Home Blog Page 2257

अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत

सिवनी- जिले के केवलारी थाने के ग्राम डूंडा सिवनी में मांनेगाव टेक के समीप अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हुए युवक सुनील ठाकुर उम्र 36 वर्ष को जिला हॉस्पिटल सिवनी में आज सुबह 10 बजे भर्ती कराया गया था,जहाँ उसकी लगभग 12.30 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई ।

महिला दिवस पर दी बुआ जी को शुभकामना

डाँ. श्रीमति वंदना जनक तिवारी,श्रीमति सरिता यादव,एडवोकेट अखिलेश यादव,डाँ. रामकुमार चतुर् tvवेदी, जनक तिवारी,यश”कान्हा”यादव,गौरव बिसेन,कल्पित साहू आदि ने आज अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च 2018 को शाम मे 6 बजे कुमारी विमला वर्मा “बुआजी”के निवास “गिरधर भवन “जाकर शाल पुष्प गुच्छ भेंट करते हुये उनके स्वास्थ लाभ की कामना कर आज के दिवस की सार्थकता को पूर्ण किया ।बुआजी वर्तमान मे 88 वर्ष की अवस्था मे अस्वस्थता की स्थिति मे हैं।उन्होंने युवावस्था मे समाज सेवा,महाविद्यालय मे निःशुल्क अध्यापन कार्य से प्रारम्भ होकर एक ईमानदार सशक्त क्रियाशील कर्तव्य निष्ठ जनप्रतिनिधि के रूप म.प्र.मंत्री मंडल मे केबिनेट मंत्री तथा केन्द्र सरकार मे केन्द्रीय केबिनेट मंत्री के दायित्वों का वर्षो तक निर्वाह कर सिवनी जिले का प्रतिनिधित्व प्रदान कर देश,प्रदेश सहित सिवनी जिले को सबसे अधिक लाभान्वित किया ।बुआजी को सिवनी जिले के विकास की भगीरथी भी कहा जाता है ।

इन देशों में रहती है अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन छुट्टी

आमतौर पर जब कोई दिन विशेष मनाया जाता है तो कई देशों में उस दिन अवकाश होता है ताकि लोग उस दिन का जश्न मना सकें। कुछ ऐसा ही अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन होता है। विश्व के दो दर्जन से अधिक देशों में इस दिन अवकाश दिया जाता है।

आपको बता दें कि अफगानिस्तान, अंगोला, आर्मेनिया, अजरबाइजान, बेलारूस, बुर्किना फासो, कंबोडिया, चीन (केवल महिलाओं के लिए), क्यूबा, जॉर्जिया, गिन्नी-बिसाउ, इरीट्रिया, कजाखिस्तान, किर्गिस्तान, लाओस जैसे देश शामिल हैं।

इसके अलावा मकदूनिया (केवल महिलाओं के लिए), मेडागास्कर (केवल महिलाओं के लिए), माल्डोवा, मंगोलिया, नेपाल (केवल महिलाओं के लिए), रूस, ताजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, यूगांडा, यूक्रेन, उज़्बेकिस्तान, वियतनाम और जाम्बिया में इस दिन आधिकारिक अवकाश रहता है और लोग इस दिन तरह तरह के आयोजन करके जश्न मनाते हैं।

यह भी पढ़ें : जानिए 8 मार्च को क्यों मनाते हैं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

डॉक्टर ने जीवित युवक को बताया था मृत | अस्पताल के कर्मचारी संजय सारवान का किया सम्मान

कुछ देशों में, जैसे कैमरून, क्रोएशिया, रोमानिया, मोंटेनेग्रो, बोस्निया और हर्जेगोविना, सर्बिया, बुल्गारिया और चिली में इस दिन कोई सार्वजनिक अवकाश नहीं होता, हालांकि फिर भी इसे व्यापक रूप से मनाया जाता है।

इस दिवस पर पुरुष प्रायः अपने जीवन में उपस्थित महिलाओं जैसे दोस्तों, माताओं, पत्नी, गर्लफ्रेंड, बेटियों, सहकर्मियों आदि को फूल या कुछ उपहार देते हैं। कुछ देशों में (जैसे बुल्गारिया और रोमानिया) यह दिन मातृ दिवस के रूप में मनाया जाता है, जहां बच्चे अपनी माताओं और दादी को उपहार भी देते हैं।

जानिए 8 मार्च को क्यों मनाते हैं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस गुरुवार को मनाया जाएगा। सबसे पहले 1909 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया था। इसे संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1975 से मनाना शुरू किया। विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं लेकिन अतीत में ऐसा नहीं था। जिस प्रकार की आजादी आज हम महिलाओं को प्राप्त हुए देखते हैं, वे पहले नहीं थीं। न वे पढ़ पाती हैं न नौकरी कर पाती थीं और न ही उन्हें वोट डालने की आजादी थी।

कैसे हुई शुरुआत

1908 में 15000 महिलाओं ने न्यूयॉर्क सिटी में वोटिंग अधिकारों की मांग के लिए, काम के घंटे कम करने के लिए और बेहतर वेतन मिलने के लिए मार्च निकाला। एक साल बाद अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी की घोषणा के अनुसार 1909 में यूनाइटेड स्टेट्स में पहला राष्ट्रीय महिला दिवस 28 फरवरी को मनाया गया। 1910 में clara zetkin (जर्मनी की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की महिला ऑफिस की लीडर) नामक महिला ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का विचार रखा, उन्होंने सुझाव दिया की महिलाओ को अपनी मांगो को आगे बढ़ने के लिए हर देश में अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाना चाहिए। एक कांफ्रेंस में 17 देशो की 100 से ज्यादा महिलाओ ने इस सुझाव पर सहमती जताई और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की स्थापना हुई, इस समय इसका प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को वोट का अधिकार दिलवाना था। 19 मार्च 1911 को पहली बार आस्ट्रिया डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्ज़रलैंड में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। 1913 में इसे ट्रांसफर कर 8 मार्च कर दिया गया और तब से इसे हर साल इसी दिन मनाया जाता है।

ये 3 Motivational Stories in Hindi बदल देगीं आपकी जिंदगी

हौंसला बढ़ाने वाली ये तीन Inspiring Motivational Stories in Hindi आपको निराशा से निकालकर सफलता की ओर ले जायेंगी|

सभी के जीवन में एक समय ऐसा आता है जब सभी चीज़ें आपके विरोध में हो रहीं हों और हर तरफ से निराशा मिल रही हो| चाहें आप एक प्रोग्रामर हैं या कुछ और, आप जीवन के उस मोड़ पर खड़े होता हैं जहाँ सब कुछ ग़लत हो रहा होता है| अब चाहे ये कोई सॉफ्टवेर हो सकता है जिसे सभी ने रिजेक्ट कर दिया हो, या आपका कोई फ़ैसला हो सकता है जो बहुत ही भयानक साबित हुआ हो |



लेकिन सही मायने में, विफलता सफलता से ज़्यादा महत्वपूर्ण होती है | हमारे इतिहास में जितने भी बिजनिसमेन, साइंटिस्ट और महापुरुष हुए हैं वो जीवन में सफल बनने से पहले लगातार कई बार फेल हुए हैं | जब हम बहुत सारे कम कर रहे हों तो ये ज़रूरी नहीं कि सब कुछ सही ही होगा| लेकिन अगर आप इस वजह से प्रयास करना छोड़ देंगे तो कभी सफल नहीं हो सकते |

हेनरी फ़ोर्ड, जो बिलियनेर और विश्वप्रसिद्ध फ़ोर्ड मोटर कंपनी के मलिक हैं | सफल बनने से पहले फ़ोर्ड पाँच अन्य बिज़निस मे फेल हुए थे | कोई और होता तो पाँच बार अलग अलग बिज़निस में फेल होने और कर्ज़ मे डूबने के कारण टूट जाता| लेकिन फ़ोर्ड ने ऐसा नहीं किया और आज एक बिलिनेअर कंपनी के मलिक हैं |

अगर विफलता की बात करें तो थॉमस अल्वा एडिसन का नाम सबसे पहले आता है| लाइट बल्व बनाने से पहले उसने लगभग 1000 विफल प्रयोग किए थे |



अल्बेर्ट आइनस्टाइन जो 4 साल की उम्र तक कुछ बोल नहीं पता था और 7 साल की उम्र तक निरक्षर था | लोग उसको दिमागी रूप से कमजोर मानते थे लेकिन अपनी थ्ओरी और सिद्धांतों के बल पर वो दुनिया का सबसे बड़ा साइंटिस्ट बना |

अब ज़रा सोचो कि अगर हेनरी फ़ोर्ड पाँच बिज़नेस में फेल होने के बाद निराश होकर बैठ जाता, या एडिसन 999 असफल प्रयोग के बाद उम्मीद छोड़ देता और आईन्टाइन भी खुद को दिमागी कमजोर मान के बैठ जाता तो क्या होता?

हम बहुत सारी महान प्रतिभाओं और अविष्कारों से अंजान रह जाते |

तो मित्रों, असफलता सफलता से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण है…..

असफलता ही इंसान को सफलता का मार्ग दिखाती है। किसी महापुरुष ने बात कही है कि –

“Winners never quit and quitters never win”

जीतने वाले कभी हार नहीं मानते और हार मानने वाले कभी जीत नहीं सकते

आज सभी लोग अपने भाग्य और परिस्थियों को कोसते हैं। अब जरा सोचिये अगर एडिसन भी खुद को अनलकी समझ कर प्रयास करना छोड़ देता तो दुनिया एक बहुत बड़े आविष्कार से वंचित रह जाती। आइंस्टीन भी अपने भाग्य और परिस्थियों को कोस सकता था लेकिन उसके ऐसा नहीं किया तो आप क्यों करते हैं।

अगर किसी काम में असफल हो भी गए हो तो क्या हुआ ये अंत तो नहीं है ना, फिर से कोशिश करो, क्योंकि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

मित्रों असफलता तो सफलता की एक शुरुआत है, इससे घबराना नहीं चाहिये बल्कि पूरे जोश के साथ फिर से प्रयास करना चाहिये..

3 Best Inspirational Motivational Stories in Hindi



इंसान की कीमत

एकबार एक टीचर क्लास में पढ़ा रहे थे| बच्चों को कुछ नया सिखाने के लिए टीचर ने जेब से 100 रुपये का एक नोट निकाला| अब बच्चों की तरफ वह नोट दिखाकर कहा – क्या आप लोग बता सकते हैं कि यह कितने रुपये का नोट है ?

सभी बच्चों ने कहा – “100 रुपये का”

टीचर – इस नोट को कौन कौन लेना चाहेगा ? सभी बच्चों ने हाथ खड़ा कर दिया|

अब उस टीचर ने उस नोट को मुट्ठी में बंद करके बुरी तरह मसला जिससे वह नोट बुरी तरह कुचल सा गया| अब टीचर ने फिर से बच्चों को नोट दिखाकर कहा कि अब यह नोट कुचल सा गया है अब इसे कौन लेना चाहेगा ?

सभी बच्चों ने फिर हाथ उठा दिया।

अब उस टीचर ने उस नोट को जमीन पर फेंका और अपने जूते से बुरी तरह कुचला| फिर टीचर ने नोट उठाकर फिर से बच्चों को दिखाया और पूछा कि अब इसे कौन लेना चाहेगा ?

सभी बच्चों ने फिर से हाथ उठा दिया|

अब टीचर ने कहा कि बच्चों आज मैंने तुमको एक बहुत बड़ा पढ़ाया है| ये 100 रुपये का नोट था, जब मैंने इसे हाथ से कुचला तो ये नोट कुचल गया लेकिन इसकी कीमत 100 रुपये ही रही, इसके बाद जब मैंने इसे जूते से मसला तो ये नोट गन्दा हो गया लेकिन फिर भी इसकी कीमत 100 रुपये ही रही|

ठीक वैसे ही इंसान की जो कीमत है और इंसान की जो काबिलियत है वो हमेशा वही रहती है| आपके ऊपर चाहे कितनी भी मुश्किलें आ जाएँ, चाहें जितनी मुसीबतों की धूल आपके ऊपर गिरे लेकिन आपको अपनी कीमत नहीं गंवानी है| आप कल भी बेहतर थे और आज भी बेहतर हैं|


हाथी और रस्सी –

एक व्यक्ति रास्ते से गुजर रहा था कि तभी उसने देखा कि एक हाथी एक छोटे से लकड़ी के खूंटे से बंधा खड़ा था| व्यक्ति को देखकर बड़ी हैरानी हुई कि इतना विशाल हाथी एक पतली रस्सी के सहारे उस लकड़ी के खूंटे से बंधा हुआ है|

ये देखकर व्यक्ति को आश्चर्य भी हुआ और हंसी भी आयी| उस व्यक्ति ने हाथी के मालिक से कहा – अरे ये हाथी तो इतना विशाल है फिर इस पतली सी रस्सी और खूंटे से क्यों बंधा है ? ये चाहे तो एक झटके में इस रस्सी को तोड़ सकता है लेकिन ये फिर भी क्यों बंधा है ?

हाथी के मालिक ने व्यक्ति से कहा कि श्रीमान जब यह हाथी छोटा था मैंने उसी समय इसे रस्सी से बांधा था| उस समय इसने खूंटा उखाड़ने और रस्सी तोड़ने की पूरी कोशिश की लेकिन यह छोटा था इसलिए नाकाम रहा| इसने हजारों कोशिश कीं लेकिन जब इससे यह रस्सी नहीं टूटी तो हाथी को यह विश्वास हो गया कि यह रस्सी बहुत मजबूत है और यह उसे कभी नहीं तोड़ पायेगा इस तरह हाथी ने रस्सी तोड़ने की कोशिश ही खत्म कर दी|

आज यह हाथी इतना विशाल हो चुका है लेकिन इसके मन में आज भी यही विश्वास बना हुआ है कि यह रस्सी को नहीं तोड़ पायेगा इसलिए यह इसे तोड़ने की कभी कोशिश ही नहीं करता| इसलिए इतना विशाल होकर भी यह हाथी एक पतली सी रस्सी से बंधा है|

दोस्तों उस हाथी की तरह ही हम इंसानों में भी कई ऐसे विश्वास बन जाते हैं जिनसे हम कभी पार नहीं पा पाते| एकबार असफल होने के बाद हम ये मान लेते हैं कि अब हम सफल नहीं हो सकते और फिर हम कभी आगे बढ़ने की कोशिश ही नहीं करते और झूठे विश्वासों में बंधकर हाथी जैसी जिंदगी गुजार देते हैं|


हर काम अपने समय पर ही होता है

एकबार एक व्यक्ति भगवान् के दर्शन करने पर्वतों पर गया| जब पर्वत के शिखर पर पहुंचा तो उसे भगवान् के दर्शन हुए| वह व्यक्ति बड़ा खुश हुआ|

उसने भगवान से कहा – भगवान् लाखों साल आपके लिए कितने के बराबर हैं ?

भगवान ने कहा – केवल 1 मिनट के बराबर

फिर व्यक्ति ने कहा – भगवान् लाखों रुपये आपके लिए कितने के बराबर हैं ?

भगवान ने कहा – केवल 1 रुपये के बराबर

तो व्यक्ति ने कहा – तो भगवान क्या मुझे 1 रुपया दे सकते हैं ?

भगवान् मुस्कुरा के बोले – 1 मिनट रुको वत्स….हा हा

मित्रों, समय से पहले और नसीब से ज्यादा ना कभी किसी को मिला है और ना ही मिलेगा| हर काम अपने वक्त पर ही होता है| वक्त आने पर ही बीज से पौधा अंकुरित होता है, वक्त के साथ ही पेड़ बड़ा होता है, वक्त आने पर ही पेड़ पर फल लगेगा| तो दोस्तों जिंदगी में मेहनत करते रहो जब वक्त आएगा तो आपको फल जरूर मिलेगा|


डॉक्टर ने जीवित युवक को बताया था मृत | अस्पताल के कर्मचारी संजय सारवान का किया सम्मान

छिंदवाड़ा-आज नगर के युवा सामाजिक कार्यकर्ताओ ने जिला अस्पताल में पदस्त संजय सारवान के निवास पहुंचकर पुष्पमाला पहनाकर शाल श्री फल से सम्मान किया ज्ञात हो की विगत दिवस जिला अस्पताल और नागपुर के डॉक्टरों के द्वारा दुर्घटना में घायल जीवित युवक हिमांशु भारतद्वाज को मृत बताकर 6 घंटे तक मरचुरि में रख कर उसका पोस्टमार्टम करने की तैयारी थी किन्तु जिला अस्पताल में स्वीपर पदपर पदस्त श्री संजय सारवान जी की सजगता से युवक हिमांशू का पोस्टमार्टम होने के पहले ही संजय ने डियूटी डॉक्टर निर्णय पांडे को युवक के जीवित होने की सुचना देकर तत्काल इलाज मुहैया कराया जिससे युवक की जान बचाई गई सामजिक कार्यकर्त्ता चीकू पाल ,राजेन्द्र डोंगरे,सुनील इंगले ने संजय सारवान के घर जाकर उनका सम्मान किया और उनके उज्वल भविष्य की कामना की साथ ही जिला प्रसाशन से शीघ्र ही संजय सारवान को नियामित कर्मचारी बनाने की भी मांग करेंगे

यह भी पढ़े : जिंदा हो गया मरा हुआ व्यक्ति, पोस्टमार्टम के समय डॉक्टर का पकड़ा हाथ

तिलक वार्ड सिवनी निवासी तरुण लापता : कृपया मदद करे

सिवनी तिलक वार्ड निवासी तरुण अर्जुनवार आज सुबह 9 बजे से बेगैर बताये घर से लापता है जिसका अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है
कृपया जिस किसी सज्जन को भी ये लड़का दिखाई दे इस नंबर पर सम्पर्क करें, जिससे एक माँ का बिछड़ा हुआ बेटा उस तक पहुँच जाए …. – दिनेश अर्जुनवार 9171178458

 

ये होंगे राज्यसभा प्रत्याशी

भोपाल- आगामी दिनों होने वाले राज्य सभा चुनाव के पहले भाजपा द्वार अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए है,

मध्यप्रदेश से दो सीटों के लिये थावरचंद गहलोद व धर्मेद्र प्रधान भाजपा के उम्मीदवार होंगे।

सूखाग्रस्त नही है सिवनी, कर्ज माफी का कोई प्रवधान नही

सिवनी- म.प्र. विधानसभा के सत्र के दौरान आज 7 मार्च को सिवनी विधायक मूनमुन रॉय द्वारा किसानों को कर्ज माफी करने का सवाल उठाया,

जवाब देते हुए राजस्व मंत्री उमाशकर गुप्ता ने कहा कि किसानो को कर्ज माफी का कोई प्रवधान नही है,वही सिवनी जिला सूखाग्रस्त नहीं है,इस कारण यहां सूखाग्रस्त जिलो की तरह कोई योजना नही चालई जाएगी।

मालूम हो कि प्रदेश मे कुल 133 तहसील सूखाग्रस्त है जो 18 जिलो में में है।

मोतीनाला से गिरा ऑटो

सिवनी- नगर के मण्डला रोड पर आज शाम लगभग 6 बजे आइस क्रीम लेकर काहानिवाड़ा जा रहा ऑटो वाहन मोतीनाला में जा गिरा।

भाग्य वश घटना में कोई बड़ी जनहानि नही हुईं, केवल ऑटो चालक को हल्की चोट आई जिसे जिला हॉस्पिटल में इलाज के घर भेज दिया गया,वही ऑटो में सवार एक अन्य को भी हल्की छोटे आयी है।