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सिवनी: भीमगढ़ डेम के गेट के खोले गए 2 गेट, सतर्क रहें!, 10 हजार घन फीट प्रति सेकेंड की रफ्तार से छोड़ा जा रहा पानी

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Seoni News: भीमगढ़ डेम के गेट खोलने को लेकर कार्यपालन यंत्री तिलवारा बायीं तट नहर संभाग केवलारी द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार, शनिवार 21 सितंबर को शाम 6 बजे भीमगढ़ डेम के गेट खोले जाएंगे। इस प्रक्रिया के दौरान, लगभग 10 हजार घन फीट प्रति सेकेंड पानी वैनगंगा नदी में छोड़ा जाएगा। इस स्थिति के मद्देनज़र, कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन ने डेम के निचले क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यह निर्णय लगातार जल आवक और डेम के जलस्तर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

भीमगढ़ डेम की महत्ता और जल प्रबंधन

भीमगढ़ डेम, जिसे संजय सरोवर डेम भी कहा जाता है, मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण जलाशयों में से एक है। यह डेम न केवल सिंचाई के लिए जल आपूर्ति करता है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में पीने के पानी और बिजली उत्पादन की आवश्यकताओं को भी पूरा करता है। इस डेम के तहत वैनगंगा नदी में नियमित अंतराल पर पानी छोड़ा जाता है, जिससे नदी का जलस्तर नियंत्रित रहता है और विभिन्न जल-आवश्यकताओं की पूर्ति होती है।

हालांकि, भारी वर्षा या जल आवक के दौरान, डेम का जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे उसे खाली करना आवश्यक हो जाता है। इसी क्रम में, 21 सितंबर को पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया है ताकि जलाशय में अधिक जलभराव न हो और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

वैनगंगा नदी और निचले क्षेत्र: जलस्तर का प्रभाव

वैनगंगा नदी मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से होकर बहती है और इसके किनारे बसे गांवों और कस्बों के लिए यह जीवनरेखा के समान है। लेकिन जब डेम से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जाता है, तो नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ की संभावना बढ़ जाती है।

इस बार भी, 10 हजार घन फीट प्रति सेकेंड पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ेगा, जिससे निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन की ओर से पहले ही इन क्षेत्रों के निवासियों को जलभराव और बाढ़ की संभावना के प्रति आगाह कर दिया गया है, और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए निर्देशित किया गया है।

कलेक्टर की चेतावनी और प्रशासन की तैयारियां

कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन द्वारा जारी चेतावनी में कहा गया है कि डेम के निचले क्षेत्रों में बसे नागरिक विशेष सावधानी बरतें और बाढ़ की स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करें। प्रशासन ने राहत और बचाव दल को सतर्क कर दिया है और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं।

इसके अलावा, प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति में मदद के लिए आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखा गया है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं, खाद्य सामग्री की आपूर्ति और सुरक्षित आश्रयस्थलों की व्यवस्था शामिल है। साथ ही, अधिकारियों ने नदी किनारे बसे निवासियों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और बाढ़ के दौरान नदी के पास न जाएं।

भीमगढ़ डेम से पानी छोड़ने के कारण संभावित प्रभाव

भीमगढ़ डेम से पानी छोड़ने के बाद निम्नलिखित प्रभाव हो सकते हैं:

  1. निचले क्षेत्रों में बाढ़: पानी के अत्यधिक बहाव के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे बाढ़ का खतरा बना रहता है।
  2. फसल नुकसान: जिन क्षेत्रों में कृषि भूमि नदी के किनारे है, वहां बाढ़ के कारण फसलों को नुकसान हो सकता है।
  3. यातायात में व्यवधान: बाढ़ की स्थिति में सड़कें और पुल प्रभावित हो सकते हैं, जिससे यातायात बाधित हो सकता है।
  4. पानी की गुणवत्ता पर असर: नदी में अचानक पानी के छोड़े जाने से जल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिससे पेयजल की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम

निचले क्षेत्रों में बसे लोगों को निम्नलिखित एहतियाती कदम उठाने चाहिए:

  • सतर्क रहें: बाढ़ की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें और सुरक्षा के लिए पहले से ही सुरक्षित स्थानों पर जाने की व्यवस्था करें।
  • महत्वपूर्ण दस्तावेज़ सुरक्षित रखें: अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों, जैसे पहचान पत्र, जमीन के कागजात आदि को सुरक्षित स्थान पर रखें।
  • आपातकालीन सेवाओं से संपर्क: बाढ़ की स्थिति में प्रशासनिक हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें और सहायता प्राप्त करें।
  • समय पर स्थानांतरित हों: अगर प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकासी की सलाह दी जाती है, तो समय पर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित हों।

सिवनी: महिला स्व सहायता समूहों से सिवनी कलेक्टर का सीधा संवाद

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Seoni News: नारी शक्ति जल शक्ति अभियान के तहत राष्ट्रीय स्तर पर सिवनी जिले का चयन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसमें एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) की महिला स्व सहायता समूहों ने अहम भूमिका निभाई है। इस अभियान में जल संरक्षण, खेती में नवाचार, और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को बढ़ावा दिया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जल संरक्षण में महिलाओं की भूमिका

महिलाओं की जल संरक्षण संरचनाओं में भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इस अभियान के अंतर्गत महिला समूहों ने खेत तालाबों का निर्माण किया है, जिससे न केवल जल का संरक्षण हुआ है, बल्कि किसानों को अपने खेतों में अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी मिला है।

खेती के साथ अन्य आय अर्जित गतिविधियाँ

जल संरक्षण के साथ-साथ, महिला स्व सहायता समूहों ने कई अन्य आय अर्जित करने वाली गतिविधियों में भी हिस्सा लिया है। इनमें प्रमुख हैं:

  • मछली पालन
  • सिंघाड़ा उत्पादन
  • कमल के फूल की खेती
  • सब्जी उत्पादन

इन गतिविधियों से महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता हासिल हो रही है, जिससे उनके परिवारों की स्थिति में सुधार हो रहा है।

महिला स्व सहायता समूहों से संवाद

20 सितंबर को एनआईसी कक्ष में वीसी माध्यम से जिला कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नवजीवन विजय पंवार के नेतृत्व में महिलाओं से सीधा संवाद हुआ। इस संवाद में, महिला हितग्राहियों ने अपने अनुभव और सफलताओं को साझा किया, जिससे अभियान की प्रगति को समझा जा सका। जिला कलेक्टर ने समूह की महिलाओं से आजीविका संवर्धन के बारे में चर्चा की और उन्हें जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया।

महिलाओं की कहानियों की विशेषता

महिलाओं ने अपनी व्यक्तिगत कहानियाँ और अनुभव भारत सरकार की टीम के साथ साझा किए। यह समूह सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है, जहां महिलाओं ने अपनी मेहनत से आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया है।

3600 खेत तालाबों का निर्माण

मुख्य कार्यपालन अधिकारी नवजीवन पंवार के प्रयासों से मनरेगा के तहत 3600 खेत तालाबों का निर्माण किया गया है। इन तालाबों से किसानों को खेती के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, जिससे फसलों की सिंचाई बेहतर हो रही है और फसल उत्पादन में भी वृद्धि हुई है।

राष्ट्रीय स्तर पर नवाचारों की सराहना

जिला कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन द्वारा एनआरएलएम और अन्य विभागों के साथ समन्वय से सीआरपी कैडर को कार्य में जोड़ने की योजना को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। इस नवाचार ने सिवनी जिले को देशभर में एक नई पहचान दी है।

सीधे संवाद का ऐतिहासिक महत्व

महिला स्व सहायता समूहों की महिलाओं ने जिला कलेक्टर के साथ हुए इस सीधे संवाद को एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में देखा है। इस प्रकार का सीधा संवाद महिलाओं को प्रोत्साहन और आत्मविश्वास देता है, जिससे वे अपनी जिम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से निभा पाती हैं।

नारी सशक्तिकरण की दिशा में आगे के कदम

यह अभियान न केवल महिलाओं को आर्थिक दृष्टि से मजबूत बना रहा है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में भी आगे बढ़ा रहा है। जल संरक्षण, आय अर्जित गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी, और सरकार द्वारा दिए गए समर्थन ने महिलाओं को एक नई दिशा दी है।

जिला कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी के प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि महिलाओं को उनकी मेहनत का पूरा श्रेय मिले और वे अपने समुदाय में आत्मनिर्भरता का एक आदर्श प्रस्तुत करें।

सिवनी: शारदीय नवरात्र पर्व एवं सनातन परंपरा की रक्षा हेतु अहम बैठक 22 सितंबर को श्री राम मंदिर शुक्रवारी में

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Seoni News: आगामी शारदीय नवरात्र पर्व को पूर्व की भांति भक्तिमय धार्मिकता के साथ मनाया जा सके और सनातन परंपरा की रक्षा हो सके, इसके लिए एक आवश्यक बैठक आयोजित की जा रही है।

वर्तमान समय में त्योहारों के दौरान धर्म का अशुद्धिकरण और सनातन परंपराओं पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की चिंता बढ़ रही है। इसी उद्देश्य से यह बैठक श्रीराम मंदिर शुक्रवारी में रविवार को आयोजित की जाएगी।

बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि माता के पंडाल, जो लाखों रुपये खर्च करके और एक साल की मेहनत से सजाए जाते हैं, वैसे ही सम्मानित रूप से बने रहें। माता की पूजा, आराधना, और विभिन्न सुविधाओं के साथ सजावट को बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि भक्तों को पूरे भक्तिभाव के साथ पूजा का आनंद मिल सके।

यह बैठक सर्व हिन्दू समाज की है और इसमें सभी हिन्दू संगठनों के प्रतिनिधि और हर वह व्यक्ति आमंत्रित है जो हृदय से धर्म की हानि रोकना चाहता है। इस बैठक का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि हिन्दू धर्म के साथ कोई खिलवाड़ न हो और त्योहारों की गरिमा सुरक्षित रहे। विशेष रूप से दुर्गा पंडाल समितियों और गरबा आयोजकों को बैठक में उपस्थित रहने का आग्रह किया गया है, ताकि यह चर्चा हो सके कि गरबा के कारण हिन्दू त्योहार बाधित न हों।

बैठक में मातृशक्ति, पुरुष वर्ग, सामाजिक संगठनों के प्रमुख और हिन्दू धर्म के अंतर्गत आने वाली सभी जातियों के प्रमुखों से उपस्थित होने की अपील की गई है। यह एक महत्वपूर्ण प्रयास है ताकि शारदीय नवरात्र का पर्व उसी भक्तिभाव और उत्साह के साथ मनाया जा सके, जैसा कि वर्षों से होता आ रहा है।

बैठक का विवरण:

  • दिनांक: 22 सितंबर 2024, रविवार
  • समय: शाम 5 बजे
  • स्थान: श्रीराम मंदिर, शुक्रवारी

निवेदक: युवा हिन्दू उत्सव समिति, सिवनी, सर्व हिन्दू समाज

सिवनी: प्रतिभा प्रोत्साहन प्रतियोगिता सम्पन्न

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Seoni News: मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति हिंदी भवन श्यामला हिल्स भोपाल के निर्देशानुसार जिला इकाई सिवनी के द्वारा दिनांक 13 सितंबर 2024 दिन शुक्रवार को अरुणांचल पब्लिक स्कूल सिवनी में जिला स्तरीय प्रतिभा प्रोत्साहन प्रतियोगिता का सम्पन्न हुई। प्रतियोगिता का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा दोपहर 12 बजे माता सरस्वती जी के पूजन व वंदना के साथ किया गया।

विभिन्न विद्यालयों से शाला स्तर पर चयनित होकर आए विधार्थियों द्वारा काव्य पाठ, भाषण, चित्रांकन से शब्दांकन एवं एकल लोकगीत विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

जिला स्तरीय प्रतिभा प्रोत्साहन प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल में मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति भोपाल जिला इकाई सिवनी के संरक्षक व मार्गदर्शक त्रय जिले के वरिष्ठ साहित्यकार श्री रमेश श्रीवास्तव चातक जी, श्री जगदीश तपिस जी, डाँ.(प्रोफेसर)सतेन्द्र शैन्डे जी की गरिमामयी सहभागिता रही।कार्यक्रम के अध्यक्ष डाँ.आर.एस.अग्रवाल जी संचालक अरुणांचल पब्लिक स्कूल सिवनी, मुख्यातिथि श्री दुर्गा शंकर श्रीवास्तव जी सेवा निवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी सिवनी, विशिष्ट अतिथि डाँ रामकुमार चतुर्वेदी जी अध्यक्ष जिला साहित्य मंच सिवनी, प्रांतीय महामंत्री हिंदी साहित्य भारती व संचालक डी.पी.चतुर्वेदी विधि महाविद्यालय एवं एस.एस.सी.शिक्षा महाविद्यालय सिवनी,मंचासीन अरूणाचल पब्लिक स्कूल सिवनी की प्राचार्य सुश्री अभिलाषा श्रीवास्तव जी,उप प्राचार्य श्रीमति प्रीति तिवारी जी की गरिमामय उपस्थिति में प्रतियोगिता का संचालन जिला इकाई सिवनी के सचिव श्री जगदीश प्रसाद मालवीय जी द्वारा किया गया।

आभार प्रदर्शन जिला संयोजक अधिवक्ता अखिलेश यादव द्वारा किया गया। प्रोफेसर अमन चौबे, एडवोकेट श्रीमति मंगला शैन्डे व अरूणाचल पब्लिक स्कूल सिवनी के सभी स्टाफ मेम्बर्स का सहयोग रहा। प्रतियोगिता के चारों विधाओं में निर्णायक मंडल के निर्णय के आधार पर प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को नगद धन राशि, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र व पेन देकर मंचासीन अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया।

काव्य पाठ में शास.उत्कृष्ट विद्यालय के बारहवीं के छात्र रूपेन्द्र डहेरिया ने प्रथम, श्रीराम आदर्श उ०मा०वि० की 12वीं की छात्रा कु० समीक्षा उसराठे ने द्वितीय एवं अरुणांचल पब्लिक स्कूल की 11 वीं की छात्रा कु० वैष्णवी राणा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

भाषण प्रतियोगिता में श्रीराम आदर्श उ०मा०वि० के दसवीं के छात्र अस्तित्व राहंगडाले प्रथम, अरुणांचल पब्लिक स्कूल के दसवीं के छात्र आरुष सोनी द्वितीय एवं शास० उत्कृष्ट विद्यालय की 11 वीं की छात्रा कु० सद्‌भावना बघेल तृतीय स्थान पर रही।

एकल लोकगीत प्रतियोगिता में श्रीराम आदर्श उ०मा०वि०की 11 वीं की छात्रा कु० पायल शुक्ला ने तृतीय, महारानी लक्ष्मीबाई शा० कन्या उ.मा.वि की 12 वीं की छात्रा कु दिशा ढाकरिया ने द्वितीय एवं अरुणांचल पब्लिक स्कूल की 9वीं की छात्रा कु० स्वर्णा सोनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

चित्रांकन से शब्दांकन प्रतियोगिता में श्रीराम आदर्श उ०मा० वि० की 11 वीं की छात्रा कु० डियांशी बिसेन ने तृतीय, अरुणांचल पब्लिक स्कूल के 10 वीं के छात्र योगेन्द्रकुमार बरमैया ने द्वितीय एवं कु० अश्विनी अहरवाल 11 की छात्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित किया।

प्रतियोगिता में असम्मिलित कु. सलोनी बघेल की खूनी हस्ताक्षर कविता एवं कु० अंशिका डहेरिया द्वारा प्रस्तुत लोकगीत ने श्रोताओं अतिथियों एवं निर्णायकों को भाव विभोर कर दिया। दोनों बालिकाएं अरुणांचल पब्लिक स्कूल की कक्षा ग्यारहवीं की छात्राएँ हैं। तो वहीं माडर्न हायर सेकेण्डरी स्कूल की कक्षा 10वीं की छात्रा कु० अक्षरा चौरसिया के लोकगीत पर भी दर्शक एवं श्रोता झूम उठे।

प्रतियोगिताओं के उपरान्त मुख्य अतिथि श्री दुर्गाशंकर श्रीवास्तव जी ने हिन्दी भाषा की दुर्दशा एवं विकास यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। ‘डॉ. रमाशंकरजी अग्रवाल ने अध्यक्षीय उद्‌बोधन में कहा “हिन्दी विश्व की एकमात्र भाषा है जिसमें किसी भी अक्षर का विलोपन नहीं होता है। हम जैसा लिखते हैं, वैसा ही उच्चारण करते हैं। जैसा बोलते हैं वैसा ही लिखते हैं। यह पूर्णतः वैज्ञानिक एवं सुसंस्कारित भाषा है। व्यावहारिक जीवन में सबको इसका उपयोग करना चाहिए। सरल, सुबोध भाषा है हिन्दी।

इस भव्य आयोजन की सम्पूर्ण व्यवस्था अरुणांचल पब्लिक स्कूल प्रबंधन द्वारा की गई थी। सम्माननीय निर्णायक मंडल, मंचासीन सम्माननीय अतिथियों को डायरी पेन से प्रतिभागी विधार्थियों को पेन से श्री शिवलाल अग्रवाल प्रकाशन की ओर से प्रभारी श्री एस एन अग्रवाल जी द्वारा सम्मानित किया गया।

MP में 19 सितम्बर से प्रारंभ हुआ समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन का पंजीयन

MP KISAN NEWS: खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये पंजीयन 19 सितम्बर से शुरू हो चुका है। किसान 19 सितम्बर से 4 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि किसान मोबाइल से घर से ही पंजीयन करा सकते है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो।

पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था

किसानों के लिये मोबाईल से पंजीयन करने की सुविधा के अतिरिक्त अन्य व्यवस्थाएँ भी सुनिश्चित की गई हैं। पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर तथा एम.पी. किसान एप पर भी की गई है।

पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था

पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। इन केन्द्रों पर पंजीयन के लिये शुल्क राशि प्राप्त करने के संबंध में कलेक्टर निर्देश जारी करेंगे। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क निर्धारित नहीं किया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा।

सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।

आधार नंबर का वेरिफिकेशन

पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त OTP से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा।

किसानों को करें एसएमएस

विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।

सागर, शहडोल, बालाघाट, नर्मदापुरम एवं मुरैना में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय और श्योपुर में आयुष चिकित्सालय को मिली स्वीकृति

Madhya Pradesh News: राष्ट्रीय आयुष मिशन अंतर्गत प्रदेश में 5 नवीन शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं 2 नवीन 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालयों की स्थापना स्वीकृति मिली है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने इसके लिए भारत सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार, नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में स्वस्थ, समृद्ध और विकसित मध्यप्रदेश आकार ले रहा है।

हमारा लक्ष्य जनाकांक्षाओं की पूर्ति और प्रदेश की सर्वांगीण प्रगति है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में नवीन शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं आयुष चिकित्सालय बनने से आयुष चिकित्सा अध्ययन एवं आयुष स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के अध्ययन के लिए विद्यार्थियों को सुलभता होगी और नागरिकों को भी गुणवत्तापूर्ण आयुष चिकित्सा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

आयुष मंत्री श्री परमार ने बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन योजना अंतर्गत प्रत्येक महाविद्यालय की स्थापना के लिए लगभग 70 करोड़ रुपए राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस तरह प्रदेश को कुल 350 करोड़ रुपए की राशि नवीन शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्थापना के लिए स्वीकृत की गई है।

इसके अंतर्गत प्रदेश के सागर, शहडोल, बालाघाट, नर्मदापुरम एवं मुरैना जिले में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की स्थापना होगी, इससे प्रदेश के समस्त संभागों में अब शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय स्थापित हो जाएंगे। श्री परमार ने बताया कि औषधीय वनस्पतियों से भरपूर जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र बालाघाट में शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की स्थापना होने से छात्र-छात्राओं को सुगम रूप से अध्ययन, शोध एवं गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सकेगी। जनजातीय क्षेत्र में प्राप्त होने वाली औषधीय वनस्पतियों के शोध एवं क्षेत्र में प्रचलित प्राचीन आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में भी शोध और अनुसंधान के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध होंगे। श्री परमार ने बताया कि प्रथम चरण में इन जिलों के आयुष चिकित्सालयों के उन्नयन के लिए चिकित्सालय भवन का निर्माण किया जाएगा।

आयुष मंत्री श्री परमार ने बताया कि आयुष चिकित्सा सुविधा जन-जन तक पहुंचाने एवं औषधीय वनस्पति की खेती को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से कृषकों एवं मण्डी के लिए प्रसिद्ध शुजालपुर एवं PVTG (विशेष पिछड़ी जनजाति समूह) जनजातीय क्षेत्र श्योपुर में 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालयों की स्थापना के लिए राशि स्वीकृत की गई है। इसमें प्रत्येक आयुष चिकित्सालय की स्थापना के लिए लगभग 15 करोड़ रुपए की राशि की स्वीकृति मिली है।

BHOPAL: एमपी के भोपाल को मिलेगी एक और फ्लाई ओवर की सौगात

Bhopal News: सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रभात चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रभात चौराहे पर नीचे ट्रैफिक, ऊपर फ्लाई ओवर और उसके ऊपर मेट्रो भी चलेगी। इससे रहवासियों को आवागमन में सुविधा होगी।

रेलवे स्टेशन जाना होगा सुगम

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह क्षेत्र के रहवासी सहित भोपाल और बीएचईएल के लोगों के लिये सौगात है। इस सुविधा से ट्रैफिक और रेल्वे स्टेशन की ओर जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी। मंत्री श्री सारंग ने प्रस्तावित स्थल का जिला प्रशासन के अधिकारियों सहित पीडबल्यूडी ब्रिज, मेट्रो, नगर निगम, विद्युत वितरण कंपनी, पुलिस और राजस्व के अधिकारियों के साथ संयुक्त दौरा किया।

समिति करेगी विभागीय समन्वय

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिये समिति बनाई गई है। यह समिति सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य को गति देगी। समिति कार्य में आ रही बाधाओं एवं कठिनाईयों को सामने लाकर दूर करने का प्रयास करेगी। समिति संबंधित विभागों के साथ समय-समय पर बैठक करेगी और एक टाइम लाईन बनायेगी। लगभग 8 से 9 माह में फ्लाई ओवर तैयार करने की योजना है।

ग्रेड सेपरेशन और मेट्रो की कार्य योजना

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि भोपाल के लिये यह सौगात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भूमि-पूजन कर देंगे। उन्होंने बताया कि आईटीआई तिराहे से बोगदा पुल तक आरओबी के विकास की योजना में सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करेंगे। ग्रेड सेपरेशन और मेट्रो की कार्य योजना को जल्द ही फाइनल किया जायेगा।

लेफ्ट टर्न क्लियरेंस पर ध्यान

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि उपरोक्त कार्य में प्राथमिकता के आधार पर लेफ्ट टर्न क्लियर विकास पर ध्यान दिया जायेगा। मेट्रो तथा पीडबल्यूडी आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे। मंत्री श्री सारंग ने केपिटल पट्रोल पंप के पास स्थित नाले पर पुलिया के चौड़ीकरण तथा सर्विस रोड़ का कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश लोक निर्माण अधिकारियों को दिये। इस मौके पर महापौर श्रीमती मालती राय सहित अन्य जन-प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

TIRUPATI LADDU: तिरुमाला तिरुपति मंदिर लड्डू प्रसाद में जानवरों की चर्बी और मछली का तेल, लैब रिपोर्ट में पुष्टि!

TIRUPATI LADDU: आंध्र प्रदेश में तिरुपति प्रसादम को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 19 सितंबर को, तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने दावा किया कि तिरुमाला वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में प्रसादम के रूप में वितरित किए जाने वाले लड्डू के लिए उपयोग किए गए घी में “गोमांस की चर्बी” मिली है। इस विवाद ने राजनीतिक और धार्मिक चर्चा का माहौल गरमा दिया है। आइए, इस पूरे विवाद को विस्तार से समझते हैं।

टीडीपी का बड़ा आरोप: घी में मिलावट

टीडीपी ने कहा है कि तिरुपति लड्डू में उपयोग किए गए घी में जानवरों की चर्बी मिली है। पार्टी प्रवक्ता अनम वेंकट रमना रेड्डी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया, जिसमें गुजरात स्थित एनडीडीबी काल्फ लिमिटेड द्वारा की गई प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट का हवाला दिया गया। इस रिपोर्ट के अनुसार, घी के नमूने में “बीफ़ टैलो” यानी गोमांस की चर्बी की मौजूदगी पाई गई है।

यह पहली बार नहीं है जब तिरुपति मंदिर के प्रसाद की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। इससे पहले भी तेलुगु देशम पार्टी ने लड्डू की गुणवत्ता को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इस बार यह मामला और भी संवेदनशील है, क्योंकि इसमें धार्मिक भावना का मुद्दा भी शामिल है।

पिछली सरकार पर आरोप: घटिया सामग्री का इस्तेमाल

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पिछली वाईएसआरसीपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके शासनकाल में प्रसादम में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ था। नायडू ने यह भी कहा कि वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान लड्डू बनाने के लिए पशु वसा का उपयोग किया गया था, जिससे मंदिर की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची है। नायडू के अनुसार, मौजूदा सरकार ने इस तरह की गड़बड़ियों को ठीक कर दिया है और अब तिरुमाला मंदिर में शुद्ध घी का उपयोग किया जा रहा है।

वाईएसआरसीपी की प्रतिक्रिया: आरोप निराधार

वाईएसआरसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने नायडू के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। टीटीडी के पूर्व अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी ने इन आरोपों को “दुर्भावनापूर्ण” करार दिया और कहा कि नायडू केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस तरह के आधारहीन आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने नायडू के इस बयान को अनुचित और देवता की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताया।

सुब्बा रेड्डी ने यहां तक कहा कि वह नायडू को तिरुमाला वेंकटेश्वर स्वामी के सामने शपथ लेने की चुनौती देते हैं। उन्होंने कहा, “यदि नायडू को अपने आरोपों पर भरोसा है, तो उन्हें मेरे साथ मंदिर में आकर शपथ लेनी चाहिए कि उनके द्वारा लगाए गए आरोप सत्य हैं।”

कर्नाटक मिल्क फेडरेशन का बयान

इस विवाद के बीच, कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने भी अपनी सफाई पेश की। केएमएफ ने कहा कि तिरुमाला मंदिर में नंदिनी घी की आपूर्ति केवल राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद की गई है, न कि वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान। फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि उनके घी की गुणवत्ता पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता, और यह आरोप निहित स्वार्थों के तहत लगाए जा रहे हैं।

मंदिर प्रशासन की सफाई

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधिकारियों ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंदिर में घी की आपूर्ति ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से होती है, जिसमें गुणवत्ता और कीमत दोनों का ध्यान रखा जाता है। टीटीडी के पूर्व कार्यकारी अधिकारी एवी धर्म रेड्डी ने कहा कि मंदिर केवल उन्हीं आपूर्तिकर्ताओं से घी खरीदता है जो इस प्रक्रिया के दोहरे परीक्षण को पास करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केएमएफ पिछले 20 वर्षों में केवल एक बार घी की आपूर्ति कर सका है और उसमें भी समय पर खेप पहुंचाने में विफल रहा।

लैब रिपोर्ट और सैंपल की जांच

टीडीपी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस प्रयोगशाला रिपोर्ट का हवाला दिया, उसके अनुसार घी में लार्ड (सूअर की चर्बी) और मछली के तेल की मौजूदगी भी पाई गई है। टीडीपी ने कहा कि यह रिपोर्ट 9 जुलाई को सैंपल मिलने के बाद 16 जुलाई को जारी की गई थी। हालांकि, इस रिपोर्ट की कोई आधिकारिक पुष्टि राज्य सरकार या टीटीडी की ओर से नहीं की गई है।

विवाद का राजनीतिकरण

तिरुपति प्रसादम को लेकर उठे इस विवाद ने न केवल धार्मिक बल्कि राजनीतिक रंग भी ले लिया है। वाईएसआरसीपी और टीडीपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां एक ओर नायडू ने इसे पिछली सरकार की गंभीर चूक बताया, वहीं दूसरी ओर वाईएसआरसीपी ने इसे साजिश करार दिया।

सीबीआई जांच की मांग

इस विवाद पर कांग्रेस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। राज्य कांग्रेस प्रमुख वाईएस शर्मिला ने इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नायडू के आरोपों ने करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

सिवनी: पत्रकार विपिन शर्मा दिवंगत, प्रातः 9 बजे कटंगी रोड मोक्षधाम में होगा अंतिम संस्कार

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Seoni News: वरिष्ठ पत्रकार विपिन शर्मा का दुखद निधन हो गया है। उनके निधन से पूरे पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। विपिन शर्मा अपने बेबाक लेखन और पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने समाज और देश की विभिन्न समस्याओं पर अपनी कलम के माध्यम से जागरूकता फैलाने का कार्य किया था।

विपिन शर्मा का अंतिम संस्कार आज प्रातः 9 बजे कटंगी रोड स्थित मोक्षधाम में किया जाएगा। परिवार के सदस्यों और नजदीकी मित्रों के अनुसार, उनका निधन एक लंबी बीमारी के बाद हुआ। उनके असामयिक निधन से न केवल उनके परिवार, बल्कि उनके सहयोगियों और पाठकों को भी गहरा आघात पहुंचा है।

विपिन शर्मा ने अपने जीवनकाल में विभिन्न समाचार पत्रों और मीडिया हाउस के साथ काम किया। उन्होंने समाज के लिए अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर किया और उनके लेखन के माध्यम से सत्य की आवाज को बुलंद किया। उनकी लेखनी हमेशा निष्पक्ष और निर्भीक रही, जिसके कारण उन्हें सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त हुई।

उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और पत्रकार संगठनों ने शोक व्यक्त किया है। उनके योगदान को याद करते हुए सभी ने उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

उनके निधन से पत्रकारिता जगत में एक बड़ा शून्य उत्पन्न हो गया है, जिसे भर पाना मुश्किल होगा।

MANDLA NEWS: मध्य प्रदेश के मंडला में ईद-मिलाद-उल-नबी के जुलूस के दौरान लहराया फिलिस्तीनी झंडा; VIDEO VIRAL

Mandla News: मध्य प्रदेश के मंडला में ईद-मिलाद-उल-नबी जुलूस के दौरान कुछ लोगों द्वारा ‘फिलिस्तीनी झंडा’ लहराने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।

क्लिप में मुस्लिम पुरुषों का एक समूह त्यौहार पर एक रैली निकालता हुआ दिखाई दे रहा है। उन्हें एक झंडा लहराते हुए देखा गया जो फिलिस्तीनी झंडे जैसा दिख रहा था, इसके अलावा कई अन्य हरे और सफेद झंडे भी लहरा रहे थे। जुलूस का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लिया है।

यह घटना 16 सितंबर को मंडला जिले के अंजनिया गांव में घटित हुई। मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

जानकारी के अनुसार, 16 सितंबर को मुस्लिम समुदाय द्वारा ईद मिलादुन्नबी (अरबी में मौलिद के नाम से जाना जाने वाला) के अवसर पर इंदिरा चौक, अंजनिया में जुलूस निकाला गया था। जुलूस के दौरान एक व्यक्ति मुस्लिम देश फिलिस्तीन का विशाल झंडा लहराता हुआ दिखाई दिया। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया। वीडियो ने खूब सुर्खियां बटोरीं और पुलिस की नजर भी उस पर पड़ी।

Palestinian Flag Spotted During Eid-Milad-Ul-Nabi Procession In Mandla; Watch Viral Video

पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि वीडियो उनके संज्ञान में लाया गया है। उन्होंने कहा कि अंजनिया पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज की जा रही है और जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान अरबाज खान के रूप में हुई है।

पुलिस सूत्रों ने आगे बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस न केवल अरबाज खान की संलिप्तता की जांच कर रही है, बल्कि यह भी पता लगा रही है कि उसे झंडा किसने मुहैया कराया।