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MODI 3.0: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नए मंत्रिमंडल में मध्य प्रदेश के 6 सांसदों पर बनी बात

भोपाल (मध्य प्रदेश): नवगठित नरेन्द्र मोदी सरकार में मध्य प्रदेश से मंत्रियों की संख्या पिछले कार्यकाल के समान ही छह ही रहेगी।

पिछली केंद्र सरकार में नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, फग्गन सिंह कुलस्ते, वीरेंद्र कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया और राज्यसभा सदस्य एल मुरुगन राज्य से मंत्री थे।

मुरुगन तमिलनाडु से हैं लेकिन वे मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुने गए थे।

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में रविवार को सिंधिया, मुरुगन और वीरेंद्र कुमार को बरकरार रखा गया। भाजपा के दिग्गज नेता और राज्य के चार बार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, धार सांसद सावित्री ठाकुर और बैतूल सांसद दुर्गा दास उइके को भी शामिल किया गया।

तोमर और पटेल को 2023 के विधानसभा चुनाव में उतारा गया और बाद में उन्हें मध्य प्रदेश सरकार में अध्यक्ष और मंत्री बनाया गया, जबकि चार बार केंद्रीय मंत्री रह चुके कुलस्ते को इस बार शामिल नहीं किया गया।

चौहान के मंत्रिमंडल में शामिल होने पर भोपाल में उनके आवास के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।

स्थानीय भाजपा पदाधिकारी अनिल अग्रवाल लिली ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘देश बहुत खुश है कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं। देश को चौहान के अनुभव से काफी लाभ मिलेगा।’’

पार्टी विधायक मुकेश टंडन के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी चौहान के केंद्रीय मंत्री बनने पर जश्न मनाया। सावित्री ठाकुर के परिजनों और समर्थकों ने भी जश्न मनाया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के सभी छह केन्द्रीय मंत्रियों को बधाई दी और केन्द्र में मध्य प्रदेश को प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया।

मध्य प्रदेश भाजपा प्रमुख वीडी शर्मा ने भी राज्य से छह सांसदों को अपनी सरकार में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया।

Instagram ने J&K में इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा मारे गए हिंदुओं के समर्थन में चल रहे हैशटैग को किया स्पैम – चन्दन शर्मा

भारत: आज के डिजिटल युग में, सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग लोगों के विचार व्यक्त करने और मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जाता है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर चन्दन सह्रमा ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में, इंस्टाग्राम पर एक हैशटैग को स्पैम कर दिया गया, जो जम्मू कश्मीर में इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा मारे गए हिंदुओं के समर्थन में था। यह निर्णय विवादास्पद हो गया है, खासकर जब यह देखा गया कि इंस्टाग्राम गाजा और राफाह का समर्थन करता है।

हैशटैग का महत्व और उसका समर्थन

हैशटैग का उपयोग सामाजिक मुद्दों पर समर्थन जुटाने और जागरूकता फैलाने के लिए किया जाता है। जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा मारे गए हिंदुओं के लिए बनाए गए हैशटैग ने बहुत सारे लोगों का समर्थन पाया। यह हैशटैग उन निर्दोष हिंदुओं के प्रति सम्मान और समर्थन दिखाने का एक तरीका था, जो आतंकवाद का शिकार हुए थे।

इंस्टाग्राम का निर्णय और उसकी नीतियां

इंस्टाग्राम का हैशटैग को स्पैम करार देने का निर्णय कई सवाल खड़े करता है। क्या यह निर्णय राजनीतिक था? क्या इसमें किसी प्रकार का भेदभाव था? इंस्टाग्राम ने अपने नियम और नीतियों का हवाला देकर यह कदम उठाया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि यह नीति सभी मुद्दों पर समान रूप से लागू होती है या नहीं।

गाजा और राफाह का समर्थन

वहीं, इंस्टाग्राम गाजा और राफाह के समर्थन में दिखाई देता है। गाजा और राफाह में मानवाधिकार मुद्दों को लेकर भी कई हैशटैग चलाए गए हैं, जिन्हें स्पैम नहीं किया गया। यह दृष्टिकोण इंस्टाग्राम की नीतियों में असंगतता की ओर इशारा करता है।

भारत में इंस्टाग्राम के हेड है सुहेल अख्तर

सुहेल अख्तर का प्रोफाइल और भूमिका

सुहेल अख्तर, जो भारत में इंस्टाग्राम के हेड हैं, का इस मामले में क्या योगदान है, यह जानना आवश्यक है। सुहेल अख्तर का प्रोफाइल और उनकी भूमिका पर एक नज़र डालने से यह स्पष्ट हो सकता है कि उनकी नीति निर्माण में क्या भूमिका है और क्या इसमें किसी प्रकार का व्यक्तिगत भेदभाव हो सकता है।

क्या है समाधान?

यह जानना महत्वपूर्ण है कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण होना चाहिए। यदि एक पक्ष का समर्थन किया जा रहा है, तो सभी पक्षों का समान रूप से समर्थन किया जाना चाहिए। इस संदर्भ में कुछ सुझाव दिए जा सकते हैं:

  1. निष्पक्ष नीति निर्माण: सभी हैशटैग्स को समान मापदंडों पर जांचना चाहिए।
  2. पारदर्शिता: इंस्टाग्राम को अपने निर्णयों में पारदर्शिता लानी चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि कौन-से मापदंडों के आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं।
  3. समानता: सभी सामाजिक मुद्दों पर समान ध्यान देना चाहिए, चाहे वह किसी भी देश या समुदाय से संबंधित हों।

सोशल मीडिया का सही उपयोग

सोशल मीडिया का सही उपयोग करते हुए हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी प्रकार की भेदभावपूर्ण नीति न हो। समाज के सभी वर्गों को समान रूप से अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार होना चाहिए।

Youtubers Accident: जन्मदिन की पार्टी खत्म कर लौट रहे 4 यूट्यूबर्स की सड़क हादसे में मौत, 6 घायल

Round 2 World YouTube channel: उत्तर प्रदेश के अमरोहा इलाके में दो कारों की आमने-सामने की टक्कर में चार यूट्यूबर्स की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। मृतकों की पहचान लकी, सलमान, शाहरुख और शाहनवाज के रूप में हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, चारों राउंड 2 वर्ल्ड यूट्यूब चैनल (Round 2 World YouTube channel) पर कॉमेडी कंटेंट बनाने में सक्रिय रूप से शामिल थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के अनुसार , यह समूह गजरौला से बुलंदशहर जा रहा था। यूट्यूबर्स की कार विपरीत दिशा से आ रही एक बोलेरो से टकरा गई, जब वे जन्मदिन समारोह से घर लौट रहे थे।

घटना के तुरंत बाद घटनास्थल पर भीड़ जमा हो जाने के बाद चारों को एम्बुलेंस द्वारा सीएचसी गजरौला अस्पताल ले जाया गया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें उपचार के शुरुआती चरण में ही मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने इंडिया टुडे को बताया, “घायलों को इलाज के लिए अमरोहा जिला अस्पताल ले जाया गया है और मृतकों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतकों के परिवारों को सूचित कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। “

अधिकारियों के अनुसार , सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुस्सेपुर गांव में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई , जिसके परिणामस्वरूप चार लोगों की मौत हो गई और नौ घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार, बस अयोध्या से बिहार के विक्रमगंज जा रही थी। जिस बस की टक्कर ट्रक से हुई, उसमें 25 यात्री सवार थे। घायलों के बारे में मऊ और गाजीपुर के जिला अस्पतालों को सूचित कर दिया गया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बलवंत चौधरी के अनुसार, घायलों को मऊ और गाजीपुर के जिला अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। अब तक चार मौतें दर्ज की गई हैं। मृतकों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है।

Manipur Breaking: मणिपुर में मुख्यमंत्री की सुरक्षा टीम पर उग्रवादियों किया हमला, हुई फायरिंग

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के हिंसा प्रभावित जिरीबाम जिले के आज बहुप्रतीक्षित दौरे से पहले एक अग्रिम सुरक्षा दल पर संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया।

पुलिस ने बताया कि सुरक्षा बलों के वाहनों पर कई गोलियां चलाई गईं, जिनका सुरक्षा बलों ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-53 के निकट कोटलेन गांव के पास गोलीबारी अभी भी जारी है। इस हमले में कम से कम दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गये हैं।

यह हमला क्षेत्र में बढ़ती हिंसा की पृष्ठभूमि में हुआ है। हिंसा में हालिया उछाल 6 जून को शुरू हुआ, जब 59 वर्षीय मैतेई किसान सोइबाम सरतकुमार सिंह का शव मिला, जो कई हफ़्तों से लापता था।

सिंह के शव की खोज ने निवासियों में आक्रोश की लहर पैदा कर दी, जिसके कारण सुरक्षा उपायों को बढ़ाने और सुरक्षा के लिए खुद को हथियारबंद करने के अधिकार की तत्काल मांग की गई।

स्थिति तेजी से बिगड़ी और पड़ोसी राज्य असम तक पहुंच गई, जहां विभिन्न जातीय पृष्ठभूमि के लगभग 600 लोगों ने अपनी मातृभूमि में व्याप्त हिंसा से बचने के लिए कछार जिले के लखीपुर में शरण ली।

राज्य की राजधानी इम्फाल से 220 किलोमीटर दूर स्थित जिरीबाम, असम की सीमा से लगा एक रणनीतिक प्रवेश द्वार है, जो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-37 से होकर गुजरता है। आस-पास की पहाड़ियों में बसे कई कुकी गांवों की मौजूदगी से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।

मध्य प्रदेश: महू – इंदौर ट्रेन में 20 से 25 वर्ष की लड़की का नग्न शव मिला, शरीर के कई टुकड़े कर बैग में भरा

इंदौर रेलवे स्टेशन पर उस समय दहशत फैल गई जब सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने शनिवार देर रात डॉ अंबेडकर नगर-इंदौर पैसेंजर ट्रेन में एक अज्ञात महिला का नग्न और सड़ी-गली लाश दो टुकड़ों में कटा हुआ, उसके हाथ और पैर गायब, और दो बैगों में भरा हुआ पाया।

पुलिस को संदेह है कि महिला की हत्या कहीं और की गई है और शव को शनिवार को ट्रेन में फेंक दिया गया। ऐसा माना जा रहा है कि हत्यारे ने शव को काटने के लिए किसी धारदार भारी वस्तु का इस्तेमाल किया है।

जीआरपी थाना प्रभारी संजय शुक्ला ने बताया कि सफाई कर्मचारी की सूचना पर शव को ट्रेन से बरामद किया गया। मृतक की पहचान अभी नहीं हो पाई है और उसकी उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

ट्रेन रात 9:10 बजे डॉ. अंबेडकर नगर से रवाना हुई और हरण्या खेरी, राऊ, राजेंद्र नगर, लोकमान्य नगर और सैफी नगर होते हुए रात 10 बजे इंदौर पहुंची। पुलिस इस बात की जानकारी जुटाने के लिए जांच कर रही है कि ट्रेन में शव कहां रखा गया था। चूंकि इन रेलवे स्टेशनों पर कोई सीसीटीवी नहीं लगा है, इसलिए पुलिस के लिए रहस्य सुलझाना मुश्किल हो सकता है।

चूंकि यह इंदौर के लिए आखिरी ट्रेन भी है, इसलिए ट्रेन में लोगों की आवाजाही न के बराबर थी, यही वजह है कि किसी यात्री को शव नजर नहीं आया।

डॉ. अंबेडकर नगर-इंदौर ट्रेन शनिवार रात करीब 10 बजे इंदौर पहुंची और यात्रियों के उतरने के बाद ट्रेन को मेंटेनेंस के लिए यार्ड में ले जाया गया। सफाई कर्मचारी रिंकू सिंह ठाकुर ट्रेन के दूसरे आखिरी कोच की सफाई कर रहे थे, तभी उनकी झाड़ू अचानक किसी चीज पर अटक गई।

जब उन्होंने जांच की तो उन्हें एक ट्रॉली बैग और एक प्लास्टिक बैग मिला, जिसमें से बदबू और खून निकल रहा था। उन्होंने अपने सुपरवाइजर राहुल रघुवंशी को इसकी जानकारी दी, जिन्होंने स्टेशन मास्टर और जीआरपी को इसकी जानकारी दी। जीआरपी अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन अंधेरा होने के कारण प्रारंभिक जांच नहीं हो सकी।

बाद में उस कोच को ट्रेन से अलग किया गया और अगली सुबह एफएसएल की टीम पहुंची और सबूत जुटाए गए। शव सड़ी-गली हालत में था और महिला के सिर से कमर तक का ऊपरी हिस्सा ट्रॉली बैग में मिला और उसे प्लास्टिक की थैली और शॉल में ठूंस दिया गया था, जबकि कमर से नीचे घुटनों तक का शरीर का हिस्सा एक सफेद प्लास्टिक की थैली में रखे पीले रंग के प्लास्टिक के बोरे में मिला।

शुक्ला ने कहा, “उसके दोनों हाथ और घुटनों के नीचे के पैर गायब हैं।” ऐसा संदेह है कि महिला की हत्या एक या दो दिन पहले कहीं और की गई थी और उसके बाद शनिवार को शव के टुकड़ों को ट्रेन में रखा गया था, क्योंकि रात में रोजाना रखरखाव का काम होता है। इसके बाद ट्रेन अगली सुबह 8 बजे नागदा के लिए रवाना होती है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जहां महिला की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं और मामले की जांच की जा रही है।

जम्मू-कश्मीर में विनाशकारी आतंकवादी हमला: वैष्णो देवी जा रही बस पर गोलीबारी में 10 से अधिक लोगों की मौत, 30 घायल

All Eyes On Reasi: जम्मू-कश्मीर में वैष्णो देवी तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर इस्लामी आतंकवादियों ने भयानक हमला किया। इस क्रूर हमले में 10 से ज़्यादा लोगों की दुखद मौत हो गई और 30 अन्य घायल हो गए, जिनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं।

वैष्णो देवी जा रही बस पर गोलीबारी की घटना अवलोकन

यह हमला देर शाम को हुआ जब बस वैष्णो देवी के पवित्र मंदिर के लिए जा रही थी, जो हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करने वाला तीर्थ स्थल है। स्वचालित हथियारों से लैस अपराधियों ने बस पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे अफरा-तफरी और तबाही मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह दृश्य एक दुःस्वप्न जैसा था, जिसमें गोलियां वाहन को चीरती हुई निकल गईं और निर्दोष यात्रियों पर अंधाधुंध हमला किया गया।

घटना के बाद अभी तक की रिपोर्ट

प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि मरने वालों की संख्या 10 से अधिक हो गई है, और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों में कई बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी असामयिक मृत्यु ने समुदाय को बहुत प्रभावित किया है। घायलों को पास के अस्पतालों में ले जाया गया है, जहाँ चिकित्सा दल जान बचाने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।

हमले के जवाब में, स्थानीय कानून प्रवर्तन और सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और आगे की घटनाओं को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि हमलावरों ने कड़ी निगरानी वाले इलाके में इस तरह का दुस्साहसिक हमला कैसे किया।

पर्यटन और तीर्थयात्रा पर प्रभाव

यह हमला क्षेत्र के पर्यटन के लिए एक गंभीर झटका है, खासकर वैष्णो देवी की तीर्थयात्रा को प्रभावित कर रहा है। यह तीर्थस्थल एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, और ऐसी घटनाएं भक्तों को वहां जाने से रोक सकती हैं, जिससे तीर्थयात्रा पर्यटन पर निर्भर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और सुरक्षा उपाय

इस घटना ने पूरे देश में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की लहर पैदा कर दी है। सुरक्षा उपायों को बढ़ाने और आतंकवाद विरोधी सख्त रणनीति अपनाने की मांग जोर पकड़ रही है। इस तरह के हमले को अंजाम देने वाली चूक के बारे में जवाबदेही की मांग भी बढ़ रही है।

मकसद और अपराधी

प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि यह हमला इस क्षेत्र में सक्रिय एक जाने-माने आतंकवादी समूह द्वारा किया गया था। ऐसा लगता है कि इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में भय पैदा करना और शांति एवं सामान्य स्थिति को बाधित करना है।

सुरक्षा चूक

इस हमले को अंजाम देने वाली सुरक्षा चूक के बारे में सवाल उठाए जा रहे हैं। यह क्षेत्र आतंकवादी गतिविधियों के लिए जाना जाने वाला हॉटस्पॉट होने के बावजूद, खुफिया जानकारी और जमीनी सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण खामियां थीं।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को आज शपथ ग्रहण के पश्चात तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में चयन पर हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश से केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए गए कैबिनेट मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, डॉ. वीरेंद्र कुमार और श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी बधाई एवं मंगल कामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य श्री एल मुरूगन के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने पर उन्हें भी बधाई दी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री के रूप में शामिल किए गए श्री दुर्गा दास उईके और श्रीमती सावित्री ठाकुर को भी मंगल कामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश को केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्राप्त प्रतिनिधित्व मध्यप्रदेश के विकास को नए आयाम प्रदान करेगा। मध्यप्रदेश तेजी से प्रगति पथ पर आगे बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र तेजी से विकास के विविध आयाम प्राप्त करते हुए ऐतिहासिक प्रगति हासिल करेगा।

सिवनी: महिला स्व सहायता समूहो को सी.आर.पी. दीदियो का प्रशिक्षण

सिवनी, बरघाट, धारनाकला: बरघाट मध्य प्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय बरघाट मे बरघाट विकास खंड के महिला स्व सहायता समूह से जुडी सी आर पी दीदियो का प्रशिक्षण विकास खंड प्रबंधक संजय रस्तोगी की उपस्थिति मे सम्पन्न हुआ प्रशिक्षण मे बरघाट विकास खंड की सैकडो महिलाओ ने प्रशिक्षण मे उपस्थित होकर प्रशिक्षण प्राप्त करते छेत्र मे शासन के नियमानुसार कार्य करने का भी आश्वासन प्रशिक्षण दे रहे अधिकारियो को दिया है

लोकोश एप्लीकेशन के सम्बध्द मे ली जानकारी

उल्लेखनीय है की आज की कार्यशाला प्रशिक्षण मे महिलाओ ने लोकोश एप्लीकेशन के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया जिसके अन्तर्गत सी आर पी दीदिया बरघाट विकास खंड के महिला स्व सहायता समूहो का रजिस्टेंसन इसी एप्लीकेशन के माध्यम से करती आ रही है जिसका सीधा लाभ महिलाओ को मानदेय के रूप मे मिलता आ रहा है जिसका मानदेय का भुगतान विधिवत रूप से आजीविका मिशन के द्वारा किया जाता है.

बरघाट विकास खंड मे 35 महिलाऐ कर रही काम

उल्लेखनीय है की बरघाट विकास खंड मे 35 महिलाऐ सी आर पी के तहत काम कर रही है तथा महिला स्व सहायता समूहो का रजिस्टेंसन लोकोश एप्लीकेशन मे कर रही है जिसका सीधा लाभ ग्रामीण अचंल की गरीब महिलाओ को मिल रहा है जो समूह का गठन कर तथा शासन की योजनाओ का लाभ लेकर महिलाऐ स्वयं ही आत्म निर्भरता की ओर कदम बढाते हुऐ नजर आ रही है.

यहा यह बताना भी लाजिमी है की शासन की मंशानुरूप महिलाये पशू कृषि उद्धम बी पी आर पी योजनाओ का लाभ सीधे महिलाओ को दिला रही है और महिलाऐ भी योजनाओ से जुडकर लाभान्वित हो रही है.
यहा यह भी उल्लेखनीय है की सरकार द्वारा महिलाओ को आत्म निर्भर बनाने के उद्देश्य से अनेको योजनाऐ संचालित की गई है.

जिसका क्रियान्वयन मध्य प्रदेश आजीविका मिशन के माध्यम से बखूबी हो रहा है जिसके तहत महिलाओ को बैक से रोजगार के तहत लाखो रूपये बैक के माध्यम से प्राप्त हो रहे है जिसमे महिलाऐ राशि प्राप्त कर स्वय के रोजगार से जुडकर धन अर्जित भी कर रही है

तथा स्वावलंबी तथा आत्म निर्भर बन रही है. प्रशिक्षण कार्यशाला मे जिले से सन्त कुमार डहेरिया जिला प्रबंधक ने भी अपनी उपस्थिती देकर महिला दीदियो को प्रशिक्षण देते हुऐ समझाईस दी है

सिवनी: जनपद की जमीन पर अमीरों का कब्जा, संसोधित जमीन मामले मे प्रशासन क्यो बना मूकदर्शक

सिवनी, बरघाट, धारनाकला: ग्रामीण अंचलों मे शासकीय जमीन पर अवैध कबजाधारियो द्वारा काबिज होकर अपना अपना आधिपत्य जमाकर वर्षो से दबंगो ने शासकीय जमीन को अपने कब्जे मे कर रखा है तथा कब्जा कर लाभ भी कमाया जा रहा है किन्तु इस दिशा मे ठोस कार्रवाई सामने न आने से शासकीय जमीन पर अवैध कब्जो की संख्या बढते ही जा रही है.

जनपद की जमीन के संसोधन तथा अतिक्रमण मामले मे कार्यवाई नही

उल्लेखनीय है की धारनाकला बस स्टैंड मे स्थित जनपद की शासकीय जमीन पर जहा दबंगो ने अवैध कब्जा कर आलीशान दुकाने स्थापित कर ली है वही दूसरी तरफ जनपद की जमीन को गलत तरीके से राजस्व रिकार्ड मे निजी तौर पर अपने नाम संसोधित कराने का मामला भी प्रशासन के संज्ञान मे लम्बे समय है जिसकी ठोस कार्रवाई सिर्फ जांच मे सिमटकर रह गई है जबकि राजस्व की टीम के द्वारा जांच करते हुऐ स्पस्ट उललेख के साथ प्रतिवेदन बहूत पहले तहसीलदार बरघाट को सौपा जा चुका है जिस पर ठोस कार्रवाई का इन्तजार ग्रामीणो को लम्बे समय है.

संसोधित जमीन की बिक्री पर हो ठोस कार्रवाई

उल्लेखनीय है की जनपद सभा सिवनी का मुख्य हिस्सा जो की सिवनी बालाघाट मेन रोड से लगा हुआ को गलत तरीके से संसोधन के मामले मे जिला कलेक्टर तथा तहसील दार को आवेदन प्रस्तुत किया गया है साथ ही संसोधित शासकीय जमीन को जनहित मे वापस राजस्व रिकार्ड मे जनपद के नाम दर्ज करने के लिये आवेदक द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे है किन्तु प्रशासन द्वारा इस दिशा मे निस्पक्ष रूप से ध्यान न दिये जाने के कारण दबंगो के हौसले बढना लाजिमी है

जबकि जहा तक भू राजस्व संहिता की धारा 165(7_ख) मे स्पस्ट प्रावधान है की शासन से पट्टे पर दी गई भूमि भले ही धारा 158(3) के तहत भूमि स्वामी हक ही क्यो न प्राप्त हो ऐसी भूमि का अन्तरण कलेक्टर के बिना नही किया जा सकता वही दूसरी तरफ जनपद सभा सिवनी के नाम पर दर्ज भूमि का रकबा 1990_91 तक 59 आरे राजस्व रिकार्ड मे दर्ज है.

जो घटकर और संसोधित होकर 1992 मे कम हो जाता है और राजस्व रिकार्ड मे लाल स्याही से दर्ज जमीन महंगे दर मे बिक्री भी हो जाती है साथ ही सामने मेन रोड से लगी जनपद की जमीन पर एकाधिकार भी कर लिया जाता है किन्तु इस दिशा मे प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई न किया जाना चिंतनीय विषय है.

भूमि खरीद बिक्री मे मजदूर बना करोडपति

यहा यह भी उल्लेखनीय है की जहा भूमि की खरीद बिक्री तथा राजस्व चोरी के मामले मे कल तक मजदूरी करने वाला आज करोडपति बनकर भूमि हथिया रहा है वर्तमान मे चर्चा का विषय बना हुआ है चूकि जनपद की शासकीय जमीन पर इसके द्वारा रोड के किनारे तक पैर पसार दिये गये है तथा अनेको प्लाट तथा खेतिहर जमीन की खरीदी बिक्री तथा राजस्व की चोरी मे नाम सबसे उपर है.

चूकि वर्तमान मे धारनाकला मे ही बस स्टेंड से लगी जमीन 4000 चार हजार रूपये वर्ग फिट मे तो बिक ही रही है किन्तु जहा तक राजस्व और स्टाम्प शुल्क की बात करे तो यह अलग ही बया कर रहा है ऐसी स्थिति मे जी एस टी और आयकर चोरी मे यह अब तक प्रशासन की नजरो से बचते चला आ रहा है जिला कलेक्टर इस दिशा मे ध्यान देगे ऐसी जना अपेक्षा है

सिवनी: बरघाट में बेटे का अंतिम संस्कार कर लौटे, तब तक माँ ने भी त्याग दिए प्राण

सिवनी। शनिवार को हार्ट अटैक से 45 वर्षीय शिक्षक पुत्र की मौत की खबर लगने के बाद पुत्र शोक में माँ को गहरा सदमा लगा और पुत्र के अंतिम संस्कार करके जब परिजन घर लौटे तो उन्हें जब समाचार मिला कि घर में मां का भी देहांत हो गया है। यह खबर पाते ही सभी स्तब्ध हो गए। माँ का अंतिम संस्कार रविवार को सुबह हुआ।

श्रीमती छाया राहंगडाले पति स्व. कोमल प्रसाद राहंगडाले निवासी गोरखपुर बरघाट के 45 वर्षीय शिक्षक पुत्र पुरूषोत्तम राहंगडाले का शनिवार की सुबह हार्ट अटैक से देहांत हो गया। शनिवार की शाम को जब अंतिम संस्कार के लिए पुत्र का पार्थिव देह घर से निकला गया तो माँ गहरे सदमे में डूब गई।

परिजन व गांव के लोग जब मोक्षधाम पहुंचकर शिक्षक पुरुषोत्तम राहंगडाले का अंतिम संस्कार कर वे वापस घर लौटे तब उन्हें पुरुषोत्तम की 70 वर्षीय मां श्रीमती छाया राहंगडाले के भी प्राण निकल जाने की सूचना मिली।

पूर्व विकास खंड शिक्षा अधिकारी सिवनी स्वर्गीय केएस राहंगडाले के पुत्र माध्यमिक शिक्षक पुरुषोत्तम राहंगडाले के आसमयिक निधन और पुत्र के सदमे मां के आसमयिक निधन से शिक्षक कांग्रेस सिवनी के सभी पदाधिकारी व सदस्य शोक संतप्त है ।ईश्वर से प्रार्थना करते है राहंगडाले परिवार को गहन दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।