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MP में सरकारी कर्मचारियों को मोहन सरकार का तोहफा, दीपावली से पहले आएगी नवंबर माह की सैलरी

MP NEWS: दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के शासकीय सेवकों को 28 अक्टूबर को वेतन भुगतान का आदेश

मध्य प्रदेश सरकार ने दीपावली के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए सभी शासकीय सेवकों के लिए एक अहम घोषणा की है। सरकार ने आदेशित किया है कि अक्टूबर माह का वेतन, जो सामान्यतः 1 नवम्बर को देय होता है, उसे 28 अक्टूबर की स्थिति में आहरण कर लिया जाए। इस निर्णय का उद्देश्य शासकीय कर्मचारियों को त्यौहार से पूर्व वेतन उपलब्ध कराना है ताकि वे दीपावली का पर्व अधिक उत्साह और खुशी के साथ मना सकें।

प्रदेश के विभिन्न विभागों को यह आदेश जारी किया गया है कि वे समयानुसार अपने-अपने विभाग के कर्मचारियों का वेतन 28 अक्टूबर तक उनके खातों में हस्तांतरित कर दें। इस पहल से शासकीय कर्मचारियों को दीपावली की तैयारियों के लिए आर्थिक मदद मिलेगी, जिससे उनके परिवार के साथ त्यौहार मनाने में किसी प्रकार की बाधा न आए।

सरकार के इस निर्णय से निश्चित ही दीपोत्सव का आनंद बढ़ेगा और कर्मचारियों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल बनेगा। दीपावली भारतीय संस्कृति में सबसे प्रमुख और उल्लासमय त्यौहारों में से एक है, और इस मौके पर समय पर वेतन प्राप्त करना कर्मचारियों के लिए एक सुखद अनुभव होगा।

सरकार की इस योजना से न सिर्फ कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि यह निर्णय प्रदेश के विकासशील और संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। मेरी ओर से समस्त शासकीय सेवकों और प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं!

सिवनी: बरघाट थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय युवती का शव कुएं में मिला, इलाके में फैली सनसनी

Seoni News: बरघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत खुर्सीपार में शुक्रवार सुबह एक 20 वर्षीय युवती का शव कुएं में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। युवती का शव बरघाट से लगभग 6 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत खुर्सीपार खुर्द के पास बुढेना गांव में मिला है। मृतक युवती की पहचान किरण धुर्वे, पिता रूप सिंह धुर्वे, निवासी खुर्सीपार खुर्द के रूप में की गई है।

20 वर्षीय युवती का शव कुएं में मिलने की घटना का विवरण

गांव के कुछ लोगों ने बताया कि युवती का शव चंद्र प्रकाश चौधरी के खेत के पास, राम सिंह के घर के पीछे स्थित एक कुएं में देखा गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल, युवती की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है, और पुलिस जांच में जुटी हुई है।

बरघाट पुलिस का बयान

बरघाट पुलिस ने बताया कि युवती विक्षिप्त थी और उसके परिवार ने कुछ समय पहले उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। फिलहाल, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

घटना के बाद गांव में डर और अज्ञातता का माहौल बन गया है। स्थानीय ग्रामीण इस घटना को लेकर काफी चिंतित हैं और मामले की जल्द से जल्द सुलझाने की मांग कर रहे हैं।

आगे की जांच

पुलिस इस मामले में सभी संभावित एंगल पर ध्यान दे रही है, जिसमें हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सही जानकारी सामने आ पाएगी और तभी आगे की कार्यवाही होगी।

सोशल मीडिया पर वायरल

यह घटना सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैल रही है। फेसबुक, व्हाट्सएप, और अन्य प्लेटफार्मों पर इस खबर की व्यापक चर्चा हो रही है, जिससे लोग इस मामले से जुड़ी नई जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

बरघाट थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। पुलिस जांच जारी है, और जल्द ही इस मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

सिवनी: सीएम मोहन यादव ने मृतकों के परिवार को 2 – 2 लाख आर्थिक सहायता राशि देने के निर्देश दिए

Seoni News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए

सिवनी, लखनादौन तहसील से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक ट्रैक्टर ट्रॉली के हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई। इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट कर अपने गहरे शोक और संवेदनाएं व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने ट्वीट में कहा, “सिवनी जिले की लखनादौन तहसील में ट्रैक्टर ट्रॉली के हाई टेंशन लाइन के चपेट में आने से 3 लोगों की करंट लगने से असामयिक मृत्यु का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करता हूं।”

हादसे की पूरी खबर के लिए यहाँ क्लिक करें – सिवनी: लखनादौन महाकाली विसर्जन के दौरान हादसा, हाईटेंशन तार की चपेट में आकर 3 की मौत, 5 घायल

उन्होंने इस हादसे में मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही, घायलों के बेहतर उपचार के लिए जिला प्रशासन को तत्काल उचित कदम उठाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

इस हादसे के बाद जिले में शोक की लहर है, और प्रशासन घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। मुख्यमंत्री के इस कदम से प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री का ट्वीट:

“सिवनी जिले की लखनादौन तहसील में ट्रैक्टर ट्रॉली के हाई टेंशन लाइन के चपेट में आने से 3 लोगों की करंट लगने से असामयिक मृत्यु का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं। दुर्घटना में घायलों के समुचित उपचार हेतु जिला प्रशासन को निर्देशित किया है।”

सिवनी: नागेश्वर दुर्गा उत्सव समिति को मिला प्रथम पुरस्कार, कालका मठ ने किया शील्ड से सम्मानित

Seoni News: सिवनी जिले का दशहरा पूरे मध्य प्रदेश में अपनी विशेष पहचान रखता है। यहां हर वर्ष विभिन्न समितियों द्वारा भव्य और आकर्षक प्रतिमाओं का आयोजन किया जाता है। इन प्रतिमाओं को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यह नगर का सबसे प्रमुख आयोजन है।

यही कारण है कि हर साल कोई न कोई समिति अपनी उत्कृष्टता के आधार पर प्रथम पुरस्कार हासिल करती है। इस सम्मान से न केवल समितियों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि उनके सदस्यों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे वे हर साल और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं।

इस वर्ष का प्रथम पुरस्कार नागेश्वर दुर्गा उत्सव समिति को मिला है, जिसने शिव संग माँ दुर्गा की भव्य प्रतिमा का आयोजन किया। समिति द्वारा सजीवता से प्रस्तुत किया गया यह दृश्य, जिसमें शिव बैलगाड़ी पर माँ दुर्गा को लेकर जा रहे थे, शहर के छिंदवाड़ा रोड पर स्थित श्री नागेश्वर दुर्गा उत्सव समिति का आयोजन था। इस अद्भुत आयोजन में आकर्षक लाइटिंग और साज-सज्जा ने शहरवासियों को बेहद प्रभावित किया।

श्री कालका मठ द्वारा समिति के इस प्रयास की सराहना की गई और इसे प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समिति की पूरी टीम, जिसमें अध्यक्ष चंदन सिंह खताबिया (पार्षद सभापति), उपाध्यक्ष संतोष ठेकेदार और अन्य सदस्य शामिल थे, को इस पुरस्कार के साथ-साथ शील्ड से सम्मानित किया गया।

समिति के विशेष सदस्य
प्रदीप चौरसिया, भुवनेश्वर शुक्ला, सुरेश बघेल, दिनेश सनोडिया, शैलेंद्र सनोडिया, रवि डहेरिया, अयोध्या प्रसाद विस्कर्मा,राजू बघेल, मोनू राकेशिया,राम सनोडिया, विजय कुरौठे,बब्लू तिवारी, धनराज माना ठाकुर, हरिया खताबिया, सुनिल सनोडिया, धीरज खताबिया, संतोष खताबिया,आकाश माना ठाकुर, कन्हैया खताबिया,अमित बजाज,कैलाश खताबिया,साकेत कपूर,सुनील सोनी,नितिन सनोडिया,लवकुश खताबिया, विपिन धुर्वे, अयोध्या प्रसाद नामदेव, राजू चंद्रवंशी, निलेश पालीवाल, राज खताबिया,मनोज चंदेल, शिवम माना ठाकुर,राजा खताबिया, रितेश माना ठाकुर,भग्गू,राहुल सनोडिया,एवं अन्य समिति के सदस्यों का नागेश्वर दुर्गा उत्सव समिति को भरपूर सहयोग रहता है

सिवनी: लखनादौन महाकाली विसर्जन के दौरान हादसा, हाईटेंशन तार की चपेट में आकर 3 की मौत, 5 घायल

Seoni News: सिवनी जिले की लखनादौन तहसील के धूमा क्षेत्र में महाकाली विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। एक चल समारोह में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से तीन व्यक्तियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, धूमा के मुख्यालय में 21 फीट ऊंची महाकाली की प्रतिमा का विसर्जन किया जा रहा था। जब जुलूस स्टेडियम के पास पहुंचा, तभी प्रतिमा को ले जाने वाला रथ अचानक ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार से छू गया।

इसके परिणामस्वरूप कुछ युवकों को करंट लग गया और वे बुरी तरह झुलस गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और 108 एम्बुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को सिविल अस्पताल, लखनादौन ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। लखनादौन एसडीओपी अपूर्व भलावी ने जानकारी दी कि महाकाली का रथ हाईटेंशन तार के पास पहुंचने से यह हादसा हुआ, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हो गए हैं।

मृतकों की सूची:

  • • नीलेश कुशवाहा (20), निवासी धूमा
  • • रवि विश्वकर्मा (30), निवासी टंकी मोहल्ला, धूमा
  • • मुकेश यादव (26), निवासी धूमा

सिवनी: बुधवारी पहुंची खाद्य विभाग की टीम, सुरक्षा मानक अधिनियम अंतर्गत प्रकरण दर्ज

SEONI NEWS: सिवनी में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की मुस्तैदी. सिवनी जिले में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशानुसार, जिले के विभिन्न स्थानों पर औचक निरीक्षण किया जा रहा है ताकि खाद्य पदार्थों में मिलावट और अमानक सामग्रियों के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सके। इसी क्रम में दिनांक 15 और 16 अक्टूबर 2024 को खाद्य सुरक्षा प्रशासन के दल ने सिवनी शहर के प्रमुख मिठाई विक्रेताओं और किराना दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए।

मिठाई भंडार और किराना दुकानों की जांच

इस अभियान के तहत, रितेश गुप्ता काली चौक मिष्ठान भंडारनटराज स्वीट्सअड़कु लाल मिष्ठान भंडार, और बहोरी कला स्थित किराना दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए। सभी नमूने गुणवत्ता जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं और इनमें कोई मिलावट नहीं है।

फूड कलर की गड़बड़ियों का खुलासा

खाद्य सुरक्षा प्रशासन के दल ने बुधवारी बाजार स्थित संजय जनरल स्टोर्स में निरीक्षण के दौरान अमानक और एक्सपायरी डेट के फूड कलर पाए। यह एक गंभीर मुद्दा है क्योंकि एक्सपायरी डेट पार कर चुके या अमानक फूड कलर के इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। जांच में पाया गया कि संजय जनरल स्टोर्स के मालिक संजय लखेरा इन अमानक फूड कलर्स की बिक्री कर रहे थे, जो खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 का उल्लंघन है।

खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत संजय लखेरा पर प्रकरण दर्ज किया गया है। इस अधिनियम के अनुसार, किसी भी प्रकार के अमानक, एक्सपायरी या मिलावटी पदार्थों की बिक्री कानूनी अपराध है और इसके लिए कठोर सजा का प्रावधान है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फूड कलर के नमूने भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इनका उपयोग मानवीय स्वास्थ्य के लिए हानिकारक न हो।

प्रशासन का सख्त रुख और जिम्मेदारी

प्रशासन का यह कदम निश्चित रूप से सराहनीय है, क्योंकि त्योहारों के समय लोग मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों का बड़े पैमाने पर उपभोग करते हैं। ऐसे में यदि खाद्य पदार्थों में मिलावट या अमानक सामग्रियों का उपयोग किया जाता है, तो यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। प्रशासन द्वारा उठाए गए इस सख्त कदम से अन्य दुकानदारों के बीच भी एक सख्त संदेश जाएगा कि मिलावट या अमानक सामग्रियों के उपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ता सुरक्षा

आज के समय में उपभोक्ताओं को जागरूक होना आवश्यक है, खासकर जब त्योहारों का मौसम होता है और बाजार में मिलावटी सामान की अधिकता हो जाती है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा किए गए ये निरीक्षण उपभोक्ताओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए किए जाते हैं। ऐसे समय में उपभोक्ताओं को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वे जिन दुकानों से खाद्य पदार्थ खरीदते हैं, वे विश्वसनीय हों और उनके उत्पाद गुणवत्ता मापदंडों पर खरे उतरते हों।

खाद्य सुरक्षा की दिशा में प्रशासन का अगला कदम

आगे चलकर, खाद्य सुरक्षा प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि सभी जांचे गए नमूनों की रिपोर्ट जल्द से जल्द आ जाए और यदि किसी भी नमूने में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि बाजार में विक्रेताओं द्वारा बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निरंतर जांच हो सके और उपभोक्ताओं का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।

सिवनी: बरघाट में एडिप योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों को चिन्हित करने की प्रक्रिया

SEONI NEWS: भारत में दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित की जाती हैं, जिनमें एडिप योजना (Assistance to Disabled Persons for Purchase/Fitting of Aids and Appliances) एक प्रमुख योजना है। इस योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण प्रदान कर उन्हें जीवन में स्वावलंबी बनाने का कार्य किया जाता है। हाल ही में बरघाट जनपद में एक विशेष कार्यक्रम के तहत दिव्यांगजनों को चिन्हित कर उनके लिए सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन शामिल हुए और उपकरण प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए।

सभा के मुख्य अतिथियों का स्वागत और भूमिका

बरघाट जनपद के सभा हाल में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्रीमती आभा राहंगडाले, सांसद प्रतिनिधि गोमती ठाकुर, पूर्व पार्षद श्रीमती किरण टेमरे, जनपद सदस्य गजानंद हरिनखेडे और पंचायत निरीक्षक केवल प्रसाद परते ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इन अधिकारियों ने दिव्यांगजनों का स्वागत करते हुए उन्हें सहायक उपकरण प्रदान करने की प्रक्रिया को प्रारंभ किया।

मूल्यांकन और उपकरण वितरण की प्रक्रिया

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों का मूल्यांकन कर उनकी आवश्यकताओं के आधार पर सहायक उपकरणों का वितरण करना था। इसके अंतर्गत दिव्यांगजन जो ट्राई साइकिल, व्हील चेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, वॉकर, वॉकिंग स्टिक, एमआर किट और ब्रेल मोबाइल जैसे उपकरणों की आवश्यकता रखते थे, उन्हें चिन्हित किया गया। सभी उपकरणों का परीक्षण और मूल्यांकन जनपद सभा में किया गया, जहां दिव्यांगजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और उपकरण प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए।

आवेदन की प्रक्रिया और वितरण की योजना

इस विशेष कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के आवेदन लेने की प्रक्रिया बेहद सुचारू रूप से आयोजित की गई। सभी उपस्थित दिव्यांगजन अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते थे और उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण दिए जाने की योजना बनाई गई। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि आवेदन प्राप्त होने के बाद उपकरणों का वितरण एक निश्चित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, जिसमें सभी पात्र दिव्यांगजनों को लाभ मिलेगा।

दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरणों का महत्व

एडिप योजना के तहत दिए जाने वाले सहायक उपकरण दिव्यांगजनों के जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाते हैं। ये उपकरण उन्हें अपनी दैनिक जीवन की गतिविधियों को सरलता से करने में सक्षम बनाते हैं। उदाहरण के लिए, ट्राई साइकिल और व्हील चेयर से चलने में अक्षम दिव्यांगजन स्वावलंबी बन सकते हैं। श्रवण यंत्र सुनने में अक्षम व्यक्तियों को सुनने में मदद करता है, जबकि वॉकर और वॉकिंग स्टिक चलने में कठिनाई का सामना कर रहे लोगों के लिए अत्यंत सहायक होते हैं।

आगे की योजनाएं और उपकरण वितरण का समय

प्राप्त आवेदनों और मूल्यांकन के आधार पर उपकरणों का वितरण जल्द ही बरघाट जनपद के सभा हाल में किया जाएगा। जनपद अध्यक्ष श्रीमती आभा राहंगडाले ने सभी दिव्यांगजनों का आभार व्यक्त किया और उन्हें सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द से जल्द सभी दिव्यांगजनों को उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे अपने जीवन को सुचारू रूप से जी सकें।

एडिप योजना का उद्देश्य और लाभ

एडिप योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनकी दैनिक जरूरतों के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत दिए जाने वाले उपकरण न केवल उनके जीवन को आसान बनाते हैं, बल्कि उन्हें समाज में एक समान अवसर भी प्रदान करते हैं। सरकार का यह प्रयास है कि देश के हर दिव्यांगजन को उनके अधिकारों और सुविधाओं का पूरा लाभ मिले।

सिवनी: बरघाट में अवैध रेत उत्खनन पर आभा राहंगडाले के ठोस कदम, खनिज विभाग की निष्क्रियता एक गंभीर समस्या

SEONI NEWS: बरघाट विकास खंड में अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा बीते कुछ समय से क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस अवैध गतिविधि ने न केवल पर्यावरणीय संतुलन को प्रभावित किया है, बल्कि क्षेत्र के निवासियों पर भी इसका भारी दबाव पड़ा है। बरघाट जनपद अध्यक्ष आभा राहंगडाले ने इस गंभीर समस्या के खिलाफ आवाज उठाकर जनता की भलाई के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिससे उन्हें क्षेत्रीय जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है।

सिवनी जिले में अवैध रेत उत्खनन: एक गंभीर समस्या

बरघाट विकास खंड की नदियों से बेखौफ तरीके से हो रहा अवैध रेत उत्खनन अब भी जारी है। क्षेत्र में रेत खदानों से लगातार रेत की निकासी की जा रही है, और यह सब कुछ प्रशासनिक अधिकारियों और खनिज विभाग की आंखों के सामने हो रहा है। रॉयल्टी के बजाय ठेकेदारों के गुर्गे टोकन के माध्यम से रेत का अवैध उत्खनन करवा रहे हैं, जिससे नदियों के जल स्तर और पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

इस अवैध गतिविधि का सबसे बड़ा नुकसान स्थानीय लोगों को हो रहा है, जिनकी जेबों पर इसका भारी दबाव पड़ रहा है। रेत की बढ़ती कीमतों के कारण लोगों को महंगी दरों पर रेत खरीदनी पड़ रही है, जो कि उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई उत्पन्न कर रही है।

बरघाट जनपद अध्यक्ष आभा राहंगडाले की पहल: जनहित में संघर्ष

जनपद अध्यक्ष आभा राहंगडाले ने इस अवैध गतिविधि को रोकने के लिए कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से मांग की है। वह लगातार इस अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ मोर्चा खोल रही हैं, और इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया है। आभा राहंगडाले का यह कदम न केवल जनता के हित में है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है।

रेत की अवैध निकासी रोकने के प्रयास में उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस गतिविधि पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

सिवनी जिले में रेत की बढ़ती कीमतों से जनता पर पड़ रहा असर

वर्तमान समय में नदियों में पानी के बहाव के चलते रेत की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिससे सामान्य लोगों को अपने निर्माण कार्यों के लिए रेत प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। अवैध उत्खनन के कारण रेत की मांग और आपूर्ति में असंतुलन पैदा हो गया है, जिससे रेत की कीमतें आसमान छू रही हैं।

ऐसे में जनपद अध्यक्ष आभा राहंगडाले का यह कदम जनहित में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस विषय पर प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को बार-बार अवगत कराया है, ताकि जल्द से जल्द इस अवैध गतिविधि पर रोक लगाई जा सके।

खनिज विभाग की निष्क्रियता पर सवाल

खनिज विभाग की निष्क्रियता इस पूरी स्थिति में एक बड़ी समस्या बनी हुई है। अवैध रेत उत्खनन खनिज विभाग की नाक के नीचे धड़ल्ले से जारी है, लेकिन विभागीय अमला इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। ऐसा प्रतीत होता है कि जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध गतिविधि को रोकने के बजाय उसे अनदेखा कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन को और बढ़ावा मिल रहा है।

आभा राहंगडाले द्वारा किए गए प्रयासों के बावजूद, खनिज विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई का अभाव दिखाई देता है। इससे क्षेत्र में अवैध उत्खनन करने वालों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं।

न्याय की लड़ाई: जनहित में आभा का संकल्प

आभा राहंगडाले ने जनता के हित में इस अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ एक ठोस कदम उठाया है। वह निरंतर इस मुद्दे पर सक्रिय हैं और संबंधित विभागों पर दबाव बना रही हैं, ताकि इस अवैध गतिविधि को जल्द से जल्द रोका जा सके। उनका यह कदम एक मिसाल के रूप में उभर रहा है, जिससे अन्य जनप्रतिनिधियों को भी प्रेरणा मिल रही है कि वे भी अपने क्षेत्रों में हो रहे अवैध कार्यों के खिलाफ आवाज उठाएं।

आभा राहंगडाले का यह प्रयास केवल एक व्यक्तिगत संघर्ष नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और पर्यावरणीय संघर्ष है, जिसमें पूरे क्षेत्र की भलाई और सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है।

समाज में आभा राहंगडाले का प्रभाव और समर्थन

आभा राहंगडाले को इस कदम के लिए क्षेत्र की जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उनके साहसी कदम से प्रभावित होकर क्षेत्र के लोग भी उनके साथ खड़े हो गए हैं। क्षेत्र के लोग समझ चुके हैं कि इस अवैध गतिविधि से उनका सीधा नुकसान हो रहा है, इसलिए उन्होंने आभा राहंगडाले का समर्थन करते हुए इस मुद्दे पर उन्हें पूरा सहयोग देने का संकल्प लिया है।

आभा राहंगडाले का यह कदम समाज में एक सकारात्मक संदेश फैलाने के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों को भी यह चेतावनी देता है कि यदि समय रहते इस अवैध रेत उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो जनआक्रोश और भी व्यापक हो सकता है।

आभा राहंगडाले का जनहित में प्रयास

अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ आभा राहंगडाले द्वारा उठाए गए कदम ने क्षेत्र में एक नया आदर्श स्थापित किया है। उन्होंने दिखाया है कि यदि एक जनप्रतिनिधि ईमानदारी और समर्पण से काम करता है, तो उसे जनता का समर्थन मिलता है। उनके इस प्रयास से न केवल क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी, बल्कि आने वाले समय में अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी यह एक प्रेरणास्रोत बनेगा।