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गांव-गांव पहुंच रही MP POLICE की साइबर सुरक्षा मुहिम: बरघाट पुलिस ने ग्रामीणों को दिए गए ठगी से बचने के अहम मंत्र – SAFE CLICK 2.0

बरघाट (सिवनी) एस. शुक्ला। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों को रोकने और आम नागरिकों को जागरूक बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा साइबर जनजागरूकता अभियान अब गांव-गांव तक पहुंच चुका है। इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को साइबर ठगी से बचने के आसान और प्रभावी तरीके बताए जा रहे हैं। अभियान में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिल रही है।

इसी क्रम में बरघाट विकासखंड की ग्राम पंचायत बेहरई में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी मोहनीश बैस एवं एजेके थाना प्रभारी अनंती मश्कोले ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर साइबर अपराधों से बचने के महत्वपूर्ण उपाय साझा किए।

अपनी भाषा में समझाया साइबर सुरक्षा का महत्व

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को सरल और स्थानीय भाषा में समझाया कि आज लगभग हर घर में एंड्रॉयड मोबाइल मौजूद है, जिसका उपयोग युवा, महिलाएं और बच्चे सभी करते हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी साइबर अपराधियों को मौका दे सकती है।

थाना प्रभारी मोहनीश बैस ने कहा कि “सावधानी ही सुरक्षा है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल, मैसेज, लिंक, फोटो, वीडियो, APK फाइल या अन्य फाइलों को बिना जांचे डाउनलोड न करें। साथ ही लालच, डर या किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।

इन साइबर फ्रॉड से रहें सतर्क

एजेके थाना प्रभारी अनंती मश्कोले ने मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विशेष रूप से इन मामलों से सावधान रहने की सलाह दी—

  • लॉटरी और इनाम के नाम पर ठगी
  • फर्जी मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाकर धोखाधड़ी
  • क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड फ्रॉड
  • बैंक KYC अपडेट के नाम पर ठगी
  • सिम स्वैप फ्रॉड
  • OTP फ्रॉड
  • फर्जी वॉयस कॉल और डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी

उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक खाता, OTP, PIN या अन्य गोपनीय जानकारी कभी भी साझा न करें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत करें यह काम

कार्यक्रम में ग्रामीणों को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति अनजाने में साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

ग्रामीणों ने दिखाई जागरूकता, पुलिस की पहल की सराहना

इस जागरूकता अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी को गंभीरता से सुना। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष एवं जनपद सदस्य विजय उइके ने भी ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सरल और सहज भाषा में लोगों को जागरूक करने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराधों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी।

लगातार गांव-गांव चलाया जा रहा अभियान

मध्य प्रदेश पुलिस का यह जनजागरूकता अभियान लगातार गांवों, कस्बों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखना और साइबर अपराधियों के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करना है।

Pench Tiger Reserve Safari Accident: पेंच टाइगर रिजर्व में पलटी सफारी जिप्सी, रायपुर-नागपुर के 4 पर्यटक घायल, पहली बार सामने आया ऐसा हादसा

सिवनी। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व से शनिवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। खवासा बफर क्षेत्र में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों से भरी एक जिप्सी अचानक असंतुलित होकर पलट गई। इस हादसे में रायपुर और नागपुर के चार पर्यटक घायल हो गए, जबकि वाहन में मौजूद तीन बच्चों को मामूली चोटें आईं। राहत की बात यह रही कि हादसे के तुरंत बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और सभी घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।

ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 10 बजे सफारी वाहन खवासा बफर क्षेत्र के जंगल मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान ऊंचे-नीचे और असमतल रास्ते पर वाहन का संतुलन बिगड़ गया और जिप्सी पलट गई। हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को पहले कुरई अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर कर दिया गया।

इन पर्यटकों को आई चोटें

हादसे में घायल पर्यटकों की पहचान इस प्रकार हुई—

  • अनिंधा योगी (40), निवासी रायपुर
  • कुमार साहू (43), निवासी रायपुर
  • लिपिना साहू (36), निवासी रायपुर
  • दीपित राय (33), निवासी नागपुर

वहीं वाहन में मौजूद तीन बच्चों को हल्की खरोंचें आईं, जिन्हें गंभीर चोट नहीं लगी।

गाइड और चालक सुरक्षित

हादसे के समय वाहन में मौजूद गाइड विजय कंवल और चालक कर्मकार पूरी तरह सुरक्षित रहे। दोनों को किसी प्रकार की चोट नहीं आई।

सफारी वाहन और चालक पर तत्काल कार्रवाई

घटना के बाद पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सफारी वाहन और चालक पर आगामी सफारी संचालन के लिए रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन अंजनी गांव निवासी रामलाल लोंढे का है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

पेंच टाइगर रिजर्व में पहली बार हुआ ऐसा हादसा

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार पेंच टाइगर रिजर्व में इस प्रकार की दुर्घटना पहली बार सामने आई है। सामान्य परिस्थितियों में सफारी वाहनों की गति निर्धारित सीमा में रहती है और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि जंगल मार्ग के ऊंचे-नीचे और असमतल होने के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह हादसा हुआ।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे की वजह केवल खराब रास्ता था या फिर इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी या मानवीय कारण भी जिम्मेदार था।

पेंच टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां हर वर्ष हजारों पर्यटक जंगल सफारी का आनंद लेने पहुंचते हैं। ऐसे में यह हादसा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता की ओर भी संकेत करता है। फिलहाल सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, जिससे राहत की खबर है।

ITI घंसौर में घंसौर पुलिस ने चलाया साइबर जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को बताए ऑनलाइन सुरक्षा के उपाय

घंसौर, उमेश श्रीवास्तव -: डिजिटल युग में साइबर अपराध लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। फर्जी कॉल, ओटीपी, केवाईसी अपडेट, निवेश के झांसे, सोशल मीडिया हैकिंग और फर्जी लिंक के माध्यम से साइबर ठग आम नागरिकों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। इन बढ़ते साइबर अपराधों पर रोक लगाने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से घंसौर पुलिस ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) घंसौर में विशेष साइबर जनजागरूकता अभियान चलाया।

यह अभियान पुलिस अधीक्षक कृष्णचंद्र लालचंदानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अपूर्व भलावी के सानिध्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह झारिया एवं घंसौर पुलिस की टीम ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए।

थाना प्रभारी श्री झारिया ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों की छोटी-सी लापरवाही का फायदा उठाकर बैंक खाते खाली कर देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति से अपना ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें तथा सोशल मीडिया पर आने वाले फर्जी संदेशों और लुभावने ऑफरों से सतर्क रहें।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आजकल साइबर अपराधी बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, बिजली विभाग, केवाईसी अपडेट, लॉटरी, नौकरी और निवेश के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं तथा साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से भी रिपोर्ट करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान को रोका जा सके।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया सुरक्षा और मोबाइल एप्लिकेशन के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें मजबूत पासवर्ड बनाने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करने और साइबर ठगी की किसी भी घटना की तत्काल पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई।

घंसौर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जागरूक रहें, सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के ऑनलाइन प्रलोभन या दबाव में आकर अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी साझा न करें। पुलिस का कहना है कि “सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

एलएनटी कंपनी की मनमानी: 20 दिनों से खुदी पड़ी सड़क, नाली अधूरी… घंसौर के इस वार्ड में गंदे पानी से त्रस्त लोग, प्रशासन पर उठे सवाल

सिवनी, घंसौर, उमेश श्रीवास्तव विकास कार्यों में लापरवाही आम नागरिकों के लिए किस तरह परेशानी का कारण बन सकती है, इसका ताजा उदाहरण ग्राम पंचायत घंसौर के वार्ड क्रमांक 7 में देखने को मिल रहा है। यहां विनय शास्त्री के घर के सामने करीब 15 से 20 दिन पहले एलएनटी कंपनी द्वारा नाली और सड़क की खुदाई कर पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने दिनों बाद भी न तो पाइपलाइन बिछाई जा सकी और न ही नाली निर्माण का कार्य पूरा हो पाया।

अधूरे निर्माण कार्य के चलते सड़क पर गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर रास्ता कीचड़ और जलभराव की वजह से लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। इससे रोजमर्रा के कामकाज के लिए निकलने वाले लोगों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जलभराव से मच्छरों का बढ़ा प्रकोप, बीमारी फैलने की आशंका

स्थानीय वार्डवासियों का कहना है कि लंबे समय से जमा गंदे पानी के कारण क्षेत्र में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लोगों को डर है कि यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी तो डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। गर्मी और बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि इस संबंध में ग्राम पंचायत और जल निगम को कई बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अधूरी खुदाई और बंद पड़ी नाली के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

जल्द कार्य पूरा कराने की मांग

वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरे पड़े नाली और पाइपलाइन निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही सड़क पर हो रहे जलभराव को समाप्त कर आम नागरिकों को राहत दिलाई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • वार्ड क्रमांक 7 में 15–20 दिनों से अधूरा पड़ा नाली निर्माण।
  • एलएनटी कंपनी ने खुदाई के बाद कार्य बीच में छोड़ा।
  • सड़क पर गंदा पानी जमा होने से लोगों का आवागमन प्रभावित।
  • मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से बीमारी फैलने की आशंका।
  • शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का वार्डवासियों का आरोप।
  • प्रशासन से जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग।

Emergency Anniversary: घंसौर में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, भाजपा कार्यकर्ताओं ने घर पहुंचकर किया शाल-श्रीफल से अभिनंदन

सिवनी, घंसौर, उमेश श्रीवास्तव। 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी मंडल घंसौर द्वारा लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के घर पहुंचकर उनका शाल, श्रीफल और तिलक लगाकर सम्मान किया तथा उनके योगदान को नमन किया।

कार्यक्रम के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र सेनानी महेश जैन (तृप्ति होटल) एवं महेश सोनी (सोनी टेंट हाउस) के निवास पर पहुंचकर उनका सम्मान किया। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

आपातकाल के संघर्ष को किया याद

भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की एक महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। इसी दिन देश में आपातकाल लागू किया गया था, जिसके दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले अनेक लोगों को जेल भेजा गया। ऐसे लोकतंत्र सेनानियों के साहस और बलिदान को स्मरण करते हुए प्रत्येक वर्ष उन्हें सम्मानित किया जाता है।

भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे उपस्थित

सम्मान कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष श्रीमती दीपमाला सुभाष यादव, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता इंद्र कुमार जैन, श्वेता सुरेंद्र जैन, युवा नेता साहिल जैन, लकी जैन, भाजपा मीडिया प्रभारी संदीप जायसवाल, सजल यादव सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

लोकतंत्र सेनानियों के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना

कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र सेनानियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। भाजपा मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों का योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को उनके त्याग से प्रेरणा मिलती रहेगी।

सिवनी में आसमान से बरसी आफत! बकरियां चरा रही महिला पर गिरी आकाशीय बिजली, महिला झुलसी, 2 बकरियों की मौत

सिवनी, घंसौर, उमेश श्रीवास्तव: जिले के घंसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिनेकी गांव में गुरुवार को मौसम ने अचानक भयावह रूप ले लिया। तेज गरज-चमक के बीच गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई, जबकि उसकी दो बकरियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला गांव के समीप खुले क्षेत्र में अपनी बकरियां चरा रही थी। इसी दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। महिला सीधे बिजली की चपेट में आ गई, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। वहीं उसके साथ मौजूद दो बकरियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों द्वारा महिला की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। लगातार बदलते मौसम और बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

बारिश और गरज-चमक के दौरान बरतें ये सावधानियां

  • खुले मैदान में जाने से बचें।
  • पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • बिजली चमकने के दौरान खेतों या ऊंचे स्थानों पर न रहें।
  • सुरक्षित भवन या पक्के आश्रय में शरण लें।
  • मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान सतर्क रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें।

सिवनी के घंसौर थाना में भीषण आग: कंप्यूटर, प्रिंटर, इन्वर्टर और अहम दस्तावेज स्वाहा, जांच शुरू

सिवनी। उमेश श्रीवास्तव, घँसोर: सिवनी जिले के घंसौर थाना परिसर में देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब थाना के कंप्यूटर कक्ष में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते कक्ष में रखे कंप्यूटर, प्रिंटर, बैटरियां, इन्वर्टर और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर पूरी तरह राख हो गए। घटना के बाद पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

जानकारी के अनुसार, घंसौर थाना परिसर स्थित कंप्यूटर कक्ष से देर रात धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल स्थिति को संभालने का प्रयास किया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कंप्यूटर कक्ष में रखा अधिकांश तकनीकी सामान और रिकॉर्ड आग की चपेट में आ चुका था।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया था। कंप्यूटर कक्ष का कंट्रोल सिस्टम भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे थाने के डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी कार्यों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

महत्वपूर्ण दस्तावेजों के नुकसान की आशंका

आगजनी की इस घटना में कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों के भी जलकर नष्ट होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आंकलन अभी किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों की टीम रिकॉर्ड और उपकरणों को हुए नुकसान का विस्तृत मूल्यांकन कर रही है।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू

फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट सहित अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन पुलिस ने अभी किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया निरीक्षण

घटना की सूचना मिलते ही घंसौर थाना प्रभारी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से जानकारी लेने के साथ-साथ नुकसान का आंकलन भी शुरू कर दिया है।

क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी घटना

थाना परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर आग लगने की इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल बना दिया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आग लगने के कारणों के साथ-साथ हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

16 लाख लोगों तक पहुंची सिवनी में जन्मे मोगली की कहानी, लखनादौन के दीपक साहू दिला रहे जिले को नई पहचान

सिवनी/लखनादौन। डिजिटल मीडिया के दौर में जहां अधिकांश कंटेंट बड़े शहरों और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के इर्द-गिर्द घूमता है, वहीं मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के लखनादौन निवासी युवा यूट्यूबर दीपक साहू अपने कैमरे और रचनात्मक सोच के दम पर क्षेत्र की अनकही कहानियों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। उनके यूट्यूब चैनल “भारत की यात्रा 360” पर प्रकाशित सिवनी और विश्व प्रसिद्ध किरदार मोगली से जुड़ी वीडियो ने अब तक 16 लाख से अधिक दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है

यह उपलब्धि केवल एक वीडियो की सफलता नहीं है, बल्कि सिवनी जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है।

मोगली और सिवनी का संबंध जानने में दिखा लोगों का जबरदस्त उत्साह

विश्व प्रसिद्ध पुस्तक द जंगल बुक के किरदार मोगली का संबंध लंबे समय से सिवनी जिले के जंगलों से जोड़ा जाता रहा है। दीपक साहू द्वारा तैयार की गई वीडियो में मोगली की कहानी के साथ-साथ सिवनी के जंगलों, यहां की जैव विविधता, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्थानीय मान्यताओं को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया गया।

यही वजह रही कि वीडियो ने लाखों दर्शकों तक पहुंच बनाते हुए सिवनी को एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वीडियो देखने वाले लोगों ने न केवल मोगली के बारे में जानकारी हासिल की, बल्कि सिवनी की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन संभावनाओं को भी करीब से जाना।

छोटे शहर से बड़े सपनों की उड़ान

लखनादौन जैसे छोटे नगर से निकलकर दीपक साहू लगातार उन विषयों पर काम कर रहे हैं, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा के मीडिया और बड़े कंटेंट क्रिएटर्स नजरअंदाज कर देते हैं। उनके वीडियो में सिवनी जिले के प्राचीन मंदिर, धार्मिक स्थल, लोककथाएं, ऐतिहासिक धरोहरें, प्राकृतिक पर्यटन स्थल और स्थानीय संस्कृति प्रमुखता से दिखाई देती हैं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि दीपक के प्रयासों से क्षेत्र के कई ऐसे स्थानों को पहचान मिली है, जिनके बारे में पहले बहुत कम लोग जानते थे।

स्थानीय बोली और सरल भाषा बनी सफलता की कुंजी

दीपक साहू की सबसे बड़ी विशेषता उनकी प्रस्तुति शैली है। वे स्थानीय बोली, सरल भाषा और सहज संवाद के माध्यम से दर्शकों को अपने कंटेंट से जोड़ते हैं। यही कारण है कि उनके वीडियो केवल मनोरंजन का साधन नहीं बनते, बल्कि लोगों को अपनी जड़ों, संस्कृति और इतिहास से जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर क्षेत्रीय इतिहास और संस्कृति को लोकप्रिय बनाने में ऐसे कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

महाकौशल की अनकही कहानियां पहुंचा रहे देश के हर कोने तक

“भारत की यात्रा 360” चैनल के माध्यम से दीपक साहू लगातार यह प्रयास कर रहे हैं कि सिवनी, लखनादौन और पूरे महाकौशल क्षेत्र की अनकही कहानियां देश के हर कोने तक पहुंचें। उनके कई वीडियो हजारों से लेकर लाखों लोगों द्वारा देखे जा चुके हैं, जिससे स्थानीय धार्मिक और पर्यटन स्थलों को भी नई पहचान मिल रही है।

दीपक का कहना है कि छोटे शहरों और गांवों में इतिहास, संस्कृति और आस्था से जुड़ी अनेक ऐसी कहानियां मौजूद हैं, जिन्हें दुनिया के सामने लाने की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ वे लगातार क्षेत्र की विशेषताओं को डिजिटल मंच पर प्रस्तुत कर रहे हैं।

सिवनी के लिए गर्व की बात

आज जब लाखों लोग यूट्यूब के माध्यम से सिवनी और लखनादौन को जान रहे हैं, तब यह कहना गलत नहीं होगा कि एक युवा कंटेंट क्रिएटर अपने कैमरे और मेहनत के दम पर जिले की पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।

दीपक साहू की यह पहल न केवल सिवनी और लखनादौन का गौरव बढ़ा रही है, बल्कि स्थानीय पर्यटन, संस्कृति, इतिहास और धार्मिक धरोहरों के प्रचार-प्रसार में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। आने वाले समय में ऐसे प्रयास क्षेत्र के विकास और पर्यटन को नई दिशा दे सकते हैं।