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Diwali 2024: जानिए कब है दीपावली, छोटी दिवाली, धनतेरस और लक्ष्मी पूजा

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Diwali 2024: रोशनी का त्यौहार दिवाली, भारत और दुनिया भर में भारतीय समुदायों के बीच बड़े धूमधाम से मनाए जाने वाले भव्य और शुभ हिंदू त्यौहारों में से एक है। इसे दीपावली भी कहा जाता है, यह त्यौहार अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार, दिवाली कार्तिक के 15वें दिन मनाई जाती है, जो साल की सबसे अंधेरी रात होती है। इस त्यौहार के दौरान, लोग दीये जलाते हैं, रंगोली बनाते हैं और अपने घरों को सजाने के लिए रोशनी का इस्तेमाल करते हैं।

पारंपरिक रूप से पाँच दिनों तक मनाए जाने वाले दिवाली में कई तरह के उत्सव और अनुष्ठान होते हैं। यहाँ इस साल का पूरा दिवाली कैलेंडर दिया गया है, जिसमें दिवाली (Diwali) , छोटी दिवाली (Choti Diwali), धनतेरस (Dhanteras), लक्ष्मी पूजा (Laxmi Pooja), भाई दूज (Bhai Dooj) और अन्य तिथियाँ शामिल हैं:

दिवाली 2024 कब है: 31 या 1?

दिवाली का भव्य त्यौहार गुरुवार, 31 अक्टूबर 2024 को मनाया जाएगा। द्रिक पंचांग के अनुसार, छोटी दिवाली और लक्ष्मी पूजा एक ही दिन मनाई जाएगी। नीचे दिए गए शुभ मुहूर्त ध्यान में रखने योग्य हैं: 

  • लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 06:52 बजे से रात 08:41 बजे तक
  • प्रदोष काल: शाम 06:10 बजे से रात 08:52 बजे तक
  • वृषभ काल: शाम 06:52 बजे से रात 08:41 बजे तक
  • अमावस्या तिथि प्रारंभ 31 अक्टूबर 2024 को प्रातः 06:22 बजे
  • अमावस्या तिथि 1 नवंबर 2024 को सुबह 8:46 बजे समाप्त होगी

दिवाली 2024 कैलेंडर

दिन 1: धनतेरस तिथि और महत्व

दिवाली का जश्न धनतेरस से शुरू होता है। इस साल यह 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस खास मौके पर भक्त धन और सफलता की कामना करते हैं और भगवान कुबेर और देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं। धनतेरस पर सोने के सिक्के, बार और आभूषण खरीदे जाते हैं।

दिन 2: छोटी दिवाली तिथि और महत्व

दिवाली उत्सव के दूसरे दिन छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। इस साल यह 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी। यह भगवान कृष्ण की दुष्ट नरकासुर के खिलाफ जीत का जश्न मनाता है।

दिन 3: दिवाली और लक्ष्मी पूजा की तिथि और महत्व

इस साल दिवाली और लक्ष्मी पूजा नरक चतुर्दशी के साथ एक ही दिन होगी। यह 31 अक्टूबर 2024 को होगी। दिवाली के दिन भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण अयोध्या लौटते हैं। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का भी प्रतीक है।

दिन 4: गोवर्धन पूजा तिथि और महत्व

दिवाली के बाद, गोवर्धन पूजा शनिवार, 2 नवंबर, 2024 को मनाई जाएगी। यह गोवर्धन पर्वत की पूजा के लिए समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान कृष्ण ने पर्वत को उठाकर मथुरा के लोगों को भगवान इंद्र से बचाया था।

दिन 5: भाई दूज तिथि और महत्व

दिवाली का पांच दिवसीय उत्सव भाई दूज के शुभ त्योहार के साथ समाप्त होता है। इसे भाऊ बीज और भैया दूज भी कहा जाता है, यह विशेष अवसर बहनों और भाइयों के बीच विशेष बंधन का सम्मान करता है। इस साल भाई दूज 3 नवंबर, 2024 को मनाया जाएगा।

स्वामी रामभद्राचार्य ने अभिनव अरोड़ा के लिए कहा इतना मुर्ख लड़का है वो – देखें वीडियो

हिंदू आध्यात्मिक नेता स्वामी रामभद्राचार्य को 10 वर्षीय अभिनव अरोड़ा, जिन्हें लोकप्रिय रूप से ‘बाल संत बाबा’ के नाम से भी जाना जाता है, की आलोचना करते देखा गया। अभिनव देश के सबसे युवा, स्वयंभू आध्यात्मिक उपदेशक हैं।

स्वामी रामभद्राचार्य ने हाल ही में अभिनव पर टिप्पणी की थी, क्योंकि कुछ लोगों ने दावा किया था कि यह युवा लड़का आध्यात्मिक होने का दिखावा कर रहा है।

जब एक पत्रकार ने स्वामी रामभद्राचार्य से बच्चों द्वारा संतों की तरह प्रवचन दिए जाने के बारे में उनके विचार पूछे, तो उन्होंने जवाब दिया, “यह दुर्भाग्य है।” आध्यात्मिक नेता ने अभिनव अरोड़ा की आलोचना करते हुए उन्हें “मूर्ख” लड़का बताया।

स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा दिए गए बयान में आगे कहा गया, “इतना मूर्ख लड़का है वो। वो कहता है कि कृष्ण उसके साथ पढ़ते हैं…भगवान क्या उसके साथ पड़ेंगे? मैंने तो वृन्दावन में भी उसको डांटा था।” उनका कहना है कि भगवान कृष्ण उनके साथ पढ़ते हैं…क्या भगवान उनके साथ पढ़ेंगे? मैंने उन्हें वृन्दावन में भी डांटा था)। 

बताया जा रहा है कि हाल ही में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान स्वामी रामभद्राचार्य ने अभिनव को मंच से नीचे उतरने के लिए कहा था. उन्होंने कहा, “आप पहले नीचे जाओ। इनको कहो नीचे जाने के लिए। मर्यादा है मेरी।”

वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जहां कई उपयोगकर्ताओं ने अभिनव के व्यवहार की आलोचना की है; अन्य ने इस धार्मिक प्रथा के लिए उसे प्रोत्साहित करने के लिए उसके पिता तरुण राज अरोड़ा को दोषी ठहराया है।

Who is Abhinav Arora? अभिनव अरोड़ा कौन हैं?

अभिनव अरोड़ा देश के सबसे कम उम्र के 10 वर्षीय, स्वघोषित आध्यात्मिक उपदेशक हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 9.58 लाख, फेसबुक पर 2.2 लाख और यूट्यूब चैनल पर 1.3 लाख सब्सक्राइबर हैं। ज्ञान के अपने शब्दों और भगवान कृष्ण और राधा के प्रति अपनी भक्ति के कारण वे सोशल मीडिया पर बहुत जल्दी वायरल हो गए। हालाँकि, उनके फॉलोअर्स की संख्या से वे अप्रभावित हैं।

सिवनी से छिंदवाड़ा जा रही SMT बस की ट्रक से जोरदार टक्कर – Watch Video

सिवनी: सिवनी जिला मुख्यालय के लखनवाड़ा पुल के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ जिसमें सिवनी से छिंदवाड़ा के लिए जा रही SMT बस एक ट्रक से टकरा गई। इस दुर्घटना में बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन सौभाग्यवश सभी यात्री सुरक्षित हैं। यह घटना 25 अक्टूबर की शाम लगभग 4 से 5 बजे के बीच की है, जब बस यात्रियों को लेकर छिंदवाड़ा की ओर जा रही थी और सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि बस ड्राइवर की गलती थी। बस चालक यात्रियों से भरी बस को गलत साइड से ले जा रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। दीपावली के पहले यात्रियों की आवाजाही में बढ़ोतरी होती है, और ऐसे में ड्राइवर की लापरवाही एक बड़ी दुर्घटना में बदल सकती थी।

दुर्घटना के कारण और यातायात सुरक्षा

त्योहार के समय सड़कों पर भीड़भाड़ के चलते ऐसी दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। प्रशासन को ध्यान देना चाहिए कि ऐसे संवेदनशील मौकों पर बस और ट्रक ड्राइवरों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जाए। इसके साथ ही यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वाहनों की नियमित जांच भी महत्वपूर्ण है।

इस घटना से यह सीख मिलती है कि यातायात नियमों का पालन करना न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि इससे अप्रिय घटनाओं को भी रोका जा सकता है। प्रशासन और यातायात विभाग को इस दिशा में उचित कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

यात्री सुरक्षा के उपाय

सड़क पर हादसे न हों, इसके लिए जरूरी है कि यात्री और वाहन चालक दोनों ही यातायात नियमों का पालन करें। खासकर त्योहारों के सीजन में, प्रशासन को सड़कों पर यातायात का विशेष ध्यान रखना चाहिए और तेज़ रफ़्तार वाहन चलाने पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए।

सिवनी-छिंदवाड़ा मार्ग पर ऐसे संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि त्योहारों के समय यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकें।

घंसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ANM के साथ अभद्रता, सिवनी कलेक्टर से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग

सिवनी जिले के घंसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण दिवस पर पदस्थ एक एएनएम के साथ कुछ ग्रामीणों द्वारा अभद्रता करने और उसे अपशब्द कहते हुए ड्यूटी के दौरान रोकने की घटना सामने आई है। पीड़ित एएनएम ने बताया कि ड्यूटी के दौरान कुछ व्यक्तियों ने न केवल उसके साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि हाथ पकड़कर उसे रोका भी। इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई और प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन शासकीय कार्य में बाधा और चिकित्सा सेवा कर्मियों के संरक्षण से संबंधित अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध नहीं किया गया।

प्रशासन के सामने शिकायत

पीड़ित महिला एएनएम ने स्वयं माननीय कलेक्टर महोदय और जिला पुलिस अधीक्षक के समक्ष उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। न्यू बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने भी कलेक्टर महोदय से अपील की कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वास्थ्य कर्मियों के साथ इस प्रकार का उत्पीड़न अत्यंत दुखद और निंदनीय है।

डरी हुई हैं स्वास्थ्य कर्मी, सुरक्षा की मांग

घटना के बाद पीड़ित महिला स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि वह बेहद डरी हुई है और अब उस स्वास्थ्य केंद्र में कोई अन्य एएनएम या सीएचओ सेवा देने के लिए जाने को तैयार नहीं हैं। इस मामले में अपराधी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं, जिससे इलाके के स्वास्थ्य कर्मियों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

मांग: सुरक्षा और उचित कार्रवाई

पीड़ित एएनएम और वहां पदस्थ सीएचओ ने प्रशासन से सुरक्षा और संरक्षण की मांग की है। उन्होंने अपील की है कि प्रशासन इस मामले में तुरंत उचित कार्रवाई करे ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और स्वास्थ्य कर्मी निर्भय होकर अपनी सेवाएं दे सकें।

यह घटना न केवल महिला स्वास्थ्य कर्मियों के लिए एक बड़ा संकट है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि वे इस मामले में कठोर कदम उठाएं और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर न्याय दिलाएं।

सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते समय महिला स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे उत्पीड़न की घटनाएं उनके कामकाज पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं, जिससे जनता को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाती हैं। प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि सभी स्वास्थ्य कर्मी निर्भय होकर अपने कार्यों को जारी रख सकें।

जबलपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में भयंकर धमाका, 9 कर्मचारी घायल, 2 की मौत

Jabalpur Ordnance Factory Blast – जबलपुर जिले की ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में आज सुबह एक जबरदस्त धमाका हुआ, जिससे पूरा परिसर हिल उठा। फैक्ट्री में सेना के लिए बनाए जा रहे एरियल बम में धमाका हुआ, जिसमें 9 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और 2 कर्मचारियों की मौत की जानकारी सामने आ रही है। इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है।

धमाका कैसे हुआ?

सूत्रों के अनुसार, फैक्ट्री के 6 सेक्सन में एरियल बम के निर्माण के दौरान अचानक विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना तीव्र था कि पूरे फैक्ट्री परिसर में हड़कंप मच गया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, दो कर्मचारियों की मौत हो चुकी है।

फैक्ट्री का इतिहास:

ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया जबलपुर की एक महत्वपूर्ण फैक्ट्री है, जहां सेना के लिए विभिन्न प्रकार के हथियार और गोला-बारूद का निर्माण किया जाता है। यह फैक्ट्री पहले भी ऐसे हादसों की गवाह रही है, लेकिन इस बार का धमाका पहले के मुकाबले कहीं अधिक भयानक साबित हुआ है। फैक्ट्री में सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं बार-बार होना चिंता का विषय है।

धमाके के बाद की स्थिति:

विस्फोट की सूचना मिलते ही फैक्ट्री परिसर और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया। जांच के लिए एक टीम का गठन किया गया है जो इस घटना के कारणों का पता लगाएगी।

प्रशासन की प्रतिक्रिया:

प्रशासन ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। जबलपुर के जिला कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच के निर्देश दिए। साथ ही, फैक्ट्री के अन्य कर्मचारियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

जनता में आक्रोश:

स्थानीय नागरिकों और फैक्ट्री कर्मचारियों के परिवारों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि फैक्ट्री में बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं के कारण उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। वे प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत:

यह हादसा एक बार फिर से इस बात पर ध्यान आकर्षित करता है कि फैक्ट्री जैसी जगहों पर सुरक्षा के मानकों को और सख्त करने की जरूरत है। विस्फोटक सामग्री के साथ काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

घायलों की स्थिति:

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टर्स ने कहा है कि वे अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुछ कर्मचारियों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

जबलपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में हुए इस विस्फोट ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना फैक्ट्री प्रबंधन और सरकार के लिए एक चेतावनी है कि सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।

Earthquake In Seoni: सिवनी में जोरदार भूकंप, तीव्रता 2.6 दर्ज, लोग घबराकर घरों से बाहर निकले

Earthquake In Seoni: सिवनी, मध्य प्रदेश: आज रात लगभग 11 बजकर 48 मिनट पर सिवनी में जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.6 मापी गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। भूकंप का प्रभाव इतना तेज था कि लोग अचानक नींद से जागकर अपने घरों से बाहर निकल आए।

भूकंप के कारण दहशत का माहौल

भूकंप के झटके इतने जोरदार थे कि कुछ ही मिनटों में सिवनी के अधिकांश इलाकों में लोगों ने इसे महसूस किया। देर रात होने के बावजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए तुरंत घरों से बाहर आ गए। भूकंप का केंद्र सिवनी के आस-पास के इलाकों में था, लेकिन फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

भूकंप के बाद प्रशासन की कार्रवाई

भूकंप के तुरंत बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्क कर दिया। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत रहें। जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।

विशेषज्ञों की राय

भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 2.6 होने के कारण बड़ा नुकसान होने की संभावना नहीं थी। हालांकि, इस तरह के भूकंप आमतौर पर सतर्कता का संकेत होते हैं, खासकर उन क्षेत्रों के लिए जो भूकंप-प्रवण माने जाते हैं। सिवनी क्षेत्र में हल्के भूकंप के झटके पहले भी महसूस किए जा चुके हैं, लेकिन यह झटका अपेक्षाकृत तीव्र था।

भूकंप के बाद क्या करें?

  • भूकंप के दौरान सबसे पहले सुरक्षित स्थान पर जाएं।
  • अगर आप घर के अंदर हैं, तो मजबूत फर्नीचर के नीचे छिपें।
  • बिजली के उपकरणों और गैस कनेक्शन को बंद कर दें।
  • अगर आप बाहर हैं, तो खुले स्थान पर चले जाएं और इमारतों से दूर रहें।

सिवनी में आया भूकंप भले ही बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा पाया, लेकिन इससे लोगों में डर और चिंता का माहौल जरूर बन गया। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जनता को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। भविष्य में इस तरह की आपदाओं से बचने के लिए जागरूकता और तैयारी जरूरी है।

सिवनी में खाद्य विभाग की विज्ञप्ति में मिठाई दुकानों से साठगांठ की दुर्गंध!

Seoni News: सिवनी जिले में खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। विशेषकर मिठाई की दुकानों से सैंपल कलेक्शन और उसकी जांच रिपोर्ट को लेकर जनता और व्यापारियों के बीच गहरी असंतुष्टि का माहौल बनता जा रहा है। हर कुछ दिनों में खाद्य विभाग द्वारा दुकानों से सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेजने की खबरें प्रमुखता से सामने आती हैं, लेकिन उन सैंपल्स की रिपोर्ट का क्या परिणाम आया, यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती है।

खाद्य विभाग का सैंपल कलेक्शन: एक दिखावा?

खाद्य विभाग द्वारा सैंपल कलेक्ट करने की प्रक्रिया को अक्सर समाचारों में प्रचारित किया जाता है। स्थानीय समाचार पत्रों और अन्य मीडिया में उन दुकानों के नाम सार्वजनिक किए जाते हैं, जहां से सैंपल एकत्र किए गए होते हैं। इससे आम जनता में उन दुकानों के प्रति शंका उत्पन्न होती है, जैसे कि कहीं उन दुकानों में कुछ गड़बड़ी तो नहीं है। ऐसे में ग्राहक इन दुकानों से सामान खरीदने में हिचकिचाते हैं, जिससे व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

लेकिन सवाल उठता है कि जब सैंपल कलेक्ट करने के समय दुकान का नाम सार्वजनिक किया जाता है, तो सैंपल की जांच के बाद आने वाली रिपोर्ट क्यों नहीं सार्वजनिक की जाती? आखिरकार, यदि कोई दुकान दोषमुक्त है तो उसकी प्रतिष्ठा बहाल करने का भी अधिकार है।

रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती?

नाम उजागर ना करने की बात कहते हुए कई दुकानदारों ने बताया कि खाद्य विभाग जानबूझकर जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करता। उनके अनुसार, अगर सैंपल में कोई गड़बड़ी नहीं भी मिलती, तो भी रिपोर्ट को छुपा लिया जाता है। इस कारण से उन दुकानदारों पर हमेशा संदेह की तलवार लटकी रहती है। इससे उनके व्यवसाय पर असर पड़ता है क्योंकि ग्राहक उनकी दुकानों से दूरी बनाते हैं।

कई व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सैंपल कलेक्ट करने के समय यदि “जेब गर्म” कर दी जाए या समय पर “लिफाफा” पहुंचा दिया जाए, तो उस दुकान का नाम या तो सार्वजनिक नहीं किया जाता या फिर रिपोर्ट में गड़बड़ी नहीं दिखाई जाती। इसका सीधा मतलब यह है कि जिन दुकानों के मालिक समय पर “सुविधा शुल्क” दे देते हैं, उनकी रिपोर्ट को नजरअंदाज किया जाता है और जिनके पास इसका साधन नहीं है, उन्हें निशाना बनाया जाता है।

सिवनी के व्यापारियों की मांग: रिपोर्ट सार्वजनिक होनी चाहिए

सिवनी के मिठाई व्यापारियों का कहना है कि खाद्य विभाग को सैंपल कलेक्शन के बाद जांच रिपोर्ट को भी उतनी ही प्रमुखता से सार्वजनिक करना चाहिए, जितनी प्रमुखता से सैंपल कलेक्ट करने की खबर को दी जाती है। उनका मानना है कि इससे व्यापारियों पर लग रहे बेबुनियाद आरोपों का निवारण होगा और ग्राहकों के मन में उठ रही भ्रांतियों का समाधान होगा।

व्यापारियों का यह भी कहना है कि यदि जांच में उनकी दुकान को दोषमुक्त पाया जाता है, तो यह जानकारी भी समाचार पत्रों में प्रकाशित होनी चाहिए ताकि उनकी साख पर लगे दाग साफ हो सकें।

नाम छुपाने की मजबूरी: व्यापारियों में डर का माहौल

कई व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि खाद्य विभाग के अधिकारी उनसे “विशेष सुविधा” की मांग करते हैं। यदि कोई व्यापारी इस मांग को पूरा नहीं करता, तो उसके सैंपल में गड़बड़ी बता दी जाती है, चाहे सैंपल सही हो या गलत। इस कारण कई व्यापारी खुलकर अपने विचार व्यक्त करने से भी डरते हैं। उनका मानना है कि यदि उन्होंने खाद्य विभाग के खिलाफ कुछ भी बोला, तो उनकी दुकान पर फर्जी केस डाल दिए जाएंगे।

एक दुकानदार ने कहा, “हमारा नाम मत लिखना, वरना हमारे सैंपल में गड़बड़ी बताकर मामला बना देंगे।”

बुधवारी बाजार का मामला: बड़े दुकानदार क्यों बच जाते हैं?

सिवनी के बुधवारी बाजार में स्थित कई बड़े मिष्ठान विक्रेताओं का नाम सैंपल कलेक्शन के समय बहुत ही कम आता है। व्यापारियों का आरोप है कि ये बड़े विक्रेता समय-समय पर खाद्य विभाग को “लिफाफा” भेजते रहते हैं, जिस कारण उनके सैंपल जांच के लिए नहीं भेजे जाते या फिर भेजे जाने के बाद भी उनका नाम सार्वजनिक नहीं किया जाता।

छोटे व्यापारियों का कहना है कि खाद्य विभाग इन बड़े दुकानदारों के साथ मिलकर एक साठगांठ करता है, जिससे उन्हें अनदेखा किया जाता है और छोटे व्यापारियों को निशाना बनाया जाता है।

खाद्य विभाग की पारदर्शिता पर उठते सवाल

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल खाद्य विभाग की पारदर्शिता पर उठता है। यदि सैंपल कलेक्शन के समय सबकुछ पारदर्शी होता है, तो जांच के बाद की रिपोर्ट क्यों छिपाई जाती है? जनता और व्यापारियों को यह जानने का पूरा हक है कि सिवनी में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का स्तर क्या है और कौन सी दुकानें इस मानक पर खरी उतरती हैं।

व्यापारियों का यह भी मानना है कि जब तक खाद्य विभाग अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता नहीं लाता, तब तक उनके ऊपर लगने वाले भ्रष्टाचार के आरोपों से वे बच नहीं पाएंगे।

सिवनी के खाद्य विभाग की यह पूरी प्रक्रिया संदेहास्पद है। सैंपल कलेक्ट करने की खबरें जितनी जोर-शोर से प्रचारित की जाती हैं, उतनी ही जोर-शोर से जांच की रिपोर्ट को भी प्रकाशित किया जाना चाहिए। इससे न केवल व्यापारियों की साख बची रहेगी, बल्कि ग्राहकों का विश्वास भी बना रहेगा।

यदि खाद्य विभाग वास्तव में पारदर्शी और निष्पक्ष है, तो उसे सैंपल कलेक्शन के बाद जांच की रिपोर्ट को भी सार्वजनिक करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

बजरंग दल की विभाग बैठक सिवनी में सम्पन्न: त्रिशूल दीक्षा और हिंदू रक्षा के कार्यक्रमों पर हुई चर्चा

Seoni News: बजरंग दल की विभागीय बैठक सिवनी के आशीर्वाद पैलेस, ज्यारत नाका में धूमधाम से सम्पन्न हुई। इस बैठक में सिवनी विभाग के पालक बजरंग दल प्रांत सह संयोजक रंजीत परमार जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

साथ ही, प्रांत सह संयोजक तरसवी उपाध्याय, प्रांत मिलन प्रमुख अभय जी, प्रांत बल उपासना प्रमुख देवेंद्र सेन, सिवनी जिला संयोजक माधव दुबे, बालाघाट संयोजक सुरेंद्र नगपुरे और लखनादौन संयोजक अंचल राय सहित अन्य कार्यकर्ता भी इस महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई, जिसमें आगामी त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम, अभ्यास वर्ग, हिंदू रक्षा, कन्या रक्षा, गौ रक्षा, और मंदिरों की सुरक्षा के मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा, समिति गठन, मिलन और सत्संग समितियों की स्थापना के लिए भी योजनाएँ बनाई गईं।

बजरंग दल की इस बैठक का उद्देश्य आने वाले समय में संगठन की गतिविधियों को और भी प्रभावी और सशक्त बनाना था। संगठन द्वारा हिंदू समाज की रक्षा, मंदिरों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द्र को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

आने वाले कार्यक्रम:

1. त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम: संगठन द्वारा युवाओं में आत्मरक्षा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से त्रिशूल दीक्षा का आयोजन किया जाएगा।

2. अभ्यास वर्ग: कार्यकर्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे वे संगठन की विचारधारा और उद्देश्यों को और गहराई से समझ सकें।

3. हिंदू रक्षा अभियान: हिंदू समाज की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे, जिसमें कन्या रक्षा और गौ रक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

बैठक के समापन पर सभी कार्यकर्ताओं ने संगठन की नीतियों और कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए संकल्प लिया। “जय श्री राम” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा, और सभी ने एकजुट होकर देश और धर्म की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस बैठक ने स्पष्ट कर दिया है कि बजरंग दल आने वाले समय में सामाजिक और धार्मिक सुरक्षा के लिए अपनी भूमिका और मजबूत करने के लिए तैयार है।