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सिवनी: पुलिस अधीक्षक ने खेल और युवा कल्याण विभाग का किया गया निरीक्षण

सिवनी: दिनांक 31.07.2024 को कार्यालय जिला खेल और युवा कल्याण विभाग सिवनी में माननीय श्री सुनील कुमार मेहता पुलिस अधीक्षक महोदय सिवनी खेल विभाग के नियंत्रणकर्ता अधिकारी निरीक्षण करने पहुचें। सर्व प्रथम पुलिस अधीक्षक महोदय का श्रीमती मनु धुर्वे जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी, सिवनी के द्वारा बुकें भेंट कर स्वागत किया गया।

इसके उपरांत पुलिस अधीक्षक महोदय के द्वारा खेल विभाग के समस्त कर्मचारियों से परिचय प्राप्त करने के साथ ही प्रत्येक कर्मचारियों से उनके कर्तव्यों की जानकारी ली गयी। इस दौरान पुलिस अधीक्षक महोदय के द्वारा विभाग के समस्त कर्मचारियों को खेल गतिविधियों को आगे बढ़ाने के साथ ही जीवन में सदैव सकारात्मकता के साथ खुश रहते हुये अपने दायित्वों को पूर्ण करने हेतु प्रेरित करते हुये विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से बताया कोई आपके बारे में अच्छा सोचता है या बुरा सोचता है, उस पर कभी ना जावें आप सदैव सकारात्मकता के साथ कार्य करें।

जिले में ग्रामीण स्तर से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक थाना स्तर पर एक-एक उत्कृष्ट कबड्डी टीम का चयन करते हुये जिला स्तर पर एक बड़ी प्रतियोगिता आयोजित कराने हेतु जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया गया ।

इस दौरान श्रीमती मनु धुर्वे जिला खेल और युवा कल्याण अधिकारी के द्वारा विभाग की आवश्यकताओं के बारे में बताया गया, जिसका निराकरण हर संभव प्रयास के साथ किये जाने हेतु पुलिस अधीक्षक महोदय के द्वारा कहा गया।

अंत में जाने के पूर्व पुलिस अधीक्षक महोदय के द्वारा पेरिस में आयोजित ओलंपिक प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन एवं उत्साह वर्धन के साथ ही जिले के खिलाड़ियों को खेल के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से सेल्फी पाईंट में फोटो लेने के साथ ही परिसर में प्रकृति की रक्षा का संदेश देने के उद्देश्य से पौधा रापेण भी किया गया।

इस अवसर पर विभागीय कर्मचारी श्री नारायण सिंह बिसेन, श्री लक्ष्मी प्रसाद ठाकरे, जिला खेल प्रशिक्षक श्री अब्दुल हक खाॅन, श्रीमती संगीता सिंह, श्रीमती रंजना भलावी, श्रीमती हेमा गौर, श्री फैजल खान, विकासखंड युवा समन्वयक श्री निकेश पदमाकर, श्री ओम कुमार शिवे, श्रीमति सुषमा डेहरिया, श्रीमति परवीन बेबी, श्री रामप्रसाद निर्मलकर, सुश्री शिवानी पराते, विभागीय कर्मचारी श्री मोहन लाल सनोड़िया, श्री सुरत उईके, श्री वीरसिंह पटले, श्री भानु डागोरिया, श्री ऋषि कोरी मौजूद रहें ।

01 अगस्त को होगा पेरिस ओलंपिक से संबंधित क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन

01 अगस्त को सायं 05ः00 बजे से पेरिस ओलंपिक से संबंधित क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन कार्यालय जिला खेल और युवा कल्याण विभाग सिवनी के परिसर में किया जाना है। इस क्वीज प्रतियोगिता में कोई भी खिलाड़ी शामिल हो सकता है, इस दौरान प्रतिभागी खिलाड़ियों से पेरिस ओलंपिक से संबंधित प्रश्न पुछे जावेंगे एवं सही जवाब देने वाले खिलाड़ी को तुरंत खेल विभाग की ओर से पुरुस्कृत किया जावेगा।

सिवनी – छिंदवाड़ा मार्ग हुआ जर्जर: तत्काल सुधार नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन – ओम उपाध्याय

सिवनी: सड़क पर घुटनों तक कि गहराई के गड्ढे कर रहे आम आदमी का प्रतिदिन शिकार. ज्ञात है कि सिवनी से छिंदवाड़ा पहुँचमार्ग में जानलेवा गड्डों की वजह से आये दिन हो रही दुर्घटनाओं में ध्यान आकर्षित करने एवं तत्काल सड़क को ठीक कराने की मांग लेकर युवा कांग्रेस नेता ओम उपाध्याय ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल मार्ग को सुधारने की मांग की है.

ज्ञापन में कहा गया है कि सिवनी से छिंदवाड़ा मार्ग की स्तिथि दयनीय स्तिथि में पहुँच गयी है सड़क मार्ग पर इतने बड़े बड़े गड्ढों हो गए हैं कि गड्डों की वजह से अब रोज बड़ी बड़ी दुर्घटना होने लगी हैं अब तो गड्ढे ही गड्ढे इस सड़क पर हो चुके हैं.

सड़क बस नाम मात्र की बची है महोदय बारिश के समय मे इन गड्डों में जब पानी जमा हो जाता है तब ये राहगीरों को दिखाई नहीं देते हैं और वाहन चालक सही सड़क समझ कर चलते हैं और अचानक गड्डों में जाने से बड़ी दुर्घटना हो जा रही हैं.

मान्यवर आपके द्वारा इस सड़क की गुणवत्ता को लेकर जांच करने की भी कहा गया है लेकिन मान्यवर अभी इस सड़क को तत्काल ठीक करने की जरूरत है इसलिए इसे तत्काल ठीक करने की मांग लगातार क्षेत्रवासियों द्वारा की जा रही है.

क्षेत्रवासियों में भारी रोष व्याप्त है युवा कांग्रेस जिला प्रशासन से यह मांग करती है कि जल्द से जल्द इस सड़क का दुरुस्ती करण किया जाए अन्यथा युवा कांग्रेस क्षेत्रवासियों के साथ आंदोलन हेतु विवश होना पड़ेगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी.

ओम उपाध्याय, युवा कांग्रेस नेता, सिवनी मध्यप्रदेश

MP: मंत्री जी ने चिमचिमा हनुमान मंदिर में चढ़ाया था 5.5 किलो चांदी, 4 दिन पहले CCTV कैमरे हुए बंद; फिर हुई बड़ी चोरी

Chimchima Hanuman Mandir Sheopur:  मध्य प्रदेश के श्योपुर में प्रसिद्ध चिमचिमा हनुमान मंदिर (Chimchima Hanuman Mandir) में मंगलवार देर रात चोरों ने घुसकर भगवान की मूर्ति पर पहने चांदी के आभूषण चुरा लिए। मंदिर में ड्यूटी पर तैनात तीन एसएएफ पुलिसकर्मियों के बावजूद आरोपियों ने मंदिर से 5.5 किलो चांदी लूट ली। करीब 5.25 किलोग्राम वजन के ये आभूषण वन एवं पर्यावरण मंत्री रामनिवास रावत ने भेंट किए।

चोरी की यह घटना मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को हुई, जब अज्ञात चोरों ने मंदिर के पिछले हिस्से से प्रवेश किया और हनुमान जी की मूर्ति पर लगे चांदी के आभूषण और चांदी का छत्र चुरा लिया। मामला दर्ज कर लिया गया है और अपराधियों की तलाश जारी है।

उल्लेखनीय है कि सीसीटीवी कैमरा चार दिन पहले ही खराब हो गया था।

जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह मंदिर के पुजारी को चोरी का पता तब चला जब वह सुबह की पूजा के लिए पहुंचे। हैरान होकर उन्होंने तुरंत मौके पर मौजूद एसएएफ सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों को इसकी सूचना दी।

चोरी की खबर फैलते ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। चोरों का सुराग लगाने के लिए विजयपुर पुलिस डॉग स्क्वायड टीम के साथ मौके पर पहुंची। विजयपुर एसडीओपी ने बताया कि चोरी की सूचना मिलने पर वह और पुलिस टीम मंदिर पहुंचे और तलाशी ली।

चार दिन पहले ही सीसीटीवी खराब हुआ था

मंदिर में एसएएफ के तीन पुलिसकर्मी तैनात होने के बावजूद चोर चोरी करने में सफल हो गए। मंदिर के सीसीटीवी कैमरे चार दिन पहले ही खराब हो गए थे, जिससे और भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

चिमचिमा हनुमान मंदिर में रामायण समिति के अध्यक्ष रमेश तिवारी ने बताया कि रात 11:30 बजे तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन जब वे सुबह 5:30 बजे पूजा के लिए पहुंचे तो आभूषण गायब थे।

ग्वालियर की महिला डॉ से 38 लाख की ठगी: भोपाल से शाहरुख़ गिरफ्तार; USDT में कन्वर्ट कर विदेश भेजा पैसा

ग्वालियर (मध्य प्रदेश): ग्वालियर की एक डॉक्टर से 38 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में भोपाल से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साइबर जालसाजों ने महिला डॉक्टर को धमकाते हुए उन पर म्यांमार में अवैध खेप भेजने का आरोप लगाया। उन्होंने मामले को निपटाने के लिए 38 लाख रुपए की मांग की।

दोनों संदिग्धों के अंतरराष्ट्रीय संबंध हैं और वे राज्य में धोखाधड़ी करने के लिए विदेशी नागरिकों के साथ मिलकर काम करते थे। उन्हें भोपाल से गिरफ्तार किया गया है और वे पुलिस की हिरासत में हैं।

पीड़िता की पहचान ग्वालियर जिले की मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुजाता बापट के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल को उन्हें राजीव गुप्ता नाम के एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को डीएचएल कूरियर कंपनी से होने का दावा किया। उसने उन पर म्यांमार के लिए एक संदिग्ध पार्सल मंगवाने का झूठा आरोप लगाया।

इसके बाद, उन्हें एक कथित सीबीआई अधिकारी से जोड़ा गया, जिसने उन पर मानव तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया और उन्हें 38 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।

जांच में भोपाल में एक खाते का पता चला, जिसके बाद शाहरुख खान की गिरफ्तारी हुई। उससे पूछताछ में लाइक बेग को पकड़ा गया। संदिग्धों ने चोरी की गई रकम को USDT में बदल दिया और उसे विदेश भेज दिया। उनके साथियों की तलाश जारी है।

ट्रैक कवर के लिए विदेश भेजा गया पैसा

पुलिस के अनुसार, संदिग्धों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर अपने शिकार को डराने के लिए मानव तस्करी की धमकी दी। चुराई गई रकम को ऑनलाइन चैनलों के जरिए विदेश भेजा गया।

रिकॉर्ड से पता चला है कि संदिग्धों ने एक महीने में करीब 2.5 करोड़ रुपये की अमेरिकी क्रिप्टोकरेंसी खरीदी। जांच में पता चला कि इस लेनदेन के लिए 18 बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें एक महिला साथी भी शामिल थी।

MP में विद्युत चोरी के मामले में राजेश को मिली 2 साल का क‍ठोर कारावास और 61 हजार रूपये अर्थदंड की सजा

भोपाल: मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के शिवपुरी संभाग-एक के वितरण केन्‍द्र बड़ौदी अंतर्गत ग्राम रातौर निवासी राजेश रावत पुत्र सुरेश रावत को 5 वर्ष पुराने मामले में अनधिकृत रूप से बिजली लाइन से सीधे तार जोड़कर बिजली का उपयोग करने पर जिला कोर्ट के विशेष न्‍यायाधीश (विद्युत अधिनियम) ने दो साल के कठोर कारावास तथा 61 हजार रूपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई।

गौरतलब है कि कंपनी के उप महाप्रबंधक श्री पराग धावर्डे द्वारा निरीक्षण दल सहित 11 जनवरी 2019 को ग्राम रातौर निवासी आरोपी राजेश रावत पुत्र सुरेश रावत को बिजली कनेक्‍शन के बिना सीधे लाइन से तार जोड़कर बिजली चोरी कर उपयोग करते पाए जाने पर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया था। कंपनी द्वारा प्रकरण को जिला न्यायालय विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में सभी आम लोगों से आग्रह किया है कि वे वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। अनधिकृत या अवैध रूप से बिजली चोरी दण्डनीय अपराध है तथा इसमें जुर्माना और कारावास का प्रावधान है।

मध्य प्रदेश में 56 मदरसों की मान्यता समाप्त: सरकार से पैसे ठगने के लिए बनाए गए थे ये मदरसे

भोपाल: रिपोर्टों के अनुसार, ये मदरसे काम नहीं कर रहे थे, लेकिन सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त कर रहे थे। भाजपा शासित राज्य मदरसों के कामकाज के नियमों को और सख्त कर रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने 56 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया है, क्योंकि उसे पता चला है कि ये मदरसे सरकार से पैसे ठगने के लिए बनाए गए थे। मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड द्वारा श्योपुर जिले में 56 मदरसों की मान्यता रद्द करने के आदेश के बाद राज्य सरकार ने अब जांच शुरू कर दी है।

रिपोर्ट के अनुसार, ये मदरसे चल नहीं रहे थे, लेकिन सरकार से इन्हें वित्तीय सहायता मिल रही थी। जिले में 80 से ज़्यादा मदरसे चल रहे थे, जिनमें से 53-54 स्कूल कई महीनों से बंद थे। सरकार ने पहले तो सात महीने पहले इन संस्थानों को वित्तीय सहायता देना बंद कर दिया और अब आधिकारिक तौर पर इन संस्थानों को बंद करने का आदेश दे दिया है। 

इसके बाद मदरसों के कामकाज का पता लगाने के लिए पूरे प्रदेश में जांच शुरू कर दी गई। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा, “मध्य प्रदेश में संचालित सभी सरकारी-निजी शिक्षण संस्थानों और मदरसों की जांच की जा रही है। हम हर बिंदु पर जांच कर रहे हैं और देख रहे हैं कि कहां नियमों का उल्लंघन हुआ है। अगर कोई अनियमितता हुई है तो हम कार्रवाई भी करेंगे और जरूरत पड़ी तो कार्रवाई भी करेंगे।”

सचिव मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड ने बताया कि प्रदेश भर के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मैदानी अमले से अपने क्षेत्र में संचालित मदरसों का भौतिक निरीक्षण करवाएं।

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे अपने क्षेत्र के सभी शैक्षणिक संस्थानों का मैदानी अमले के साथ नियमित निरीक्षण करें।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने प्रदेश में संचालित मदरसों के भौतिक सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो मदरसे नियमानुसार संचालित नहीं हो रहे हैं, उनकी मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाए।

सिवनी बालाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग के जल्द निर्माण कार्य को लेकर शुरू हुआ सत्याग्रह, दुर्घटनाओं की भयावह स्थिति!

सिवनी: सिवनी बालाघाट रोड पर हो रही लगातार दुर्घटनाओं और असमय हो रही मौतों के कारण बरघाट जनपद के सामने युवा कांग्रेस बरघाट और बरघाट क्षेत्र के जनमानस द्वारा इस रोड के शीघ्र निर्माण की मांग को लेकर सत्याग्रह प्रारम्भ किया गया है। इस सत्याग्रह को बरघाट क्षेत्र की जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण: घोषणा तक सीमित

सिवनी बालाघाट रोड के निर्माण को लेकर राजनीतिक गलियारों में अनेक घोषणाएं हुईं और सोशल मीडिया पर नेताओं की जमकर पोस्ट भी शेयर हुईं। सिवनी बालाघाट के पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंग बिसेन ने भी केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से इस रोड के निर्माण की मंजूरी की बात कही। लेकिन, एक वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी इस रोड का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।

दुर्दशा का शिकार सिवनी बालाघाट रोड

इस रोड की लचर व्यवस्था और गड्ढों की स्थिति के कारण कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। गड्ढे और साइड सोल्डर की खराब स्थिति के कारण अनेक दुर्घटनाएं हुई हैं। इन दुर्घटनाओं के कारण कई परिवारों के चिराग बुझ गए और वे असहाय हो गए। लेकिन, जिले के शीर्ष राजनीतिक नेता सिर्फ झूठी घोषणाओं में ही अपनी वाहवाही लूटते नजर आए हैं। जिले और बरघाट विकासखंड का दुर्भाग्य ही कहें कि यहां की जनता ने कई बार इन्हें नेतृत्व का अवसर प्रदान किया, लेकिन उन्हें झूठी घोषणाओं में ही बांध रखा गया है।

भीषण दुर्घटनाओं का सिलसिला

सिवनी बालाघाट रोड पर हुई दुर्घटनाओं में अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। किसी परिवार का जवान बेटा तो किसी परिवार के भरण-पोषण का साधन खो गया है। जिले के नेताओं के पास इन पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने के अलावा कुछ नहीं है और वह भी तब जब पीड़ित परिवार मृत आत्मा की शांति के लिए तेरहवीं का भोज रखते हैं। यह क्षेत्र और जिले की जनता का दुर्भाग्य ही है कि विकास सिर्फ नेताओं की झूठी घोषणाओं में ही दब कर रह गया है।

मंथन की आवश्यकता

सिवनी बालाघाट रोड की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। इस रोड पर बने गहरे गड्ढों और साइड सोल्डर की स्थिति के कारण भीषण दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद, राजनीतिक नेता राष्ट्रीय राजमार्ग के शीघ्र निर्माण की मांग को लेकर किए जा रहे सत्याग्रह का समर्थन करने के बजाय टिप्पणियां करते नजर आते हैं। यही कारण है कि जिले और क्षेत्र में झूठी घोषणाएं करते चलो और कुर्सी हथियाते रहो।

सत्याग्रह का समर्थन

बरघाट क्षेत्र की जनता ने इस सत्याग्रह को अपना समर्थन दिया है। लोग अब नेताओं की झूठी घोषणाओं से तंग आ चुके हैं और वास्तविक विकास की मांग कर रहे हैं। सिवनी बालाघाट रोड का शीघ्र निर्माण जनता की प्राथमिकता है और इसके लिए वे संगठित होकर संघर्ष कर रहे हैं।

सिवनी बालाघाट रोड का निर्माण अब समय की मांग बन चुका है। इस रोड की दुर्दशा और हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए, जनता का यह सत्याग्रह पूरी तरह से न्यायोचित है।

क्या एक बार फिर कारगिल युद्ध दोहराने वाला है? J&K में लगभग 600 पाकिस्तानी कमांडो के मौजूद होने की खबर!

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों के तार पाकिस्तानी सेना के विशेष सेवा समूह (SSG) से जुड़े हैं, सूत्रों से पता चला है कि एसएसजी कमांडो जीओसी आदिल रहमानी इन हमलों का मास्टरमाइंड है।

जम्मू संभाग और कश्मीर घाटी में हाल ही में हुए आतंकी हमलों के पीछे पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) का हाथ है। सूत्रों के मुताबिक, इन हमलों की पूरी रणनीति पाकिस्तानी सेना के SSG कमांडो के GOC आदिल रहमानी बना रहे हैं। जानकारी से पता चलता है कि आदिल रहमानी एक सोची-समझी योजना के तहत जम्मू संभाग और कश्मीर घाटी दोनों जगहों पर हमले की योजना बना रहा है।

27 जुलाई को कुपवाड़ा जिले के माछिल सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) की मौजूदगी से जम्मू-कश्मीर में हो रहे आतंकी हमलों में पाकिस्तानी सेना की सीधी संलिप्तता की पुष्टि होती है। पूर्व डीजीपी डॉ. एसपी वैद कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर में हो रहे हमलों के पीछे सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना का हाथ है। डॉ. वैद के मुताबिक यह एक गुप्त युद्ध है और भारत को इसका उसी तरह से जवाब देना होगा।

डॉ. एसपी वैद ने बताया कि आदिल रहमानी की निगरानी में इस ऑपरेशन के लिए करीब 600 एसएसजी कमांडो को नियुक्त किया गया है। इन उच्च प्रशिक्षित कमांडो को हवाई मार्ग से इस क्षेत्र में उतारा गया है, जिनमें से कई पहले ही भारत में प्रवेश कर चुके हैं। कमांडो का नेतृत्व पाकिस्तानी सेना के कुलीन एसएसजी के लेफ्टिनेंट कर्नल शाहिद सलीम कर रहे हैं, जो जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर चुके हैं और इन कमांडो और आतंकवादियों को हमले करने के लिए मार्गदर्शन कर रहे हैं।

ये कमांडो हमले करने के लिए स्लीपर सेल और ओवरग्राउंड वर्कर सहित स्थानीय नेटवर्क स्थापित कर रहे हैं। ये नेटवर्क उन्हें इलाके के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी, भोजन की व्यवस्था और आवश्यक रसद सहायता प्रदान कर रहे हैं। डॉ. वैद के अनुसार, वे 16 कोर (व्हाइट नाइट कोर, जम्मू) और 15 कोर (चिनार कोर, कश्मीर) को शामिल करने और इलाके में दहशत फैलाने के लिए लगातार हमले करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा, एसएसजी की दो और बटालियनें हमले करने की योजना बना रही हैं।