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सिवनी कलेक्टर कार्यालय परिसर में धारा 163 लागू: प्रतिबंधात्‍मक आदेश जारी

सिवनी: अपर कलेक्‍टर एवं अतिरिक्‍त जिला दण्डाधिकारी सुश्री सुनीता खंडायत द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत कलेक्टर कार्यालय परिसर में कानून-व्यवस्था एवं लोक शांति बनाए रखने हेतु प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।

जारी आदेशानुसार कलेक्टर कार्यालय परिसर में बिना पूर्व अनुमति पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही परिसर में किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, जुलूस या रैली निकालने तथा बिना अनुमति ज्ञापन देने हेतु प्रवेश करना भी पूर्णतः वर्जित रहेगा। कोई भी व्यक्ति लाठी, डंडा या अन्य किसी प्रकार के हथियार लेकर परिसर में प्रवेश नहीं करेगा।

ज्ञापन प्रस्तुत करने के इच्छुक व्यक्तियों को पूर्व सूचना अनुविभागीय दण्डाधिकारी/कार्यपालिक दण्डाधिकारी सिवनी को देना अनिवार्य होगा।
यदि किसी को ज्ञापन देने की अनुमति प्रदान की जाती है, तो समूह में से केवल एक अधिकृत प्रतिनिधि ही कार्यालय में प्रवेश करेगा तथा संबंधित कार्यपालिक दण्डाधिकारी के मार्गदर्शन में ज्ञापन प्रस्तुत करेगा। ज्ञापन प्राप्ति कार्यालय के भीतर अथवा बाहर, संबंधित अधिकारी के विवेकानुसार की जाएगी।

इसके अतिरिक्त, परिसर में किसी भी प्रकार के भड़काऊ नारे, सामाजिक वैमनस्यता फैलाने वाले कथन या किसी व्यक्ति विशेष की मानहानि करने वाले वक्तव्य पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। सभी ज्ञापन अनुविभागीय दण्डाधिकारी कार्यालय में कार्यपालिक दण्डाधिकारी एवं थाना प्रभारी की उपस्थिति में स्वीकार किए जाएंगे।

यह आदेश कलेक्टर कार्यालय परिसर में आमजन पर लागू रहेगा, शासकीय कर्तव्य पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस बल, मजिस्ट्रेट तथा शासन द्वारा आयोजित बैठकों में आमंत्रित व्यक्तियों को इससे छूट प्रदान की गई है। उक्त आदेश जारी होने की तिथि से दो माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगा।

सिवनी: सरकारी जमीन पर दबंगों का कब्जा! कोर्ट के आदेश भी बेअसर, विरोध करने पर फर्जी केस का आरोप – सिवनी से चौंकाने वाला मामला

Seoni News। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के भोमा तहसील अंतर्गत ग्राम किरकिरंजी (पोस्ट हिनोतिया, थाना कन्हीवाड़ा) में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जा और निर्माण का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।

ग्राम निवासी धर्मराज साहू (पिता श्री राम साहू) ने इस संबंध में प्रशासन से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि उनकी निजी भूमि से सटी शासकीय रास्ता भूमि (खसरा नंबर 34/1, रकबा 0.03 हेक्टेयर) पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा कर अवैध निर्माण किया जा रहा है।

आवागमन बाधित, ग्रामीणों को हो रही परेशानी

आवेदक के अनुसार, उक्त शासकीय भूमि वर्षों से आम रास्ते के रूप में उपयोग में रही है। लेकिन अब पुसूलाल बोनिया (पिता लक्ष्मण बोनिया) एवं उनके पुत्र राकेश बोनिया द्वारा इस जमीन पर मकान निर्माण कर लिया गया है, जिससे न केवल आवेदक बल्कि पूरे गांव के लोगों के आने-जाने में भारी दिक्कतें उत्पन्न हो रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह कब्जा नहीं हटाया गया तो भविष्य में रास्ता पूरी तरह बंद हो सकता है।

कोर्ट के आदेशों की खुलेआम अवहेलना!

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अवैध कब्जा हटाने के लिए पहले ही न्यायालय आदेश जारी कर चुका है।

  • राजस्व न्यायालय तहसीलदार सिवनी (भोमा) द्वारा
    • प्रकरण क्रमांक 2/अ-68/2013-14
    • प्रकरण क्रमांक 16/अ-70/2015-16
  • सिविल न्यायालय (षष्ठम व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खंड, जिला सिवनी)
    • प्रकरण क्रमांक RCS 13A/2018

इन सभी मामलों में अवैध कब्जा हटाने के स्पष्ट आदेश दिए गए थे, लेकिन आरोप है कि इन आदेशों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

विरोध करने पर झूठे केस का आरोप

धर्मराज साहू का आरोप है कि जब भी वे इस अवैध निर्माण का विरोध करते हैं, तो उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत झूठी शिकायतें दर्ज कराई जाती हैं, जिससे उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।

यह आरोप यदि सही साबित होता है, तो यह कानून के दुरुपयोग का गंभीर मामला माना जाएगा।

प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठे सवाल

आवेदक ने स्थानीय प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि—

  • थाना कन्हीवाड़ा
  • राजस्व विभाग
  • ग्राम पंचायत (सरपंच-सचिव)

सभी को जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे प्रशासनिक उदासीनता और संभावित संरक्षण की आशंका जताई जा रही है।

आवेदक की मांग: तुरंत हटे अवैध कब्जा

धर्मराज साहू ने प्रशासन से मांग की है कि—

  • शासकीय भूमि से तत्काल अवैध कब्जा हटाया जाए
  • न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाए
  • दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
  • झूठे मामलों की निष्पक्ष जांच हो

क्या कहते हैं जानकार?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा होता है और न्यायालय द्वारा आदेश जारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो यह न केवल कानून की अवहेलना है बल्कि प्रशासनिक विफलता भी मानी जाती है।

सिवनी का यह मामला अब प्रशासन की कार्यशैली पर एक बड़ा सवाल बन चुका है। एक ओर न्यायालय के आदेश हैं, तो दूसरी ओर उनका पालन न होना गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।

सिवनी के नए एसपी होंगे कृष्ण लालचंदानी : सिवनी को मिला नया युवा एसपी, एमपी में एक साथ 62 IPS अफसरों का तबादला

Seoni New SP News – सिवनी : मध्यप्रदेश में पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक भूचाल देखने को मिला है। राज्य सरकार के गृह विभाग ने एक साथ 62 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं, जिससे कई जिलों में पुलिस नेतृत्व पूरी तरह बदल गया है। इस बड़े फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा सिवनी जिले की हो रही है, जहां नए और युवा आईपीएस अधिकारी को कमान सौंपी गई है।

सिवनी को मिला नया पुलिस कप्तान

मध्यप्रदेश शासन के आदेश के अनुसार, 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी कृष्ण लालचंदानी को सिवनी का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है।

युवा, ऊर्जावान और तेज-तर्रार अधिकारी के रूप में उनकी पहचान पहले से ही प्रशासनिक गलियारों में चर्चा में रही है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को जिले के लिए एक सकारात्मक और निर्णायक बदलाव माना जा रहा है।

सिर्फ सिवनी ही नहीं, कई जिलों में बड़ा फेरबदल

इस बड़े ट्रांसफर में केवल सिवनी ही नहीं, बल्कि प्रदेश के कई अहम जिलों के एसपी भी बदले गए हैं।

👉 सूत्रों के मुताबिक:

  • लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को हटाया गया
  • कई युवा अधिकारियों को फील्ड में जिम्मेदारी दी गई
  • प्रशासनिक कसावट बढ़ाने पर जोर दिया गया

यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

फील्ड पोस्टिंग पर खास फोकस

गृह विभाग ने इस बार तबादलों में खास तौर पर फील्ड पोस्टिंग को प्राथमिकता दी है। इसका मकसद है:

✔️ जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत करना
✔️ जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय
✔️ अपराध नियंत्रण में तेजी

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव आने वाले समय में अपराध दर पर सीधा असर डाल सकता है

क्या बदलेगा अब सिवनी में?

नए एसपी की नियुक्ति के बाद जिले में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं:

  • अपराध नियंत्रण पर सख्त एक्शन
  • पुलिस की जवाबदेही बढ़ेगी
  • जनता से सीधे संवाद की संभावना
  • नए ऑपरेशन और अभियान शुरू हो सकते हैं

स्थानीय लोगों में भी इस बदलाव को लेकर उम्मीद और उत्साह देखा जा रहा है।

इन अफसरों के तबादले

क्र.अधिकारी का नामवर्तमान पदस्थापनानवीन पदस्थापना
1रवि कुमार गुप्ताADG रेल, भोपालADG प्रशिक्षण, भोपाल
2राजाबाबू सिंहADG प्रशिक्षणADG रेल, भोपाल
3डी.पी. गुप्ताADG शिकायत/मानव अधिकारADG सामुदायिक पुलिसिंग
4सोलोमन मिंजADG PHQADG शिकायत/मानव अधिकार
5अमित सिंहअतिरिक्त पुलिस आयुक्त, इंदौरDIG विसबल
6अवधेश गोस्वामीअतिरिक्त पुलिस आयुक्त, भोपालDIG PHQ
7अमित सांधीDIG ग्वालियरDIG SAF, भोपाल
8वीरेन्द्र कुमार सिंहDIG चयन, PHQDIG नर्मदापुरम
9प्रशांत खरेDIG नर्मदापुरमDIG PHQ
10मनीष अग्रवालDIG SAFDIG PHQ
11मनोज कुमार रायSP खंडवाDIG PHQ
12रियाज इकबालSP रेडियोDIG PHQ
13राहुल कुमार लोढ़ाSP रेलDIG PHQ
14सिमाला प्रसादSP रेल जबलपुरDIG PHQ
15अमित यादवSP भिंडDIG ग्वालियर
16विवेक सिंहDCP भोपालDIG शहडोल
17शैलेन्द्र सिंह चौहानSP रीवाअतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल
18कुमार प्रतीकDCP इंदौरDIG नारकोटिक्स
19शिव दयालSP झाबुआDIG PHQ
20मयंक अवस्थीSP धारअतिरिक्त पुलिस आयुक्त इंदौर
21अरविंद तिवारीAIG PHQसेनानी, 4वीं बटालियन
22सूरज वर्माSP दतियाSP भिंड
23यांगचेन डोलकरSP इंदौर देहातSP शिवपुरी
24गुरकरण सिंहसेनानीSP रीवा
25दीपक शुक्लाSP सीहोरसेनानी SAF
26अमन सिंह राठौड़SP शिवपुरीDCP इंदौर
27अनुराग सुजानियाAIG PHQSP सागर
28सचिन शर्माप्रतिनियुक्तिSP धार
29वाहिनी सिंहSP डिंडोरीSP PTS इंदौर
30विकास सहवालSP सागरDCP भोपाल
31धर्मराज मीणाSAFSP मुरैना
32समीर सौरभSP मुरैनाSP रेडियो भोपाल
33रजत सकलेचाSP मंडलाSP छतरपुर
34अगम जैनSP छतरपुरSP खंडवा
35सुंदर सिंह कनेशSP पांढुर्णा SP रेल जबलपुर
36सुनील कुमार मेहताSP सिवनीDCP इंदौर
37राजेश व्यासDCP इंदौरSP नीमच
38विनोद कुमार सिंहSP आगर मालवासेनानी विसबल
39पंकज कुमार पांडेAIG PHQSP देहात भोपाल
40प्रकाश चन्द्र परिहारDCP इंदौरSP पांढुर्णा
41दिलीप कुमार सोनीSP मऊगंजSP आगर मालवा
42राजेन्द्र कुमार वर्माSP PTS इंदौरSP देहात इंदौर
43विक्रांत मुरावAIG PHQSP अनूपपुर
44सुरेन्द्र कुमार जैनSP PTS रीवाSP मऊगंज
45आशीष खरेविशेष शाखा जबलपुरSP डिंडोरी
46अंकित जायसवालSP नीमचSP रेल भोपाल
47राजेश रघुवंशीअतिरिक्त SP खंडवाSP मंडला
48मोतीउर रहमानSP अनूपपुरसेनानी SAF रीवा
49श्रुतकीर्ति सोमवंशीSP दमोहसेनानी SAF ग्वालियर
50मयूर खंडेलवालDCP भोपालSP दतिया
51सोनाक्षी सक्सेनाDCP भोपालSP सीहोर
52शिराज के.एम.हॉकफोर्स बालाघाटSP सिंगरौली
53आनंद कलादगीDCP इंदौरSP दमोह
54कृष्ण लालचंदानी DCP इंदौरSP सिवनी
55आयुष गुप्ताअतिरिक्त SP जबलपुरDCP भोपाल
56आदर्शकांत शुक्लाएंटी नक्सल बालाघाटDCP भोपाल
57नरेन्द्र रावतराजभवन परिसहायDCP इंदौर
58अभिषेक रंजनअतिरिक्त SP उज्जैनDCP इंदौर
59राहुल देशमुखCSP उज्जैनराजभवन परिसहाय
60रामशरण प्रजापतिSP, देहात, भोपालएआईजी पीएचक्यू
61मनीष खत्रीSP सिंगरौलीAIG PHQ भोपाल
62देवेंद्र कुमार पाटीदारSP बुरहानपुरSP झाबुआ

सरकार का बड़ा संदेश

राज्य सरकार का यह फैसला साफ संकेत देता है कि प्रशासन अब परफॉर्मेंस बेस्ड सिस्टम पर ज्यादा ध्यान दे रहा है।

➡️ लगातार ट्रांसफर और नई पोस्टिंग से यह संदेश भी गया है कि
“काम करो या हटो” की नीति अब सख्ती से लागू हो रही है।

मध्यप्रदेश में हुए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को पुलिसिंग में सुधार की दिशा में एक मजबूत और जरूरी कदम माना जा रहा है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि नए एसपी कृष्ण लालचंदानी सिवनी में कानून-व्यवस्था को किस तरह नई दिशा देते हैं।

सिवनी राशन घोटाला: गरीबों का राशन अमीरों के घर! सिवनी में फ्री राशन योजना पर बड़ा खुलासा, SAMAGRA ID में हेरफेर का खेल

सिवनी, बरघाट, धारनाकला (एस. शुक्ला): देशभर में गरीबों के लिए चलाई जा रही मुफ्त राशन योजना अब कई जगह सवालों के घेरे में है। सिवनी जिले के बरघाट क्षेत्र से सामने आई स्थिति ने इस योजना की जमीनी हकीकत पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर गरीब परिवार राशन के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आते हैं, वहीं दूसरी ओर आर्थिक रूप से संपन्न लोग भी इस योजना का लाभ उठाते दिख रहे हैं।

नियमों के बावजूद अमीर उठा रहे लाभ

सरकारी नियमों के अनुसार जिन परिवारों के पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, 100 वर्ग मीटर से अधिक का मकान या प्लॉट, या जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक है, वे मुफ्त राशन योजना के पात्र नहीं होने चाहिए।

लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है। गांवों में ऐसे कई परिवार हैं जिनके पास पक्के मकान, वाहन और लाखों की आय है, फिर भी वे सरकारी राशन का लाभ ले रहे हैं।

दबंगई के दम पर पहले मिलता है राशन

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव के प्रभावशाली और संपन्न लोग राशन दुकान पर पहुंचते ही प्राथमिकता मांगते हैं।

  • वे लाइन में लगना अपनी शान के खिलाफ मानते हैं
  • राशन विक्रेताओं पर दबाव बनाकर पहले राशन लेते हैं
  • यदि उनकी मांग पूरी न हो, तो विवाद की स्थिति बन जाती है

राशन विक्रेताओं का कहना है कि वे मजबूरी में ऐसे लोगों को पहले सेवा देते हैं, क्योंकि उन्हें शिकायतों और दबाव का सामना करना पड़ता है।

181 हेल्पलाइन का हो रहा दुरुपयोग

बताया जा रहा है कि कई संपन्न लोग 181 सीएम हेल्पलाइन का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए करते हैं।
कम कमीशन पर काम कर रहे राशन विक्रेता इस दबाव के चलते नियमों का पालन करने में असमर्थ हो जाते हैं।

वाहनों से पहुंचते हैं राशन लेने

हैरानी की बात यह है कि राशन दुकानों पर कई लाभार्थी टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर वाहनों से आते हैं, जबकि वे खुद को गरीब श्रेणी में दर्ज कराए हुए हैं।

PMGKAY योजना: गरीबों के लिए या सबके लिए?

भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधान मंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत पात्र राशन कार्ड धारकों को 2028 तक मुफ्त गेहूं और चावल प्रदान किया जा रहा है।

  • प्रति व्यक्ति 5 किलो राशन
  • अंत्योदय (AAY) परिवारों को 35 किलो तक राशन

लेकिन अब यह योजना कई जगह अमीरों के लिए भी “फायदे का सौदा” बनती जा रही है

समग्र परिवार ID में हेरफेर का खेल

जांच में यह भी सामने आया है कि कई परिवारों ने परिवार ID अलग-अलग बनवाकर योजना का लाभ कई हिस्सों में बांट लिया है।
जबकि वास्तविकता में पूरा परिवार एक साथ ही रहता है।

इसी तरह की गड़बड़ी प्रधान मंत्री आवास योजना में भी देखने को मिली है, जहां सक्षम लोगों ने भी सरकारी लाभ हासिल कर लिया।

90% गांव गरीब श्रेणी में? आंकड़े चौंकाने वाले

सबसे बड़ा सवाल यह है कि गांव के लगभग 90% लोग गरीबी रेखा में दर्ज हैं, जबकि उनके पास:

  • महंगे वाहन
  • बड़ी जमीन
  • आलीशान मकान

फिर भी सरकारी रिकॉर्ड में वे गरीब हैं।

क्या समाधान है? सरकार से उठी नई मांग

स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि:

  • नियमों में सख्ती लाई जाए
  • अपात्र लोगों को सूची से हटाया जाए
  • दबंग और संपन्न लोगों के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाए

कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया है कि ऐसे प्रभावशाली लोगों को घर पहुंच राशन सेवा दी जाए, ताकि राशन दुकानों पर विवाद और दबाव की स्थिति खत्म हो सके।

क्या जिला प्रशासन करेगा कार्रवाई?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर सख्त कदम उठाएगा या फिर गरीबों का हक यूं ही छीना जाता रहेगा?यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकार की सबसे बड़ी जनकल्याणकारी योजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठना तय है।

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सिवनी में 3 मई तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट! कलेक्टर ने जारी की बड़ी चेतावनी-किसानों की एक गलती पड़ सकती है भारी

सिवनी: सिवनी जिले में आने वाले दिनों में मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, 3 मई तक जिले में बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके साथ ही अगले 5 दिनों के लिए वर्षा का अलर्ट भी जारी किया गया है। इस संभावित मौसम बदलाव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।

जिले की कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने आम नागरिकों और खासतौर पर किसानों को सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि, “थोड़ी सी लापरवाही भी भारी नुकसान का कारण बन सकती है, इसलिए सभी लोग समय रहते जरूरी एहतियात जरूर अपनाएं।”

मौसम विभाग की चेतावनी: अचानक बदल सकता है मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम तंत्र के सक्रिय होने के कारण जिले में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। ऐसे में खुले में रखी फसल, निर्माण सामग्री और अन्य वस्तुएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश किसानों के लिए जितनी फायदेमंद हो सकती है, उतनी ही नुकसानदेह भी साबित हो सकती है—अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई।

किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी: बचाएं अपनी मेहनत की कमाई

जिला प्रशासन ने किसानों के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं, जिन्हें अपनाकर संभावित नुकसान से बचा जा सकता है:

  • खुले में रखी गेहूं व अन्य फसल को तुरंत सुरक्षित स्थान पर रखें।
  • तिरपाल या प्लास्टिक से उपज को अच्छी तरह ढकें, ताकि बारिश का पानी अंदर न जा सके।
  • उपार्जन केंद्रों और खेतों में रखी फसल की नियमित निगरानी करें।
  • जहां संभव हो, फसल को गोदाम या सुरक्षित भंडारण स्थल में शिफ्ट करें।

नागरिकों के लिए भी अलर्ट: रहें सतर्क

केवल किसान ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को भी इस मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

  • तेज हवाओं के दौरान पेड़ों या कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचें
  • बिजली गिरने की आशंका होने पर खुले स्थानों से दूर रहें
  • अनावश्यक यात्रा से बचें

प्रशासन पूरी तरह तैयार, राहत टीम अलर्ट पर

जिला प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है। राजस्व, कृषि और आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

विशेषज्ञों की राय: “सावधानी ही बचाव है”

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसान समय पर फसल को सुरक्षित कर लेते हैं, तो नुकसान की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है। मौसम के इस बदलाव को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

आगामी दिनों में मौसम की स्थिति को देखते हुए हर व्यक्ति को सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करके ही संभावित नुकसान से बचा जा सकता है।

👉 याद रखें: आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।

सिवनी कलेक्टर के आदेश जिला चिकित्सालय के लिए बेअसर: 15 दिन बाद भी नहीं सुधरे हालात! सिवनी जिला अस्पताल में मरीज बेहाल

सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला चिकित्सालय सिवनी में अव्यवस्थाओं का आलम ऐसा है कि कलेक्टर के सख्त निर्देश भी बेअसर साबित हो रहे हैं।

15 अप्रैल को नेहा मीना द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के बाद सुधार के कई निर्देश दिए गए थे, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी अस्पताल की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

पैथालॉजी की फ़ोटो – भीषण गर्मी में भीड़ का आलम

ओपीडी से लेकर पैथोलॉजी तक अव्यवस्था का साम्राज्य

जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है, लेकिन व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं। गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए अलग प्रतीक्षा क्षेत्र बनाने के निर्देश दिए गए थे, पर आज भी वहां बैठने के लिए बेंच तक उपलब्ध नहीं हैं।

मरीजों को घंटों खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ रही है।

ओपीडी जहां आज भी पैरामेडिकल कालेज की प्रशिक्षु स्टूडेंट दवाई लिख रही है।

टोकन सिस्टम गायब, मार्गदर्शन का कोई इंतजाम नहीं

अस्पताल में टोकन सिस्टम लागू करने और विभागों तक पहुंचने के लिए मैप लगाने के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि:

  • टोकन सिस्टम अब तक शुरू नहीं हुआ
  • मार्गदर्शन के लिए कोई मैप उपलब्ध नहीं
  • फ्लेक्स बोर्ड मरीजों के लिए भ्रम पैदा कर रहे हैं

इस कारण अस्पताल परिसर में अव्यवस्था और भी बढ़ गई है।

दवा वितरण में भारी गड़बड़ी, मरीज हो रहे परेशान

डॉक्टर ओपीडी पर्ची में दवाएं लिख रहे हैं, लेकिन मरीजों को अलग से दवा पर्ची बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि निजी पैरामेडिकल कॉलेज की छात्राएं दवा पर्ची लिखती नजर आईं, जो नियमों के खिलाफ है।

पैथालॉजी की इस जगह पर वेटिंग एरिया बनना था वह जगह

शाम की ओपीडी में डॉक्टरों की भारी कमी

कलेक्टर ने सुबह-शाम पर्याप्त डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन:

  • शाम के समय सिर्फ 1-2 डॉक्टर ही मौजूद
  • मरीजों की लंबी कतार
  • इलाज में देरी

यह स्थिति स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीरता को दर्शाती है।

पैथोलॉजी लैब में लापरवाही, प्रशिक्षु कर रहे ब्लड कलेक्शन

पैथोलॉजी लैब और ब्लड कलेक्शन सेंटर की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।

  • बैठने की कोई उचित व्यवस्था नहीं
  • लंबी कतारों में खड़े मरीज
  • डिजिटल सिस्टम लागू नहीं

सबसे गंभीर मामला यह सामने आया कि प्रशिक्षु लैब तकनीशियन सीधे ब्लड सैंपल ले रहे हैं, जबकि नियमों के अनुसार उन्हें अनुभवी तकनीशियन की निगरानी में काम करना चाहिए। यह मरीजों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है।

पुलिस चौकी का आदेश भी अधूरा

आकस्मिक चिकित्सा कक्ष के पास सीटी स्कैन क्षेत्र में पुलिस चौकी खोलने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन इस पर भी कोई अमल नहीं हुआ है।

कागजों में सिमटे आदेश, जमीनी हकीकत बदहाल

कलेक्टर नेहा मीना ने साफ कहा था कि अस्पताल में भीड़ नहीं होनी चाहिए और मरीजों को सुविधाजनक वातावरण मिलना चाहिए. लेकिन 15 दिन बाद भी हालात में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता के चलते अधिकांश निर्देश केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। यह स्थिति न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

IPL सट्टे का बड़ा खुलासा! सिवनी में पुलिस की रेड, मोबाइल से चल रहा था ऑनलाइन जुआ- शुभम गिरफ्तार, प्रफुल फरार

सिवनी। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में आईपीएल सट्टेबाजी पर पुलिस ने एक बार फिर बड़ा एक्शन लेते हुए एक सटोरी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई ने ऑनलाइन सट्टे के बढ़ते नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एंड्रॉइड मोबाइल और नकदी जब्त की है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।

मुखबिर की सूचना बनी कार्रवाई का आधार

जानकारी के अनुसार, दिनांक 27 अप्रैल 2026 को कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे, सिवनी क्षेत्र में एक व्यक्ति आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर मौके पर दबिश दी।

घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा गया

पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की, जहां एक युवक मोबाइल पर आईपीएल मैच देखते हुए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर रहा था। पुलिस को देखते ही वह मोबाइल छुपाने लगा, लेकिन पुलिस की तत्परता के चलते उसे मौके पर ही दबोच लिया गया।

आरोपी की पहचान और सट्टा नेटवर्क का खुलासा

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शुभम पटेल (उम्र 29 वर्ष) निवासी अकबर वार्ड, बारापत्थर, सिवनी बताया। आरोपी ने कबूल किया कि वह डूण्डासिवनी निवासी प्रफुल्ल यादव के लिए कमीशन पर काम करता था और व्हाट्सएप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा खिलाता था।

बताया जा रहा है कि आरोपी आईपीएल के दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच खेले जा रहे मैच पर दांव लगवा रहा था।

मोबाइल और नकदी जब्त

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से

  • एक वनप्लस कंपनी का एंड्रॉइड मोबाइल (कीमत लगभग ₹20,000)
  • ₹5100 नकद

जब्त किए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जुआ-सट्टा संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फरार आरोपी की तलाश जारी

इस मामले में मुख्य संचालक बताए जा रहे प्रफुल्ल यादव निवासी टैगोर वार्ड, डूण्डासिवनी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देशन में की गई। साथ ही एडिशनल एसपी दीपक मिश्रा और एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने यह सफलता हासिल की।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही।

क्या कहती है पुलिस?

पुलिस का कहना है कि जिले में जुआ-सट्टा और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सिवनी: रात के अंधेरे में किसान से 1.40 लाख की लूट! पुलिस ने 7 दिन में किया बड़ा खुलासा – 3 आरोपी गिरफ्तार, चौंकाने वाला सच आया सामने

सिवनी (मध्यप्रदेश): लखनवाड़ा थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज लूट की घटना का पुलिस ने महज कुछ दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूट की रकम, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

यह पूरी घटना क्षेत्र में डर और दहशत का माहौल पैदा करने वाली थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने लोगों को राहत दी है।

कैसे हुई वारदात: किसान से लूटे गए 1.40 लाख रुपए

चौरई मंडी से गेहूं बेचकर लौट रहे किसान शिवकुमार वर्मा (42 वर्ष) अपने पिता के साथ 17 अप्रैल 2026 की रात लगभग 9:30 बजे गांव लौट रहे थे।

जैसे ही वे कोहका गांव के पास पहुंचे, पीछे से बाइक पर आए अज्ञात बदमाशों ने उन पर डंडों से हमला कर दिया।

हमलावरों ने मारपीट कर उन्हें डराया-धमकाया और 1,40,000 रुपए की नकदी लूटकर फरार हो गए। इस घटना के बाद थाना लखनवाड़ा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस की रणनीति: तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र का सहारा

पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता के निर्देशन में टीम गठित की गई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा और एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में पुलिस ने घटनास्थल से लेकर संभावित भागने के रास्तों तक गहन जांच की।

तकनीकी साक्ष्य और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों की पहचान की और मुखबिर तंत्र सक्रिय किया।

चौरई बायपास पर घेराबंदी, तीनों आरोपी गिरफ्तार

25 अप्रैल 2026 को सूचना मिली कि आरोपी चौरई बायपास के पास फिर किसी वारदात की फिराक में घूम रहे हैं।

तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने लूट की वारदात कबूल कर ली।

कौन हैं आरोपी? (क्रिमिनल बैकग्राउंड भी सामने आया)

  1. संदीप बघेल (30 वर्ष) – हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में पहले से आरोपी
  2. अभय उर्फ गब्बर (19 वर्ष) – मारपीट का मामला दर्ज
  3. रोहित उर्फ विक्की (23 वर्ष) – चोरी के प्रयास के 2 मामले दर्ज

इन आरोपियों का आपराधिक इतिहास सामने आने के बाद पुलिस ने इनके नेटवर्क की भी जांच शुरू कर दी है।

बरामदगी: लूट का बड़ा हिस्सा मिला वापस

पुलिस ने आरोपियों से:

  • ₹1,22,000 नकद
  • 1 मोटरसाइकिल
  • 3 मोबाइल फोन

बरामद किए हैं। कुल बरामद संपत्ति की कीमत लगभग ₹1,59,000 बताई गई है।

पुलिस टीम का सराहनीय कार्य

इस पूरे ऑपरेशन में थाना लखनवाड़ा और चौरई पुलिस के कई अधिकारियों और सायबर सेल टीम ने अहम भूमिका निभाई। उनकी सतर्कता और तेज कार्रवाई के कारण यह मामला जल्दी सुलझ सका।

क्षेत्र में बढ़ी सुरक्षा, पुलिस का संदेश

पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि रात में यात्रा करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।