SHRI AMARNATH YATRA: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (MP CM MOHAN YADAV) ने श्री अमरनाथ की पावन यात्रा (SHRI AMARNATH YATRA) के शुभारंभ पर समस्त श्रद्धालुओं और बाबा बर्फानी (BABA BARFANI) के दर्शन के लिए जाने वाले तीर्थ यात्रियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव (CM MOHAN YADAV) ने अपने संदेश में कहा है कि बाबा बर्फानी आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति के गौरव का प्रतीक हैं। बाबा बर्फानी की असीम कृपा से यह पावन यात्रा सभी श्रद्धालुओं के लिए मंगलमय, सुरक्षित और पुण्यदायी हो। देवादिदेव महादेव सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करें और सभी के मनोरथ पूर्ण हों, यही कामना है।
सिवनी में दिल दहला देने वाला हादसा: पीडीएस दुकान पर रिवर्स ले रहे आयशर ने 13 माह के मासूम मोहम्मद हमदान की ली जान
सिवनी जिले के कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र के उमरिया गांव में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। शासकीय उचित मूल्य (पीडीएस) दुकान पर अनाज उतारने पहुंचे आयशर 407 वाहन को रिवर्स करते समय 13 माह का एक मासूम उसकी चपेट में आ गया। हादसा इतना भयावह था कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया।
उमरिया गांव में कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम उमरिया स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में आयशर 407 वाहन से पीडीएस का राशन पहुंचाया गया था।
अनाज खाली करने के बाद चालक वाहन को रिवर्स कर रहा था। बताया गया कि वाहन को काफी दूरी तक पीछे किया जा रहा था। इसी दौरान सड़क किनारे घर के सामने नाली के पास खेल रहा 13 माह का मासूम मोहम्मद हमदान, पिता मोहम्मद सलीम, वाहन की चपेट में आ गया।
हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद गांव में आक्रोश
मासूम की मौत की खबर फैलते ही पूरे उमरिया गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने वाहन चालक की लापरवाही पर नाराजगी जताई।
सूचना मिलने पर कान्हीवाड़ा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया।
पुलिस ने चालक को किया गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आयशर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। दुर्घटनाग्रस्त आयशर 407 वाहन को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
मृतक बच्चे के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कान्हीवाड़ा भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की वैधानिक जांच कर रही है।
महत्वपूर्ण बातें
- ● सिवनी जिले के कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र के उमरिया गांव की घटना।
- ● पीडीएस दुकान में राशन उतारने पहुंचा था आयशर 407 वाहन।
- ● रिवर्स लेते समय 13 माह का मासूम वाहन की चपेट में आया।
- ● मासूम मोहम्मद हमदान की मौके पर मौत।
- ● घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश।
- ● पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त किया।
- ● पोस्टमार्टम के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई जारी।
ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर राशन वितरण के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही सामान्य बात है। ऐसे स्थानों पर अक्सर बच्चों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रहती है। विशेषज्ञ समय-समय पर सलाह देते रहे हैं कि बड़े वाहनों को रिवर्स करते समय पर्याप्त सावधानी, सहायक व्यक्ति (स्पॉटर) और सुरक्षित दूरी सुनिश्चित की जाए ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
यह हादसा केवल एक परिवार की अपूरणीय क्षति नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भारी वाहनों के संचालन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि रिवर्सिंग के दौरान आवश्यक सावधानी बरती जाए और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है.
उमरिया गांव की यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए बेहद दुखद है। एक छोटी सी लापरवाही ने 13 माह के मासूम की जिंदगी छीन ली। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
सिवनी को ₹494 करोड़ की बड़ी सौगात, धान महोत्सव में CM मोहन यादव ने किसानों को दिया बोनस का तोहफा
सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में आयोजित प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव और किसान सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विकास और कृषि को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में जिले को 494.16 करोड़ रुपये की लागत वाले 629 विकास कार्यों की सौगात मिली, वहीं कोदो-कुटकी उत्पादक हजारों किसानों के खातों में प्रोत्साहन राशि भी सीधे हस्तांतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और श्रीअन्न (मिलेट्स) उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने आधुनिक खेती और जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया।
प्रमुख बातें (Highlights)
- सिवनी को 494.16 करोड़ रुपये के 629 विकास कार्यों की सौगात।
- 349.33 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण।
- 144.83 करोड़ रुपये के नए कार्यों का भूमिपूजन।
- 3,941 किसानों को 2.82 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि।
- कोदो-कुटकी पर प्रति क्विंटल 1,000 रुपये बोनस का लाभ।
- श्रीअन्न उत्पादन बढ़ाने और आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने पर मुख्यमंत्री का जोर।
629 विकास कार्यों से बदलेगी जिले की तस्वीर
प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी जिले के लिए कुल 494.16 करोड़ रुपये की लागत वाले 629 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 349.33 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण किया गया, जबकि 144.83 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन भी हुआ। इन परियोजनाओं में सड़क, पुल, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, खेल सुविधाएं, छात्रावास, आंगनवाड़ी भवन, नल-जल योजनाएं और जनजातीय क्षेत्रों के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
3,941 किसानों के खातों में पहुंची प्रोत्साहन राशि
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 3,941 कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों के बैंक खातों में 2 करोड़ 82 लाख 99 हजार 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। यह प्रोत्साहन राशि प्रति क्विंटल 1,000 रुपये की दर से दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य किसानों को मोटे अनाज की खेती के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी आय में वृद्धि करना है।
मुख्यमंत्री बोले- श्रीअन्न बनेगा किसानों की समृद्धि का आधार
किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषि मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है और किसानों की समृद्धि के बिना विकसित मध्यप्रदेश का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि कोदो-कुटकी जैसे श्रीअन्न (मिलेट्स) केवल पोषण का स्रोत नहीं हैं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का भी प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से परंपरागत फसलों के साथ मोटे अनाज के उत्पादन को भी अपनाने की अपील की।
आधुनिक खेती और जल संरक्षण पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और भविष्य की कृषि चुनौतियों को देखते हुए वैज्ञानिक खेती और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
धान महोत्सव के दौरान कृषि, प्राकृतिक खेती, मिलेट्स, स्व-सहायता समूहों के उत्पाद तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। यहां किसानों और आम नागरिकों के लिए विशेष सेल्फी प्वाइंट बनाया गया, जिसने बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में कई मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
मध्यप्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से श्रीअन्न (मिलेट्स) को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस कर रही है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किए जाने के बाद मोटे अनाज की खेती को लेकर जागरूकता और सरकारी प्रोत्साहन कार्यक्रमों में तेजी आई है। कोदो-कुटकी जैसी पारंपरिक फसलें विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों और कम वर्षा वाले इलाकों के किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
- जिले में अधोसंरचना विकास की गति तेज होने की उम्मीद।
- कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा।
- श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा मिलने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।
सिवनी में आयोजित प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव केवल एक कृषि आयोजन नहीं रहा, बल्कि विकास और किसान कल्याण से जुड़ी कई बड़ी घोषणाओं का मंच भी बना। एक ओर जहां जिले को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात मिली, वहीं दूसरी ओर कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को आर्थिक प्रोत्साहन देकर सरकार ने श्रीअन्न आधारित खेती को बढ़ावा देने का स्पष्ट संदेश दिया।
सिवनी जिला अस्पताल के बाथरूम में नाबालिग से छेड़छाड़, आरोपी रोहित सनोडिया गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई
सिवनी जिला अस्पताल में नाबालिग बालिका के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सीसीटीवी फुटेज और शहरभर में चलाए गए सर्च ऑपरेशन की मदद से आरोपी की पहचान हुई और उसे पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में गिरफ्तार कर लिया गया।
सिवनी के जिला अस्पताल में नाबालिग बालिका के साथ कथित छेड़छाड़ के मामले में महिला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान सीसीटीवी फुटेज और लगातार की गई तलाश के आधार पर की गई।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देश पर महिला संबंधी अपराधों में तत्काल कार्रवाई की नीति के तहत यह पूरी कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और नगर पुलिस अधीक्षक सचिन परस्ते के मार्गदर्शन में महिला थाना टीम ने मामले की जांच को प्राथमिकता देते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, जिला अस्पताल सिवनी में एक अज्ञात व्यक्ति ने नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर बाथरूम में ले जाकर उसके साथ गलत नीयत से छेड़छाड़ की।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर महिला थाना सिवनी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 75(1)(i), 75(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत मामला दर्ज किया गया।
CCTV फुटेज से मिली बड़ी सफलता
घटना के बाद पुलिस ने जिला अस्पताल और शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही सुरक्षा गार्डों, एम्बुलेंस चालकों, वाहन स्टैंड संचालकों और शहर के कई इलाकों में पूछताछ की गई।
जांच के दौरान आरोपी की पहचान रोहित पिता स्व. राकेश उर्फ छोटेलाल सनोडिया (32 वर्ष) के रूप में हुई। वह मूल रूप से ग्राम भाटीवाड़ा, थाना लखनवाड़ा का निवासी है और वर्तमान में सिवनी शहर के मंगलपीठ क्षेत्र में रह रहा था।
शहरभर में तलाश के बाद हुई गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने बुधवारी, पॉलीटेक्निक कॉलेज क्षेत्र, कुंजबिहारी मोहल्ला, फिल्टर चौक, हरिजन मोहल्ला समेत कई स्थानों पर आरोपी की तलाश की।
लगातार अभियान चलाने के बाद 1 जुलाई 2026 को आरोपी को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने पीड़िता और प्रत्यक्षदर्शियों से उसकी पहचान कराई, जिसमें आरोपी की पुष्टि हुई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करने की बात पुलिस के सामने कही।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ—
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74
- धारा 75(1)(i)
- धारा 75(2)
- पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8
मुख्य बातें (Highlights)
के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की विवेचना आगे भी जारी है।
- ● जिला अस्पताल सिवनी में नाबालिग से छेड़छाड़ का मामला।
- ● महिला थाना में पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज।
- ● सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान।
- ● महज 12 घंटे में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
- ● आरोपी की पहचान रोहित सनोडिया (32 वर्ष) के रूप में हुई।
- ● पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करने की बात पुलिस के अनुसार कही।
पुलिस की अपील
सिवनी पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं से अपील की है कि वे किसी भी अपरिचित व्यक्ति पर आसानी से भरोसा न करें। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे या महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराध की जानकारी मिले तो तुरंत निकटतम पुलिस थाना या आपातकालीन सेवा 112 पर सूचना दें।
सराहनीय पुलिस टीम
इस कार्रवाई में महिला थाना प्रभारी संदीपिका ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में श्याम वर्मा, राहुल कुमार सवाई, राजेन्द्र राजपूत और संतोष उइके शामिल रहे।
महिला और बाल अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई को लेकर सिवनी पुलिस लगातार विशेष अभियान चला रही है। ऐसे मामलों में तकनीकी साक्ष्यों, विशेषकर सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल जांच का उपयोग बढ़ने से आरोपियों तक कम समय में पहुंचना संभव हो रहा है।
इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि महिला एवं बाल अपराधों में पुलिस त्वरित कार्रवाई कर रही है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता भी एक बार फिर सामने आई है।
सिवनी जिला अस्पताल में हुई इस गंभीर घटना में पुलिस द्वारा 12 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी को त्वरित कार्रवाई माना जा रहा है। मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की अपील की है।
1 जुलाई को सीएम मोहन यादव के सिवनी दौरे से बदलेगा शहर का ट्रैफिक, सुबह 7 बजे से भारी वाहनों पर रोक, जानिए कौन-कौन से रास्ते रहेंगे प्रभावित
सिवनी, शुभम शर्मा: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 1 जुलाई 2026 को प्रस्तावित सिवनी दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक यातायात व्यवस्था लागू की है। शहर में भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के साथ कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है। ऐसे में आम नागरिकों को घर से निकलने से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी होना जरूरी है।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी
जारी प्रेस नोट के अनुसार मुख्यमंत्री के नगर आगमन के दौरान 1 जुलाई 2026 को सुबह 7 बजे से अगले आदेश तक पूरे शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
इसके अलावा दोपहर 1:40 बजे से विधायक निवास से बबरिया रोड होते हुए कोहका बायपास तक दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन भी बंद रहेगा।
इन मार्गों पर रहेगा सबसे अधिक ट्रैफिक दबाव
प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि कार्यक्रम के दौरान निम्न प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव अधिक रहेगा—
- रायल लॉन से बीजावाड़ा रोड
- डालडा फैक्ट्री रोड
- सर्किट हाउस से बाहुबली चौक
- बबरिया रोड
- जेडी कॉलोनी क्षेत्र
इन क्षेत्रों में जाने वाले लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की गई है।
कार्यक्रम में आने वाली बसों के लिए निर्धारित किए गए रूट
बरघाट और केवलारी रोड से आने वाली बसें
बायपास, कोहका तिराहा, जिला पंचायत, बीजावाड़ा रोड, डालडा फैक्ट्री तिराहा होते हुए पॉलीटेक्निक कॉलेज ग्राउंड बस पार्किंग तक जाएंगी।
कुरई और सुकतरा रोड से आने वाली बसें
खेरीटेक बायपास, कोहका तिराहा, जिला पंचायत, बीजावाड़ा रोड, डालडा फैक्ट्री तिराहा से पॉलीटेक्निक कॉलेज ग्राउंड तक पहुंचेंगी।
लखनादौन, छपारा और बंडोल रोड से आने वाली बसें
महर्षि विद्या मंदिर स्कूल तिराहा, बायपास, मेडिकल कॉलेज चौराहा, बीजावाड़ा रोड, डालडा फैक्ट्री तिराहा होते हुए निर्धारित पार्किंग स्थल तक जाएंगी।
लखनवाडा, कारीरात रोड की ओर से आने वाली बसें
एनएच बायपास, नगाझर, महर्षि विद्या मंदिर स्कूल तिराहा, मेडिकल कॉलेज चौराहा, बीजावाड़ा रोड और डालडा फैक्ट्री तिराहा से पॉलीटेक्निक कॉलेज ग्राउंड पहुंचेंगी।
दोपहिया और चारपहिया वाहनों की पार्किंग व्यवस्था
कार्यक्रम में शामिल होने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहन रायल लॉन के पास न्यू लाइफ के बाजू में बनाए गए पार्किंग स्थल पर खड़े किए जाएंगे।
वहीं, वीआईपी ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों की पार्किंग भी न्यू लाइफ के समीप निर्धारित की गई है।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद निकासी कैसे होगी?
प्रशासन के अनुसार सभी बसें तथा दोपहिया और चारपहिया वाहन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जिस मार्ग से आएंगे, उसी मार्ग से वापस अपने गंतव्य की ओर रवाना होंगे।
- 1 जुलाई 2026 को सुबह 7 बजे से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश बंद।
- दोपहर 1:40 बजे से विधायक निवास से कोहका बायपास तक सामान्य वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित।
- कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव रहने की संभावना।
- बसों के लिए अलग-अलग रूट और पॉलीटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में पार्किंग की व्यवस्था।
- दोपहिया-चारपहिया वाहनों के लिए न्यू लाइफ के पास पार्किंग स्थल तय।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सिवनी आगमन को लेकर बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसी कारण प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पहले से विस्तृत ट्रैफिक प्लान जारी किया है, ताकि शहर में अनावश्यक जाम की स्थिति न बने और कार्यक्रम व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
यदि आप 1 जुलाई को सिवनी शहर में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो निर्धारित प्रतिबंधित मार्गों से बचें और प्रशासन द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें। इससे समय की बचत होगी और ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्रबंधन लागू किया है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे जारी एडवाइजरी का पालन करें और यात्रा से पहले अपने मार्ग की योजना बनाकर ही घर से निकलें।
सिवनी पुलिस का ‘SAFE CLICK 2.0’ अभियान: नुक्कड़ नाटक और संवाद के जरिए लोगों को किया साइबर सुरक्षित
सिवनी: पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश भोपाल के निर्देशानुसार, साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और जन-जन को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘SAFE CLICK 2.0’ (वर्ष 2026) अभियान के तहत सिवनी पुलिस ने व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए
पुलिस अधीक्षक श्री कृष्णलाल चंदानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा व एसडीओपी श्री सचिन परते के मार्गदर्शन में थाना अजाक द्वारा जिले में विभिन्न स्थानों पर जागरूकता सत्र आयोजित किए गए।
जागरूकता के लिए अपनाए गए रचनात्मक तरीके अभियान के तहत 29 जून और 30 जून 2026 को थाना अजाक की टीम द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा का संदेश पहुँचाया गया:
संवाद और प्रशिक्षण: थाना प्रभारी अजाक निरीक्षक अनंती मर्सकोले और प्रआर. परवेज सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक (बरघाट नाका, टैगोर वार्ड) और वार्ड क्रमांक 18 (जनता नगर, ग्राम डोरली छतरपुर) में आम नागरिकों, चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के साथ सीधा संवाद किया। उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते खतरों के प्रति सतर्क किया गया।
नुक्कड़ नाटक का प्रभावशाली संदेश: डी.पी. चतुर्वेदी स्कूल, ड्रीमलैंड सिटी के विद्यार्थियों ने शुक्रवारी चौक और कचहरी चौक पर अपनी कला के माध्यम से साइबर अपराधों का जीवंत प्रदर्शन किया। नुक्कड़ नाटक के जरिए विद्यार्थियों ने ओटीपी (OTP) फ्रॉड, फिशिंग, केवाईसी (KYC) अपडेट के नाम पर ठगी, सोशल मीडिया हैकिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे गंभीर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक किया।
पुलिस की सलाह: ‘ठगी होने पर घबराएं नहीं, तुरंत करें कॉल’
निरीक्षक अनंती मर्सकोले ने नागरिकों को साइबर सुरक्षित रहने के टिप्स दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही निजी जानकारी साझा करें।
महत्वपूर्ण निर्देश:
हेल्पलाइन नंबर: साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
पोर्टल: अपनी शिकायत NCRP (National Cyber Crime Reporting Portal) पर ऑनलाइन दर्ज कराएं।
नागरिकों ने ली साइबर सुरक्षा की शपथ: कार्यक्रम के अंतिम चरण में उपस्थित सभी नागरिकों, छात्रों और चिकित्सा कर्मियों को साइबर अपराधों से बचने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की शपथ दिलाई गई। पुलिस टीम ने सभी से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार व परिचितों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाकर एक सुरक्षित समाज के निर्माण में सहयोग करें।
इस अवसर पर थाना अजाक के समस्त स्टाफ की सक्रिय भागीदारी रही।
इस कार्यक्रम के माध्यम से सिवनी पुलिस ने डिजिटल युग में नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करने की पहल की है।
सीएम मोहन यादव सिवनी को देंगे 494.16 करोड़ रुपये के 629 विकास कार्यों की सौगात, धान महोत्सव में किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात
सिवनी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 1 जुलाई को सिवनी जिले के दौरे पर रहेंगे। उनके मुख्य आतिथ्य में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव में जिले को विकास और किसान कल्याण की कई ऐतिहासिक सौगातें मिलेंगी। इस दौरान मुख्यमंत्री 494.16 करोड़ रुपये की लागत वाले 629 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। साथ ही हजारों किसानों के बैंक खातों में सीधे प्रोत्साहन राशि भी अंतरित की जाएगी।
यह कार्यक्रम केवल विकास परियोजनाओं के शुभारंभ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कृषि, ग्रामीण विकास, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और नगरीय अधोसंरचना को नई दिशा देने वाला साबित होगा।
629 विकास कार्यों से बदलेगी सिवनी की तस्वीर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जिले में कुल 494.161 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 629 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे।
इनमें—
- 349.33 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण
- 144.831 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन
शामिल है।
इन परियोजनाओं से सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, खेल सुविधाओं और नगरीय विकास को मजबूती मिलेगी, जिससे जिले के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
3,941 किसानों के खातों में पहुंचेगी प्रोत्साहन राशि
धान महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री राज्य के कोदो-कुटकी उत्पादक 3,941 किसानों के बैंक खातों में 2 करोड़ 82 लाख 99 हजार 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से ट्रांसफर करेंगे।
यह राशि किसानों को 1,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य श्रीअन्न (मिलेट्स) उत्पादन को बढ़ावा देना, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करना और किसानों की आय बढ़ाना है।
धान महोत्सव में दिखेगी आधुनिक कृषि और ग्रामीण विकास की झलक
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण विभिन्न विभागों द्वारा लगाई जाने वाली थीम आधारित विकास प्रदर्शनी होगी।
प्रदर्शनी में शामिल होंगे—
- आधुनिक धान बुवाई कृषि यंत्र
- प्राकृतिक खेती एवं प्राकृतिक बगीचे
- कस्टम हायरिंग सेंटर
- जीआई टैग एवं मिलेट्स उत्पाद
- पीएमएफएमई उत्पाद
- आम की विभिन्न किस्में
- स्व-सहायता समूहों के हस्तशिल्प एवं मिट्टी कला उत्पाद
- लघु वनोपज आधारित उत्पाद
- स्थानीय उद्यमियों के उत्पाद
- पोषण आहार प्रदर्शनी
- डिजिटल जमीन सेवाएं
- कृषिका ऐप
- किसान क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी
इसके अलावा प्रदर्शनी स्थल पर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट भी आम लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
इन प्रमुख विकास कार्यों का होगा लोकार्पण
मुख्यमंत्री लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों का लोकार्पण करेंगे, जिनमें प्रमुख हैं—
- दौंदीवाड़ा-बरटोला-ओखाटोला-अमुरला मार्ग – 3.64 करोड़ रुपये
- पांडिया छपारा-जेवनारा मार्ग – 3.42 करोड़ रुपये
- मोहबर्रा-सारसडोल मार्ग – 3.93 करोड़ रुपये
- मलारी-पौड़ी मार्ग – 2.92 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 9.97 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अंजनिया, भीमगढ़, गंगई रैयत, सरेखाटोला और कौड़िया रैयत मार्गों पर बने पुलों का भी लोकार्पण होगा।
इसके अलावा—
- बरबसपुर-सुनवारा-आमानाला वैनगंगा नदी सेतु – 6.65 करोड़ रुपये
- घोघराटोला-मंगलटोला हिर्री नदी सेतु – 2.78 करोड़ रुपये
का भी लोकार्पण किया जाएगा।
पेयजल और स्वास्थ्य क्षेत्र को मिलेगी बड़ी मजबूती
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत—
- बरघाट – 145.60 करोड़ रुपये
- केवलारी – 67.34 करोड़ रुपये
- सिवनी – 52.19 करोड़ रुपये
- लखनादौन – 44.49 करोड़ रुपये
की लागत वाली एकल नल-जल योजनाओं का लोकार्पण होगा।
स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत—
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिहोरा – 2.95 करोड़ रुपये
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर एवं केदारपुर – 1.59 करोड़ रुपये
- उप स्वास्थ्य केंद्र लखनवाड़ा, बींझावाड़ा और तिघरा – 1.95 करोड़ रुपये
का भी लोकार्पण किया जाएगा।
इन परियोजनाओं का होगा भूमिपूजन
मुख्यमंत्री कई नई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे, जिनमें प्रमुख हैं—
- केवलारी खेड़ा-टालाटाली मार्ग – 2.36 करोड़ रुपये
- गनेशगंज-लामटा-सुनवारा-पिंडरई-देवरी टीका मार्ग – 102.01 करोड़ रुपये
- बबरिया गार्डन स्विमिंग पूल – 4.96 करोड़ रुपये
- नवीन फायर स्टेशन – 1.60 करोड़ रुपये
- नगर पालिका कार्यालय भवन – 11.51 करोड़ रुपये
- मिनी स्टेडियम लखनादौन – 3.34 करोड़ रुपये
- संदीपनि विद्यालय धूमा में 100-100 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास – 8 करोड़ रुपये
इसके साथ ही—
- उप स्वास्थ्य केंद्र कलारबांकी
- औरिया रैयत
- गोंडेगांव
- केसलाकला
का भी भूमिपूजन किया जाएगा।
महिला, शिक्षा और जनजातीय विकास को भी मिलेगा बढ़ावा
जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत—
- कन्या शिक्षा परिसर सिवनी एप्रोच रोड – 2.30 करोड़ रुपये
- कन्या शिक्षा परिसर लखनादौन एप्रोच रोड – 2.80 करोड़ रुपये
का भूमिपूजन होगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत बरघाट, सिवनी, केवलारी और लखनादौन में नए आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया जाएगा।
कई मंत्री, सांसद और विधायक रहेंगे मौजूद
कार्यक्रम में प्रदेश के राजस्व मंत्री एवं प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा, कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, सांसद भारती पारधी, विधायक दिनेश राय, कमल मर्सकोले, रजनीश सिंह, योगेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मालती डहेरिया सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे।
क्या है इस कार्यक्रम का महत्व?
सिवनी में आयोजित यह प्रदेश स्तरीय धान महोत्सव केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों को प्रोत्साहन, श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा और जिले के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं और किसानों के खातों में सीधे आर्थिक सहायता से जिले की आधारभूत संरचना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
सिवनी: बरबटी के खेत में मिला विशाल वयस्क भालू का शव! आखिर कैसे हुई मौत? पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा बड़ा राज
सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक चिंताजनक मामला सामने आया है। जिले के उत्तर सामान्य वन मंडल के धूमा वन परिक्षेत्र अंतर्गत बरबटी गांव के पास एक खेत में वयस्क भालू का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल भालू की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा नहीं हो सका है। वन विभाग ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और अब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने खेत में देखा मृत भालू, तुरंत दी वन विभाग को सूचना
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात बरबटी गांव के कुछ ग्रामीण खेतों की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में पड़े एक वयस्क भालू पर पड़ी। पास जाकर देखने पर पता चला कि भालू की मौत हो चुकी है। इसके बाद ग्रामीणों ने बिना देर किए वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही धूमा वन परिक्षेत्र के अधिकारी और वन अमला घटनास्थल पर पहुंचा। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया, पंचनामा तैयार किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शरीर पर नहीं मिले बाहरी चोट के निशान, जांच कई बिंदुओं पर केंद्रित
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में भालू के शरीर पर किसी भी प्रकार के स्पष्ट बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। इससे मामला और भी रहस्यमय हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही चल सकेगा।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं भालू की मौत बीमारी, करंट लगने, विषैले पदार्थ के सेवन, दूसरे वन्यजीव से संघर्ष या किसी अन्य कारण से तो नहीं हुई।
रेंजर आकाश परोहा ने कही यह बात
धूमा वन परिक्षेत्र के रेंजर आकाश परोहा ने बताया कि भालू की मौत के कारणों को लेकर अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि जांच के दौरान कोई संदिग्ध तथ्य सामने आते हैं तो वन विभाग विस्तृत जांच करेगा और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी, लोगों से की सहयोग की अपील
घटना के बाद वन विभाग ने बरबटी और आसपास के वन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी वन्यजीव की असामान्य गतिविधि, घायल जानवर या किसी संदिग्ध घटना की जानकारी मिले तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के आसपास रहने वाले वन्यजीवों की अचानक मौतें पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे मामलों की वैज्ञानिक जांच न केवल मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने में मदद करती है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होती है।
अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि बरबटी के खेत में मिले इस वयस्क भालू की मौत प्राकृतिक थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार है।
MP ने रचा इतिहास! एक साथ 12 फसलों को मिला GI Tag, अब दुनियाभर में चमकेगा मध्यप्रदेश का स्वाद, किसानों की होगी तगड़ी कमाई
भोपाल। मध्यप्रदेश ने कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। पहली बार देश में किसी एक राज्य की 12 उद्यानिकी फसलों और पारंपरिक कृषि उत्पादों को एक साथ जीआई (Geographical Indication) टैग प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल प्रदेश के किसानों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मध्यप्रदेश की कृषि पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
राज्य सरकार का मानना है कि GI Tag मिलने से इन उत्पादों की ब्रांड वैल्यू, मांग और निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी।
2030 तक 30 लाख हेक्टेयर में होगी उद्यानिकी खेती
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों की खेती अपनाने का आह्वान किया है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों की खेती की जा रही है, जिसे वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 30 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सरकार का मानना है कि उद्यानिकी फसलें किसानों को बेहतर लाभ देती हैं और निर्यात की अपार संभावनाएं भी रखती हैं।
इन 12 उत्पादों को मिला GI Tag
मध्यप्रदेश के जिन उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुआ है, उनमें शामिल हैं—
- गुना का कुम्भराज धनिया
- नरसिंहपुर बरमान घाट का भटा (बैंगन)
- बैतूल का गजरिया आम
- खरगोन की लाल मिर्च
- मांडू की खुरासानी इमली
- जबलपुर की हरी मटर
- सिवनी का सीताफल
- मालवी आलू
- मालवा का गराडू
- नरसिंहपुर का गुड़
- जबलपुर का सिंघाड़ा
- आलीराजपुर का नूरजहां आम
इन सभी उत्पादों की गुणवत्ता, स्वाद और विशिष्ट भौगोलिक पहचान के कारण इन्हें GI Tag प्रदान किया गया है।
इन उत्पादों के प्रस्ताव भी भेजे गए
सरकार ने भविष्य में और अधिक कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। जिन उत्पादों के लिए GI Tag का प्रस्ताव भेजा गया है, उनमें शामिल हैं—
- उज्जैन की इमली
- आलीराजपुर का अचारी आम
- मालवा का सफेद प्याज
- झाबुआ का दाल पानिया
- मंदसौर का देशी जीरा
- बुरहानपुर की जलेबी
- अशोकनगर की खिरनी
कुम्भराज धनिया: पूरे देश के उत्पादन में 20 से 25 प्रतिशत हिस्सेदारी
गुना जिले का कुम्भराज धनिया लगभग 60 वर्षों से अपनी अनूठी गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। इसकी फसल मात्र 85 से 90 दिनों में तैयार हो जाती है और प्रति हेक्टेयर 12 से 15 क्विंटल तक उत्पादन देती है।
इस धनिए में 0.40 से 0.50 प्रतिशत वाष्पशील तेल पाया जाता है, जिससे इसकी खुशबू और स्वाद बेहद खास बन जाता है। गुना में हर साल करीब 32 हजार मीट्रिक टन धनिया उत्पादन होता है, जो देश के कुल उत्पादन का लगभग 20 से 25 प्रतिशत है। इसका निर्यात कई देशों में किया जा रहा है।
बरमान घाट का भटा: नर्मदा किनारे की मिट्टी देती है अलग स्वाद
नरसिंहपुर के बरमान घाट में नर्मदा नदी की बालुई मिट्टी में उगाया जाने वाला भटा (बैंगन) अपने विशेष स्वाद के लिए पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है।
विशेषज्ञों के अनुसार यहां का कम तापमान और नदी किनारे की मिट्टी इसकी गुणवत्ता को अन्य क्षेत्रों से अलग बनाती है। यही वजह है कि मंडियों में बरमान के भटे की हमेशा विशेष मांग रहती है।
बैतूल का गजरिया आम: 500 साल पुरानी विरासत से जुड़ा स्वाद
बैतूल जिले का गजरिया आम अपनी मिठास और बेहतरीन गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। इस क्षेत्र का इतिहास 500 वर्ष पुराने गोंड शासन और ऐतिहासिक किलों से जुड़ा हुआ है।
यह आम ताजा खाने के अलावा अचार, अमचूर, जूस, जैम, स्क्वैश और अन्य खाद्य उत्पादों में भी व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
खरगोन की लाल मिर्च की विदेशों में भी जबरदस्त मांग
निमाड़ क्षेत्र की खरगोन लाल मिर्च देश की सबसे लोकप्रिय मिर्चों में शामिल है। यहां स्थित बेदिया मिर्च मंडी देश की प्रमुख मंडियों में गिनी जाती है।
इस क्षेत्र की मिर्च का निर्यात चीन, पाकिस्तान, मलेशिया और सऊदी अरब सहित कई देशों में किया जाता है।
मांडू की खुरासानी इमली: 600 साल पुराना इतिहास
मांडू की प्रसिद्ध खुरासानी इमली, जिसे बाओबाब भी कहा जाता है, लगभग 14वीं शताब्दी में यहां लाई गई थी।
इस विशाल वृक्ष की बनावट और स्वाद इसे देश के अन्य इमली वृक्षों से पूरी तरह अलग पहचान दिलाते हैं।
सिवनी का जंबो सीताफल बना पहचान
सिवनी जिले में लगभग 656 हेक्टेयर क्षेत्र में सीताफल की खेती होती है और यहां से हर वर्ष 6500 मीट्रिक टन से अधिक उत्पादन प्राप्त होता है।
यहां का सीताफल अपने बड़े आकार के कारण जंबो सीताफल के नाम से प्रसिद्ध है। इसका वजन 600 से 700 ग्राम तक पहुंच जाता है और इसके स्वाद की मांग प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में लगातार बढ़ रही है।
मालवी आलू और गराडू को मिली नई पहचान
मालवा क्षेत्र का आलू गुणवत्ता, आकार और रोग प्रतिरोधक क्षमता के कारण अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरता है।
वहीं गराडू, जिसे बैंगनी रतालू भी कहा जाता है, मालवा की पारंपरिक पहचान है और सर्दियों के मौसम में इसकी भारी मांग रहती है।
जबलपुर की हरी मटर और सिंघाड़ा भी अब वैश्विक पहचान के साथ
जबलपुर की हरी मटर प्रदेश की प्रमुख रबी फसल है। वर्ष 2018-19 में यहां लगभग 31,360 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती हुई थी और 52,500 टन उत्पादन दर्ज किया गया।
वहीं जबलपुर का सिंघाड़ा भी अपनी उच्च गुणवत्ता, स्टार्च, जल मात्रा और पोषण तत्वों के कारण विशेष पहचान रखता है। इसके उत्पादन से हजारों किसान जुड़े हुए हैं।
नरसिंहपुर का गुड़: मध्यप्रदेश का ‘शुगर बाउल’
नरसिंहपुर जिला गन्ना उत्पादन और गुड़ निर्माण के लिए प्रदेशभर में प्रसिद्ध है। इसे मध्यप्रदेश का शुगर बाउल भी कहा जाता है।
यहां की काली कपास मिट्टी और अधिक जलधारण क्षमता गन्ने की खेती के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है। GI Tag मिलने से यहां के गुड़ को भी नई बाजार पहचान मिलने की उम्मीद है।
नूरजहां आम: 3 किलो से ज्यादा वजन वाला अनोखा आम
आलीराजपुर के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र का प्रसिद्ध नूरजहां आम दुनिया के सबसे बड़े आमों में गिना जाता है।
एक आम का वजन 3 से 3.5 किलोग्राम तक होता है और इसकी लंबाई लगभग एक फुट तक पहुंच सकती है। यही वजह है कि यह आम देश-विदेश में लोगों का ध्यान आकर्षित करता है।
GI Tag से किसानों को क्या होगा फायदा?
GI Tag मिलने के बाद इन उत्पादों की नकली बिक्री पर रोक लगेगी और इन्हें कानूनी संरक्षण मिलेगा। साथ ही—
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में अलग पहचान बनेगी।
- किसानों को उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा।
- निर्यात के नए अवसर खुलेंगे।
- स्थानीय रोजगार और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
- प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
मध्यप्रदेश द्वारा एक साथ 12 उद्यानिकी उत्पादों को GI Tag दिलाना कृषि क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह कदम प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने, स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और कृषि निर्यात को नई दिशा देने में अहम साबित हो सकता है। यदि सरकार की 2030 तक उद्यानिकी क्षेत्र विस्तार की योजना सफल होती है, तो मध्यप्रदेश देश का अग्रणी उद्यानिकी राज्य बनने की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ेगा।
सिवनी: 3 महीने के लिए बंद होगा पेंच टाइगर रिजर्व का कोर एरिया, जानिए क्यों लिया गया बड़ा फैसला, पर्यटकों के लिए क्या रहेगा खुला?
Pench Tiger Reserve News: 1 जुलाई से बंद होगा पेंच टाइगर रिजर्व का कोर एरिया, मानसून में 3 महीने रहेगा प्रतिबंध, बफर में जारी रहेगी सफारी
सिवनी। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व (Pench Tiger Reserve) में घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों के लिए अहम खबर है। 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक पेंच टाइगर रिजर्व का कोर एरिया पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। मंगलवार (30 जून) को कोर क्षेत्र में सफारी का अंतिम दिन होगा। इसके बाद पूरे मानसून सीजन के दौरान केवल बफर क्षेत्र में निर्धारित मार्गों पर पर्यटन गतिविधियां जारी रहेंगी।
वन विभाग के अनुसार हर वर्ष बारिश के मौसम में वन्यजीवों के प्रजनन, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और जंगलों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कोर एरिया को तीन महीने के लिए बंद किया जाता है।
मानसून में वन्यजीवों की सुरक्षा रहेगी प्राथमिकता
पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने मानसून सत्र के लिए व्यापक सुरक्षा तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस दौरान जंगल में वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध शिकार और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जाएगा।
वन विभाग के अधिकारी लगातार गश्त करेंगे, वहीं सीमावर्ती जंगलों में कोर और बफर क्षेत्र का वन अमला संयुक्त रूप से पेट्रोलिंग करेगा ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
दुर्गम इलाकों में हाथियों से होगी पेट्रोलिंग
मानसून के दौरान कई वन क्षेत्र वाहन से पहुंचने योग्य नहीं रहते। ऐसे में दुर्गम इलाकों में हाथियों की सहायता से पेट्रोलिंग की जाएगी। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखने की रणनीति बनाई गई है।
वन अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगलों की निगरानी पहले से अधिक प्रभावी होगी।
150 कैमरा ट्रैप रखेंगे जंगल पर नजर
इस बार वन विभाग आधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग करेगा। रिजर्व के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर करीब 150 कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों की मदद से बाघों सहित अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
हाल ही में इन्हीं कैमरा ट्रैप की सहायता से गोरखपुर वन क्षेत्र में मिले बाघ के शावक का सफल रेस्क्यू किया गया था। वहीं बरघाट परियोजना क्षेत्र के मऊ जंगल में महिला पर हुए बाघ के हमले के बाद संबंधित बाघ की निगरानी भी कैमरा ट्रैप के जरिए लगातार की जा रही है।
पर्यटन से रिकॉर्ड राजस्व, लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या
पर्यटन के लिहाज से भी पेंच टाइगर रिजर्व का बीता सत्र बेहद सफल रहा। पिछले पर्यटन सीजन में 1.80 लाख से अधिक पर्यटक पेंच पहुंचे थे, जिससे 7.72 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
वहीं इस वर्ष मई 2026 तक ही लगभग 1.90 लाख पर्यटक पेंच टाइगर रिजर्व का भ्रमण कर चुके हैं और 10.55 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित हो चुका है। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले पर्यटन सत्र में यह आंकड़ा नया रिकॉर्ड बना सकता है।
बफर क्षेत्र में जारी रहेगी सफारी
पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर पुनीत गोयल ने बताया कि 1 जुलाई से 30 सितंबर तक कोर एरिया पूरी तरह बंद रहेगा। हालांकि पर्यटक इस दौरान बफर क्षेत्र में निर्धारित मार्गों पर जंगल सफारी का आनंद पहले की तरह ले सकेंगे।
उन्होंने बताया कि मानसून समाप्त होने के बाद मौसम अनुकूल होने पर 1 अक्टूबर से कोर एरिया दोबारा पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
मुख्य बातें (Highlights)
- 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पेंच टाइगर रिजर्व का कोर एरिया रहेगा बंद।
- मानसून में केवल बफर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां जारी रहें-गी।
- वन्यजीवों के प्रजनन और जंगल संरक्षण के लिए हर वर्ष लिया जाता है निर्णय।
- दुर्गम इलाकों में हाथियों से होगी पेट्रोलिंग।
- करीब 150 कैमरा ट्रैप से होगी बाघों और अन्य वन्यजीवों की निगरानी।
- इस वर्ष मई तक 1.90 लाख पर्यटक पहुंचे, 10.55 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिला।
