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सामान्य पिछडा़ एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था

सपाक्स समाज संस्था का हुआ गठन सिवनी-21 जनवरी को सपाक्स सम्मिलन समारोह एवं वार्षिक कैलेंडर का विमोचन प्रदेश सपाक्स संरक्षक सम्मान्य श्री राजीव शर्मा जी आई.ए.एस. अपर सचिव नगरीय प्रशासन एवं प्रांतीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में होगा सम्पन्नरविवार 31 दिसम्बर एम एल बी में आहूत सामान्य पिछडा़ एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था सपाक्स की अत्यावश्यक बैठक में

सपाक्स समाज संस्था का गठन हुआ.जिसमें सेवानिवृत्त प्राचार्य श्री मुरलीधर पांडे जी को सपाक्स समाज संस्था का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया।सपाक्स जिला अध्यक्ष प्रद्युम्न चतुर्वेदी ने बताया है कि श्री पांडे सपाक्स महिला इकाई,सपाक्स युवा इकाई,

सपाक्स छात्र इकाई का गठन जिला एवं खण्ड स्तर पर कार्यकारिणी गठित कर प्रदेश

सपाक्स समाज संस्था को सूचित करेंगे।जिला सपाक्स पदाधिकारी श्री एन एस बैस जी,श्री अजय शर्मा जी,श्री के के दुबे जी ने बताया है कि प्रदेश सपाक्स संरक्षक सम्मान्य श्री राजीव शर्मा जी आई. ए. एस. अपर सचिव नगरीय प्रशासन एवं प्रांतीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में

21 जनवरी को सपाक्स सम्मिलन समारोह एवं वार्षिक कैलेंडर का विमोचन होगा।

जिला सपाक्स नोडल अधिकारी श्री प्रद्युम्न चतुर्वेदी,श्री एन.एस. बैस ने कहा कि आरक्षण आर्थिक आधार पर हो,पदोन्नति मे आरक्षण पूर्णतः समाप्त हो।

एक्ट्रोसिटी एक्ट समाप्त हो।

योग्यता एवं समानता के आधार पर युवाओं को रोजगार दिया जाये।म प्र के युवाओं को सरकारी एवं प्रदेश मे स्थापित निजी क्षेत्र के उद्योगों(स्थानीय स्तर पर 70%) में प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दी जाये।

सपाक्स की सदस्यता हेतु घर घर सम्पर्क किया जायेगा।

उक्त बैठक में सैकड़ों पदाधिकारी उपस्थित रहे।

एकात्म यात्रा को लेकर कलेक्टर एस.पी. ने किया मठमंदिर का निरीक्षण

सिवनी 3 जनवरी 18/ एकात्म यात्रा अंतर्गत जिला मुख्यालय में होने वाले कार्यक्रम के आयोजन स्थल मठ मंदिर मैदान एवं समरसता भोज आयोजन हेतु अम्बेडकर वार्ड स्थित ग्राउंड का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण अवधि में पुलिस अधीक्षक श्री तरूण नायक, अपर कलेक्टर श्री व्ही.पी. द्विवेदी, अनुविभागीय अधिकारी श्री हर्ष सिंह, कुरई अनुविभागीय अधिकारी कमलेश्वर चौबे, कार्यपालन यंत्री श्री जी.एस. बघेल, मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री नवनीत पांडे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री डाड ने संपूर्ण परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा- निर्देश दिये।

200 रुपए के नोट से जुड़ी खुशखबरी, अब आपको ऐसे मिलेंगे ये नोट

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नई दिल्ली: 200 रुपए के नोट को जारी हुए काफी समय बीत चुका है. लेकिन, अब भी लोगों के पास इसकी पहुंच काफी कम है. सिर्फ बैंकों से कुछ नोट लोगों को मिले हैं. अब आपके लिए खुशखबरी है कि 200 का नोट एटीएम से निकलेगा. इसके लिए आरबीआई ने बैंकों से एटीएम में जरूरी बदलाव करके इसे मुहैया कराने को कहा है. इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, जो लोग इस कवायद से जुड़े हैं उन्होंने कहा है कि इसके लिए बैंकों पर 110 करोड़ का बोझ आएगा.बैंकों को एटीएम में डालने के निर्देश

आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि जितनी जल्दी हो सके, बैंकों के एटीएम में दो सौ रुपए के नोट को मुहैया कराए. यह एक अच्छा कदम है क्योंकि लोगों को छोटे नोट की जरुरत है. हालांकि, सूत्रों की मानें तो अभी इस पूरी प्रक्रिया में 5-6 महीने का समय लग सकता है.

ये है इसका कारण

आंकड़ों से पता चलता है कि एटीएम से पैसे निकालने का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. सितंबर 206 में एटीएम से 2.44 लाख करोड़ की निकासी हुई जबकि सितंबर 2017 में यह बढ़ कर 2.44 लाख करोड़ पहुंच गया था. आंकड़ों के मुताबिक, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा की थी तब के मुकाबले 95 प्रतिशत करेंसी मार्केट में आ गई है. औऱ यह वर्तमान में 17 लाख है.

एटीएम बदलाव में इतना खर्च

भारत में वर्तमान में 2.2 लाख एटीएम हैं. उनमें दो सौ रुपए के नोट को फिट करने के लिए बदलाव करने में लगभग 110 करोड़ रुपए का खर्च आएगा और यह काम लगभग 6 महीने में पूरा हो जाएगा. कुछ बैंक एटीएम में बदलाव के कार्य को करवाना शुरू भी कर चुके हैं.

भोपाल- IAS अधिकारियों के तबादले

सिवनी- मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आज आई ए एस अधिकारियों की तबादले की सूची जारी की है

कलेक्टर ने ली उत्कृष्ट मैदान की सुध, जल्द ही खेलो के लिए उपलब्ध हो सकता है उपेक्षित क्षेत्र

सिवनी– जिला मुख्यालय में हर वर्ष शिक्षा विभाग सहित अन्य विभाग लगभग 100 से खेल एवं अन्य आयोजन करते है,लेकिन विभाग के स्वयं का सायमित्व वाला कोई खेल मैदान नही है हालकि उपनगरीय भेरोगज में उत्कृष्ट विधायल के पीछे 9 एकड़ की जमीन खेल मैदान के लिये अनुकूल हो सकती थी,इससे पूर्व भेरोगज के जागरूक नागरिको सजंय शर्मा, मन्द्रा डेहरिया ,देवेंद्र ठाकुर द्वारा यहा सफाई कर मेदान को व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया था,वही नेकी की दीवार टीम के सदस्य सुंदर बघेल के सौजन्य से जेसीबी से मेदान को समतल करने का कार्य हो चुका था।

निरतंर आवेदनों के बाद 4 जनवरी को जिला कलेक्टर गोपलचन्द्र ,पुलिस अधिकछ तरुण नायक व सीएमओनपा नवनीत पांडेय ने इस मैदान का अवलोकन किया ,मौके पर मौजूद सीएमओ को कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जल्द से जल्द यहाँ के अतिकर्णमन हटाये,साथ ही नपा को मिलने वाले शिक्षा उपकर की राशि से मैदान को खेल योग्य बनाए ताकि यहाँ बच्चों को सुविधाएं मिल सके

रबी फसल हेतु फसल बीमा की अंतिम तिथि 15 जनवरी

रबी फसल हेतु फसल बीमा की अंतिम तिथि 15 जनवरी अऋणी कृषक भी ले लाभ

सिवनी 3 जनवरी 18/ कृषकों के लिये प्राकृतिक आपदाओं, कीट और रोगों से अधिसूचित फसलों के नष्ट होने की स्थिति में, आय की स्थिरता किसानों को बीमा आवरण तथा वित्तीय समर्थन एवं आधुनिक कृषि प्रणालियों से अवगत कराने के लिये प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रारंभ हुई है। ऋणी एवं अऋणी कृषक अधिसूचित फसल/क्षेत्र अंतर्गत फसल बीमा करा सकते हैं। कृषकों को अधिसूचित फसल क्षेत्र में फसल बीमा हेतु रबी मौसम में 1.5 प्रतिशत प्रीमियम जमा करना है। योजना अंतर्गत फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2018 निर्धारित की गई है। बीमा हेतु कृषकों को भू-अधिकार पुस्तिका, बुवाई प्रमाण पत्र, पूर्णत: भरा हुआ प्रस्ताव पत्र (बैंक खाता की जानकारी सहित),.पहचान पत्र (इलेक्शन फोटो आई डी, आधार कार्ड, राशन कार्ड, पेन कार्ड) के साथ बीमा कराने हेतु अपने निकटतम बैंक शाखा से संपर्क करना होगा। कृषक भाईयों से अनुराध है की अंतिम तिथि का इंतजार न करते हूए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत फसल बीमा का लाभ उठाए।

Paytm से 500 रुपये खर्च कीजिए और देश के 1 अरब लोगों के आधार कार्ड की जानकारी हो जाएगी आपकी

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पिछले साल नवंबर में ही आधार कार्ड बनाने वाली अथॉरिटी UIDAI ने देश के लोगों को भरोसा दिलाया था कि, ‘आधार कार्ड का डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है और यह डाटा किसी भी तरह से लीक नहीं हो सकता है’ लेकिन एक अंग्रेज़ी अखबार की ताज़ा इंवेस्टिगेशन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जी हां, आपके आधार कार्ड की जानकारी बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है. इस तहकीकात में पता चला है कि सिर्फ़ 500 रुपये देकर और 10 मिनट के अंदर देश भर के करोड़ों लोगों की आधार कार्ड की जानकारी हासिल की जा सकती है. द ट्रिब्यून के रिपोर्टर ने Whatsapp ग्रुप के ज़रिए, केवल 500 रुपये में यह सर्विस खरीदी और उसे लगभग हर भारतीय के आधार कार्ड का एक्सेस मिल गया.

इंवेस्टिगेशन कैसे हुई ?

दरअसल इस इंवेस्टिगेशन में एक एजेंट के बारे में पता लगा जिसने अपना नाम अनिल कुमार बताया. अनिल ने एक एक्सेस पोर्टल बनाने को कहा.

अनिल ने रिपोर्टर से नाम, ई-मेल और मोबाइल नंबर मांगा जिसके बाद अनिल ने रिपोर्टर को एक नंबर दिया जिस पर Paytm से 500 रुपए ट्रांसफ़र करने को कहा गया.

पैसे मिलने के बाद एजेंट ने मात्र 10 मिनट में एक गेटवे दिया और लॉग-इन पासवर्ड दिया. उसके बाद उन्हें सिर्फ आधार कार्ड का नंबर डालना था और किसी भी व्यक्ति के बारे निजी जानकारी आसानी से मिल गई.

300 रुपए और खर्च कीजिए और आपको एक Software मिलेगा जिससे आप किसी का भी आधार कार्ड प्रिंट करवा सकते हैं.

इसके बाद अनिल कुमार से इन आधार कार्ड का प्रिंट करवाने के लिए बोला गया तो उसने Paytm के ज़रिए फिर से 300 रुपये लिए और फिर रिमोट से ‘टीम व्यूवर’ के माध्यम से एक तहकीकात करने वाली रिपोर्टर के कंप्यूटर में एक सॉफ्टवेयर इंस्टाल किया और जैसे ही काम खत्म हुआ तो उसने सॉफ्टवेयर को डिलीट कर दिया. इस सॉफ़्टवेयर की मदद से अब किसी भी आधार नंबर को डालकर उसकी पूरी डिटेल्स समेत आधार कार्ड को प्रिंट कराया जा सकता था.

इस बारे में जानकारी होने पर यूआईडीएआई अधिकारी हैरान रह गए और उन्होंने जल्दी ही बेंगलुरु में टेक्निक्ल टीम को इससे अवगत कराया. चंडीगढ़ में यूआईडीएआई की रिजनल एडशिनल डॉयरेक्टर-जनरल, संजय जिंदल ने बताया कि अगर ये सही है तो काफी चौंकाने वाला है क्योंकि डॉयरेक्टर-जनरल और मेरे अलावा किसी और के पास लॉग-इन पासवर्ड नहीं होना चाहिए.

जालंधर में पिछले 6 महीनों से सक्रिय है ये ग्रुप

रिपोर्ट के मुताबिक, ये ग्रुप करीब 6 महीने से सक्रिय है. एक रैकेट ने सबसे पहले उन तीन लाख ग्रामीण लोगों को टारगेट किया, जिन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से कॉमन सर्विस सेंटर स्कीम के तहत सेंटर खोले थे. उन्होंने इन लोगों से आधार के बारे में सारी जानकारी निकालना आसान समझा और उन्हें ही अपने चंगुल में फ़ंसा लिया.

खास बात ये है कि UIDAI का पोर्टल जो केवल आधार के डाटाबेस के एडमिन द्वारा ही एक्सेस किया जा सकता है, इस समय डाउन पड़ा हुआ है. माना जा रहा है कि आधार के डाटा में हुई ज़बरदस्त सेंध के कारण ही ये साइट ठप्प पड़ी हुई है. अगर आप अपने ब्राउज़र पर portal.uidai.gov.in डालते हैं तो आपको ये मैसेज मिलेगा.

नई दिल्ली के कन्वेनर गोपाल कृष्णन के मुताबिक, इस लीकेज का मतलब है कि आधार प्राइवेसी टेस्ट के मामले में पूरी तरह से फ़ेल साबित हुआ है. डाटा प्रोटेक्शन कानून का कोई मतलब नहीं रह गया है क्योंकि डाटा के साथ तो पहले से ही छेड़छाड़ हो चुकी है.