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सिवनी: चलती ट्रेन से गिरी 18 माह की मासूम, शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस में हुआ हादसा, रेलवे पुलिस और ग्रामीणों ने पेश की मिसाल

Seoni Railway Station News: सिवनी रेलवे स्टेशन पर घटित एक भावुक कर देने वाली घटना ने इंसानियत और संवेदनशीलता का उदाहरण प्रस्तुत किया। शनिवार का दिन सिवनी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए सामान्य प्रतीत हो रहा था, जब शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस ट्रेन (नंबर 11202) दोपहर 1:40 बजे छिंदवाड़ा की ओर रवाना हुई।

लेकिन ट्रेन के बम्होड़ी गांव के पास पहुंचने पर एक 18 माह की बच्ची अंशिका अचानक ट्रेन से गिर गई। इस हादसे ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया।

स्थानीय युवाओं का साहस और सहायता

बम्होड़ी गांव के युवाओं ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश की। पटरी किनारे रोने की आवाज सुनकर धर्मेंद्र सनोड़िया, विश्वनाथ यादव और घनश्याम यादव तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने बच्ची को उठाया और पाया कि उसके हाथ, पैर, कमर और चेहरे पर चोटें आई हैं।

बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए, वे तुरंत उसे अपनी बाइक पर लेकर शहर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने रेलवे स्टेशन जाकर रेलवे पुलिस को घटना की जानकारी दी। रेलवे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन को सूचित किया।

परिवार तक पहुंची जानकारी

रेलवे पुलिस द्वारा दी गई सूचना के आधार पर, अंशिका के माता-पिता, नीरज गुप्ता और रिंकू गुप्ता, जो कि कटनी से छिंदवाड़ा जा रहे थे, को इस घटना की जानकारी दी गई। बच्ची के माता-पिता तुरंत सिवनी रेलवे स्टेशन पहुंचे।

अंशिका की मां ने बताया कि वे एस-3 कोच के बर्थ नंबर 66, 67 और 68 पर यात्रा कर रहे थे। नीरज गुप्ता अपनी बर्थ से उठकर गेट की ओर गए थे और उनके पीछे-पीछे अंशिका भी चली गई।

नीरज गेट की तरफ जाने के बाद यह मान रहे थे कि अंशिका अपनी मां रिंकू या मामा धीरज गुप्ता के साथ होगी। हालांकि, अंशिका दूसरे गेट की ओर चली गई और दुर्भाग्यवश गिर गई। लगभग 10 मिनट बाद, जब धीरज अपनी बर्थ पर लौटे, तो रिंकू ने पूछा कि अंशिका कहां है। धीरज के ‘मुझे नहीं पता’ कहने पर परिवार घबरा गया।

रेलवे सुरक्षा बल की तत्परता

रेलवे सुरक्षा बल सिवनी ने इस घटना में सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से बच्ची को सुरक्षित परिवार के सुपुर्द किया जा सका।

सिवनी रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल बाहरी चौकी में कार्यरत महिला आरक्षक ज्योति विश्वकर्मा ने बच्ची को उसके परिजनों के सुपुर्द किया। बच्ची को सकुशल देखकर परिवारजन भावुक हो गए और गांव के युवाओं का आभार व्यक्त किया।

बम्होड़ी गांव के युवाओं का प्रशंसनीय कार्य

इस घटना ने साबित किया कि बम्होड़ी गांव के युवाओं की सजगता और मानवीय भावना ने एक बच्ची की जान बचाई। इन युवाओं ने न केवल घायल बच्ची को उपचार के लिए पहुंचाया बल्कि पूरी घटना की जानकारी रेलवे पुलिस को दी, जिससे परिवारजन जल्द से जल्द बच्ची से मिल सके।

सिवनी रेलवे स्टेशन पर घटित इस घटना ने मानवता और संवेदनशीलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। ग्रामीणों और रेलवे पुलिस के त्वरित और सामूहिक प्रयासों से बच्ची को सुरक्षित बचाया जा सका। यह घटना हमें रेलवे यात्रा के दौरान सतर्कता और सुरक्षा उपायों के महत्व को समझाती है।

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) परीक्षा कैलेंडर 2025: भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं का व्यापक विवरण @esb.mp.gov.in

MPESB exam calendar 2025: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB), भोपाल द्वारा साल 2025 के लिए परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया गया है। इस कैलेंडर के अनुसार, साल 2025 में कुल 15 भर्ती परीक्षाएं और 5 प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। यह परीक्षाएं फरवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच आयोजित होंगी। इस लेख में हम आपको MPESB के परीक्षा कैलेंडर 2025 का विस्तृत विवरण देंगे।

MPESB परीक्षा कैलेंडर 2025: भर्ती परीक्षाओं का विस्तृत विवरण

1. समूह 5 स्टाफ नर्स संयुक्त भर्ती परीक्षा

  • एग्जाम डेट: 15 फरवरी 2025
  • अनुमानित पद संख्या: 2267
  • संभावित परीक्षा परिणाम: अप्रैल 2025

2. महिला बाल विकास पर्यवेक्षक परीक्षा (विशेष परीक्षा)

  • संभावित परीक्षा माह: फरवरी 2025
  • अनुमानित पद संख्या: 426
  • संभावित परीक्षा परिणाम: अप्रैल 2025

3. सहायक वर्ग 3 व अन्य समकक्ष पद हेतु संयुक्त भर्ती परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: मार्च 2025
  • अनुमानित पद संख्या: 500
  • संभावित परीक्षा परिणाम: मई 2025

4. माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: मार्च 2025
  • अनुमानित पद संख्या: 10,000
  • संभावित परीक्षा परिणाम: मई 2025

5. प्राथमिक शाला शिक्षक चयन परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: अप्रैल 2025
  • संभावित परीक्षा परिणाम: जून 2025

6. समूह 1 उपसमूह 1 परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: अप्रैल 2025
  • अनुमानित पद संख्या: 247
  • संभावित परीक्षा परिणाम: जून 2025

7. समूह 1 उपसमूह 3 परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: अप्रैल 2025
  • अनुमानित पद संख्या: 248
  • संभावित परीक्षा परिणाम: जून 2025

8. समूह 2 उपसमूह 1 परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: मई 2025
  • अनुमानित पद संख्या: उपलब्ध नहीं
  • संभावित परीक्षा परिणाम: जुलाई 2025

9. समूह 2 उपसमूह 3 परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: मई 2025
  • अनुमानित पद संख्या: 248
  • संभावित परीक्षा परिणाम: जुलाई 2025

10. समूह 2 उपसमूह 4 परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: मई 2025
  • अनुमानित पद संख्या: 631
  • संभावित परीक्षा परिणाम: जुलाई 2025

11. सहायक उप निरीक्षक प्रधान आरक्षक चयन परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: अगस्त 2025
  • अनुमानित पद संख्या: 91
  • संभावित परीक्षा परिणाम: अक्टूबर 2025

12. वनरक्षक, क्षेत्र रक्षक, जेल प्रहरी परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: सितंबर 2025
  • अनुमानित पद संख्या: 233
  • संभावित परीक्षा परिणाम: नवंबर 2025

13. समूह 3 उपयंत्री परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: नवंबर 2025
  • अनुमानित पद संख्या: 150
  • संभावित परीक्षा परिणाम: जनवरी 2026

14. आईटीआई प्रशिक्षण अधिकारी चयन परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: दिसंबर 2025
  • अनुमानित पद संख्या: उपलब्ध नहीं
  • संभावित परीक्षा परिणाम: फरवरी 2026

15. उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: दिसंबर 2025
  • अनुमानित पद संख्या: उपलब्ध नहीं
  • संभावित परीक्षा परिणाम: फरवरी 2026
Madhya Pradesh Staff Selection Board (MPESB) Exam Calendar 2025

MPESB परीक्षा कैलेंडर 2025: प्रवेश परीक्षाओं का विस्तृत विवरण

1. PAT प्रवेश परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: मई 2025
  • संभावित परीक्षा परिणाम: मई 2025

2. एनिमल हसबेंडरी एवं डेयरी डिप्लोमा प्रवेश परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: मई 2025
  • संभावित परीक्षा परिणाम: मई 2025

3. महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता प्रशिक्षण प्रवेश परीक्षा (ANMTST)

  • संभावित परीक्षा माह: जून 2025
  • संभावित परीक्षा परिणाम: जून 2025

4. प्री-नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट (PNST) एवं GNM टेस्ट (GNMTST)

  • संभावित परीक्षा माह: जून 2025
  • संभावित परीक्षा परिणाम: जून 2025

5. पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग एवं एमएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा

  • संभावित परीक्षा माह: जून 2025
  • संभावित परीक्षा परिणाम: जून 2025

MPESB भोपाल द्वारा जारी यह परीक्षा कैलेंडर मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। यह सभी परीक्षाएं सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक सुव्यवस्थित योजना तैयार करने में मददगार साबित होंगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा से संबंधित किसी भी अपडेट के लिए MPESB की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से विजिट करें।

सिवनी: धान का परिवहन न होने से किसानो को हो रही बड़ी समस्या, समय पर नहीं हो रहा भुगतान

सिवनी: धान खरीदी केंद्रों में धान का परिवहन तथा भंडारण समय पर न होने से किसानों को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन में हो रही देरी के कारण किसानों के खरीदी केंद्रों में तौली गई धान का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है। बरघाट विकासखंड समेत कई इलाकों में यह समस्या बढ़ती जा रही है, जिससे किसानों की स्थिति और भी दयनीय होती जा रही है।

धान खरीदी केंद्रों में परिवहन व्यवस्था की समस्या

धान खरीदी केंद्रों में हजारों क्विंटल धान परिवहन के लिए पड़ी हुई है।

  • कुछ केंद्रों पर ट्रकों की अधिक संख्या में उपलब्धता है, जबकि अन्य केंद्रों में स्थिति यह है कि पांच ट्रक भी समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
  • यह असमानता अक्सर राजनीतिक प्रभाव और केंद्र प्रभारी की सैटिंग के कारण हो रही है।
  • मिलर्स और परिवहनकर्ता अपनी सहूलियत के हिसाब से ट्रक उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे छोटे और हाशिए पर खड़े किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

मिलर्स की सैटिंग से बढ़ रही समस्या

धान खरीदी केंद्रों से धान के उठाव की जिम्मेदारी पहले मिलर्स को सौंपी गई थी।

  • लेकिन समय पर उठाव न होने की स्थिति में परिवहनकर्ताओं को जोड़ा गया।
  • अब मिलर्स और परिवहनकर्ता भी धान उठाने में अपनी प्राथमिकता तय कर रहे हैं।
  • कुछ केंद्रों में 50% धान का परिवहन हो चुका है, जबकि कई केंद्रों पर 5% भी परिवहन नहीं हो पाया है।
  • इस असमानता के चलते महिला स्व सहायता समूह भी परेशान हो रही हैं, जो इस कार्य में लगी हुई हैं।

पुराने बारदाना से जुड़े विवाद

धान खरीदी केंद्रों में पुराने बारदाने का उपयोग शासन के निर्देश पर किया जा रहा है।

  • लेकिन मिलर्स पुराने बारदाने में भरी धान उठाने से परहेज कर रहे हैं।
  • नए बारदाने की मांग बढ़ती जा रही है, जबकि पुराने बारदाने की स्थिति बेहद खराब है।
  • बरघाट विकासखंड और अन्य केंद्रों में मिलर्स द्वारा प्रदान किए गए बारदाने इतने खराब हैं कि वे धान की बोरियां जमीन पर रखते ही फट जा रहे हैं।
  • इससे न केवल धान खराब हो रही है, बल्कि किसानों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है।

धान भुगतान में हो रही देरी

धान खरीदी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, तौल के सात दिन के भीतर भुगतान किया जाना चाहिए।

  • लेकिन जब परिवहन में ही महीनों लग रहे हैं, तो किसानों को समय पर भुगतान कैसे मिलेगा?
  • भुगतान में हो रही इस देरी से किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है।
  • कई किसान अपनी अन्य फसलें बोने के लिए भी समय पर धन नहीं जुटा पा रहे हैं।

धान भंडारण की अनियमितताएं

धान का सही तरीके से भंडारण न होने के कारण यह समस्या और भी जटिल हो गई है।

  • फटे बारदाने में भरी धान खुले में पड़ी हुई है, जिससे यह खराब हो रही है।
  • शासन और मिलर्स के बीच तालमेल की कमी के चलते किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
  • भंडारण और परिवहन की इस अव्यवस्था का सीधा असर किसानों की आय पर पड़ रहा है।

किसानों के लिए तत्काल समाधान की जरूरत

किसानों की समस्याओं को देखते हुए तत्काल समाधान की जरूरत है।

  • परिवहन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए।
  • मिलर्स और परिवहनकर्ताओं को कड़े निर्देश दिए जाएं।
  • नए बारदाने की व्यवस्था समय पर हो और पुराने बारदाने की गुणवत्ता में सुधार किया जाए।
  • किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति स्थिर बनी रहे

धान का परिवहन और भंडारण समय पर न होने से किसानों को आर्थिक और मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। यह समस्या केवल प्रशासनिक लापरवाही की वजह से नहीं, बल्कि सैटिंग और अनियमितताओं के कारण और बढ़ गई है। किसानों की मेहनत को व्यर्थ जाने से बचाने के लिए शासन और संबंधित अधिकारियों को त्वरित और ठोस कदम उठाने चाहिए।

सिवनी-बालाघाट मुख्य मार्ग तक फैला अतिक्रमण दे रहा है बड़ी दुर्घटना को न्यौता, सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन ने कार्यवाही का दिया आश्वासन

सिवनी-बालाघाट मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण की विकराल समस्या: सिवनी जिले के बालाघाट मुख्य मार्ग के किनारे तक फैले अवैध अतिक्रमण ने एक गंभीर समस्या खड़ी कर दी है। खासकर धारनाकला बस स्टैंड क्षेत्र में यह अतिक्रमण यातायात में बाधा उत्पन्न कर रहा है। यहां अवैध कब्जे के चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें न केवल लोग घायल हो रहे हैं, बल्कि कई जानलेवा घटनाएं भी घटित हो चुकी हैं। इसके बावजूद, प्रशासन की मौन स्वीकृति और उदासीनता ने इस समस्या को और बढ़ावा दिया है।

प्रशासनिक कार्रवाई में देरी का कारण

137 अवैध अतिक्रमण चिन्हित

जिला कलेक्टर के निर्देश पर, तहसीलदार बरघाट और अन्य प्रशासनिक विभागों ने 137 अवैध अतिक्रमणों को चिन्हित किया। इन अतिक्रमणों को हटाने के लिए संयुक्त दल ने सीमांकन कार्य किया और पटवारी द्वारा प्रतिवेदन सौंपा गया। लेकिन, एक माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। नोटिस तक जारी नहीं किए गए, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई मात्र औपचारिकता बनकर रह गई है।

भू-माफियाओं की नजर शासकीय जमीन पर

बस स्टैंड क्षेत्र में शासकीय भूमि का दुरुपयोग

धारनाकला बस स्टैंड और मुख्य मार्ग के पास स्थित शासकीय जमीन की मौजूदा कीमत करोड़ों रुपये में आंकी गई है। इस भूमि पर भू-माफियाओं और स्थानीय लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। कुछ स्थानों पर पक्के निर्माण कार्य तक हो चुके हैं। पटवारी द्वारा तैयार रिपोर्ट में यह साफ उल्लेख किया गया है, लेकिन कार्रवाई के अभाव में भू-माफिया प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं।

चार से पांच हजार रुपये प्रति वर्गफीट कीमत

धारनाकला के मुख्य मार्ग से लगी भूमि की कीमत वर्तमान में चार से पांच हजार रुपये प्रति वर्गफीट तक पहुंच चुकी है। इस उच्च बाजार मूल्य के कारण भू-माफियाओं की नजर इस क्षेत्र पर बनी हुई है। वे शासकीय जमीन पर अवैध निर्माण करके इसे निजी संपत्ति की तरह बेच रहे हैं।

अवैध अतिक्रमण का प्रभाव और यातायात बाधा

यातायात में बढ़ती समस्याएं

मुख्य मार्ग पर फैले अतिक्रमण के कारण वाहन चालकों को सड़क पर चलने में परेशानी हो रही है। सड़क के किनारे तक अतिक्रमण के चलते यातायात बाधित हो रहा है। दुर्घटनाओं में वृद्धि और लोगों की जान-माल का नुकसान हो रहा है।

सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी

धारनाकला क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण कई जानलेवा दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। यह अवैध कब्जा न केवल लोगों के लिए जोखिम पैदा कर रहा है, बल्कि जिले की प्रशासनिक साख को भी नुकसान पहुंचा रहा है।

प्रशासन की लापरवाही

काली पट्टी बांधे प्रशासन

अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन के प्रयास असफल साबित हो रहे हैं। जिले में शासकीय जमीन से अवैध कब्जा हटाने की मुहिम चल रही है, लेकिन बरघाट क्षेत्र में इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। प्रशासनिक विभागों की धीमी गति और उदासीनता से भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

संवेदनशील जिला कलेक्टर की भूमिका

क्या संस्कृति जैन करेंगी ठोस कार्रवाई?

सिवनी जिले की जिला कलेक्टर संस्कृति जैन ने इस मुद्दे पर संज्ञान लिया है और शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है, उन्होंने कहा “इस सम्बध्द मे मै जरूर देखती हू की अब तक कार्यवाई क्यो नही हुई”। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस बार प्रशासन मुख्य मार्ग पर फैले अतिक्रमण को हटाने में सक्षम हो पाएगा या फिर यह समस्या एक बार फिर अनदेखी का शिकार बन जाएगी।

सिवनी-बालाघाट मुख्य मार्ग पर फैला अतिक्रमण प्रशासन की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े कर रहा है। इसे केवल प्रशासनिक इच्छाशक्ति और सख्त कार्रवाई से रोका जा सकता है। अवैध कब्जों को हटाना न केवल यातायात सुधारने के लिए आवश्यक है, बल्कि यह जिले के विकास और सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।

जबलपुर रेलवे स्टेशन पर कोयले से भरी मालगाड़ी में लगी आग: खाली कराया गया यात्रियों से भरा प्लेटफॉर्म!

जबलपुर के मदनमहल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर सोमवार रात एक बड़ा हादसा होने से टल गया। कोयला ले जा रही एक मालगाड़ी में अचानक आग लग गई, जिससे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता से इस हादसे पर काबू पाया गया और यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।

घटना का समय और स्थिति का विवरण

सोमवार रात लगभग 10:30 बजे, जब मालगाड़ी जबलपुर से इटारसी के लिए रवाना होने की तैयारी कर रही थी, तभी प्लेटफार्म नंबर 2 पर चिंगारियां उठने लगीं। यह आग लगने की घटना स्टेशन पर उपस्थित यात्रियों और कर्मचारियों के लिए एक बड़े खतरे का संकेत बन गई।

बताया जा रहा है कि मालगाड़ी के डिब्बों में क्षमता से अधिक वजन होने या शॉर्ट सर्किट के कारण यह हादसा हुआ। अनुमान है कि मालगाड़ी में लदा कोयला ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइन से टकरा गया, जिससे चिंगारियां निकलने लगीं।

जैसे ही रेलवे कर्मचारियों को इस बारे में जानकारी मिली, उन्होंने अनाउंसमेंट करवाया ताकि यात्री स्थिति से अवगत हो सकें। साथ ही, कर्मचारियों ने प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर मौजूद यात्रियों को सुरक्षित दूसरे प्लेटफॉर्म पर पहुंचाने में भी मदद की।

इस बीच, स्थानीय पुलिस के साथ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जवान भी मौके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तुरंत बुलाया गया। स्टेशन के अंदर और बाहर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

आग पर काबू पाने के लिए काफी प्रयास किए गए और आखिरकार स्थिति पर काबू पा लिया गया। हालांकि, अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह विकराल रूप ले सकती थी, क्योंकि पूरी मालगाड़ी कोयले से भरी हुई थी. दुर्घटना के बाद रेलवे कर्मचारी और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं।

गौरव सम्मान सेवा समिति: राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रकाश टाटा और अभिनेता विजय राज से की मुलाकात

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गौरव सम्मान सेवा समिति (Gaurav Samman Seva Samiti) समाज सेवा और कलाकारों के उत्थान का प्रतीक: गौरव सम्मान सेवा समिति एक ऐसा संगठन है जो कलाकारों को सम्मानित करने और समाज में बेहतर योगदान देने वालों को प्रेरित करने का कार्य करती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने हाल ही में संगठन के विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की, जिसमें उन्होंने विश्व प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रकाश टाटा और बॉलीवुड के प्रसिद्ध कॉमेडी कलाकार विजय राज एवं फिल्म अभिनेता लोकेश तिलकधारी से मुलाकात की।

डॉ. प्रकाश टाटा: गौरव सम्मान सेवा समिति के संरक्षक बने

डॉ. प्रकाश टाटा ने संगठन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा, “यह समिति न केवल कलाकारों को उनका उचित सम्मान दिलाने का प्रयास करती है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी कार्यरत है। मैं इस समिति का संरक्षक बनकर गौरव महसूस कर रहा हूं और इसे आगे बढ़ाने में हर संभव सहयोग करूंगा।” डॉ. टाटा के मार्गदर्शन में, समिति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की योजना बनाई गई है।

कलाकारों के रोजगार पर जोर: अशोक अकेला की भूमिका

समिति के जिला अध्यक्ष और प्रख्यात भजन गायक अशोक अकेला ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य हर कलाकार को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास रहेगा कि हर कलाकार को उनके शहर में पहचान मिले और वे बेरोजगार ना रहें। हम बेहतर कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करेंगे और कलाकारों के लिए नए मंच उपलब्ध कराएंगे।”

गुरुजी का आशीर्वाद: समिति की सफलता की कुंजी

राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा, “हम आदरणीय गुरुजी डॉ. प्रकाश टाटा जी का आशीर्वाद पाकर गौरवान्वित हैं। उनके मार्गदर्शन में हमारी पूरी टीम और संगठन बेहतर कार्य करेगी। यह सहयोग हमें समाज में एक नई पहचान दिलाने और हमारे उद्देश्यों को साकार करने में मदद करेगा।”

संगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश

गौरव सम्मान सेवा समिति के निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्य हैं:

  • समाज के बेहतर कार्यकर्ताओं को सम्मानित करना।
  • कलाकारों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करना।
  • समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य करना।
  • कलाकारों को उनके शहर में पहचान दिलाना।

कलाकारों के उत्थान के लिए विशेष योजनाएं

समिति ने कलाकारों के रोजगार और पहचान के लिए कई योजनाएं बनाई हैं।

  • रोजगार मेले का आयोजन: सभी कलाकारों को एक मंच पर लाने और उन्हें रोजगार प्रदान करने की योजना।
  • सम्मान समारोह: बेहतर प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को विशेष रूप से सम्मानित करने का प्रावधान।
  • सहयोग और प्रशिक्षण: नवोदित कलाकारों को बेहतर प्रदर्शन के लिए मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना।

समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदम

समिति न केवल कलाकारों को सम्मानित करने का कार्य कर रही है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी सक्रिय है। इसके माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करने और समाज में नई ऊर्जा भरने का कार्य किया जा रहा है।

भविष्य की योजनाएं

गौरव सम्मान सेवा समिति आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में कार्य करेगी। इसके तहत:

  1. आयोजन का विस्तार: बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित करना।
  2. सदस्यता अभियान: अधिक से अधिक लोगों को समिति से जोड़ना।
  3. सामाजिक कार्यक्रम: समाज में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष अभियान।

गौरव सम्मान सेवा समिति ने अपने उद्देश्यों को साकार करने और कलाकारों एवं समाज के उत्थान के लिए एक मजबूत नींव तैयार की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार सिंह, डॉ. प्रकाश टाटा, और अशोक अकेला जैसे सम्मानित व्यक्तियों के मार्गदर्शन में यह संगठन समाज में एक नई पहचान स्थापित करेगा।

सिवनी: धमाके की आवाज से दहला ज्यारत नाका क्षेत्र, कॉफ़ी मशीन में हुए ब्लास्ट से लगभग 10 लोगों के घायल होने की खबर

Seoni News: सिवनी जिला मुख्यालय के ज्यारत नाका क्षेत्र में हाल ही में एक बड़ी दुर्घटना हुई। खुली टीलोजी चाय कॉफी की दुकान (Tealogy Cafe Seoni) में हुए इस धमाके ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। इस हादसे में लगभग 10 लोगों के घायल होने की खबर है। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

Tealogy Cafe Seoni में हुई घटना का विवरण

धमाका ज्यारत नाका क्षेत्र में उस समय हुआ जब दुकान में नियमित ग्राहकों की आवाजाही हो रही थी। पहली नजर में, लोगों ने इसे गैस सिलेंडर फटने का मामला समझा, लेकिन जांच में यह बात सामने आई कि धमाका काफी मशीन में हुआ था।

दुकान के अंदर मौजूद लोगों ने बताया कि मशीन से अचानक जोरदार आवाज आई आवाज इतनी जोरदार थी की मानो कोई सिलेंडर फटा हो. दूकान में लगे कांच पूरी तरह टूट कर चूर हो गए और सड़क के दूसरी तरफ हौंडा एजेंसी तक कांच के टुकड़े पहुंचे.

घायलों में ज्यादातर लोग मामूली चोटों से पीड़ित हैं, लेकिन कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। चिकित्सा टीम ने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत कदम उठाए। स्थानीय अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि घायलों को जल्द ही राहत मिल जाएगी।

Tealogy Cafe Seoni में हुए धमाके के कारण की जांच

प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि धमाका काफी मशीन की तकनीकी खराबी के कारण हुआ। कॉफ़ी मशीन पहले से ही खराब बताई जा रही थी जिसे ठीक करने के लिए इंजिनियर आज ही सिवनी आने वाला था किन्तु इंजिनियर के पहुँचने से पहले ही मशीन में धमाका हो गया. इस घटना ने तकनीकी उपकरणों के रखरखाव की अनदेखी के खतरों को उजागर किया है।

आसपास के क्षेत्र पर प्रभाव

धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग तुरंत में कांप उठे। लोग घरों से बाहर निकलकर देखने लगे कि आखिर हुआ क्या। इलाके में कुछ देर तक दहशत का माहौल रहा।

सुरक्षा के लिए जागरूकता की जरूरत

इस हादसे ने सुरक्षा जागरूकता की कमी को रेखांकित किया है। तकनीकी उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। व्यापार मालिकों को अपने उपकरणों की गुणवत्ता और उनकी स्थिति की जांच करते रहना चाहिए।

स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों ने घटना के बाद अपनी चिंता व्यक्त की। एक निवासी ने कहा, “यह हादसा हमें सिखाता है कि तकनीकी उपकरणों का सही तरीके से रखरखाव करना कितना जरूरी है। ऐसे हादसे हमारी जिंदगी को खतरे में डाल सकते हैं।”

भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के उपाय

  1. तकनीकी उपकरणों की नियमित जांच: सभी उपकरणों का समय-समय पर निरीक्षण और रखरखाव करना अनिवार्य है।
  2. सुरक्षा मानकों का पालन: दुकान मालिकों को सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
  3. कर्मचारियों की ट्रेनिंग: कर्मचारियों को उपकरणों के सही उपयोग और आपातकालीन स्थिति में कदम उठाने की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।
  4. बीमा और सुरक्षा: दुकान मालिकों को सुरक्षा उपायों के साथ बीमा कराने पर भी ध्यान देना चाहिए।

ज्यारत नाका क्षेत्र में हुआ यह हादसा हमें सुरक्षा उपायों और तकनीकी उपकरणों की सही देखभाल के महत्व को याद दिलाता है। प्रशासन और स्थानीय निवासियों ने मिलकर इस स्थिति को संभाला और घायलों को राहत पहुंचाई। भविष्य में, इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए हमें सतर्क रहना होगा।

राजस्व विभाग और एमपीआरडीसी का नाप केवल औपचारिकता क्यों बन गया? सिवनी कलेक्टर के निर्देश पर शुरू हुई मुहिम ठंडे बस्ते में

सिवनी बालाघाट मुख्य मार्ग से सटी जनपद की शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर जिला कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग और एमपीआरडीसी द्वारा अतिक्रमण चिन्हित करने की प्रक्रिया आरंभ की गई थी। हालांकि, यह मुहिम एक माह से अधिक समय बीतने के बावजूद केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है। इससे संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

भूमाफिया अब इस स्थिति का फायदा उठाकर यह दावा कर रहे हैं कि ऐसे नाप तो केवल दिखावा हैं और कार्रवाई तब होगी जब वे चाहेंगे। इस प्रकार की मानसिकता प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है और आम जनता के मन में निराशा पैदा करती है।

संयुक्त दल ने चिन्हित किए 137 अतिक्रमण

धारनाकला क्षेत्र में 137 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे, जिनमें कच्चे और पक्के दोनों प्रकार के अतिक्रमण शामिल थे। इन अतिक्रमणों की सूची तहसीलदार बरघाट को सौंपी गई थी। हालांकि, महीनों के बाद भी अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। यहां तक कि नोटिस तक तामिल नहीं किए गए हैं, जिससे यह साबित होता है कि शासकीय जमीन के नापने का कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।

मुख्य मार्गों पर फैला अतिक्रमण का जाल

धारनाकला में सिवनी बालाघाट मुख्य मार्ग के किनारे अतिक्रमण का जाल बिछा हुआ है। इसका दुष्प्रभाव यातायात और सुरक्षा पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। यहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसके बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता से जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बस स्टैंड के पास और उससे आगे चार प्रमुख पक्के अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। इन अतिक्रमणों के पीछे भूमाफियाओं की हिम्मत बढ़ गई है, जो खुलेआम यह कहते फिरते हैं कि प्रशासन इन पर कोई कार्रवाई करने में सक्षम नहीं है।

शासकीय जमीन पर भूमाफियाओं का अवैध कब्जा

सिवनी बालाघाट मुख्य मार्ग से सटी शासकीय भूमि भी भूमाफियाओं के कब्जे में है। इस भूमि का एक बड़ा हिस्सा गलत तरीके से संशोधित किया गया है, जिसके चलते धारा 115 के तहत एसडीएम न्यायालय बरघाट में मामला लंबित है।

साथ ही, कुछ भूमाफियाओं ने रोड के किनारे तक कब्जा जमा लिया है, जहां उनके चार बड़े पक्के अतिक्रमण मौजूद हैं। इस पर प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई की संभावना है, लेकिन अब तक यह केवल संभावनाओं तक ही सीमित है।

सुगम कॉम्प्लेक्स का निर्माण अवैध कब्जों के कारण अटका

मेन रोड से सटी शासकीय जमीन पर सुगम कॉम्प्लेक्स के निर्माण की योजना कई बार बनाई गई, लेकिन अवैध कब्जों के कारण इसे आज तक अमल में नहीं लाया जा सका। वर्तमान में यह जमीन जनपद पंचायत बरघाट के नाम पर दर्ज है, लेकिन अवैध अतिक्रमणों के कारण इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

प्रशासनिक लापरवाही और जनमानस की अपेक्षाएं

अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई न होने से प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है। जनता को उम्मीद थी कि चिन्हित अतिक्रमणों पर त्वरित कार्रवाई होगी। लेकिन महीनों की देरी ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है।

अब, जिला कलेक्टर संस्कृति जैन से अपेक्षा है कि वे इस मामले पर संज्ञान लें और जनता के हित में आवश्यक कार्रवाई करें। जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए अवैध अतिक्रमण हटाना न केवल प्रशासन की जिम्मेदारी है, बल्कि यह जिले के विकास के लिए भी अनिवार्य है।