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एकात्म यात्रा-होगा शानदार आयोजन

सिवनी– पावन एकेतम यात्रा की भव्य तैयारी एवं अगवानी को लेकर आयोजित बैठक में माननीय जिला कलेक्टर श्री गोपाल चंद्र डाड एकात्म यात्रा के जिला प्रभारी सुजीत जैन अपर कलेक्टर ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी और सभी विभागों के विभाग प्रमुख उपस्थित रहे

कई विवादों के बावजूद 2017 इन ऐतिहासिक बदलावों की वजह से रहा बेहद ख़ास

2017 ख़त्म होने में अब कुछ ही वक़्त बाकी है. ये साल राजनीति, क्रिकेट और मंनोरंजन जगत समेत कई मामलों में बेहद ख़ास रहा. अगर एक शब्द में कहा जाए, तो ये वर्ष बेहद ‘यादगार’ रहा. 2017 में कुछ ऐसे बड़े-बड़े काम हुए, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज किए जाएंगे. सच में हम भूल कर भी नहीं भूल पाएंगे 2017 की ये ख़ास और बड़ी बातें.

आइए जानते हैं कि आखिर किन कारणों से ये 2017 बीते कई सालों में से बेहद ख़ास रहा!

1. इस साल इंडिया की क्रिकेट टीम कोई भी सीरीज़ नहीं हारी.

2. 17 साल बाद मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड का ख़िताब जीतकर देश का नाम रौशन किया.

3. 15 फरवरी को ईसरो ने एक बार में एक साथ 104 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजकर रूस और अमेरिका का रिकॉर्ड तोड़ दिया.

4. बाहुबली-2 इस साल की सबसे चर्चित फ़िल्म रही, साथ ही बाहुबली 1500 करोड़ के क्लब में शामिल होने वाली पहली फ़िल्म भी है.

5. आज़ादी के बाद इन डायरेक्‍ट टैक्‍स से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा रिफ़ॉर्म यानी GST भी इसी साल लागू हुआ.

6. 2008 से चले आ रहे आरुषी-हेमराज हत्याकांड में हाई कोर्ट ने आरुषि के माता-पिता राजेश और नूपुर तलवार को बरी कर दिया.

7. इंडियन नेवी के इतिहास में पहली बार किसी महिला पायलट को शामिल किया गया. बरेली की शुभांगी स्वरूप को परमानेंट कमिशन के ज़रिये नेवी का हिस्सा बनाया गया.

8. 13 दिसंबर को भारत और श्रीलंका के बीच खेल गया वनडे मैच इतिहास बना गया. इसी मैच में रोहित शर्मा ने तीन दोहरे शतक लगाए और ऐसा करने वाले पहले इकलौते खिलाड़ी बन गए.

9. राम रहीम को दो साध्वियों के साथ रेप करने के आरोप में 20 साल की सज़ा सुनाई गई.

10. कोच्चि मैट्रो में 23 ट्रांसजेंडर्स को नौकरी दी गई. कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड ट्रांसजेंडर्स को नौकरी पर रखने वाली पहली सरकारी एजेंसी है. 

Source : GazabPost

रजनीश के विधानसभा में है ये हालत

सिवनी-/इक्कीसवी सदी मे पहूचने के बाद भी केवलारी बिधानसभा के पलारी के पास पोँगार गाँव के लोगो को सागर नदी मे बाँस बल्ली का पुल बना आना जाना पडता है पिछले चार साल से हर वर्ष इन्ही दिनो मे लोग इस तरह पुल बनाते है और बरसात मे निकाल लेते है विकास पुरूषो की वाहवाही लेने वालो को फिर भी शर्म नही आ रही है

यू तो रजनीश सिह इन दिनों विधानसभा चुनावो को देख जनता से मिल रहे पर उपरोक्त महत्वपूर्ण समस्या की ओर इनका ध्यान नही है

एसपी गौरव तिवारी ने किया अपहरण के बाद हुई हुए मर्डर का खुलासा

23 12 17 को थाना बटका खापा में हुए अपहरण बाद मर्डर जिसकी लाश चिम्तिपुर के पातालकोट की खाई में फेंक दी गई थी का किया पुलिस अधीक्षक एसपी गौरव तिवारी ने खुलासा अमरवाड़ा निवासी जमुना नायक एवं रत्ने सूर्यवंशी निवासी बटका खापा के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर काफी समय से अनबन चल रही थी जिसके चलते पैसे देने का कहकर रत्नेश ने जमुना को बटका खापा बुलाया जहां उसे अपने ईट भट्टे में ले जाकर उसे लाठी से वार कर कर उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दिया एवं बाद में अपने फोर व्हीलर वाहन से अपने अन्य चार साथियों के साथ शव को बोरे में भरकर की पातालकोट घाटी में फेंक दिया मटका पुलिस के द्वारा रत्नेश को हिरासत में ले कर शव को बहुत मशक्कत करके घाटी से निकालकर बरामदगी की गई

शव बरामद की एवं आरोपियों के पकड़-धकड़ मटका से तिहाई धुर्वे स ऊनी मेहरा आरक्षक प्रवेश आदमी आरक्षक मुकेश की रही अहम भूमिका पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी द्वारा उक्त टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई

अब टि्वटर-फेसबुक से करें रसोेई गैस बुक, इस कंपनी ने शुरू की सेवा

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अब आप ट्वीट करते-करते रसोई गैस भी बुक कर सकते हैं. आप फेसबुक पर कुछ पोस्ट करने के दौरान भी LPG सिलेंडर की बुक‍िंग कर सकते हैं. इससे न सिर्फ आपका समय बचेगा, बल्क‍ि यह काफी सुव‍िधाजनक भी होगा.

हालांकि ये सुव‍िधा उन ही ग्राहकों को मिलेगी, जो इंडेन का गैस लेते हैं. यह सुव‍िधा फिलहाल इंडेन ने ही शुरू की है. आगे जानिए कैसे आप फेसबुक और ट्व‍िटर के जरिये घरेलू रसोई गैस बुक कर पाएंगे.

फेसबुक से ऐसे होगा बुक :इंडियन ऑयल कंपनी के मुताबिक अगर आप फेसबुक से इंडेन रसोई गैस बुक करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको कंपनी के फेसबुक पेज पर जाना होगा.

आप https://www.facebook.com/IndianOilCorpLimited/ से वहां पहुंच सकते हैं. जैसे ही पेज आपके सामने खुलेगा. आपको पेज पर दिए गए बुक नाऊ ऑप्शन पर क्ल‍िक करना होगा.

जैसे ही आाप इस पर क्ल‍िक करेंगे, आपके सामने गैस बुक‍िंग के लिए एक नया पेज खुलेगा. यहां आपको गैस बुक‍िंग के लिए लगने वाली सभी जानकारी दर्ज करनी होगी और मिनटों में आपका रसोई गैस बुक हो जाएगा.

ट्व‍िटर के जरिये :अगर आप फेसबुक के बजाय टि्वटर से इंडेन रसोई गैस को बुक करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको पहले अपना टि्वटर हैंडल रजिस्टर करना होगा.

खुद को रजिस्टर करने के लिए आपको कुछ इस तरह से ट्वीट करना होगा – @indanerefill#register. इससे आपका ट्विटर हैंडल रजिस्टर  हो जाएगा.

 स्टर होने के बाद दूसरी बार आपको रसोई गैस बुक करने के लिए खुद को रजिस्टर नहीं करना पड़ेगा. इसके बाद आपको रसोई गैस बुक करने के लिए @indanerefill#refill ट्वीट करना होगा. Now, you can book your Indane LPG Refill through Facebook and Twitter.

इस तरह आप आसानी से सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर अपना LPG गैस सिलेंडर बुक कर सकते हैं.

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को मिलेगी राहत, केस वापस लेने का आदेश जारी

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चल रहे केस वापस लेने के लिए कदम बढ़ाया है. उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध पर रोकथाम के लिए योगी सरकार ने 21 दिसंबर को यूपीकोका कानून का बिल विधानसभा में पेश किया था. इस बिल के पेश होने के बीच ही यूपी सरकार ने योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय मंत्री, शिव प्रताप शुक्ल, विधायक शीतल पांडेय और 10 अन्य के खिलाफ 1995 के एक निषेधाज्ञा उल्लंघन मामले में धारा 188 में लगे केस को वापस लेने का आदेश जारी कर किया. ये आदेश गोरखपुर जिलाधिकारी को केस वापस लेने के लिए दिया गया है. बता दें कि यह मामला गोरखपुर के पीपीगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था. इस मामले में स्थानीय कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. इसके बावजूद आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए थे. अभियोजन अधिकारी, गोरखपुर, बी डी मिश्रा ने कहा कि अदालत ने सभी नामों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू का आदेश दिया था लेकिन वारंट जारी नहीं किए गए थे.

योगी सरकार ने 20 दिसंबर को गोरखपुर जिला मजिस्ट्रेट को एक पत्र भेजा था, जिसमें यह निर्देश दिया गया था कि अदालत के सामने मामला वापस लेने के लिए एक आवेदन दायर किया जाए. सरकार के आदेश में कहा गया है कि 27 अक्टूबर को जिला मजिस्ट्रेट से प्राप्त पत्र के आधार पर और मामले के तथ्यों की छानबीन के बाद, यूपी सरकार ने इस मामले को वापस लेने का निर्णय लिया. पत्र में योगी आदित्यनाथ, शिव प्रताप शुक्ला, शीतल पांडे और दस अन्य के नाम शामिल हैं.

गोरखपुर अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम)  रजनीश चंद्र ने मामले को वापस लेने की बात कही. उन्होंने कहा कि मामले को वापस लेने के लिए शासन से एक आवेदन पत्र प्राप्त हुआ है. जिसमें कहा गया है कि अभियोजन अधिकारी को उचित अदालत में केस वापसी का आवेदन पत्र दर्ज किया जाए. मुख्यमंत्री के अलावा, पत्र में केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला और विधायक शीतल पांडे के नाम भी हैं.

दरअसल पीपीगंज पुलिस स्टेशन के रिकॉर्ड के अनुसार, आईपीसी की धारा 188 के अंतर्गत योगी आदित्यनाथ और 14 अन्य लोगों के खिलाफ 27 मई, 1995 को मामला दर्ज किया गया था. जिला प्रशासन द्वारा निषेधाज्ञा लागू होने के बाद पिपिगंज शहर में एक बैठक आयोजित करने के लिए दायर किया गया था. एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद, जिला प्रशासन ने आरोपों से संबंधित सभी दस्तावेजों को सौंपा और स्थानीय अदालत में मामला दर्ज किया. अदालत ने सभी अभियुक्तों को सम्मन जारी किया और जब उन्होंने जवाब नहीं दिया, तो न्यायालय ने एनबीडब्ल्यू के खिलाफ दो साल पहले आदेश दिया था.

एडीएम ने कहा कि मैंने राज्य सरकार के पत्र को निर्देश दिया है कि अदालत में एक वापसी आवेदन दर्ज किया जाए. राज्य सरकार द्वारा भेजे गए आवेदन में योगी आदित्यनाथ सहित 13 नाम हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासन सर्दियों की छुट्टी के बाद अदालत में वापसी आवेदन दाखिल करेगी.

बता दें कि 21 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा से कहा था कि 20 हजार जनप्रतिनिधियों के ऊपर लगे केस वापस लिए जाएंगे.

कलेक्टर ने विधायक निधि के कार्यो की समीक्षा

सिवनी— आज 26 दिसम्बर को कलेक्टरेट सभाकक्ष में सिवनी में जिला कलेक्टर गोपलचन्द्र डाड की अध्यक्षता एवं सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन केवलारी विधायक रजनीश सिंह ठाकुर एवं लखनादौन विधायक योगेंद्र सिंह बाबा की उपस्थिति मेंविधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विधायक निधि से स्वीकृत कार्यो की समीक्षा बैठक* सम्पन्न हुई ।

उक्त बैठक में जिला योजना अधिकारी मरावी जी,समस्त जनपद कार्यपालन अधिकारी, सिवनी न.प.अधिकारी नवनीत पांडेय , एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियो की उपस्थिति रही ।

पी नरहरि भी शामिल है 2017 के सबसे दमदार IAS में

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पी नरहरी भी शामिल है 2017 के सबसे दमदार IAS ऑफिसर्स की लिस्ट में , जिन्होंने बातों से नहीं, बल्कि अपने काम से जनता का दिल जीता लिया ऊंचाइयां इरादों से हासिल होती हैं और इरादे मज़बूत हों तो आकाश भी आपकी मुट्ठी में आ सकता है. अपनी मेहनत, लगन और ईमानदारी से इन अधिकारियों ने समाज को बदलने का बीड़ा उठाया. तमाम ज़िम्मेदारियों के बावजूद इन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए नए तरीके अपनाए, और उन तरीकों ने इन्हें अलग पहचान भी दिलाई. सलाम! 2017 के उन 10 प्रेरणादायक अधिकारियों को जिनकी लोकप्रियता और ईमानदारी हमें गौरव से भर देती हैं.

1. पारसनाथ नायर

पारसरनाथ नायर 2007 केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं, जिन्हें हाल ही में राज्य मंत्री के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है. नायर ने कोझिकोड का कलेक्टर बन लोगों की परेशानियां कम करने के लिए कई मुद्दों को न सिर्फ़ दोबारा से उठाया, बल्कि सार्वजनिक रूप से उन पहलुओं पर सराहनीय काम भी किया.

नायर ने ऑपरेशन सुलेमानी, तेरे मेरे बीच में और यो अपोपा जैसी बड़ी परियोजना पर काम कर लोगों की ज़िंदगी बदलने का प्रयास किया, बल्कि उन्हें सफ़ल बनाक्रर अंजाम तक भी पहुंचाया. ये अधिकारी के काम और मेहनत का ही नतीजा है कि आज जनता उन्हें सम्मान से ‘कलेक्टर ब्रो’ कह कर बुलाती है.

2. पोमा टुडू

ओडिशा के नुआपड़ा जिले की कलेक्टर डॉ. पोमा टुडू के प्रयासों की जितनी सराहना की जाए कम है. वो प्रतिदिन करीब दो घंटे का सफ़र तय कर लोगों की शिकायतें सुनने के लिए जाती हैं. इस तरह का समर्पण लोक सेवकों के लिए आदर्श है. दिल्ली के ‘Lady Hardinge Medical College’ से स्नातक करने वाली पोमा 2012 बैच ओडिशा कैडर की आईएएस अधिकारी हैं.

पोमा का मकसद गांव में लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करना है. दिचलस्प बात है कि वो उन्होंने अबतक किसी को अपना रोल मॉडल नहीं बनाया. बताया जाता है कि आदिवासी परिवार से कॉलेज और बैंक में नौकरी पाने वाली पहली महिला थीं.

 

3. सुरेंद्र कुमार सोलंकी

ग्यारहवें सिविल सेवा सर्विसेज़ दिवस पर आयोजित समारोह में उत्कृष्टता के लिए डूंगरपुर के ज़िला कलेक्टर सुरेन्द्र कुमार सोलंकी को प्रधानमंत्री एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है. ये पुरस्कार आदिवासी अंचल में महिला इंजीनियर्स के माध्यम से सोलर लैम्प प्रोजेक्ट का नवाचार करने के लिए प्रदान किया गया था.

समाज के बदलाव के लिए काम करने वाले सोलंकी ने पिछले उदयपुर के मुस्कान शेल्टर होम से Chhaya Pargi नामक एक लड़की को भी गोद लिया था, जिसे उसकी चाची के अत्याचार ने घर से भागने पर मजबूर कर दिया. वहीं अधिकारी को जब इस बात का पता चला, तो उन्होंने बच्ची को गोद ले उसका भविष्य संवारने का वचन दिया.

4. मीर मोहम्मद अली

अप्रैल 2017 में केरल का कन्नूर भारत का पहला प्लास्टिक मुक्त ज़िला बन गया, जो काम सालों से कोई नहीं कर पाया. वो काम मीर मोहम्मद अली ने महज़ पांच महीनों में कर दिखाया. मीर मोहम्मद अली 2011 केरल कैडर बैच के अधिकारी हैं. इस विषय पर बात करते हुए वो बताते हैं कि पिछले साल नवंबर में उन्होंने पूरी तरह से प्लास्टिक बैग और डिस्पोज़ल ख़त्म करने के लिए अभियान शुरु किया था. इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी परियोजना को कामयाब बनाने के लिए लोकल दुकानदारों को प्लास्टिक बैग इस्तेमाल न करने की सलाह देते हुए, ऐसा करने वालों को दंडित करने की चेतावनी भी दी थी.

ये अधिकारी की ही मेहनत का नतीजा है कि कन्नूर में प्लास्टिक बैग पूरी तरह से बैन हैं.

5. परिकिपंदला नरहरि

मध्यप्रदेश कैडर 2001 बैच के आईएएस अधिकारी पी. नरहरि को हाल ही विकलांगों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने के लिए NCPEDP-Mphasis Universal Design Awards 2017 से सम्मानित किया जा चुका है. ग्वालियर में नरहरि के कार्यकाल में स्कूल फ़ीस वृद्धि का मामला चर्चा में रहा, उनके प्रयास से 92 स्कूल संचालकों ने इस साल फ़ीस नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया.

ज़िला कलेक्टर के तौर पर उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया. इनमें बीआरटीएस का चौड़ीकरण, मेट्रो प्रोजेक्ट, खान नदी किनारे से अतिक्रमण हटवाना जैसे कई मुद्दे हैं.

6. भारती हॉलिकेरी

हाल ही के महीने में तेलंगाना के मेडक ज़िला स्थित प्राइमरी हेल्थ सेंटर में चेकअप के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को लंच मुहैया कराने की घोषणा की गई. इस योजना की सबसे अच्छी बात ये थी कि इसके लिए सरकार पर किसी भी तरह का अतिरिक्त भार नहीं डाला,गया क्योंकि ये भोजन आंगनवाड़ी से आ रहा था.

समाज और महिलाओं का हित सोचने वाली कलेक्टर भारती ने महसूस किया कि गर्भवती महिलाएं चेकअप के लिए सुबह जल्दी घर से निकलती हैं और देर शाम घर पर पहुंचती हैं. ऐसे में मुमकिन है कि वो दोपहर का खाना नहीं खा पाती, जो कि उनकी सेहत के लिए काफ़ी हानिकारक है, जिसके चलते उन्होंने हेल्थ सेंटर आने वाली महिलाओं को भोजन मुहैया कराने का फ़ैसला लिया. इतना ही नहीं भारती ने स्वच्छता अभियान से लेकर ज़िले में कई सकारात्मक परिवर्तन किए जो बेहद सराहनीय हैं.

7. पीएस प्रद्युम्ना

Palle Nidra प्रोग्राम के तहत एक लाख टॉयलेट बनवाने वाले प्रद्युम्ना अपने अनोखे कामों के लिए जाने जाते हैं. इनकी अच्छी योजनाओं और समावेशी पहलों ने आंध्र प्रदेश ज़िले को एक नया विकास दिया है. इतना ही नहीं, आईएएस अफ़सर ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शैक्षिक संस्थानों, बस स्टॉप जैसी तमाम जगहों पर निर्भया पैट्रोलिंग नामक एक लोकप्रिय प्रोग्राम भी चलाया. इसके अलावा अधिकारी ने किसानों के हित के लिए भी कई काम किए.

8. सौरभ कुमार

युवा IAS सौरभ कुमार दंतेवाड़ा क्षेत्र में इतना बेहतर कार्य कर रहे हैं कि राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार भी उनके कार्यों की प्रशंसा करती रहती है. दंतेवाड़ा का कलेक्टर बनने के बाद से ज़िले की विकास की रफ़्तार तेज़ हुई है. यहां पर नक्सलवादी गतिविधियां पहले से कम हुई हैं. सौरभ कुमार दंतेवाड़ा में 13 अप्रैल 2015 से कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं और लगातार अच्छे कार्य कर रहे हैं. वो शासन की सभी योजनाओं को पूरी जिम्मेदारी के साथ बेहतर ढंग से लागू करवा रहे हैं. चाहे वो साईकल वितरण हो या मध्यान भोजन हो.

इसी तरह से केंद्र सरकार की कैशलेस योजना में बेहतर कार्य के लिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है. सौरभ कुमार ने कड़ी मेहनत से बिना मोबाइल नेटवर्क के दंतेवाड़ा के एक गांव ‘पालनार’ प्रदेश का पहला कैशलेस सेंटर बनाकर दिखाया.

9. रोनाल्ड रोज़

IAS रोनाल्ड ने तेलंगाना के महबूबनगर ज़िले में विकास के कुछ नए रिकॉर्ड बनाए हैं. गांवों में तेज़ी से खुलते शौचालय और किसानों के बदलते जैविक तरीके सबूत हैं इस बात कि रोनाल्ड की मेहनत रंग ला रही है. रोनाल्ड ने ज़िले में कुछ अद्भुत परिवर्तन किए, जिससे वहां का विकास साफ़ तौर पर देखा जा सकता है.

10. रोहिणी आर

हाल ही में रोहिणी सलेम ज़िले की नई कलेक्टर नियुक्त की गईं, स्थानीय लोगों के लिए ये किसी सेलिब्रेशन से कम नहीं था. ज़िला कलेक्टर बनते ही रोहिणी ने क्षेत्र में कई बदलाव किए. अचानक से अस्पतालों में जाकर मरीज़ों का हाल चाल लेती हैं. Whatsapp के माध्यम से लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहती हैं. स्कूली छात्रों से बातचीत से लेकर लोगों की शिकायत सुनने तक वो व्यक्तिगत रूप से ग्रामीणों इलाकों में जाती हैं. इसके साथ ही उन्होंने ऑफ़िस के अंदर प्लास्टिक की पॉलीथिन और बैग पर प्रतिबंध लगा रखा है.

 

Source: TheBetterIndia