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भोपाल मौसम अपडेट: भोपाल में भारी बारिश का प्रकोप, भारी बारिश की चपेट में भोपाल; 36 घंटे में 3.7 इंच बारिश; ऊपरी झील लबालब

भोपाल (मध्य प्रदेश): राजधानी भोपाल में पिछले कुछ दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। शनिवार की सुबह भारी बारिश दर्ज की गई, जो 18.2 मिमी थी। इसके बाद के 24 घंटों में शहर में 75.2 मिमी (3 इंच) बारिश हुई, और पिछले 36 घंटों में 93.4 मिमी (3.7 इंच) बारिश हो चुकी है।

ऊपरी झील का जलस्तर बढ़ा

भोपाल की अपर लेक (ऊपरी झील) का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार को अपर लेक का जलस्तर 1.4 फीट बढ़कर 1664.50 फीट तक पहुंच गया है, जबकि इसका फुल टैंक लेवल (FTL) 1666.80 फीट है।

भदभदा बांध के गेट खोलने की तैयारी

भोपाल के महापौर मालती राय, महापौर परिषद (एमआईसी) के सदस्य रवींद्र यति और अधिकारियों ने भदभदा बांध का दौरा कर गेट खोलने की तैयारियों का जायजा लिया। सीहोर जिले में भारी बारिश के कारण कोलांस नदी के जरिए बड़े तालाब का जलस्तर बढ़ गया है। कोलांस, बड़ा तालाब, भदभदा और कलियासोत बांध आपस में जुड़े हुए हैं।

शहर की सड़कों पर गड्ढे और नुकसान

भारी बारिश के कारण भोपाल की कई सड़कों की सतह उखड़ गई है और गड्ढे हो गए हैं। वीआईपी रोड समेत ज्योति टॉकीज रोटरी, राजभवन रोटरी के आसपास भी गड्ढे हो गए हैं। इसके अलावा, कलेक्ट्रेट, संत हिरदाराम नगर, बिट्टन मार्केट (आरबीआई कॉलोनी के सामने) और चंचल चौराहा की सड़कों पर भी बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।

निचले इलाकों में जलभराव की समस्या

भोपाल के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। हालांकि, लोगों ने अपने घरों से बारिश का पानी निकालना शुरू कर दिया है। एमआईसी सदस्य रवींद्र यति ने कहा, “भदभदा बांध के गेट एफटीएल तक पहुंचने के बाद खोले जाएंगे, जो अभी भी निशान से 2 फीट नीचे है।”

बीएमसी की तैयारी और अलर्ट

भोपाल नगर निगम (बीएमसी) ने बांध के आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। बीएमसी शहर और उसके आसपास की स्थिति पर नजर रख रही है। बीएमसी इंजीनियर अजय सोलंकी ने कहा, “हमारी तकनीकी टीम लगातार भदभदा बांध की स्थिति पर नजर रख रही है। एफटीएल हासिल करने के बाद गेट खोलने के लिए हमारी पूरी तैयारी है।”

कोलांस नदी और बड़े तालाब का जलस्तर

सीहोर जिले में भारी बारिश के कारण कोलांस नदी के जरिए बड़े तालाब का जलस्तर बढ़ गया है। कोलांस, बड़ा तालाब, भदभदा और कलियासोत बांध आपस में जुड़े हुए हैं। इससे जलस्तर को नियंत्रित करने में कठिनाई हो रही है।

शहर में प्रभावित स्थान

शहर के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। वीआईपी रोड, ज्योति टॉकीज रोटरी, राजभवन रोटरी, कलेक्ट्रेट, संत हिरदाराम नगर, बिट्टन मार्केट और चंचल चौराहा में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है।

विभिन्न विभागों की तैयारी

भोपाल नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों ने बारिश से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है। बीएमसी इंजीनियर अजय सोलंकी ने कहा, “हमारी टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और आवश्यक कदम उठा रही है।”

अलर्ट जारी और सावधानियां

भदभदा बांध के गेट खोले जाने के कारण आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।

भविष्य की संभावनाएं और तैयारियां

आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना है, जिससे शहर में और अधिक जलभराव हो सकता है। नगर निगम ने सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।

भोपाल: बेंगलुरु पीजी में घुसकर BF ने की GF की दोस्त की हत्या, भोपाल का आरोपी BF गिरफ्तार

भोपाल (मध्य प्रदेश): बेंगलुरु पुलिस ने शनिवार को शहर के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर कुछ दिन पहले बेंगलुरु में एक पेइंग गेस्ट आवास (पीजी) में घुसकर अपनी गर्लफ्रेंड की रूममेट की चाकू घोंपकर हत्या करने का आरोप है। कर्नाटक की अदालत ने शनिवार को आरोपी को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपी महिला को चाकू घोंपते हुए दिखाई दे रहा है।

आरोपी की पहचान और संबंध

बेंगलुरु पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान भोपाल निवासी अभिषेक के रूप में हुई है, जबकि उसकी गर्लफ्रेंड पीजी में रहती थी। वह उससे अक्सर झगड़ता रहता था और उसे शक था कि उसकी गर्लफ्रेंड की रूममेट कृति कुमारी ने उसे उसके खिलाफ खड़ा किया है, जिससे उनके रिश्ते में खटास आ गई।

घटना की समय-रेखा

अभिषेक मंगलवार को बेंगलुरु गया और चुपके से पीजी में घुस गया। कृति को देखते ही उसने उस पर चाकू से कई वार किए और मौके से भाग गया। कृति ने पीजी में मौजूद अपने साथियों को सचेत करने के लिए चिल्लाया, लेकिन उसे कोई मदद नहीं मिली और खून बहने से उसकी मौत हो गई।

पुलिस की प्रतिक्रिया और गिरफ्तारी

बेंगलुरु पुलिस के सूत्रों के अनुसार, अभिषेक पहले भी अपनी गर्लफ्रेंड से पीजी में मिलने जाता था और अक्सर दोनों के बीच बहस होती थी और अभिषेक हंगामा करता था। पुलिस ने घटना के बाद तत्काल जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को पहचान कर भोपाल में गिरफ्तार कर लिया।

सीसीटीवी फुटेज और सामाजिक मीडिया पर प्रतिक्रिया

घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिससे लोगों में गुस्सा और चिंता बढ़ गई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि अभिषेक ने कैसे कृति पर हमला किया। इस घटना ने लोगों के बीच सुरक्षा के मुद्दे को लेकर बहस को फिर से छेड़ दिया है।

अदालत की कार्यवाही और आरोपी की पुलिस हिरासत

कर्नाटक की अदालत ने शनिवार को अभिषेक को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस इस दौरान उससे घटना के बारे में विस्तृत पूछताछ करेगी और हत्या के पीछे के कारणों की गहनता से जांच करेगी।

मृतक की पहचान और परिवार की प्रतिक्रिया

कृति कुमारी, जो कि मूलतः बिहार की रहने वाली थी, बेंगलुरु में अपनी पढ़ाई कर रही थी। उसके परिवार को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए। परिवार ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है और न्याय की मांग की है।

सामाजिक मुद्दों और सुरक्षा की स्थिति पर चर्चा

यह घटना बेंगलुरु में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर एक बार फिर से सवाल खड़ा करती है। पीजी और हॉस्टल में रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं, इस पर गंभीर चर्चा हो रही है।

पुलिस की आगे की योजना

पुलिस ने कहा है कि वे इस मामले की जांच में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और न्याय सुनिश्चित करेंगे। पुलिस ने पीजी और हॉस्टल प्रबंधन को सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की सलाह दी है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

श्रावण मास स्पेशल: उज्जैन बाबा महाकाल की सवारी में 350 जवानों का विशेष पुलिस बैंड देगा प्रस्तुति

श्रावण मास के दूसरे सोमवार 29 जुलाई को उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी को पुलिस ब्रास बैंड के 350 नव प्रशिक्षित जवान और अधिक भव्यता प्रदान करेंगे। बैंड के द्वारा प्रस्तुत मधुर धुनों से सवारी में उत्साह, उमंग और आकर्षण कई गुना बढ़ जायेगा। मध्यप्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों में पुलिस के जवानों को 6 माह का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस बैंड द्वारा क्षिप्रा तट पर पूजन के समय दत्त अखाड़ा घाट पर भी विशेष प्रस्तुति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस बैंड की महत्ता पर बल देते हुए हर जिले में पुलिस बैंड की स्थापना और इसके लिए इच्छुक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें बैंड में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर प्रदेश की पुलिस इकाइयों में पुलिस जवानों को बैंड वादन सहित वाद्ययंत्रों का प्रशिक्षण दिया गया।

पुलिस बैंड: म.प्र. पुलिस के गौरवशाली इतिहास का महत्वपूर्ण पहलू

मध्यप्रदेश पुलिस के गौरवशाली इतिहास का एक महत्वपूर्ण पहलू मध्यप्रदेश पुलिस बैंड रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस बैंड की स्थापना वर्ष 1988 में 7वीं वाहिनी, विशेष सशस्त्र बल, भोपाल में की गई थी। इसके बाद प्रथम वाहिनी इंदौर, 2री वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (विसबल) ग्वालियर, 6वीं वाहिनी विसबल जबलपुर और जेएनपीए सागर में पुलिस बैंड की शाखाओं को खोला गया था।

वर्तमान में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर एवं उज्जैन की विसबल इकाइयों में ब्रास बैंड तथा रीवा इकाई में पाइप बैण्ड स्थापित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर 6 माह के प्रशिक्षण के बाद अब प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस बैंड की स्थापना की गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सभी जिलों में स्थापित पुलिस बैंड में विधिवत रूप से भर्तियां किए जाने की भी घोषणा की है।

स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के लिए पुलिस बैंड तैयार

प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड की स्थापना के लिये प्रथम वाहिनी विसबल, इंदौर, 6 वीं वाहिनी विसबल जबलपुर एवं 7वीं वाहिनी विसबल भोपाल के 321 जवानों को प्रशिक्षण दिया गया तथा 19 कर्मचारियों को एसटीसी बैंगलुरू भेजा गया था। इस प्रकार कुल 340 कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण उपरांत मध्यप्रदेश में आगामी 15 अगस्त 2024 के राष्ट्रीय पर्व के लिए समस्त जिलों में पुलिस बैण्ड दल स्थापित किया गया।

‘स्वर-मेघ’ कार्यक्रम में पुलिस बैंड की प्रस्तुति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में 18 जुलाई 2024 को भोपाल के मोतीलाल नेहरू पुलिस स्टेडियम में पुलिस के बैंड अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा ‘स्वर-मेघ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में ब्रास बैण्ड कॉन्सर्ट और पुलिस बैंड डिस्प्ले की प्रस्तुति दी गई। पुलिस ब्रास बैंड के सदस्यों ने कार्यक्रम में फैन फेयर, क्विक मार्च, स्लो मार्च, स्टैंडिंग डिस्प्ले, ड्रम बीटिंग, विभिन्न फिल्मी गीतों और देशभक्ति से ओतप्रोत मधुर धुनों की प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया था।

बाबा महाकाल की सवारी में विशेष प्रस्तुति

श्रावण मास के दूसरे सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी के अवसर पर उज्जैन में पुलिस बैंड की 350 जवानों की विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। यह सवारी उज्जैन के मुख्य मार्गों से होकर निकलेगी, जहां लाखों श्रद्धालु महाकाल की झांकी के दर्शन करेंगे। इस अवसर पर पुलिस बैंड के मधुर धुनों और भव्य परिधानों में सजे बैंड सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया जाएगा।

पुलिस बैंड का महत्त्व और प्रशिक्षण

पुलिस बैंड के महत्व को समझते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे प्रदेश की सभी जिलों में स्थापित करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड के गठन के लिए विशेष सशस्त्र बल (विसबल) के 321 जवानों को प्रशिक्षण दिया गया है। इस प्रशिक्षण में बैंड वादन के विभिन्न पहलुओं जैसे वाद्ययंत्रों का संचालन, मार्चिंग तकनीक और धुनों का सामंजस्य सिखाया गया है।

उत्सवों और पर्वों में पुलिस बैंड की भूमिका

पुलिस बैंड ने स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, राज्यस्तरीय समारोहों और धार्मिक पर्वों पर अपनी विशेष प्रस्तुतियों से जनता का मन मोह लिया है। इन आयोजनों में पुलिस बैंड द्वारा बजाई जाने वाली धुनें और मार्चिंग प्रदर्शन अत्यंत आकर्षक होते हैं। बाबा महाकाल की सवारी में भी पुलिस बैंड की प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय अनुभव होगा।

MP CM MOHAN YADAV नई दिल्ली में नीति आयोग की शासी परिषद की 9वीं बैठक में हुए शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार 27 जुलाई को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 9वीं बैठक में शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की। बैठक में म.प्र. की मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा सहित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उप राज्यपाल, पदेन एवं आमंत्रित सदस्य, केंद्रीय मंत्री, नीति आयोग के उपाध्यक्ष और सदस्य उपस्थित थे।

विकसित भारत@2047 की थीम

शासी परिषद की इस वर्ष की बैठक की थीम ‘विकसित भारत@2047’ थी, जिसमें वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में राज्यों की भूमिका और योगदान पर विस्तृत चर्चा हुई। इस थीम के तहत भारत को वर्ष 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच ‘टीम इंडिया’ के रूप में सहयोगात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया जाने की रूपरेखा तैयार करने पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

राज्यों की भूमिका और योगदान

बैठक में राज्यों की भूमिका और योगदान पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने म.प्र. की ओर से अपने विचार प्रस्तुत करते हुए राज्य की प्रगति और विकास में योगदान के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि म.प्र. सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में निरंतर सुधार के प्रयास कर रही है।

मुख्य विषयों पर चर्चा

बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इनमें आर्थिक विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, और डिजिटल इंडिया शामिल थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से उनके विचार और सुझाव मांगे ताकि सामूहिक दृष्टिकोण से नीति निर्माण में सुधार हो सके।

कृषि और किसानों की स्थिति

कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने म.प्र. में कृषि सुधारों के तहत किए गए प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे राज्य में नई तकनीकों और कृषि योजनाओं को अपनाकर किसानों की आय में वृद्धि की जा रही है।

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए भी विशेष रूप से जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता में सुधार के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार के लिए नवाचारों को अपना रही है।

डिजिटल इंडिया और तकनीकी विकास

डिजिटल इंडिया की दिशा में किए गए प्रयासों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि म.प्र. में डिजिटल सेवाओं का विस्तार और तकनीकी विकास के माध्यम से नागरिकों को अधिकतम लाभ प्रदान किया जा रहा है।

निष्कर्ष और भविष्य की दिशा

बैठक के अंत में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों के विचारों की सराहना की और कहा कि ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी राज्यों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने ‘टीम इंडिया’ की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया और कहा कि सभी को सामूहिक प्रयासों से देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाना होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी प्रधानमंत्री के विचारों का समर्थन किया और कहा कि म.प्र. राज्य पूरी प्रतिबद्धता के साथ ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान देगा।

सिवनी: बच्चों के हक में डाका डालने वाला इनामी आरोपी अमर भोपाल से गिरफ्तार, डिंडोरी पुलिस को मिली सफलता

सिवनी: अमर सिंह उईके: आदिवासी छात्रवृत्ति घोटाले का आरोपी. आदिवासी छात्र-छात्राओं के हक में डाका डालने वाला सहायक आयुक्त अमर सिंह उईके की गिरफ्तारी ने समूचे प्रदेश में हलचल मचा दी है। छात्रवृत्ति घोटाले में शामिल अमर सिंह, जो 5 महीने से फरार थे, आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गए हैं।

एफआईआर और फरारी: घटना का विस्तार

लोकायुक्त ने मामले को संज्ञान में लेते हुए 21 फरवरी 2024 को सिटी कोतवाली डिंडोरी में सहायक आयुक्त अमर सिंह उईके के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उस समय वह सिवनी में कार्यरत थे। एफआईआर दर्ज होते ही अमर सिंह वहां से फरार हो गए थे।

पांच महीने की कड़ी मेहनत के बाद, डिंडोरी पुलिस ने आरोपी को भोपाल के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपी अमर सिंह की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता साबित हुई।

छात्रवृत्ति घोटाला: करोड़ों का हेरफेर

अमर सिंह ने सिवनी जिले में अपनी तैनाती के दौरान आदिवासी छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति के करोड़ों रुपये का गबन किया था। सन 2019 से 2021 के दौरान, उन्होंने 2 करोड़ 59 लाख से अधिक राशि का हड़प लिया था।

जांच और कार्रवाई: कलेक्टर का निर्देश

इस घोटाले का पर्दाफाश करने के लिए कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश पर एक जिला स्तर की जांच टीम बनाई गई थी। घोटाले के उजागर होते ही लोकायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 21 फरवरी 2024 को एफआईआर दर्ज कराई और अमर सिंह को पकड़ने वाले के लिए 20000 रुपये का इनाम भी घोषित किया।

भोपाल में गिरफ्तारी: पुलिस की सफलता

आखिरकार, भोपाल के एक होटल में पुलिस ने अमर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ 21 फरवरी 2024 को लोकायुक्त की जांच के बाद सख्त निर्देश के तहत मामला दर्ज हुआ था।

सिवनी में कार्यकाल और घोटाला

अमर सिंह सिवनी जिले में लगभग सवा साल तक कार्यरत रहे थे और इस दौरान उन्होंने आदिवासी छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति के पैसों का गबन किया। उनके लालच के चलते, इन निर्दोष छात्रों का हक मारा गया।

लोकायुक्त की भूमिका और आगे की कार्रवाई

लोकायुक्त ने घोटाले का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई और मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज कराई। आरोपी अमर सिंह को पकड़ने के लिए पुलिस ने शत-प्रतिशत प्रयास किए और अंततः उन्हें सफलता मिली।

आदिवासी छात्रों का हक: न्याय की ओर एक कदम

अमर सिंह की गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। आदिवासी छात्रों के हक की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है और इस दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

Weather Alert: अब तक MP में सर्वाधिक बारिश वाला जिला सिवनी, 30 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट

सिवनी: मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि मध्यप्रदेश के अधिकांश जिलों में 30 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस बार जून और जुलाई में औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जो प्रदेश के लिए एक रिकॉर्ड है। आगामी दिनों में मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लो प्रेशर चक्रवात के कारण प्रदेश के 21 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है।

सिवनी जिले में सर्वाधिक बारिश

सिवनी जिले में इस वर्ष अब तक 28.50 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो औसत से 9.71 प्रतिशत अधिक है। सिवनी में इतनी अधिक बारिश ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वहीं, मंडला में 24.94 इंच बारिश हुई है, जबकि सागर जिले में सबसे कम 17.83 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो औसत से 0.25 प्रतिशत कम है।

भारी बारिश का असर और अलर्ट

मौसम विभाग ने 27 जुलाई से 30 जुलाई तक मध्यप्रदेश के 21 जिलों में भारी से अतिभारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, खरगोन, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, सिहोर, सागर, बालाघाट, धार, देवास, सिवनी, मंडला, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और नरसिंहपुर शामिल हैं।

सावधानियां और सलाह

मौसम विभाग ने किसानों, पशुपालकों और आम जनता को सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारी बारिश के कारण खेतों में जलभराव हो सकता है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है। पशुओं के लिए सुरक्षित स्थानों की व्यवस्था करें और आवश्यक खाद्य सामग्री का भंडारण करें।

बरसात का प्रभाव और तैयारियां

भारी बारिश से नदियों में जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे बाढ़ का खतरा हो सकता है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। आवश्यक दवाओं और खाद्य पदार्थों का संग्रहण करें और बिजली की आपूर्ति में व्यवधान होने पर वैकल्पिक व्यवस्थाओं का प्रबंधन करें।

भारी बारिश से होने वाले फायदे

भारी बारिश का एक सकारात्मक पहलू यह है कि इससे भूमिगत जल स्तर में वृद्धि होती है, जो आने वाले महीनों में जल संकट को कम करने में मदद करेगा। साथ ही, फसलों के लिए आवश्यक नमी की पूर्ति भी होती है, जिससे फसल उत्पादन में सुधार होता है।

प्राकृतिक आपदाओं के समय सही कदम

प्राकृतिक आपदाओं के समय सही कदम उठाना आवश्यक होता है। प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर जाएं। मौसम विभाग की वेबसाइट और स्थानीय प्रशासन की सूचनाओं पर ध्यान दें।

जलभराव और ट्रैफिक

भारी बारिश के कारण शहरों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे ट्रैफिक में बाधा उत्पन्न हो सकती है। वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे सुरक्षित गति से चलें और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें। पैदल यात्रियों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

कृषि क्षेत्र पर प्रभाव

भारी बारिश का सीधा प्रभाव कृषि क्षेत्र पर पड़ता है। फसलों को पानी की अधिकता से नुकसान हो सकता है। किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे फसलों की उचित देखभाल करें और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही, बीज और खाद्य पदार्थों का उचित भंडारण करें।

बिजली और संचार सेवाओं पर प्रभाव

भारी बारिश से बिजली और संचार सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। बिजली के तारों और खंभों पर पानी गिरने से बिजली गुल हो सकती है। ऐसे में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का प्रबंध करें और महत्वपूर्ण संपर्क नंबरों को संभाल कर रखें।

स्वास्थ्य संबंधित सावधानियां

भारी बारिश के दौरान स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए साफ पानी का उपयोग करें और खाद्य पदार्थों को ढक कर रखें। आवश्यक दवाओं का संग्रहण करें और बारिश के पानी से बचने का प्रयास करें।

आशंका और सुरक्षा

प्राकृतिक आपदाओं के दौरान आशंका और सुरक्षा का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है। प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर जाएं। आपातकालीन सेवाओं के संपर्क में रहें और आवश्यकता पड़ने पर मदद मांगें।

मध्यप्रदेश में 30 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे सिवनी जिले में सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग की चेतावनियों और सुझावों का पालन करें और सुरक्षित रहें। बारिश का प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ सकता है, इसलिए सावधानी बरतना आवश्यक है।

सिवनी: श्री रामदल समिति द्वारा निर्मित स्वर्ग रथ नगरवासियों को समर्पित

सिवनी: सेवा और समर्पण की अद्वितीय मिसाल पेश करते हुए, सिवनी की प्रतिष्ठित श्री रामदल समिति ने नगरवासियों के लिए स्वर्ग रथ का निर्माण किया है। यह समिति दशहरा पर्व के आयोजन के लिए प्रसिद्ध है और आयोजन से बची राशि का उपयोग विभिन्न समाजसेवी कार्यों में करती है।

समिति के सेवा कार्य

श्री रामदल समिति ने ग्रीष्मकाल में शीतल पेयजल की व्यवस्था, मंदिरों का जीर्णोद्धार, मोक्षधाम शेडनिर्माण, और गार्डन के रखरखाव जैसे कार्यों को पूरी निष्ठा के साथ निभाया है। इन सेवाओं को और आगे बढ़ाते हुए, समिति ने स्वर्ग रथ का निर्माण किया है जिसे नगरवासियों को समर्पित किया गया है।

स्वर्ग रथ का नगर भ्रमण

25 जुलाई को, स्वर्ग रथ रामधुन गाते हुए नगर भ्रमण पर निकला, जिससे आमजन को इसकी जानकारी मिली। 26 जुलाई से, यह स्वर्ग रथ जरूरतमंद नगरवासियों के लिए उपलब्ध होगा। इसके लिए समिति ने मोबाइल नंबर जारी किए हैं, जो आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएंगे।

मोक्षधाम सेवा समिति का गठन

मोक्षधाम के इस पुण्य कार्य में सहयोग के लिए, श्री रामदल समिति ने एक उप समिति का गठन किया है। इस समिति का सदस्यता शुल्क 200 रुपये प्रतिमाह है। इस राशि से मोक्षधाम के विकास कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी। जो भी व्यक्ति मोक्षधाम सेवा समिति का सदस्य बनना चाहता है, वह जारी किए गए नंबरों पर संपर्क कर सकता है और इस सेवा अभियान से जुड़ सकता है।

संपर्क जानकारी

स्वर्ग रथ और मोक्षधाम सेवा समिति से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए आप निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

9424654001
9425873785
9425821630
7000478934
9424966644

श्री रामदल समिति का यह नया प्रयास न केवल सिवनी के निवासियों को एक नई सुविधा प्रदान करता है, बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। यह पहल नगरवासियों को स्वर्ग रथ के माध्यम से अधिक सुविधाएं और सहायता प्रदान करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

सिवनी के पंडितजी राजेंद्र पांडे ने घर बैठे कनाडा के टोरंटो शहर में कराया ऑनलाइन विवाह, Video Viral

सिवनी: तकनीकी युग में अब विवाह के लिए दूरदराज की यात्रा करना आवश्यक नहीं रह गया है। सिवनी के बारापत्थर कॉलोनी के रहने वाले आचार्य पंडित राजेंद्र पांडे (Rajendra Pandey Seoni) ने एक अनोखा कारनामा कर दिखाया है। उन्होंने कनाडा (Canada) के टोरंटो शहर (Toronto City) में रहने वाले एक जोड़े का ऑनलाइन विवाह (Online Shadi) संपन्न कराया, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

भारतीय संस्कृति का पालन

पंडित राजेंद्र पांडे ने बताया कि कनाडा निवासी वर पक्ष भारतीय संस्कृति के अनुसार विवाह करने के लिए बेहद उत्सुक थे। कन्या संगीता और वर कायल का पूरे विधि विधान से विवाह सम्पन्न करने का सौभाग्य उन्हें प्राप्त हुआ। पंडित जी ने कहा कि यह उनका दूसरा अनुभव है, जिसमें उन्होंने विदेश में बैठे-बैठे ऑनलाइन शादी कराई है।

पहले भी किया ऑनलाइन विवाह

इससे पहले भी पंडित पांडे ने सिवनी के उपाध्याय परिवार के बेटे का अमेरिका में ऑनलाइन विवाह कराया था। उपाध्याय परिवार का बेटा अमेरिका में जॉब करता है और वह भारत नहीं आ पा रहा था। परिवार ने अमेरिका जाकर बेटे की शादी करवाने का फैसला लिया और पंडित जी से ऑनलाइन विवाह कराने का अनुरोध किया।

ऑनलाइन शादी की प्रक्रिया

पंडित पांडे ने बताया कि अमेरिका में पंडित न होने के कारण विवाह की रस्मों में देरी हो रही थी। इसलिए उपाध्याय परिवार ने उनसे ऑनलाइन विवाह कराने की बात कही। पंडित जी ने विधि विधान के साथ ऑनलाइन विवाह संपन्न करवाया और यह अनुभव उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।

वायरल हुआ वीडियो

कनाडा के टोरंटो शहर में हुए इस ऑनलाइन विवाह का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पंडित पांडे का यह प्रयास एक नई मिसाल बन गया है और लोगों को यह दिखा दिया है कि भारतीय संस्कृति का पालन अब ऑनलाइन माध्यम से भी संभव है।

आचार्य पंडित राजेंद्र पांडे का अनुभव

पंडित पांडे ने कहा कि यह उनके जीवन का दूसरा अवसर है जिसमें उन्होंने अमेरिका के बाद कनाडा के टोरंटो शहर में ऑनलाइन विवाह करवाया है। इसके अलावा, पंडित पांडे अब तक कनाडा और अमेरिका के भारतीय परिवारों को ऑनलाइन सत्यनारायण की कथा भी सुना चुके हैं।

आचार्य पंडित राजेंद्र पांडे का यह अनूठा प्रयास न केवल भारतीय संस्कृति को संजोने का काम कर रहा है, बल्कि दूरदराज के देशों में बसे भारतीयों को अपने पारंपरिक मूल्यों से जुड़े रहने का अवसर भी प्रदान कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने यह साबित कर दिया है कि तकनीकी युग में भी संस्कार और संस्कृति का पालन किया जा सकता है।