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ब्रेकिंग: पीएम मोदी NDA सहयोगियों के साथ सरकार बनाने का दावा पेश करने की तैयारी में – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 17वीं लोकसभा भंग की

नई दिल्ली: कैबिनेट ने आज अपनी बैठक में राष्ट्रपति को 17वीं लोकसभा को तत्काल प्रभाव से भंग करने की सलाह दी है। राष्ट्रपति ने कैबिनेट की सलाह को स्वीकार कर लिया है और 17वीं लोकसभा को भंग करने के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

एनडीए दलों की एक बैठक भी हुई और बैठक का एक वीडियो भी साझा किया गया जिसमें भाजपा अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ दिख रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनडीए आज (बुधवार को) ही सरकार बनाने का दावा पेश करने की योजना बना रहा है।

मुस्लिम महिलाएं ₹1 लाख के लिए गारंटी कार्ड लेकर कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मुस्लिम महिलाएं कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के ‘गारंटी कार्ड’ के साथ पहुंचीं, जिसमें लोगों को 1 लाख रुपये और अन्य वादों के अलावा लोगों को रोजगार देने का वादा किया गया था।

महिलाएं कांग्रेस कार्यालय के बाहर फॉर्म लेकर इंतजार करती दिखीं और कहा कि वे किसी के द्वारा फॉर्म स्वीकार किए जाने का इंतजार कर रही हैं।

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक द्वारा यूपी में भाजपा को पछाड़ने के एक दिन बाद महिलाएं कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं। इस ब्लॉक ने भाजपा के 33 के मुकाबले 43 सीटें जीतकर यूपी में भाजपा को पछाड़ दिया।

कांग्रेस ने अकेले 99 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा को 240 सीटें मिलीं। कांग्रेस का कार्ड हाथ में लिए महिलाओं ने दावा किया कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के दौरान कई वादे किए थे और उनमें से एक वादा महिलाओं को एक लाख रुपए देने का भी था।

https://twitter.com/dwivedi_ji12/status/1798307298047324347

तस्लीम नाम की महिला ने कांग्रेस दफ्तर के बाहर न्यूज चैनल आजतक के रिपोर्टर से बात करते हुए कार्ड दिखाया और कहा कि दफ्तर वालों ने उनसे कहा कि फॉर्म में बूथ (मतदान केंद्र) नंबर होना जरूरी है।

हालांकि, कार्यालय में मौजूद अन्य महिलाओं ने कहा कि उन्हें फॉर्म नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे कार्यालय के बाहर इंतजार कर रही हैं, लेकिन उन्हें फॉर्म नहीं दिए गए।

Maharashtra Political Crisis: देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश की, और कहा ‘मैं भागने वाला नहीं हूं..’

मुंबई: लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद हुए राजनीतिक घटनाक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अपना इस्तीफा सौंप दिया। फडणवीस ने आज मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने फैसले की घोषणा की।

अपने इस्तीफे की पेशकश करते हुए उन्होंने कहा कि वह राज्य में भगवा पार्टी की विफलता की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। उन्होंने भविष्य में पार्टी संगठन के लिए काम करने की पुष्टि की।

फडणवीस ने अपने संबोधन में कहा, “मैं महाराष्ट्र में ऐसे नतीजों की जिम्मेदारी लेता हूं। मैं पार्टी का नेतृत्व कर रहा था। मैं भाजपा आलाकमान से अनुरोध करता हूं कि मुझे सरकार की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए ताकि मैं आगामी चुनावों में पार्टी के लिए कड़ी मेहनत कर सकूं।”

पार्टी के खराब प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए और फिर से जनता के बीच आने के लिए नई रणनीति बनाने का आश्वासन देते हुए फडणवीस ने कहा, “…महाराष्ट्र में जो पराजय हुई, हमारी सीटें कम हुईं, इसकी पूरी जिम्मेदारी मेरी है।

मैं इस जिम्मेदारी को स्वीकार करता हूं और जो भी कमी है उसे पूरा करने की कोशिश करूंगा। मैं भागने वाला आदमी नहीं हूं (मैं भागने वाला आदमी तो हूं नहीं )…हम नई रणनीति तैयार करेंगे और नई रणनीति तैयार करने के बाद हम जनता के बीच जाएंगे…”

भाजपा नेताओं ने लोकसभा नतीजों पर महत्वपूर्ण बैठक की

भाजपा की महाराष्ट्र इकाई की बैठक आज मुंबई में हुई। एक दिन पहले ही पार्टी ने राज्य में नौ लोकसभा सीटें जीतीं, जहां 2019 के संसदीय चुनावों की तुलना में इसकी संख्या 14 कम हो गई।

बैठक में उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस, पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले और राज्यसभा सांसद अशोक चव्हाण समेत कई नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान पार्टी के प्रदर्शन का विश्लेषण किया गया और उससे संबंधित चर्चा की गई।

2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने महाराष्ट्र में 23 सीटें जीती थीं। इस बार भाजपा और उसके सहयोगियों ने राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से 17 सीटें जीतीं, जबकि 2019 के मुकाबले भाजपा की सीटें आधी से भी कम रह गईं, जबकि कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने 48 में से 30 सीटें जीतीं।

महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए 45 से ज़्यादा सीटें जीतने के अपने लक्ष्य से काफ़ी पीछे रह गई और उसे सिर्फ़ 17 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने 13 सीटें जीतीं, जो 2019 में राज्य में जीती गई एकमात्र सीट से काफ़ी ज़्यादा है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) को नौ और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) को आठ सीटें मिलीं।

MP के इंदौर में एक तेल मिल में भीषण आग: आग में फंसे लोगों को गीले कंबल से बचाया…

इंदौर (मध्य प्रदेश): इंदौर में मंगलवार रात एक तेल मिल में आग लग गई, जो तेजी से फैल गई और दो बगल के फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया। फ्लैटों में रहने वाले परिवारों को गीले कंबल में लपेटकर बाहर निकालकर बचाया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, आग सुबह करीब 3 बजे चितावद पेट्रोल पंप के पास सिद्धि विनायक ऑयल कंपनी में लगी। इस कंपनी के मालिक अभिषेक गोयल हैं।

जानकारी के मुताबिक आग इतनी भीषण थी कि दूर से ही लपटें दिखाई दे रही थीं। छह दमकल गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत कर आखिरकार बुधवार सुबह तक आग पर काबू पा लिया। दोनों फ्लैटों में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया।

पास के एक निवासी अशोक डोर, जिनके घर में आग लगी थी, ने बताया कि उन्होंने सुबह 3:15 बजे के आसपास धमाकों की आवाज़ सुनी। उनके घर की खिड़कियाँ टूट गईं और हवा में धुआँ भर गया। अशोक के भाई का परिवार भी पास के ही एक फ्लैट में रहता है। जैसे-जैसे आग और धुआँ बढ़ता गया, परिवार के सभी सदस्यों को गीले कंबल में लपेटकर दूसरे दरवाज़े से बाहर निकाला गया।

सारा सामान नष्ट हो गया

अशोक डोर ने बताया कि उस समय घर में उनकी पत्नी अनीता, बेटी मिकिता, बेटा हर्ष और बेटी सोनिया अपने 6 साल के बेटे रियांश के साथ थे। उनके भाई के फ्लैट में उनकी भाभी शकुंतला और कई रिश्तेदार थे। गनीमत रही कि सभी सुरक्षित हैं। हालांकि, दोनों फ्लैट में रखा सारा सामान जल गया, जिसमें घरेलू सामान, नकदी और गहने शामिल हैं, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।

अशोक ने बताया कि उन्होंने तेल मिल मालिक को इलाके में इस तरह के कारोबार से होने वाले खतरों के बारे में कई बार चेतावनी दी थी, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया।

MP से बड़ी खबर: नाश्ते में चावल खाने और छाछ पीने से 25 लोगों को फूड पॉइजनिंग, 8 वर्षीय बच्चे की हालत गंभीर

दतिया (मध्य प्रदेश): दतिया के एक गांव में बुधवार सुबह नाश्ते में चावल और छाछ खाने के बाद एक ही परिवार के 25 सदस्यों को फ़ूड पॉइज़निंग की शिकायत हुई।

परिवार के सभी सदस्यों को इलाज के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। उनमें से कुछ को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद वापस भेज दिया गया। 8 साल के एक बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के दतिया के जिगनी गांव में एक संयुक्त परिवार में तबियत खराब हो गई, जब 25 सदस्यों को फूड पॉइजनिंग हो गई।

नाश्ते के बाद एक-एक कर सभी की तबीयत खराब होने लगी। पूरे परिवार को इंद्रगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।

8 वर्षीय बच्चे की हालत गंभीर

इंद्रगढ़ अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार सभी मरीजों की हालत गंभीर थी और उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी थी, इसलिए सभी को दतिया जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। 

सभी सदस्यों में से एक 8 वर्षीय बच्चे की हालत गंभीर है। 

स्वास्थ्य अधिकारियों ने जांच शुरू की

रिपोर्ट के अनुसार, सभी लोगों ने छाछ (मट्ठा) और चावल खाया था। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने भर्ती लोगों की हालत स्थिर बताई है, उन्होंने सामूहिक बीमारी को फूड पॉइजनिंग बताया है। 

स्वास्थ्य अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया है और वे संदूषण के कारणों की जांच कर रहे हैं। वे खाने की सुरक्षा का पता लगाने के लिए खाने की जांच भी कर रहे हैं।

जबलपुर में बड़ा हादसा: अचानक धंसी रेत खदान 3 की मौत, 3 घायल और 1 लापता

जबलपुर (मध्य प्रदेश): जबलपुर में बुधवार को अवैध रेत उत्खनन के दौरान खदान धंसने से नौ लोग फंस गए। नौ लोगों में से तीन की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। घायलों को अस्पताल ले जाया गया।

घटना गोसलपुर थाना क्षेत्र के कटरा रामखिरिया गांव में घटी। स्थानीय निवासियों की मदद से और उनकी सहायता से बचाव अभियान ठीक से चलाया गया।

इस दुखद घटना में मुकेश (35) पुत्र जगन खटीक, मुन्नी बाई (38) पत्नी जगन बसोर और राजकुमार (29) पुत्र कैलाश खटीक की मौत हो गई। इस घटना में खुशबू (25) पत्नी विनोद, सावित्री (35) पत्नी अनु बसोर और चांदनी (20) पुत्री राजू बसोर घायल हो गए।

सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत इलाज के लिए जिले के नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में ले जाया गया।

गोपालपुर पुलिस ने मामले के संबंध में अधिक जानकारी जुटाने के लिए जांच शुरू की।

जबलपुर: पत्नी और बच्चों के साथ एक व्यक्ति ने ट्रेन के सामने लगाई छलांग

जबलपुर (मध्य प्रदेश): जबलपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो बच्चियों के साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। यह मामला बुधवार को प्रकाश में आया और इस सामूहिक आत्महत्या के पीछे का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है, ऐसा जबलपुर की भेड़ाघाट पुलिस ने बताया। 

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान जबलपुर के भेड़ाघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिहोदा गांव निवासी नरेंद्र चदर (32) के रूप में हुई है। वह ग्रुप डी रेलवे कर्मचारी था और गैंगमैन के पद पर काम करता था। 

बुधवार को उसने अपनी पत्नी और बच्चों के साथ तेज रफ्तार ट्रेन के सामने कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार के सभी चार सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। 

3 महीने की बेटी की मौत

मृतक परिवार के सदस्यों की पहचान पत्नी रीना चदर (26), बड़ी बेटी सान्वी चदर (6) और छोटी बेटी मानवी चदर (3 महीने) के रूप में हुई है। 

आत्महत्या का कारण अज्ञात 

सूचना मिलते ही भेड़ाघाट पुलिस मौके पर पहुंची और भेड़ाघाट रेलवे ट्रैक पर चारों मृतक पड़े थे। पुलिस ने चारों के शव बरामद कर लिए हैं और मामले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

हालांकि, पुलिस को अभी तक मृतक के इतना बड़ा कदम उठाने के पीछे का कारण पता नहीं चल पाया है।

भारत में गलत एग्जिट पोल ने शेयर बजार में निवेशकों के डुबो दिए 30 लाख करोड़

नईदिल्ली: सोमवार को एग्जिट पोल्स के बाद शेयर बाजार ने जितनी तेजी से उड़ान भरी, मंगलवार को चुनाव के नतीजे जारी होने के बाद बाजार उससे दोगुनी तेजी से नीचे गिरा। गलत एग्जिट पोल्स के कारण मंगलवार को निवेशकों के करीब 30 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए।

कंपनियों की बाजार पूंजी 426 लाख करोड़ रुपये से घटकर 400 लाख करोड़ रुपये के भी नीचे आ गई। इंट्राडे में एक समय तो कंपनियों की बाजार पूंजी 43 लाख करोड़ रुपये घट गई थी। इससे निवेशकों ने पिछले छह महीने में जितना कमाया था, उससे अधिक एक दिन में ही गंवा दिया।

गलत एग्जिट पोल दिखाने वाले न्यूज चैनल और एग्जिट पोल करने वाली एजेंसियों पर सवाल उठाया जा रहा है कि इनके द्वारा किसी को बड़ा फायदा पहुँचाने के लिए ये एग्जिट पोल दिखाकर हाइप बनाई गई थी.

एग्जिट पोल्स की सटीकता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि इनकी वजह से बाजार में भ्रम फैला और निवेशकों ने गलत निर्णय लिए। कई राजनीतिक पार्टियां आरोप लगा रही हैं कि एग्जिट पोल्स के जरिए निवेशकों को गुमराह किया गया और कुछ लोगों और ब्रोकर्स ने इसका गलत फायदा उठाया।

शेयर बाजार के इस अचानक बदलाव ने न केवल निवेशकों को भारी नुकसान पहुँचाया, बल्कि कंपनियों की बाजार पूंजी में भी भारी कमी आई।

यह स्थिति निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि केवल एग्जिट पोल्स पर भरोसा नहीं करना चाहिए और अपने निवेश के फैसले सोच-समझकर और ठोस विश्लेषण पर आधारित करने चाहिए।

इस घटना के बाद, यह आवश्यक है कि भविष्य में एग्जिट पोल्स की सटीकता और उनके प्रभाव पर कड़ी नजर रखी जाए। निवेशकों को भी चाहिए कि वे अपने निवेश निर्णय लेने में सावधानी बरतें और केवल एग्जिट पोल्स के आधार पर निर्णय न लें।

इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए निवेशकों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण और मजबूत अनुसंधान पर आधारित रणनीतियों को अपनाना चाहिए।

राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव

इस घटना ने न केवल आर्थिक बल्कि राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है। कई राजनीतिक दलों का आरोप है कि एग्जिट पोल्स का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया गया और इसका सीधा असर निवेशकों पर पड़ा। यह आरोप और भी गंभीर हो जाते हैं जब यह देखा जाता है कि कुछ व्यक्तियों और ब्रोकर्स ने इस अवसर का गलत फायदा उठाया।

इस स्थिति को देखते हुए, बाजार नियामक और संबंधित एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने चाहिए कि एग्जिट पोल्स की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो। इसके साथ ही, निवेशकों को जागरूक करने के लिए भी कदम उठाने की जरूरत है ताकि वे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बच सकें।

गलत एग्जिट पोल्स के कारण हुआ यह नुकसान निवेशकों के लिए एक कड़ा सबक है। यह घटना दर्शाती है कि बाजार में निवेश करते समय केवल एग्जिट पोल्स पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। निवेशकों को हमेशा विस्तृत विश्लेषण और सूचित निर्णयों पर ध्यान देना चाहिए ताकि इस प्रकार की अप्रत्याशित घटनाओं से बचा जा सके।

भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक है कि निवेशक सतर्क रहें और एग्जिट पोल्स की सटीकता और उनके संभावित प्रभावों पर गहन विचार करें। इस प्रकार की घटनाएं यह भी दर्शाती हैं कि बाजार की स्थिरता के लिए पारदर्शिता और निष्पक्षता का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

UP Murder Video: यूपी के मेरठ में हिस्ट्रीशीटर को उसके बच्चों के सामने ही गोली मार दी – Watch VIDEO

Meerut Murder Video: उत्तर प्रदेश के मेरठ में लोहिया नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक चौंकाने वाली घटना में 25 वर्षीय एक व्यक्ति की उसके दो बच्चों के सामने हत्या कर दी गई। आरोपी ने नजदीक से व्यक्ति के सिर में गोली मार दी और घटनास्थल से फरार हो गया।

यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीसीटीवी फुटेज में पीड़िता और आरोपी के बीच टकराव होता हुआ दिखाई दे रहा है। फिर एक आदमी उन्हें अलग करने की कोशिश करता है, जबकि पीड़ित अपना फोन यूज़ करता दिखाई दे रहा है।

अचानक, आरोपी एक हथियार निकालता है, उसे पीड़ित पर तानता है, और बिल्कुल नजदीक से उसके सिर पर गोली चला देता है। सिर में गोली लगने के बाद पीड़ित जमीन पर गिर जाता है और उसके आसपास खड़े लोग चारों ओर भागने लगते हैं।

चेतावनी: निम्नलिखित दृश्य कुछ पाठकों को विचलित कर सकते हैं। दर्शकों को विवेक का प्रयोग करने की सलाह दी जाती है।

घटना के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। पीड़ित को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मेरठ के जैदी फार्म निवासी अरशद मंगलवार रात अपने दो बच्चों के साथ भदाना स्थित स्विमिंग पूल में नहाने गया था। इसी दौरान उसका बिलाल नामक व्यक्ति से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इसी दौरान बिलाल ने तमंचा निकालकर अरशद के सिर में गोली मार दी। युवक घायल होकर जमीन पर गिर गया। लोगों ने बताया कि बिलाल और अरशद के बीच कुछ दिनों से झगड़ा चल रहा था।

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल युवक को स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नगर पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम ने बताया कि मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर बिलाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है।

भगवा रंग में रंगा एमपी: बीजेपी ने राज्य में कांग्रेस को धूल चटाई, शिवराज, शंकर ने बनाए रिकॉर्ड; कांग्रेस आजादी के बाद पहली बार खाता खोलने में नाकाम

भोपाल (मध्य प्रदेश): भारतीय जनता पार्टी (BJP) भले ही देश में अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाई हो, लेकिन पार्टी ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस और एनी दलों को धूल चटा दी है। उसने सभी 29 सीटें जीती हैं।

ऐसा पहली बार हुआ है कि भाजपा ने मध्यप्रदेश से 29 सीटें जीती हैं। 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद अविभाजित मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने सभी 40 सीटें जीती थीं। मध्य प्रदेश के अलग राज्य बनने के बाद कांग्रेस पहली बार अपना खाता खोलने में विफल रही है।

पार्टी को सबसे बड़ी जीत इंदौर में मिली, जहां उसके उम्मीदवार शंकर लालवानी ने 11,75,092 वोटों से जीत दर्ज की। लालवानी के बाद सबसे ज्यादा वोट नोटा को मिले। नोटा वोटों की संख्या 2,18,674 रही। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस उम्मीदवार प्रतापभानु शर्मा को 8,21,408 वोटों से हराकर एक तरह का रिकॉर्ड बनाया।

2019 में कांग्रेस की एकमात्र सीट छिंदवाड़ा इस बार भाजपा के खाते में गई। भाजपा के विवेक साहू ने कांग्रेस के नकुल नाथ को 1,00,000 से ज़्यादा वोटों से हराया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 5,00,000 से ज़्यादा वोटों से जीते। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह फिर से चुनाव हार गए।

2019 में भोपाल से लोकसभा चुनाव हारने वाले सिंह इस साल राजगढ़ से चुनाव हार गए। भाजपा के रोडमल नागर ने सिंह को 1.40 लाख से अधिक मतों के अंतर से हराया।

शिवराज, सिंधिया, वी.डी. शर्मा सकते हैं केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल: केंद्र में दिख सकता है मप्र का नया नेतृत्व

चूंकि एनडीए केंद्र में सरकार बना सकता है, इसलिए इस बात पर चर्चा हो रही है कि राज्य के किन सांसदों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

देश में जीत के अंतर के मामले में दूसरे स्थान पर रहे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम केंद्र सरकार में मंत्री पद के लिए चर्चा में है।

चौहान के अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष वीडी शर्मा के नाम भी कैबिनेट में शामिल किए जाने की चर्चा है। मोदी सरकार में सिंधिया के अलावा वीरेंद्र कुमार और फग्गन कुलस्ते भी मंत्री हैं। राज्यसभा सदस्य सुमेर सिंह सोलंकी को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। वीरेंद्र कुमार और कुलस्ते दोनों को ही इस बार मंत्री नहीं बनाया जा सकता है।

केंद्र सरकार में मंत्री रहे नरेंद्र सिंह तोमर और प्रहलाद पटेल को राज्य में भेजा गया है। इससे पहले मोदी सरकार में राज्य से पांच सांसद मंत्री थे। इस बार राज्य से मंत्रियों की संख्या कम हो सकती है।

मोदी को शिवराज पसंद हैं, जिन्हें आरएसएस के कुछ प्रमुख नेताओं का समर्थन भी प्राप्त है। शर्मा को आरएसएस के समर्थन के आधार पर मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इसी तरह, संघ से जुड़े सोलंकी को भी लाभ मिल सकता है।

गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट पर सिंधिया ने 5.4 लाख वोटों से शानदार जीत हासिल की

गुना-शिवपुरी: गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट पर भाजपा के ज्योतिरादित्य सिंधिया ने निर्णायक जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार राव यादवेंद्र सिंह यादव को 5,40,929 मतों के बड़े अंतर से हराया है। मतगणना गुना, शिवपुरी और अशोकनगर जिला मुख्यालयों पर की गई।

गुना-शिवपुरी सीट पर 17 उम्मीदवार मैदान में थे, मुख्य मुकाबला भाजपा से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस से राव यादवेंद्र सिंह यादव के बीच था। सिंधिया के समर्थकों ने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में बधाई पोस्टर लगाकर उनकी जीत का जश्न मनाया।

2019 से गुना-शिवपुरी सीट पर भाजपा का कब्जा है, जो कांग्रेस के लंबे समय से चले आ रहे वर्चस्व से एक महत्वपूर्ण बदलाव है। पिछले चुनाव में भाजपा के डॉ. केपी यादव ने तत्कालीन कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को 1,25,000 वोटों से हराया था। इस चुनाव ने सिंधिया की भारी जीत के साथ इस क्षेत्र में भाजपा के गढ़ को और मजबूत कर दिया। परिणाम पारंपरिक रूप से कांग्रेस के वर्चस्व वाले क्षेत्रों में भाजपा के बढ़ते प्रभाव की निरंतर प्रवृत्ति को दर्शाते हैं, जो मध्य प्रदेश में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव को दर्शाता है।

अंतिम गणना

JYOTIRADITYA MSCINDIA (BJP)- 9,23,302

YADVENDRA RAO DESHRAJ SINGH (Cong)- 3,82,373

मार्जिन- 5,40,929

11 सांसद पहली बार चुने गए

29 सीटों में से 11 उम्मीदवारों ने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा. इनमें आलोक शर्मा (भोपाल), दर्शन सिंह चौधरी (होशंगाबाद), लता वानखेड़े (सागर), अनीता सिंह चौहान (रतलाम), भारती पारधी (बालाघाट), आशीष दुबे (जबलपुर), भारत सिंह कुशवाह (ग्वालियर), शिवमंगल सिंह तोमर शामिल हैं। (मुरैना), विवेक साहू (छिंदवाड़ा), और राहुल लोधी (दमोह)

आलोक ने भोपाल सीट 5 लाख से अधिक वोटों से जीती

भोपाल से भाजपा प्रत्याशी आलोक शर्मा ने अपने प्रतिद्वंद्वी अरुण श्रीवास्तव को 5,01,499 मतों से हराया। शर्मा कभी भोपाल के महापौर थे। भोपाल उत्तर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधानसभा चुनाव हारने वाले शर्मा लोकसभा पहुंचे।