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मेडिकल कॉलेजों को पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

अभी भी सिवनी को इंतेजार

सिवनी- मध्यप्रदेश मंन्त्री परिषद ने दतिया, खण्डवा तथा छिंदवाड़ा जिले में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण कार्य के लिए पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। मेडिकल कांउसिंल ऑफ इंडिया (MCI) के मापदण्डों के अनुसार इन महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। मंत्रि परिषद ने दतिया जिले में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए 218 करोड़ 70 लाख रूपये, खण्डवा जिले के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण के लिए 200 करोड़ 53 लाख रूपये तथा छिंदवाड़ा जिले में निर्माण के लिए 220 करोड़ 69 लाख रूपयें की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। इस प्रकार कुल 639 करोड़ 92 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गयी।

ज्ञात हो की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पालिटेनिक मैदान सिवनी से सिवनी में मेडिकल कालेज आरभ करने की घोषणा की थी,उसके बाद से मंत्री मण्डल की 2 बैठक हो चुकी है लेकिन सिवनी के मेडिकल कालेज के सम्बद्ध में कोई निर्णय नही हो सका है

वाहन दुर्घटना में 1 की मौत 3 घायल

छिंदवाड़ा – जिले तामिया में सड़क हादसे में आज 22 जून की सुबह चार पहिया बाहन में सवार एक ही परिवार बुरी तरह जख्मी हो गया है

वही एक कि घटना स्थल पर ही मौत होने की जानकारी मिल रही जबकि अन्य घायलों को उपचार हेतु छिंदवाड़ा लाया गया। बतया जा रहा है उक्त परिवार सिवनी जिले के आदेगाव का है घटना में अज्जू ताम्रकार की मौत हो गई है,वही उनके साथ वाहन में सवार अज्जु की पत्नी,पुत्री ,व् साली घायल हैं।।

मोटर साइकिल -घोड़े की भिड़ंत 1 मृत 2 घायल

सिवनी- जिले के लखनवाड़ा थाना के अंतर्गत आने वाले वेनगंगा नदी के पूल के समीप कल 21 जून की रात लगभग 11 बजे सिवनी से मोटर साइकिल पर सवार 3 युवक घोड़े से जा टकराये।

घटना में मोटर सायकिल में सवार जितेंद्र पिता ओम प्रकाश लांजेवार उम्र 27 व सुभम पिता संजू मसरकोले उम्र 23 पालिटेनिक कालेज के पीछे निवासी व् सुभम पिता संजू यादव 30 वर्ष भेरोगज घायल हो गए थे।

घटना में गम्भीर जितेंद्र की की आज सुबह जिला हॉस्पिटल सिवनी में मौत हो गई है।लखनवाड़ा पुलिस द्वारा मामला दर्ज आगे की कार्यवाही की जा रही है।

राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए 30 जुलाई तक शिक्षक करे आवेदन,शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए 30 जुलाई तक शिक्षक करे आवेदन,शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

भोपाल। देश के विभिन्न स्कूलों के उत्कृष्ट एवं प्रतिभाशाली शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह सम्मान पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाएगा। इसके लिए मान्यता प्राप्त प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक स्तर के स्कूलों के टीचर्स और प्रिंसिपल आवेदन कर सकते है।

– इसमें राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश की ओर से सहायता प्राप्त स्कूल भी शामिल हो सकते हैं।

– इसमें केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल के अलावा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के शिक्षक हिस्सा ले सकते हैं।

– आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई हैं।

1958 से शुरू हुए राष्ट्रीय पुरस्कार

– पुरस्कार के लिए शिक्षकों का चयन करते समय पठन-पाठन को बेहतर बनाने में उनकी पहल, उनकी ओर से किए गए प्रयोग, गतिविधियां, सामाजिक गतिविधियां, छात्रों के लिए शारीरिक शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाए गए कदमों आदि स्तर पर टीचर्स का आंकलन किया जाता है।

– उल्लेखनीय है कि शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार वर्ष 1958 से प्रारंभ किए गए थे। भारत के राष्ट्रपति हर साल पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रतिभाशाली शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करते हैं।



विडियो देख हैरान हो जायंगे : ‘टाइपिस्ट अम्मा’ के नाम से मशहूर लक्ष्मीबाई को वीरेंद्र सहवाग ने बताया सुपरवुमेन

‘टाइपिस्ट अम्मा’ के नाम से मशहूर लक्ष्मीबाई को वीरेंद्र सहवाग ने बताया सुपरवुमेन

उम्र कभी भी समय की मोहताज नहीं होती है,बस सभी काम को करने के लिए इंसान में जज्बा होना जरूरी होता है।आप किसी भी उम्र में कोई भी काम कर सकते हैं।कुछ लोग काम मजबूरी में करते हैं, तो वही कुछ लोग काम अपने शौक के लिए करते हैं।जिला कलेक्ट्रेट ऑफिस में बैठने वाली लक्ष्मी बाई जिस स्पीड से टाइपिंग मशीन पर उंगुलियां चलाती हैं आप उसे देख कर दंग रह जाएंगे. लक्ष्मी बाई के इस जज्बे को देखते हुए उनकी वीडियो शेयर कर सहवाग ने उन्हें सलाम किया है।

कलेक्ट्रेट ऑफिस में टाइपिस्ट लक्ष्मी बाई बताती हैं, मैं यहां अपनी बेटी के साथ रहती हूं. वह दिव्यांग है। टाइपिंग से होने वाली कमाई से ही मैं उसकी देखभाल करती हूं। बहुत साल पहले मेरे पति ने हम दोनों को घर से निकाल दिया था।तब से मैं अपना और अपनी बेटी का ख्याल खुद रख रही हूँ।

जब उनसे पूछा गया टाइपिंग करना कैसे सीखा, इस पर उन्होंने बताया, “साल 2008 तक मैं इंदौर के सहकारी बाजार में पैकिंग का काम करती थी।वहां काम करने वाले लोगों को देख-देख कर टाइपिंग सीखी थी।वहीं मेरी मुलाकात तात्कालीन कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसडीएम भावना विलम्बे से हुई।उन्होंने मेरी टाइपिंग स्पीड देखी और काफी खुश हुए।दोनों ने मिलकर मुझे कलेक्ट्रेट ऑफिस में आवेदन टाइप करने का काम दिलवा दिया. तब से मैं इसी ऑफिस में काम करती हूं।


हाल ही में पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ‘टाइपिस्ट अम्मा’ के नाम से मशहूर लक्ष्मीबाई का वीडियो पोस्ट किया।उन्होंने लिखा, ये महिला मेरे लिए सुपरवुमन हैं. ये सीहोर, मध्यप्रदेश में रहती हैं।आज की जनरेशन इनसे बहुत कुछ सीख सकती है।सिर्फ इनकी टाइपिंग स्पीड ही नहीं, बल्कि जिंदगी जीने का जज्बा भी इंस्पायरिंग है। इनसे सीखा जा सकता है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है।बस काम के प्रति मन मे जज़्बा होना चाहिये,इन्हें मेरा प्रणाम।




बारिश की बूंदे और जीवन का रहस्य

बारिश की बूंदे और जीवन का रहस्य


शुभम शर्मा // गर्मियों की एक शाम दिल्ली के लोधी गार्डन में मैं एक दोस्त के तीन साल के बच्चे का पीछा कर रही थी जो तितली पकड़ रहा था, तभी अचानक आसमान में अंधेरा छाने लगा। हमारे सर पर बारिश की पहली बूंदें पड़ी। टप!

“बारिश,” मेरा छोटा दोस्त खुशी से चिल्लाया। “बारिश,” मेरी जर्मन दोस्त कोर्नेलिया ने और ज़ोर देकर कहा। मैं गीली मिट्टी की मादक खुशबू में खो गई जिसने हमें अपनी आग़ोश में ले लिया था। इसमें कोई हैरानी की बात नहीं कि उन्होंने बिहार में इस खुशबू की पूरी शीशी पा ली थी।

तब जब धरती का रहस्य, बारिश और खुशबू मुझ तक आई। कोर्नेलिया ने बताया कि उसके नगर में, जहां महीनों बारिश होती है, उसे उमसदार महसूस होता है, न कि ऐसा कि वह इत्र के स्वर्ग में है। उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों की चिलचिलाती गर्मी में, झुलसी हुई धरती की गहराई में जब बारिश की बूंद पड़ती है तो वह गहरी सांस लेती है।

जैसे ही पहली बूंद गिरती है, उत्तेजित तड़प खत्म हो जाती है। भीगी हुई धरती का उत्साह छिपा नहीं रह पाता; यह आसमान में शुद्ध कस्तूरी के रूप में उठता है। संतुष्ट धरती पत्ता अंकुरित करने के लिए तैयार है। हरियाली और खेतों के लिए खुद को देने के लिए तैयार है, मखमली पेड़ पर ठंडी हवा से खुश्बू पैदा करने के रूप में तैयार है; जैसे की बीज के जादू के रूप में; नए जन्म और उत्सव के वादे के रूप में।

सदियों पहले, कालीदास ने प्रकृति के अभ्यस्त जीवन की पारिस्थितिकी, पृथ्वी के पुनर्योजी चक्र: धान और गन्ने की सर्दियों की धरती के बारे में बात की थी। वसंत में सड़क आम के फूलों के साथ सोती है; भयंकर सूरज की गर्मी के नीचे, कीचड़ भरे गड्ढों में सूअर के साथ।

फिर “बारिश एक राजा की तरह प्रवेश करती है और कौन उस ठंडी हवा से पागल नहीं होता, जिसमें कदंब के पेड़ों की खुशबू भरी हुई हो? निर्वासन में कालीदास का यक्ष, अपने प्रेयसी के लिए विलाप करते हुए, एक गुज़रते हुए बादल से कहता है कि उसका संदेश उसकी प्रेमिका तक पहुंचा दे, उसका मेघदूत बन जाए।

चक्रीय समय सत्रों में रहते हुए जीवन के इतिहास में हमेशा मानव भावनात्मक परिदृश्य के लिए रूपक किया गया है। इस तरह, बारिश की पहली बूंद के लिए झुलसी धरती की तड़प, एक पूर्णत: स्पष्ट क्षण, प्यार और लालसा के मौसम इंद्रियों के एक नाजुक ब्रह्मांड बनाने के रूप में, मानव मन में एक कामुक गूंज पाई गई।

यदि तड़प एक विषय है, तो वही उत्सव भी है। तीज त्यौहार पर जब महिलाएं झूला झूलती हैं, तो वह कृष्ण राधा के प्रेम का उत्सव मनाती हैं। एक ब्रह्मासा चित्र में, दो प्रेमी एक छत पर काले आसमान के तले बैठे हैं, उसी पल भारी बारिश होने लगती है। पृथ्वी पहली बूँद से संतृप्त है। मंडावा, राजस्थान का दौरा करते समय अहमदाबाद के वास्तुकार के रूप में राजीव कथपालिआ ने एक मूसलधार बारिश के दौरान उसे समझा।

परनाल से बहता आया पानी, मुंडेर की पट्टी को प्यार से स्पर्श करती बारिश की बूंदें। “उस पल में

आशा कार्यकर्ता की सक्रियता से बची बच्चे की जान “सफलता की कहानी”

आशा कार्यकर्ता की सक्रियता से बची बच्चे की जान “सफलता की कहानी”

शासनस्तर पर गरीब व ग्रामीण परिवारों के लिये जिस प्रकार उनकों सक्षम बनाने के लिये अनेकों जनकल्याणकारी योजनायें क्रियांन्वित की जा रही है। वहीं जिलास्तर की विभागीय टीमों के सदस्य (आशा कार्यकर्ता) भी प्रतिदिन अपने ग्रामों में भ्रमण कर प्राथमिकस्तर पर व्यक्तियों के स्वास्थ्य संबंधी जांच कर रोगोपचार संबंधी उचित सलाह व मार्गदर्शन देती हैं जिससे अस्वस्थ्य व्यक्ति य बच्चों का समय रहते ईलाज हो जाता है और वे स्वस्थ्य हो जाते हैं।
बरघाट विकासखण्ड के ग्राम जोरावारी के निवासी श्री गोविंद उईके बताते है कि उनका 2 वर्षीय पु़त्र शिवम विगत 15 दिनो से बेहद तकलीफ में था उसने मल व पेशाब करना बंद कर दिया था। जिसके कारण शिवम को काफी शारीरिक तकलीफ हो रही थी। शिवम के माता-पिता अशिक्षित होने के कारण वे शिवम के रोग को समझा नहीं पा रहे थे तथा गरीब होने के कारण उचित ईलाज कराने में असमर्थ गोविंद घरेलू उपचार से ही अपने पुत्र के ठीक होने का इंतजार था। जिससे सही उपचार न मिलने के कारण उनके पुत्र की तबियत और खराब होती जा रही थी।
श्री गोविंद बताते हैं कि उसी समय कुरई विकासखण्ड के विसलपुर ग्राम की आशा कार्यकर्ता अपनी रिश्तेदारी उनके गांव में आयी थीं। तब आशा कार्यकर्ता सीता मसराम द्वारा बच्चे की तकलीफ देख तुरंत कुरई आर.बी.एस.के. टीम की सक्रिय चिकित्सक डॉ. रूचि द्विवेदी को बच्चे की स्थिति की जानकारी देकर शिवम् को तुरंत जिला चिकित्सालय सिवनी में भर्ती करवाकर जिला चिकित्सालय की चिकित्सक रूचि द्विवेदी बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण कर जबलपुर मेडिकल कालेज के चिकित्सकों से शिवम की बीमारी व उसकी गंभीर स्थिति की चर्चा की। चिकित्सको ने शिवम के माता-पिता को जबलपुर मेडिकल कालेज में भर्ती व सर्जरी करने की सलाह दी, तब शासन की जन कल्याणकारी योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत विगत 18.06.2018 को शिवम की मेडिकल कालेज में निःशुल्क उपचार व सर्जरी की गई। जिसके चलते शिवम अब पूर्णतः स्वस्थ है। श्री गोविंद व उनकी पत्नी अपने बच्चे का जीवन बचाने वाले चिकित्सकों, निःशुल्क उपचार सहायता दिलाने के लिये कलेक्टर सिवनी एवं आशा कार्यकर्ता सीता मसराम को हृदय से धन्यवाद दे रहें हैं।

आपसी विवाद में चली गोली – एक घायल | VIDEO

आपसी विवाद में चली गोली – एक घायल | VIDEO

सिवनी-जिला से एन एच. मार्ग के छपारा बस स्टैंड में गोली चंलने की घटना हुई है,मिली जानकारी के अनुसार मोटरसायकिल पर सवार 3 लोगों ने गोली चलाई थी,घटना में मुख्तार भाई अमरवाड़ा वाले को गोली लगी हैं जिन्हें तुरत उपचार हेतु जिला हॉस्पिटल सिवनी में भर्ती कराया गया है, छपारा के बीच बस स्टैंड की घटना मारने वाले तीन आरोपीयो को पुलिस ने दबोच लिया वही एएक आरोपी को बस स्टैंड में खड़ी जनता ने धर दबोचा।

मालूम हो मुख्तार भाई अमरवाड़ा वाले छपारा में स्थित वहीद भाई के यहां एक शादी के फंक्शन में आई थे।



युवक ने लगाई फाँसी

सिवनी- जिले के कहानीवाडा थाने के ग्राम जूमतरा में 21 साल युवक ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मिली जानकारी के अनुसार उक्त युवक की पहचान सुखलाल के रूप में हुई है, ग्रामं वाशियो ने बताया कि उक्त युवक मानसिक रूप से परेसान था। पुलिस में मामला दायरकर जांच आरभ कर दी है,शव का पंचनामा कार्यवाही कर शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनो को सोपने की कार्यवाही की जा रही है।



 

संयुक्त कार्यवाही में 40 हजार कीमत की सागौन जप्त

लखनादौन -वन परिक्षेत्र अधिकारी लखनादौन के मार्गदर्शन मे मुखबिर की सुचना के आधार पर दिनान्क 19.06.18 और 20.06.18 की मध्य रात्रि 2.30 बजे वन परिक्षेत्र लखनादौन एवम धूमा की संयुक्त टीम ने कार्यवाही करते हुये धूमा परिक्षेत्र की थावरी बीट के वनक्षेत्र से सागोन की सिल्लिया काटकर अवैध परिवहन करते राजा कछार गोटेगाँव जिला नरसिहपुर निवासी दो व्यक्ति गुलजार पिता चम्मु पटेल और ग्यानी पिता चुन्नू चाड़ार को पकडा . जिसमें 6 नग सागोन चीरान जो की सेंटिग पटियो के बीच छुपाकर रखी गयी थी और अशोक लीलेन्ड़ पिकअप वेन क्र. एम पी 20G बी 0371 जिसमे लकडिया परिवहन की जा रही थी को जप्त कर प्रकरण 27752/14 पन्जीबद्ध कर कार्यवाही की जा रही है जिसमे और भी वनोपज जप्त किये जाने की संभावना है वनोपज की अनुमानित कीमत 40 हजार आंकी गयी है, कार्यवाही मे राकेश गोर, गिरधारी ठाकुर वनपाल, संजय नामदेव, गम्भीर धाकड, विजय बघेल वनरक्षक और वन सुरक्षा समिती गाडरवाड़ा के सदस्य कार्यवाही मे शामिल रहे।