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भ्रष्टाचार का गेटवे ऑफ़ छपारा: बिना पार्षदों की जानकारी के किया गया लाखों का भुगतान, अध्यक्ष बनीं मौन दर्शक

छपारा (सिवनी)। भाजपा शासित छपारा नगर परिषद में भ्रष्टाचार की एक और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। नगर की सीमाओं पर बनाए गए स्वागत द्वारों का निर्माण बिना पार्षदों की सहमति और सभापतियों की जानकारी के ही पूरा कर दिया गया और ठेकेदार को लाखों रुपए का भुगतान भी कर दिया गया।

इस पूरे मामले में सीएमओ, उपयंत्री और नगर परिषद अध्यक्ष निशा पटेल की “तिगड़ी” की संदिग्ध भूमिका सवालों के घेरे में है। पार्षदों और सभापतियों को जानकारी तक नहीं है कि कब प्रस्ताव पारित हुआ और कब ठेकेदार को भुगतान हो गया।

स्वागत द्वारों में भारी गड़बड़ी, लेकिन जिम्मेदार खामोश!

प्राप्त जानकारी के अनुसार, छपारा नगर परिषद द्वारा नगर की सीमाओं पर करीब 15 लाख रुपये की लागत से चार स्वागत द्वार बनवाए गए हैं। प्रत्येक द्वार की कीमत लगभग 4 लाख रुपये बताई गई है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन द्वारों का निर्माण कार्य न तो संबंधित वार्ड पार्षदों की सहमति से किया गया और न ही इस पर सभापति मंडल को कोई जानकारी दी गई।

इंदौर के ठेकेदार को सीधे भुगतान कर दिया गया, जबकि निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। बिना वॉटर लेवल का उपयोग किए सीधे खंभे गाड़ दिए गए, जिससे कई स्वागत द्वार आड़े-तिरछे खड़े हैं और आने वाले समय में दुर्घटनाओं को न्योता दे सकते हैं।

वार्ड नंबर 11 का स्वागत द्वार बना खतरा, कभी भी हो सकता है हादसा

वार्ड क्रमांक 11 रानी दुर्गावती की सीमा पर लगाया गया स्वागत द्वार तो पूरी तरह से झुक चुका है। इस द्वार के बोल्ट ठीक से नहीं कसे गए हैं और इसकी स्थिति देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि यह कभी भी गिर सकता है, जिससे मानव जीवन को खतरा हो सकता है।

इस गंभीर मुद्दे को नगर परिषद उपाध्यक्ष ठाकुर शिवाकांत सिंह ने 5 मई को लिखित पत्र के माध्यम से प्रशासन को अवगत भी कराया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

क्या नगर परिषद अध्यक्ष की चुप्पी है मौन स्वीकृति?

नगर परिषद अध्यक्ष निशा पटेल की इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी अब सवालों के घेरे में है। जब पूरे शहर में निर्माण कार्यों में गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही हैं, तब अध्यक्ष का मौन साधे रहना संदेह पैदा कर रहा है।

जानकारों का कहना है कि अध्यक्ष की चुप्पी शायद इस बात का संकेत है कि वे स्वयं इन अनियमित कार्यों में मौन समर्थन दे रही हैं। सवाल ये भी उठ रहा है कि अब तक नगर परिषद में करोड़ों के निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन एक भी मौके पर अध्यक्ष निशा पटेल ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई।

जबकि कई मामलों में पार्षदों और सभापतियों ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायतें तक सौंपी हैं, फिर भी नगर परिषद में जिम्मेदारों की जवाबदेही तय नहीं की जा रही।

जाँच जरूरी, जवाबदेही तय हो

छपारा नगर परिषद में भ्रष्टाचार का यह ताज़ा मामला बताता है कि किस प्रकार लोकल गवर्नेंस की जवाबदेही खतरे में है। यदि इस तरह से पार्षदों और सभापतियों को अंधेरे में रखकर कार्य होते रहेंगे, तो जनता की भागीदारी और पारदर्शिता केवल दस्तावेजों तक सीमित रह जाएगी।

जिला प्रशासन और शासन को इस मामले में तत्काल जांच बैठानी चाहिए और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की भ्रष्टाचार की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।

Delhivery Courier पार्सल से बदल रहा आपका कीमती सामान: लगातार बढ़ रही Parcel चोरी की घटनाएं

आज के डिजिटल युग में Delhivery Courier जैसी लॉजिस्टिक कंपनियाँ देशभर में पार्सल डिलीवरी की रीढ़ बन चुकी हैं। परंतु अब यह कंपनी पार्सल चोरी और सामन बदलने जैसी गंभीर घटनाओं को लेकर कटघरे में है। ऐसे मामलों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, जिससे लाखों ग्राहकों का भरोसा टूट रहा है और वह स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

Delhivery Courier में बढ़ती पार्सल चोरी और धोखाधड़ी की घटनाएं न केवल चिंताजनक हैं, बल्कि ग्राहकों की सुरक्षा और संतुष्टि के लिए खतरा बन चुकी हैं। कंपनी को चाहिए कि वह इन मामलों में तत्काल कार्रवाई करे, दोषियों को सजा दे और ग्राहकों को उनकी वस्तुओं की क्षतिपूर्ति करे। पारदर्शिता और जवाबदेही ही ऐसी कंपनियों का भविष्य सुरक्षित कर सकती हैं।

Delhivery Courier: नाम बड़ा, पर भरोसे में घाटा

Delhivery खुद को एक भरोसेमंद और आधुनिक लॉजिस्टिक्स कंपनी के रूप में प्रस्तुत करती है। इसके अंतर्गत Courier Pickup, Delivery, Online Shipping, Logistics और Supply Chain जैसी सेवाएं दी जाती हैं। परंतु वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। हाल ही में सामने आए मामलों से पता चलता है कि Delhivery में ग्राहकों के कीमती पार्सल चोरी हो रहे हैं और उनमें भेजा गया सामान बदल दिया जा रहा है।

चोरी का खुलासा: एक सच्ची घटना का उदाहरण

एक ग्राहक ने अपने रिश्तेदार को AWB No: 11770010007792 के माध्यम से Delhivery से एक महंगा सामान भेजा। पैकेजिंग से लेकर डिलीवरी तक सभी सबूत जैसे कि पैकिंग का वीडियो, फोटो और CCTV फुटेज सुरक्षित रखे गए थे। परंतु डिलीवरी होने पर पार्सल से कीमती सामान गायब मिला और उसकी जगह सस्ते उत्पाद थे।

ग्राहक ने तुरंत Delhivery के ऐप – Delivery One पर शिकायत दर्ज करवाई, सभी प्रमाण प्रस्तुत किए, लेकिन कंपनी की ओर से कोई समाधान नहीं दिया गया। यह गंभीर लापरवाही न केवल कंपनी की जवाबदेही पर सवाल उठाती है बल्कि यह कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के तहत दंडनीय अपराध है।

कंज्यूमर कोर्ट जाने की चेतावनी

कई ग्राहक अब कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के तहत District Consumer Dispute Redressal Commission (CDRC) में शिकायत दर्ज करवाने का मन बना चुके हैं। अगर 72 घंटे के अंदर समाधान नहीं मिलता, तो Delhivery को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इससे न केवल कंपनी की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचेगा, बल्कि इसके खिलाफ बड़ी संख्या में केस भी दर्ज हो सकते हैं।

क्या Delhivery अपने कर्मचारियों पर नहीं रखती निगरानी?

इस प्रकार की घटनाएं यह सवाल उठाती हैं कि क्या Delhivery अपने Distribution Centers या हब्स पर काम करने वाले कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की ठीक से जांच करती है? क्या उनके पास कोई इंटरनल मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं है जो पार्सल के साथ की जा रही छेड़छाड़ को तुरंत पकड़ सके?

अगर है, तो क्यों इतने मामलों में अब तक किसी कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई?

ग्राहकों की पीड़ा को नज़रअंदाज़ कर रही है Delhivery

कंपनी की सबसे बड़ी विफलता यह है कि वह ग्राहकों की बात को गंभीरता से नहीं ले रही। जब ग्राहक सारे सबूत, वीडियो, पैकिंग फुटेज, डिलीवरी का रिकॉर्ड पेश कर रहे हैं, तो उन्हें न्याय मिलना चाहिए। लेकिन Delhivery का बेरुखी भरा रवैया ग्राहकों की पीड़ा को और बढ़ा रहा है।

हर हब में होता है पार्सल स्कैन, फिर भी कंपनी मौन क्यों?

Delhivery का पार्सल प्रोसेसिंग सिस्टम अत्याधुनिक है। हर पार्सल को हर हब में स्कैन किया जाता है, जिससे ट्रैकिंग और हैंडलिंग का पूरा डाटा मौजूद रहता है। ऐसे में यह पता लगाना कि किस हब में सामान बदला गया, कोई मुश्किल कार्य नहीं है। फिर भी, Delhivery कंपनी इन मामलों पर चुप्पी साधे रहती है, और ग्राहकों को टालने की नीति अपनाती है।

ग्राहकों को झेलना पड़ रहा है भारी आर्थिक नुकसान

ऐसी घटनाओं के कारण ग्राहकों को हजारों से लाखों रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिन वस्तुओं को उन्होंने ईमानदारी से पैक कर भेजा, उनकी जगह बेकार सामग्री मिलना बहुत ही अपमानजनक और नुकसानदेह अनुभव है। इससे न केवल ग्राहक, बल्कि उन व्यापारियों का भी भरोसा टूट रहा है, जो Delhivery पर निर्भर हैं।

क्या Delhivery को जिम्मेदारी लेनी चाहिए?

बिल्कुल। एक लॉजिस्टिक्स कंपनी की सबसे बड़ी पूंजी उसका ग्राहकों का भरोसा होता है। अगर वह ग्राहकों की समस्याओं को हल करने में विफल रहती है, तो वह धीरे-धीरे अपने ब्रांड वैल्यू और बिजनेस दोनों को खो देगी। Delhivery को अब यह समझना होगा कि केवल टेक्नोलॉजी और प्रचार से नहीं, बल्कि ईमानदारी और जवाबदेही से ही वह एक बड़े ब्रांड के रूप में अपनी पहचान कायम रख सकती है।

पार्सल में साबुन, नकली सामान या खाली डिब्बा: नया घोटाला

लोग अपने रिश्तेदारों या ग्राहकों को महंगे मोबाइल, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स या अन्य कीमती वस्तुएं भेजते हैं, लेकिन डिलीवरी के समय पार्सल से वह गायब मिलते हैं। उसकी जगह कभी साबुन, कभी पुराने कपड़े, तो कभी खाली डिब्बा प्राप्त होता है। यह कोई सामान्य गलती नहीं, बल्कि एक सुनियोजित धोखाधड़ी प्रतीत होती है, जिसे संभवतः Delhivery के अंदर ही बैठे कुछ कर्मचारी अंजाम दे रहे हैं।

सिवनी: यूथ कांग्रेस चुनाव की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, उम्मीदवारों में बढ़ी हलचल – VOTE करें

सिवनी: मध्यप्रदेश यूथ कांग्रेस के चुनावों को लेकर पूरे राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ होती जा रही हैं। हर जिले में युवा नेता संगठनात्मक चुनावों में अपनी भागीदारी को लेकर सक्रिय हो गए हैं। इसी क्रम में सिवनी जिला भी पीछे नहीं है, जहां पर यूथ कांग्रेस के चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं।

दावेदारों ने मैदान में उतरकर अपनी दावेदारी प्रस्तुत करनी शुरू कर दी है। युवाओं के बीच अपनी मजबूत पकड़ रखने वाले कई चेहरे अब सामने आ रहे हैं। इन मजबूत चेहरों में आदित्य भूरा, अर्जुन बिसेन, राहुल उइके, राकेश सनोडिया, सागर मरकाम, शुभम सिंह बघेल और सुरेन्द्र साहू शामिल हैं।

सिवनी में चुनावी गतिविधियों ने पकड़ी रफ्तार

सिवनी जिले में यूथ कांग्रेस के आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चा गर्म है। जिले के कोने-कोने में युवा नेताओं की बैठकें, संगठनों से संवाद और कार्यकर्ताओं के साथ मेल-जोल का दौर लगातार जारी है। ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाले समय में सिवनी यूथ कांग्रेस की कमान संभालने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।

VOTE करें: सिवनी यूथ कांग्रेस चुनाव में इन उम्मीदवारों में आप अपना समर्थन किसे देना चाहेंगे ?

सिवनी: यूथ कांग्रेस के चुनाव में कौन मारेगा बाजी, VOTE करें

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Seoni Double Murder Case: केवलारी में अमन और रूपक बघेल की नृशंस हत्या, थाना घेराव और शराब दुकान में आग

Keolari Double Murder Case केवलारी (सिवनी): शुक्रवार देर रात केवलारी थाना क्षेत्र में दो युवकों की धारदार हथियार से की गई नृशंस हत्या के बाद शनिवार को क्षेत्र में उबाल आ गया। आक्रोशित नागरिकों ने सुबह से ही केवलारी थाना का घेराव कर प्रदर्शन किया, वहीं एक शराब दुकान में आगजनी कर दी गई। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर यातायात अवरुद्ध कर दिया। हालात तनावपूर्ण होते देख सिवनी पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी समेत आसपास के थानों की पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया।

दो युवकों की बेरहमी से हत्या

जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात करीब 11:30 बजे परासपानी गांव निवासी अमन बघेल (20 वर्ष) पिता चंद्र कुमार बघेल एवं रूपक बघेल (25 वर्ष) पिता स्व. सुरेश बघेल की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि दोनों युवक कृषि कार्य के बाद केवलारी आए थे। खिरका मोहल्ला स्थित खेरमाई मंदिर के पास किसी ठाकुर द्वारा फोन कर उन्हें बुलाया गया था। वहां पहुंचते ही पहले से घात लगाए आरोपियों ने दोनों पर जानलेवा हमला कर दिया।

घटना में गंभीर रूप से घायल युवकों को तत्काल केवलारी अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद उन्हें जिला चिकित्सालय सिवनी रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश डॉक्टरों ने वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। शवों का पोस्टमार्टम शनिवार को सिवनी में किया जाएगा।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि केवलारी के एक ठाकुर परिवार के पिता-पुत्र समेत अन्य लोगों ने मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया है। परिजनों के अनुसार यह एक पूर्व नियोजित साजिश थी और दोनों युवकों को फंसा कर खेरमाई मंदिर के पास बुलाया गया था। फिलहाल केवलारी पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है।

क्षेत्र में बढ़ते अपराधों से जनता में आक्रोश

घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शनिवार सुबह से ही व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और सैकड़ों की संख्या में नागरिक थाना परिसर पहुंच गए। लोगों ने हत्या के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग के साथ क्षेत्र में बढ़ते अपराधों और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर नाराजगी जाहिर की।

पुलिस पर गंभीर सवाल

नागरिकों का आरोप है कि केवलारी में चोरी, लूटपाट और अब हत्या जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन पूरी तरह से लापरवाह बना हुआ है। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केवलारी थाना प्रभारी को हटाने की भी मांग की।

पुलिस प्रशासन सतर्क

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व एसडीओपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है। स्थिति को शांत करने के लिए पुलिस अधिकारी लगातार नागरिकों से संवाद कर रहे हैं। प्रशासन ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

सिवनी: ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर में खिलाड़ियों को आत्मरक्षा व खेल कौशल का मिल रहा प्रशिक्षण

सिवनी। खेल विभाग द्वारा संचालित ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर में इन दिनों खिलाड़ियों को विभिन्न खेलों का नियमित अभ्यास कराया जा रहा है। यह शिविर जिला मुख्यालय के साथ-साथ जिले के प्रत्येक विकासखंड में भी संचालित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के युवा खेल प्रतिभाएं लाभान्वित हो रही हैं।

श्री महावीर व्यायामशाला, सुभाष वार्ड, नेहरू रोड में जूडो प्रशिक्षण शिविर विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां प्रशिक्षक गोपाल कुमार कुशवाहा द्वारा नवोदित खिलाड़ियों को जूडो की बारीकियों के साथ आत्मरक्षा के गुण सिखाए जा रहे हैं। विशेषकर बालिकाओं को बदलते सामाजिक परिवेश में स्वयं की सुरक्षा हेतु जूडो के दांव-पेंच सिखाए जा रहे हैं।

प्रशिक्षक गोपाल कुमार कुशवाहा ने बताया कि जूडो न केवल एक खेल है, बल्कि यह शारीरिक व मानसिक विकास का सशक्त माध्यम भी है। यह आत्म-अनुशासन, आत्मविश्वास और आत्म-रक्षा कौशल को निखारता है। साथ ही ताकत, लचीलापन, संतुलन एवं समन्वय में भी सुधार करता है।

खिलाड़ियों को मिल रहा सुनहरा अवसर

प्रशिक्षक कुशवाहा ने आगे जानकारी दी कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ियों को भविष्य में राज्य, राष्ट्रीय, एशियाई और ओलंपिक स्तर की प्रतियोगिताओं में भागीदारी का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त, पुलिस, सेना और अन्य सरकारी सेवाओं में खेल कोटे के अंतर्गत आरक्षण और छूट भी प्रदान की जाती है।

खेल छात्रवृत्ति और चयन के अवसर

पदक प्राप्त खिलाड़ियों को भारतीय खेल प्राधिकरण, स्पोर्ट्स अकादमी और खेल विभाग में चयनित होने का अवसर मिलता है। साथ ही राज्य व केंद्र सरकार द्वारा खेल छात्रवृत्ति भी दी जाती है, जो खिलाड़ियों के भविष्य को नई दिशा देती है।

निःशुल्क प्रशिक्षण और पंजीयन सुविधा

जूडो प्रशिक्षण में इच्छुक नवोदित खिलाड़ी निःशुल्क पंजीयन कराकर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। प्रशिक्षण में प्रयोग की जाने वाली खेल सामग्री भी खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

शिविर 5 मई से 6 जून तक, समापन पर मिलेगा प्रमाण पत्र

यह ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 5 मई से 6 जून तक आयोजित किया गया है। इसमें पांच वर्ष से अधिक आयु के बालक-बालिकाएं भाग ले रहे हैं। समापन समारोह के दौरान खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार भी वितरित किए जाएंगे।

इस प्रकार, यह प्रशिक्षण शिविर न केवल खिलाड़ियों के खेल कौशल को निखार रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और भविष्य के लिए तैयार भी कर रहा है।

सिवनी जिले की अवैध एवं नियम विरुद्ध तरीकों से संचालित दवाई दुकानों पर कार्यवाही

सिवनी / औषधि निरीक्षक खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग सिवनी द्वारा दिनांक 09.04.2025 को हिना खान की दुकान हेल्थ केअर मेडिकोज कान्हीवाडा औचक निरीक्षण के दौरान दुकान में शेड्‌यूल औषधियों का विक्रय बिना रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट के अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा किया जाना पाया गया। जिसके लिए 13.05.2025 को दुकान संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया।

इसी क्रम में 25.04.2025 को श्री सुनील कुमार पगारे की दवा दुकान नायर मेडिकल स्टोर्स भीमगड कालोनी तहसील छपारा, जिला सिवनी के औचक निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में एक्सपायर दवाईयां ट्रेड स्टॉक के साथ विकयार्थ संग्रहित पाए जाने पर प्रतिवेदन दर्ज कर दिनांक 13.05.2025 को दुकान संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया।

इसी तरह दिनांक 08.05.2025 को अंशिका मेडिकल स्टोर पलारी चौराहा देव कुमार ठाकुर की दवा दुकान के औचक निरीक्षण के दौरान संज्ञान में आया कि अंशिका मेडिकल स्टोर के दुकान संचालक द्वारा बिना पूर्व विभाग में सूचना दिए ही किसी अन्य व्यक्ति को दवा दुकान बेच दी गई है एवं उनके द्वारा दवा दुकान लाइसेंस के लिए कोई आवेदन नहीं किया गया है

एवं बिना आवेदन किए एवं लाइसेंस लिए ही देव कुमार ठाकुर के लाइसेंस पर ही बिना रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट के स्वयं ही दवा दुकान संचालित की जा रही है तत्पश्चात मौंके पर ही सिवनी जिला ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा दवाईयों की खरीदी बिकी एवं दवा दुकान बंद किए जाने के निर्देश दिए गए

दिनांक 08.05.2025 को जी बी मेडिकल उगली में औचक निरीक्षण के दौरान जानवरों के लिए प्रतिबंधित औषधि निमीसुलाईड एवं इसके फार्मूलेशन पाए जाने पर प्रतिवेदन दर्ज किया गया

उक्त प्रतिबंधित औषधि की खरीदी एवं बिक्री बंद किए जाने के निर्देश दिए गए तथा दिनांक 15.05.2025, गुरूवार को सिवनी जिले में स्थित थोक एवं रिटेल दवा दुकान मेसर्स फार्मा हाउस श्री आशीष उदासी की दवा दुकान का सिवनी जिला ड्रग इंस्पेक्टर मनीषा अहिरवार के द्वारा औचक निरीक्षण किया गया।

इस दौरान दवा दुकान में दवा विक्रय लाइसेंस की वैधता, दवाओं के रखरखाव, दवाओं के क्रय-विक्रय रिकार्ड, एक्सपायर्ड स्टॉक एवं प्रतिबंधित औषधियों आदि की जाँच की गई एवं रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दुकान संचालक द्वारा मरीजों को बेची गई चिकित्सक के पर्चे की दवाईयों के बिक्री बिल मौके पर मांगे गए बिल में शेड्‌यूल एच, एच-1 एवं जी श्रेणी की दवाईंयों का विक्रय पाए जाने पर शेड्यूल औषधियों का विक्रय बिना रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट के बंद किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

सिवनी: 3 साल बाद भी नहीं हट पाया अतिक्रमण, भाजपा के राज में धन्ना सेठों का कब्जा

सिवनी: छपारा – 3 साल पहले 23 मार्च 2022 को छपारा नगर परिषद के सभागार में तत्कालीन लखनादौन एसडीएम सिद्धार्थ जैन की उपस्थिति में गणमान्य नागरिकों तथा व्यापारियों की उपस्थिति में नगर के बस स्टैंड से लेकर चमारी तिराहे तक एकमात्र मुख्य मार्ग के दोनों ओर सर्वसम्मति से 17-17 फिट पर अतिक्रमण हटाने के लिए सहमति बनी थी।

लेकिन 3 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आज तक मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण तथा दोनों ओर ड्रेनेज सिस्टम बनाए जाने की मुहिम पर कोई पहल नहीं हो पाई हैं। जिसके चलते यह मुख्य मार्ग धन्ना सेठों की पार्किंग में तब्दील हो गया हैं। वही आम नागरिकों और स्कूल आने जाने वाले छात्र-छात्राओं का इस मार्ग पर पैदल चलना भी दुश्वार हो गया हैं।

उल्लेखनीय है कि छपारा नगर के बस स्टैंड से लेकर चमारी तिराहे तक एकमात्र मुख्य मार्ग हैं। उक्त मार्ग पर धन्ना सेठों के बड़े-बड़े आलीशान कांप्लेक्स और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की वजह से मुख्य मार्ग के बीचोबीच दोपहिया और चार पहिया वाहनों की पार्किंग हो रही हैं। जिसके चलते इस मार्ग पर प्रतिदिन हर 10-15 मिनट में बड़े-बड़े जाम लग रहे हैं। इस पूरे मामले में दैनिक दलसागर ने कई बार प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर स्थानीय और जिला प्रशासन का ध्यानाकर्षण जनहित की दृष्टि से कराया था।

3 साल पहले एसडीएम की मौजूदगी में बनी थी सहमति

बता दें किछपरा नगर के एकमात्र मुख्य मार्ग पर आए दिन यातायात के दबाव और लग रहे जाम को लेकर लखनादौन एसडीएम सिद्धार्थ जैन ने 23 मार्च 2022 को छपारा नगर परिषद के सभागार में गणमान्य नागरिकों तथा व्यापारियों सहित मीडिया की एक महत्वपूर्ण बैठक ली थी। जिसमें नगर के एकमात्र मुख्य मार्ग पर चमरिया नाले पर बने नवनिर्मित पुल की चौड़ाई बराबर यानी कि कुल 34 फीट रोड चौड़ीकरण पर सहमति बनी थी।

इस तरह मेन रोड के दोनों तरफ सेंटर लाइन से 17-17 फीट छोड़कर अतिक्रमण हटाया जाना था। किंत 3 साल बीत जाने के बाद भी अतिक्रमण हटाए जाने की मुहिम टाय टाय फिस्स क्यों हो गई है इसका जवाब सक्षम अधिकारी देने से बच रहे हैैं।

भाजपा शासित नगर परिषद में किसका हो रहा विकास

नगर के एकमात्र सबसे व्यस्ततम और भारी यातायात वाले मार्ग पर अब तो लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया हैं। जनहित के इस पूरे मामले में भाजपा शासन नगर परिषद के मुखिया श्रीमती निशा पटेल और पार्षदों की चुप्पी समझ से परे हैं वहींचौक चौराहा सहित सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा चल रही है कि आखिर किसका विकास हो रहा हैं। वहीं दूसरी ओर इस पूरे मामले में विपक्ष के मुंह में दही क्यों जमा हुआ है यह समझ से परे हैं?।

स्थानीय जनहित के ज्वलंत मुद्दों पर कभी भी कांग्रेस ने अपना विरोध उस तरह दर्ज नहीं कराया जिस तरह एक राष्ट्रीय पार्टी और विपक्ष में होने पर कराया जाना चाहिए था। नगर के एकमात्र मुख्य मार्ग के दोनों तरफ अतिक्रमण हटाए जाने की कार्यवाही को ठंडे बस्ते में डालने को लेकर केवलारी विधायक ठाकुर रजनीश सिंह की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल इस बात का है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान पर सिर्फ औपचारिकता क्यों की जा रही हैं।

नगर के एकमात्र मुख्य मार्ग के दोनों तरफ नालियां पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं और उन पर धन्ना सेठों के आलीशान कांपलेक्स खड़े हुए हैं। नगर के इस मुख्य मार्ग पर भारी यातायात का दबाव सुबह से लेकर देर रात तक बना रहता हैं। नगर के बेहतर यातायात और मुख्य मार्ग के दोनों तरफ ड्रेनेज सिस्टम की अगर वर्तमान मे सही प्लानिंग अनुसार कार्य नहीं किया गया तो आने वाले समय पर इस मार्ग के और भी बुरे हालात होने वाले हैं।

जिला स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन 21 मई को ITI बरघाट में

सिवनी: जिला रोजगार अधिकारी द्वारा बताया गया कि कलेक्टर सुश्री संस्‍कृति जैन के निर्देशानुसार जिला रोजगार कार्यालय सिवनी, जिला व्‍यापार एवं उद्योग केन्‍द्र सिवनी एवं शासकीय आई.टी.आई. सिवनी के संयुक्‍त तत्वाधान में शिक्षित बेरोजगार युवकों- युवतियों को निजी क्षेत्र में रोजगार एवं स्‍वरोजगार में संलग्‍न किये जाने के उद्देश्य से दिनांक 21 मई 2025 को प्रात: 11 बजे से दोपहर 03 बजे तक शासकीय ITI बरघाट में युवा संगम कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा हैं।

जिसमें देश एवं प्रदेश की विभिन्न कंपनी द्वारा साक्षात्कार के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जायेंगे। नियोजकों द्वारा ट्रेनी, मशीन ऑपरेटर, सुरक्षा गार्ड, सुपरवाइजर, बीमा एजेंट, सेल्स एक्सिकेटिव, कॉल सेन्टर, ऑपरेटर आदि पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जाएगी।

उन्‍होंने बताया कि ऐसे इच्छुक आवेदक जिनकी आयु सीमा 18 वर्ष से 35 वर्ष हो एवं कक्षा 8 वीं, 10 वीं, 12 वी, आईटीआई तथा स्नातक तक उत्तीर्ण हों। वह अपने समस्त प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन, अंकसूची, दो पासपोर्ट साइज की फोटो लेकर रोजगार मेले में सहभागिता कर सकते हैं। आयोजित मेले में किसी भी प्रकार का कोई मार्ग व्यय देय नहीं होगा।