Sunday, December 4, 2022
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Paytm से 500 रुपये खर्च कीजिए और देश के 1 अरब लोगों के आधार कार्ड की जानकारी हो जाएगी आपकी

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पिछले साल नवंबर में ही आधार कार्ड बनाने वाली अथॉरिटी UIDAI ने देश के लोगों को भरोसा दिलाया था कि, ‘आधार कार्ड का डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है और यह डाटा किसी भी तरह से लीक नहीं हो सकता है’ लेकिन एक अंग्रेज़ी अखबार की ताज़ा इंवेस्टिगेशन में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जी हां, आपके आधार कार्ड की जानकारी बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है. इस तहकीकात में पता चला है कि सिर्फ़ 500 रुपये देकर और 10 मिनट के अंदर देश भर के करोड़ों लोगों की आधार कार्ड की जानकारी हासिल की जा सकती है. द ट्रिब्यून के रिपोर्टर ने Whatsapp ग्रुप के ज़रिए, केवल 500 रुपये में यह सर्विस खरीदी और उसे लगभग हर भारतीय के आधार कार्ड का एक्सेस मिल गया.

इंवेस्टिगेशन कैसे हुई ?

दरअसल इस इंवेस्टिगेशन में एक एजेंट के बारे में पता लगा जिसने अपना नाम अनिल कुमार बताया. अनिल ने एक एक्सेस पोर्टल बनाने को कहा.

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अनिल ने रिपोर्टर से नाम, ई-मेल और मोबाइल नंबर मांगा जिसके बाद अनिल ने रिपोर्टर को एक नंबर दिया जिस पर Paytm से 500 रुपए ट्रांसफ़र करने को कहा गया.

पैसे मिलने के बाद एजेंट ने मात्र 10 मिनट में एक गेटवे दिया और लॉग-इन पासवर्ड दिया. उसके बाद उन्हें सिर्फ आधार कार्ड का नंबर डालना था और किसी भी व्यक्ति के बारे निजी जानकारी आसानी से मिल गई.

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300 रुपए और खर्च कीजिए और आपको एक Software मिलेगा जिससे आप किसी का भी आधार कार्ड प्रिंट करवा सकते हैं.

इसके बाद अनिल कुमार से इन आधार कार्ड का प्रिंट करवाने के लिए बोला गया तो उसने Paytm के ज़रिए फिर से 300 रुपये लिए और फिर रिमोट से ‘टीम व्यूवर’ के माध्यम से एक तहकीकात करने वाली रिपोर्टर के कंप्यूटर में एक सॉफ्टवेयर इंस्टाल किया और जैसे ही काम खत्म हुआ तो उसने सॉफ्टवेयर को डिलीट कर दिया. इस सॉफ़्टवेयर की मदद से अब किसी भी आधार नंबर को डालकर उसकी पूरी डिटेल्स समेत आधार कार्ड को प्रिंट कराया जा सकता था.

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इस बारे में जानकारी होने पर यूआईडीएआई अधिकारी हैरान रह गए और उन्होंने जल्दी ही बेंगलुरु में टेक्निक्ल टीम को इससे अवगत कराया. चंडीगढ़ में यूआईडीएआई की रिजनल एडशिनल डॉयरेक्टर-जनरल, संजय जिंदल ने बताया कि अगर ये सही है तो काफी चौंकाने वाला है क्योंकि डॉयरेक्टर-जनरल और मेरे अलावा किसी और के पास लॉग-इन पासवर्ड नहीं होना चाहिए.

जालंधर में पिछले 6 महीनों से सक्रिय है ये ग्रुप

रिपोर्ट के मुताबिक, ये ग्रुप करीब 6 महीने से सक्रिय है. एक रैकेट ने सबसे पहले उन तीन लाख ग्रामीण लोगों को टारगेट किया, जिन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से कॉमन सर्विस सेंटर स्कीम के तहत सेंटर खोले थे. उन्होंने इन लोगों से आधार के बारे में सारी जानकारी निकालना आसान समझा और उन्हें ही अपने चंगुल में फ़ंसा लिया.

खास बात ये है कि UIDAI का पोर्टल जो केवल आधार के डाटाबेस के एडमिन द्वारा ही एक्सेस किया जा सकता है, इस समय डाउन पड़ा हुआ है. माना जा रहा है कि आधार के डाटा में हुई ज़बरदस्त सेंध के कारण ही ये साइट ठप्प पड़ी हुई है. अगर आप अपने ब्राउज़र पर portal.uidai.gov.in डालते हैं तो आपको ये मैसेज मिलेगा.

नई दिल्ली के कन्वेनर गोपाल कृष्णन के मुताबिक, इस लीकेज का मतलब है कि आधार प्राइवेसी टेस्ट के मामले में पूरी तरह से फ़ेल साबित हुआ है. डाटा प्रोटेक्शन कानून का कोई मतलब नहीं रह गया है क्योंकि डाटा के साथ तो पहले से ही छेड़छाड़ हो चुकी है.

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Shubham Sharma
Shubham Sharmahttps://shubham.khabarsatta.com
Shubham Sharma is an Indian Journalist and Media personality. He is the Director of the Khabar Arena Media & Network Private Limited , an Indian media conglomerate, and founded Khabar Satta News Website in 2017.
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