Home Blog Page 90

सिवनी में MP BOARD परीक्षा के दौरान नेताजी स्कूल के प्राचार्य प्रेमनारायण वारेश्वा का विदाई समारोह! प्राचार्य को नहीं है छात्रों की चिंता

सिवनी: मध्यप्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल उठाने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सिवनी जिला मुख्यालय के नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्कूल में 28 फरवरी को लापरवाह प्रिंसिपल प्रेमनारायण वारेश्वा का विदाई समारोह आयोजित किया जा रहा है, जबकि इसी दिन मध्यप्रदेश बोर्ड की कक्षा 12वीं एवं 8वीं की परीक्षा भी होनी है।

परीक्षा के समय ही विदाई समारोह क्यों?

परीक्षा का समय छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान ध्यान भटकाने वाली कोई भी गतिविधि छात्रों के परिणामों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। विदाई समारोह जैसे कार्यक्रम को परीक्षा के समय आयोजित करना, न केवल अनुचित है बल्कि यह शिक्षा प्रणाली की गंभीरता पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।

28 फरवरी को कक्षा 12वीं की परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी। वहीँ कक्षा 8वीं की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक होगी। इसका मतलब यह हुआ कि यदि विदाई समारोह आयोजित किया जाता है, तो इससे परीक्षार्थियों की एकाग्रता प्रभावित होगी और उन्हें परीक्षा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

विद्यालय प्रशासन की गैर-जिम्मेदाराना हरकत

विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह परीक्षा के दौरान शांति और सुव्यवस्थित माहौल बनाए रखे। लेकिन नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्कूल के प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया और परीक्षा के समय ही प्रिंसिपल प्रेमनारायण वारेश्वा का विदाई समारोह तय कर दिया। और इनमे सबसे बड़ी लापरवाही प्रिंसिपल की है कि उन्हें भी जाकारी होने के बाद उन्होंने स्कूल प्रशासन को इस विदाई समारोह को आगे बढाने या बच्चों के पेपर की टाइमिंग से अलग और विद्यालय परिसर में ना करवाकर कही और करवाने का निर्णय लिया हो.

छात्रों और अभिभावकों की चिंता

  • विदाई समारोह के चलते: छात्रों की एकाग्रता भंग हो सकती है।
  • परीक्षा हॉल में शोरगुल का माहौल उत्पन्न हो सकता है।
  • बच्चों की मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ सकता है।
  • अभिभावकों की चिंताएं बढ़ सकती हैं, क्योंकि परीक्षा के दौरान अनुशासन में गड़बड़ी से बच्चों के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी को लेना चाहिए संज्ञान

इस गंभीर मुद्दे पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि परीक्षा के दौरान कोई भी बाहरी गतिविधि छात्रों की पढ़ाई में बाधा न डाले। विदाई समारोह को परीक्षा समाप्त होने के बाद किसी अन्य दिन आयोजित करने का निर्देश देना चाहिए।

मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षाएं विद्यार्थियों के भविष्य का निर्धारण करती हैं, इसलिए परीक्षा के दौरान पूर्ण अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है। विद्यालय प्रशासन और शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परीक्षा के दौरान कोई अन्य गतिविधि न हो जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो।

क्या है परीक्षा का शेड्यूल?

CBI का बड़ा एक्शन: भारत में बिटकॉइन घोटाला, 60 ठिकानों पर छापेमारी; क्रिप्टो धोखाधड़ी की जांच तेज

Bitcoin Ghotala In India: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार, 25 फरवरी को बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े बड़े घोटाले पर कार्रवाई करते हुए देशभर में 60 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई गेनबिटकॉइन पोंजी घोटाले से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान करने के लिए की गई। जांच एजेंसी ने दिल्ली-एनसीआर, पुणे, चंडीगढ़, नांदेड़, कोल्हापुर, बेंगलुरु और अन्य प्रमुख शहरों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया।

गेनबिटकॉइन घोटाला: निवेशकों को लुभाने वाली पोंजी स्कीम

गेनबिटकॉइन घोटाला 2015 में अमित भारद्वाज द्वारा शुरू किया गया था, जिसमें उनके भाई अजय भारद्वाज और अन्य एजेंटों का भी सहयोग था। यह योजना वेरिएबलटेक प्राइवेट लिमिटेड के तहत संचालित की गई थी।

धोखाधड़ी करने वालों ने निवेशकों को यह विश्वास दिलाया कि वे 18 महीनों में अपने बिटकॉइन निवेश पर 10% मासिक रिटर्न कमा सकते हैं। शुरुआत में, कुछ निवेशकों को लाभ भी मिला, जिससे स्कीम की लोकप्रियता बढ़ी। लेकिन 2017 के बाद, निवेशकों को बिटकॉइन के बजाय एक कम मूल्य वाली इन-हाउस क्रिप्टोकरेंसी एमसीएपी में भुगतान किया जाने लगा, जिससे वे ठगे गए।

सीबीआई की व्यापक जांच, डिजिटल सबूत जब्त

सीबीआई ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए धोखाधड़ी में शामिल सभी आरोपियों की पहचान करने और धन के प्रवाह की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जांच शुरू की है। तलाशी के दौरान क्रिप्टो वॉलेट, आपत्तिजनक डिजिटल दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं।

ईडी की बड़ी कार्रवाई: 2 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि फ्रीज

इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी क्रिप्टोकरेंसी घोटालों पर शिकंजा कसते हुए 24 फरवरी को कई राज्यों में छापेमारी की। इस दौरान 2 करोड़ रुपये से अधिक की बैंक जमा राशि को फ्रीज किया गया।

ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, एक भारतीय नागरिक पर कई क्रिप्टो एक्सचेंजों के माध्यम से 600 करोड़ रुपये मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी को अवैध रूप से बदलने का आरोप है। इसके तहत 20 फरवरी को मुंबई, दिल्ली और जयपुर में भी तलाशी ली गई।

अमेरिका में जेल में बंद चिराग तोमर का कनेक्शन

ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि भारतीय नागरिक चिराग तोमर ने क्रिप्टोकरेंसी घोटाले को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई थी। वह अमेरिका में 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 166 करोड़ रुपये) की ठगी के आरोप में जेल की सजा काट रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, चिराग तोमर ने नकली वेबसाइटें बनाकर सैकड़ों लोगों को ठगा। इन वेबसाइटों को इस तरह से डिजाइन किया गया था कि जब कोई उपयोगकर्ता आधिकारिक वेबसाइट खोजता था, तो उसे नकली वेबसाइट पर ले जाया जाता था। यहां यूजर्स से लॉगिन क्रेडेंशियल्स मांगे जाते थे, जिसके बाद ठग उनके क्रिप्टो अकाउंट पर कब्जा कर लेते थे और उनकी डिजिटल संपत्ति को अपने वॉलेट में ट्रांसफर कर देते थे।

देशभर में क्रिप्टो घोटालों पर कड़ी नजर

भारत में क्रिप्टोकरेंसी घोटाले लगातार बढ़ रहे हैं, जिस पर सुरक्षा एजेंसियां सख्त कार्रवाई कर रही हैं। सीबीआई और ईडी की यह संयुक्त कार्रवाई क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से हो रहे वित्तीय अपराधों को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

सरकार की अपील: आम जनता को क्रिप्टो निवेश के नाम पर धोखाधड़ी से बचने और किसी भी निवेश से पहले सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सिवनी में महाशिवरात्रि पर यातायात व्यवस्था: महादेव की बारात के दौरान इन मार्गों पर आवागमन रहेगा प्रतिबंधित

सिवनी: – महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव की भव्य बारात निकाली जाएगी, जिसके कारण शहर में यातायात की विशेष व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस दौरान निर्धारित मार्गों का पालन करें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

सिवनी शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित

शहर में सुबह 09:00 बजे से अग्रिम आदेश तक भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा, शिव बारात के दौरान मठ मंदिर से दुर्गा चौक, शुक्रवारी चौक, नेहरू रोड, नगरपालिका चौक, शंकरमढ़िया और छिंदवाड़ा चौक पर यातायात का अत्यधिक दबाव रहेगा। प्रशासन ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस मार्ग पर चार पहिया वाहनों का उपयोग करने से बचें और वैकल्पिक मार्ग अपनाएं।

यातायात के लिए वैकल्पिक रूट:

  1. छिंदवाड़ा, नागपुर और कटंगी रोड से सिवनी बस स्टैंड आने वाली बसों के लिए रूट:

छिंदवाड़ा, नागपुर और कटंगी रोड से शाम 7:00 बजे से अग्रिम आदेश तक आने वाली बसें नगझर बायपास के रास्ते से शहर में प्रवेश करेंगी।

  1. सिवनी बस स्टैंड से छिंदवाड़ा, नागपुर और कटंगी रोड जाने वाली बसों के लिए रूट:

सिवनी बस स्टैंड से छिंदवाड़ा, नागपुर और कटंगी रोड जाने वाली बसें शाम 7:00 बजे से अग्रिम आदेश तक लूघरवाड़ा और नगझर बायपास के रास्ते से होकर गुजरेंगी।

मठ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था:

श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे अपने वाहन सड़कों पर खड़े न करें और मठ मंदिर मैदान / मठ कन्या विद्यालय में ही पार्किंग करें। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए चार पहिया वाहनों का उपयोग न करें।

ये मार्ग रहेंगे पूरी तरह प्रतिबंधित:
• छिंदवाड़ा चौक से मठ मंदिर
• कटंगी नाका से मठ मंदिर रोड
इन मार्गों पर सभी प्रकार के लोडिंग वाहनों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।

सिवनी के नागरिकों से अपील:

प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सहयोग करें, ताकि महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर किसी को कोई असुविधा न हो।

Stock Market Holiday 2025: भारत के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज BSE और NSE महाशिवरात्रि के साथ इन दिनों रहेंगे

Stock Market Holiday 2025: भारत के दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज, बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज), 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि के अवसर पर बंद रहेंगे। यह वर्ष 2025 का पहला शेयर बाजार अवकाश होगा। एनएसई द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार, इस वर्ष कुल 14 अवकाश निर्धारित किए गए हैं। इस दिन इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स और कमोडिटी मार्केट में ट्रेडिंग नहीं होगी। हालांकि, 27 फरवरी 2025 से ट्रेडिंग सामान्य रूप से फिर से शुरू हो जाएगी।

भारतीय शेयर बाजार का कार्यकाल

भारतीय शेयर बाजार आमतौर पर सोमवार से शुक्रवार तक खुलता है, जबकि शनिवार और रविवार को बंद रहता है। इसके अलावा, कुछ सार्वजनिक अवकाशों पर भी बाजार बंद रहता है।

शेयर बाजार के नियमित ट्रेडिंग सत्र

भारतीय शेयर बाजार ट्रेडिंग सत्र निम्नानुसार होता है:

  • प्री-ओपनिंग सेशन: सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे तक
  • मुख्य ट्रेडिंग सेशन: सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक
  • क्लोजिंग सेशन: दोपहर 3:40 बजे से शाम 4:00 बजे तक
  • ब्लॉक डील सेशन: सुबह 8:45 बजे से 9:00 बजे तक

2025 में BSE और NSE की अवकाश सूची

एनएसई द्वारा जारी 2025 अवकाश सूची के अनुसार, शेयर बाजार कुल 14 दिन बंद रहेगा।

क्रमांकतारीखदिनअवकाश
126 फरवरी 2025बुधवारमहाशिवरात्रि
214 मार्च 2025शुक्रवारहोली
331 मार्च 2025सोमवारईद-उल-फितर
410 अप्रैल 2025गुरुवारश्री महावीर जयंती
514 अप्रैल 2025सोमवारडॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती
618 अप्रैल 2025शुक्रवारगुड फ्राइडे
71 मई 2025गुरुवारमहाराष्ट्र दिवस
815 अगस्त 2025शुक्रवारस्वतंत्रता दिवस
927 अगस्त 2025बुधवारगणेश चतुर्थी
102 अक्टूबर 2025गुरुवारगांधी जयंती / दशहरा
1121 अक्टूबर 2025मंगलवारदिवाली (लक्ष्मी पूजन)
1222 अक्टूबर 2025बुधवारदिवाली बलिप्रतिपदा
135 नवंबर 2025बुधवारप्रकाश पर्व (गुरु नानक जयंती)
1425 दिसंबर 2025गुरुवारक्रिसमस

महाशिवरात्रि पर बाजार बंद होने का प्रभाव

महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है, जिसे भगवान शिव की उपासना के रूप में मनाया जाता है। इस दिन शेयर बाजार बंद रहने के कारण:

  • इंट्राडे ट्रेडर्स को एक दिन की रुकावट का सामना करना पड़ेगा।
  • डेरिवेटिव और ऑप्शंस ट्रेडिंग प्रभावित होगी।
  • कमोडिटी बाजार में भी कोई गतिविधि नहीं होगी

NSE और BSE पर निवेशकों के लिए सुझाव

यदि आप शेयर बाजार में निवेशक या ट्रेडर हैं, तो आपको इन अवकाश तिथियों को ध्यान में रखते हुए अपनी ट्रेडिंग रणनीति बनानी चाहिए।

  1. लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स को मार्केट बंद होने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को अपनी रणनीति पहले से तैयार करनी होगी।
  2. मार्केट क्लोजिंग से पहले पोजिशन क्लियर करें, खासकर अगर आप डेरिवेटिव्स और इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं।
  3. अगले ट्रेडिंग दिन की रणनीति पहले से तय करें ताकि किसी भी संभावित ग्लोबल इवेंट या मार्केट मूवमेंट का लाभ उठाया जा सके।
  4. मार्केट अवकाश के दौरान ग्लोबल मार्केट पर नजर बनाए रखें ताकि ओपनिंग के बाद संभावित ट्रेंड्स का अनुमान लगाया जा सके।

2025 में महाशिवरात्रि के अवसर पर भारतीय शेयर बाजार बंद रहेगा, और पूरे साल में कुल 14 अवकाश होंगे। निवेशकों और ट्रेडर्स को अपनी रणनीति इन छुट्टियों के अनुसार तैयार करनी चाहिए।

अगर आप शेयर बाजार में निवेश या ट्रेडिंग से जुड़ी अधिक जानकारी चाहते हैं, तो यह सुनिश्चित करें कि आप हमेशा मार्केट के ट्रेंड्स, वैश्विक संकेतों और कंपनी के प्रदर्शन पर ध्यान दे

Weather Alert: महाराष्ट्र के मुंबई और आसपास के इलाकों में हीटवेव अलर्ट, उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में वृद्धि

Maharashtra Weather Alert: मौसम विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में मुंबई, ठाणे और आस-पास के इलाकों में हीटवेव अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट मंगलवार और बुधवार (25 और 26 फरवरी) के लिए जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिक सुषमा नायर के अनुसार, अगले दो दिनों में तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान बढ़ेगा

IMD ने उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि की संभावना जताई है। अगले चार दिनों में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है।

  • उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले 24 घंटों में 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है, जिसके बाद 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।
  • मध्य भारत और गुजरात में आज तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन आने वाले दिनों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
  • कोंकण, गोवा और तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में 28 फरवरी तक गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की संभावना है।

श्रीनगर में बारिश और बर्फबारी की संभावना

श्रीनगर में 26 से 28 फरवरी के बीच बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

  • वर्तमान में श्रीनगर में तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
  • गुलमर्ग में तापमान शून्य से 1 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है।
  • हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में लगातार बर्फबारी हो रही है, जबकि कुफरी में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है।

ताजा बर्फबारी से पर्यटकों में खुशी की लहर है, वहीं स्थानीय पर्यटन और बागवानी क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी इससे काफी उम्मीदें हैं। बर्फबारी से फसलों को फायदा होगा और पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।

Telangana Tunnel Collapse: तेलंगाना के श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) सुरंग ढही, बचाव कार्य जारी, फंसे हुए लोगों की स्थिति गंभीर

0

तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग का एक हिस्सा ढहने से आठ लोगों के फंसे होने की खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना उस समय हुई जब सुरंग के निर्माण कार्य को फिर से शुरू किए जाने के महज चार दिन बाद अचानक छत का एक बड़ा हिस्सा गिर गया। इस हादसे के बाद से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), भारतीय सेना और अन्य एजेंसियों की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।

तेलंगाना सुरंग दुर्घटना: क्या हुआ था?

यह दुर्घटना शनिवार सुबह नागरकुरनूल जिले के डोमलपेंटा इलाके में हुई, जब निर्माणाधीन सुरंग का तीन मीटर लंबा हिस्सा 14 किलोमीटर के निशान पर ढह गया। इस हादसे के वक्त कई मजदूर मौके पर मौजूद थे, जिनमें से कुछ तो बचने में सफल रहे, लेकिन आठ लोग अब भी सुरंग के भीतर फंसे हुए हैं।

फंसे हुए लोगों की पहचान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जो आठ लोग अब भी सुरंग में फंसे हुए हैं, उनमें दो इंजीनियर, दो ऑपरेटर और चार मजदूर शामिल हैं। इनकी पहचान इस प्रकार है:

  1. गुरप्रीत सिंह (पंजाब)
  2. सनी सिंह (जम्मू-कश्मीर)
  3. मनोज कुमार (उत्तर प्रदेश)
  4. श्रीनिवास (उत्तर प्रदेश)
  5. संदीप साहू (झारखंड)
  6. जेगता जेस (झारखंड)
  7. संतोष साहू (झारखंड)
  8. अनुज साहू (झारखंड)

बचाव कार्य: अब तक क्या किया गया है?

घटना के बाद से ही राज्य और राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियां बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। रविवार को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने सुरंग में बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन अब तक फंसे हुए श्रमिकों तक कोई सीधा संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है। सोमवार तक बचाव कार्य और तेज कर दिया गया, जिसमें भारतीय सेना, नौसेना, सिंगरेनी कोलियरीज और अन्य एजेंसियों के लगभग 584 कुशल कर्मियों को तैनात किया गया है।

बचाव दलों ने गैस कटर और भारी मशीनरी का इस्तेमाल करके धातु की छड़ें काटने का काम तेज कर दिया है। हालांकि, सुरंग के अंदर जमा कीचड़ और मलबा बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रहा है, जिसके कारण अभी तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है।

तेलंगाना सरकार का बहु-विभागीय प्रयास जारी

तेलंगाना सरकार इस घटना को लेकर बेहद गंभीर है। राज्य सरकार ने भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI), राष्ट्रीय भौगोलिक अनुसंधान संस्थान (NGRI) और एलएंडटी की एक ऑस्ट्रेलियाई इकाई के विशेषज्ञों को बुलाया है ताकि सुरंग की स्थिरता की जांच की जा सके और बचाव कार्य के लिए नए सुझाव दिए जा सकें।

मंत्री का बयान: बचने की संभावना बहुत कम

तेलंगाना के मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि फंसे हुए श्रमिकों के बचने की संभावना बहुत कम है। उन्होंने बताया कि सुरंग में लगभग 30 फीट तक कीचड़ और मलबा जमा हो चुका है, जिससे राहत कार्य और कठिन हो गया है।

उन्होंने कहा,

“हमने जब उनके नाम पुकारे, तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसलिए ऐसा लगता है कि उनके बचने की संभावना बेहद कम है। हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्थिति बहुत चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।”

चूहे खनिकों की टीम भी बचाव कार्य में शामिल

सरकार ने चूहे खनिकों (Rat Miners) की एक विशेष टीम को भी इस बचाव कार्य में शामिल किया है। ये वही विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने 2023 में उत्तराखंड की सिल्क्यारा बेंड-बरकोट सुरंग में फंसे मजदूरों को बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। इन विशेषज्ञों की मदद से सुरंग के भीतर छोटे-छोटे रास्ते बनाकर फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की योजना बनाई गई है।

चार दिन बीत चुके हैं, अब भी अनिश्चितता बरकरार

घटना को चार दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक बचाव दलों को कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। मंगलवार को भी टीमें लगातार काम कर रही हैं और विशेषज्ञों की मदद से नई रणनीति बनाई जा रही है।

नागरकुरनूल के जिला कलेक्टर बी संतोष ने कहा,

“अभी तक हम उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। हम लगातार भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और अन्य एजेंसियों की सलाह ले रहे हैं। लेकिन सुरंग के पिछले 40-50 मीटर हिस्से में हमें भारी अवरोधों का सामना करना पड़ रहा है।”

भविष्य की रणनीति: बचाव कार्य कैसे आगे बढ़ेगा?

तेलंगाना सरकार और बचाव दल अब तीन प्रमुख रणनीतियों पर काम कर रहे हैं:

  1. पानी निकालने का कार्य जारी रहेगा, ताकि सुरंग के अंदर जाने का मार्ग खुल सके।
  2. नई खुदाई तकनीकों का उपयोग करके सुरंग के दूसरे छोर से प्रवेश करने की योजना बनाई जा रही है।
  3. चूहे खनिकों की मदद से संकरी सुरंगें बनाई जाएंगी, जिससे बचाव दल फंसे हुए लोगों तक पहुंच सके।

तेलंगाना सुरंग हादसा: क्या इससे बचा जा सकता था?

इस दुर्घटना के बाद कई विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस हादसे को रोका जा सकता था? कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सुरंग का निर्माण कार्य लंबे समय तक बंद रहा था और चार दिन पहले ही इसे दोबारा शुरू किया गया था। यह संभावना जताई जा रही है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा उपायों में लापरवाही इस हादसे का कारण बन सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सुरंग निर्माण से पहले मिट्टी की मजबूती और जल प्रवाह का उचित अध्ययन आवश्यक था। अगर पहले से संरचनात्मक जांच की गई होती, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

बचाव कार्य अभी भी जारी, उम्मीद की किरण क्षीण

तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में हुई यह दुर्घटना देश के सबसे बड़े सुरंग हादसों में से एक बन चुकी है। सरकार और बचाव दल चौबीसों घंटे कार्यरत हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है। फंसे हुए लोगों के परिजन और पूरे देश की जनता उम्मीद लगाए हुए है कि कोई चमत्कार हो जाए।

यह घटना सुरक्षा मानकों के पालन और बुनियादी ढांचे के निर्माण में सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर करती है। भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता है।

IFMIS PORTAL पर शासकीय कर्मियों के समग्र पंजीयन तथा आधार लिंकिंग अनिवार्य – Salary Verification

सिवनी: राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार वित्त विभाग द्वारा संधारित एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली अंतर्गत शासकीय सेवकों की जानकारी का सत्यापन समग्र आईडी से किया जाना है एवं वेतन भुगतान आधार सक्षम भुगतान प्रणाली के माध्यम से किया जाना है।

उक्त निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर संस्कृति जैन (Seoni Collector Sanskriti Jain) ने जिले के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को आईएफएमआईएस अंतर्गत ईएसएस के माध्यम से उनके कार्यालय में पदस्थ सभी शासकीय कर्मियों की समग्र आईडी का पंजीयन तथा आधार लिंकिंग की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा वित्त विभाग के अंतर्गत एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली (IFMIS) के माध्यम से शासकीय सेवकों की समग्र आईडी के सत्यापन एवं वेतन भुगतान आधार सक्षम भुगतान प्रणाली के तहत करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस प्रक्रिया के तहत जिले के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके कार्यालय में कार्यरत सभी शासकीय कर्मियों की समग्र आईडी पंजीकृत एवं आधार से लिंक हो।

कलेक्टर सिवनी सुश्री संस्कृति जैन द्वारा जारी निर्देश

सिवनी जिले में उक्त निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ईएसएस (Employee Self Service) प्रणाली के माध्यम से समस्त शासकीय सेवकों की जानकारी का सत्यापन एवं आधार लिंकिंग की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने से वेतन भुगतान की पारदर्शिता सुनिश्चित होगी एवं भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी

एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली (IFMIS) क्या है?

एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली (IFMIS) एक ऑनलाइन वित्तीय प्रबंधन प्रणाली है, जिसे राज्य सरकार द्वारा विकसित किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से शासकीय सेवकों की वित्तीय जानकारी को डिजिटली संग्रहीत, सत्यापित एवं प्रबंधित किया जाता है

IFMIS के प्रमुख लाभ:

  1. वित्तीय पारदर्शिता – सभी सरकारी लेनदेन का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहता है।
  2. स्वचालित वेतन भुगतान प्रणाली – वेतन भुगतान में देरी एवं त्रुटियों की संभावना कम होती है।
  3. समग्र आईडी और आधार लिंकिंग – सरकारी सेवकों की विशिष्ट पहचान सुनिश्चित होती है।
  4. भ्रष्टाचार पर नियंत्रण – नकली कर्मचारियों की पहचान और रोकथाम में सहायक।
  5. ऑनलाइन मॉनिटरिंग – उच्च अधिकारी रियल-टाइम डेटा के माध्यम से जानकारी देख सकते हैं।

वेतन भुगतान की आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (Aadhaar Enabled Payment System – AEPS)

सरकार द्वारा वेतन भुगतान प्रक्रिया को डिजिटल एवं सुरक्षित बनाने हेतु आधार सक्षम भुगतान प्रणाली लागू की गई है। यह प्रणाली सीधे बैंक खातों से लिंक होती है एवं सत्यापित सरकारी कर्मचारियों को ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करती है

AEPS के लाभ:

  • भुगतान में पारदर्शिता – कर्मचारियों को उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में वेतन प्राप्त होगा।
  • नकली एवं अवैध भुगतान पर रोक – केवल सत्यापित कर्मचारियों को वेतन मिलेगा।
  • तेजी से भुगतान प्रक्रिया – बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेजी प्रक्रिया के भुगतान संभव।
  • भ्रष्टाचार की रोकथाम – बिचौलियों की भूमिका समाप्त।

आहरण एवं संवितरण अधिकारियों की जिम्मेदारियाँ

सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (DDOs) को यह सुनिश्चित करना होगा कि:

  1. सभी शासकीय सेवकों की समग्र आईडी पंजीकृत हो।
  2. आधार कार्ड को IFMIS प्रणाली से लिंक किया जाए।
  3. वेतन भुगतान केवल आधार सक्षम प्रणाली से ही किया जाए।
  4. अनुपस्थित या सेवा समाप्त कर्मचारियों का डेटा हटाया जाए।
  5. नई नियुक्तियों का सत्यापन एवं पंजीकरण IFMIS में किया जाए।

समग्र आईडी एवं आधार लिंकिंग की प्रक्रिया

समग्र आईडी एवं आधार लिंकिंग के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन किया जाना अनिवार्य है:

  1. समग्र पोर्टल पर लॉगिन करें – शासकीय कर्मी की जानकारी दर्ज करें।
  2. आधार नंबर जोड़ें – IFMIS प्रणाली में कर्मचारी का आधार लिंक करें।
  3. सत्यापन करें – दस्तावेज़ एवं डेटा की पुष्टि करें।
  4. वित्त विभाग को सूचित करें – सभी अपडेट दर्ज होने के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
  5. स्वीकृति प्राप्त करें – सत्यापन की स्वीकृति प्राप्त कर वेतन भुगतान प्रक्रिया प्रारंभ करें।

इस प्रक्रिया से होने वाले लाभ

  • वेतन भुगतान की पारदर्शिता बढ़ेगी।
  • नकली कर्मचारियों को सूची से हटाने में सहायता मिलेगी।
  • भ्रष्टाचार एवं धोखाधड़ी पर रोक लगेगी।
  • सरकारी संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित होगा।
  • सभी सरकारी कर्मचारियों का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा।

सिवनी जिले में राज्य शासन के निर्देशानुसार शासकीय सेवकों की जानकारी का सत्यापन एवं वेतन भुगतान प्रणाली को आधार सक्षम भुगतान प्रणाली के तहत सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से लागू किया जा सकेगा। सभी शासकीय अधिकारियों एवं कर्मियों को इस प्रक्रिया का शीघ्र अनुपालन करना आवश्यक है

सिवनी: सॉफ्टवेयर इंजीनियर से सफल खाद्य प्रसंस्करण उद्यमी बने शिवम तारण

सिवनी: परंपरागत खेती को घाटे का सौदा मानने वाले किसानों के लिए यह कहानी एक नई राह दिखाने वाली है। जिले के एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर शिवम तारण, जिन्होंने अपनी पढ़ाई और कॉर्पोरेट करियर को छोड़कर अपने पुश्तैनी खेतों से कुछ नया करने की ठानी। उनका उद्देश्य पारंपरिक खेती से होने वाले घाटे को मुनाफे में बदलना था और इसमें उनकी मदद की उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्कहरण विभाग की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना ने।

सिवनी विकासखण्ड के बखारी ग्राम के रहने वाले शिवम तारण का परिवार वर्षों से मक्का की खेती करता आ रहा था, लेकिन बाजार में फसल के सही दाम न मिलने के कारण खेती घाटे में जा रही थी। पारंपरागत तरीकों से उगाई गई फसल को औने-पौने दामों में बेचना पड़ता था।

कलेक्टर सुश्री संस्कृति जैन के निर्देशानुसार सहायक संचालक उद्यान डॉ आशा उपवंशी वासेवार के मार्गदर्शन में शिवम तारण ने “प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नचयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर राशि फूड के नाम से पफ कार्न की इकाई स्थापित की। शिवम तारण बताते हैं कि उन्होंने उपरोक्त इकाई स्थापित करने के लिए उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की पीएमएफएमई योजना अंतर्गत 9.40 लाख रुपये का अनुदान एवं यूको बैंक के माध्यम से 22.60 लाख रुपये का ऋण मिला है साथ ही विभाग द्वारा पफ कार्न व्यवसाय संबंधी तकनीकी व्यावसायिक सहायता भी मिली है।

शिवम यह भी बताते है कि आज से छह महीने पहले स्थापित हुई ‘राशी फूड’ फैक्ट्री में मुख्य रूप से मक्के से पफ कॉर्न का उत्पादन किया जाता है। खास बात यह है कि यह पफ कॉर्न तेल में तला नहीं जाता, जिससे यह एक हेल्दी स्नैक के रूप में पहचाना जाता है। शिवम ने मक्के से अलग-अलग 8 फ्लेवर में पफ कॉर्न बनाना शुरू किया, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हर एक पैकेट में बच्चों के लिए खिलौने भी रखते हैं। इस अनूठे विचार ने बाजार में उनके उत्पादों की लोकप्रियता को तेजी से बढ़ाया।

आज ‘राशी फूड’ फैक्ट्री प्रतिदिन कई टन मक्के को प्रोसेस करती है और इससे तैयार उत्पाद देशभर में भेजे जाते हैं। इस पहल से न सिर्फ उनका खुद का मुनाफा बढ़ा, बल्कि आसपास के किसानों को भी फसल के बेहतर दाम मिलने लगे। इसके अलावा, इस यूनिट की स्थापना से शिवम ने 7 स्थानीय युवाओं को रोजगार भी दिया है, साथ ही वो स्वयं लगभग 1 लाख रुपये प्रति माह का मुनाफा भी कमा रहे हैं। इस यूनिट को लगाने में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्क रण विभाग के अधिकारियों ने हर कदम पर शिवम का साथ दिया।

शिवम की सफलता यह दर्शाती है कि पारंपरिक खेती को अगर सही तकनीक और सही योजना के साथ जोड़ा जाए, तो यह बेहद लाभकारी बन सकती है। सरकार की पीएमएफएमई योजना का सही उपयोग करके कोई भी किसान/युवा/बेराजगार/महिला खाद्य प्रसंस्करण उद्यमी बन सकता है और खेती से आर्थिक क्रांति ला सकता है।

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा पीएमएफएमई योजना का सतत प्रचार-प्रसार कर बेरोजगार युवक युवतियों को स्वयं का व्यवसाय उद्योग स्थापित करने हेतु प्रोत्साहित कर मार्गदर्शन किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप आज जिले में 1 सैकड़े से ज्यादा युवक युवतियों ने अपना स्वयं का खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित कर एक अच्छी आय प्राप्त कर रहे हैं साथ ही अन्य बेरोजगार युवक युवतियों को भी रोजगार प्रदान कर रहे हैं। पीएमएफएमई योजना के तहत सरकार के द्वारा छोटे-बडे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगाने के लिए परियोजना लागत की 35% वित्तीय सहायता दी जाती है, साथ ही बैंकों से ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है एवं उपरोक्त बैंक ऋण पर कृषि अधोसंरचना फंड के माध्यंम से सात साल के लिए 3% ब्याज अनुदान भी उपलब्ध कराया जाता है