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सिवनी: सौरभ भारती (बाला) का दुःखद एवं आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

सिवनी: 10 मई 2025 की सुबह एक अत्यंत दुःखद समाचार ने समूचे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। सौरभ भारती (बाला) का ह्रदय गति रुक जाने के कारण अचानक निधन हो गया। वह एक मिलनसार, लोकप्रिय और समाजसेवी स्वभाव के व्यक्ति थे, जिनका इस प्रकार यूं अचानक चले जाना हर किसी के लिए बेहद पीड़ादायक है।

परिजनों के अनुसार, सुबह उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई। उन्हें तुरन्त अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सौरभ भारती (बाला) सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय थे। उनके निधन से न केवल परिवार में बल्कि मित्रों, शुभचिंतकों और पूरे इलाके में गहरा शोक व्याप्त है।

दोपहर में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास स्थान पर रखा गया, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उनका अंतिम संस्कार आज शाम 04 बजे, कटंगी रोड मोक्षधाम पर किया जाएगा।

स्थानीय नेताओं, समाजसेवियों और युवाओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सौरभ भारती (बाला) का यूं असमय जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।

ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति दें। ॐ शांति।

सिवनी नगरपालिका अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालेंगे ज्ञानचंद सनोडिया, आदेश जारी

सिवनी नगरपालिका परिषद में एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए पूर्व अध्यक्ष श्री शफीक खान को उनके पद से पृथक कर दिया गया है। यह निर्णय राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 37(2) के अंतर्गत लिया गया है। इस बदलाव के पश्चात, नगरपालिका परिषद सिवनी में अध्यक्ष पद रिक्त हो गया था, जिसे भरने के लिए शासन ने वार्ड क्रमांक-05 के पार्षद श्री ज्ञानचंद सनोडिया को अध्यक्ष का नामित दायित्व सौंपा है।

सनोडिया अब आगामी आदेश तक अथवा स्थायी अध्यक्ष के निर्वाचन तक, अध्यक्ष के सभी दायित्वों एवं अधिकारों का निर्वहन करेंगे। शासन द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि वह इस पद का कार्यभार संभालते हुए नगर की प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करेंगे। यह निर्णय शासन की ओर से प्रशासनिक सुगमता और नगरहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे नगर पालिका के कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

राज्य शासन का स्पष्ट आदेश

राज्य शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि श्री सनोडिया अगले आदेश अथवा स्थायी अध्यक्ष के निर्वाचन तक अध्यक्ष के सभी दायित्वों एवं अधिकारों का निर्वहन करेंगे। यह आदेश नगरपालिका कार्यों में किसी भी तरह की बाधा को रोकने और प्रशासनिक सुगमता बनाए रखने के उद्देश्य से पारित किया गया है।

प्रशासनिक व्यवस्था के संचालन में नयापन

ज्ञानचंद सनोडिया के कार्यभार संभालने के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि नगरपालिका की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, तीव्रता और जनहितैषी निर्णयों को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है।

नगरवासियों की प्रतिक्रिया

नगरवासियों ने शासन के इस निर्णय का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि श्री सनोडिया के अध्यक्ष बनने से नगर पालिका में नई ऊर्जा का संचार होगा। कई नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने यह विश्वास जताया है कि वे अपनी जनप्रतिनिधि जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन करते हुए नगर को विकास की दिशा में आगे बढ़ाएंगे।

पूर्व अध्यक्ष श्री शफीक खान की भूमिका

पूर्व अध्यक्ष श्री शफीक खान का कार्यकाल में हुए अनेकों भ्रष्टाचार से भरा रहा। उनके हटाए जाने के निर्णय पर राज्य शासन की मंशा स्पष्ट रही है – प्रशासनिक सुगमता और जनहित को प्राथमिकता देना।

आज सुबह भारतीय सेना ने पाकिस्तान के वायु रक्षा रडार और प्रणालियों पर हमला किया- रक्षा मंत्री

आज सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों, विशेषकर वायु रक्षा रडार और प्रणालियों को लक्ष्य बनाकर एक सटीक और निर्णायक कार्रवाई की। यह कदम पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा (LoC) पर की जा रही लगातार और अकारण गोलीबारी की प्रतिक्रिया में उठाया गया है। रक्षा मंत्रालय के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, लाहौर में स्थित एक महत्वपूर्ण वायु रक्षा प्रणाली को निष्क्रिय कर दिया गया है, जिससे पाकिस्तान की हवाई सुरक्षा क्षमताओं को भारी क्षति पहुँची है।

कुपवाड़ा, बारामुल्ला, पुंछ और उरी में पाकिस्तान की बढ़ती आक्रामकता

पाकिस्तान की सेना ने जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे कुपवाड़ा, बारामुल्ला, उरी, पुंछ, मेंढर और राजौरी में मोर्टार और भारी कैलिबर आर्टिलरी का उपयोग करते हुए गोलीबारी तेज कर दी है। रक्षा मंत्रालय ने इस पर चिंता जताई है और इसे भारतीय नागरिकों और सैन्य ठिकानों के लिए एक प्रत्यक्ष खतरा बताया है। इन हमलों में अब तक कई निर्दोष नागरिकों के घायल होने और सैन्य संपत्तियों को नुकसान की खबरें सामने आई हैं।

भारतीय वायुसेना की सटीक रणनीति: लक्षित हमलों का प्रभाव

भारतीय वायुसेना ने सुबह के समय लंबी दूरी की मिसाइल और ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए पाकिस्तान के भीतर स्थित रणनीतिक वायु रक्षा केंद्रों को लक्षित किया। विशेष रूप से, लाहौर के पास स्थित एक वायु रक्षा रडार स्टेशन को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया गया, जिससे पाकिस्तान की हवाई निगरानी प्रणाली को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, रावलपिंडी और बहावलपुर के पास भी दो अन्य ठिकानों पर हमले की पुष्टि की गई है।

राजनीतिक और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया

भारत की इस निर्णायक सैन्य कार्रवाई पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रियाएँ भी सामने आ रही हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, और जापान जैसे देशों ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। भारत ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई सिर्फ आत्मरक्षा के तहत और पाकिस्तान की आक्रामक गतिविधियों को निष्क्रिय करने हेतु की गई है।

भारत की सैन्य नीति: हमलावर नहीं, पर प्रतिक्रिया में कठोर

भारत की सैन्य नीति हमेशा से ही रक्षात्मक और संयमित रही है। लेकिन जब देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा खतरे में होती है, तब भारतीय सशस्त्र बल हर संभव प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहते हैं। इस बार की कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि भारत अब कूटनीतिक प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सैन्य रूप से भी सख्त कदम उठाएगा

नियंत्रण रेखा पर तनाव की स्थिति और भविष्य की रणनीति

LoC पर बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने सभी अग्रिम चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा है। सेना के उच्च अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, और किसी भी आपात स्थिति के लिए तत्काल जवाबी कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई है। उन्नत निगरानी ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम के माध्यम से सीमा पर हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

भारत का स्पष्ट संदेश: आक्रामकता की नहीं दी जाएगी छूट

यह सैन्य कार्रवाई भारत का स्पष्ट और कठोर संदेश है कि अब पाकिस्तान की ओर से होने वाली कोई भी आक्रामक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भारत अपनी संप्रभुता, सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानता है और किसी भी कीमत पर उसे कमजोर नहीं होने देगा। भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि पाकिस्तान अपनी नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी और आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तो अगली कार्रवाइयाँ और भी अधिक व्यापक और घातक हो सकती हैं।

निष्कर्ष: भारत की निर्णायक कार्रवाई और भविष्य की राह

भारतीय सशस्त्र बलों की यह कार्रवाई केवल एक जवाब नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। यह स्पष्ट करता है कि भारत अब कूटनीतिक मंचों के साथ-साथ सैन्य कार्रवाई में भी पूरी तरह से सक्षम है। आने वाले समय में यदि पाकिस्तान अपनी नीतियों में परिवर्तन नहीं लाता, तो दक्षिण एशिया में सुरक्षा संकट और गहराने की आशंका बनी रहेगी।

बिहार में ‘पहलगाम’ जैसा आतंकियों वाला कांड! दरभंगा में मुस्लिम कट्टरपंथियों ने हिन्दुओं से धर्म पूछकर हमला किया

बिहार के दरभंगा जिले में एक सनसनीखेज और गंभीर घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना जाले थाना क्षेत्र की है, जहाँ कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम युवकों ने सड़क पर राहगीरों से छोटी मोती कहा सुनी होने पर धर्म पूछना शुरू कर दिया। जैसे ही किसी व्यक्ति ने स्वयं को हिन्दू बताया, उस पर लाठी, भाला, तलवार, रॉड और धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया।

इस घटना ने पहलगाम जैसे आतंकवादी हमलों की यादें ताजा कर दीं, जहाँ धर्म के आधार पर टारगेट किया गया। इस प्रकार की घटनाएं सांप्रदायिक सौहार्द को चुनौती देती हैं और समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण बनाती हैं।

कैसे हुआ हमला – घटनाक्रम का विस्तार

घटना के संबंध में बताया गया है कि 6 मई की रात दो बाइक की आपस में टक्कर हुई थी। इसके बाद तू-तू मैं-मैं शुरू हुए विवाद ने खतरनाक रूप ले लिया। इस दौरान सड़क से गुजरने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उनका नाम और धर्म पूछा। फिर लाठी डंडे और धारदार हथियार हमला बोल दिया। इस घटना में 11 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई लोगों सिर फट गए और कई लोगों को गंभीर चोटें आई है।

हमलावरों के पास थे:

  • लाठी और डंडे
  • भाला और तलवार
  • रॉड और धारदार हथियार
  • पिस्टल जैसे आग्नेयास्त्र

यह घटना बताती है कि यह कोई सामान्य झगड़ा नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित और संगठित हमला था, जिसमें धर्म के नाम पर लोगों को निशाना बनाया गया।

पुलिस की तत्परता और 21 मुस्लिम पर एफआईआर

घटना की सूचना मिलते ही जाले थाना पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपी फरार हैं और पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

दरभंगा के पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और इस प्रकार की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सोशल मीडिया पर बवाल

घटना की खबर जैसे ही सोशल मीडिया पर फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई यूजर्स ने इसे “दरभंगा का पहलगाम कांड” कहा और इसे एक धार्मिक आतंक की संज्ञा दी।

सिवनी में फिर ना लौट आए जलसंकट: माचागोरा बांध से पानी छोड़े जाने पर रोक से बढ़ी चिंता

Seoni Jal Sankat: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में एक बार फिर जल संकट की गंभीर स्थिति बनती नजर आ रही है। छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह के निर्देशानुसार माचागोरा बांध से भीमगढ़ बांध के लिए छोड़े जा रहे पानी की आपूर्ति पर अचानक रोक लगा दी गई है। यह निर्णय 5 मई 2025 को लिया गया जब माचागोरा से सिवनी के लिए पानी ले जाने वाले गेट बंद कर दिए गए। इसका सीधा असर सिवनी की पेयजल व्यवस्था पर पड़ सकता है, जो पहले से ही गंभीर संकट का सामना कर रही है।

सिवनी को चाहिए 35 एमसीएम, मिला सिर्फ 21 एमसीएम पानी

जानकारी के अनुसार, सिवनी जिले को आने वाले तीन महीनों के लिए कम से कम 35 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी की आवश्यकता है। परंतु अब तक भीमगढ़ बांध में सिर्फ 21 एमसीएम पानी ही पहुंच पाया है। यह पानी माचागोरा बांध के लेफ्ट केनाल से 19 अप्रैल 2025 को जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के निर्देश पर छोड़ा गया था।

माचागोरा बांध की स्थिति और जलस्तर

माचागोरा बांध, जो छिंदवाड़ा जिले का प्रमुख जलस्रोत है, उसकी कुल जलसंग्रहण क्षमता 577 एमसीएम है। फिलहाल बांध में 199.27 एमसीएम पानी शेष है। बांध का कुल जलस्तर 625.75 मीटर है, जबकि वर्तमान जलस्तर केवल 615.41 मीटर पर है। ऐसे में छिंदवाड़ा प्रशासन का निर्णय स्थानीय जल आपूर्ति को देखते हुए तर्कसंगत प्रतीत होता है, लेकिन इससे सिवनी के नागरिकों की समस्याएं और बढ़ सकती हैं।

छिंदवाड़ा में भी संकट, इसलिए लिया गया यह निर्णय

छिंदवाड़ा जिला प्रशासन का कहना है कि वहां भी इंटेक वेल्स तक पानी की उपलब्धता कम हो चुकी है। नहरों में सिल्ट (कीचड़) जमा होने से जल प्रवाह बाधित हो रहा है। ऐसे में यदि माचागोरा से लगातार पानी सिवनी को दिया जाता रहा, तो छिंदवाड़ा को भी निकट भविष्य में भीषण जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। यही कारण है कि कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने गेट बंद करवाकर पानी की आपूर्ति पर नियंत्रण किया।

नहर में बह रहा शेष पानी पहुंचेगा भीमगढ़ तक

मुख्य अभियंता अशोक डहेरिया ने बताया कि माचागोरा के गेट बंद किए जाने के बावजूद नहर में पहले से बह रहा पानी आगामी एक सप्ताह तक भीमगढ़ बांध तक पहुंचता रहेगा। इससे भीमगढ़ बांध का जलस्तर लगभग एक मीटर तक बढ़ चुका है, जो सिवनी की जलआपूर्ति के लिए थोड़ी राहत जरूर है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।

सिवनी विधायक का आश्वासन

सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन ने कहा है कि यदि आने वाले दिनों में सिवनी में पानी की कमी होती है, तो वे माचागोरा बांध के गेट दोबारा खुलवाने के लिए प्रयास करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सिवनी की जनता को पानी की कमी से जूझने नहीं दिया जाएगा और सरकार से मिलकर इस संकट का समाधान निकाला जाएगा।

सिवनी और छिंदवाड़ा दोनों ही जिलों में जल संकट को रोकने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं आवश्यक हैं। केवल आपातकालीन जल आपूर्ति से समस्या का समाधान नहीं होगा। हमें वर्षा जल संचयन, तालाबों का गहरीकरण, जलदाय परियोजनाओं के समुचित क्रियान्वयन, और जनसहभागिता से ही इस संकट से बाहर निकला जा सकता है।

Operation Sindoor: भारत ने पाकिस्तान पर दागी मिसाइल, पहलगाम का बदला ले आई भारतीय सेना – Watch Video

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई — जिनमें 25 भारतीय और 1 नेपाली नागरिक शामिल थे, के बाद भारत ने बुधवार तड़के “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर जोरदार मिसाइल हमले किए।

भारत का जवाब: 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला

भारतीय सेना ने बुधवार सुबह तड़के मुरिदके और बहावलपुर समेत 9 आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल मिसाइल स्ट्राइक्स की। मुरिदके को लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ माना जाता है, वहीं बहावलपुर जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय है। भारतीय खुफिया एजेंसियों के अनुसार, ये वही आतंकी संगठन हैं जो अनंतनाग हमले के पीछे सक्रिय थे।

भारतीय सेना की कार्रवाई पूरी तरह सटीक, योजना के अनुसार, और खुफिया सूचना के आधार पर की गई। हमले में कई आतंकी शिविर तबाह कर दिए गए हैं और बड़ी संख्या में दहशतगर्द मारे गए हैं।

पाकिस्तान का जवाब: युद्ध जैसा कार्य

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,

“यह सीधा युद्ध का कार्य है। पाकिस्तान की सेना और जनता अपने दुश्मनों को जवाब देना जानती है। हम अपने देश की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।”

पाकिस्तान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (NSC) ने आपातकालीन बैठक बुलाई है और सीमावर्ती क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

ऑपरेशन सिंदूर का रणनीतिक महत्व

ऑपरेशन सिंदूर को भारत की ओर से आतंकवाद के खिलाफ एक सशक्त सैन्य संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य है —

  • आतंकियों के लॉन्च पैड्स को ध्वस्त करना
  • आतंकी गुटों की रीढ़ तोड़ना
  • पाकिस्तान को वैश्विक मंचों पर बेनकाब करना

सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह ऑपरेशन केवल एक शुरुआत है और यदि पाकिस्तान ने दोबारा ऐसी हरकत की, तो जवाब और भी कठोर होगा।

जनता और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

देशभर में लोगों ने इस ऑपरेशन का समर्थन किया है। सोशल मीडिया पर #OperationSindoor ट्रेंड कर रहा है। राजनीतिक दलों ने भी एक सुर में सेना की तारीफ की है।

भारत ने अब आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट संदेश दिया है –

“अब न कोई वार्ता, न कोई चेतावनी। केवल कार्रवाई!”

ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में ऐतिहासिक मोड़ है। यह दिखाता है कि भारत अब हर आतंकवादी हमले का जवाब न केवल सीमा पर, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देगा।

सिवनी में CSC संचालकों की एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न, डिजिटल भारत की दिशा में एक और कदम

सिवनी: मंगलवार, 06 मई 2025 को जिला पंचायत कार्यालय में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालकों की एक दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत सरकारी योजनाओं और जनहितैषी सेवाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

इस कार्यशाला का उद्देश्य सीएससी संचालकों (VLEs) को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक प्रभावी बनाना तथा ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का समुचित वितरण सुनिश्चित करना था।

कार्यशाला की शुरुआत जिला प्रबंधक श्री शिवांशु जंघेला के मार्गदर्शन में की गई, जिन्होंने बताया कि यह आयोजन जिले में सीएससी सेवाओं के विस्तार और संचालकों के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक है। इस अवसर पर जिले के 80 से अधिक सीएससी संचालकों ने भाग लिया।

सीएससी राज्य प्रबंधक श्री तुलेश डहरवालसीएससी राज्य प्रमुख श्री अतुलित राय का स्वागत करते हुए

मुख्य वक्ताओं की उपस्थिति और प्रेरणादायक मार्गदर्शन

इस कार्यशाला में अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञों एवं अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिनमें शामिल रहे:

  • सीएससी राज्य प्रमुख श्री अतुलित राय
  • राज्य प्रबंधक श्री तुलेश डहरवाल
  • सीएससी राज्य टीम से श्री रवि
  • आवास हाउसिंग फाइनेंस से श्री विवेक सोनी
  • SBI लाइफ इन्श्योरेंस से श्री रुपेश पटवा
  • महिंद्रा फाइनेंस से श्रीमती विजया गाबाने
  • HDFC एरिया मैनेजर

सभी विशेषज्ञों ने सीएससी केंद्रों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं पर विस्तार से चर्चा की और संचालकों को स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य वक्ताओं की उपस्थिति और प्रेरणादायक मार्गदर्शन

इस कार्यशाला में अनेक प्रतिष्ठित विशेषज्ञों एवं अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिनमें शामिल रहे: उक्त कार्यशाला में सीएससी राज्य प्रमुख श्री अतुलित राय सर, राज्य प्रबंधक श्री तुलेश डहरवाल सर , राज्य टीम से श्री रवि सर, आवास हाऊसिंग फाइनेंस से श्री विवेक सोनी, SBI लाइफ इन्सुरेंस से श्री रुपेश पटवा, महिंद्रा फाइनेंस से श्रीमती विजया गाबाने, HDFC एरिया मैनेजर उपस्थित रहे। CSC जिला प्रबंधक श्री शिवांशु जंघेला द्वारा बताया गया कि उक्त कार्यशाला मे जिले भर से 80 CSC संचालक ने भाग लिया, कार्यक्रम के अंत में अच्छा कार्य करने वाले वीएलई को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया

सभी विशेषज्ञों ने सीएससी केंद्रों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं पर विस्तार से चर्चा की और संचालकों को स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया।

SEONI में CSC संचालकों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

सीएससी के माध्यम से मिलने वाली प्रमुख सेवाएं

संचालकों को यह बताया गया कि वे अपने कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से निम्नलिखित महत्वपूर्ण सेवाएं आम जनता को उपलब्ध करा सकते हैं: सीएससी संचालकों को सीएससी के माध्यम से संचालित केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की संपूर्ण जानकारी प्रदान की गई, साथ ही सीएससी के माध्यम से अन्य जनहितैषी सुविधाएं जैसे- आयुष्मान कार्ड बिजली बिल, लोन बाजार, डिजीपे आधार कार्ड, बैंकिंग सेवाएं, बीमा सेवाएं, टेली लॉ सर्विस, डिजीपे सर्विस, ग्रामीण ई स्टोर, फार्मर रजिस्ट्री, ई केवाईसी आदि प्रकार की संचालित सेवाओं की संपूर्ण जानकारी एवं कार्य विधि के बारे में बताया गया।

अच्छे कार्य करने वाले वीएलई को सम्मानित किया गया

कार्यक्रम के अंत में अच्छे प्रदर्शन करने वाले सीएससी संचालकों (VLEs) को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य संचालकों को भी प्रेरणा प्राप्त हुई। यह प्रमाणपत्र सेवा में उत्कृष्टता का प्रतीक बनकर उनकी मेहनत का सम्मान बना।

डिजिटल भारत की ओर सिवनी का सशक्त कदम

यह कार्यशाला सिवनी जिले में डिजिटल सेवाओं के विस्तार एवं सीएससी केंद्रों की मजबूती की दिशा में एक मजबूत पहल सिद्ध हुई है। इससे न केवल संचालकों का उत्साहवर्धन हुआ, बल्कि आम जनता को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हुआ है।

सिवनी: रात के अंधेरे में किसकी अनुमति से घूम रहे ड्रोन? सिवनी में ड्रोन उड़ानों से उपजे गंभीर सवाल

सिवनी शहर की शांति और सुरक्षा पर इन दिनों एक नया और गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है — रात के अंधेरे में उड़ते ड्रोन, जिनकी अनुमति और निगरानी का कोई स्पष्ट विवरण अब तक सामने नहीं आया है। शहरवासियों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिरकार ये ड्रोन कौन उड़ा रहा है और इनकी कानूनी मान्यता कहां से प्राप्त हुई है।

भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन उड़ान से बढ़ी चिंता

हर रात सिवनी के अलग-अलग क्षेत्रों, विशेषकर घनी आबादी वाली कॉलोनियों, बाज़ार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों के ऊपर ड्रोन कैमरे उड़ते देखे जा रहे हैं। इन ड्रोन की गतिविधियाँ न केवल गोपनीयता का उल्लंघन कर रही हैं, बल्कि यह भी संकेत दे रही हैं कि स्थानीय प्रशासन या तो जानकारी से अनभिज्ञ है या फिर चुप्पी साधे बैठा है। नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया पर डाले गए वीडियो और फोटोज़ इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह समस्या लगातार बढ़ रही है।

प्रशासन की चुप्पी और पुलिस की निष्क्रियता

शहर की कानून व्यवस्था पर यह एक बड़ा प्रश्न बन चुका है कि न कोई अधिकारी बयान दे रहा है, न ही कोई जाँच शुरू हुई हैपुलिस प्रशासन द्वारा इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि इन ड्रोन उड़ानों की अनुमति किसके पास है और ये किस उद्देश्य से संचालित किए जा रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासी नीलिमा ठाकुर ने कहा, “शहर के बीचों-बीच रात में ड्रोन उड़ना एक सुरक्षा चूक की तरह है। क्या किसी को भी सुरक्षा तंत्र से खेलने की अनुमति मिल गई है?” वहीं पंकज वर्मा का कहना है, “हर रात ड्रोन उड़ते हैं लेकिन पुलिस या प्रशासन की तरफ से कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा। आखिर ये उड़ानें हो कैसे रही हैं?”

क्या है ड्रोन उड़ाने का कानूनी प्रावधान?

भारत में ड्रोन उड़ाने के लिए DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है, विशेषकर नगरीय या घनी आबादी वाले क्षेत्रों में। ड्रोन संचालन के लिए यह आवश्यक है कि:

  • ड्रोन का पंजीकरण किया गया हो
  • उड़ान क्षेत्र की अनुमति हो
  • उड़ान से पहले स्थानीय पुलिस को सूचना दी जाए
  • नाइट ऑपरेशंस की विशिष्ट अनुमति हो

इन शर्तों के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें जुर्माना, जब्ती और जेल की सज़ा तक का प्रावधान है।

क्या कोई साजिश है इन ड्रोन उड़ानों के पीछे?

जब प्रशासन संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा और पुलिस की ओर से कोई जाँच नहीं की जा रही, तो यह आशंका उठना लाजमी है कि यह सब किसी निजी संस्था, जासूसी एजेंसी, या किसी साजिश के तहत किया जा रहा है। गोपनीय सूचनाएं लीक करने, निजी जीवन में हस्तक्षेप, या किसी प्रकार की आपराधिक योजना का यह हिस्सा भी हो सकता है।

गोपनीयता और सुरक्षा पर बड़ा खतरा

नागरिकों की गोपनीयता को लेकर भी बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है। यदि ड्रोन बिना अनुमति के रिहायशी इलाकों में उड़ान भर रहे हैं, तो यह सीधा गोपनीयता उल्लंघन है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, रात के समय गतिविधियों की निगरानी और वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे तत्व इस खतरे को और भी गंभीर बना देते हैं।

ड्रोन उड़ानों की तुरंत जांच की आवश्यकता

हम मांग करते हैं कि सिवनी जिला प्रशासन को तुरंत एक जाँच कमेटी गठित करनी चाहिए जो:

  • सभी संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों की जांच करे
  • किन संगठनों या व्यक्तियों ने ड्रोन उड़ाए हैं, इसका विवरण सार्वजनिक करे
  • दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे
  • जनता को स्पष्ट सूचना दे कि वे इस तरह की घटनाओं में कैसे सतर्क रहें

जनता की भूमिका और सतर्कता जरूरी

जब तक प्रशासन और पुलिस अपनी भूमिका निभाते नहीं दिखते, तब तक जनता की सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। नागरिकों को चाहिए कि वे:

  • ऐसे ड्रोन दिखने पर तुरंत वीडियो रिकॉर्डिंग करें
  • 112 या स्थानीय पुलिस को सूचित करें
  • किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को गंभीरता से लें

क्या प्रशासन को किसी अनहोनी का इंतजार है?

यह सवाल अब हर नागरिक के मन में उठ रहा है कि क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई अनहोनी घटना घटेगी? शहर के बीचों-बीच उड़ते ड्रोन केवल एक तकनीकी खिलौना नहीं, बल्कि एक संभावित खतरे की चेतावनी हैं। क्या सिवनी जिला प्रशासन सुरक्षा नीति में ढील दे रहा है या फिर इसे नजरअंदाज कर रहा है?

पारदर्शिता और सख्ती दोनों की ज़रूरत

आज जब तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है, उसी अनुपात में सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन भी अनिवार्य हो गया है। बिना अनुमति ड्रोन उड़ानें न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और गोपनीयता पर प्रत्यक्ष खतरा हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह इस पूरे मामले में पारदर्शिता, कठोरता और जनजागरूकता के साथ कार्य करे।