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Seoni Tiger Attack: खेत गई आदिवासी महिला को बाघ ने बनाया निवाला, दहशत में ग्रामीण

सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में बाघ का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बरघाट क्षेत्र से एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां बाघ ने एक आदिवासी महिला पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। लगातार हो रही बाघ हमलों की घटनाओं ने जंगल से सटे गांवों के लोगों की जिंदगी को भय और असुरक्षा के साये में धकेल दिया है।

ताजा मामला बेहरई से लगे ग्राम मऊ बीजाटोला का है, जहां रविवार को एक आदिवासी महिला बाघ का शिकार बन गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से ठोस कार्रवाई की मांग की है।

पशुओं को लेकर खेत गई थी महिला, घात लगाए बैठे बाघ ने किया हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मऊ बीजाटोला निवासी शिवकली पति शिवचरण अपने बैल और बकरियों को लेकर जंगल से लगे खेत में गई थीं। बताया जा रहा है कि इसी दौरान घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया।

बाघ के हमले में महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाघ ने महिला के कमर के नीचे के हिस्से को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया।

जब काफी देर तक शिवकली घर वापस नहीं लौटीं तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान खेत के पास महिला का शव बरामद हुआ, जिसके बाद पूरे गांव में मातम छा गया।

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा वन अमला और पुलिस बल

घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

वन विभाग द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार किया गया। वहीं मृतका के परिजनों को शासन की ओर से मिलने वाली सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

लगातार बढ़ रहे बाघ हमले, इस सत्र में कई लोगों की जा चुकी है जान

गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी सत्र में बाघ के हमलों में पांच से छह लोगों की मौत हो चुकी है। कुछ दिनों पहले ही एक आदिवासी युवक की भी बाघ के हमले में जान चली गई थी।

लगातार हो रही इन घटनाओं ने ग्रामीणों के मन में गहरा भय पैदा कर दिया है। अब हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग खेतों और जंगल की ओर जाने से भी डरने लगे हैं।

कृषि कार्य पर मंडरा रहा संकट

वर्तमान समय में कृषि कार्य का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है। ऐसे में जंगल से लगे खेतों में किसानों की आवाजाही बढ़ जाती है। लेकिन बाघ की लगातार मौजूदगी और हमलों की घटनाओं के चलते ग्रामीणों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही बाघ के मूवमेंट पर नियंत्रण नहीं किया गया तो खेतों में काम करना असंभव हो जाएगा।

आदिवासी नेता राहुल उईके और विजय उईके पहुंचे मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही बरघाट विकासखंड के आदिवासी नेता राहुल विजय उईके और विजय उईके भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

दोनों नेताओं ने वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर पीड़ित परिवार को शासन स्तर पर अधिकतम आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। साथ ही उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति को शांत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी बाघ हमलों में मृत परिवारों को शासन से सहायता दिलाने में इन नेताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस बार भी उनके प्रयासों के बाद पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता का आश्वासन मिला है।

ग्रामीणों की मांग: बाघ के आतंक से दिलाई जाए राहत

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ाई जाए, बाघ की निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात की जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

लोगों का कहना है कि जब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते, तब तक जंगल से लगे गांवों में रहने वाले परिवार भय के साये में जीवन जीने को मजबूर रहेंगे।

सिवनी जिले में लगातार सामने आ रहे बाघ हमले अब केवल वन्यजीव और मानव संघर्ष का मामला नहीं रह गए हैं, बल्कि यह ग्रामीणों की सुरक्षा और आजीविका से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। प्रशासन और वन विभाग के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे त्वरित और प्रभावी कदम उठाकर लोगों के मन से भय को दूर करें और भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकें।

सिवनी: रात के अंधेरे में गोवंश तस्करी का बड़ा खुलासा! 30 गोवंश से भरा ट्रक पकड़ा गया, तस्कर मौके से फरार

सिवनी। जिले में गोवंश तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने छिंदवाड़ा रोड बायपास ब्रिज पर घेराबंदी कर एक संदिग्ध आईसर ट्रक को पकड़ लिया। ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें कुल 30 गोवंश क्रूरता पूर्वक भरे हुए पाए गए। हालांकि पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी अंधेरे और रात का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ट्रक में बड़ी संख्या में गोवंश को अवैध रूप से ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और वाहन क्रमांक MH29BE6477 (यवतमाल, महाराष्ट्र) को छिंदवाड़ा रोड बायपास ब्रिज के ऊपर घेराबंदी कर रोक लिया।

ट्रक में ठूंस-ठूंसकर भरे गए थे 30 गोवंश

पुलिस द्वारा ट्रक की जांच करने पर उसमें कुल 30 नग गोवंश पाए गए, जिनमें 8 नाटे (बछड़े) और 22 गायें शामिल थीं। सभी गोवंशों को बेहद अमानवीय और क्रूर तरीके से वाहन में भरा गया था। प्रारंभिक जांच में पशु क्रूरता अधिनियम और गोवंश परिवहन से जुड़े नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस को देखकर भाग निकले आरोपी

जैसे ही पुलिस ने ट्रक को घेरकर कार्रवाई शुरू की, ट्रक में सवार आरोपी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा जांच तेज कर दी गई है

गौवंशों को सुरक्षित गौशाला पहुंचाया गया

कार्रवाई के दौरान बरामद किए गए सभी गोवंशों को सुरक्षित रूप से ट्रक से उतारकर निकटवर्ती गौशाला में पहुंचाया गया। वहां उनके भोजन, पानी और स्वास्थ्य की व्यवस्था की गई है। पशुओं की स्थिति का भी परीक्षण कराया जा रहा है।

अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। ट्रक के दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई

सिवनी में हुई यह कार्रवाई क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने गोवंश तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कार्रवाई में शामिल स्टाफ:
थाना प्रभारी कोतवाली सतीश तिवारी, एसआई राजेश शर्मा, एएसआई देवेंद्र जायसवाल (साइबर सेल), आरक्षक प्रतीक बघेल, रविंद्र सिंह, सौरभ सिंह, लोकेश, संतोष साहू, रत्नेश।

21 माह 20 दिन जेल में रहकर बचाया था लोकतंत्र: सिवनी के लोकतंत्र सेनानी महेश प्रसाद कश्यप को कटंगी रोड मोक्षधाम में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई

सिवनी: अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, लोकतंत्र सेनानी, जनप्रतिनिधि और शुभचिंतक शामिल हुए। सभी ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके संघर्षपूर्ण जीवन को नमन किया।

लोकतंत्र के प्रति समर्पित जीवन रहेगा प्रेरणा

श्री महेश प्रसाद कश्यप का जीवन लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने विचारों और सिद्धांतों का त्याग नहीं किया। उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।

आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन लोकतंत्र के लिए उनका त्याग, संघर्ष और समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। सिवनी सहित पूरा क्षेत्र उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।

“लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल की यातनाएं सहने वाले योद्धा श्री महेश प्रसाद कश्यप को शत-शत नमन।”

सिवनी में बकरीद पर 48 गौवंश की कुर्बानी की थी योजना! नागपुर से इंजीनियर हामिद और सिवनी से आसिफ खान गिरफ्तार

सिवनी। बकरीद से पहले सिवनी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गौवंश की कथित कुर्बानी और शहर में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश को विफल करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में नागपुर निवासी कथित मास्टरमाइंड मोहम्मद हामिद उर्फ ‘इंजीनियर हामिद’ तथा सिवनी निवासी आसिफ खान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों की भूमिका गौकशी के लिए धन एकत्र करने और कथित षड्यंत्र को आगे बढ़ाने में सामने आई है।

पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना

पुलिस अधीक्षक सिवनी श्री कृष्ण लालचंदानी (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं एसडीओपी श्री सचिन परते के मार्गदर्शन में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस के अनुसार 28 मई 2026 को सूचना प्राप्त हुई थी कि सिवनी के हड्डी गोदाम क्षेत्र निवासी मौलाना मजीद खान द्वारा बकरीद के अवसर पर गौवंश की कुर्बानी कराने के लिए चंदा एकत्र किया जा रहा है।

प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आने का दावा किया गया कि इस पूरी गतिविधि का संचालन नागपुर के गांधीबाग निवासी मोहम्मद हामिद उर्फ इंजीनियर हामिद द्वारा किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कथित रूप से 48 गौवंश की कुर्बानी कराने के निर्देश दिए थे, जिससे शहर में अराजकता और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।

नागपुर से दबोचा गया कथित मास्टरमाइंड

सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम तत्काल नागपुर रवाना हुई और वहां से मोहम्मद हामिद को उसके निवास से अभिरक्षा में लेकर सिवनी लाई।

पुलिस का दावा है कि विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिसके आधार पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।

डिजिटल साक्ष्यों से सामने आई आसिफ खान की भूमिका

मामले में फरार चल रहे आरोपी आसिफ खान (32 वर्ष) निवासी सूफीनगर, गांधीवार्ड, सिवनी की तलाश के दौरान पुलिस ने मोबाइल रिकॉर्ड, फोन-पे ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की।

जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने दावा किया कि आसिफ खान ने गौकशी के नाम पर ₹7,200 की राशि चंदे के रूप में उपलब्ध कराई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट, डिजिटल लेन-देन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जांच में शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ जारी है।

पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां

उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में पुलिस पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। 29 मई 2026 को पुलिस ने निम्न आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय से रिमांड प्राप्त किया था—

  • मजीद मौलाना, सिवनी
  • शेख आबिद, जटलापुर
  • शाकिर अली, जनतानगर
  • रफीक खान, सिवनी
  • मुक्तिदर अहमद, छपारा

पुलिस के अनुसार इन सभी से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

वर्तमान में गिरफ्तार आरोपी

1. मोहम्मद हामिद पिता मोहम्मद हनीफ

  • उम्र: 69 वर्ष
  • निवासी: गांधीबाग, नागपुर

2. आसिफ खान पिता कासिम खान

  • उम्र: 32 वर्ष
  • निवासी: सूफीनगर, गांधीवार्ड, सिवनी

दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में एसडीओपी सिवनी श्री सचिन परते, निरीक्षक श्री सतीश तिवारी, निरीक्षक श्री ओमेश्वर ठाकरे, सउनि श्री कंधीलाल सैयाम, सउनि श्री जसवंत ठाकुर, प्रधान आरक्षक श्री मुकेश गोडाने, मनोज पाल, आरक्षक सिद्धार्थ दुबे, नितेश राजपूत, कृष्णा भालेकर, सतीश इनवाती, ममता गजभिये, सैनिक वकील तथा साइबर टीम की विशेष भूमिका रही।

सिवनी पुलिस का संदेश

सिवनी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गौवंश तस्करी, अवैध पशु वध और धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली किसी भी गतिविधि या साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

सिवनी में विश्व हिन्दू परिषद-बजरंग दल के नवीन कार्यालय निर्माण का शुभारंभ: केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने किया भूमि पूजन

सिवनी। जिले में विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल के संगठनात्मक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। शुक्रवार, 29 मई 2026 को सिवनी शहर के प्रकाश नगर क्षेत्र में विश्व हिन्दू परिषद-बजरंग दल के नवीन कार्यालय निर्माण के लिए विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री माननीय मिलिंद परांडे जी के करकमलों से भूमि पूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम धार्मिक वातावरण और संगठनात्मक उत्साह के बीच आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

जानकारी के अनुसार, नवीन कार्यालय निर्माण के लिए यह भूमि समाजसेवी श्री अंकित मालू द्वारा संगठन को उपलब्ध कराई गई है। संगठन पदाधिकारियों ने उनके इस सहयोग की सराहना करते हुए इसे हिंदू समाज एवं संगठन के लिए महत्वपूर्ण योगदान बताया।

विश्व हिंदू परिषद महाकौशल प्रांत के सिवनी जिले में विहिप कार्यालय का हुआ भूमि पूजन। कार्यक्रम में विहिप के केंद्रीय संगठन महामंत्री माननीय मिलन परांदे जी, भोपाल क्षेत्र के क्षेत्र संगठन मंत्री श्री जितेंद्र सिंह जी पवार, जिला अध्यक्ष माननीय श्री अखिलेश सिंह चौहान जी, प्रांत संगठन मंत्री श्रीमान जितेंद्र जी वर्मा, जिला मंत्री अंकित मालू के द्वारा भूमि पूजन संपन्न हुआ। कार्यालय निर्माण के लिए सिवनी जिले के जिला मंत्री श्री अंकित मालू जी के द्वारा जमीन दान की गई।
अंकित मालू जी सहित सभी जिला पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं एवं हिंदू समाज को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।

संगठन को मिलेगा स्थायी और सशक्त केंद्र

विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल के पदाधिकारियों ने बताया कि नए कार्यालय के निर्माण से संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी। यह भवन भविष्य में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संचालन का प्रमुख केंद्र बनेगा। साथ ही संगठन के कार्यकर्ताओं के लिए यह एक स्थायी संपर्क एवं समन्वय केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

भूमि पूजन कार्यक्रम में दिखा उत्साह

भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना संपन्न की गई। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन के विस्तार और समाजहित में किए जा रहे कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।

हिंदू समाज के संगठन को मिलेगी नई मजबूती

संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि नवीन कार्यालय निर्माण से जिले में विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल की गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। इसके माध्यम से सामाजिक समरसता, धार्मिक जागरूकता एवं सेवा कार्यों को और प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।

प्रकाश नगर में बनने वाला यह कार्यालय आने वाले समय में संगठन की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रमुख संचालन केंद्र बनेगा। भूमि पूजन कार्यक्रम के सफल आयोजन पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने की उम्मीद जताई।

सिवनी में बकरीद पर गौहत्या की कोशिश नाकाम: सिवनी पुलिस ने 17 गौवंश कराए मुक्त, मौलाना समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

सिवनी। बकरीद पर्व से पहले सिवनी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित रूप से गौहत्या की तैयारी को विफल कर दिया। पुलिस ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी कर कुल 17 गौवंशों को मुक्त कराया और मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा कुर्बानी के नाम पर धन एकत्र कर अवैध रूप से गौवंशों की खरीद-फरोख्त की जा रही थी।

मुखबिर की सूचना पर शुरू हुई जांच

पुलिस को बकरीद पर्व के मद्देनजर कानून व्यवस्था ड्यूटी और कस्बा भ्रमण के दौरान सूचना मिली थी कि शहर के हड्डी गोदाम क्षेत्र में रहने वाला एक व्यक्ति कथित रूप से गौवंश की कुर्बानी के लिए लोगों से धन एकत्र कर रहा है। सूचना में यह भी आशंका जताई गई थी कि इस गतिविधि से सामाजिक तनाव और कानून व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन कर जांच शुरू की। जांच के दौरान संदिग्ध व्यक्ति की तलाश की गई और उससे पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं।

बैंक खाते में जमा हो रही थी चंदे की राशि

पुलिस के अनुसार पूछताछ में पता चला कि बकरीद के दौरान कुर्बानी के लिए कुछ लोगों द्वारा राशि एकत्र कर बैंक खाते में जमा करवाई गई थी। इसी धनराशि से गौवंशों की खरीदारी किए जाने की जानकारी मिली। पुलिस ने मोबाइल फोन और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े तथ्यों की भी जांच की।

जंगल और खेतों में बंधे मिले गौवंश

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम ने ग्राम जटलापुर और जामुनपानी क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान ग्राम जटलापुर के एक खेत से 7 गौवंश तथा जामुनपानी के जंगल से 10 गौवंश बरामद किए गए।

पुलिस के मुताबिक सभी पशु रस्सियों से बंधे हुए थे तथा मौके पर उनके खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। बरामद किए गए सभी गौवंशों को विधिवत जब्त कर सुरक्षित रूप से निकटवर्ती गौशालाओं में भेजा गया।

5 आरोपी गिरफ्तार, तीन का लिया गया पुलिस रिमांड

मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में:

  • मजीद खान पिता सफिक खान उम्म्र 44 वर्ष निवासी ग्राम थावरी थाना धनौरा हाल भगतसिह वार्ड हड्‌डी गोदाम सिवनी।
  • शेख आबिद पिता शेख मुजिब उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम जटलापुर थाना बंडोल जिला सिवनी।
  • साकिर अली पिता वाहिद अली उम्र 33 वर्ष निवासी जनतानगर थाना डूण्डासिवनी जिला सिवनी।
  • रफीक पिता सफीक उम्र 36 वर्ष निवासी गुरुनानक वार्ड सिवनी थाना कोतवाली जिला सिवनी
  • मुक्तदीर अहमद पिता महफूज अहमद उम्र 46 वर्ष निवासी जामा मस्जिद के पास छपारा जिला सिवनी

शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपियों में शामिल मौलाना मजीद खान, शेख आबिद और मुक्तदीर अहमद का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों को नियमानुसार नोटिस पर छोड़ा गया है।

धारदार हथियार और मोबाइल भी जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 17 गौवंश, 5 एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा कथित रूप से गौवध में उपयोग किए जाने वाले बका और अन्य धारदार हथियार भी जब्त किए हैं।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में एसडीओपी सिवनी सचिन परते, निरीक्षक सतीश तिवारी, उनि डालचंद ग्यारसिया, सउनि जसवंत ठाकुर, प्र.आर. मुकेश गोडाने, मनोज मरावी, संजय यादव, आर. सिध्दार्थ दुबे, सतीश इनवाती, प्रतीक बघेल, रत्नेश कुशवाहा, रविन्द्र डहेरिया, लोकेश सरयाम, सौरभ कछवाहा, चालक मोनू डहेरिया की विशेष भूमिका रही।

कार्रवाई के दौरान:

  • ग्राम जटलापुर के खेत से 7 गौवंश बरामद किए गए।
  • ग्राम जामुनपानी के जंगल से 10 गौवंश बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार सभी गौवंशों के मुंह, गर्दन और पैर रस्सियों से बंधे हुए थे तथा मौके पर खाने-पीने की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद सभी 17 गौवंशों को विधिवत जब्त कर नजदीकी गौशालाओं में सुरक्षित रखा गया।

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध:

  • मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 9
  • पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)
  • मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 7 एवं 10
  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 62, 61(2) एवं 3(5)

के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की है।

गिरफ्तार आरोपी

  1. मजीद खान (44 वर्ष), निवासी थावरी/हड्डी गोदाम सिवनी
  2. शेख आबिद (25 वर्ष), निवासी जटलापुर
  3. साकिर अली (33 वर्ष), निवासी जनता नगर सिवनी
  4. रफीक (36 वर्ष), निवासी गुरु नानक वार्ड सिवनी
  5. मुक्तदीर अहमद (46 वर्ष), निवासी छपारा

पुलिस ने बताया कि मजीद खान, शेख आबिद और मुक्तदीर अहमद का पुलिस रिमांड लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों को नोटिस पर छोड़ा गया है।

क्या-क्या हुआ जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने:

  • 17 गौवंश
  • 5 एंड्रॉयड मोबाइल फोन
  • बका एवं अन्य धारदार हथियार

जब्त किए हैं।

इन अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

इस कार्रवाई में एसडीओपी सचिन परते, निरीक्षक सतीश तिवारी, उपनिरीक्षक डालचंद ग्यारसिया, सहायक उपनिरीक्षक जसवंत ठाकुर सहित कोतवाली पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सिवनी के खिलाड़ियों का जलवा! शिवम ने शतरंज में जीता गोल्ड, धैर्य ने बॉक्सिंग में कांस्य, रूद्रावतार हनुमान मंदिर समिति ने बढ़ाया युवाओं का उत्साह

सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के दो होनहार खिलाड़ियों ने राज्य स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। एक ओर युवा शतरंज खिलाड़ी शिवम ठाकुर ने पुणे में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा, वहीं दूसरी ओर बॉक्सिंग खिलाड़ी धैर्य विश्वकर्मा ने इंदौर में आयोजित प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल कर जिले को गौरवान्वित किया। इन दोनों प्रतिभाओं का सम्मान रूद्रावतार हनुमान मंदिर समिति द्वारा भव्य समारोह आयोजित कर किया गया।

जिला अस्पताल के सामने स्थित रूद्रावतार हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में खिलाड़ियों को सम्मान पत्र एवं ट्रैक सूट भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। समारोह में बड़ी संख्या में समिति सदस्य, श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

पुणे में शिवम का कमाल, जीता स्वर्ण पदक

भैरोगंज निवासी जोगेश ठाकुर के पुत्र शिवम ठाकुर ने महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। शिवम ने अपनी रणनीति, धैर्य और खेल कौशल से सभी प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे सिवनी जिले में खुशी का माहौल है।

शिवम की सफलता को लेकर स्थानीय लोगों ने कहा कि छोटे शहरों से निकलकर राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन शिवम ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती।

बॉक्सिंग में धैर्य का दम, कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया मान

एकता कॉलोनी निवासी अर्जुन विश्वकर्मा के पुत्र धैर्य विश्वकर्मा ने इंदौर में आयोजित राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए तृतीय स्थान प्राप्त किया। धैर्य ने कठिन मुकाबलों में बेहतरीन खेल दिखाते हुए कांस्य पदक हासिल किया।

खेल प्रेमियों का कहना है कि धैर्य की यह सफलता आने वाले समय में जिले के अन्य युवाओं को भी खेलों की ओर प्रेरित करेगी।

खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना समाज की जिम्मेदारी – दिलीप डहरवाल

सम्मान समारोह के दौरान समिति अध्यक्ष दिलीप डहरवाल ने कहा कि खेल, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को समय पर प्रोत्साहन मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती हैं।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि भविष्य में मंदिर समिति से जुड़े जो भी बच्चे जिला एवं राज्य स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करेंगे, उनका सम्मान किया जाएगा। साथ ही कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया जाएगा।

बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

इस सम्मान समारोह में मंदिर के पुजारी अर्जुन पण्डा, बलराम बंजारा, विजय शुक्ला, रविशंकर निर्मलकर, अमित मिश्रा, जोगेश ठाकुर, अजय गुप्ता, अमित महाजन, शिवशंकर पैठानिया, केवल राय, विशाल ठाकुर, उमाशंकर चौधरी, विकास निगुडकर, विनेश बघेल, सुरेश यादव सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सिवनी में कोतवाली पुलिस का बड़ा एक्शन! दो बड़ी चोरियों का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल और चांदी के जेवर बरामद

Seoni Kotwali Police News: मध्यप्रदेश के सिवनी में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के बीच कोतवाली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। थाना कोतवाली पुलिस ने दो अलग-अलग चोरी की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए 3 आरोपियों और 1 विधिविरुद्ध बालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गया मोबाइल, नगदी, चांदी के सिक्के और जेवरात भी बरामद किए हैं।

इस कार्रवाई के बाद शहर में पुलिस की सक्रियता की चर्चा तेज हो गई है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।

एफसीआई रोड पर देर रात हुई थी चोरी

जानकारी के अनुसार 13 अप्रैल 2026 की रात करीब 1 बजे एफसीआई रोड गली नंबर-3 निवासी ओमप्रकाश अग्रवाल के घर का ताला तोड़कर चोर अंदर घुस गए थे। बदमाशों ने अलमारी में रखे 4000 रुपये नकद, चांदी के सिक्के और एक एंड्रॉयड मोबाइल चोरी कर लिया था।

घटना की शिकायत के बाद थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 288/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

द्वारका नगर में भी चोरों ने बोला था धावा

इसके अलावा 9 मई 2026 की रात द्वारका नगर गली नंबर-4 निवासी सुनील सनोडिया के घर में भी चोरी की वारदात हुई थी। इस मामले में अपराध क्रमांक 363/2026 दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी हुई थी।

दोनों मामलों में लगातार मिल रहे सुरागों और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने दोनों चोरियों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।

पुलिस टीम ने ऐसे पकड़े आरोपी

एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी सतीश तिवारी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी। पुलिस ने पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

गिरफ्तार आरोपी

प्रकरण 288/2026

  • राजकुमार दूधबूरे (19 वर्ष), निवासी अंबेडकर वार्ड, सिवनी
  • एक विधिविरुद्ध बालक

प्रकरण 363/2026

  • अरुण चौधरी (25 वर्ष), निवासी कुम्हारी मोहल्ला, सिवनी
  • बंटी बेन (19 वर्ष), निवासी ललमटिया, सिवनी

क्या-क्या हुआ बरामद?

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गया सामान बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं:

  • चांदी के सिक्के
  • चांदी की 2 चेन
  • चांदी की 6 बिछिया
  • पोको कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल
  • चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार

बरामद मशरूका की कुल कीमत करीब 10 हजार रुपये बताई जा रही है।

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी, जयशंकर उईके, संतोष बेन, नवीन तिवारी, मिथिलेश, राजेंद्र राजपूत, अंकित देशमुख, प्रतीक, सतीश इनवाती और सिद्धार्थ दुबे की विशेष भूमिका रही।

सिवनी: कागजों में बने खेत तालाब, बिना काम किए मजदूरी भुगतान! धारनाकला पंचायत में लाखों के घोटाले के आरोप

सिवनी/बरघाट/धारनाकला। मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी खेत तालाब योजना और बलराम तालाब योजना किसानों के लिए जल संरक्षण और सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की एक बड़ी पहल मानी जाती है। इस योजना के तहत सरकार किसानों को खेत तालाब निर्माण के लिए 90 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है, ताकि बारिश के पानी का संरक्षण हो सके और सूखे की स्थिति में भी खेती प्रभावित न हो।

लेकिन सिवनी जिले के बरघाट जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत धारनाकला में यही योजना अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप हैं कि यहां खेत तालाब केवल कागजों में बनाए गए, जबकि लाखों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया। इतना ही नहीं, वर्षों पुराने तालाबों को भी “नवीन निर्माण” दिखाकर राशि आहरित करने का मामला सामने आया है।

ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पंचायत स्तर पर मनरेगा के तहत हुए कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ है और जिन लोगों ने कभी मजदूरी तक नहीं की, उनके नाम तक मस्टर रोल में दर्ज कर भुगतान निकाल लिया गया।

पुराने तालाब बने नए, बिना काम वालों के नाम पर भुगतान

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत धारनाकला में खेत तालाब और बलराम तालाब निर्माण के नाम पर कई ऐसे भुगतान किए गए, जहां वास्तविक निर्माण कार्य नहीं हुआ। कुछ मामलों में पुराने तालाबों को ही नया निर्माण बताकर लाखों रुपये की राशि निकाल ली गई।

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिन लोगों ने कभी मजदूर के रूप में काम नहीं किया, उनके नाम भी मस्टर रोल में दर्ज पाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि कई प्रतिष्ठित और संपन्न लोगों के नाम पर भी मजदूरी भुगतान दर्शाया गया, जबकि वे कभी कार्यस्थल पर पहुंचे ही नहीं।

अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बिना जांच और सत्यापन के भुगतान कैसे जारी हो गए?

मनरेगा और पंचायत व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

यह पूरा मामला अब सिर्फ ग्राम पंचायत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जनपद पंचायत बरघाट और संबंधित विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर सरपंच-सचिव और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी योजनाओं में बंदरबांट की जा रही है। शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी न तो मौके पर पहुंचे और न ही किसी प्रकार की निष्पक्ष जांच की गई।

लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार की शिकायतें अब महज औपचारिकता बनकर रह गई हैं।

CM हेल्पलाइन का भी नहीं मिला लाभ

मामले का सबसे बड़ा पहलू यह है कि शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत CM हेल्पलाइन 181 में भी दर्ज कराई थी। लेकिन आरोप है कि शिकायत का निराकरण केवल कागजों में कर दिया गया।

ग्रामीणों के मुताबिक अगस्त 2025 में शिकायत दर्ज होने के बाद आज तक कोई भी अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा। इसके बावजूद कार्यालय में बैठकर फॉलोअप और निराकरण रिपोर्ट लगा दी गई।

ग्रामीणों का कहना है कि बिना जांच किए शिकायतों को “फोर्थ क्लोज” कर दिया जाता है और शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी तक नहीं दी जाती।

“181 भी बन गई मजाक” — ग्रामीणों में नाराजगी

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस CM हेल्पलाइन को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए बनाया गया था, वही अब भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को दबाने का माध्यम बनती जा रही है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारी कार्यालय में बैठकर पंचायत प्रतिनिधियों से सांठगांठ करते हैं और अंत में शिकायत को बंद कर दिया जाता है। इससे आम जनता का भरोसा सरकारी व्यवस्था से उठता जा रहा है।

कलेक्टर की सख्ती के बावजूद जमीनी हकीकत अलग

एक ओर जिला कलेक्टर द्वारा CM हेल्पलाइन शिकायतों के गंभीर निराकरण के निर्देश दिए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर धरातल पर बिना जांच के ही शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पंचायत स्तर पर हुए करोड़ों के फर्जी भुगतान और अनियमितताओं का बड़ा खुलासा हो सकता है।

ग्रामीणों की मांग – हो निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई

शिकायतकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों और मजदूरों तक पहुंचे, इसके लिए भ्रष्टाचार पर रोक लगाना बेहद जरूरी है।