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Operation Sindoor: भारत ने पाकिस्तान पर दागी मिसाइल, पहलगाम का बदला ले आई भारतीय सेना – Watch Video

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई — जिनमें 25 भारतीय और 1 नेपाली नागरिक शामिल थे, के बाद भारत ने बुधवार तड़के “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर जोरदार मिसाइल हमले किए।

भारत का जवाब: 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला

भारतीय सेना ने बुधवार सुबह तड़के मुरिदके और बहावलपुर समेत 9 आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल मिसाइल स्ट्राइक्स की। मुरिदके को लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ माना जाता है, वहीं बहावलपुर जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय है। भारतीय खुफिया एजेंसियों के अनुसार, ये वही आतंकी संगठन हैं जो अनंतनाग हमले के पीछे सक्रिय थे।

भारतीय सेना की कार्रवाई पूरी तरह सटीक, योजना के अनुसार, और खुफिया सूचना के आधार पर की गई। हमले में कई आतंकी शिविर तबाह कर दिए गए हैं और बड़ी संख्या में दहशतगर्द मारे गए हैं।

पाकिस्तान का जवाब: युद्ध जैसा कार्य

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,

“यह सीधा युद्ध का कार्य है। पाकिस्तान की सेना और जनता अपने दुश्मनों को जवाब देना जानती है। हम अपने देश की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।”

पाकिस्तान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (NSC) ने आपातकालीन बैठक बुलाई है और सीमावर्ती क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

ऑपरेशन सिंदूर का रणनीतिक महत्व

ऑपरेशन सिंदूर को भारत की ओर से आतंकवाद के खिलाफ एक सशक्त सैन्य संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य है —

  • आतंकियों के लॉन्च पैड्स को ध्वस्त करना
  • आतंकी गुटों की रीढ़ तोड़ना
  • पाकिस्तान को वैश्विक मंचों पर बेनकाब करना

सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह ऑपरेशन केवल एक शुरुआत है और यदि पाकिस्तान ने दोबारा ऐसी हरकत की, तो जवाब और भी कठोर होगा।

जनता और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

देशभर में लोगों ने इस ऑपरेशन का समर्थन किया है। सोशल मीडिया पर #OperationSindoor ट्रेंड कर रहा है। राजनीतिक दलों ने भी एक सुर में सेना की तारीफ की है।

भारत ने अब आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट संदेश दिया है –

“अब न कोई वार्ता, न कोई चेतावनी। केवल कार्रवाई!”

ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में ऐतिहासिक मोड़ है। यह दिखाता है कि भारत अब हर आतंकवादी हमले का जवाब न केवल सीमा पर, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देगा।

सिवनी में CSC संचालकों की एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न, डिजिटल भारत की दिशा में एक और कदम

सिवनी: मंगलवार, 06 मई 2025 को जिला पंचायत कार्यालय में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालकों की एक दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत सरकारी योजनाओं और जनहितैषी सेवाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

इस कार्यशाला का उद्देश्य सीएससी संचालकों (VLEs) को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक प्रभावी बनाना तथा ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का समुचित वितरण सुनिश्चित करना था।

कार्यशाला की शुरुआत जिला प्रबंधक श्री शिवांशु जंघेला के मार्गदर्शन में की गई, जिन्होंने बताया कि यह आयोजन जिले में सीएससी सेवाओं के विस्तार और संचालकों के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक है। इस अवसर पर जिले के 80 से अधिक सीएससी संचालकों ने भाग लिया।

सीएससी राज्य प्रबंधक श्री तुलेश डहरवालसीएससी राज्य प्रमुख श्री अतुलित राय का स्वागत करते हुए

मुख्य वक्ताओं की उपस्थिति और प्रेरणादायक मार्गदर्शन

इस कार्यशाला में अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञों एवं अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिनमें शामिल रहे:

  • सीएससी राज्य प्रमुख श्री अतुलित राय
  • राज्य प्रबंधक श्री तुलेश डहरवाल
  • सीएससी राज्य टीम से श्री रवि
  • आवास हाउसिंग फाइनेंस से श्री विवेक सोनी
  • SBI लाइफ इन्श्योरेंस से श्री रुपेश पटवा
  • महिंद्रा फाइनेंस से श्रीमती विजया गाबाने
  • HDFC एरिया मैनेजर

सभी विशेषज्ञों ने सीएससी केंद्रों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं पर विस्तार से चर्चा की और संचालकों को स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य वक्ताओं की उपस्थिति और प्रेरणादायक मार्गदर्शन

इस कार्यशाला में अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञों एवं अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिनमें शामिल रहे: उक्त कार्यशाला में सीएससी राज्य प्रमुख श्री अतुलित राय सर, राज्य प्रबंधक श्री तुलेश डहरवाल सर , राज्य टीम से श्री रवि सर, आवास हाऊसिंग फाइनेंस से श्री विवेक सोनी, SBI लाइफ इन्सुरेंस से श्री रुपेश पटवा, महिंद्रा फाइनेंस से श्रीमती विजया गाबाने, HDFC एरिया मैनेजर उपस्थित रहे। CSC जिला प्रबंधक श्री शिवांशु जंघेला द्वारा बताया गया कि उक्त कार्यशाला मे जिले भर से 80 CSC संचालक ने भाग लिया, कार्यक्रम के अंत में अच्छा कार्य करने वाले वीएलई को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया

सभी विशेषज्ञों ने सीएससी केंद्रों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं पर विस्तार से चर्चा की और संचालकों को स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया।

SEONI में CSC संचालकों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

सीएससी के माध्यम से मिलने वाली प्रमुख सेवाएं

संचालकों को यह बताया गया कि वे अपने कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से निम्नलिखित महत्वपूर्ण सेवाएं आम जनता को उपलब्ध करा सकते हैं: सीएससी संचालकों को सीएससी के माध्यम से संचालित केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की संपूर्ण जानकारी प्रदान की गई, साथ ही सीएससी के माध्यम से अन्य जनहितैषी सुविधाएं जैसे- आयुष्मान कार्ड बिजली बिल, लोन बाजार, डिजीपे आधार कार्ड, बैंकिंग सेवाएं, बीमा सेवाएं, टेली लॉ सर्विस, डिजीपे सर्विस, ग्रामीण ई स्टोर, फार्मर रजिस्ट्री, ई केवाईसी आदि प्रकार की संचालित सेवाओं की संपूर्ण जानकारी एवं कार्य विधि के बारे में बताया गया।

अच्छे कार्य करने वाले वीएलई को सम्मानित किया गया

कार्यक्रम के अंत में अच्छे प्रदर्शन करने वाले सीएससी संचालकों (VLEs) को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य संचालकों को भी प्रेरणा प्राप्त हुई। यह प्रमाणपत्र सेवा में उत्कृष्टता का प्रतीक बनकर उनकी मेहनत का सम्मान बना।

डिजिटल भारत की ओर सिवनी का सशक्त कदम

यह कार्यशाला सिवनी जिले में डिजिटल सेवाओं के विस्तार एवं सीएससी केंद्रों की मजबूती की दिशा में एक मजबूत पहल सिद्ध हुई है। इससे न केवल संचालकों का उत्साहवर्धन हुआ, बल्कि आम जनता को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हुआ है।

सिवनी: रात के अंधेरे में किसकी अनुमति से घूम रहे ड्रोन? सिवनी में ड्रोन उड़ानों से उपजे गंभीर सवाल

सिवनी शहर की शांति और सुरक्षा पर इन दिनों एक नया और गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है — रात के अंधेरे में उड़ते ड्रोन, जिनकी अनुमति और निगरानी का कोई स्पष्ट विवरण अब तक सामने नहीं आया है। शहरवासियों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिरकार ये ड्रोन कौन उड़ा रहा है और इनकी कानूनी मान्यता कहां से प्राप्त हुई है।

भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन उड़ान से बढ़ी चिंता

हर रात सिवनी के अलग-अलग क्षेत्रों, विशेषकर घनी आबादी वाली कॉलोनियों, बाज़ार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों के ऊपर ड्रोन कैमरे उड़ते देखे जा रहे हैं। इन ड्रोन की गतिविधियाँ न केवल गोपनीयता का उल्लंघन कर रही हैं, बल्कि यह भी संकेत दे रही हैं कि स्थानीय प्रशासन या तो जानकारी से अनभिज्ञ है या फिर चुप्पी साधे बैठा है। नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया पर डाले गए वीडियो और फोटोज़ इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह समस्या लगातार बढ़ रही है।

प्रशासन की चुप्पी और पुलिस की निष्क्रियता

शहर की कानून व्यवस्था पर यह एक बड़ा प्रश्न बन चुका है कि न कोई अधिकारी बयान दे रहा है, न ही कोई जाँच शुरू हुई हैपुलिस प्रशासन द्वारा इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि इन ड्रोन उड़ानों की अनुमति किसके पास है और ये किस उद्देश्य से संचालित किए जा रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासी नीलिमा ठाकुर ने कहा, “शहर के बीचों-बीच रात में ड्रोन उड़ना एक सुरक्षा चूक की तरह है। क्या किसी को भी सुरक्षा तंत्र से खेलने की अनुमति मिल गई है?” वहीं पंकज वर्मा का कहना है, “हर रात ड्रोन उड़ते हैं लेकिन पुलिस या प्रशासन की तरफ से कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा। आखिर ये उड़ानें हो कैसे रही हैं?”

क्या है ड्रोन उड़ाने का कानूनी प्रावधान?

भारत में ड्रोन उड़ाने के लिए DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है, विशेषकर नगरीय या घनी आबादी वाले क्षेत्रों में। ड्रोन संचालन के लिए यह आवश्यक है कि:

  • ड्रोन का पंजीकरण किया गया हो
  • उड़ान क्षेत्र की अनुमति हो
  • उड़ान से पहले स्थानीय पुलिस को सूचना दी जाए
  • नाइट ऑपरेशंस की विशिष्ट अनुमति हो

इन शर्तों के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें जुर्माना, जब्ती और जेल की सज़ा तक का प्रावधान है।

क्या कोई साजिश है इन ड्रोन उड़ानों के पीछे?

जब प्रशासन संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा और पुलिस की ओर से कोई जाँच नहीं की जा रही, तो यह आशंका उठना लाजमी है कि यह सब किसी निजी संस्था, जासूसी एजेंसी, या किसी साजिश के तहत किया जा रहा है। गोपनीय सूचनाएं लीक करने, निजी जीवन में हस्तक्षेप, या किसी प्रकार की आपराधिक योजना का यह हिस्सा भी हो सकता है।

गोपनीयता और सुरक्षा पर बड़ा खतरा

नागरिकों की गोपनीयता को लेकर भी बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है। यदि ड्रोन बिना अनुमति के रिहायशी इलाकों में उड़ान भर रहे हैं, तो यह सीधा गोपनीयता उल्लंघन है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, रात के समय गतिविधियों की निगरानी और वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे तत्व इस खतरे को और भी गंभीर बना देते हैं।

ड्रोन उड़ानों की तुरंत जांच की आवश्यकता

हम मांग करते हैं कि सिवनी जिला प्रशासन को तुरंत एक जाँच कमेटी गठित करनी चाहिए जो:

  • सभी संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों की जांच करे
  • किन संगठनों या व्यक्तियों ने ड्रोन उड़ाए हैं, इसका विवरण सार्वजनिक करे
  • दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे
  • जनता को स्पष्ट सूचना दे कि वे इस तरह की घटनाओं में कैसे सतर्क रहें

जनता की भूमिका और सतर्कता जरूरी

जब तक प्रशासन और पुलिस अपनी भूमिका निभाते नहीं दिखते, तब तक जनता की सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। नागरिकों को चाहिए कि वे:

  • ऐसे ड्रोन दिखने पर तुरंत वीडियो रिकॉर्डिंग करें
  • 112 या स्थानीय पुलिस को सूचित करें
  • किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को गंभीरता से लें

क्या प्रशासन को किसी अनहोनी का इंतजार है?

यह सवाल अब हर नागरिक के मन में उठ रहा है कि क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई अनहोनी घटना घटेगी? शहर के बीचों-बीच उड़ते ड्रोन केवल एक तकनीकी खिलौना नहीं, बल्कि एक संभावित खतरे की चेतावनी हैं। क्या सिवनी जिला प्रशासन सुरक्षा नीति में ढील दे रहा है या फिर इसे नजरअंदाज कर रहा है?

पारदर्शिता और सख्ती दोनों की ज़रूरत

आज जब तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है, उसी अनुपात में सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन भी अनिवार्य हो गया है। बिना अनुमति ड्रोन उड़ानें न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और गोपनीयता पर प्रत्यक्ष खतरा हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह इस पूरे मामले में पारदर्शिता, कठोरता और जनजागरूकता के साथ कार्य करे।

एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं रिजल्ट 2025 घोषित: टॉपर्स, प्रतिशत और जिलेवार प्रदर्शन पर संपूर्ण जानकारी

भोपाल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश राज्य माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा 10वीं और 12वीं के बहुप्रतीक्षित परीक्षा परिणाम 2025 को 7 मई, मंगलवार को घोषित कर दिया गया। इस वर्ष का परीक्षा परिणाम न केवल पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर रहा, बल्कि कुछ जिलों ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक श्रेष्ठता भी सिद्ध की।

कुल पास प्रतिशत और परीक्षार्थियों की संख्या

इस वर्ष कक्षा 10वीं में कुल 9.54 लाख छात्र शामिल हुए थे, जिनमें से 76.22% विद्यार्थी परीक्षा में सफल घोषित किए गए। वहीं, कक्षा 12वीं में 7.07 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें से 74.48% विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की।

यह परिणाम पिछले 15 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ माना जा रहा है, जिससे राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के संकेत मिलते हैं।

छात्राओं ने फिर मारी बाज़ी

इस वर्ष भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा। दोनों ही वर्गों में लड़कियों का पास प्रतिशत अधिक रहा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बालिकाओं की शिक्षा पर राज्य भर में सकारात्मक रूप से कार्य हो रहा है।

टॉपर्स की सूची: मेहनत की मिसाल

कक्षा 10वीं टॉपर: प्रज्ञा जायसवाल, सिंगरौली

सिंगरौली जिले की प्रज्ञा जायसवाल ने इतिहास रचते हुए 100% अंक प्राप्त कर राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। यह प्रदर्शन पूरे राज्य के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

कक्षा 12वीं टॉपर: प्रियल द्विवेदी, सतना

सतना जिले की प्रियल द्विवेदी ने 90.4% अंक प्राप्त कर कक्षा 12वीं में टॉप किया है। उनके इस प्रदर्शन ने सतना जिले को शैक्षणिक रूप से अग्रणी जिलों में शामिल कर दिया है।

जिलेवार प्रदर्शन: नरसिंहपुर फिर बना अव्वल

नरसिंहपुर जिले ने लगातार तीसरे वर्ष 10वीं और 12वीं दोनों परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। जिले के विद्यार्थियों ने न केवल अधिक पास प्रतिशत दर्ज किया, बल्कि कई छात्रों ने राज्य मेरिट लिस्ट में भी जगह बनाई।

यह प्रदर्शन जिले के शिक्षक, अभिभावक और छात्रों के समन्वित प्रयास का परिणाम है।

परीक्षा तिथियां और परीक्षा का आयोजन

  • कक्षा 10वीं की परीक्षा:
    27 फरवरी से 19 मार्च 2025 तक आयोजित की गई।
  • कक्षा 12वीं की परीक्षा:
    25 फरवरी से 25 मार्च 2025 तक चली।

MPBSE ने इस वर्ष परीक्षा आयोजन में डिजिटल निगरानी, CCTV कैमरे, और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के माध्यम से नकल मुक्त परीक्षा कराने का दावा किया।

कैसे देखें MPBSE बोर्ड रिजल्ट 2025

परीक्षा परिणाम देखने के लिए छात्र निम्नलिखित तरीकों का उपयोग कर सकते हैं:

1. आधिकारिक वेबसाइट से परिणाम देखें

  • वेबसाइट: https://mpbse.mponline.gov.in
  • छात्र अपना रोल नंबर और एप्लिकेशन नंबर दर्ज कर परिणाम देख सकते हैं।

2. मोबाइल ऐप से रिजल्ट देखें

  • MPBSE Mobile App गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें।
  • ऐप इंस्टॉल कर आवश्यक विवरण भरें और परिणाम देखें।

3. SMS के माध्यम से

  • SMS टाइप करें: MPBSE10 <स्पेस> रोल नंबर या MPBSE12 <स्पेस> रोल नंबर
  • भेजें 56263 पर।

सहायता और हेल्पलाइन

यदि छात्रों को परिणाम देखने या समझने में कोई परेशानी आती है, तो वे निम्नलिखित हेल्पलाइन का उपयोग कर सकते हैं:

  • MPBSE हेल्पलाइन नंबर: 0755-2551166
  • ईमेल: mpbse@mp.gov.in

एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं रिजल्ट 2025 ने यह दर्शा दिया है कि मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था लगातार प्रगति की दिशा में अग्रसर है। टॉपर्स की कहानियां और जिलेवार प्रदर्शन इस बात के प्रतीक हैं कि मेहनत, समर्पण और सही मार्गदर्शन से कोई भी छात्र सफलता हासिल कर सकता है।

MP BOARD 10वीं, 12वीं रिजल्ट 2025: 6 मई को शाम 5 बजे जारी होंगे परिणाम, ऐसे करें चेक

भोपाल — मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल (MPBSE) द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं एवं 12वीं की मुख्य परीक्षा 2025 के परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 6 मई 2025 को शाम 5 बजे मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन से हाई स्कूल (10वीं), हायर सेकेण्डरी (12वीं) और डी.पी.एस.ई. (Diploma in Pre School Education) परीक्षा के रिजल्ट जारी करेंगे।

MP Board Result 2025 की घोषणा का समय और स्थान

मध्य प्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (MPBSE) की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 6 मई 2025, शाम 5 बजे मुख्यमंत्री द्वारा रिजल्ट घोषित किया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन, भोपाल से की जाएगी। इसके साथ ही, मण्डल द्वारा विद्यार्थियों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से परिणाम जानने की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

रिजल्ट कहां और कैसे चेक करें – mpbse.nic.in, mpresults.nic.in, mponline.gov.in

छात्र नीचे दिए गए आधिकारिक पोर्टल्स के माध्यम से रोल नंबर दर्ज कर अपना रिजल्ट देख सकते हैं:

रिजल्ट चेक करने की स्टेप्स:

  1. ऊपर दी गई किसी भी अधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. “MP Board 10th/12th Result 2025” के लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपनी रोल नंबर, एप्लिकेशन नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें।
  4. “सबमिट” बटन पर क्लिक करें।
  5. आपका रिजल्ट स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।
  6. चाहें तो पीडीएफ डाउनलोड करें या प्रिंट निकाल लें।

SMS के माध्यम से भी जानें MP बोर्ड रिजल्ट 2025

वे छात्र जिनके पास इंटरनेट सुविधा नहीं है, वे SMS के माध्यम से भी रिजल्ट देख सकते हैं:

  • MPBSE10<स्पेस>रोल नंबर लिखें और भेजें 56263 पर – कक्षा 10वीं के लिए।
  • MPBSE12<स्पेस>रोल नंबर लिखें और भेजें 56263 पर – कक्षा 12वीं के लिए।

कुछ ही मिनटों में रिजल्ट आपके मोबाइल पर आ जाएगा।

MP Board Result 2025 पर विशेष जानकारी

मध्य प्रदेश बोर्ड हर वर्ष 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं मार्च से अप्रैल के बीच आयोजित करता है। इस वर्ष भी परीक्षाएं 1 मार्च से 5 अप्रैल 2025 के बीच संपन्न हुई थीं। लगभग 18 लाख से अधिक छात्रों ने इस बार परीक्षा दी थी। मण्डल द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अप्रैल के अंतिम सप्ताह में पूरा किया गया, जिसके बाद अब रिजल्ट घोषित किया जा रहा है।

पिछले वर्ष की तुलना में क्या हो सकते हैं बदलाव?

2024 में, 10वीं का परिणाम 63.29% और 12वीं का परिणाम 66.47% रहा था। इस वर्ष छात्रों की तैयारियों और बोर्ड की नीतियों को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि परिणामों में सुधार देखने को मिलेगा।

रिजल्ट के बाद क्या करें छात्र?

रिजल्ट जारी होने के बाद, छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे:

  • अपने स्कूल से मूल अंकतालिका (Marksheet) प्राप्त करें।
  • यदि किसी विषय में कम अंक आए हैं तो रिवैल्यूएशन या रीचेकिंग के लिए आवेदन करें।
  • फेल हुए छात्र सप्लीमेंट्री परीक्षा के लिए फॉर्म भरें।
  • 12वीं के छात्रों को कॉलेज एडमिशन की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
  • 10वीं पास करने वाले छात्र विषय चयन में सावधानी बरतें।

डिजिलॉकर पर डिजिटल मार्कशीट कैसे प्राप्त करें?

डिजिलॉकर के माध्यम से छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं:

  1. digilocker.gov.in पर जाएं।
  2. आधार नंबर के माध्यम से लॉगिन करें।
  3. “Education” सेक्शन में जाकर “MP Board” चुनें।
  4. वर्ष और कक्षा का चयन कर रोल नंबर डालें।
  5. आपकी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगी।

MPBSE हेल्पलाइन नंबर और सपोर्ट

अगर छात्रों को रिजल्ट देखने में कोई समस्या आती है, तो वे निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं:

  • टोल फ्री नंबर: 18002330175
  • ईमेल: mpbse@mp.gov.in

MP Board Toppers List 2025 और मेरिट

रिजल्ट के साथ ही बोर्ड टॉपर्स की लिस्ट भी जारी की जाएगी। इसमें विषयवार और कक्षा अनुसार सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के नाम और अंक प्रकाशित किए जाएंगे। मेरिट लिस्ट के आधार पर कुछ छात्रों को सरकारी छात्रवृत्ति एवं अन्य सम्मान भी दिए जाएंगे।

MP Board 10वीं एवं 12वीं का रिजल्ट 6 मई 2025 को शाम 5 बजे घोषित किया जाएगा। छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रोल नंबर की मदद से अपना परिणाम देख सकते हैं। इस बार का रिजल्ट छात्रों के लिए भविष्य निर्धारण का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा। हम सभी छात्रों को शुभकामनाएं देते हैं।

सिवनी में 8 मई को होंगे श्री दादा गुरु के दिव्य दर्शन, मॉं नर्मदा संवाद व भव्य शोभायात्रा का आयोजन

सिवनी। शिव की नगरी सिवनी में आध्यात्मिक उत्सव का शुभ अवसर आने वाला है। अंतरराष्ट्रीय संत अवधूत सिद्ध महायोगी श्री दादा गुरु भगवान, जो पिछले 1600 दिनों से सदी की सबसे कठोर निराहार महाव्रत साधना में लीन हैं, उनका आगमन 8 मई 2025 को सिवनी में होने जा रहा है।

इस पावन अवसर पर “मॉं नर्मदा संवाद” कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार, 8 मई 2025 (मोहनी एकादशी) को स्मृति लॉन, बाहुबली चौक, बारापत्थर, सिवनी में किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन दादा गुरु भगवान परिवार जिला सिवनी द्वारा किया जा रहा है।

भव्य शोभायात्रा से होगा दादा गुरु का स्वागत

दादा गुरु भगवान का सिवनी में आगमन दोपहर 2:00 बजे छिंदवाड़ा रोड बायपास पर होगा। इसके पश्चात वे भव्य शोभायात्रा के माध्यम से नगर भ्रमण करते हुए छिंदवाड़ा चौक, नगरपालिका चौक, रानी दुर्गावती चौक, सिंधिया चौक होते हुए बाहुबली चौक पहुंचेंगे, और वहां से स्मृति लॉन में प्रवेश करेंगे।

भजन, सत्संग व नर्मदा संवाद

कार्यक्रम स्थल पर भजन मंडली द्वारा आध्यात्मिक भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद दादा गुरुजी का सत्संग होगा जिसमें वे माँ नर्मदा, धर्म, धेनु, धरा, प्रकृति, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण जैसे जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद करेंगे। इसके उपरांत माँ नर्मदा की भव्य महाआरती भी आयोजित की जाएगी।

रामघाट छपारा में होगा समापन

स्मृति लॉन में कार्यक्रम के बाद दादा गुरु छपारा के लिए प्रस्थान करेंगे। वहां राम मंदिर छपारा से रामघाट छपारा तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। साथ ही गोल्डन टेम्पल, रामघाट में प्रत्येक एकादशी की तरह होने वाली माँ वेनगंगा की महाआरती में भी वे शामिल होंगे।

जनसाधारण से अपील

दादा गुरु भगवान परिवार जिला सिवनी ने समस्त धर्मप्रेमियों व पर्यावरण प्रेमियों से अपील की है कि वे इस दिव्य आयोजन में पारंपरिक परिधान में उपस्थित होकर दादा गुरु के दिव्य दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करें। दादा गुरु भगवान परिवार, जिला सिवनी

MP के सिवनी, देवास, नीमच और शिवपुरी में परमाणु प्रोजेक्ट को मंजूरी, NTPC कर रही तैयारी

मध्यप्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के उद्देश्य से, एनटीपीसी (NTPC) ने एक बड़ा कदम उठाया है। नीमच, देवास, सिवनी और शिवपुरी जिलों में परमाणु ऊर्जा आधारित बिजली परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है, और इसके लिए राज्य सरकार तथा विभिन्न विभागों के समन्वय से एक विशेष समिति का गठन भी कर दिया गया है।

परमाणु परियोजनाओं के लिए विशेष समिति का गठन

राज्य सरकार ने इन परमाणु बिजली परियोजनाओं की सुचारू निगरानी और त्वरित क्रियान्वयन के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई कर रहे हैं। इसमें जल संसाधन, पर्यावरण, राजस्व और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं।

चारों जिलों के कलेक्टरों को इस समिति का सदस्य बनाया गया है ताकि जिला स्तर पर भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृति, स्थानीय सहयोग और प्रशासनिक समन्वय में कोई बाधा न आए।

एनटीपीसी के शीर्ष अधिकारी समिति में शामिल

इस परियोजना में एनटीपीसी मुंबई के कार्यपालक निदेशक (परमाणु ऊर्जा) ए.पी. सनल को सदस्य नियुक्त किया गया है जबकि एनटीपीसी भोपाल के परमाणु महाप्रबंधक संदेश जायसवाल को इस समिति का संयोजक बनाया गया है। इससे यह स्पष्ट है कि केंद्र और राज्य स्तर पर इस परियोजना को प्राथमिकता दी जा रही है।

भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजना

मध्यप्रदेश आने वाले वर्षों में उद्योगों, कृषि और आवासीय क्षेत्रों की बढ़ती बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए परमाणु ऊर्जा को मुख्य ऊर्जा स्रोत के रूप में विकसित कर रहा है। यह न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी लाएगा, बल्कि ऊर्जा उत्पादन में निरंतरता और स्थिरता भी सुनिश्चित करेगा।

परियोजनाओं के तकनीकी विवरण

प्रस्तावित योजना के अनुसार, प्रत्येक जिले में दो-दो यूनिट्स स्थापित की जाएंगी, जिनमें से हर यूनिट की क्षमता 1200 मेगावॉट होगी। इस प्रकार, कुल 6 यूनिट्स स्थापित की जाएंगी, जिनसे 7200 मेगावॉट तक की बिजली उत्पादन क्षमता विकसित होगी।

इस परियोजना के लिए अनुमानित 2000 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी, जिसमें उत्पादन संयंत्र, बिजली ट्रांसमिशन सिस्टम, कूलिंग सिस्टम, और अन्य बुनियादी ढांचे शामिल हैं।

भूमि अधिग्रहण और बुनियादी ढांचे का विकास

इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण, पानी की आपूर्ति, विद्युत ग्रिड से जुड़ाव, और परिवहन नेटवर्क जैसे पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समिति इस कार्य में सभी विभागों से समन्वय बनाकर भूमि खरीद और विकास कार्य को त्वरित गति से पूरा करने का कार्य करेगी।

पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन (EIA) और जनसुनवाई की प्रक्रियाएं भी पारदर्शी तरीके से की जाएंगी ताकि स्थानीय लोगों का विश्वास बना रहे और परियोजना को सामाजिक सहयोग मिल सके।

बिजली वितरण के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार

प्रस्तावित परमाणु संयंत्रों से उत्पन्न बिजली को राज्य के विभिन्न भागों तक पहुँचाने के लिए सुदृढ़ ट्रांसमिशन नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इसमें उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनें, सबस्टेशनों का निर्माण, और स्मार्ट ग्रिड तकनीक का उपयोग शामिल है, जिससे बिजली की गुणवत्ता और आपूर्ति में निरंतरता बनी रहे।

मध्यप्रदेश को क्या होगा लाभ

इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश को कई स्तरों पर लाभ होगा:

  • ऊर्जा आत्मनिर्भरता में वृद्धि
  • पर्यावरणीय दृष्टिकोण से स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन
  • स्थानीय रोजगार सृजन
  • राज्य की अर्थव्यवस्था में तेजी
  • औद्योगिकीकरण को बल
  • बिजली दरों में स्थिरता

परमाणु ऊर्जा का महत्व

परमाणु ऊर्जा न केवल उच्च क्षमता वाली होती है, बल्कि यह सतत विकास की दृष्टि से भी बेहद उपयोगी है। यह कार्बन मुक्त, सुरक्षित, और लंबे समय तक स्थायी ऊर्जा स्रोत प्रदान करती है। आज जब विश्व भर में जलवायु परिवर्तन को गंभीरता से लिया जा रहा है, तब परमाणु ऊर्जा ही एक ऐसा विकल्प है जो उद्योगों और नागरिकों की ऊर्जा जरूरतों को संतुलित तरीके से पूरा कर सकती है।

स्थानीय समुदायों के लिए योजनाएं

सरकार और एनटीपीसी स्थानीय समुदायों को परियोजना से जोड़ने के लिए सामाजिक विकास योजनाओं पर भी कार्य कर रही हैं। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, और बुनियादी सेवाओं का विकास शामिल है, जिससे स्थानीय जनता का जीवनस्तर भी बेहतर हो सके।

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर ध्यान

परियोजना के दौरान वन क्षेत्र, जल स्रोत, और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए सख्त पर्यावरणीय दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है। एनटीपीसी और राज्य सरकार दोनों ईको-फ्रेंडली टेक्नोलॉजी अपनाने पर बल दे रहे हैं।

MP: खरगोन के एकलव्य विद्यालय में महिला प्रिंसिपल और लाइब्रेरियन के बीच विवाद, वीडियो वायरल

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में स्थित एक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय एक चौंकाने वाली घटना का गवाह बना, जहां महिला प्रिंसिपल और लाइब्रेरियन के बीच आपसी झगड़ा इतना बढ़ गया कि वह मारपीट में बदल गया। यह घटना शुक्रवार की सुबह हुई, लेकिन इसका वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर सामने आया और तेजी से वायरल हो गया।

वायरल वीडियो ने खोली स्कूल परिसर की कलह की परतें

इस वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्रिंसिपल प्रवीण दहिया और लाइब्रेरियन मधुरानी एक-दूसरे के साथ गंभीर मारपीट में लिप्त हैं। वीडियो में थप्पड़ मारने, बाल खींचने, और धक्का-मुक्की जैसी शर्मनाक घटनाएं दर्ज हैं। यही नहीं, प्रिंसिपल पर यह भी आरोप लगा है कि उन्होंने लाइब्रेरियन का मोबाइल फोन तोड़ दिया

इस घटना ने शैक्षणिक संस्थानों में कार्यस्थल पर व्यवहार को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न की है। वायरल वीडियो के कारण पूरे मध्य प्रदेश में यह मुद्दा सुर्खियों में आ गया है और प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा।

झगड़े की जड़: कार्य-संबंधी मतभेद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवाद केवल व्यक्तिगत नहीं था बल्कि कार्य से संबंधित मतभेदों के चलते उत्पन्न हुआ। प्रिंसिपल प्रवीण दहिया और लाइब्रेरियन मधुरानी के बीच स्कूल प्रबंधन और जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर कई दिनों से तनातनी चल रही थी।

प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दोनों महिलाओं के बीच स्कूल में कार्य वितरण, संसाधनों के उपयोग, और कर्मचारियों के साथ व्यवहार को लेकर लंबे समय से असहमति चल रही थी, जो अंततः शारीरिक टकराव में बदल गई।

प्रशासन ने उठाए सख्त कदम, दोनों महिला अधिकारी हटाई गईं

घटना के सामने आते ही आदिम जाति कल्याण विभाग और जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों महिला अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया है। उन्हें अस्थायी रूप से सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य के कार्यालय में अटैच कर दिया गया है।

सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य ने स्पष्ट किया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली भेजी गई रिपोर्ट, केंद्रीय स्तर पर होगी कार्रवाई

चूंकि एकलव्य विद्यालय केंद्र सरकार की एक विशेष योजना के तहत संचालित होते हैं, इसीलिए इस विवाद की रिपोर्ट सीधे दिल्ली भेजी गई है।

जिला कलेक्टर भव्या मित्तल ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए फौरन आदिम जाति कल्याण विभाग को जांच के आदेश दिए और रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय कार्यालय को भेज दी गई है।

यह उम्मीद की जा रही है कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर दृष्टांत रूप में कार्रवाई करेगी ताकि ऐसे संस्थानों की गरिमा बनाए रखी जा सके।

शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन और व्यावसायिक आचरण पर सवाल

यह घटना न केवल एक प्रशासनिक विफलता को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन और व्यावसायिक आचरण किस हद तक खतरे में है। ऐसे स्कूलों में, जहां विद्यार्थियों को सांस्कृतिक मूल्यों, अनुशासन, और नैतिकता की शिक्षा दी जाती है, वहां शिक्षकों और अधिकारियों का ऐसा व्यवहार अत्यंत निंदनीय है।

इस प्रकरण ने एक गहरी बहस को जन्म दिया है कि विद्यालयों में तनाव प्रबंधन, आपसी संवाद, और मानव संसाधन प्रबंधन को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की कितनी आवश्यकता है।

एकलव्य विद्यालय: उद्देश्य और महत्व

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) की स्थापना जनजातीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए की गई थी। यह केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों को निशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान करना है।

लेकिन जब ऐसे विद्यालयों में ही प्रबंधन और प्रशासनिक स्तर पर असहमति और हिंसा देखने को मिलती है, तो न केवल शिक्षा प्रणाली पर प्रश्नचिह्न उठता है, बल्कि छात्रों के मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

क्या इस घटना से मिल सकती है कोई सीख?

इस घटना को मात्र एक व्यक्तिगत झगड़े के रूप में देखना उचित नहीं होगा। यह व्यवस्था में व्याप्त खामियों, प्रशिक्षण की कमी, और प्रभावी संवाद की अनुपस्थिति को उजागर करता है।

शिक्षण संस्थानों में आवश्यक है कि कर्मचारियों को सकारात्मक संवाद, तनाव प्रबंधन, और टीमवर्क के लिए नियमित प्रशिक्षण दिया जाए। इसके साथ ही, विवाद की स्थिति में त्वरित समाधान की व्यवस्थित प्रक्रिया होनी चाहिए ताकि ऐसी शर्मनाक घटनाएं भविष्य में न दोहराई जाएं।