Home Blog Page 160

क्या एक बार फिर कारगिल युद्ध दोहराने वाला है? J&K में लगभग 600 पाकिस्तानी कमांडो के मौजूद होने की खबर!

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों के तार पाकिस्तानी सेना के विशेष सेवा समूह (SSG) से जुड़े हैं, सूत्रों से पता चला है कि एसएसजी कमांडो जीओसी आदिल रहमानी इन हमलों का मास्टरमाइंड है।

जम्मू संभाग और कश्मीर घाटी में हाल ही में हुए आतंकी हमलों के पीछे पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) का हाथ है। सूत्रों के मुताबिक, इन हमलों की पूरी रणनीति पाकिस्तानी सेना के SSG कमांडो के GOC आदिल रहमानी बना रहे हैं। जानकारी से पता चलता है कि आदिल रहमानी एक सोची-समझी योजना के तहत जम्मू संभाग और कश्मीर घाटी दोनों जगहों पर हमले की योजना बना रहा है।

27 जुलाई को कुपवाड़ा जिले के माछिल सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) की मौजूदगी से जम्मू-कश्मीर में हो रहे आतंकी हमलों में पाकिस्तानी सेना की सीधी संलिप्तता की पुष्टि होती है। पूर्व डीजीपी डॉ. एसपी वैद कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर में हो रहे हमलों के पीछे सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना का हाथ है। डॉ. वैद के मुताबिक यह एक गुप्त युद्ध है और भारत को इसका उसी तरह से जवाब देना होगा।

डॉ. एसपी वैद ने बताया कि आदिल रहमानी की निगरानी में इस ऑपरेशन के लिए करीब 600 एसएसजी कमांडो को नियुक्त किया गया है। इन उच्च प्रशिक्षित कमांडो को हवाई मार्ग से इस क्षेत्र में उतारा गया है, जिनमें से कई पहले ही भारत में प्रवेश कर चुके हैं। कमांडो का नेतृत्व पाकिस्तानी सेना के कुलीन एसएसजी के लेफ्टिनेंट कर्नल शाहिद सलीम कर रहे हैं, जो जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर चुके हैं और इन कमांडो और आतंकवादियों को हमले करने के लिए मार्गदर्शन कर रहे हैं।

ये कमांडो हमले करने के लिए स्लीपर सेल और ओवरग्राउंड वर्कर सहित स्थानीय नेटवर्क स्थापित कर रहे हैं। ये नेटवर्क उन्हें इलाके के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी, भोजन की व्यवस्था और आवश्यक रसद सहायता प्रदान कर रहे हैं। डॉ. वैद के अनुसार, वे 16 कोर (व्हाइट नाइट कोर, जम्मू) और 15 कोर (चिनार कोर, कश्मीर) को शामिल करने और इलाके में दहशत फैलाने के लिए लगातार हमले करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा, एसएसजी की दो और बटालियनें हमले करने की योजना बना रही हैं।

MP सीएम मोहन यादव ने बेसमेंट में संचालत कोचिंग संस्थानों के निरीक्षण के निर्देश जारी किए

भोपाल: इस अवसर पर प्रमुख सचिव राजस्व श्री निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने प्रजेंटेशन दिया। बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री नीरज मंडलोई ने बताया किमुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के परिपालन में प्रदेश में बेसमेंट में चल रहे कोचिंग के स्थानों में जल भराव होने पर जल निकासी की व्यवस्था देखने और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजौरा ने बताया कि 16 नगर निगम कमिश्नर्स भी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े हैं। उन्हें बेसमेंट में चल रहे कोचिंग संस्थानों और अन्य धर्मशालाओं और संस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अलावा विभिन्न नगरों- कस्बों में निचली बस्तियों में भी आवश्यक सावधानियां बरतने एवं कच्चे मकानो में बिजली के करंट फैलने से वर्षा काल में उत्पन्न होने वाली समस्या के प्रति सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रमुख सचिव राजस्व ने बताया कि प्रदेश में एक जून से 29 जुलाई तक 18.5 इंच वर्षा दर्ज हुई है। अधिक वर्षा वाले जिलों में राजगढ़, नीमच, भोपाल, सिवनी, ग्वालियर, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, रायसेन एवं सीहोर शामिल हैं। प्रदेश के सिर्फ कटनी जिले में अधिक वर्षा से उत्पन्न स्थिति के कारण राहत शिविर का संचालन किया जा रहा है। बरगी जलाश्य का जल स्तर बढ़ने पर गेट खोलने का निर्णय लिया जा रहा है।

इसके प्रवाह से प्रभावित होने वाले जिलों को अलर्ट किया गया है। अनेक बांधों में जल भराव 50 से 75 प्रतिशत के मध्य है। जिला कलेक्टरों को निचली बस्तियों में रहने वाले निवासियों को समय पर सतर्क करने और आवश्यकतानुसार अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ उन्मुख नदियों के जल स्तर पर लगातार निगरानी के लिए कहा गया है। सभी विभाग निर्धारित पोर्टल पर जानकारी अपडेट करें और बाढ़ की पूर्व सूचना के लिए समुचित व्यवस्था करें, ऐसे निर्देश दिए गए हैं।

आवश्यक सेवाओं के रख-रखाव और बचाव दलों की व्यवस्था के लिए भी कहा गया है। प्रजेंटेशन में बताया गया कि डिसास्टर वार्निंग रिस्पॉन्स सिस्टम लागू किया गया है। इससे जलाशयों, नदियों के स्तर और गेटों के खोलने की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जल संसाधन विभाग द्वारा एसडीआरएफ, जिला प्रशासन और नागरिकों को एसएमएस अलर्ट की व्यवस्था भी की गई है।

इसके साथ ही राजस्व एवं राहत आयुक्त के अमले द्वारा वर्षा से क्षति पर रिपोर्ट तैयार करने, जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों को भारी वर्षा की चेतावनी और एसएमएस अलर्ट देने के साथ ही एसडीआरएफ एवं राज्य आपदा केंद्र के स्टाफ द्वारा जिला प्रशासन और नागरिकों को सूचित कर सजग करने की भूमिका निभाई जा रही है।

मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा द्वारा पूर्व में प्रदेश के सभी जिलों को अति वर्षा और बाढ़ की स्थिति से निपटने के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए गए हैं।

MP WEATHER: सीएम मोहन यादव का बड़ा आदेश, बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्य करें; बांधों के गेट खुलने पर ग्रामीणों को तुरंत करें सूचित

भोपाल: मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM MOHAN YADAV) ने निर्देश दिए हैं कि वर्षा काल में प्रदेश में कहीं भी जन हानि न हो, इसके लिए सभी कलेक्टर्स अपने नेतृत्व में जिलों में प्रशासनिक अमले को दायित्व सौंपे। बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्य करे। संबंधित अमला चैतन्य रहे और घटना-दुर्घटना के पूर्व आम जनता को आगाह भी किया जाए।

अतिवर्षा या बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए समन्वय में कोई कमी नहीं रहना चाहिए। लोगों की जीवन रक्षा के लिए कहीं सेना की जरूरत हो तो कलेक्टर्स समय पर बताएं।

मुख्यमंत्री यादव (CM MOHAN YADAV) ने कहा है कि कल दिल्ली में ओल्ड राजेंद्र नगर में हुए एक हादसे में बेसमेंट क्षेत्र में पानी भरने से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन युवाओं की असामयिक मृत्यु दु:खद और दर्दनाक है। इस घटना के प्रकाश में मध्यप्रदेश के बेसमेंट में संचालित कोचिंग केंद्रों के सर्वे के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री यादव ने प्रदेश में वर्षा की स्थिति और कुछ जिलों में बाढ़ की आशंका के संबंध में समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अनेक जिलों के कलेक्टर्स-कमिश्नर्स से प्रदेश में अतिवर्षा की स्थिति में आवश्यक प्रबंधों के संबंध में चर्चा कर निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री यादव ने निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग ऐसे पुल-पुलियों की जानकारी संकलित कर, जहां दुर्घटनाएं पूर्व में हुई हैं, ऐसे रपटों और पुलों पर प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे। पुलों पर पानी का भराव हो तो लोगों को न जाने दें। बांधों से पानी छोड़ें तो प्रभावित होने वाले जिलों को अलर्ट करें। तैराक दल भी ऐसे स्थानों पर उपलब्ध रहें।

स्थानीय स्तर पर तालमेल रहे। जिलों और तहसीलों की परस्पर जानकारी रहे। अति वर्षा की स्थिति और बाढ़ की चुनौती से प्रशासन को निपटना है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि कोई जनहानि न हो, इसके लिए सजग रहें। निरंतर मानीटरिंग होती रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कंट्रोल रूम की ड्यूटी वाले अधिकारी- कर्मचारी 24 घंटे चैतन्य रहें। जरूरत के अनुसार स्काउट- गाइड और सेवा भावी संस्थाओं की सेवाएं अति वर्षा की स्थिति में प्राप्त करें।

आवश्यक सेवाओं में बाधा न हो

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि वर्षा के दिनों में पेयजल आपूर्ति में स्वच्छता का ध्यान रखें। आम जनता को जीवन की उपयोगी वस्तुएं बिना बाधा के मिलती रहें। आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित किया जाए। वर्षाकाल में उत्पन्न समस्याओं के कारण मवेशियों की मृत्यु भी हो जाती है। कहीं मृत मवेशी न रखे रहें, उनको उठवाने का कार्य समय पर किया जाए।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि जिन पुल-पुलियों अथवा रपटों पर जल बहाव तेज हो, वहां से नागरिकों को आवागमन न करने दिया जाए। उनकी जीवन रक्षा के लिए आवश्यक तैराक दल भी ऐसी जगह पर उपलब्ध रहना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र का जिले और तहसील से संपर्क रहे। जहां दुर्घटना की या जल भराव ज्यादा होने के आशंका है, आवश्यक ध्यान रखा जाए।

कटनी के परिवार के लिए मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से राशि मंजूर

मुख्यमंत्री यादव ने कहा है कि हाल ही में जबलपुर,मंडला और कटनी जिलों में अति वर्षा से कुछ नागरिकों की असमय मृत्यु हुई है, जो पीड़ादायक है। ऐसे दुर्घटनाएं आगे न हों, यह सुनिश्चित किया जाए। जहां लोग पिकनिक मनाने के लिए जाते हैं, ऐसी नदियों तालाबों पर बचाव दल की आवश्यक व्यवस्था रखी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुछ जिलों में अधिक वर्षा से हुई जन हानि को दुखद बताया।

उन्होंने विशेष रूप से कटनी जिले में एक कुएं में गिरने से चार लोगों की मृत्यु पर भी दुख व्यक्त किया। इस प्रकरण में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवार के वैध वारिसों को प्रति मृत व्यक्ति 4 लाख रुपए के मान से 16 लाख रुपए की राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से मंजूर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी दुर्घटनाएं नहीं होना चाहिए। खुले बोरवेल भी बंद हों। ऐसी लापरवाही से किसी की जान जा सकती है। नागरिक स्वयं सजग रहें और प्रशासनिक अमला भी सक्रिय और सजग रहे।

मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सावन के महीने में मंदिरों में श्रद्धालुओं का आना- जाना निरंतर होता है। इसका जिला वार आकलन किया जाए। त्यौहारों पर नागरिकों के धर्म स्थलों पर जाने के मार्ग और अथवा उन स्थानों पर भी आवश्यक सुरक्षा आवश्यक है, जो धर्मस्थल जल स्रोतों के पास या नदियों के पास हैं।

ऐसी जगहों पर जहां जल स्तर बढ़ सकता है,वहां सुरक्षा की दृष्टि से निरंतर नजर रखी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कमिश्नर उज्जैन, कलेक्टर शाजापुर ,कलेक्टर नर्मदा पुरम, कलेक्टर जबलपुर और कलेक्टर कटनी से वर्षा की स्थिति और बाढ़ की आशंका के संबंध में जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए।

MP WEATHER: मध्यप्रदेश में झमाझम बारिश की वजह से खोले गए बांधों के गेट; अलर्ट जारी

भोपाल (मध्य प्रदेश): पूरे मध्य प्रदेश में मानसून का असर जारी है। सोमवार सुबह भोपाल में हल्की बारिश के साथ कोहरा छाया रहा। उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे स्थित मंदिर जलमग्न हो गए, जबकि शाजापुर में बाढ़ आ गई, जिससे घरों और दुकानों में पानी घुस गया।

भारी बारिश के कारण विदिशा में संजय सागर बांध के दो गेट खोल दिए गए हैं। बैतूल में सतपुड़ा बांध के पांच गेट और पारस डोह बांध के दो गेट खोलकर अतिरिक्त पानी निकाला गया। जबलपुर में बरगी बांध के गेट सोमवार को दोपहर दो बजे खोले जाने थे।

सोमवार को जबलपुर और सात अन्य जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को भारी बारिश रुकने की उम्मीद है, लेकिन 31 जुलाई से पूरे राज्य में एक मजबूत मौसमी सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जो संभवतः पूरे क्षेत्र को भिगो देगा।

मध्य प्रदेश में वर्षा के आंकड़े

मध्य प्रदेश में अब तक औसत से 7% ज़्यादा बारिश हुई है। नर्मदा जैसी नदियाँ उफान पर हैं, खासकर राज्य के पश्चिमी हिस्से में, जिसमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग शामिल हैं, जहाँ सामान्य से 10% ज़्यादा बारिश हुई है।

इसके विपरीत, रीवा, सागर, जबलपुर और शहडोल संभागों सहित पूर्वी क्षेत्रों में 4% अधिक वर्षा हुई है। उल्लेखनीय है कि जबलपुर संभाग के सिवनी, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, मंडला और बालाघाट जैसे जिलों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई है। भोपाल संभाग भी भारी बारिश से काफी प्रभावित हुआ है।

रविवार को वर्षा का वितरण

भारी बारिश ने मुख्य रूप से सांवेर, गौतमपुरा और देपालपुर जैसे इलाकों को प्रभावित किया, जबकि शहरी क्षेत्रों में ज्यादातर हल्की से मध्यम बारिश हुई, कभी-कभी भारी बारिश हुई। पिछले 24 घंटों में, इंदौर में 2.5 इंच बारिश हुई, जो 13 जुलाई को दर्ज की गई बारिश के बराबर है। हाल ही में हुई बारिश ने उमस से काफी राहत दी है। इस महीने, इंदौर में 10 इंच बारिश हुई है, जिसमें जून में 4 इंच बारिश दर्ज की गई थी।

अगले तीन दिनों का पूर्वानुमान:-

30 जुलाई: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में हल्की बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना है। गुना, शिवपुरी, दमोह, टीकमगढ़, सिवनी, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, मंडला और बालाघाट जिलों में बारिश की उम्मीद है।

31 जुलाई: गुना, शिवपुरी, दमोह, टीकमगढ़, सिवनी, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट, विदिशा, सीहोर, रायसेन, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल और नर्मदापुरम जिलों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

जबकि, इंदौर, ग्वालियर और बाकी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है।

1 अगस्त: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में हल्की बारिश और बौछारें पड़ने की संभावना है। गुना, शिवपुरी, दमोह, टीकमगढ़, सिवनी, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट, विदिशा, सीहोर, रायसेन, रीवा, सागर, शहडोल और नर्मदापुरम जिलों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है.

Ayushman Bharat Niramayam Scheme: आयुष्मान भारत निरामयम योजना का विस्तार, श्रमिक श्रेणियों को किया गया शामिल; प्रति परिवार मिलेगा 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य लाभ

इंदौर (मध्य प्रदेश): स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल आयुष्मान भारत निरामयम योजना में श्रमिकों की कई नई श्रेणियों को शामिल किया गया है, जिससे प्रति वर्ष प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित होगा।

इस महत्वपूर्ण विस्तार के अंतर्गत अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आशा कार्यकर्ता, उषा कार्यकर्ता, आशा पर्यवेक्षक, कोटवार और संविदा कर्मचारी शामिल होंगे।

नया समावेशन मौजूदा योजना का एक हिस्सा है

यह नया समावेश मौजूदा आयुष्मान भारत निरामयम योजना का हिस्सा है, जिसमें पहले अन्य पात्र श्रेणियां शामिल थीं। स्वास्थ्य विभाग ने इस विस्तार को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक आदेश जारी किया है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कदम कई परिवारों पर वित्तीय दबाव को कम करने और समुदाय की समग्र भलाई में योगदान करने के लिए है।

हालाँकि, कुछ परिवारों को विशिष्ट मानदंडों के आधार पर इस योजना के लिए अपात्र घोषित किया गया है।

अपात्र परिवार

अपात्र परिवारों में वे परिवार शामिल हैं जिनका कोई सदस्य पिछले तीन वर्षों में आयकरदाता रहा हो, वे परिवार जिनका कोई सदस्य किसी अन्य सरकारी योजना से निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकता हो, तथा वे परिवार जिनका कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो तथा किसी राज्य या केंद्र सरकार की योजना के अंतर्गत निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पात्र हो।

यह सुनिश्चित करता है कि लाभ उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है, तथा योजना के संसाधनों को समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक पहुंचाया जाए।

MP का सौभाग्य है कि भारत देश में सर्वाधिक बाघ देश की धड़कन मध्यप्रदेश में हैं – मुख्यमंत्री मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर बाघ प्रेमियों को बधाई देते हुए कहा है कि यह हमारा सौभाग्य है कि देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में पाए जाते हैं। भोपाल देश की एकमात्र ऐसी राजधानी है जिसकी नगर निगम सीमा के आसपास बाघ निर्बाध रूप से विचरण करते हैं।

गर्व का विषय है कि प्रदेश में चीता परियोजना भी गतिशील है, जबकि संपूर्ण एशिया में कहीं चीता नहीं पाया जाता। पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को दृष्टिगत कर राज्य सरकार विभिन्न वन्य जीवों के सह अस्तित्व को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रोत्साहित करती रहेगी।

प्रदेश के जिन क्षेत्रों में टाइगर नहीं है वहां नए टाइगर रिजर्व विकसित किए जाएंगे। टाइगर राष्ट्रीय पशु है, सभी राज्यों में टाइगर के अस्तित्व के लिये मध्यप्रदेश अन्य राज्यों को भी टाइगर उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

तीन पुस्तकों का विमोचन एवं तीन लघु फिल्मों का हुआ प्रदर्शन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर लगी प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग की तीन पुस्तकों क्रमशः वॉलेंट्री विलेज रिलोकेशन : “द सतपुड़ा मॉडल”, “पेंच टाइगर बिहेवियर एक्टिविटीज किट-3” और “कान्हा की कहानियाँ” का विमोचन किया।

इस अवसर पर टाइगर वॉरियर्स, पेंच लेंड आफ टाइगर और गौर के पुनर्स्थापन पर केंद्रित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन और वन्य प्राणियों के संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य के लिए वन कर्मियों और अधिकारियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री रामनिवास रावत, वन राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर विशेष रूप से उपस्थिति थीं।

गांधी सागर क्षेत्र में चीतों को बसाने के लिए गतिविधियां जारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट भी गतिशील है और गांधी सागर क्षेत्र में भी चीतों को बसाने के लिए गतिविधियां जारी हैं। उन्होंने कहा कि वन्य प्राणियों के संरक्षण और टाइगर रिजर्व के बेहतर प्रबंधन से पर्यटकों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। प्रदेश में 7 टाइगर रिजर्व विद्यमान हैं। वन से लगभग 60 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त होता है और 25 लाख से अधिक पर्यटकों का प्रदेश में आवागमन है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में वन और वन्य-प्राणियों के संरक्षण के लिए जारी प्रयासों से पारिस्थितिकी तंत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि काल के प्रवाह में विलुप्त प्राय वन्य प्राणियों के पुनर्स्थापना और सांपों की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण के लिए भी प्रयास आरंभ किया जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन तथा वन्य-प्राणियों के संरक्षण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और वन कर्मचारियों को सम्मानित किया। इसमें वन अपराध अन्वेषण श्रेणी में इंदौर की उप वन संरक्षक श्रीमती अनुभा त्रिवेदी, पन्ना टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्रपाल श्री हृदयेश हरि भार्गव, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन रक्षक श्री नंदकिशोर अहिरवार, सक्रिय वन्यप्राणी प्रबंधन क्षेत्र में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सहायक महावत श्री नीलम सिंह, पन्ना टाइगर रिजर्व के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार गुप्ता, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के वन संरक्षक श्री ताराचंद गौड़, पेंच टाइगर रिजर्व के वन पाल श्री मोहपत सिंह चौधरी, वन्य-प्राणी संरक्षण क्षेणी में सहायक वन संरक्षक श्री राजेश मंडावलिया, कान्हा टाइगर रिजर्व के उप वन क्षेत्रपाल श्री कुवर सिंह टेकाम और टाइगर स्ट्राइक फोर्स जबलपुर के वनरक्षक श्री राजेश मेहरा को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य-प्राणी रेस्क्यू श्रेणी के अंतर्गत वनमंडल रायसेन के उप वनमंडलाधिकारी श्री सुधीर पटले तथा उनके दल के सर्वश्री प्रवेश पाटीदार, प्रभात यादव, प्रीतम सिंह जाटव, भजन शर्मा, लाल सिंह पूर्वी, सर्जन सिंह मीना, परसराम मालवीय, नीतेश यादव और शोएब खान को सम्मानित किया। इस श्रेणी में वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के वनरक्षक श्री जसमन सिंह रघुवंशी को भी सम्मानित किया गया।

वन्य-प्राणी रहवास श्रेणी में सतपुडा टाइगर रिजर्व के श्रमिक श्री शिवजी पिता श्री सुरजु, माधव राष्ट्रीय उद्यान के वनरक्षक श्री प्राणसिंह सोहरे, पर्यटन श्रेणी में वनमंडल देवास के सुरक्षा श्रमिक श्री जोगेन्द्र सिंह, कार्यवाहक वनपाल श्री गोपाल सिंह चौहान और वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के वनरक्षक श्री रूप कुमार मेहर को सम्मानित किया गया। सहायक जिला अभियोजन अधिकारी छिंदवाड़ा श्री अभयदीप सिंह ठाकुर , वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट भोपाल के वन्यप्राणी विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत देशमुख और पेंच टाइगर रिजर्व के सुरक्षा श्रमिक श्री मनोज सिंह धुर्वे भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सम्मानित हुए।

वन तथा वन्य-प्राणियों के संरक्षण के लिए जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करना जरूरी

वन मंत्री श्री रामनिवास रावत ने कहा कि वन्य-प्राणियों का संरक्षण पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बनाए रखने में सहायक है। यह गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश पूरे देश में टाइगर स्टेट के रूप में विख्यात है। वन विभाग और सुदूर वन क्षेत्रों में कार्यरत वन अमले के सहयोग से ही वन तथा वन्य- जीवों का संरक्षण और संवर्धन हो रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मिशन लाइफ के आव्हान को सफल बनाने और जैव विविधता के संरक्षण के लिए वन्य जीवों की जीवन शैली के संबंध में शालेय स्तर पर जानकारी उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। वन राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र और वन तथा वन्य-प्राणियों के संरक्षण के लिए चलाई जा रही गतिविधियों में जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए भी वन विभाग विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रहा है।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री असीम श्रीवास्तव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री शुभरंजन सिंह, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बाघ प्रेमी उपस्थित थे।

सिवनी: उड़ान सूत्र सेवा बस और बोलेरो की सीधी टक्कर, 2 लोगों की मौत

सिवनी: बरघाट क्षेत्र में साइड सोल्डर बन रहा है मौत का कारण. सिवनी-बालाघाट रोड के धारनाकला से लगे ग्राम कौडिया में आज फिर 11 बजे दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। सूत्र सेवा बस तथा बोलेरो वाहन की सीधी भिड़ंत में घटना स्थल पर ही बोलेरो में सवार दो युवकों की मौत हो गई।

दुर्घटना इतनी वीभत्स थी कि बोलेरो वाहन के परखच्चे उड़ गए तथा बोलेरो वाहन में फंसे युवकों को बोलेरो काटकर पुलिस की मौजूदगी में निकाला गया। दुर्घटना इतनी वीभत्स थी कि घंटों जाम की स्थिति निर्मित हो गई।

खबर मिलते ही तहसीलदार संजय बरैया, एसडीओपी गठरे, थाना प्रभारी बरघाट अपने पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुँच गए तथा बेकाबू स्थिति को सँभालते हुए सबसे पहले बोलेरो में फंसे शवों को निकालते हुए आवागमन को प्रारंभ कराने में महती भूमिका अदा की।

सिवनी: उड़ान सूत्र सेवा बस और बोलेरो की सीधी टक्कर – Seoni – Barghat Udaan Sootr Seva Bus Accident

इनकी हुई मृत्यु:

प्राप्त जानकारी के अनुसार अपने गृह ग्राम विजयपानी मोवाड से बोलेरो वाहन में सवार चार युवक बालाघाट जा रहे थे, तभी कौडिया ढाबा के समीप सूत्र सेवा की उड़ान बस और बोलेरो वाहन के बीच साइड सोल्डर के कारण जबरदस्त सीधी भिड़ंत हुई।

बोलेरो वाहन चालक तथा मालिक रोहित पिता गरीबा ककोडिया (उम्र 30 वर्ष, मोवाड) तथा ग्राम पखारा निवासी श्री चन्द बुज़ुर्ग बिसेन की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। बुरी तरह घायल मुकुंद कुमरे पिता बिनदेसिह (उम्र 18 वर्ष) प्रदेश ककोडिया (उम्र 19 वर्ष) का उपचार जारी है।

साइड सोल्डर के कारण आए दिन हो रही वीभत्स दुर्घटनाएँ:

यहाँ बताना भी लाजिमी है कि सिवनी-बालाघाट रोड में साइड सोल्डर के कारण आए दिन छोटी से बड़ी दुर्घटनाएँ घटित हो रही हैं तथा दुर्घटना में लोग काल के गाल में समा रहे हैं।

सिवनी-बालाघाट रोड के किनारे लगभग एक से सवा फिट की गहरी नाली रोड के किनारे बन गई है, जिसे भरने की मांग लगातार की जा रही है, किन्तु इतनी दुर्घटनाएँ घटित होने के बाद भी न ही संबंधित विभाग का ध्यान है और न ही जिले के तथा विकासखंड के शीर्ष राजनैतिक नेतृत्व का।

जिस स्थान पर आज इतनी वीभत्स दिल दहला देने वाली घटना घटित हुई है, उस स्थान की यह पहली नहीं अपितु चौथी घटना है। साथ ही सूत्र सेवा उड़ान बस की यह दूसरी जानलेवा घटना है। इसके बाद भी विभाग तथा शीर्ष नेतृत्व आंख पर पट्टी बांधे हुए हैं।

राहुल उईके जनपद सदस्य उतरेंगे रोड पर:

साइड सोल्डर के कारण लगातार हो रही दुर्घटनाओं तथा मौत को लेकर जनपद सदस्य तथा कांग्रेस नेता राहुल उईके ने क्षेत्र की जनता के साथ विभागीय निष्क्रियता का खुलकर विरोध करने का ऐलान किया है।

बरघाट अस्पताल में अपनी मौजूदगी में राहुल ने मृतक परिवार तथा घायलों के परिवार की मदद करते हुए लगातार हो रही गंभीर दुर्घटनाओं को लेकर संवेदना व्यक्त करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

भोपाल मौसम अपडेट: भोपाल में भारी बारिश का प्रकोप, भारी बारिश की चपेट में भोपाल; 36 घंटे में 3.7 इंच बारिश; ऊपरी झील लबालब

भोपाल (मध्य प्रदेश): राजधानी भोपाल में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। शनिवार की सुबह भारी बारिश दर्ज की गई, जो 18.2 मिमी थी। इसके बाद के 24 घंटों में शहर में 75.2 मिमी (3 इंच) बारिश हुई, और पिछले 36 घंटों में 93.4 मिमी (3.7 इंच) बारिश हो चुकी है।

ऊपरी झील का जलस्तर बढ़ा

भोपाल की अपर लेक (ऊपरी झील) का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार को अपर लेक का जलस्तर 1.4 फीट बढ़कर 1664.50 फीट तक पहुंच गया है, जबकि इसका फुल टैंक लेवल (FTL) 1666.80 फीट है।

भदभदा बांध के गेट खोलने की तैयारी

भोपाल के महापौर मालती राय, महापौर परिषद (एमआईसी) के सदस्य रवींद्र यति और अधिकारियों ने भदभदा बांध का दौरा कर गेट खोलने की तैयारियों का जायजा लिया। सीहोर जिले में भारी बारिश के कारण कोलांस नदी के जरिए बड़े तालाब का जलस्तर बढ़ गया है। कोलांस, बड़ा तालाब, भदभदा और कलियासोत बांध आपस में जुड़े हुए हैं।

शहर की सड़कों पर गड्ढे और नुकसान

भारी बारिश के कारण भोपाल की कई सड़कों की सतह उखड़ गई है और गड्ढे हो गए हैं। वीआईपी रोड समेत ज्योति टॉकीज रोटरी, राजभवन रोटरी के आसपास भी गड्ढे हो गए हैं। इसके अलावा, कलेक्ट्रेट, संत हिरदाराम नगर, बिट्टन मार्केट (आरबीआई कॉलोनी के सामने) और चंचल चौराहा की सड़कों पर भी बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।

निचले इलाकों में जलभराव की समस्या

भोपाल के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। हालांकि, लोगों ने अपने घरों से बारिश का पानी निकालना शुरू कर दिया है। एमआईसी सदस्य रवींद्र यति ने कहा, “भदभदा बांध के गेट एफटीएल तक पहुंचने के बाद खोले जाएंगे, जो अभी भी निशान से 2 फीट नीचे है।”

बीएमसी की तैयारी और अलर्ट

भोपाल नगर निगम (बीएमसी) ने बांध के आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। बीएमसी शहर और उसके आसपास की स्थिति पर नजर रख रही है। बीएमसी इंजीनियर अजय सोलंकी ने कहा, “हमारी तकनीकी टीम लगातार भदभदा बांध की स्थिति पर नजर रख रही है। एफटीएल हासिल करने के बाद गेट खोलने के लिए हमारी पूरी तैयारी है।”

कोलांस नदी और बड़े तालाब का जलस्तर

सीहोर जिले में भारी बारिश के कारण कोलांस नदी के जरिए बड़े तालाब का जलस्तर बढ़ गया है। कोलांस, बड़ा तालाब, भदभदा और कलियासोत बांध आपस में जुड़े हुए हैं। इससे जलस्तर को नियंत्रित करने में कठिनाई हो रही है।

शहर में प्रभावित स्थान

शहर के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। वीआईपी रोड, ज्योति टॉकीज रोटरी, राजभवन रोटरी, कलेक्ट्रेट, संत हिरदाराम नगर, बिट्टन मार्केट और चंचल चौराहा में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है।

विभिन्न विभागों की तैयारी

भोपाल नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों ने बारिश से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है। बीएमसी इंजीनियर अजय सोलंकी ने कहा, “हमारी टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और आवश्यक कदम उठा रही है।”

अलर्ट जारी और सावधानियां

भदभदा बांध के गेट खोले जाने के कारण आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।

भविष्य की संभावनाएं और तैयारियां

आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना है, जिससे शहर में और अधिक जलभराव हो सकता है। नगर निगम ने सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।