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जिंदा हो गया मरा हुआ व्यक्ति, पोस्टमार्टम के समय डॉक्टर का पकड़ा हाथ

जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में सोमवार सुबह एक अद्भुत घटना देखने को मिली। जहां एक जीवित व्यक्ति का पोस्टमार्टम करने पहुंचे डॉक्टर के होश उस समय उड़ गए जब मरीज की पल्स चलने लगी। इसके बाद डॉक्टर ने तत्काल मरीज को सर्जिकल ओटी में शिफ्ट किया तथा सर्जन को इमरजेंसी कॉल पर बुलाया। जहां डॉक्टरों की टीम ने मरीज को प्राइमरी उपचार देकर उच्चस्तरीय उपचार के लिए नागपुर रैफर कर दिया।

नागपुर में घोषित कर दिया था मृत
मिली जानकारी छिंदवाड़ा के प्रोफेसर कॉलोनी निवासी हिमांशु पिता रामेश्वर सिंह भारद्वाज का रविवार शाम हिंगलाज मंदिर के पास रोड एक्सीडेंट हो गया था। इसके कारण उन्हें गंभीर चोट आई थी। उपचार के लिए जिला अस्तपाल लाया गया जहां से डॉक्टर ने नागपुर रैफर कर दिया। परिजन ने बताया कि घायल हिमांशु को नागपुर के न्यूरॉन हास्पिटल ले जाया गया। जहां के डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर वापस छिंदवाड़ा भेज दिया।
चार घंटे तक मर्चुरी में रखा गया जीवित व्यक्ति को
नागपुर से सोमवार सुबह ५.३० बजे निराश होकर लौटे परिजन को ड्यूटी डॉ. दिनेश ठाकुर ने पल्स जांच किया, उस समय मरीज की पल्स नहीं चलने से उसे मृत घोषित किया तथा शव को मर्चुरी में रखने के निर्देश दिए गए। वहीं पोस्टमार्टम की तैयारी कर रहे स्वीपर को मरीज के शरीर में हरकत महसूस हुई तो उसने तत्काल डॉ. निर्णय पांडे को बताया। इसके बाद मरीज का उपचार शुरू हो गया। मरीज के साले गन्नू भारद्वाज ने बताया कि इस दौरान मर्चुरी में करीब चार घंटे हिमांशु को रखा गया था।


डॉक्टरों ने बताया था ब्रेन डेड
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल हिमांशु को छिंदवाड़ा के एक निजी हॉस्पिटल में बेहोशी की हालत में जाया गया था। जहां से भी उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. सीएम गेडाम ने बताया कि मरीज का रेशप्रेरेशन और पल्स नहीं चलने के कारण ब्रेन डेड मानकर मृत घोषित किया गया। उन्होंने बताया कि इस स्थिति में मरीज का हार्ट और ब्रेन काम नहीं करता है। इसलिए डॉक्टर ने मरीज को मृत घोषित किया था।नागपुर की रिपोर्ट में 20 एलीमेंट पल्स बताया सूचना मिलने पर सुबह ९.१५ बजे मरीज को देखा तो पल्स रेशप्रेरेशन चल रही थी। नागपुर की रिपोर्ट में डॉक्टर ने २० एलीमेंट पल्स बताया। इस स्थिति ब्रेन डेड माना जाता है।- डॉ. सुभाष भगत, सर्जन जिला अस्पताल छिंदवाड़ा नहीं चल रही थी पल्स रेशप्रेरेशन परिजन के आग्रह पर गाड़ी में ही मरीज की पल्स जांच की गई, उस समय पल्स रेशप्रेरेशन नहीं चलने पर मरीज को मृत घोषित किया गया था। हालांकि लाखों में एकाध मरीज की पल्स लौट आती है, शायद इसके साथ भी वही हुआ है।- डॉ. दिनेश ठाकुर, चिकित्सा अधिकारी

हड़ताल से ध्वस्त हुई मरीजो की जांच व्यवस्था

सिवनी-इंदिरा गाँधी जिला चिकित्सालय में सचालित पैथोलॉजी लैब में इन दिनों यहा वीभन्न रोगों की जांच के लिये खून ,पेशाब व थूक की जांच करवाने यहा मरीजो के परिजनों का हाल बेहाल है,।

कई दिनों तक सामान्य जांच की रिपोर्ट तक नही मिल पा रही है,

दरअसल सारा मामला सविंदा कर्मचारियों की हड़ताल से जुड़ा है जो विगत कई दिनों से अपनी मांगो को लेकर हड़ताल पर है,

पैथोलॉजी में अधिकतर कार्य इन्ही सविंदा लेब टेक्नीशियन करते आये है ऐसे में हड़ताल के कारन जाँच व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।

डी.पी.चतुर्वेदी जन्मोत्सव पर रक्तदान शिविर

दिनाँक-आगामी 5 मार्च 2018 को डी.पी.चतुर्वेदी महाविद्यालय सिवनी में रक्तदान शिविर का आयोजन किया है,,ऊक्त शिविर सोमवार की सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगा। रक्त दान शिविर डीपी चतुर्वेदी महाविद्यालय परिसर बारापथर में होगा।

परिजन एवं सुरक्षा गार्ड के मध्य मार-पीट

सिवनी-जिला हॉस्पिटल की सुरक्षा व्यवस्था हेतु तैनात एजेंसी कामथेंन के कर्मचारी बेकाबू है,

आज शाम 6 बजे मेटरनिटी वार्ड में तैनात सुरक्षा गार्ड ने धोबिसर्रा निवासी अपनी पत्नी को देखने गया था,इसी दौरान उसे गार्ड द्वारा बिना अनुमति प्रवेश करने पर रोका,जिस पर दोनो के मध्य वाद विवाद हुआ,जहा उतेजित गार्ड में मरीज के परिजन की पिटाई कर डाली, सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस द्वारा मामले को शांत कराया गया ।

पुलिस बल की होली में शामिल हुए कलेक्टर एवं कप्तान

सिवनी- धुरेड़ी दो मार्च के अगले दिन 3 मार्च को आज सुबह 11 बजे से पुलिस लाईन में आयोजित होली मिलन समारोह में कलेक्टर गोपालचंद्र डाँड़ सहित पुलिस कप्तान तरुण नायक ने पुलिस बल के जवानों के साथ होली का जमकर लुफ्त उठाया।

मालूम हो आज सारे जिले के वीभन्न थाना परिसरों व चौकियों में भी सभी पुलिस अधिकारियों व जवानो रंगों का पर्व होली मनाया।

मेघनाथ मेले में जुटे हजारो ग्रामीण : देखे वीडियो

सिवनी-जिला अनोखी परंपरा आदिवासी सभ्यता के लिये जाना जाता है,
इसी क्रम में जिले की केवलारी तहसील के ग्राम पांजरा में हर साल मेघनाद मेले का आयोजन हुआ,
आस्था और मन्नतों से जुड़े इस मेले में मेघनाद के प्रतीक स्वरूप 60 फीट ऊँचा लकड़ी का स्तंभ लगाया गया जहाँ

आसपास के ग्राम क्षेत्रों से गाजे-बाजे के साथ झूमते – नाचते वीर पहुचे।
वीर हकड़े बिर-रे ओ-ओ-ओ कहते हुए आये और ऐसे वीर जो मन्नत पूर्ण करवाने आये थे वे 60 फीट ऊँचे मेघनाद की मचान पर चढ़कर उल्टे होकर घूमे, चक्कर पूरे होने पर वीर ऊपर से नीचे की ओर नारियल फेंककर अपना भार उतर सके,यह सिलसिला कई वर्षों से चला आ रहा है।

Video : कलेक्टर निवास पर होली का जश्न

सिवनी-कलेक्टर गोपालचंद्र डांड के सरकारी निवास पर आज 2 मार्च होली पर्व के अवसर पर ढोल बाजो के साथ आम नागरिकों ,शासकीय कर्मियों ने पर्व की एक दूसरे को बधाई दी।

इस अवसर पर एस डी एम हर्ष सिंह, ई ई पी डब्लू डी जिलेसिह बघेल,सी एम ओ
नपा सिवनी नवनीत पांडेय ,स्टेनो कलेक्टर विनोद बेस सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


एकलौता देश जिसने होली पर जारी किया अपना डाक टिकट, दिख रहे राधा-श्रीकृष्ण

दक्षिण अमेरिका का गुयाना ही दुनिया का एकलौता ऐसा देश है, जिसने होली पर डाक टिकट जारी किया है।
 देश भर में आज होलिका दहन किया जाएगा। कल होली खेली जाएगी। इस त्योहार पर भारतीय डाक विभाग ने आजादी से आज तक कोई डाक टिकट जारी नहीं किया है। दक्षिण अमेरिका का गुयाना ही दुनिया का एकलौता ऐसा देश है, जिसने होली पर डाक टिकट जारी किया है। गुयाना की सरकार ने 26 फरवरी 1969 को चार डाक टिकटों का खूबसूरत सेट जारी किया था। इन टिकटों में राधा-कृष्ण को हाेली खेलते हुए दिखाया गया है। ये डाक टिकट उदयपुर के मेवाड़ फिलैटली सोसायटी के संस्थापक अध्यक्ष विनय भाणावत ने संजो रखे हैं। भाणावत कहते हैं कि ये अफसोस की बात है कि जो त्योहार हमारे देश में इतना अहम है, उस पर भारतीय डाक विभाग ने अभी तक डाक टिकट जारी नहीं किए हैं। देश में दीपावली पर डाक टिकट जारी करने के लिए भी 10 साल तक मांग चलती रही। इसके बाद 7 अक्टूबर 2008 को पहली बार दीपावली पर तीन डाक टिकट जारी किए गए थे। इसके बाद 5 नवंबर 2012 को और फिर बीते साल दो-दो डाक टिकट जारी किए गए। गुयाना ने 1976 में ही दीपावली पर 4 डाक टिकट जारी कर दिए थे।

एनकाउंटर में 10 नक्सली ढेर, एक जवान शहीद; फोर्स ने छत्तीसगढ़ में 35 किमी अंदर घुसकर की कार्रवाई

तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सिक्युरिटी फोर्स ने मिलकर ऑपरेशन चलाया। दस बॉडी बरामद कर ली गई हैं। (फाइल)

रायपुर/हैदराबाद. छत्तीसगढ़ के बीजापुर में शुक्रवार को एनकाउंटर में 6 महिला कमांडर समेत 10 नक्सली मारे गए। तेलंगाना पुलिस की ग्रेहाउंड्स फोर्स ने पड़ोसी राज्य की सीमा में 35 किमी अंदर घुसकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। अफसरों की मानें तो कार्रवाई में कई बड़े नक्सली नेता ढेर हो गए। एक जवान शहीद और 3 जख्मी हुए हैं।

छत्तीसगढ़ पुलिस ने की मदद
– ग्रेहाउंड्स फोर्स ने बीजापुर में नक्सली कैंप पर हमला किया। इसमें छत्तीसगढ़ पुलिस ने भी मदद की। ग्रेहाउंड्स फोर्स, तेलंगाना-आंध्र प्रदेश की स्पेशल एंटी-नक्सल फोर्स है। फोर्स ने ये कार्रवाई एक इंटेलिजेंस रिपोर्ट के आधार पर की।
– एक अफसर ने बताया कि कार्रवाई में एक जवान शहीद हो गया। जो नक्सली मारे गए हैं, उनकी फिलहाल पहचान नहीं हो पाई है लेकिन उनमें कई बड़े नेता हो सकते हैं। मौके से एक AK-47, एक एसएलआर और 5 इंसास राइफल बरामद हुई है।

क्या बोले अफसर?

– बीजापुर के एसपी मोहित गर्ग के मुताबिक, “रायपुर से करीब 500 किमी दूर पुजारी कांकेर इलाके में नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई।”
– “तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सिक्युरिटी फोर्स ने मिलकर ऑपरेशन चलाया। इसमें 10 नक्सली मारे गए। दस बॉडी बरामद कर ली गई हैं। कुछ ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद हुए हैं। फिलहाल सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।”

कैसे हुआ ऑपरेशन?
– छत्तीसगढ़ पुलिस और ग्रेहाउंड्स फोर्स को जंगल में नक्सलियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसको लेकर ऑपरेशन चलाया जा रहा था।
– इस दौरान फोर्स ने नक्सलियों को सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। फोर्स ने भी जवाबी कार्रवाई की।
– माना जा रहा है कि तेलंगाना का नक्सली नेता हरिभूषण उर्फ जगन समेत कई टॉप नक्सली कमांडर इस ऑपरेशन में मारे गए।

4 साल में सबसे बड़ी कार्रवाई
– 2014 में तेलंगाना राज्य के गठन के बाद ये सबसे बड़ी कार्रवाई है।
– पिछले साल दिसंबर में पुलिस ने कोठागुडेम जिले में 8 नक्सली मार गिराए थे।
– 2005 में अविभाजित आंध्र प्रदेश में नक्सल आंदोलन तब शुरू हुआ था जब पुलिस ने बड़े पैमाने पर नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी और उनके टॉप कमांडरों को मार गिराया था।

सुसाइड से पहले इंजीनियरिंग की छात्रा ने सहेली को लिखा- अब नहीं जीना चाहती

इंजीनियरिंग छात्रा महिमा परिहार ने सुसाइड कर लिया।

भोपाल। बैतूल जिले में इंजीनियरिंग की छात्रा ने की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर ट्रेन के सामने कूद कर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने अपनी दोस्त को मैसेज कर जिंदगी से हताश होने की बात कही थी। परिजनों ने रातभर ढूंढा। गुरुवार की सुबह उसका शव रेल ट्रैक पर क्षत-विक्षत हालत में मिला।

सहेली को किया था मैसेज, अब नहीं जीना चाहती
-परिजनों ने छात्रा के क्लासमेट पर ब्लैकमेलिंग और प्रताड़ना का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि छात्रा महिमा बालाजी इंजीनियरिंग कालेज में बीई की छात्रा थी।

-पढ़ाई में होनहार महिमा बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपना खर्चा उठाती थी। कल देर रात उसने अपनी सहेली को मैसेज भेजा कि वह जीना नहीं चाहती। इस मैसेज के मिलने की जानकारी सहेली ने उसके परिजनों को दे दी।
-जिसके बाद रात करीब 9 बजे से परिजन उसकी तलाश करते रहे। बताया जा रहा है कि देर रात बेटी का पता नहीं चला। इसके बाद सुबह रेलवे ट्रैक पर छात्रा की डेड बॉडी क्षत-विक्षत हालात में मिली।
-परिजनों का आरोप है कि महिमा को बहुत दिनों से उसके साथ पढ़ने वाला एक छात्र (श्रेयांस) तंग कर रहा था। वह उसके फोटो घर वालों को बताने और उसके घर आने की धमकी देता रहता था। जिससे छात्रा बहुत डरी हुई थी, वह ब्लैकमेल हो रही थी।

-पुलिस को महिमा परिहार के फोन में श्रेयांश नामक लड़के के कुछ संदिग्ध मैसेज मिले, जिसमें छात्रा उससे परेशान नहीं करने की मिन्नतें कर रही है।
-महिमा के एक रिश्तेदार ने उस लड़कों को भी समझाईश दी थी। बताया तो यहां तक जा रहा है कि कॉलेज में भी इस विषय को लेकर विवाद हो चुका था। जिसकी प्रबंधन को भी जानकारी थी। परिजन अब उक्त छात्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे है।
-जीआरपी चौकी प्रभारी शेख मकसूद खान ने बताया ने रेलवे पटरी पर महिमा परिहार 19 वर्ष का शव मिला हैं। परिजनों ने एक युवक पर महिमा को परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।