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महिला एवं सामाजिक संगठन का विरोध प्रदर्शन

लखनऊ (अंकित तिवारी ) लखनऊ में आज अलीगढ़ समेत पूरे प्रदेश में बच्चीयों और महिलाओं पर बढ़ रही हिंसा व बलात्कार की घटनाओं के सवाल पर प्रदेश के मुख्य महिला संगठन , सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन तथा सामाजिक कार्यकर्ताओ ने जीपीओ स्थित ग़ांधी प्रतिमा पर विरोध धरना दिया गया ।

धरनास्थल पर हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अलीगढ़ में हुई मासूम की निर्मम हत्या ने हम सबको विचलित कर दिया है । हम अभी इस सदमे से उबर भी नही पाए थे कि हमीरपुर, जालौन समेत प्रदेश के तमाम जिलों से आ रही ऐ सी ही रपटों ने हमें झकझोर कर रख दिया है ।

वक्ताओं ने सरकार के तमाम दावों पर सवाल खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि सच्चाई यह है कि घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं हैं और अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

वक्ताओं ने उन ताकतों के खिलाफ लोगों को आगाह किया जो ऐसे मामलों को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग किया।

महिला नेताओं ने मांग किया कि बच्चों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर रोक के लिए ठोस उपाय किये जाय। लापता बच्चों की रिपोर्ट अविलंब दर्ज हो।पोस्को के लिए स्पेशल कोर्ट गठित हो, समय सीमा में चार्जशीट दाखिल हो। जाति मजहब के आधार पर अपराध को देखने वालों और तनाव फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

विरोध कार्यक्रम में शामिल लोगों में प्रमुख थे-एडवा की प्रदेश अध्यक्ष मधु गर्ग जी ,महिला फेडरेशन की प्रदेश अध्यक्ष आशा मिश्रा जी , एपवा से मीना सिंह ,इप्टा से राकेश वेदा जी , जसम से कौशल किशोर जी , सामाजिक कार्यकर्ता नाइस हसन जी ,विमल किशोर जी , शशि मिश्रा जी आइसा के प्रदेश सचिव शिवा रजवार ,नितिन राज , RYA से राजीव गुप्ता जी आदि ।

VIDEO : बाघों का झुंड पहुंचा रिहायशी इलाके में

सिवनी // इंदिरा गांधी नेशनल पार्क से सटे महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश की सीमा पर बसे खवासा ग्राम के पास पिछले 5 दिनों से बाघों का झुंड लोगों को दिखाई दे रहा था ।

मंगलवार की रात्रि 11:00 बजे नेशनल हाईवे के किनारे एक बार फिर तीन बाघों का झुंड दिखाई दिया. जिसने जंगली सूअर का शिकार किया ।

बाघों के शिकार का इस प्रकार का नजारा देखते हुए राहगीरों ने वन विभाग की टीम को जानकारी दी और वन विभाग की टीम के आने के बाद बाघों ने अपने शिकार पर हाथ साफ करके फिर लापता हो गए।

https://youtu.be/cdOo1MUiLWw

ई-पंचायत योजना को जमकर लग रहे घुन!

ग्राम पंचायतों के कंप्यूटर बढ़ा रहे सरपंच-सचिवों के घर की शोभा

घंसौर । आदिवासी बाहुल्य घंसौर क्षेत्र की 77 पंचायतों को ई पंचायत बनाने की गरज से वर्ष 2013 में लगभग 21 लाख रूपये की लागत से खरीदे गये कंप्यूटर्स ग्राम पंचायतों की बजाय सरपंच या सचिवों के घरों की शोभा बढ़ा रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार घंसौर और केदारपुर क्षेत्र की सभी 77 ग्राम पंचायत को ई-पंचायत बनाने के लिये शासन द्वारा वर्ष 2013 में 20 लाख 80 हजार रूपये व्यय किये गये थे। ई-पंचायत योजना के तहत सभी ग्राम पंचायत को जिला पंचायत विभाग की ओर से कंप्यूटर सिस्टम दिये गये थे, लेकिन वर्तमान में यह सिस्टम पंचायत भवानों में नहीं लगाये गये हैं, बल्कि ये कंप्यूटर सिस्टम सचिव और सरपंच अपने घर में इनका उपयोग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि ग्राम पंचायत को ई-पंचायत बनाने और यहाँ होने वाले काम को ऑनलाईन और पारदर्शी बनने की सोच से जिला पंचायत द्वारा 01 लाख 20 हजार की लागत से पंचायत को दो साल पहले मॉनीटर, सीपीयू, इन्वर्टर, की-बोर्ड, माऊस, यूएसबी डिवाईस, बड़ी एलसीडी, इंटरनेट सेटअप सहित अन्य सामान दिया गया था, लेकिन उसके बाद भी पंचायत कार्य कंप्यूटर से नहीं हो रहा है। इससे ग्रामीणों को अपने काम के लिये परेशान होना पड़ रहा है।

सरपंच-सचिवों के घर रखे कंप्यूटर : पंचायत में कंप्यूटर पर काम के लिये जरूरी इंटरनेट सेवा न होने के कारण कई पंचायत के कम्प्यूटर को सरपंच, सचिवों ने अपने घर में रख लिया है जिन पर उनके परिजन अपना निजि काम कर रहे हैं। कुछ पंचायतों में कंप्यूटर सिस्टम सचिव और सरपंच ने बेच भी दिये बताये जाते हैं। इन परिस्थितियों में ग्रामीणों को जरा जरा से काम के लिये जनपद पंचायत कार्यालय की दौड़ लगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कहा जा रहा है कि ग्रामीण अंचल के दौरे पर जाने वाले जिले के अधिकारियों को इस बारे में सब कुछ पता होने के बाद भी किसी के द्वारा भी इस मामले में किसी तरह की कार्यवाही नहीं की जाती है।

सचिवों को है चोरी होने का डर : घंसौर और शिकारा क्षेत्र में अधिकांश ग्राम पंचायत के पास कार्यालय के लिये भवन ही नहीं है। वहीं जिन पंचायत के कार्यालय अपने स्वयं के भवन में हैं, वे भवन काफी जर्जर हो चुके हैं। ऐसी परिस्थिति में सचिवोें को कार्यालय की बजाय घर पर कंप्यूटर रखने का बहाना मिल जाता है।

कुछ सचिवों का कहना है कि पंचायत के कार्यालयों में सुरक्षा के मुकम्मल इंतजामात नहीं होने के कारण लाखों की सामग्री चोरी होने का भय उन्हें सताता रहा है। जबकि ये सिस्टम ग्राम पंचायतों को इसलिये प्रदाय किये गये थे ताकि ग्राम पंचायतों का कार्य आसानी से हो सके और रिकॉर्ड का संधारण भी करीने से किया जा सके।

पुल से गिरा बोलेरो वाहन, 02 घायल

सिवनी । अनियंत्रित हुआ बोलेरो वाहन पुल से नीचे गिर जाने के कारण उसमें सवार चालक सहित एक अन्य यात्री घायल हो गया। दुर्घटना धनौरा थाना क्षेत्र में घटित हुई।

धनौरा थाना के ग्राम पिपरिया भसूड़ा निवासी उमेश कुमार (30) पिता भगत सिंह यादव बोलेरो वाहन क्रमाँक एमपी 22टी 0987 में सवार होकर जब जा रहे थे तभी उक्त वाहन ग्राम सालीवाड़ा के आगे एक मोड़ पर अनियंत्रित होकर पुल से नीचे जा गिरा। इस दुर्घटना में उमेश कुमार घायल हो गये।

वाहन को चला रहे मान सिंह भी इस दुर्घटना में घायल हुए हैं। दोनों घायलों का उपचार धनौरा स्थित स्वास्थ्य केन्द्र में किया जा रहा है।

चार पहिया वाहन पलटा : 02 मृत, 01 घायल

सिवनी । तेज रफ्तार चार पहिया वाहन अनियंत्रित होकर पलट जाने के कारण उसमें सवार एक ही परिवार के दो सदस्यों की जहाँ मौत हो गयी वहीं एक सदस्य घायल हो गया।

दुर्घटना के संबंध में पुलिस सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि चार पहिया वाहन में सवार होकर जबलपुर निवासी आशीष (40) अपनी पुत्री संजना (17) और पुत्र अंशुल (14) के साथ जब लखनादौन क्षेत्र से गुजर रहे थे तभी चौथा मील के पास उनका चार पहिया वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया।

मंगलवार 11 जून की शाम लगभग सात बजे हुए इस सड़क हादसे में आशीष, संजना और अंशुल घायल हो गये। तीनों घायलों को तत्काल लखनादौन स्थित स्वास्थ्य केन्द्र पहुँचाया गया जहाँ उपचार के दौरान आशीष और संजना ने दम तोड़ दिया। घायल अंशुल का उपचार लखनादौन में जारी है।

किन्नरों को Meerut Police ने थाने में लाठियों से पीटा, लेकिन क्यों?

किन्नरों को Meerut Police ने थाने में लाठियों से पीटा, लेकिन क्यों?
मेरठ में ट्रांसजेंडर्स के दो ग्रुपों में आपसी झड़प और थाने में हंगामा होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. घटना सोमवार की है. बधाई मांगने को लेकर दोनों ग्रुप आपस में भिड़े थे.
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अलीगढ़ की घटना से पूरा देश व समाज दहल गया

सिवनी। अलीगढ़ में दुधमुंही बच्ची की हत्या व रेप ने पूरे देश व समाज को दहला कर रख दिया है। इसी के विरोध में बीते दिवस राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संस्थान जिला सिवनी द्वारा शोकसभा व श्रद्धांजलि का आयोजन किया गया। शोकसभा के दौरान 2 मिनट के मौन के पश्चात मोमबत्ती जलाकर आत्मा की शांति की प्रार्थना की गई।

उक्त आयोजन में संगठन के जिला अध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र मिश्रा, डॉ. नरेश सनोडिया, डॉ. नीलेश वर्मा, यूथ विंग जिला अध्यक्ष आयुष दंडवते, मानव अधिकार आयोग के सदस्य पीके वर्मा, मंच से मनीषा चौहान, अनपूर्णा मालवी, सविता गौतम, दुर्गेश्वरी शर्मा, मिना राठौर, खुशाली चौहान, आसरा फाउंडेशन से रोज कुरैशी, अधिवक्ता अनिरुद्ध, विपिन शर्मा व आम जनमानस की उपस्थिति रही।

क्या संगठन और अपनों को बचाने के चक्कर मे ऋषभ ने दी अपनी बलि ?

सिवनी । गौरतलब है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांतीय अधिवेशन 8 से 11 जून(शहडोल)में सम्पन्न हुआ जिसमे महाकौशल प्रान्त में विद्यार्थी परिषद की सभी जिलों की नवीन कार्यकारणी गठित की गयी जिसमे सिवनी से श्री मयूर सोनी को जिला संयोजक की जिम्मेदारी प्रदान की गयी जिसकी घोषणा को बाद शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है

आश्चर्य की बात यह है कि विद्यार्थी परिषद में अनेकों दायित्वों का निर्वाहन कर चुके और संगठन की अच्छी समझ रखने वाले और जमीनी स्तर के छात्र नेता ऋषभ कटरे के नाम की घोषणा न होना बहुत लोगो के गले नही उतर रही है और चर्चा यह भी है कि संगठन को बचाने और संगठन में भीतरघात कम करने के लिए ऋषभ ने स्वयं ही अपना नाम इस रेस से बाहर कर लिया और वह इस प्रांतीय अभ्यास वर्ग में भी उपस्थित नही हुए।

जिससे उन्हें करीब से जानने वाले और संगठन की समझ रखने वाले लोगो के यह बात गले नही उतर रही है। ऋषभ वर्ष 2015 से ही विद्यार्थी परिषद के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे है और संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते नजर आए है और संगठन के प्रति उनका त्याग और परिश्रम किसी से छुपा नही है ऐसे में यह कहना गलत नही होगा कि संगठन और अपनों को बिखरने से बचाने के लिए ही ऋषभ ने अपनी बलि देदी।

जिले में भाजपा की चिमनी यात्रा 12 जून को

सिवनी -जिला भाजपा द्वारा सिवनी जिले में भीषण बिजली कटौती के विरोध में बुधवार 12 जून को शाम 07 बजज स्थानीय नगरपालिका चौक से एक चिमनी यात्रा निकालकर कमलनाथ सरकार के नकारा पन को उजागर किया जाएगा । इस आशय की जानकारी भाजपा जिला अध्यक्ष श्री प्रेम तिवारी द्वारा दी गई है।

श्री तिवारी ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश बिजली कटौती की मार से जूझ रहा है । विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों को अंधेरे में धकेल दिया गया है । कांग्रेस सरकार समस्याओं को हल करने के बजाय बहानेबाजी कर रही है। भाजपा इसका पुरजोर विरोध करते हुए इस सरकार के नगाड़े बजा देगी।

भाजपा मीडिया प्रभारी श्रीकांत अग्रवाल ने बताया कि, बुधवार 12 जून को शाम 07 बजे जिला भाजपा द्वारा नगरपालिका चौक से एक चिमनी यात्रा निकाली जाएगी जो नगर के प्रमुख मार्गो से भ्रमण करते हुए गांधी चौक शुक्रवारी पहुंचकर संपन्न होगी।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री तिवारी एवं नगर अध्यक्ष श्री नरेंद्र गुड्डू ठाकुर द्वारा भाजपा की सभी वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं मंडल अध्यक्षों से अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया गया है।

करोड़ों की लागत से हो रहे सरोरा बांध निर्माण में गड़बड़ी के आरोप

आदिवासी बाहुल्य घंसौर विकासखंड के सरोरा गांव में करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए जा रहे बांध में गड़बड़ी के आरोप क्षेत्रवासियों ने लगाए हैं। ग्रामीणों व किसानों का कहना है कि सूखे खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए बनाई जा रही नहरों व बांध निर्माण कार्य में नाले की काली रेत व डस्ट का इस्तेमाल ठेकेदार किया जा रहा है।

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आदिवासी बाहुल्य घंसौर विकासखंड के सरोरा गांव में करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए जा रहे बांध में गड़बड़ी के आरोप क्षेत्रवासियों ने लगाए हैं। ग्रामीणों व किसानों का कहना है कि सूखे खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए बनाई जा रही नहरों व बांध निर्माण कार्य में नाले की काली रेत व डस्ट का इस्तेमाल ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है। बगैर तराई कांक्रीटीकरण का कार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य में मौके पर बाइब्रेटर का भी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।

330 मीटर लंबा बांध

नवंबर 2017 को सरोरा जलाशय निर्माण के लिए 10.36 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी। बांध व नहर निर्माण का ठेका 6.17 करोड़ रुपए में मुरादाबाद की मेसर्स ग्रांड कंस्ट्रक्शन को दिया गया है। जबकि शेष राशि भूमि अधिग्रहण व अन्य कार्यों पर खर्च की जानी है। 18 माह की समय अवधि में एजेंसी को बांध का निर्माण कार्य पूरा करना था। करीब 330 मीटर लंबे और 11.5 मीटर ऊंचाई तक बांध का निर्माण कार्य कराया जाना है। बांध से 3 किमी आरबीसी और 2.37 किमी एलबीसी नहर निर्माण का कार्य होना है।

पेटी ठेकेदार करवा रहा निर्माण

बांध में सीओटी व पडल भराई का काम पूरा हो चुका है। बांध के अर्थवर्क व फिल्टर इत्यादि का कार्य ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है। वहीं नहर निर्माण कार्य में भी गड़बड़ी की जा रही है। बांध व नहर निर्माण का ठेका जल संसाधन विभाग ने मुरादाबाद की मेसर्स ग्रांड कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया है लेकिन कंपनी द्वारा पेटी कांट्रेक्टर नीरज तिवारी से निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। गुणवत्ता को दरकिनार कराए जा रहे निर्माण कार्य पर जल संसाधन विभाग का तकनीकि अमला ध्यान नहीं दे रहा है।

कमजोर बांध, ढहने का खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल तेज बारिश के दौरान बांध का एक हिस्सा बह गया था। इससे आसपास के गांव के कई किसानों के खेतों में लगी फसलें तबाह और बर्बाद हो गई थी। बांध का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। ग्रामीणों के मुताबिक बांध का गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य कराया जा रहा है जो तेज बारिश में पानी का दबाव भी नहीं झेल सकेगा। मौके पर ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य का सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है ताकि क्षेत्र के ग्रामीणों को निर्माण कार्य संबंधी जानकारी न मिल सके।