शादी दो आत्माओं का मेल है, जब भी किसी की शादी होती है तो लड़का-लड़की की जोड़ी को मैच करके जरूर देखा जाता है। कुछ जोडियां तो इतनी परफैक्ट होती हैं कि जिसे देखने वाले एक बार यह जरूर कह देते है जोड़ियां ऊपर से बनकर आती हैं। आज हम ऐसी ही एक नवविवाहित जोड़ी की बात कर रहे हैं, जिनकी शादी को देखने के लिए हजारों मेहमान उमड़ पडे। पिंपलगांव बसवंत में संदीप और मोनाली नाम के लड़का-लड़ी की शादी इसलिए चर्चा का विषय बन गई क्योंकि इन दोनों की ही लंबाई तीन फीट है।मोनाली दिंडोसी तहसील के गोपेगांव के गणपत कावले की बेटी है। उसकी कम ऊंचाई होने के कारण पिता हमेशा शादी के लिए चिंतित रहते थे तभी किसी ने उन्हें बताया कि उनके गांव के दगु कचरू गिते के पुत्र संदीप की ऊंचाई भी तीन फीट है। दोनों के रिश्ते की बात शुरू हुई और दोनों ने एक दूसरे को पसंद भी कर लिया। परिवर की रजामंदी के बीच दोनों की शादी तय हुई। इस शादी के एक और खास बात यह रही कि बिना किसी लेन-देन के दोनों विवाह बंधन में बंध गए।
रब ने बना दी जोड़ी, 3 फीट के दूल्हा-दुल्हन की अनोखी शादी
विवाहिता की जलने से मौत,4 के खिलाफ मामला दर्ज
सिवनी- जिले के घँसौर थाने के ग्राम पन्दम निवासी 35 वर्षीय रामवती गोंड़ पति दाड़ी प्रसाद 16 मार्च को अपने ही घर मे सन्दिग्ध अवस्था मे जल गई थी,जिसे उपचार हेतु जबलपुर ले जाया गया जहाँ उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई ।
वही घँसौर पुलिस द्वारा मृतिका के सास,ससुर जेठ व पति के खिलाफ धारा 307,498,a व 34 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
फिल्टर प्लान्ट की जगह आवास बनाकर मनमानी कर रही नपा-सजंय तिवारी

सिवनी-नगर के लिए क्या अच्छा है
इसका निर्णय करने का अधिकार नगर की जनता को है।कम से कम कुछ मामलों में अधिकारियों को नगर और जनता की भावना को देखते समझते हुए निर्णय लेना चाहिए। पुराने फ़िल्टर प्लांट की जमीन पर सरकारी आवास बंनाने का नगरपालिका प्रशासन का निर्णयअव्यवाहरिक, अदूरदर्शी और मनमानी प्रवृति का प्रतीक है जो कतई भी नगर हित में नही है। इस निर्णय का हर तरीके से विरोध किया जाएगा। नगर की जनता का पालिका में प्रतिनिधित्व करने वाले सम्मानीय पार्षदों से आग्रह है कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर एक बैठक बुलाये। उक्ताशय की प्रतिक्रिया सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षक संजय तिवारी ने दी है।
इस सम्बन्ध में संजय तिवारी ने आगे कहा कि बीते कई वर्षों से यह नगर और जिला अधिकारियों की अदूरदर्शी कल्पनाओं की प्रयोगशाला बनकर रह गया है। अधिकारी तो साल दो साल में स्थानांतरित होकर चले जायेंगे लेकिन उनके निर्णयो को जनता को भुगतना पड़ता है । जिला अस्पताल में इतने भवन बना दिये गए जितने डॉक्टर और कर्मचारी नही है। स्टेडियम के चारो तरफ पार्किंग के लिए नाममात्र की जमीन बची है। बस स्टैंड की अव्यवस्था से प्रतिदिन नागरिको को समस्या होती है लेकिन इनको हल करने की कोशिश भी नही की जाती है। शंकराचार्य बनने से पहले ही उजड़ गया ।शहर में पार्क नही है जो सरकारी खाली जमीन पड़ी है वहा भवन बनाये जा रहे है जबकि यह नगर पहले ही घनी बसाहट से परेशान है।
आज नही तो कल सिवनी नगर निगम बनेगा जिसके लिये एक सर्वसुविधायुक्त विशाल परिसर की जरूरत होगी। वर्तमान नगरपालिका कार्यालय और परिसर बहुत छोटा है वहां अभी समस्या होती है।लेकिन अधिकारियों को ये सब नही दिखता उन्हें कौन सा इस नगर में रहना है। जबकि नगर की चारो दिशाओं में सुविधायुक्त खेल के मैदान, श्मशानघाट और पार्क आज की सबसे बड़ी जरूरत है वर्ना यह नगर इमारतों और दुकानों का शहर बन कर रह जायेगा। मंगलिपेठ ललमटिया क्षेत्र में एक बड़ा खेल का मैदान पार्क और श्मशानघाट की जरूरत है पर इस ओर पालिका का ध्यान कभी नही जाता
पुराने फ़िल्टर के मामले में नगरपालिका जनभावना का ख्याल रखे । सरकारी आवासो के निर्माण के लिए अनेक स्थान है। पुराने बायपास के किनारे सरकारी जमीन पर अनुमति लेकर वहां सरकारी आवास बनाये जा सकते है ।इससे नगर का फैलाव और विस्तार होगा
नकारात्मक सोच से छुटकारा Overcome Negative Thoughts in Hindi
नकारात्मक सोच से छुटकारा How to Overcome Negative Thoughts in Hindi
हम सब की जिंदगी एक गाड़ी की तरह है और इस गाड़ी का शीशा हमारी सोच, हमारा व्यवहार, हमारा नजरिया है।
बचपन में तो यह शीशा बिल्कुल साफ़ होता है, एकदम क्लियर। लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते जाते है। हमारे आस-पास के लोगो की वजह से, हमारे वातावरण की वजह से, हमारे अपनों की वजह से हमारा खुद के बारे में विश्वास बदलता जाता है।
मतलब इस शीशे पे लोगो की वजह से, वातावरण की वजह से, अपनी वजह से धूल, मिटटी, कचरा जमता जाता है। और इस धूल से भरे, मिटटी से भरे, कचरे से भरे शीशे को हमने अपनी हकीकत मान ली है। कहीं न कहीं हम उस शीशे को साफ़ करना भूल गये हैं।
हम कुछ मान कर बैठे है, कुछ इछाओ के सामने हार मान ली है, कुछ सपनों को हमने छोड़ दिया है। कुछ बातो को हमने मान लिया है।
जैसे किसी को लगता है कि मैं बिज़नस नहीं कर सकता हु क्योंकि मेरे पास पैसे नहीं हैं(खुद का बनाया हुआ विश्वास)।
किसी को लगता है कि मैं अछे मार्क्स नहीं ला सकता क्योंकि मैं हमेशा एक एवरेज स्टूडेंट रहा हु तो यह है खुद का बनाया हुआ विश्वास उस शीशे को कभी साफ करने की कोशिश नहीं की, उस विश्वास को कभी तोड़ने की कोशिश नहीं की।
कोई कहता है:
मैं अच्छा सेल्समेन नहीं बन सकता क्योंकि मेरा बात करने का तरीका अच्छा नहीं है, मैं बिजनेसमैन नहीं बन सकता, मैं एक अच्छा पति नहीं बन सकता, मैं एक अच्छा अध्यापक नहीं बन सकता।
मुझे एक एवरेज लाइफ ही बितानी है क्योंकि मेरे में कुछ खास नहीं है, मैं अमीर नहीं हो सकता क्योंकि मेरी किस्मत ख़राब है, मैं बड़ा नहीं सोच सकता क्योंकि बड़ा सोचना वास्तविक नहीं होता।
यह आपकी सोच का शीशा है न, ये ख़राब इसलिए है क्योंकि आपने इसे ख़राब होने दिया है।
बचपन में यह शीशा सबका साफ़ होता है। जब आपने चलने की कोशिश की थी, जब चलना शरू किया था तो आप गिरे थे और गिरने के बाद आपने किसी पर आरोप नहीं लगाया था, बहाने नहीं बनाये थे। आपने यह नहीं कहा था कि मैं इसलिए गिर गया क्योंकि कारपेंटर अच्छा नहीं है, मैं इस लिए गिर गया क्योंकि इसमें सीढियों का कसूर है या फिर अपने मम्मी-पापा के ऊपर ऊँगली नहीं की थी कि मैं इस लिए नहीं चल पाया या इस लिए गिर गया क्योंकि इनको मुझे सिखाना नहीं आया, ये मुझे चलना नहीं सिखा पाए।
जब आप गिरे आपने फिर से उठने की कोशिश की, फिर गिरे और फिर उठे और तब तब कोशिश करते रहे जब तक आप सफल नहीं हुए, जब तक आप चलना सीख नहीं पाए।
यार तब किसी को दोषी क्यों नहीं ठहराया, तब बहाने क्यों नहीं मारे बताओ तब क्या हुआ था?
और अगर तब नहीं किया तो अब क्यों?
सोचो….!! क्योंकि तब आपकी सोच का शीशा बिलकुल साफ़ था। वो बहाने नहीं ढूढता था, वो लोगो को बातो में नहीं आता था बस वो अपने आप को दुसरो से कम नही समझता था इसलिए वो कभी हार नहीं मानता था और तब तक कोशिश करता था जब तक आपको सक्सेस नहीं मिलता।
और फिर?
फिर आप बड़े होते गये। लोगो की बातो का आप पर असर होता गया। आस पास के नकारात्मक (नेगेटिव) माहौल का आप पर असर होता गया। लोगो की बताई बातें, लोगो की फेंकी हुई मिट्टी, कचरे और धूल की वजह से आपकी सोच का शीशा गन्दा होता गया और आपकी गाड़ी की स्पीड कम होती गई और अब आप देख भी नहीं पा रहे। आप ढंग से देख भी नही पा रहे अपनी योग्यता को, अपनी क्षमता को और जितना देख पा रहे हो उसी को अपनी जिंदगी समझ रहे हो। उसी को अपनी क्षमता समझ रहे हो।
अब मेरी बात सुनो अगर सच में, सच में अपनी जिदगी को बदलना चाहते हो, सच में अपने सपने को पूरा करना चाहते हो तो एक बार इस धूल को इस मिट्टी को हटा कर तो देखो। एक बार इस शीशे को साफ़ करके तो देखो ये लोगो की वजह से आई हुई मिट्टी है ये हट सकती है और आपकी जिंदगी बदल सकती है।
बस एक बार विश्वास करके इस शीशे को साफ़ करके एक बार खुद को जान कर पहचान कर खुद पर भरोसा करके देखो। आपके सपने पूरे होगे क्योंकि आपके पास उसको पूरा करने की क्षमता है, आप उसको पूरा करने के योग्य हो।
अब यह मैं नहीं कर सकता? मैं कैसे कर सकता हूँ? इस सोच बदल दो फिर देखना कैसे समस्या के हल मिलेगे।
जैसे: मैं एक अच्छा स्टूडेंट नहीं बन सकता। इसको बदलो कि मैं एक अच्छा स्टूडेंट कैसे बन सकता हु। फिर मिलेगे आपको हल, आईडिया आने शुरू हो जायेंगे|
मैं एक अच्छा मैनेजमेंट, अच्छा सेल्समेन नहीं बन सकता को बदलो कि मैं एक अच्छा मेनेजर या सेल्समेन कैसे बन सकता हु। वो विश्वास रखो और फिर देखना कैसे आपको हल मिलना शुरू होगे।
जब आपके अन्दर विश्वास होगा कि मैं इसे कर सकता हूँ। मुझे ये करना है, कैसे करना है अपने आप हल मिलेगे।
आज के बाद कोई भी बात आपके दिमाग में आये तो नेगेटिव होने की जगह उस शीशे के ऊपर लगे कचरे को देखने कि जगह उस कचरे को साफ़ करो। यह मत सोचो में नहीं कर सकता सोचो कि मैं कैसे कर सकता हु? मुमकिन कैसे होगा?
फिर देखना आपको हर बात पे हल मिलना शुरू हो जायेंगे। गाडी का शीशा और साफ़ होता जाएगा, रास्ता और साफ़ होता जाएगा और आपके गाडी की स्पीड बढती जाएगी-बढती जाएगी, जिंदगी का विकास बढ़ता जाएगा, जिंदगी में कामयाबी मिलती जाएगी।
तो आज के बाद वादा करो की आप सोच के शीशे पे मिट्टी नहीं जमने दोगे। कचरा नहीं जमने दोगे। खुद के साथ वो वादा कर लो की आप अपने आप पर पूरा भरोसा रखोगे। एक वादा कर लो की आप बहाना ढूंढने के बजाए हल निकालोगे। इस पोस्ट के निचे कमेंट में लिख दो कि हम आज के बाद अपनी सोच के शीशे को साफ़ रखेगे। लोगो की बातो की वजह से, माहोल की वजह से, नेगेटिव लोगो की वजह से उस के ऊपर मिट्टी नहीं जमने देगे, कचरा नहीं जमने देगे।
बस वो वादा कर लो अपने साथ कि आप खुद पर पूरा भरोसा रखोगे वो भी 10% नहीं 30% नहीं 99% भी नहीं 100% विश्वास खुद पे, 100% कॉन्फिडेंस खुद पे, 100% यकीन खुद पे।
जाओ और अपनी जिंदगी जिओ…. [All The Best..]
विधानसभा में मुनमुन का सवाल : मेडिकल कालेज, मंत्री का जबाव : चुप्पी….

सिवनी- विस के चालू सत्र के दौरान आज विधायक मूनमुन राय द्वारा जिले में नवीन मेडिकल कालेज की स्थापना के सम्बंध में सवाल किये,
लेकिन इस दौरान सदन में मौजूद जिले के प्रभारी व राज्य के चिकित्सा मंत्री शरद जैन ने जवाब देने की बजाय मामले को तालते हुए उत्तर दिया कि इस सम्बंध में जानकरी एकत्र की जा रही है।
जनपद पंचायत सिवनी में रोजगार मेला 22 मार्च को
सिवनी – जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि रोजगार कार्यालय सिवनी के तत्वावधान में 22 मार्च को प्रात: 11 बजे से शाम 4 बजे तक जनपद पंचायत कार्यालय सिवनी के प्रांगण में रोजगार मेला/कौशल विकास मेले का आयोजन किया गया है। मेले में प्रदेश की निजि क्षेत्र की विभिन्न कम्पनी द्वारा सीधी भर्ती, प्रशिक्षण उपरान्त भर्ती, कौशल उन्नयन की ट्रेनिंग दी जायेगी एवं रोजगार स्वरोजगार हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदाय किया जायेगा। बेरोजगार की आयु सीमा 18 से 30 वर्ष के बीच होना चाहिए। इच्छुक आवेदक जो कक्षा 5 वीं से स्नातक तक उत्र्तीण होना चाहिये। अपने समस्त प्रमाण-पत्र, रोजगार पंजीयन, आधार कार्ड, परिचय पत्र, अंकसूची, तीन पासपोर्ट साइज की फोटो लेकर उपस्थित हो। इस हेतु मार्ग व्यय देय नहीं होगा।
दिपाली ने किया जन्मदिन पर रक्तदान

सिवनी-जिले में रक्तदान के प्रतिनिधि जागरूकता का परिणाम है कि अब आम नागरिक सहित युवा वर्ग भी स्वप्रेरणा से रक्तदान करने लगा है,
आज नगर की दिपाली तिवारी ने 22वे जन्म दिन पर रक्त दान कर पुनः साबित किया कि महिलाएं व नवयुवतिया किसी भी छेत्र में पुरुष वर्ग से कम नही है
रामघाट पर जगमगाएंगे पौने 3 लाख दीपक, बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड
उज्जैन। गुड़ी पड़वा (18 मार्च) से ‘नवसंवत्-2075 : विरोधकृत’ शुरू हो जाएगा। इसकी पूर्व संध्या पर मप्र संस्कृति विभाग ने रामघाट पर विक्रमोत्सव अंतर्गत संगीत समारोह और पौने 3 लाख दीपक प्रज्ज्वलित करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी की है। कलेक्टर संकेत भोंडवे ने समारोह की कमान नगर निगम आयुक्त डॉ. विजयकुमार जे. को सौंपी है।
विक्रमोत्सव की तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने बुधवार को रामघाट पर विभिन्न विभागों के अफसरों संग बैठक की थी। बताया कि 17 मार्च को शाम 7 बजे नृसिंह घाट ब्रिज से छोटी रपट रामघाट तरफ एक लाख 75 हजार और नृसिंह घाट ब्रिज से छोटी रपट दत्त अखाड़ा की ओर घाटों पर 1 लाख दीये जलाए जाएंगे। तत्पश्चात् पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य गायन की प्रस्तुति देंगे। उन्हें अखिल भारतीय सम्राट विक्रमादित्य संगीत अलंकरण भी प्रदान किया जाएगा।
अभी छत्तीसगढ़ के राजिम शहर के नाम है रिकॉर्ड
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एशिया हेड मनीष विश्नोई ने बताया कि फिलहाल सर्वाधिक दीप प्रज्ज्वलन का रिकॉर्ड छत्तीसगढ़ के राजिम शहर के नाम है। राजिम शहर में पिछले माह 2.60 लाख दीये जलाने का रिकॉर्ड बना था।
श्रद्घालुओं का रहेगा दबाव
17 मार्च को शनिश्चरी अमावस्या का पर्व स्नान होगा। ऐसे में शिप्रा नदी में स्नान के लिए श्रद्घालुओं का दबाव भी रहेगा। इसलिए त्रिवेणी, रामघाट सहित कालियादेह पैलेस पर विशेष बंदोबस्त किए जाने की जरूरत है। कलेक्टर ने रामघाट पर नदी के बीच बनाए जाने वाले मंच की व्यवस्था की कमान अपर कलेक्टर बसंत कुर्रे को सौंपी। सभी कार्य एक दिन पहले 16 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। 18 मार्च को रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर नवनर्ष अभिनंदन अंतर्गत सुबह 5.20 बजे सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसी शाम टॉवर चौक पर रात 8 बजे अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा।
म.प्र. रेडक्रास सोसायटी के सचिव श्री तिवारी को पद से हटाया
बीपीएल कार्ड धारकों का डायलेसिस करना हुआ सस्ता
राजभवन द्वारा आदेश जारी
राज्यपाल एवं मध्यप्रदेश रेडक्रास सोसायटी की प्रेसीडेंट श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने मध्यप्रदेश रेडक्रास सोसायटी के जनरल सेक्रेटरी श्री राजीव नयन तिवारी को पद से हटा दिया है। राजभवन से आज जारी आदेश के अनुसार राज्यपाल ने श्री राजीव नयन तिवारी जनरल सेक्रेटरी को कार्यालयीन आदेश दिनांक 9-5-2017 से आगामी आदेश तक कार्य सम्पादित करने के आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। राजभवन की नियंत्रक हाउस होल्ड सुश्री लता शरणागत को अस्थाई रूप से आगमी आदेश तक मध्यप्रदेश रेडक्रास सोसायटी के जनरल सेक्रेटरी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
राजभवन से जारी एक और आदेश के अनुसार राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज मध्यप्रदेश रेडक्रास अस्पताल में डायलेसिस उपचार के लिए आने वाले बीपीएल कार्ड धारकों से मात्र 400 रूपये चार्ज लेने का आदेश भी जारी किया है। आदेश के अनुसार अन्य मरीजों से पूर्व की भांति प्रति डायलेसिस चार्ज 800 रूपये ही लिये जायेंगे। यह आदेश 16 मार्च 2018 से लागू होगा।
सिवनी कलेक्टर गोपालचन्द्र को राज्यपाल आनंदी बेन की किया सम्मानित
राज्यपाल श्रीमति आनन्दी बेन ने कलेक्टर गोपालचन्द्र को प्रस्तत्रि पत्र एवं शील्ड से सम्मानित किया है। यह सम्मान राज्यपाल ने मध्यप्रदेश के कलक्टरों को उत्कृष्ट कार्य के लिये सम्मनित किया है,जिनमे से जिले के ऊर्जावान गोपालचंद्र डाँड़ भी शामिल है।
