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HOSTEL KAAND वाली नेहा सिंह राठौर पर FIR दर्ज: PM नरेंद्र मोदी को ‘जनरल डायर’ कहने का आरोप

वाराणसी से आई एक बड़ी खबर के मुताबिक, कथित होस्टल काण्ड से जाने जानी वाली यूट्यूबर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र में श्री हनुमान सेना नामक सामाजिक संगठन की शिकायत पर दर्ज हुआ है। इस लेख में हम इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी देंगे, साथ ही इससे जुड़े कानूनी पक्ष, राजनीतिक प्रतिक्रिया और पूर्व घटनाओं का भी उल्लेख करेंगे।

शिकायत के अनुसार, नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “कायर” और “जनरल डायर” कहा, जिसे अत्यंत आपत्तिजनक माना गया है। यह पोस्ट देश विरोधी भावना और जातिगत विद्वेष फैलाने की आशंका के तहत दर्ज की गई है।

एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) की धारा 197 (1)(a), 197 (1)(d) और 353(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं विशेष रूप से सरकारी अधिकारियों के खिलाफ असम्मानजनक व्यवहार, सार्वजनिक सेवा में बाधा, और सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने से संबंधित हैं।

शिकायतकर्ता कौन हैं और उनकी मांग क्या है

यह मामला श्री हनुमान सेना के अध्यक्ष द्वारा दर्ज कराया गया है। उनकी शिकायत है कि नेहा सिंह राठौर की सोशल मीडिया पोस्ट न केवल प्रधानमंत्री का अपमान करती है, बल्कि इससे सामाजिक शांति भंग हो सकती है। उन्होंने त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि इस तरह की भड़काऊ पोस्टों पर नियंत्रण लगाया जा सके।

वाराणसी के अलावा अन्य स्थानों पर भी शिकायतें

केवल वाराणसी ही नहीं, बल्कि काशी के विभिन्न थाना क्षेत्रों में भी नेहा सिंह राठौर के खिलाफ अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। ये सभी शिकायतें इसी प्रकार के आरोपों पर आधारित हैं कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया और इससे जनता की भावनाएं आहत हुई हैं।

पहले भी विवादों में रह चुकी हैं नेहा सिंह राठौर

यह पहली बार नहीं है जब नेहा सिंह राठौर किसी कानूनी विवाद में फंसी हैं। अप्रैल महीने में भी हजरतगंज थाना, लखनऊ में उनके खिलाफ एक गंभीर मामला दर्ज किया गया था। उस समय का मामला पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ा था, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर सरकार पर धार्मिक और जातिगत राजनीति करने का आरोप लगाया था।

उनका बयान था:

“पुलवामा की तरह पहलगाम का भी इस्तेमाल वोट बटोरने के लिए किया जाएगा।”

इस बयान पर कवि अभय प्रताप सिंह ने हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि नेहा सिंह राठौर के ऐसे बयान देश विरोधी हैं और इससे सांप्रदायिक सौहार्द को ठेस पहुंचती है।

नेहा सिंह राठौर की पहचान और उनके विचार

नेहा सिंह राठौर एक लोकगायिका, कवयित्री और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट के रूप में जानी जाती हैं। उनके द्वारा बनाए गए कई गाने और वीडियो सरकारी नीतियों और सामाजिक मुद्दों पर व्यंग्य करते हैं। उन्हें एक विवादास्पद हस्ती माना जाता है, जो लगातार सत्ता पक्ष के खिलाफ खुलकर बोलती हैं।

उनके समर्थक उन्हें सच्चाई की आवाज़ कहते हैं, वहीं विरोधी उन्हें साजिशकर्ता और भ्रामक प्रचारक कहते हैं। इस बार का मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि इसमें देश के प्रधानमंत्री पर सीधा निशाना साधा गया है।

कानूनी विश्लेषण: BNS की धाराएं क्या कहती हैं

इस मामले में जिन धाराओं का इस्तेमाल किया गया है, वे निम्नलिखित हैं:

  • धारा 197 (1)(a) – सरकारी अधिकारी के प्रति अपमानजनक वक्तव्य।
  • धारा 197 (1)(d) – जानबूझकर सार्वजनिक भावनाएं भड़काने का प्रयास।
  • धारा 353(2) – सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करना।

इन धाराओं के तहत कड़ी सज़ा का प्रावधान है और यदि दोष सिद्ध होता है, तो नेहा सिंह राठौर को लंबी अवधि तक जेल हो सकती है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और जनभावना

इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। बीजेपी समर्थक इसे देश के प्रधानमंत्री का अपमान मानते हैं, वहीं विपक्षी दलों के कुछ नेता इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला कह रहे हैं।

सोशल मीडिया पर दो वर्ग बन गए हैं – एक वर्ग नेहा के समर्थन में है तो दूसरा उनके खिलाफ। #IStandWithNeha और #ArrestNehaSinghRathore जैसे ट्रेंड्स ट्विटर पर छाए हुए हैं।

सोशल मीडिया पर प्रभाव और यूजर्स की प्रतिक्रिया

नेहा सिंह राठौर की सोशल मीडिया उपस्थिति काफी मजबूत है। उनके यूट्यूब चैनल और ट्विटर पर लाखों फॉलोवर्स हैं। उनकी हर पोस्ट पर हजारों की संख्या में प्रतिक्रियाएं आती हैं। यह मामला भी इंटरनेट पर वायरल हो गया है और इससे जुड़ी क्लिप्स तेजी से शेयर की जा रही हैं।

क्या कहती हैं नेहा सिंह राठौर

अब तक नेहा सिंह राठौर की तरफ से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, उनके कुछ समर्थकों ने दावा किया है कि नेहा ने जो भी कहा वह व्यंग्यात्मक शैली में था और उसका उद्देश्य किसी को अपमानित करना नहीं था।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम देशहित

यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाएं तय होनी चाहिए? जब कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर जनता के प्रतिनिधियों के खिलाफ तीखी टिप्पणी करता है, तो वह सत्य की आवाज़ है या विघटनकारी सोच?

नेहा सिंह राठौर का मामला भारत में सार्वजनिक अभिव्यक्ति और कानून की सीमाओं के बीच के संघर्ष को उजागर करता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस कानूनी लड़ाई का अंत किस रूप में होता है।

2025 में धमाका मचाने वाली Kia Clavis EV, Maruti e Vitara के साथ TOP 5 इलेक्ट्रिक कार

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य 2025 में एक नया मोड़ लेने जा रहा है। जैसे-जैसे सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दे रही है, वैसे-वैसे कार निर्माता कंपनियां भी अपने ईवी पोर्टफोलियो को मजबूत कर रही हैं। Tata Motors, Mahindra, Hyundai, MG, और Kia जैसी कंपनियों ने पहले ही बाज़ार में अपनी पकड़ बना ली है। अब Maruti Suzuki भी अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार e Vitara के साथ इस दौड़ में उतरने जा रही है।

2025 में जिन प्रमुख इलेक्ट्रिक कारों का लॉन्च होना तय है, वे न केवल रेंज के मामले में दमदार होंगी बल्कि टेक्नोलॉजी, डिजाइन और फीचर्स के मामले में भी बेहद उन्नत होंगी। आइए जानते हैं 2025 में भारत में लॉन्च होने वाली टॉप इलेक्ट्रिक कारों के बारे में।

Tata Harrier EV – टाटा की पावरफुल एसयूवी का इलेक्ट्रिक अवतार

  • लॉन्च डेट: 3 जून 2025
  • रेंज: 500+ किलोमीटर (अपेक्षित)

Tata Harrier EV का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था और अब इसकी लॉन्च डेट तय हो चुकी है। यह इलेक्ट्रिक SUV मौजूदा ICE Harrier की तुलना में अधिक तकनीकी सुविधाओं और पावर के साथ आएगी। इसमें Tata की Gen 2 EV आर्किटेक्चर का इस्तेमाल किया गया है जिससे इसकी परफॉर्मेंस और रेंज में सुधार होगा।

Tata Harrier EV के मुख्य फीचर्स:

  • ADAS (Advanced Driver Assistance Systems)
  • Panoramic Sunroof
  • Fast Charging सपोर्ट
  • Connected Car टेक्नोलॉजी
  • डुअल मोटर ऑल-व्हील ड्राइव ऑप्शन

Kia Clavis EV – स्टाइलिश डिज़ाइन और दमदार रेंज का कॉम्बिनेशन

  • रेंज: 400–500 किलोमीटर (अनुमानित)
  • लॉन्च: 2025 के मध्य तक

Kia Clavis का ICE वर्जन पहले ही लॉन्च हो चुका है और अब कंपनी इसका इलेक्ट्रिक वर्जन लाने की तैयारी कर रही है। यह कॉम्पैक्ट एसयूवी शहरी ग्राहकों के लिए आदर्श विकल्प बन सकती है। किआ की ओर से यह एक प्रीमियम ईवी होने वाली है जिसमें डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और एडवांस इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलने की उम्मीद है।

Kia Clavis EV के मुख्य फीचर्स:

  • किआ की सिग्नेचर Tiger Nose ग्रिल
  • LED हेडलैंप्स और DRLs
  • रियर डिस्क ब्रेक
  • वायरलेस चार्जिंग
  • OTA अपडेट्स सपोर्ट

Mahindra XUV 3X0 EV – सबसे किफायती इलेक्ट्रिक SUV

  • रेंज: 456 किलोमीटर तक
  • लॉन्च: 2025 के अंत तक

Mahindra XUV 3X0 EV, XUV400 का इलेक्ट्रिक उत्तराधिकारी होगा। यह कंपनी की सबसे सस्ती ईवी होगी लेकिन फीचर्स और परफॉर्मेंस में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसे Born EV Platform पर नहीं बल्कि मौजूदा प्लेटफॉर्म पर आधारित रखा जाएगा ताकि लागत कम रहे।

Mahindra XUV 3X0 EV के मुख्य फीचर्स:

  • रीजेनरेटिव ब्रेकिंग
  • 10.25-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम
  • डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर
  • लेवल-2 ADAS फीचर्स
  • 50kW DC फास्ट चार्जिंग

Maruti Suzuki e Vitara – मारुति की पहली इलेक्ट्रिक SUV

  • लॉन्च: सितंबर 2025
  • बैटरी ऑप्शन: 48.8kWh और 61.1kWh

भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki भी अब EV सेगमेंट में कदम रखने जा रही है। e Vitara को Bharat Mobility Global Expo 2024 में पहली बार शोकेस किया गया था। यह गाड़ी भारत में कंपनी की पहली मास-मार्केट EV होगी।

Maruti Suzuki e Vitara में उपलब्ध बैटरी वैरिएंट्स:

  • 48.8kWh बैटरी पैक – रेंज लगभग 400 km
  • 61.1kWh बैटरी पैक – रेंज 550 km तक

Maruti Suzuki e Vitara के मुख्य फीचर्स:

  • ऑल-इलेक्ट्रिक आर्किटेक्चर
  • इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल
  • ड्यूल-टोन एक्सटीरियर डिजाइन
  • रियर पार्किंग कैमरा
  • वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay सपोर्ट

Hyundai Creta EV – भारत में ह्युंडई की सबसे प्रतीक्षित EV

  • लॉन्च: दिवाली 2025
  • रेंज: 450 किलोमीटर तक

Hyundai Creta EV भारत में कंपनी की सबसे बड़ी हिट ICE SUV का इलेक्ट्रिक वर्जन होगा। इस EV में E-GMP प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा जिससे इसकी ड्राइविंग डायनामिक्स और सेफ्टी में जबरदस्त सुधार मिलेगा। इसकी कीमत ₹15 लाख से ₹20 लाख के बीच रहने की उम्मीद है।

Hyundai Creta EV के मुख्य फीचर्स:

  • ADAS फीचर्स (लेन असिस्ट, ऑटो ब्रेकिंग आदि)
  • वेंटिलेटेड सीट्स
  • वायरलेस चार्जिंग
  • फुली डिजिटल डिस्प्ले क्लस्टर
  • ब्लूलिंक कनेक्टिविटी

MG Cloud EV – स्टाइल और टेक्नोलॉजी का बेहतरीन मेल

  • लॉन्च: जुलाई 2025
  • रेंज: 460 किलोमीटर तक

MG Motor अपनी अगली इलेक्ट्रिक कार “Cloud EV” को भारत में लॉन्च करने वाली है। यह एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक हैचबैक होगी जो खासतौर पर युवाओं और शहरी ग्राहकों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। इसमें स्मार्ट AI फीचर्स और क्लाउड-बेस्ड कनेक्टिविटी दी जाएगी।

MG Cloud EV के मुख्य फीचर्स:

  • AI वॉयस असिस्टेंट
  • ऑटोमेटिक हेडलैंप्स और वाइपर्स
  • रियल-टाइम बैटरी मैनेजमेंट
  • रिमोट स्टार्ट/स्टॉप
  • सिंगल पेडल ड्राइविंग

इलेक्ट्रिक कारें क्यों बन रही हैं पहली पसंद?

2025 में भारत का EV मार्केट सिर्फ विस्तार नहीं कर रहा, बल्कि तेजी से मेच्योर हो रहा है। निम्नलिखित कारण हैं कि क्यों ग्राहक अब इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख कर रहे हैं:

  • कम ऑपरेशनल कॉस्ट – पेट्रोल/डीजल की तुलना में चार्जिंग सस्ती पड़ती है।
  • सरकारी सब्सिडी – FAME-II जैसी योजनाओं के तहत सब्सिडी दी जा रही है।
  • ज्यादा ड्राइविंग रेंज – नई टेक्नोलॉजी से अब 400+ km की रेंज आम हो गई है।
  • एनवायरनमेंट-फ्रेंडली – कार्बन उत्सर्जन न के बराबर होता है।

2025 में इलेक्ट्रिक कारों की क्रांति

2025 भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगा। Tata से लेकर Maruti और Mahindra से लेकर Kia तक, हर कंपनी अपनी नई इलेक्ट्रिक कारों के साथ तैयार है। यदि आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 2025 की ये आगामी इलेक्ट्रिक कारें निश्चित रूप से आपके लिए उपयुक्त विकल्प हो सकती हैं। चाहे आपको लंबी रेंज चाहिए, एडवांस टेक्नोलॉजी, या किफायती विकल्प — इस साल सब कुछ मिलेगा।

MP WEATHER ALERT: मध्य प्रदेश में इन 40 जिलों में भीषण गर्मी के साथ दिखेगा बारिश का संगम

MP WEATHER ALERT: मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी और बारिश का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। एक ओर तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में आंधी और बारिश का कहर भी जारी है। मौसम में इस अचानक बदलाव ने लोगों की दिनचर्या पर गहरा असर डाला है। आइए जानते हैं, राज्य के प्रमुख जिलों में क्या स्थिति बनी हुई है और मौसम विभाग की क्या चेतावनी है।

मौसम विभाग का अलर्ट – आज भी बारिश और आंधी का असर: मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 40 से अधिक जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। इन जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

अलर्ट जिलों की सूची: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच।

खजुराहो में पारा 46 डिग्री, नौगांव और टीकमगढ़ में भी गर्मी का कहर

मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है।
छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो कि इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है।
नौगांव में 44.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 44.6 डिग्री और शिवपुरी में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

अन्य प्रमुख तापमान इस प्रकार रहे:

  • सतना: 43.2 डिग्री
  • ग्वालियर: 43.1 डिग्री
  • दमोह: 43.0 डिग्री
  • सीधी: 42.8 डिग्री
  • गुना: 42.7 डिग्री
  • सागर: 41.7 डिग्री
  • रीवा: 41.4 डिग्री
  • मंडला: 41.0 डिग्री
  • शाजापुर: 40.8 डिग्री
  • उमरिया: 40.5 डिग्री
  • रतलाम: 40.4 डिग्री
  • नर्मदापुरम: 40.2 डिग्री

तेज आंधी और बारिश ने कई जिलों में मचाई तबाही

जहां एक ओर गर्मी का पारा चढ़ा हुआ है, वहीं प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश का सिलसिला भी जारी है। सोमवार को इंदौर, भोपाल, देवास, दमोह, गुना, रायसेन, बड़वानी, रतलाम, बीना जैसे शहरों में बारिश और आंधी ने दस्तक दी।

सीधी में 1.25 इंच बारिश हुई, जबकि शिवपुरी में आधा इंच पानी गिरा।
बड़वानी के सेंधवा ब्लॉक में तेज आंधी से कच्चे मकानों की छतें उड़ गईं, मंदिरों में लगी गुमटियां भी हवा में उड़ गईं।
एक मकान की दीवार गिरने की खबर भी सामने आई है।

महू (इंदौर) में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि घरों की टिनें उड़ गईं और कई इलाकों में पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं।

मौसम विभाग का अलर्ट – आज भी बारिश और आंधी का असर

मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 40 से अधिक जिलों के लिए चेतावनी जारी की है।
इन जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

अलर्ट जिलों की सूची:

भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, दमोह, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच।

बड़े शहरों में गर्मी का स्तर

मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी गर्मी ने अपने रिकॉर्ड तोड़े हैं। कुछ प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा:

  • भोपाल: 40.2 डिग्री
  • इंदौर: 38.6 डिग्री
  • उज्जैन: 40.5 डिग्री
  • जबलपुर: 40.7 डिग्री

इन शहरों में तेज धूप के साथ उमस और गर्म हवा का प्रकोप भी जारी रहा। सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही पर असर पड़ा है।

साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन की सक्रियता का असर

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ लाइन की एक्टिविटी जारी है।
इन्हीं कारणों से आगामी कुछ दिनों तक आंधी और बारिश का दौर बना रहेगा।
यह सिस्टम दक्षिण-पूर्वी और मध्य क्षेत्रों से होते हुए उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, जिससे पूर्वी मध्य प्रदेश के साथ-साथ पश्चिमी हिस्सों में भी असर देखा जाएगा।

MP के शिक्षकों के लिए खुशखबरी: राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित

सिवनी। राज्य के शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन की समयावधि में वृद्धि की गई है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी, सिवनी द्वारा जानकारी दी गई है कि लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा शिक्षक पुरस्कार हेतु आवेदन की निर्धारित तिथि में 15 दिनों की वृद्धि की गई है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अब शिक्षक राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए विमर्श पोर्टल के माध्यम से 15 अप्रैल से 30 मई 2025 तक ऑनलाइन आवेदन, नामांकन एवं शिक्षक द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों तथा पिछले पाँच वर्षों के परीक्षा परिणामों को अपलोड कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि यह निर्णय उन शिक्षकों के लिए राहत भरा है जो अब तक आवेदन नहीं कर सके थे। साथ ही, उन्होंने जिले के समस्त संकुल प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि वे ऐसे शिक्षक/शिक्षिकाएं, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्य किए हैं, उन्हें इस संशोधित तिथि की जानकारी दें और निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने के लिए प्रेरित करें।

यह पुरस्कार उन शिक्षकों को मान्यता देता है, जिन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, नवाचार, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। ऐसे में योग्य शिक्षक इस अवसर का लाभ उठाकर अपने कार्यों को राज्य स्तर पर प्रस्तुत कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां:

  • आवेदन प्रारंभ तिथि: 15 अप्रैल 2025
  • आवेदन की अंतिम तिथि (संशोधित): 30 मई 2025

आवेदन माध्यम: विमर्श पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन।

शिक्षकों को समय सीमा का ध्यान रखते हुए सभी आवश्यक दस्तावेजों एवं सूचनाओं के साथ आवेदन पूर्ण करने की सलाह दी जाती है।

राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार न केवल शिक्षकों को सम्मानित करता है, बल्कि अन्य शिक्षकों को भी प्रेरित करता है कि वे शैक्षिक गुणवत्ता और नवाचार की दिशा में उत्कृष्टता प्राप्त करें

MP के अतिथि शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर: EKYC में सुधार कार्य शुरू, वेरिफिकेशन की डेट बढ़ी

मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। शिक्षा विभाग द्वारा GFMS पोर्टल पर अतिथि शिक्षकों के आवेदन, दस्तावेज़ सत्यापन, तथा ई-केवाईसी प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियों में वृद्धि की गई है। यदि आप भी अतिथि शिक्षक के रूप में आवेदन कर रहे हैं, तो इस विस्तृत लेख में दी गई जानकारी आपके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

MP के अतिथि शिक्षकों के राहत भरी खबर: EKYC में सुधार कार्य शुरू, वेरिफिकेशन की डेट बढ़ी- GFMS पोर्टल के माध्यम से अतिथि शिक्षक पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाया गया है। यदि आप इस प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं, तो उपरोक्त सभी तिथियों एवं निर्देशों का ध्यानपूर्वक पालन करें। अंतिम समय की जल्दबाजी से बचने हेतु सभी कार्य समय रहते पूर्ण करें

GFMS पोर्टल क्या है?

GFMS (Guest Faculty Management System) मध्यप्रदेश सरकार का एक ऑनलाइन पोर्टल है, जिसके माध्यम से प्रदेशभर में अतिथि शिक्षकों के पंजीकरण, दस्तावेज़ अपलोड, ई-केवाईसी सत्यापन, एवं प्राचार्य द्वारा सत्यापन कार्य को डिजिटल रूप से निष्पादित किया जाता है।

ई-केवाईसी अनलॉक और प्रोफाइल लॉक – अंतिम तिथि 23 मई 2025

कई बार आवेदकों की जानकारी में त्रुटियाँ रह जाती हैं, जैसे – नाम की स्पेलिंग, जन्म तिथि, या दस्तावेज़ मेल नहीं खाना। ऐसे में आवेदक को ई-केवाईसी अनलॉक कर अपनी जानकारी अपडेट करने की सुविधा दी गई है।

🔸 प्रक्रिया:

  1. GFMS पोर्टल पर लॉगिन करें।
  2. “Unlock e-KYC” विकल्प चुनें।
  3. आवश्यक सुधार करें।
  4. अपनी प्रोफाइल पुनः लॉक करें।
  5. संकुल प्राचार्य से दस्तावेज़ सत्यापन पुनः करवाएं।

संकुल प्राचार्य द्वारा सत्यापन कार्य – अंतिम तिथि 24 मई 2025

आवेदकों द्वारा दर्ज की गई जानकारी एवं अपलोड दस्तावेज़ों का सत्यापन संबंधित संकुल प्राचार्य द्वारा किया जाएगा। यह सत्यापन प्रक्रिया 24 मई 2025 तक पूरी कर ली जानी चाहिए।

🔹 प्राचार्य द्वारा सत्यापित किए जाने वाले मुख्य बिंदु:

  • दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता
  • E-KYC की पुष्टि
  • शैक्षणिक योग्यता की वैधता
  • आवेदन की पूर्णता

मोबाइल नंबर परिवर्तन की सुविधा – अंतिम तिथि 23 मई 2025

कई आवेदकों के पुराने मोबाइल नंबर अब चालू नहीं हैं, जिससे OTP प्राप्त करने और सूचना प्राप्त करने में समस्या हो रही है। ऐसे में, GFMS पोर्टल पर मोबाइल नंबर बदलने की सुविधा दी गई है, जिसकी अंतिम तिथि 23 मई 2025 है।

🔸 मोबाइल नंबर बदलने की प्रक्रिया:

  1. पोर्टल पर लॉगिन करें।
  2. प्रोफाइल सेक्शन में जाएं।
  3. “Update Mobile Number” विकल्प पर क्लिक करें।
  4. नया मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP के माध्यम से सत्यापन करें।

महत्वपूर्ण तिथियों – GFMS LAST DATE

प्रक्रियाअंतिम तिथि
दस्तावेज़ अपलोड23 मई 2025
ई-केवाईसी अनलॉक/प्रोफाइल लॉक23 मई 2025
मोबाइल नंबर परिवर्तन23 मई 2025
संकुल प्राचार्य द्वारा सत्यापन24 मई 2025

बरघाट में शासकीय ज़मीन की लूट! भूमाफिया करोड़ों का खेल रहे खेल, प्रशासन बना दर्शक

धारनाकला (बरघाट), जिला सिवनी | बरघाट विकासखंड के अंतर्गत धारनाकला गांव में शासकीय जमीन की आड़ में चल रहा भू-माफियाओं का लंबा खेल अब एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मुद्दा बन चुका है। जहां एक ओर भूमाफिया शासकीय जमीन से सटी खेतिहर ज़मीन को खरीद कर कृत्रिम भाववृद्धि कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजस्व विभाग को करोड़ों की चपत लगाई जा रही है।

इस खेल में स्टाम्प ड्यूटी की चोरी, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और अनधिकृत क्रय-विक्रय जैसे कई गंभीर अपराध खुलेआम हो रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि प्रशासन और राजस्व अमला चुप्पी साधे बैठा है।

शासकीय जमीन के नाम पर महंगी ज़मीन बेचकर लाखों की कमाई

सूत्रों के अनुसार, सिवनी-बालाघाट रोड से लगी धारनाकला की शासकीय ज़मीन से सटी खेतिहर ज़मीन को भूमाफियाओं द्वारा करोड़ों के दामों में खरीदा और बेचा जा रहा है। इन जमीनों की कीमत चार करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गई है, जो कि आम ग्रामीण या जरूरतमंद किसान के लिए पूरी तरह से असंभव बन गया है।

इन भूमाफियाओं द्वारा शासकीय ज़मीन को यह कहकर बेचा जा रहा है कि “यह जमीन तो वैसे भी मुफ्त में साथ में मिल रही है”, जिससे निजी ज़मीन के साथ शासकीय भूमि भी गुपचुप तरीके से हड़प ली जा रही है।

स्टाम्प ड्यूटी की चोरी, राजस्व विभाग को लाखों का नुकसान

धारनाकला में जो ज़मीनें बेची जा रही हैं, उनमें से अधिकांश पर स्टाम्प ड्यूटी केवल खेतिहर जमीन के नाम पर अदा की जा रही है, जबकि वास्तविक उपयोग और क्षेत्रफल अधिक है। यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो तो साफ हो जाएगा कि किस प्रकार से राजस्व विभाग को लगातार भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

ग्राम पंचायत और जनप्रतिनिधियों का प्रयास सराहनीय

ग्राम पंचायत घीसी के सरपंच ने खसरा नंबर 354 की शासकीय ज़मीन का सीमांकन कराने के लिए तहसीलदार बरघाट को आवेदन प्रस्तुत किया है। इस भूमि का रकबा 0.24 हेक्टेयर है और पंचायत यहां पर सुगम कॉम्प्लेक्स के निर्माण की योजना बना रही है।

जनपद सदस्य ने भी सरपंच के प्रयास की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि इस परिसर के बनने से क्षेत्र के गरीबों को रोजगार भी मिलेगा।

जनपद पंचायत की जमीन भी असुरक्षित, अतिक्रमण जारी

सिवनी-बालाघाट रोड से सटी जनपद पंचायत बरघाट की कीमती शासकीय ज़मीन भी अब तक सुरक्षित नहीं हो सकी है। रिकॉर्ड में यह ज़मीन पूर्व में जनपद सभा सिवनी के नाम दर्ज थी, जिसे बाद में जनपद पंचायत बरघाट के नाम कर दिया गया। लेकिन कई बार सीमांकन और नापजोख होने के बावजूद भी अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया सिर्फ नोटिस तक सीमित रह गई है।

इस जमीन की कीमत अब 5 से 6 हजार रुपये प्रति वर्गफुट तक पहुंच गई है, फिर भी प्रशासन की निष्क्रियता चौंकाने वाली है।

प्रशासन की ढील बनी भू-माफियाओं के लिए वरदान

यह सबसे बड़ा सवाल है कि जब शासकीय ज़मीन के चारों ओर भूमाफिया लाखों-करोड़ों का खेल खेल रहे हैं, तो प्रशासन इसे सुरक्षित करने के प्रयास क्यों नहीं कर रहा है?

इन जमीनों पर सुगम कॉम्प्लेक्स, सरकारी स्कूल, हेल्थ सेंटर जैसे कई उपयोगी निर्माण संभव हैं, लेकिन प्रशासनिक अनदेखी ने भू-माफियाओं को खुली छूट दे दी है।

क्या जिला प्रशासन जागेगा?

धारनाकला में भूमाफियाओं द्वारा शासकीय जमीन पर किए जा रहे खेल से न केवल शासन को आर्थिक क्षति हो रही है बल्कि गरीब जनता को भी जमीन के अधिकार से वंचित किया जा रहा है।

अब समय आ गया है कि जिला प्रशासन, विशेषकर जिला कलेक्टर, इस मामले में संवेदनशीलता दिखाएं और शासकीय जमीन की सुरक्षा के लिए ठोस और त्वरित कार्रवाई करें। साथ ही, राजस्व विभाग द्वारा निष्पक्ष जांच की जाए ताकि भूमाफियाओं के इस बड़े नेटवर्क को उजागर किया जा सके।

भ्रष्टाचार का गेटवे ऑफ़ छपारा: बिना पार्षदों की जानकारी के किया गया लाखों का भुगतान, अध्यक्ष बनीं मौन दर्शक

छपारा (सिवनी)। भाजपा शासित छपारा नगर परिषद में भ्रष्टाचार की एक और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। नगर की सीमाओं पर बनाए गए स्वागत द्वारों का निर्माण बिना पार्षदों की सहमति और सभापतियों की जानकारी के ही पूरा कर दिया गया और ठेकेदार को लाखों रुपए का भुगतान भी कर दिया गया।

इस पूरे मामले में सीएमओ, उपयंत्री और नगर परिषद अध्यक्ष निशा पटेल की “तिगड़ी” की संदिग्ध भूमिका सवालों के घेरे में है। पार्षदों और सभापतियों को जानकारी तक नहीं है कि कब प्रस्ताव पारित हुआ और कब ठेकेदार को भुगतान हो गया।

स्वागत द्वारों में भारी गड़बड़ी, लेकिन जिम्मेदार खामोश!

प्राप्त जानकारी के अनुसार, छपारा नगर परिषद द्वारा नगर की सीमाओं पर करीब 15 लाख रुपये की लागत से चार स्वागत द्वार बनवाए गए हैं। प्रत्येक द्वार की कीमत लगभग 4 लाख रुपये बताई गई है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन द्वारों का निर्माण कार्य न तो संबंधित वार्ड पार्षदों की सहमति से किया गया और न ही इस पर सभापति मंडल को कोई जानकारी दी गई।

इंदौर के ठेकेदार को सीधे भुगतान कर दिया गया, जबकि निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। बिना वॉटर लेवल का उपयोग किए सीधे खंभे गाड़ दिए गए, जिससे कई स्वागत द्वार आड़े-तिरछे खड़े हैं और आने वाले समय में दुर्घटनाओं को न्योता दे सकते हैं।

वार्ड नंबर 11 का स्वागत द्वार बना खतरा, कभी भी हो सकता है हादसा

वार्ड क्रमांक 11 रानी दुर्गावती की सीमा पर लगाया गया स्वागत द्वार तो पूरी तरह से झुक चुका है। इस द्वार के बोल्ट ठीक से नहीं कसे गए हैं और इसकी स्थिति देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यह कभी भी गिर सकता है, जिससे मानव जीवन को खतरा हो सकता है।

इस गंभीर मुद्दे को नगर परिषद उपाध्यक्ष ठाकुर शिवाकांत सिंह ने 5 मई को लिखित पत्र के माध्यम से प्रशासन को अवगत भी कराया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

क्या नगर परिषद अध्यक्ष की चुप्पी है मौन स्वीकृति?

नगर परिषद अध्यक्ष निशा पटेल की इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी अब सवालों के घेरे में है। जब पूरे शहर में निर्माण कार्यों में गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही हैं, तब अध्यक्ष का मौन साधे रहना संदेह पैदा कर रहा है।

जानकारों का कहना है कि अध्यक्ष की चुप्पी शायद इस बात का संकेत है कि वे स्वयं इन अनियमित कार्यों में मौन समर्थन दे रही हैं। सवाल ये भी उठ रहा है कि अब तक नगर परिषद में करोड़ों के निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन एक भी मौके पर अध्यक्ष निशा पटेल ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई।

जबकि कई मामलों में पार्षदों और सभापतियों ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायतें तक सौंपी हैं, फिर भी नगर परिषद में जिम्मेदारों की जवाबदेही तय नहीं की जा रही।

जाँच जरूरी, जवाबदेही तय हो

छपारा नगर परिषद में भ्रष्टाचार का यह ताज़ा मामला बताता है कि किस प्रकार लोकल गवर्नेंस की जवाबदेही खतरे में है। यदि इस तरह से पार्षदों और सभापतियों को अंधेरे में रखकर कार्य होते रहेंगे, तो जनता की भागीदारी और पारदर्शिता केवल दस्तावेजों तक सीमित रह जाएगी।

जिला प्रशासन और शासन को इस मामले में तत्काल जांच बैठानी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की भ्रष्टाचार की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।

Delhivery Courier पार्सल से बदल रहा आपका कीमती सामान: लगातार बढ़ रही Parcel चोरी की घटनाएं

आज के डिजिटल युग में Delhivery Courier जैसी लॉजिस्टिक कंपनियाँ देशभर में पार्सल डिलीवरी की रीढ़ बन चुकी हैं। परंतु अब यह कंपनी पार्सल चोरी और सामन बदलने जैसी गंभीर घटनाओं को लेकर कटघरे में है। ऐसे मामलों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, जिससे लाखों ग्राहकों का भरोसा टूट रहा है और वह स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

Delhivery Courier में बढ़ती पार्सल चोरी और धोखाधड़ी की घटनाएं न केवल चिंताजनक हैं, बल्कि ग्राहकों की सुरक्षा और संतुष्टि के लिए खतरा बन चुकी हैं। कंपनी को चाहिए कि वह इन मामलों में तत्काल कार्रवाई करे, दोषियों को सजा दे और ग्राहकों को उनकी वस्तुओं की क्षतिपूर्ति करे। पारदर्शिता और जवाबदेही ही ऐसी कंपनियों का भविष्य सुरक्षित कर सकती हैं।

Delhivery Courier: नाम बड़ा, पर भरोसे में घाटा

Delhivery खुद को एक भरोसेमंद और आधुनिक लॉजिस्टिक्स कंपनी के रूप में प्रस्तुत करती है। इसके अंतर्गत Courier Pickup, Delivery, Online Shipping, Logistics और Supply Chain जैसी सेवाएं दी जाती हैं। परंतु वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। हाल ही में सामने आए मामलों से पता चलता है कि Delhivery में ग्राहकों के कीमती पार्सल चोरी हो रहे हैं और उनमें भेजा गया सामान बदल दिया जा रहा है।

चोरी का खुलासा: एक सच्ची घटना का उदाहरण

एक ग्राहक ने अपने रिश्तेदार को AWB No: 11770010007792 के माध्यम से Delhivery से एक महंगा सामान भेजा। पैकेजिंग से लेकर डिलीवरी तक सभी सबूत जैसे कि पैकिंग का वीडियो, फोटो और CCTV फुटेज सुरक्षित रखे गए थे। परंतु डिलीवरी होने पर पार्सल से कीमती सामान गायब मिला और उसकी जगह सस्ते उत्पाद थे।

ग्राहक ने तुरंत Delhivery के ऐप – Delivery One पर शिकायत दर्ज करवाई, सभी प्रमाण प्रस्तुत किए, लेकिन कंपनी की ओर से कोई समाधान नहीं दिया गया। यह गंभीर लापरवाही न केवल कंपनी की जवाबदेही पर सवाल उठाती है बल्कि यह कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के तहत दंडनीय अपराध है।

कंज्यूमर कोर्ट जाने की चेतावनी

कई ग्राहक अब कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के तहत District Consumer Dispute Redressal Commission (CDRC) में शिकायत दर्ज करवाने का मन बना चुके हैं। अगर 72 घंटे के अंदर समाधान नहीं मिलता, तो Delhivery को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इससे न केवल कंपनी की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचेगा, बल्कि इसके खिलाफ बड़ी संख्या में केस भी दर्ज हो सकते हैं।

क्या Delhivery अपने कर्मचारियों पर नहीं रखती निगरानी?

इस प्रकार की घटनाएं यह सवाल उठाती हैं कि क्या Delhivery अपने Distribution Centers या हब्स पर काम करने वाले कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की ठीक से जांच करती है? क्या उनके पास कोई इंटरनल मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं है जो पार्सल के साथ की जा रही छेड़छाड़ को तुरंत पकड़ सके?

अगर है, तो क्यों इतने मामलों में अब तक किसी कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई?

ग्राहकों की पीड़ा को नज़रअंदाज़ कर रही है Delhivery

कंपनी की सबसे बड़ी विफलता यह है कि वह ग्राहकों की बात को गंभीरता से नहीं ले रही। जब ग्राहक सारे सबूत, वीडियो, पैकिंग फुटेज, डिलीवरी का रिकॉर्ड पेश कर रहे हैं, तो उन्हें न्याय मिलना चाहिए। लेकिन Delhivery का बेरुखी भरा रवैया ग्राहकों की पीड़ा को और बढ़ा रहा है।

हर हब में होता है पार्सल स्कैन, फिर भी कंपनी मौन क्यों?

Delhivery का पार्सल प्रोसेसिंग सिस्टम अत्याधुनिक है। हर पार्सल को हर हब में स्कैन किया जाता है, जिससे ट्रैकिंग और हैंडलिंग का पूरा डाटा मौजूद रहता है। ऐसे में यह पता लगाना कि किस हब में सामान बदला गया, कोई मुश्किल कार्य नहीं है। फिर भी, Delhivery कंपनी इन मामलों पर चुप्पी साधे रहती है, और ग्राहकों को टालने की नीति अपनाती है।

ग्राहकों को झेलना पड़ रहा है भारी आर्थिक नुकसान

ऐसी घटनाओं के कारण ग्राहकों को हजारों से लाखों रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिन वस्तुओं को उन्होंने ईमानदारी से पैक कर भेजा, उनकी जगह बेकार सामग्री मिलना बहुत ही अपमानजनक और नुकसानदेह अनुभव है। इससे न केवल ग्राहक, बल्कि उन व्यापारियों का भी भरोसा टूट रहा है, जो Delhivery पर निर्भर हैं।

क्या Delhivery को जिम्मेदारी लेनी चाहिए?

बिल्कुल। एक लॉजिस्टिक्स कंपनी की सबसे बड़ी पूंजी उसका ग्राहकों का भरोसा होता है। अगर वह ग्राहकों की समस्याओं को हल करने में विफल रहती है, तो वह धीरे-धीरे अपने ब्रांड वैल्यू और बिजनेस दोनों को खो देगी। Delhivery को अब यह समझना होगा कि केवल टेक्नोलॉजी और प्रचार से नहीं, बल्कि ईमानदारी और जवाबदेही से ही वह एक बड़े ब्रांड के रूप में अपनी पहचान कायम रख सकती है।

पार्सल में साबुन, नकली सामान या खाली डिब्बा: नया घोटाला

लोग अपने रिश्तेदारों या ग्राहकों को महंगे मोबाइल, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स या अन्य कीमती वस्तुएं भेजते हैं, लेकिन डिलीवरी के समय पार्सल से वह गायब मिलते हैं। उसकी जगह कभी साबुन, कभी पुराने कपड़े, तो कभी खाली डिब्बा प्राप्त होता है। यह कोई सामान्य गलती नहीं, बल्कि एक सुनियोजित धोखाधड़ी प्रतीत होती है, जिसे संभवतः Delhivery के अंदर ही बैठे कुछ कर्मचारी अंजाम दे रहे हैं।