आशा कार्यकर्ता की सक्रियता से बची बच्चे की जान “सफलता की कहानी”

शासनस्तर पर गरीब व ग्रामीण परिवारों के लिये जिस प्रकार उनकों सक्षम बनाने के लिये अनेकों जनकल्याणकारी योजनायें क्रियांन्वित की जा रही है। वहीं जिलास्तर की विभागीय टीमों के सदस्य (आशा कार्यकर्ता) भी प्रतिदिन अपने ग्रामों में भ्रमण कर प्राथमिकस्तर पर व्यक्तियों के स्वास्थ्य संबंधी जांच कर रोगोपचार संबंधी उचित सलाह व मार्गदर्शन देती हैं जिससे अस्वस्थ्य व्यक्ति य बच्चों का समय रहते ईलाज हो जाता है और वे स्वस्थ्य हो जाते हैं।
बरघाट विकासखण्ड के ग्राम जोरावारी के निवासी श्री गोविंद उईके बताते है कि उनका 2 वर्षीय पु़त्र शिवम विगत 15 दिनो से बेहद तकलीफ में था उसने मल व पेशाब करना बंद कर दिया था। जिसके कारण शिवम को काफी शारीरिक तकलीफ हो रही थी। शिवम के माता-पिता अशिक्षित होने के कारण वे शिवम के रोग को समझा नहीं पा रहे थे तथा गरीब होने के कारण उचित ईलाज कराने में असमर्थ गोविंद घरेलू उपचार से ही अपने पुत्र के ठीक होने का इंतजार था। जिससे सही उपचार न मिलने के कारण उनके पुत्र की तबियत और खराब होती जा रही थी।
श्री गोविंद बताते हैं कि उसी समय कुरई विकासखण्ड के विसलपुर ग्राम की आशा कार्यकर्ता अपनी रिश्तेदारी उनके गांव में आयी थीं। तब आशा कार्यकर्ता सीता मसराम द्वारा बच्चे की तकलीफ देख तुरंत कुरई आर.बी.एस.के. टीम की सक्रिय चिकित्सक डॉ. रूचि द्विवेदी को बच्चे की स्थिति की जानकारी देकर शिवम् को तुरंत जिला चिकित्सालय सिवनी में भर्ती करवाकर जिला चिकित्सालय की चिकित्सक रूचि द्विवेदी बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण कर जबलपुर मेडिकल कालेज के चिकित्सकों से शिवम की बीमारी व उसकी गंभीर स्थिति की चर्चा की। चिकित्सको ने शिवम के माता-पिता को जबलपुर मेडिकल कालेज में भर्ती व सर्जरी करने की सलाह दी, तब शासन की जन कल्याणकारी योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत विगत 18.06.2018 को शिवम की मेडिकल कालेज में निःशुल्क उपचार व सर्जरी की गई। जिसके चलते शिवम अब पूर्णतः स्वस्थ है। श्री गोविंद व उनकी पत्नी अपने बच्चे का जीवन बचाने वाले चिकित्सकों, निःशुल्क उपचार सहायता दिलाने के लिये कलेक्टर सिवनी एवं आशा कार्यकर्ता सीता मसराम को हृदय से धन्यवाद दे रहें हैं।


