सिवनी जिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासनिक हलकों में इस बदलाव को विभागीय व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है। सिवनी जैसे बड़े जिले में जिला आपूर्ति अधिकारी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि जिले की लाखों आबादी सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर निर्भर रहती है।

नए डीएसओ के सामने होंगी कई बड़ी चुनौतियां

देवेंद्र सिंह खोबरिया के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी जिले में राशन वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की होगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार उन्हें कई अहम मुद्दों पर विशेष ध्यान देना होगा, जिनमें शामिल हैं—

  • उचित मूल्य दुकानों की नियमित निगरानी,
  • पात्र हितग्राहियों तक समय पर राशन पहुंचाना,
  • पीडीएस व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना,
  • राशन वितरण से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निराकरण,
  • खाद्यान्न भंडारण और वितरण प्रणाली की प्रभावी मॉनिटरिंग,
  • विभागीय कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।

इन जिम्मेदारियों के सफल निर्वहन से जिले की खाद्य आपूर्ति व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

हितग्राहियों को नई उम्मीद

सिवनी जिले के हजारों परिवार हर महीने सरकारी राशन व्यवस्था का लाभ उठाते हैं। ऐसे में नए जिला आपूर्ति अधिकारी की नियुक्ति को लेकर आम लोगों के बीच भी उम्मीदें बढ़ गई हैं। लोगों का मानना है कि यदि निगरानी व्यवस्था मजबूत हुई और शिकायतों का समय पर समाधान हुआ, तो पीडीएस प्रणाली पहले से अधिक प्रभावी बन सकती है।

वहीं विभागीय कर्मचारियों के लिए भी यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नए अधिकारी की कार्यशैली और प्रशासनिक प्राथमिकताएं आने वाले समय में विभाग के कामकाज की दिशा तय करेंगी।

तत्काल प्रभाव से लागू होगा आदेश

बताया जा रहा है कि राज्य शासन का यह स्थानांतरण आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। संबंधित अधिकारियों को शीघ्र ही अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में देवेंद्र सिंह खोबरिया के जल्द ही सिवनी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

अब जिलेवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नए जिला आपूर्ति अधिकारी सिवनी की राशन व्यवस्था में किस प्रकार के सुधारात्मक कदम उठाते हैं और आम उपभोक्ताओं को इसका कितना लाभ मिलता है।

सिवनी जिले में नए जिला आपूर्ति अधिकारी के रूप में देवेंद्र सिंह खोबरिया की नियुक्ति केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में उनकी कार्यशैली और निर्णय जिले की राशन व्यवस्था की तस्वीर बदल सकते हैं।

Seoni Tiger Attack: खेत गई आदिवासी महिला को बाघ ने बनाया निवाला, दहशत में ग्रामीण

सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में बाघ का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बरघाट क्षेत्र से एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बाघ ने एक आदिवासी महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। लगातार हो रही बाघ हमलों की घटनाओं ने जंगल से सटे गांवों के लोगों की जिंदगी को भय और असुरक्षा के साये में धकेल दिया है।

ताजा मामला बेहरई से लगे ग्राम मऊ बीजाटोला का है, जहां रविवार को एक आदिवासी महिला बाघ का शिकार बन गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से ठोस कार्रवाई की मांग की है।

पशुओं को लेकर खेत गई थी महिला, घात लगाए बैठे बाघ ने किया हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मऊ बीजाटोला निवासी शिवकली पति शिवचरण अपने बैल और बकरियों को लेकर जंगल से लगे खेत में गई थीं। बताया जा रहा है कि इसी दौरान घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया।

बाघ के हमले में महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाघ ने महिला के कमर के नीचे के हिस्से को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया।

जब काफी देर तक शिवकली घर वापस नहीं लौटीं तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान खेत के पास महिला का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पूरे गांव में मातम छा गया।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा वन अमला और पुलिस बल

घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

वन विभाग द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार किया गया। वहीं मृतका के परिजनों को शासन की ओर से मिलने वाली सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

लगातार बढ़ रहे बाघ हमले, इस सत्र में कई लोगों की जा चुकी है जान

गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी सत्र में बाघ के हमलों में पांच से छह लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ दिनों पहले ही एक आदिवासी युवक की भी बाघ के हमले में जान चली गई थी।

लगातार हो रही इन घटनाओं ने ग्रामीणों के मन में गहरा भय पैदा कर दिया है। अब हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग खेतों और जंगल की ओर जाने से भी डरने लगे हैं।

कृषि कार्य पर मंडरा रहा संकट

वर्तमान समय में कृषि कार्य का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है। ऐसे में जंगल से लगे खेतों में किसानों की आवाजाही बढ़ जाती है। लेकिन बाघ की लगातार मौजूदगी और हमलों की घटनाओं के चलते ग्रामीणों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही बाघ के मूवमेंट पर नियंत्रण नहीं किया गया तो खेतों में काम करना असंभव हो जाएगा।

आदिवासी नेता राहुल उईके और विजय उईके पहुंचे मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही बरघाट विकासखंड के आदिवासी नेता राहुल विजय उईके और विजय उईके भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

दोनों नेताओं ने वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर पीड़ित परिवार को शासन स्तर पर अधिकतम आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। साथ ही उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति को शांत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी बाघ हमलों में मृत परिवारों को शासन से सहायता दिलाने में इन नेताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस बार भी उनके प्रयासों के बाद पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता का आश्वासन मिला है।

ग्रामीणों की मांग: बाघ के आतंक से दिलाई जाए राहत

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ाई जाए, बाघ की निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात की जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

लोगों का कहना है कि जब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते, तब तक जंगल से लगे गांवों में रहने वाले परिवार भय के साये में जीवन जीने को मजबूर रहेंगे।

सिवनी जिले में लगातार सामने आ रहे बाघ हमले अब केवल वन्यजीव और मानव संघर्ष का मामला नहीं रह गए हैं, बल्कि यह ग्रामीणों की सुरक्षा और आजीविका से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। प्रशासन और वन विभाग के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे त्वरित और प्रभावी कदम उठाकर लोगों के मन से भय को दूर करें और भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकें।

सिवनी: रात के अंधेरे में गोवंश तस्करी का बड़ा खुलासा! 30 गोवंश से भरा ट्रक पकड़ा गया, तस्कर मौके से फरार

सिवनी। जिले में गोवंश तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने छिंदवाड़ा रोड बायपास ब्रिज पर घेराबंदी कर एक संदिग्ध आईसर ट्रक को पकड़ लिया। ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें कुल 30 गोवंश क्रूरता पूर्वक भरे हुए पाए गए। हालांकि पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी अंधेरे और रात का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ट्रक में बड़ी संख्या में गोवंश को अवैध रूप से ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और वाहन क्रमांक MH29BE6477 (यवतमाल, महाराष्ट्र) को छिंदवाड़ा रोड बायपास ब्रिज के ऊपर घेराबंदी कर रोक लिया।

ट्रक में ठूंस-ठूंसकर भरे गए थे 30 गोवंश

पुलिस द्वारा ट्रक की जांच करने पर उसमें कुल 30 नग गोवंश पाए गए, जिनमें 8 नाटे (बछड़े) और 22 गायें शामिल थीं। सभी गोवंशों को बेहद अमानवीय और क्रूर तरीके से वाहन में भरा गया था। प्रारंभिक जांच में पशु क्रूरता अधिनियम और गोवंश परिवहन से जुड़े नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस को देखकर भाग निकले आरोपी

जैसे ही पुलिस ने ट्रक को घेरकर कार्रवाई शुरू की, ट्रक में सवार आरोपी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा जांच तेज कर दी गई है

गौवंशों को सुरक्षित गौशाला पहुंचाया गया

कार्रवाई के दौरान बरामद किए गए सभी गोवंशों को सुरक्षित रूप से ट्रक से उतारकर निकटवर्ती गौशाला में पहुंचाया गया। वहां उनके भोजन, पानी और स्वास्थ्य की व्यवस्था की गई है। पशुओं की स्थिति का भी परीक्षण कराया जा रहा है।

अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। ट्रक के दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई

सिवनी में हुई यह कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने गोवंश तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कार्रवाई में शामिल स्टाफ:
थाना प्रभारी कोतवाली सतीश तिवारी, एसआई राजेश शर्मा, एएसआई देवेंद्र जायसवाल (साइबर सेल), आरक्षक प्रतीक बघेल, रविंद्र सिंह, सौरभ सिंह, लोकेश, संतोष साहू, रत्नेश।