Home Blog Page 11

सिवनी कोर्ट परिसर में मचा बवाल! चाकू लेकर दौड़े युवक, जमकर हुआ पथराव, बड़ी वारदात टली

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिला न्यायालय परिसर में शुक्रवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि न्यायालय

परिसर में चाकूबाजी, धमकी और पथराव की घटनाएं सामने आईं। हालात कुछ समय के लिए इतने तनावपूर्ण हो गए कि वहां मौजूद वकील, पक्षकार और आम नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे। हालांकि पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तत्परता के चलते एक बड़ा खूनी संघर्ष टल गया।

जमानत के दौरान शुरू हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम करीब 5 बजे वाशु नामक युवक की जमानत के सिलसिले में उसके मित्र अमन झंझोड और अन्य साथी जिला न्यायालय परिसर पहुंचे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कुछ लोगों से उनकी कहासुनी हो गई। शुरुआत में मामूली लगने वाला यह विवाद कुछ ही देर में उग्र रूप धारण कर गया और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया।

चाकू लहराते हुए दौड़ा युवक, मची भगदड़

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान एक युवक ने अचानक चाकू निकाल लिया और विरोधी पक्ष के लोगों को जान से मारने की धमकी देते हुए उनके पीछे दौड़ पड़ा। न्यायालय परिसर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की घटना से लोगों में दहशत फैल गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।

दोनों पक्षों में हुआ जमकर पथराव

स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। न्यायालय परिसर में फेंके गए पत्थरों से वहां खड़ी कई मोटरसाइकिलें और अन्य दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ देर के लिए न्यायालय परिसर रणक्षेत्र जैसा दिखाई देने लगा।

पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस बल और न्यायालय सुरक्षा कर्मियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों को खदेड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों की तत्परता के कारण किसी बड़ी जनहानि या गंभीर हादसे की नौबत नहीं आई।

दो हिरासत में, पांच आरोपियों पर मामला दर्ज

कोतवाली पुलिस ने मामले में अमन झंझोड और एक नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं दूसरे पक्ष के कुछ लोग घटना के बाद मौके से फरार हो गए।

पुलिस के अनुसार फरियादी योगेश जाशोरिया की शिकायत पर अमन झंझोड, अंकित वेन, यशवंत, देबू सनकत और आरव सनकत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), 296(बी), 351(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है तथा फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

न्यायालय परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल

जिला न्यायालय परिसर में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान पर कानून और न्याय की प्रक्रिया संचालित होती है, वहां खुलेआम चाकू लहराना और पथराव होना सुरक्षा प्रबंधन की गंभीर चुनौती माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और अधिवक्ताओं ने परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

सिवनी: दलसागर चौपाटी के सामने बिजली के खंभे में दौड़ रहा था हाई वोल्टेज करंट, 2 गायों की मौत

Seoni News। जिला मुख्यालय के सबसे व्यस्त और लोकप्रिय मार्गों में शामिल दलसागर तालाब चौपाटी क्षेत्र में गुरुवार को एक गंभीर हादसा सामने आया। दलसागर तालाब के सामने स्थित एक बिजली के खंभे में हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित हो रहा था, जिसकी चपेट में आने से दो गायों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार जिस स्थान पर यह घटना हुई, वह सिवनी शहर का अत्यंत व्यस्त क्षेत्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग दलसागर के वाटर शो और चौपाटी का आनंद लेने पहुंचते हैं। ऐसे भीड़भाड़ वाले इलाके में बिजली के खंभे में करंट का बहना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देने जैसा था।

इंसानों की जान भी जा सकती थी

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति का पता नहीं चलता तो कोई भी राहगीर, बच्चा या बुजुर्ग इसकी चपेट में आ सकता था। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई व्यक्ति प्रभावित नहीं हुआ, अन्यथा यह घटना और भी भयावह रूप ले सकती थी।

स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण दो बेजुबान पशुओं को अपनी जान गंवानी पड़ी। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर लगे बिजली के खंभों और तारों की नियमित जांच नहीं होने से ऐसे हादसे बार-बार सामने आते हैं।

छात्रों का भी रहता है लगातार आवागमन

जिस मार्ग पर यह घटना हुई, वहां से प्रतिदिन एमएलबी स्कूल, उत्कृष्ट विद्यालय और पीजी कॉलेज के हजारों छात्र-छात्राओं का आवागमन होता है। सुबह से शाम तक इस सड़क पर विद्यार्थियों की भारी आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में बिजली के खंभे में करंट का बहना किसी भी समय बड़ी जनहानि का कारण बन सकता था।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

घटना के बाद क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों ने मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा शहर के सभी बिजली खंभों और विद्युत व्यवस्थाओं का तत्काल निरीक्षण कराया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो अगली बार किसी इंसान की जान भी जा सकती है। फिलहाल दो गायों की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है और लोगों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी व्याप्त है।

सिवनी में अवैध शराब पर एक्शन: बरघाट पुलिस ने 60 लीटर अवैध महुआ शराब के साथ दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

Seoni News। जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बरघाट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 60 लीटर अवैध हाथ भट्टी निर्मित महुआ शराब के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शराब परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जप्त किए हैं।

पुलिस अधीक्षक सिवनी कृष्ण लालचंदानी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा के निर्देशन में जिलेभर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 17 जून को बरघाट पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति मानेगांव की ओर से बड़ी मात्रा में अवैध शराब लेकर बरघाट की ओर आ रहे हैं।

सूचना मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी पुलिस बरघाट ललित गठरे ने थाना प्रभारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। थाना प्रभारी निरीक्षक मोहनीश बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मानेगांव रोड स्थित चीरघर के पास घेराबंदी की।

कुछ देर बाद एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक प्लास्टिक की बोरी लेकर आते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर उन्होंने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने हिकमत अमली से उन्हें पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान बोरी से 15-15 लीटर क्षमता की चार कुप्पियों में भरी कुल 60 लीटर अवैध हाथ भट्टी निर्मित महुआ कच्ची शराब बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम पिकेश कुमरे (24) और मुकेश परते (23), निवासी ग्राम अखीवाड़ा, थाना बरघाट, जिला सिवनी बताए।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 6 हजार रुपये मूल्य की अवैध शराब, मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी 22 जेडडी 2380, जिसकी कीमत लगभग 44 हजार रुपये है, तथा दो एंड्रॉइड मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत 20 हजार रुपये है, जप्त किए हैं।
आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

Seoni Accident News: बेहरई मोड़ पर बस-ट्रक की खतरनाक भिड़ंत, चीख-पुकार के बीच 6 घायल अस्पताल पहुंचाए गए

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। बरघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिवनी-बालाघाट मार्ग पर स्थित बेहरई ग्राम के मोड़ के पास एक यात्री बस और ट्रक के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में छह लोग घायल हो गए, जिन्हें तत्काल बरघाट सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि सभी घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

बेहरई मोड़ पर हुआ हादसा, बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 8 बजे कौशल यात्री बस अपने निर्धारित मार्ग पर जा रही थी, जबकि सामने से सिवनी की ओर एक ट्रक आ रहा था। बेहरई गांव के पास स्थित मोड़ पर दोनों वाहनों के बीच अचानक आमने-सामने की टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री घबराकर बस से बाहर निकल आए, जबकि आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मदद के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए।

छह घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज

इस दुर्घटना में बस में सवार पांच यात्रियों सहित ट्रक चालक घायल हो गया। घायलों की पहचान दीपक लिल्हारे, मनीष निमोसे, संदीप धुर्वे, कोमल चंद राहंगडाले, योगेश मडवे और दुर्गेश के रूप में हुई है।

स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तुरंत बरघाट के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक सभी घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और उनकी स्थिति सामान्य बनी हुई है।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

हादसे की जानकारी मिलते ही बरघाट थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस और ट्रक को सड़क से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी ताकि सिवनी-बालाघाट मार्ग पर यातायात बाधित न हो।

पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में मोड़ पर वाहन का नियंत्रण खोना और तेज रफ्तार संभावित कारण माने जा रहे हैं।

क्या बोले थाना प्रभारी?

बरघाट थाना प्रभारी मोहनीश बेस ने बताया कि बस और ट्रक की टक्कर में छह लोग घायल हुए हैं, जबकि कुछ अन्य यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।

स्थानीय लोगों ने उठाई सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग

हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से सिवनी-बालाघाट मार्ग के खतरनाक मोड़ों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क पर अधिक चेतावनी संकेतक लगाए जाएं, मोड़ों पर सुरक्षा बैरियर स्थापित किए जाएं और सड़क किनारे बने साइड सोल्डर को समतल किया जाए, जिससे भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

सिवनी-बालाघाट हाईवे पर बेहरई मोड़ पर हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर करता है। समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू होने से बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द ही इस मार्ग पर सुरक्षा संबंधी आवश्यक सुधार करे।

क्या आपने कभी सोचा है कि ऑनलाइन डिलीवरी बॉक्स भूरे रंग के क्यों होते हैं? इसके पीछे की वजह बेहद दिलचस्प है

मुंबई : वर्तमान में लोगों का झुकाव ऑनलाइन शॉपिंग की ओर अधिक है। त्योहारी सीजन के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियां हमें ढेर सारे डिस्काउंट और ऑफर्स देती हैं। 

जिससे हम घर बैठे भी कम कीमत में सामान मंगवा सकते हैं। जब ये सामान घर आते हैं तो हमेशा एक डिब्बे में पैक करके आते हैं। वस्तु चाहे बहुत छोटी हो या बड़ी वह एक बड़े डिब्बे में आती है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप कुछ ऑनलाइन ऑर्डर करते हैं, तो वह बॉक्स भूरे रंग का क्यों होता है? यह सफेद या नीले, हरे रंग में क्यों नहीं आता है? अगर आप नहीं जानते हैं तो चिंता न करें हम इसे जानने में आपकी मदद करेंगे।

क्यों कूरियर बॉक्स भूरे रंग के होते हैं

दरअसल जिस कूरियर बॉक्स से पार्सल आता है, डिलीवरी बॉक्स कार्डबोर्ड या कार्डबोर्ड से बना होता है, पूरा कॉर्पस कागज का बना होता है। अब आप जान गए होंगे कि प्राकृतिक रूप से हमें पेड़ों से कागज मिलता है और वह कागज प्रक्षालित नहीं होता, इसलिए उसका रंग भूरा होता है।

ऑनलाइन कंपनियों का उपयोग करने के पीछे का कारण है…

भूरा कागज का प्राकृतिक रंग है। कागज प्राकृतिक रूप से भूरा होता है क्योंकि यह लकड़ी, तनों और पेड़ों की छाल से बनता है।

फिर उसे सफ़ेद करने के लिए हम इसे प्राकृतिक रूप से ब्लीच करते हैं ताकि इस पर लिखना आसान हो। लेकिन हमें कार्डबोर्ड पर कुछ भी नहीं लिखना है, इसलिए इसे ब्लीचिंग की जरूरत नहीं है। इसके अलावा, क्योंकि ब्लीचिंग प्रक्रिया महंगी है, कागज को सफेद करने में अधिक पैसा खर्च होता है। ताकि इसे न्यूनतम लागत के साथ बनाया जा सके।

 न्यूनतम लागत ..

इसलिए हमारे पास जो कुरियर बॉक्स आते हैं उनका रंग भूरा होता है। वास्तव में जब हम Amazon और Flipkart जैसी कंपनियों से ऑर्डर करते हैं, तो हम इसे न्यूनतम कीमत पर चाहते हैं और कोई भी ग्राहक पैकिंग के लिए अधिक भुगतान नहीं करना चाहता है, इसलिए कंपनियां इन कार्डबोर्ड को ब्लीच करने पर पैसा खर्च नहीं करती हैं और इसे खरीद या बॉक्स बनाकर हमें वितरित करती हैं।

SEONI में बकरीद पर गौवंश वध की कथित साजिश! NSA के तहत बड़ी कार्रवाई, नागपुर से गिरफ्तार हामिद इंजीनियर पहुंचा जबलपुर जेल

SEONI। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में बकरीद के दौरान कथित रूप से गौवंश वध की योजना बनाकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश रचने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई करते हुए उसे महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल जबलपुर भेज दिया है।

पुलिस अधीक्षक सिवनी कृष्ण लालचंदानी ने जानकारी देते हुए बताया कि मोहम्मद हामिद उर्फ इंजीनियर (69 वर्ष) निवासी सेवा सदन, सी.ए. रोड, गांधीबाग, नागपुर (महाराष्ट्र) के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 की धारा 3(2) के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।

बकरीद के दौरान कथित गौवंश वध की बनाई गई थी योजना

पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर 28 मई 2026 को बकरीद के अवसर पर कुर्बानी के नाम पर गौवंश वध करने की कथित योजना बनाई थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए सात गौवंशों को आरोपी और उसके साथियों के कब्जे से मुक्त कराया तथा उन्हें सुरक्षित गौशाला भेज दिया।

पुलिस का कहना है कि यदि समय पर हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो जिले में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता था।

पहले से दर्ज है गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम का मामला

कोतवाली थाना पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से ही मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, 2004 के तहत प्रकरण दर्ज है। इसके अलावा पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी का नाम नागपुर में वर्ष 2025 के सांप्रदायिक दंगे से जुड़े एक आपराधिक मामले में भी सामने आया था।

इन्हीं तथ्यों और गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

सांप्रदायिक सौहार्द और शांति व्यवस्था को देखते हुए NSA लगाया गया

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गतिविधियों से जिले की लोक शांति, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी। इसी आधार पर जिला प्रशासन ने NSA के तहत कार्रवाई को उचित माना।

सिवनी जिला पूर्व में भी गौवंश वध और अन्य कारणों से उत्पन्न सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं का सामना कर चुका है। ऐसे में प्रशासन किसी भी प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने और जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सतर्क है।

नागपुर से गिरफ्तारी, तीन माह के लिए केंद्रीय जेल भेजा गया

कोतवाली पुलिस के अनुसार आरोपी को 16 जून 2026 को नागपुर से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत निरुद्ध कर तीन माह के लिए केंद्रीय जेल, जबलपुर भेज दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है और अन्य संबंधित पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश

इस कार्रवाई को जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक सद्भाव कायम रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति भंग करने या सांप्रदायिक माहौल खराब करने की किसी भी कोशिश के खिला

सिवनी में 3 करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए रची गई खौफनाक साजिश! भोपाल से बुलाए गए शूटर ने आधी रात घर पर बरसाई गोली, 3 आरोपी गिरफ्तार

सिवनी। शहर के बुधवारी क्षेत्र में पिछले दिनों हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का कोतवाली पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह कोई सामान्य वारदात नहीं थी, बल्कि करीब 3 करोड़ रुपये की विवादित प्रॉपर्टी को लेकर रची गई एक सुनियोजित आपराधिक साजिश थी। इस मामले में पुलिस ने भोपाल से बुलाए गए शूटर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार है जिसकी तलाश जारी है।

पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है।

आधी रात चली गोली, बाल-बाल बची जान

जानकारी के अनुसार 12 जून 2026 को सुनारी मोहल्ला निवासी शैलेन्द्र चौरसिया ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि 11-12 जून की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे अज्ञात बदमाशों ने उनके घर पर गोली चलाई थी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान घर के बाहर सड़क पर गोली का खाली खोखा मिला तथा दुकान के शटर पर गोली लगने के निशान पाए गए। गोली शटर को चीरते हुए दुकान के अंदर से घर तक पहुंच गई थी।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस स्थान पर गोली लगी, वहीं फरियादी शैलेन्द्र चौरसिया रोजाना सोते थे। हालांकि घटना वाली रात किसी कारणवश वे वहां नहीं सोए थे, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस ने शुरुआती जांच में ही इसे जानलेवा हमला माना।

3 करोड़ की प्रॉपर्टी बनी खूनी साजिश की वजह

पुलिस जांच में सामने आया कि छिंदवाड़ा चौक स्थित लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य की एक विवादित प्रॉपर्टी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस संपत्ति पर फरियादी के परिजनों का कब्जा था और मामला न्यायालय में विचाराधीन था।

इसी बीच फरियादी ने विवाद से छुटकारा पाने के लिए उक्त संपत्ति को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का एग्रीमेंट किया था। जांच में पता चला कि आरोपी अमन चौहान और गौरव दीक्षित भी इस प्रॉपर्टी से लाभ लेना चाहते थे, लेकिन उनके मंसूबे पूरे नहीं हो पा रहे थे।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने यह योजना बनाई कि यदि शैलेन्द्र चौरसिया पर जानलेवा हमला कराया जाए तो संदेह सीधे प्रॉपर्टी विवाद में शामिल अन्य पक्षों पर जाएगा और उन्हें संपत्ति पर कब्जा करने का रास्ता मिल जाएगा।

भोपाल से बुलाए गए शूटर

साजिश को अंजाम देने के लिए गौरव दीक्षित और अमन चौहान ने भोपाल से दो युवकों को बुलाया। इनके नाम निखिल वाथम और गोलू अहिरवार बताए गए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य शूटर निखिल वाथम ने देशी पिस्टल से फरियादी के घर पर फायर किया था। वहीं गोलू अहिरवार बाइक चलाकर उसे घटना स्थल तक लेकर आया था। घटना में प्रयुक्त बाइक की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर अमन चौहान ने कराई थी।

50 से ज्यादा CCTV खंगालकर पुलिस पहुंची आरोपियों तक

घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने करीब 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और विभिन्न स्थानों पर जांच की। तकनीकी साक्ष्यों एवं गहन पड़ताल के आधार पर सबसे पहले अमन चौहान की पहचान की गई। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ और अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी

  1. निखिल वाथम (25 वर्ष) निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, निशातपुरा, भोपाल – मुख्य शूटर। इसके खिलाफ पहले से मारपीट एवं आबकारी अधिनियम के मामले दर्ज हैं।
  2. गोलू अहिरवार (25 वर्ष) निवासी हाउसिंग बोर्ड गैस राहत कॉलोनी, निशातपुरा, भोपाल – घटना में सहयोगी। इसके खिलाफ भी भोपाल में मारपीट के मामले दर्ज हैं।
  3. अमन चौहान (28 वर्ष) निवासी भैरोगंज, सिवनी।

फरार आरोपी

गौरव दीक्षित (30 वर्ष) निवासी हाउसिंग बोर्ड, सिवनी – पुलिस के अनुसार घटना का मुख्य साजिशकर्ता।

पुलिस ने बरामद किए ये सामान

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल (MP22 ZE 2195), एक देशी पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक कीपैड मोबाइल फोन जब्त किया है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस पूरे मामले के खुलासे में एसडीओपी सिवनी सचिन परते, थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी, प्रधान आरक्षक मुकेश गौडाने, सिद्धार्थ दुबे, सतीश इनवाती एवं प्रतीक बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी गौरव दीक्षित की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस खुलासे के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर 3 करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए किस तरह एक खौफनाक साजिश रची गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की जान जाते-जाते बची।

SEONI में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा! ADM कार्यालय का रीडर 20 हजार की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, जमीन विवाद में फैसला कराने का था खेल

Seoni News । मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आम लोगों को न्याय दिलाने वाले सरकारी दफ्तर में ही फैसले की कीमत तय होने का आरोप लगा है। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एडीएम कार्यालय में पदस्थ रीडर माधव प्रसाद तिवारी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर जमीन विवाद के मामले में शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला कराने के बदले घूस मांगने का आरोप है।

इस कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पैतृक जमीन के विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजली पटले के मुताबिक, शिकायतकर्ता संतोष सिंह सिसोदिया ने जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पैतृक जमीन पर लगे जामुन सहित अन्य पेड़ों की कटाई से जुड़े विवाद में उनके खिलाफ फैसला आने के बाद उन्होंने एडीएम कार्यालय में अपील दायर की थी।

शिकायतकर्ता का आरोप था कि अपील में उनके पक्ष में निर्णय करवाने के लिए एडीएम कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 एवं रीडर माधव प्रसाद तिवारी लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था।

पहले मांगे 30 हजार, फिर 20 हजार रुपये में हुआ सौदा

शिकायत के अनुसार, आरोपी रीडर ने शुरुआत में 30 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बाद में बातचीत के दौरान यह रकम घटाकर 20 हजार रुपये तय कर दी गई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जानकारी लोकायुक्त पुलिस को दी।

लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन किया और आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

जाल बिछाकर पकड़ा गया आरोपी

मंगलवार को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने एडीएम कार्यालय परिसर स्थित उपभोक्ता फॉर्म बिल्डिंग के पोर्च में जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी माधव प्रसाद तिवारी ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया।

इस कार्रवाई के दौरान मौजूद अधिकारियों ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

एसडीएम के फैसले के बाद एडीएम कार्यालय पहुंचा था मामला

जानकारी के मुताबिक, पैतृक जमीन से जुड़े इस विवाद की सुनवाई पहले लखनादौन एसडीएम कार्यालय में हुई थी, जहां फैसला शिकायतकर्ता के खिलाफ आया था। इसके बाद उन्होंने एडीएम कार्यालय में अपील दायर की थी। आरोप है कि इसी अपील में अनुकूल निर्णय दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग की गई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में निरीक्षक उमा कुशवाह, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया सहित जबलपुर लोकायुक्त की टीम शामिल रही।

आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7, 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

भ्रष्टाचार पर फिर उठे सवाल

सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के मामलों पर लगातार कार्रवाई के बावजूद ऐसे मामलों का सामने आना चिंता का विषय है। सिवनी की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आम नागरिकों को न्याय पाने के लिए कितनी बाधाओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि, लोकायुक्त की इस त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश भी दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करने वालों को न्याय मिल सकता है और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सकता है।

SEONI: 6 महीने से पुलिस को चकमा दे रहा ‘गोलू पठान’ आखिरकार गिरफ्तार, बस स्टैंड से कोतवाली पुलिस ने दबोचा

सिवनी। अपराधियों और फरार आरोपियों के खिलाफ सिवनी पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले 6 महीनों से फरार चल रहे स्थाई वारंटी सोहेल खान उर्फ गोलू पठान को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे आरोपी को आखिरकार सिवनी बस स्टैंड से दबोच लिया गया।

जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सिवनी श्री कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन में जिलेभर में अपराधों की रोकथाम और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) सिवनी श्री सचिन परते के मार्गदर्शन में की जा रही है।

इसी विशेष अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़े एक प्रकरण में फरार चल रहे स्थाई वारंटी सोहेल खान उर्फ गोलू पठान की तलाश तेज कर दी थी। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सिवनी बस स्टैंड क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

6 माह से था फरार

पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले लगभग छह महीनों से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ स्थाई वारंट जारी था। लगातार प्रयासों के बावजूद वह पुलिस गिरफ्त से बचता रहा, लेकिन आखिरकार कोतवाली पुलिस की सक्रियता के चलते उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिल गई।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान

  • नाम: सोहेल खान उर्फ गोलू पठान
  • पिता का नाम: सफीक खान
  • उम्र: 28 वर्ष
  • निवासी: बड़े मिशन स्कूल के पीछे, सिवनी

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई को सफल बनाने में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में शामिल पुलिसकर्मियों का योगदान सराहनीय रहा।

विशेष रूप से—

  • प्रधान आरक्षक मनोज मरावी
  • आरक्षक प्रतीक बघेल
  • आरक्षक सतीश इनवाती
  • आरक्षक सिद्धार्थ दुबे
  • आरक्षक अजेंद्र पाल

ने आरोपी की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अपराधियों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

सिवनी पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध पर नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए फरार आरोपियों और वारंटियों के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून से बचने की कोशिश करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बनी गिरफ्तारी

बस स्टैंड जैसे व्यस्त इलाके से लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद शहर में यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों ने पुलिस की तत्परता और सक्रियता की सराहना की है।

सिवनी को मिला नया जिला आपूर्ति अधिकारी: अब राशन व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव, देवेंद्र सिंह खोबरिया संभालेंगे कमान

सिवनी। मध्यप्रदेश शासन ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सिवनी जिले को नया जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) नियुक्त किया है। जारी स्थानांतरण आदेश के अनुसार देवेंद्र सिंह खोबरिया का तबादला नरसिंहपुर जिले से सिवनी किया गया है। माना जा रहा है कि वे जल्द ही सिवनी पहुंचकर अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। शासन के इस निर्णय के बाद जिले के राशन हितग्राहियों, उचित मूल्य दुकान संचालकों और विभागीय कर्मचारियों की नजर अब नए अधिकारी की कार्यशैली पर टिक गई है।

प्रदेश स्तर पर हुए प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है तबादला

जानकारी के मुताबिक, राज्य शासन द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कई अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इसी क्रम में देवेंद्र सिंह खोबरिया को सिवनी जिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रशासनिक हलकों में इस बदलाव को विभागीय व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है। सिवनी जैसे बड़े जिले में जिला आपूर्ति अधिकारी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि जिले की लाखों आबादी सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर निर्भर रहती है।

नए डीएसओ के सामने होंगी कई बड़ी चुनौतियां

देवेंद्र सिंह खोबरिया के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी जिले में राशन वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की होगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार उन्हें कई अहम मुद्दों पर विशेष ध्यान देना होगा, जिनमें शामिल हैं—

  • उचित मूल्य दुकानों की नियमित निगरानी,
  • पात्र हितग्राहियों तक समय पर राशन पहुंचाना,
  • पीडीएस व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना,
  • राशन वितरण से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निराकरण,
  • खाद्यान्न भंडारण और वितरण प्रणाली की प्रभावी मॉनिटरिंग,
  • विभागीय कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।

इन जिम्मेदारियों के सफल निर्वहन से जिले की खाद्य आपूर्ति व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

हितग्राहियों को नई उम्मीद

सिवनी जिले के हजारों परिवार हर महीने सरकारी राशन व्यवस्था का लाभ उठाते हैं। ऐसे में नए जिला आपूर्ति अधिकारी की नियुक्ति को लेकर आम लोगों के बीच भी उम्मीदें बढ़ गई हैं। लोगों का मानना है कि यदि निगरानी व्यवस्था मजबूत हुई और शिकायतों का समय पर समाधान हुआ, तो पीडीएस प्रणाली पहले से अधिक प्रभावी बन सकती है।

वहीं विभागीय कर्मचारियों के लिए भी यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नए अधिकारी की कार्यशैली और प्रशासनिक प्राथमिकताएं आने वाले समय में विभाग के कामकाज की दिशा तय करेंगी।

तत्काल प्रभाव से लागू होगा आदेश

बताया जा रहा है कि राज्य शासन का यह स्थानांतरण आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। संबंधित अधिकारियों को शीघ्र ही अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में देवेंद्र सिंह खोबरिया के जल्द ही सिवनी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

अब जिलेवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नए जिला आपूर्ति अधिकारी सिवनी की राशन व्यवस्था में किस प्रकार के सुधारात्मक कदम उठाते हैं और आम उपभोक्ताओं को इसका कितना लाभ मिलता है।

सिवनी जिले में नए जिला आपूर्ति अधिकारी के रूप में देवेंद्र सिंह खोबरिया की नियुक्ति केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में उनकी कार्यशैली और निर्णय जिले की राशन व्यवस्था की तस्वीर बदल सकते हैं।