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Pench Tiger Reserve Safari Accident: पेंच टाइगर रिजर्व में पलटी सफारी जिप्सी, रायपुर-नागपुर के 4 पर्यटक घायल, पहली बार सामने आया ऐसा हादसा

सिवनी। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व से शनिवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। खवासा बफर क्षेत्र में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों से भरी एक जिप्सी अचानक असंतुलित होकर पलट गई। इस हादसे में रायपुर और नागपुर के चार पर्यटक घायल हो गए, जबकि वाहन में मौजूद तीन बच्चों को मामूली चोटें आईं। राहत की बात यह रही कि हादसे के तुरंत बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और सभी घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।

ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 10 बजे सफारी वाहन खवासा बफर क्षेत्र के जंगल मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान ऊंचे-नीचे और असमतल रास्ते पर वाहन का संतुलन बिगड़ गया और जिप्सी पलट गई। हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को पहले कुरई अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर कर दिया गया।

इन पर्यटकों को आई चोटें

हादसे में घायल पर्यटकों की पहचान इस प्रकार हुई—

  • अनिंधा योगी (40), निवासी रायपुर
  • कुमार साहू (43), निवासी रायपुर
  • लिपिना साहू (36), निवासी रायपुर
  • दीपित राय (33), निवासी नागपुर

वहीं वाहन में मौजूद तीन बच्चों को हल्की खरोंचें आईं, जिन्हें गंभीर चोट नहीं लगी।

गाइड और चालक सुरक्षित

हादसे के समय वाहन में मौजूद गाइड विजय कंवल और चालक कर्मकार पूरी तरह सुरक्षित रहे। दोनों को किसी प्रकार की चोट नहीं आई।

सफारी वाहन और चालक पर तत्काल कार्रवाई

घटना के बाद पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सफारी वाहन और चालक पर आगामी सफारी संचालन के लिए रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन अंजनी गांव निवासी रामलाल लोंढे का है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

पेंच टाइगर रिजर्व में पहली बार हुआ ऐसा हादसा

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार पेंच टाइगर रिजर्व में इस प्रकार की दुर्घटना पहली बार सामने आई है। सामान्य परिस्थितियों में सफारी वाहनों की गति निर्धारित सीमा में रहती है और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि जंगल मार्ग के ऊंचे-नीचे और असमतल होने के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह हादसा हुआ।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे की वजह केवल खराब रास्ता था या फिर इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी या मानवीय कारण भी जिम्मेदार था।

पेंच टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां हर वर्ष हजारों पर्यटक जंगल सफारी का आनंद लेने पहुंचते हैं। ऐसे में यह हादसा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता की ओर भी संकेत करता है। फिलहाल सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं, जिससे राहत की खबर है।

ITI घंसौर में घंसौर पुलिस ने चलाया साइबर जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को बताए ऑनलाइन सुरक्षा के उपाय

घंसौर, उमेश श्रीवास्तव -: डिजिटल युग में साइबर अपराध लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। फर्जी कॉल, ओटीपी, केवाईसी अपडेट, निवेश के झांसे, सोशल मीडिया हैकिंग और फर्जी लिंक के माध्यम से साइबर ठग आम नागरिकों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं। इन बढ़ते साइबर अपराधों पर रोक लगाने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से घंसौर पुलिस ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) घंसौर में विशेष साइबर जनजागरूकता अभियान चलाया।

यह अभियान पुलिस अधीक्षक कृष्णचंद्र लालचंदानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अपूर्व भलावी के सानिध्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह झारिया एवं घंसौर पुलिस की टीम ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए।

थाना प्रभारी श्री झारिया ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों की छोटी-सी लापरवाही का फायदा उठाकर बैंक खाते खाली कर देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति से अपना ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें तथा सोशल मीडिया पर आने वाले फर्जी संदेशों और लुभावने ऑफरों से सतर्क रहें।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आजकल साइबर अपराधी बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, बिजली विभाग, केवाईसी अपडेट, लॉटरी, नौकरी और निवेश के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं तथा साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से भी रिपोर्ट करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान को रोका जा सके।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया सुरक्षा और मोबाइल एप्लिकेशन के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें मजबूत पासवर्ड बनाने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करने और साइबर ठगी की किसी भी घटना की तत्काल पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई।

घंसौर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जागरूक रहें, सतर्क रहें और किसी भी प्रकार के ऑनलाइन प्रलोभन या दबाव में आकर अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी साझा न करें। पुलिस का कहना है कि “सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

एलएनटी कंपनी की मनमानी: 20 दिनों से खुदी पड़ी सड़क, नाली अधूरी… घंसौर के इस वार्ड में गंदे पानी से त्रस्त लोग, प्रशासन पर उठे सवाल

सिवनी, घंसौर, उमेश श्रीवास्तव विकास कार्यों में लापरवाही आम नागरिकों के लिए किस तरह परेशानी का कारण बन सकती है, इसका ताजा उदाहरण ग्राम पंचायत घंसौर के वार्ड क्रमांक 7 में देखने को मिल रहा है। यहां विनय शास्त्री के घर के सामने करीब 15 से 20 दिन पहले एलएनटी कंपनी द्वारा नाली और सड़क की खुदाई कर पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने दिनों बाद भी न तो पाइपलाइन बिछाई जा सकी और न ही नाली निर्माण का कार्य पूरा हो पाया।

अधूरे निर्माण कार्य के चलते सड़क पर गंदा पानी जमा हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर रास्ता कीचड़ और जलभराव की वजह से लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। इससे रोजमर्रा के कामकाज के लिए निकलने वाले लोगों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जलभराव से मच्छरों का बढ़ा प्रकोप, बीमारी फैलने की आशंका

स्थानीय वार्डवासियों का कहना है कि लंबे समय से जमा गंदे पानी के कारण क्षेत्र में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लोगों को डर है कि यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी तो डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। गर्मी और बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि इस संबंध में ग्राम पंचायत और जल निगम को कई बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अधूरी खुदाई और बंद पड़ी नाली के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

जल्द कार्य पूरा कराने की मांग

वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरे पड़े नाली और पाइपलाइन निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही सड़क पर हो रहे जलभराव को समाप्त कर आम नागरिकों को राहत दिलाई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

मुख्य बिंदु (Highlights)

  • वार्ड क्रमांक 7 में 15–20 दिनों से अधूरा पड़ा नाली निर्माण।
  • एलएनटी कंपनी ने खुदाई के बाद कार्य बीच में छोड़ा।
  • सड़क पर गंदा पानी जमा होने से लोगों का आवागमन प्रभावित।
  • मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से बीमारी फैलने की आशंका।
  • शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का वार्डवासियों का आरोप।
  • प्रशासन से जल्द निर्माण पूरा कराने की मांग।

Emergency Anniversary: घंसौर में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, भाजपा कार्यकर्ताओं ने घर पहुंचकर किया शाल-श्रीफल से अभिनंदन

सिवनी, घंसौर, उमेश श्रीवास्तव। 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी मंडल घंसौर द्वारा लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों के घर पहुंचकर उनका शाल, श्रीफल और तिलक लगाकर सम्मान किया तथा उनके योगदान को नमन किया।

कार्यक्रम के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र सेनानी महेश जैन (तृप्ति होटल) एवं महेश सोनी (सोनी टेंट हाउस) के निवास पर पहुंचकर उनका सम्मान किया। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

आपातकाल के संघर्ष को किया याद

भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की एक महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। इसी दिन देश में आपातकाल लागू किया गया था, जिसके दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले अनेक लोगों को जेल भेजा गया। ऐसे लोकतंत्र सेनानियों के साहस और बलिदान को स्मरण करते हुए प्रत्येक वर्ष उन्हें सम्मानित किया जाता है।

भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे उपस्थित

सम्मान कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष श्रीमती दीपमाला सुभाष यादव, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता इंद्र कुमार जैन, श्वेता सुरेंद्र जैन, युवा नेता साहिल जैन, लकी जैन, भाजपा मीडिया प्रभारी संदीप जायसवाल, सजल यादव सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

लोकतंत्र सेनानियों के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना

कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र सेनानियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। भाजपा मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों का योगदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को उनके त्याग से प्रेरणा मिलती रहेगी।

सिवनी में आसमान से बरसी आफत! बकरियां चरा रही महिला पर गिरी आकाशीय बिजली, महिला झुलसी, 2 बकरियों की मौत

सिवनी, घंसौर, उमेश श्रीवास्तव: जिले के घंसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिनेकी गांव में गुरुवार को मौसम ने अचानक भयावह रूप ले लिया। तेज गरज-चमक के बीच गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई, जबकि उसकी दो बकरियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला गांव के समीप खुले क्षेत्र में अपनी बकरियां चरा रही थी। इसी दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। महिला सीधे बिजली की चपेट में आ गई, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। वहीं उसके साथ मौजूद दो बकरियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों द्वारा महिला की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। लगातार बदलते मौसम और बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

बारिश और गरज-चमक के दौरान बरतें ये सावधानियां

  • खुले मैदान में जाने से बचें।
  • पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
  • बिजली चमकने के दौरान खेतों या ऊंचे स्थानों पर न रहें।
  • सुरक्षित भवन या पक्के आश्रय में शरण लें।
  • मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान सतर्क रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें।

सिवनी के घंसौर थाना में भीषण आग: कंप्यूटर, प्रिंटर, इन्वर्टर और अहम दस्तावेज स्वाहा, जांच शुरू

सिवनी। उमेश श्रीवास्तव, घँसोर: सिवनी जिले के घंसौर थाना परिसर में देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब थाना के कंप्यूटर कक्ष में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते कक्ष में रखे कंप्यूटर, प्रिंटर, बैटरियां, इन्वर्टर और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर पूरी तरह राख हो गए। घटना के बाद पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

जानकारी के अनुसार, घंसौर थाना परिसर स्थित कंप्यूटर कक्ष से देर रात धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल स्थिति को संभालने का प्रयास किया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कंप्यूटर कक्ष में रखा अधिकांश तकनीकी सामान और रिकॉर्ड आग की चपेट में आ चुका था।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया था। कंप्यूटर कक्ष का कंट्रोल सिस्टम भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे थाने के डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी कार्यों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

महत्वपूर्ण दस्तावेजों के नुकसान की आशंका

आगजनी की इस घटना में कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों के भी जलकर नष्ट होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आंकलन अभी किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों की टीम रिकॉर्ड और उपकरणों को हुए नुकसान का विस्तृत मूल्यांकन कर रही है।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू

फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट सहित अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है, लेकिन पुलिस ने अभी किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किया निरीक्षण

घटना की सूचना मिलते ही घंसौर थाना प्रभारी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से जानकारी लेने के साथ-साथ नुकसान का आंकलन भी शुरू कर दिया है।

क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी घटना

थाना परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर आग लगने की इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल बना दिया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आग लगने के कारणों के साथ-साथ हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

16 लाख लोगों तक पहुंची सिवनी में जन्मे मोगली की कहानी, लखनादौन के दीपक साहू दिला रहे जिले को नई पहचान

सिवनी/लखनादौन। डिजिटल मीडिया के दौर में जहां अधिकांश कंटेंट बड़े शहरों और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के इर्द-गिर्द घूमता है, वहीं मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के लखनादौन निवासी युवा यूट्यूबर दीपक साहू अपने कैमरे और रचनात्मक सोच के दम पर क्षेत्र की अनकही कहानियों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। उनके यूट्यूब चैनल “भारत की यात्रा 360” पर प्रकाशित सिवनी और विश्व प्रसिद्ध किरदार मोगली से जुड़ी वीडियो ने अब तक 16 लाख से अधिक दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है

यह उपलब्धि केवल एक वीडियो की सफलता नहीं है, बल्कि सिवनी जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है।

मोगली और सिवनी का संबंध जानने में दिखा लोगों का जबरदस्त उत्साह

विश्व प्रसिद्ध पुस्तक द जंगल बुक के किरदार मोगली का संबंध लंबे समय से सिवनी जिले के जंगलों से जोड़ा जाता रहा है। दीपक साहू द्वारा तैयार की गई वीडियो में मोगली की कहानी के साथ-साथ सिवनी के जंगलों, यहां की जैव विविधता, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्थानीय मान्यताओं को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया गया।

यही वजह रही कि वीडियो ने लाखों दर्शकों तक पहुंच बनाते हुए सिवनी को एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वीडियो देखने वाले लोगों ने न केवल मोगली के बारे में जानकारी हासिल की, बल्कि सिवनी की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन संभावनाओं को भी करीब से जाना।

छोटे शहर से बड़े सपनों की उड़ान

लखनादौन जैसे छोटे नगर से निकलकर दीपक साहू लगातार उन विषयों पर काम कर रहे हैं, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा के मीडिया और बड़े कंटेंट क्रिएटर्स नजरअंदाज कर देते हैं। उनके वीडियो में सिवनी जिले के प्राचीन मंदिर, धार्मिक स्थल, लोककथाएं, ऐतिहासिक धरोहरें, प्राकृतिक पर्यटन स्थल और स्थानीय संस्कृति प्रमुखता से दिखाई देती हैं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि दीपक के प्रयासों से क्षेत्र के कई ऐसे स्थानों को पहचान मिली है, जिनके बारे में पहले बहुत कम लोग जानते थे।

स्थानीय बोली और सरल भाषा बनी सफलता की कुंजी

दीपक साहू की सबसे बड़ी विशेषता उनकी प्रस्तुति शैली है। वे स्थानीय बोली, सरल भाषा और सहज संवाद के माध्यम से दर्शकों को अपने कंटेंट से जोड़ते हैं। यही कारण है कि उनके वीडियो केवल मनोरंजन का साधन नहीं बनते, बल्कि लोगों को अपनी जड़ों, संस्कृति और इतिहास से जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर क्षेत्रीय इतिहास और संस्कृति को लोकप्रिय बनाने में ऐसे कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

महाकौशल की अनकही कहानियां पहुंचा रहे देश के हर कोने तक

“भारत की यात्रा 360” चैनल के माध्यम से दीपक साहू लगातार यह प्रयास कर रहे हैं कि सिवनी, लखनादौन और पूरे महाकौशल क्षेत्र की अनकही कहानियां देश के हर कोने तक पहुंचें। उनके कई वीडियो हजारों से लेकर लाखों लोगों द्वारा देखे जा चुके हैं, जिससे स्थानीय धार्मिक और पर्यटन स्थलों को भी नई पहचान मिल रही है।

दीपक का कहना है कि छोटे शहरों और गांवों में इतिहास, संस्कृति और आस्था से जुड़ी अनेक ऐसी कहानियां मौजूद हैं, जिन्हें दुनिया के सामने लाने की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ वे लगातार क्षेत्र की विशेषताओं को डिजिटल मंच पर प्रस्तुत कर रहे हैं।

सिवनी के लिए गर्व की बात

आज जब लाखों लोग यूट्यूब के माध्यम से सिवनी और लखनादौन को जान रहे हैं, तब यह कहना गलत नहीं होगा कि एक युवा कंटेंट क्रिएटर अपने कैमरे और मेहनत के दम पर जिले की पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।

दीपक साहू की यह पहल न केवल सिवनी और लखनादौन का गौरव बढ़ा रही है, बल्कि स्थानीय पर्यटन, संस्कृति, इतिहास और धार्मिक धरोहरों के प्रचार-प्रसार में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। आने वाले समय में ऐसे प्रयास क्षेत्र के विकास और पर्यटन को नई दिशा दे सकते हैं।

जब CMO को ही करनी पड़ी CM हेल्पलाइन में शिकायत! लखनादौन में दूषित पानी ने खोली नगर परिषद की पोल

उमेश श्रीवास्तव, लखनादौन मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की लखनादौन नगर परिषद एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला किसी आम नागरिक की शिकायत का नहीं, बल्कि लखनादौन नगर परिषद की पूर्व मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) एवं छपारा नगर परिषद की वर्तमान मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) से जुड़ा है। हैरानी की बात यह है कि लोगों की समस्याओं का समाधान कराने वाली अधिकारी को ही अपनी मूलभूत समस्या के निराकरण के लिए CM हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़ा।

जानकारी के अनुसार लखनादौन नगर परिषद की तत्कालीन सीएमओ गीता वाल्मीकि, जो वर्तमान में छपारा नगर परिषद में पदस्थ हैं, अपने लखनादौन स्थित निवास में लंबे समय से दूषित पेयजल की समस्या से जूझ रही थीं। उनका निवास नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 4 में स्थित है, जहां नलों के माध्यम से गंदे और दूषित पानी की आपूर्ति होने की शिकायत सामने आई है।

अधिकारियों को बताया, फिर भी नहीं हुआ समाधान

सूत्रों के मुताबिक गीता वाल्मीकि ने पहले नगर परिषद के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराया था। उम्मीद थी कि प्रशासनिक स्तर पर जल्द कार्रवाई होगी और समस्या का समाधान निकाला जाएगा। लेकिन जब लगातार शिकायत के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो उन्होंने अंततः CM हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई।

नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

यह मामला सामने आने के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली और शिकायत निवारण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि नगर परिषद की पूर्व सीएमओ को ही अपनी समस्या के समाधान के लिए CM हेल्पलाइन तक पहुंचना पड़े, तो आम नागरिकों की शिकायतों के निराकरण की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड क्रमांक 4 में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में यह घटना नगर परिषद की जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगा रही है।

दूषित पेयजल से बढ़ सकता है स्वास्थ्य संकट

विशेषज्ञों के अनुसार दूषित पानी के सेवन से डायरिया, टायफाइड, हैजा और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नगर परिषद की जिम्मेदारी बनती है कि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

CM हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होने के बाद अब निगाहें जिला प्रशासन और नगर परिषद की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। स्थानीय नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न केवल शिकायत का समाधान किया जाएगा, बल्कि वार्ड क्रमांक 4 सहित पूरे नगर क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था की भी जांच कराई जाएगी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब व्यवस्था का हिस्सा रह चुकी अधिकारी को भी शिकायत दर्ज कराने के लिए CM हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़ा, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान आखिर किस तरह हो रहा है?

सिवनी में हाईवे पर बड़ा सड़क हादसा: ट्रक से टकराने के बाद बस ने कार को भी मारी टक्कर, एक दर्जन से अधिक यात्री घायल

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में नेशनल हाईवे-44 पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। बंडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत पूजा ढाबा के पास झमाझम बारिश के बीच एक यात्री बस पहले ट्रक से टकरा गई और इसके बाद अनियंत्रित होकर एक कार को भी टक्कर मार दी। हादसे में बस में सवार एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए, जबकि कार में बैठे चार लोगों को मामूली चोटें आई हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। बारिश के कारण सड़क पर दृश्यता कम हो गई थी, जिससे बस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के कई शीशे टूट गए और टूटे हुए कांच से यात्रियों को चोटें पहुंचीं।

बस के शीशे टूटने से कई यात्री हुए घायल

हादसे के दौरान बस के सामने और साइड के शीशे चकनाचूर हो गए। शीशे टूटने से बस में बैठे कई यात्रियों के हाथ, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। दुर्घटना के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोग बस से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर भागे।

ट्रक से टक्कर के बाद कार को भी मारी टक्कर

जानकारी के अनुसार, ट्रक से टकराने के बाद बस का संतुलन बिगड़ गया और उसने पास से गुजर रही एक कार को भी अपनी चपेट में ले लिया। कार में सवार चार लोगों को मामूली चोटें आई हैं। राहत की बात यह रही कि कार सवारों को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और एंबुलेंस

घटना की सूचना मिलते ही बंडोल थाना पुलिस और एंबुलेंस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर यातायात को सुचारू कराया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

बारिश के बीच हाईवे पर बढ़ रहे हादसे

लगातार हो रही बारिश के चलते नेशनल हाईवे-44 सहित जिले की कई सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता की स्थिति बनी हुई है। ऐसे मौसम में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान हाईवे पर वाहनों की रफ्तार नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है, अन्यथा बड़े हादसे हो सकते हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

सिवनी कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े चाकूबाजी! पुरानी रंजिश में युवक की हत्या की कोशिश, 3 आरोपी गिरफ्तार, 2 नाबालिग भी पकड़े गए

Seoni News: जिला न्यायालय परिसर में चाकू से जानलेवा हमला, 3 आरोपी गिरफ्तार, 2 नाबालिग बाल संप्रेक्षण गृह भेजे गए

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर के भीतर हुई चाकूबाजी की घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। दिनदहाड़े अदालत परिसर में हुए इस हमले में एक युवक की हत्या का प्रयास किया गया। घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो विधि-विवादित किशोरों को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो धारदार चाकू और पत्थर भी जब्त किए हैं।

कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप, जान बचाने के लिए कोर्ट कक्षों में छिपे युवक

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 जून 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे जिला एवं सत्र न्यायालय सिवनी परिसर में पुरानी रंजिश के चलते योगेश उर्फ काली जसोरिया पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि देवू सनकत, अमन झंझोटे, अंकित बैन और उनके साथ दो नाबालिग साथियों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।

बताया गया कि आरोपी अमन झंझोटे ने धारदार चाकू से योगेश के सिर पर वार किया। हालांकि वार गंभीर नहीं हो सका, लेकिन हमले से उसके बाल कट गए। इसके बाद आरोपियों ने योगेश जसोरिया, नयन बघेल और राहुल कश्यप पर पत्थरों से भी हमला किया। अचानक हुए हमले से घबराए पीड़ित और उसके साथी अपनी जान बचाने के लिए न्यायालय के विभिन्न कक्षों में छिप गए।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, हथियार भी बरामद

पीड़ित की शिकायत पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 541/2026 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और जल्द ही तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए दो धारदार चाकू और पत्थर भी जब्त कर लिए हैं।

ये हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं—

  • देव उर्फ देवू सनकत (25 वर्ष), निवासी मंगलीपेठ अंबेडकर वार्ड, सिवनी
  • अमन झंझोटे (32 वर्ष), निवासी मंगलीपेठ, सिवनी
  • अंकित बैन (23 वर्ष), निवासी ग्वारीघाट रोड रामपुर, जबलपुर, हाल निवासी मंगलीपेठ, सिवनी

इसके अलावा 15 और 14 वर्ष आयु के दो विधि-विवादित किशोरों को भी हिरासत में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी आया सामने

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी देवू सनकत के खिलाफ पहले से मारपीट के छह मामले दर्ज हैं। वहीं अमन झंझोटे के विरुद्ध सात आपराधिक प्रकरण पहले से दर्ज बताए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि दोनों आरोपी पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले की जड़ में पिछले एक वर्ष से चला आ रहा विवाद है।

पहला विवाद: मठ मंदिर के पास हुआ था झगड़ा

18 जून 2025 को मठ मंदिर क्षेत्र में मारपीट की घटना के बाद दो पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया था। इस मामले में जातिसूचक गालियां और मारपीट के आरोप भी लगे थे। बाद में दोनों पक्षों के बीच चाकू और लाठी से हमला होने पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए थे।

दूसरा विवाद: शराब के पैसे मांगने को लेकर हुआ था मामला

23 मार्च 2026 को नगरपालिका क्षेत्र में शराब के लिए पैसे मांगने और मारपीट को लेकर एक अन्य मामला दर्ज हुआ था। इसी प्रकरण में आरोपी पक्ष के लोग न्यायालय में जमानत संबंधी कार्यवाही के लिए पहुंचे थे। पुलिस का मानना है कि पुरानी दुश्मनी और पहले के विवादों ने इस घटना को जन्म दिया।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई सख्त कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस टीम में निरीक्षक सतीश तिवारी, उपनिरीक्षक एन.के. उपाध्याय, उपनिरीक्षक राजेश शर्मा सहित कोतवाली थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कानून के मंदिर में हिंसा ने खड़े किए सवाल

जिला न्यायालय जैसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले परिसर में दिनदहाड़े चाकू और पत्थरों से हमला होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन अदालत परिसर में इस तरह की घटना ने आम लोगों और अधिवक्ताओं के बीच चिंता बढ़ा दी है।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।