भोपाल-प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार आज से मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव सुधीर रंजन मोहंती होंगे,वे बसत प्रताप सिंह का स्थान लेगे ऊक्त आदेश आज 31 दिसम्बर को जारी किया गया है।

भोपाल-प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार आज से मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव सुधीर रंजन मोहंती होंगे,वे बसत प्रताप सिंह का स्थान लेगे ऊक्त आदेश आज 31 दिसम्बर को जारी किया गया है।

अन्न का असर हमारे जीवन पर कितना बड़ा और कितना सूक्ष्म स्तर पर होता है
एक सच्ची घटना आपसे साझा कर रहे हैं।
बासमती चावल बेचने वाले एक सेठ की स्टेशन मास्टर से साँठ-गाँठ हो गयी। सेठ को आधी कीमत पर बासमती चावल मिलने लगा ।
सेठ ने सोचा कि इतना पाप हो रहा है , तो कुछ धर्म-कर्म भी करना चाहिए।
एक दिन उसने बासमती चावल की खीर बनवायी और किसी साधु बाबा को आमंत्रित कर भोजनप्रसाद लेने के लिए प्रार्थना की।
साधु बाबा ने बासमती चावल की खीर खायी।
दोपहर का समय था । सेठ ने कहाः “महाराज ! अभी आराम कीजिए । थोड़ी धूप कम हो जाय फिर पधारियेगा।
साधु बाबा ने बात स्वीकार कर ली।
सेठ ने 100-100 रूपये वाली 10 लाख जितनी रकम की गड्डियाँ उसी कमरे में चादर से ढँककर रख दी।
साधु बाबा आराम करने लगे।
खीर थोड़ी हजम हुई । साधु बाबा के मन में हुआ कि इतनी सारी गड्डियाँ पड़ी हैं, एक-दो उठाकर झोले में रख लूँ तो किसको पता चलेगा ?
साधु बाबा ने एक गड्डी उठाकर रख ली।
शाम हुई तो सेठ को आशीर्वाद देकर चल पड़े।
सेठ दूसरे दिन रूपये गिनने बैठा तो 1 गड्डी (दस हजार रुपये) कम निकली।
सेठ ने सोचा कि महात्मा तो भगवतपुरुष थे, वे क्यों लेंगे.?
नौकरों की धुलाई-पिटाई चालू हो गयी। ऐसा करते-करते दोपहर हो गयी।
इतने में साधु बाबा आ पहुँचे तथा अपने झोले में से गड्डी निकाल कर सेठ को देते हुए बोलेः “नौकरों को मत पीटना, गड्डी मैं ले गया था।”
सेठ ने कहाः “महाराज ! आप क्यों लेंगे ? जब यहाँ नौकरों से पूछताछ शुरु हुई तब कोई भय के मारे आपको दे गया होगा । और आप नौकर को बचाने के उद्देश्य से ही वापस करने आये हैं क्योंकि साधु तो दयालु होते है।”
साधुः “यह दयालुता नहीं है । मैं सचमुच में तुम्हारी गड्डी चुराकर ले गया था।
साधु ने कहा सेठ ….तुम सच बताओ कि तुम कल खीर किसकी और किसलिए बनायी थी ?”
सेठ ने सारी बात बता दी कि स्टेशन मास्टर से चोरी के चावल खरीदता हूँ, उसी चावल की खीर थी।
साधु बाबाः “चोरी के चावल की खीर थी इसलिए उसने मेरे मन में भी चोरी का भाव उत्पन्न कर दिया। सुबह जब पेट खाली हुआ, तेरी खीर का सफाया हो गया तब मेरी बुद्धि शुद्ध हुई कि
‘हे राम…. यह क्या हो गया ?
मेरे कारण बेचारे नौकरों पर न जाने क्या बीत रही होगी । इसलिए तेरे पैसे लौटाने आ गया ।
“इसीलिए कहते हैं कि….
जैसा खाओ अन्न … वैसा होवे मन।
जैसा पीओ पानी …. वैसी होवे वाणी । जैसी शुद्धी…. वैसी बुद्धी…. ।
जैसे विचार … वैसा संसार


सिवनी- केवलारी विकास खंड के सकरी ग्राम पंचायत में स्थित हिर्री नदी से पंचायत द्वारा रेत निकालने की अनुमति दी जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि ग्राम के सरपंच और सचिव द्वारा मनमर्जी कर हिर्री नदी से रेत निकालने की अनुमति दी जा रही है रोजाना बड़ी मात्रा में मशीनों के माध्यम से रेत निकाल कर बेची जा रही है।क्षेत्र के सेंकडो किसानों ने इसका विरोध दर्ज कराते हुए कलेक्ट्रेट पहुंच जिला कलेक्टर को शिकायत की है।
ग्राम वासियों ने सरपंच,सचिव पर आरोप लगाते हुए बताया कि पंचायत में ग्राम सभा भी नही ली गई मनमर्जी से फैसला लिया गया इस बात का जब विरोध गांव के लोगो द्वारा किया गया तब आननफानन में बैठक ली गई लेकिन सरपंच और सचिव ने द्वारा हम लोगो की उपेक्षा भी की गई।
साथ ही पंचायत के सभी काम सचिव और सरपंच मनमर्जी से करते है।ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से निवेदन किया है कि इस तरह रेत के अवैध उत्खनन में रोक लगाई जाए तथा सरपंच,सचिव पर कार्यवाही की जाए साथ ही इनके द्वारा किये गए सभी कार्यो की जांच भी की जाए।
राज की बात // आप मेरे विचारों से सहमत हो या न हो पर आवश्यक नही है कि सभी के विचार एक जैसे ही हो मत भिन्नता ही मनुष्य को सोचने का अवसर प्रदान करती है यही मानव का स्वभाव है वह दूसरों के विचारों को जानने और समझने के बाद अपने विचारों में परिवर्तन ला सकता है किसी घटना के बारे में उसके विचार स्थाई नही हो सकते है । मत भिन्नता का इतना पुरजोर विरोध कही समाज के लिए घातक तो नही हो रहा है इस पर भी विचार करने की जरूरत है मेरा ऐसा मानना है कि सोशल मीडिया में 90 % लोग इस पर फैलाये जा रहे सच या झूठ को ही अपनी धारणा बना रहे है बिना विचार किये और प्रायः ऐसा देखा जा रहा है कि इस प्लेटफॉर्म पर झूठ ही ज्यादा परोसा जा रहा है जो समाज के लिए हितकर नही है ।


सिवनी -जिले के अरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रैयतवाड़ी में आज 29 दिसम्बर सुबह लगभग 10:30 बजे अज्ञात वाहन ट्रक से मोटरसाइकिल सवार की एक्सीडेंट से मृत्यु हो गई।
मृतक मुन्ना अमुले पिपरिया जोडसड़क उम्र 35 वर्ष मोटरसाइकिल में सवार विजय कुर्रम 30 वर्ष निवासी पिपरिया सोनेगांव जोडसड़क जो सुरक्षित बज गया मोटरसाइकिल उक्त दोनों व्यक्ति निर्माणाधीन सोयाबीन प्लांट आमंगढ में काम करने जा रहे थे जो आज सुबह ही अपने घर से आमंगढ के लिए निकले थे.

सिवनी // जिला चिकित्सालय का सिवनी का औचक निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के दौरान SDM श्री हर्ष सिंह, तहसीलदार श्री प्रभात मिश्रा EE PWD श्री लखेरा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे । जिला चिकित्सालय के संपूर्ण परिसर का निरीक्षण प्रत्येक वार्ड में पहुंचकर किया। पेथोलाजी, एन.आर.सी., एक्स रे, आई.सी.यू., सर्जिकल वार्ड के साथ सभी यूनिट के प्रभारियों से मरीजों उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने के साथ ही चिकित्सालय के भोजन कक्ष में मरीजों को दिये जाने वाले भोजन की गुणवत्ता का भी अवलोकन किया। निरीक्षण में आवश्यक मरम्मत कार्य वार्ड वार कार्यपालन अभियंता श्री के.पी. लखेरा को चिन्हांकित करा कर उसका एसटीमेंट सोमवार तक बनाने के निर्देश दिये। वहीं चिकित्सालय प्रबंधन को मरीजों की सुविधा में विशेष ध्यान देने के साथ पर्याप्त साफ-सफाई रखे जाने के निर्देश दिये ।
सिवनी 28 दिसंबर 18/ जिला चिकित्सालय एवं नगर पालिका परिषद सिवनी का औचक निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के दौरान SDM श्री हर्ष सिंह, तहसीलदार श्री प्रभात मिश्रा भी उपस्थित रहे । नगर पालिका में कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी का अवलोकन कर अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्यवाही के निर्देश दिये | वहीं नगरीय क्षेत्र में साफ सफाई की अव्यवस्था को लेकर नगरपालिका के मैदानी अमले यथा- स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य निरीक्षक एवं वार्ड जमादारों को कार्य में सुधार लाने हेतु समक्ष में समझाया गया और कभी भी औचक निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायया लेकर सख्त कार्यवाही हेतु अवगत कराया गया ।
नवीन कलेक्टोरेट भवन के लिए विभिन्न स्थलों का अवलोकन एवं मेडीकल कालेज के लिए चिंहित भूमि का निरीक्षण

सिवनी दिनांक 29/12/2018 को सिवनी कलेक्टर द्वारा सिवनी में नवीन कलेक्टोरेट भवन निर्माण किये जाने हेतु नगर एवं नगर के आस पास में स्थित शासकीय भूमि का अवलोकन किया गया । साथ ही मेडीकल कालेज के लिए चिंहित भूमि का निरीक्षण किया गया । निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सिवनी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहें ।

भोपाल : मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर बनी फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पर प्रतिबंध नहीं लगाया है. इस फिल्म में मनमोहन सिंह का किरदार अभिनेता अनुपम खेर ने निभाया है. वहीं कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इस फिल्म पर प्रतिबंध की वकालत करते हुए कहा कि कम से कम फिल्म में से आपत्तिजनक दृश्य हटाये जाने चाहिये. कांग्रेस की प्रदेश ईकाई ने इसे भाजपा का ‘प्रोपेगंडा’ बताते हुए इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.
मध्य प्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा इस संबंध में चल रही अफवाहों को शांत करने के लिए ट्विटर पर सूचना जारी की गई है कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है.
विभाग ने कहा कि फिल्म पर प्रतिबंध की मीडिया में चल रही खबर ‘भ्रामक और गलत’ है. फिल्म में तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के आरोप के साथ इस फिल्म पर विवाद पैदा हो गया है. ऐसी खबरें थी कि डॉ मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारु की इसी शीर्षक की किताब ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पर आधारित इस फिल्म को प्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया गया है. इसके बाद सरकार की ओर से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए यह सूचना जारी की गई है.
मालूम हो कि इस फिल्म का ट्रेलर हाल ही में जारी हुआ है. इसमें अभिनेता अनुपम खेर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का किरदार अदा कर रहे हैं. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने कहा,‘यह फिल्म मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने के लिये भाजपा के ‘प्रोपेगंडा’ का हिस्सा है. इसलिये वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.’ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ भी स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रदेश में इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने का कोई इरादा नहीं है. इससे पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ के संसदीय क्षेत्र छिंदवाड़ा के रहने वाले कांग्रेस प्रवक्ता सैयद जफर ने कहा कि इस फिल्म को प्रदेश में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिये. जफर ने ट्वीट में आरोप लगाया कि फिल्म के ट्रेलर में कुछ आपत्तिजनक दृश्य हैं और इन्हें फिल्म से निकाला जाना चाहिये या फिल्म को प्रदेश में प्रदर्शन की अनुमति नहीं देनी चाहिये. प्रदेश कांग्रेस के एक अन्य प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने भी फिल्म के दृश्यों को हटाने की बात कही. उन्होंने कहा कि फिल्म में तथ्यों का सही प्रस्तुतिकरण नहीं किया गया है. इस प्रकार के दृश्यों को फिल्म में से हटाया जाना चाहिये. प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने फिल्म का पक्ष लेते हुए तर्क दिया कि फिल्म डॉ मनमोहन सिंह पर लिखी गई किताब पर आधारित है और इस किताब के लेखक डॉ सिंह के मीडिया सलाहकार रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘लोगों को संप्रग सरकार की सच्चाई जानने का अधिकार है.’ उन्होंने कहा कि सरकार के मामलों में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके पुत्र राहुल गांधी की क्या दखलअंदाजी रहती थी. इसकी जानकारी देश को होनी चाहिये.

केरल का एक विवाहित जोड़ा, जो कि साल 1946 में किसान आंदोलन के दौरान एक-दुसरे से बिछड़ गया था; पूरे 72 साल बाद एक-दूजे से मिला।
90 वर्षीय ए. के. नाम्बियार उस समय केरल के गाँव कवुम्बई के किसान आंदोलन में भाग लेने के कारण जेल चले गये और उन्हें उनकी पत्नी शारदा (अब 86 वर्षीय) से बिछड़ना पड़ा था। उस समय शारदा की उम्र सिर्फ़ 14 साल थी और नाम्बियार 18 साल के थे।
शारदा और नाम्बियार की शादी को लगभग 8 महीने ही हुए थे कि गाँव में ब्रिटिश राज और जमींदारों के खिलाफ़ किसानों का विद्रोह बढ़ने लगा। इसे रोकने के लिए ब्रिटिश पुलिस ने किसानों को गिरफ़्तार करना शुरू किया, जिसके चलते नाम्बियार और उनके पिता को घर से निकलकर भूमिगत होना पड़ा।
लेकिन ब्रिटिश पुलिस के सिपाही हर रोज उनके घर जाकर उनके परिवार वालों को और ख़ासकर कि उनकी नई दुल्हन शारदा को परेशान करते। इसलिए नाम्बियार के परिवार ने फ़ैसला लिया कि पूरा मामला ठंडा पड़ने तक शारदा को उनके मायके भेज दिया जाये।
हालाँकि, उस वक्त मायके जाते समय शारदा नहीं जानतीं थीं कि ये जुदाई कुछ दिनों की नहीं बल्कि हमेशा के लिए थी। उन्हें लगा था कि कुछ समय बाद ससुराल से बुलावा आ जायेगा, पर ऐसा नहीं हुआ।
कवुम्बई गाँव में ब्रिटिश पुलिस ने नाम्बियार और उनके पिता को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें 8 साल कारावास की सज़ा सुनाई गयी। नाम्बियार के भतीजे मधु कुमार ने बताया कि अंग्रेजों ने उनके घर को तहस-नहस करके आग के हवाले कर दिया था।
उन्होंने अपनी सज़ा कन्नूर, विय्यूर और सलेम की जेलों में काटी। इस दौरान सलेम की जेल में 11 फ़रवरी 1950 को उनके पिता थालियान रमन नाम्बियार की गोली मार कर हत्या कर दी गई। इस संघर्ष में नाम्बियार को भी 22 गोली लगीं, जिनमें से 3 को आज भी उनके शरीर से नहीं निकाला जा सका है।
इधर शारदा के परिवार को जब इन घटनाओं की ख़बर मिली, तो उन्होंने मान लिया कि शायद नाम्बियार कभी नहीं लौटेंगे। इसलिए उन्होंने युवा शारदा की दूसरी शादी करवाने का फ़ैसला कर लिया। अपने जेल कारावास के बाद जब नाम्बियार लौटे तो उनका भी पूरा ध्यान अपने घर-परिवार को फिर से सहेजने पर था। जैसे-जैसे वक़्त बीता, शारदा और नाम्बियार अपनी-अपनी जिंदगी में मसरूफ़ हो गये। नाम्बियार की भी दूसरी शादी हो गयी थी।
लेकिन, इन दोनों के दिल में यूँ अलग हो जाने का मलाल हमेशा रहा। इतने सालों बाद जब ये दोनों मिले, तो ज्यादा कुछ नहीं कह पाए पर 72 सालों का दर्द आँखों से आँसूओं की शक्ल में बह निकला।
नाम्बियार, शारदा या फिर उनके किसी भी रिश्तेदार ने नहीं सोचा था कि वे यूँ एक बार फिर मिलेंगें। पर कहते हैं न, ‘किस्मत के खेल निराले’। यह किस्मत ही थी कि अचानक शारदा का बेटा और जैविक खेती करने वाला भागर्वन, नाम्बियार के रिश्तेदारों के बीच पहुँच गया।
जैसे-जैसे उन्होंने अपने परिवारों के बारे में बात करना शुरू किया, उन्हें पता चला कि उनका एक-दुसरे से संबंध है। वह किस्सा जो वर्षों पहले उस आंदोलन में कहीं खोकर रह गया था, वह फिर से उठा। परिवारजनों ने जब यह इतिहास सुना, तो उन्होंने नाम्बियार और शारदा की मुलाकात करवाने का फ़ैसला किया।
नाम्बियार की दूसरी पत्नी का देहांत हो चुका हैं और शारदा भी 30 साल पहले विधवा हो गयी थीं।
भार्गवन ने बताया कि पहले तो उनकी माँ ने नाम्बियार से मिलने और बात करने से इन्कार कर दिया। लेकिन काफ़ी आग्रह के बाद वह मिलने के लिए राजी हो गईं। भार्गवन ने बताया कि मुलाकात के समय दोनों ही बेहद भावुक हो गए थे। शारदा ने नाम्बियार से कहा, कि जो भी हुआ उसके लिए उन्हें किसी से भी कोई शिकायत नहीं है। वे दोनों ज़्यादा कुछ नहीं कह पाए, बस भरी हुई आँखों के साथ एक-दुसरे के पास बैठे रहे।
संपादन – मानबी कटोच

नयी दिल्ली : अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने आज पटियाला हाउस कोर्ट में बताया कि बिचौलिए क्रिश्चय मिशेल ने पूछताछ के दौरान सोनिया गांधी का नाम लिया है. हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मिशेल ने किस संदर्भ में सोनिया गांधी का नाम लिया है.
Agusta Westland case: Enforcement Directorate tells Delhi's Patiala House court that Christian Michel has taken the name of Mrs Gandhi but in what reference can't be said right now. pic.twitter.com/9foBKVd3V0
— ANI (@ANI) December 29, 2018
ED in Delhi's Patiala House court: Christian Michel has also spoken about “the son of the Italian lady” and how he is going to become the “next prime minister of the country. #AgustaWestland
— ANI (@ANI) December 29, 2018
RPN Singh Congress on ED says Christian Michel has taken the name of "Mrs Gandhi": There is pressure on Michel to name a particular family, why is the chowkidaar trying to pressurize the govt agencies to name a family? BJP script writers are working over time. #Agustawestland pic.twitter.com/qCxYeObJYN
— ANI (@ANI) December 29, 2018
ईडी ने दावा किया है कि मिशेल ने ‘इटली की महिला के बेटे’ का जिक्र किया है. उसने कहा कि वह देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. मिशेल ने ईडी को यह भी बताया कि किस तरह डील से HAL को बाहर किया गया और उसकी जगह टाटा को लाया गया. ईडी ने कोर्ट से यह भी मांग की कि मिशेल को उसके वकील से न मिलने दिया जाए. सुनवाई के बाद कोर्ट ने मिशेल को और सात दिन की रिमांड पर भेज दिया. पिछली दफा कोर्ट ने उसे 12 दिन की रिमांड पर ईडी के सुपुर्द किया था.
इधर कांग्रेस की ओर से आरपीएन सिंह ने कहा कि चौकीदार मिशेल पर यह दबाव बनवा रहे हैं कि वह श्रीमती गांधी और उसके परिवार के लोगों का नाम लें.