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HINDU NAV VARSH 2025: सिवनी में युवा हिंदू उत्सव समिति की प्रथम बैठक संपन्न, भव्य रूप से मनाया जाएगा हिन्दू नव वर्ष

SEONI: युवा हिंदू उत्सव समिति, सिवनी की प्रथम बैठक आज श्रीराम मंदिर में संपन्न हुई। इस बैठक में युवावर्ग, मातृशक्ति एवं अन्य हिंदू भाई-बहन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 30 मार्च को आयोजित होने वाली दोपहिया वाहन रैली की तैयारियों पर चर्चा करना था।

बैठक में प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई

इस बैठक में समिति के प्रमुख सदस्यों और आमंत्रित गणमान्य व्यक्तियों ने आगामी रैली को सफल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक के दौरान निम्नलिखित मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा की गई:

रैली का समय और मार्ग: रैली 2016 की भांति दोपहर 2 बजे निकाली जाएगी। रैली का मार्ग शहर के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों से होते हुए निकलेगा। आयोजन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए यातायात पुलिस एवं प्रशासन से विशेष अनुमति लेने का निर्णय लिया गया।

डीजे और ध्वनि संयोजन: रैली में भाग लेने वाले स्वयंसेवक अपने डीजे ला सकते हैं, लेकिन उनकी जिम्मेदारी समिति की होगी। रैली समाप्त होने के बाद डीजे तुरंत बंद कर दिए जाएंगे और नियत स्थान पर ही रखे जाएंगे। श्रीराम भक्ति गीत, भगवा ध्वज और जय श्रीराम के नारे रैली की शोभा बढ़ाने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किए जाएंगे।

अगली बैठक 16 मार्च को पुनः श्रीराम मंदिर में होगी

इस बैठक के समापन पर निर्णय लिया गया कि अगली बैठक 16 मार्च को पुनः श्रीराम मंदिर में आयोजित की जाएगी। इसके अलावा, रैली से पहले विभिन्न वार्डों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी बैठकें आयोजित करने का भी प्रस्ताव पारित किया गया, ताकि अधिक से अधिक हिंदू समाज इस आयोजन में भाग ले सके।

युवा शक्ति और हिंदू संस्कृति को समर्पित आयोजन

यह आयोजन केवल एक रैली नहीं बल्कि हिंदू संस्कृति, एकता और युवाशक्ति का प्रतीक होगा। इसमें युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि नई पीढ़ी अपने संस्कृति, धर्म और परंपराओं के प्रति जागरूक हो सके।

इस बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने हिंदू संस्कृति को संरक्षित और संवर्धित करने के संकल्प के साथ आयोजन को भव्य बनाने का प्रण लिया। युवा हिंदू उत्सव समिति सिवनी द्वारा आयोजित यह रैली हिंदू एकता, परंपरा और समाज की जागरूकता का परिचायक होगी। आगामी बैठकों के बाद विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जाएगा।

बाल संरक्षण (पॉक्सो और जेजे एक्ट) पर छात्रावास अधीक्षकों की क्षमतावृद्धि प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन लखनादौन सिवनी में

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के लखनादौन विकासखंड में 28 फरवरी 2025 को जनजातीय कार्य विभाग, मध्य प्रदेश शासन एवं मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बाल संरक्षण (पॉक्सो और जेजे एक्ट) पर छात्रावास अधीक्षकों के लिए एक दिवसीय क्षमतावृद्धि प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में धनौरा, लखनादौन और घंसौर के कुल 55 छात्रावास अधीक्षकों ने भाग लिया।

दिनांक 28.02.2025 को सिवनी जिले के लखनादौन विकासखंड में जनजातीय कार्यविभाग मध्य प्रदेश शासन एवं मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के अंतर्गत (धनौरा लखनादौन घंसौर) के छात्रावास अधीक्षको का बाल सरंक्षण (पाक्सो और जेजे एक्ट) पर एक दिवसीय क्षमतावृध्दि प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन वन विद्यालय लखनादौन में किया गया जिसमें 55 छात्रावास अधीक्षको की सहभागिता रही।

प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य छात्रावास अधीक्षको को बाल सरंक्षण कानून व बाल अधिकारो पर बेहतर समझ विकसित करना जिससे वह अपने अपने दायित्व को अधिक प्रभावी ढंग से निभाने में सक्षम होगे।

लखनादौन एसडीओपी श्री अपूर्व भलावी जी ने अधीक्षको को पाक्सो और जेजे एक्ट का महत्व साथ ही पुलिस एवं कानून बाल सरंक्षण की प्रक्रिया में किस तरह मदद करते है इसके बारे में भी बताया। उन्होने कहा कि छात्रावास अधीक्षको को बाल अधिकारो एवं बाल बाल सरंक्षण के नियमो की जानकारी होना अति आवश्यक है।

महिला एवं बाल विकास विभाग प्रमुख अधिकारी श्रीमती राजश्री मेश्राम जी के द्वारा बताया गया कि सुरक्षा, शिक्षा और सुपोषण हर बच्चे का अधिकार हैं। बच्चों के अधिकारो को सुरक्षित करना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों के अधिकारो को संरक्षण करने के लिए सभी का संवेदनशील होना बहुत जरुरी है।

प्रशिक्षण में NRLM से ब्लॉक मैनेजर श्री द्विवेदी जी, लखनादौन विकासखंड विकास अधिकारी श्री नीरज दूबे सर व बीआरसी श्री राम पटले सर, बीएससी श्री कैलाश साहू जी, सक्षम नोडल अधिकारी श्री सुनील साहू जी के द्वारा प्रतिभागियो को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम प्रबन्धक श्री रवि प्रताप सिंह तोमर एवं ब्लॉक मैनेजर के रूप में अंकित जी, रंजीत जी, नेहा जी एवं नेत्रपाल जी के द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। आज का प्रशिक्षण सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत लाभकारी एवं प्रेरणादायक रहा, जिसमें छात्रावास अधीक्षकों को बाल सुरक्षा, संरक्षण एवं सशक्तिकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ और कौशल प्राप्त हुए, जो उनके कार्यक्षेत्र में उपयोगी सिद्ध होंगे।

सिवनी आएंगे 22 राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयुक्तों की 31वीं कॉन्फ्रेंस सिवनी में 1 से 4 मार्च तक

सिवनी: विभिन्न राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्तों की 31वीं कॉन्फ्रेंस सिवनी जिले के पेंच राष्ट्रीय उद्यान में 01 से 04 मार्च तक आयोजित की जा रही है। इस कॉन्फ्रेंस में 22 राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्त शामिल होंगे।

कॉन्फ्रेंस में राज्य निर्वाचन आयुक्त स्थानीय निकायों के निर्वाचन के दौरान आई चुनौतियों तथा उनसे निपटने के उपायों पर चर्चा करेंगे। साथ ही नवाचारों और सुधारों से भी अवगत करायेंगे। कॉन्फ्रेंस के दौरान स्थानीय निकायों के निर्वाचन में नई तकनीकों के उपयोग पर भी चर्चा होगी।

आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रमानुसार 02 मार्च को कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ होगा। प्रथम सत्र में मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग सचिव श्री अभिषेक सिंह द्वारा ई-पोलिंग बूथ तथा पेपरलेश बूथ के माध्यम से प्रदेश में पंचायत निर्वाचन कराए जाने की प्रक्रिया का प्रेजेंटेशन दिया जाएगा तथा फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा।

इसी तरह स्वचलित लोकल बॉडी इलेक्शन प्रक्रिया के संबंध में आन्ध्रप्रदेश निर्वाचन आयोग आयुक्त श्रीमती नीलम साहनी द्वारा प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। द्वितीय सत्र में राज्य आयुक्तों की स्टैण्डिंग कमेटी की बैठक आयोजित होगी। जिसमें स्थानीय निकायों के निर्वाचन के दौरान आई चुनौतियों तथा उनसे निपटने के उपायों पर चर्चा करेंगे।

सोमवार 03 मार्च को स्थानीय निर्वाचन प्रक्रिया के उन्नयन के लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाकर लोकतंत्र को मजबूत करने, दूरस्थ मतदाता के पंजीयन तथा ऑनलाईन मतदान की कार्ययोजना सहित स्थानीय निर्वाचन में नवीन तकनीकों को अपनाऐं जाने जैसे विभिन्न बिंदुओ पर विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रेजेंटेशन दिया जाएगा।

साथ ही इलेक्ट्रानिक कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रिकल्स कार्पोरशन, आईआईटी लिमिटेड बैंगलोर प्रतिनिधियों सहित अन्य निर्वाचन सामग्री उपलब्ध कराने संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा नए इनोवेशन की जानकारी दी जाएगी। 04 मार्च को राज्य आयुक्तों का शैक्षणिक भ्रमण होगा। इस दौरान मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पेपरलेश बूथ का प्रदर्शन किया जाएगा।

कॉन्फ्रेंस में आंध्र प्रदेश की राज्य निर्वाचन आयुक्त नीलम साहनी, दिल्ली-चण्डीगढ़ के डॉ. विजय देव, गोवा के दौलत हवलदार, झारखण्ड के डॉ. बी.के. तिवारी, कर्नाटक के जी.एस. संगरेशी, राजस्थान के मधुकर गुप्ता, उड़ीसा के मधुसूदन पाधी, तेलंगाना की आई. रानी कुमुदिनी, हिमाचल प्रदेश के अनिल कुमार खांची, असम के आलोक कुमार, तमिलनाडु की बी. जोथी निर्मलासामी, महाराष्ट्र के दिनेश टी. वाघमारे, सिक्किम के के.सी. लेप्चा, जम्मू-कश्मीर के बी.आर. शर्मा, केन्द्र शासित प्रदेश दादरनागर हवेली, दमन एवं दीव के सुधांशु पाण्डे, त्रिपुरा के शरदेंदु चौधरी, गुजरात के डॉ. एस. मुरलीकृष्णन, उत्तर प्रदेश के राज प्रताप सिंह, उत्तराखण्ड के सुशील कुमार, बिहार के डॉ. दीपक प्रसाद और केरल के राज्य निर्वाचन आयुक्त ए. शाहजहाँ तथा मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव शामिल होंगे। साथ ही राज्य निर्वाचन आयोगों के सचिव एवं अन्य अधिकारी भी शामिल होंगे।

सिवनी के पंजाब नेशनल बैंक में आपका खाता है? तो रहें सतर्क! बैंक के कैशियर और मैनेजर पर हेराफेरी का आरोप!

सिवनी जिले में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है, जिसमें बैंक के खाताधारकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। बैंकिंग धोखाधड़ी के इस प्रकरण में एक सेवानिवृत्त डिफेंस सर्विस पेंशनर मुरलीधर शर्मा (उम्र 71 वर्ष) ने बैंक के कैशियर और मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, बैंक में जमा की गई राशि उनके खाते में पूरी तरह से नहीं जुड़ी।

बैंक में जमा किए 25,800 रुपये, खाते में पहुंचे सिर्फ 25,000 रुपये

मुरलीधर शर्मा ने 25 फरवरी 2025 को दोपहर 1 बजे सिवनी स्थित पंजाब नेशनल बैंक में ₹25,800/- नगद जमा किए। उन्होंने बैंक द्वारा प्रदान की गई जमा पर्ची (Deposit Slip) को भी सुरक्षित रखा। लेकिन जब अगले दिन उन्होंने अपने खाते का विवरण चेक किया तो पाया कि खाते में केवल ₹25,000/- ही जमा किए गए हैं। यह स्पष्ट रूप से ₹800/- की गड़बड़ी दर्शाता है।

शाखा प्रबंधक को जानकरी देने के बावजूद नहीं मिला समाधान

श्री शर्मा ने 27 फरवरी 2025 को बैंक शाखा जाकर शाखा प्रबंधक श्री गोविंद पटेल से इस संदर्भ में चर्चा की। लेकिन शाखा प्रबंधक का उत्तर संतोषजनक नहीं था। उन्होंने बैंक से बार-बार अनुरोध किया कि उनके खाते में पूरी राशि जोड़ी जाए, लेकिन आज दिनांक 28 फरवरी 2025 तक भी उनका पैसा खाते में नहीं जोड़ा गया। श्री शर्मा का कहना है की इस हेराफेरी में कैशियर और मैनेजर दोनों शामिल हो सकते है.

PNB के कस्टमर केयर में शिकायत का भी नहीं मिला हल

श्री शर्मा ने बैंक की अन्य लापरवाही को लेकर PNB कस्टमर केयर नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई। लेकिन यह मामला और भी गंभीर हो गया जब बिना समाधान दिए शिकायत को बार-बार बंद कर दिया गया

कैशियर नहीं BC AGENT ने जमा किये पैसे – हेड कैशियर सदानंद पंचेश्वर

UPDATE: 28 FEB 2025, 10:01 PM – समाचार प्रकाशित होने के बाद हेड कैशियर सदानंद पंचेश्वर ने खबर सत्ता को बताया कि ग्राहक द्वारा बैंक में पैसे जमा बैंक के बीसी एजेंट द्वारा कराये गए है ना कि बैंक के कैशियर के द्वारा. यह पूरा मामला बैंक के बीसी एजेंट और ग्राहक के बीच का है. इस मामले में जब कैशियर सदानंद पंचेश्वर से पूछा गया कि बैंक के अधिकृत बीसी एजेंट द्वारा पूरी राशि जमा क्यों नहीं की गई तो उन्होंने अपने आप को इस मामले से अलग करते हुए कहा की ये बीसी एजेंट जाने और बैंक मैनेजर जाने.

सीनियर कैशियर सदानंद पंचेश्वर से मिली जानकारी से यह तो साफ़ हो गया कि पैसों की हेरफेर बैंक के अधिकृत बीसी एजेंट द्वारा की गई है जो कि पंजाब बैंक के अंदर ही रहकर बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करता है.


बैंकिंग हेराफेरी का बढ़ता खतरा, क्या करें खाताधारक?

यह मामला बताता है कि बैंकिंग धोखाधड़ी अब आम होती जा रही है और बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता की भारी कमी है। अगर आप भी पंजाब नेशनल बैंक के ग्राहक हैं, तो निम्नलिखित सावधानियां बरतें:

1. बैंक में कैश जमा करने के बाद तुरंत पासबुक अपडेट करवाएं

बैंक में कैश जमा करने के तुरंत बाद अपने पासबुक या नेट बैंकिंग खाते को चेक करें और देखें कि पूरी राशि जमा हुई है या नहीं।

2. बैंकिंग लेन-देन के सभी दस्तावेज रखें सुरक्षित

  • जमा पर्ची (Deposit Slip)
  • बैंक द्वारा दिए गए ट्रांजैक्शन मैसेज
  • बैंक स्टेटमेंट की हार्ड कॉपी

3. बैंक प्रबंधन से तुरंत संपर्क करें

यदि किसी भी प्रकार की राशि में कमी पाई जाती है तो तुरंत शाखा प्रबंधक से संपर्क करें और लिखित में शिकायत दर्ज कराएं।

4. बैंकिंग लोकपाल से करें शिकायत

यदि बैंक आपकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं करता, तो आप रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के बैंकिंग लोकपाल से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए आप https://cms.rbi.org.in/ वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

बैंकिंग धोखाधड़ी पर सरकार को उठाने चाहिए सख्त कदम

आज के डिजिटल युग में भी बैंकिंग क्षेत्र में होने वाली धोखाधड़ी लगातार बढ़ रही है। सरकार और बैंक प्रबंधन को इस पर सख्त कदम उठाने चाहिए। PNB जैसे बड़े बैंकों में भी अगर इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, तो यह आम नागरिकों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।

सतर्क रहें और अपने पैसे की सुरक्षा करें

अगर आप पंजाब नेशनल बैंक, सिवनी शाखा के ग्राहक हैं, तो अपने लेन-देन पर विशेष ध्यान दें। बैंक में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों से शिकायत करें और जरूरत पड़ने पर बैंकिंग लोकपाल से भी संपर्क करें।

MPPSC SET RESULT 2024: पांच विषयों के रिजल्ट घोषित, बाकी जल्द जारी होंगे; कट ऑफ देखें

MPPSC SET RESULT 2024: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने राज्य पात्रता परीक्षा (एसईटी) 2024 के पांच विषयों के परिणाम जारी कर दिए हैं। घोषित परिणामों में अंग्रेजी, भूगोल, गृह विज्ञान, कानून और पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान शामिल हैं।

एमपीपीएससी ने परिणाम दो भागों में जारी किए हैं—87% प्राथमिक परिणाम घोषित किए गए हैं, जबकि 13% परिणाम अनंतिम स्थिति में रोके गए हैं। योग्य अभ्यर्थियों के रोल नंबर आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं और साथ ही प्रत्येक श्रेणी के लिए कटऑफ अंक भी उपलब्ध कराए गए हैं।

अब सहायक प्रोफेसर परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं

एसईटी परीक्षा में सफल अभ्यर्थी अब सहायक प्रोफेसर परीक्षा-2024 के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। एमपीपीएससी ने 15 दिसंबर, 2024 को पूरे मध्य प्रदेश में इस परीक्षा का आयोजन किया था।

कुल 1.21 लाख अभ्यर्थियों ने 24 विषयों में परीक्षा के लिए आवेदन किया था, जिनमें से करीब 94,000 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। एमपीपीएससी ने मूल्यांकन कार्य को एक महीने के भीतर पूरा कर पांच विषयों के परिणाम जारी कर दिए हैं

बाकी विषयों के परिणाम जल्द जारी होंगे

एमपीपीएससी के ओएसडी रवींद्र पंचभाई ने पुष्टि की है कि शेष विषयों के परिणाम जल्द ही प्रकाशित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि सहायक प्रोफेसर परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 26 मार्च 2024 है

MPPSC SET 2024 Cut Off (Subject wise cut off)

SubjectUnreservedOBCSCSTEWSDisabled
English186166152142164130
Geography188178162150172124
Home Science176160164146158112
Law190178162152172154
Library & Information Science184172156152164142
विषयअनारक्षित (Unreserved)ओबीसी (OBC)एससी (SC)एसटी (ST)ईडब्ल्यूएस (EWS)दिव्यांग (Disabled)
अंग्रेजी186166152142164130
भूगोल188178162150172124
गृह विज्ञान176160164146158112
कानून190178162152172154
पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान184172156152164142

सिवनी: रिश्वतखोर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ज्योति पटले को जबलपुर लोकायुक्त टीम ने 40,000 रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा

सिवनी: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में खाद्य आपूर्ति विभाग की कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ज्योति पटले को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने 40,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। यह कार्रवाई जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शिकायतकर्ता संत कुमार कनोजिया की शिकायत पर लोकायुक्त ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की।

शिकायतकर्ता ने बताई पूरी सच्चाई

सिवनी जिले के कालीरात गांव के निवासी संत कुमार कनोजिया ने जबलपुर लोकायुक्त को शिकायत दी थी कि अधिकारी ज्योति पटले बिना रिश्वत लिए कोई भी काम नहीं करती। शिकायत में बताया गया कि बार-बार पैसों की मांग की जा रही थी, जिससे तंग आकर उन्होंने लोकायुक्त को सूचित किया।

लोकायुक्त की टीम ने जांच-पड़ताल के बाद शिकायत को सही पाया और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। टीम ने अधिकारी को तब पकड़ा जब वह 40,000 रुपये की रिश्वत ले रही थी।

कैसे हुई लोकायुक्त की कार्रवाई?

लोकायुक्त टीम ने पूरी योजना के साथ ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया। शिकायतकर्ता को अधिकारी तक भेजकर पहले रिश्वत की मांग को पुष्ट किया गया। इसके बाद, जैसे ही अधिकारी ने रिश्वत की रकम ली, लोकायुक्त टीम ने मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के दौरान जब्त किए गए सबूत:

  • 40,000 रुपये की नकदी
  • रिकॉर्ड की गई बातचीत और अन्य दस्तावेज
  • शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान

गिरफ्तारी के बाद ज्योति पटले को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए न्यायालय में पेश किया गया।

भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई का संदेश

इस कार्रवाई से प्रशासन और अधिकारियों को यह स्पष्ट संदेश गया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी बच नहीं सकते। लोकायुक्त टीम लगातार इस तरह की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और जनता को भी जागरूक कर रही है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की शिकायत करने से न डरें।

सिवनी जिले में पहले भी हो चुकी हैं भ्रष्टाचार की घटनाएँ

सिवनी जिले में इससे पहले भी कई सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। खाद्य आपूर्ति विभाग के अलावा राजस्व विभाग, नगर पालिका, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग में भी रिश्वतखोरी की शिकायतें मिलती रही हैं।

लोकायुक्त ने पहले भी नगरपालिका अधिकारियों, पटवारियों और अन्य विभागों के कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। यह कार्रवाई भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जो जिले में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है।

जनता के लिए सबक: भ्रष्टाचार की शिकायत करें

अगर किसी भी सरकारी विभाग में आपसे रिश्वत मांगी जाती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप लोकायुक्त पुलिस से संपर्क करके कार्रवाई करवा सकते हैं

लोकायुक्त से संपर्क करने के लिए:

  • लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर
  • टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर
  • ऑनलाइन शिकायत पोर्टल

सिवनी जिले में खाद्य आपूर्ति विभाग की अधिकारी को रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ा जाना भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी जीत है। यह मामला दर्शाता है कि अगर जनता जागरूक हो तो भ्रष्ट अधिकारी बच नहीं सकते। लोकायुक्त की इस कार्रवाई ने सिवनी जिले में प्रशासनिक ईमानदारी की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।

सिवनी जिले के बरघाट में शासकीय जमीन का दोहन: अतिक्रमण के खिलाफ उठाई आवाज तो शिकायत लेकर अतिक्रमणकारी पहुंचे थाने

सिवनी, बरघाट: सिवनी-बालाघाट मुख्य मार्ग पर शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्राम पंचायत और तहसील प्रशासन द्वारा सीमांकन के बावजूद भूमाफिया द्वारा अवैध कब्जे हटाने में बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। स्थिति यह हो गई है कि उनके द्वारा ही अतिक्रमण के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले संतोष शुक्ला के खिलाफ तहसीलदार बरघाट तथा थाना प्रभारी बरघाट को ञापन सौंपते हुऐ कार्यवाई की मांग की गई है ऐसी स्थिति मे क्या शासकीय जमीन पर अवैध कब्जा करने करने वाले ही एकमत होकर प्रशासन पर भारी होने का दबाव बनाने का प्रयास कर रहे है.

रोड किनारे अतिक्रमण से बढ़ रहीं दुर्घटनाएं

धारनाकला स्थित सिवनी-बालाघाट मुख्य मार्ग पर फैले अतिक्रमण के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सड़क किनारे दुकानों, ठेलों और अन्य अस्थायी निर्माणों के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने इस समस्या को संज्ञान में लेते हुए संयुक्त दल के माध्यम से सीमांकन किया और अतिक्रमण चिन्हित किए। तहसीलदार न्यायालय से अतिक्रमणकारियों को नोटिस भी जारी हुए, लेकिन कार्यवाही अधर में लटक गई है।

जनपद पंचायत की शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे

बरघाट जनपद पंचायत की बेशकीमती शासकीय भूमि भी अतिक्रमणकारियों के निशाने पर है। यहाँ अवैध निर्माणों और गंदगी की वजह से स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा यह जमीन निजी रूप से संशोधित कर बेची जा रही है, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है। इसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के चलते अवैध कब्जे जारी हैं।

मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद खुले में मांस की बिक्री जारी

सिवनी-बालाघाट रोड के आबादी क्षेत्र और बसाहट इलाकों में खुले में मांस बिक्री बदस्तूर जारी है। स्थानीय लोगों ने कई बार इस पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन प्रशासन की निष्क्रियता साफ दिख रही है। सिवनी बालाघाट रोड के किनारे आबादी क्षेत्र तथा बसाहट क्षेत्र मे प्रशासन की नाक के नीचे खुले मे मासं बिक रहा है जिसकी गंदगी तथा बदबू से लोग परेशान है किन्तु पत्रकारिता की आड लेकर ब्लेक मेलिंग मे माहिर राकेश अगरवार जो आए दिन अखबार के हाकर के रूप मे चोला बदलते फिरता है तथा क्राइम रिपोटर तो कभी जिले का ब्यूरो चीफ बनकर आतंक का पर्याय बना रहता है अभी पिछले माह ही यह हाकर सरपंच की शिकायत पर जैल भी जा चुका है खुले मासं बिक्री का हमदर्द बना फिर रहा है तथा शासकीय जमीन को अपनी जागीर समझकर लोगो को चेलेज कै साथ साथ प्रशासन को भी गुमराह करते चले आ रहा है जबकि प्रदेश के मुखिया के आदेश के बाद भी लम्बे समय से शासकीय जमीन पर खुले मे मासं बिक्री पर प्रतिबन्ध न लगना समझ से परे है.

अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ प्रशासन की रणनीति

जिला कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त दल ने शासकीय भूमि का सीमांकन कर अतिक्रमण चिन्हित कर दिया है। लेकिन कुछ प्रभावशाली भूमाफिया तहसीलदार की कार्यवाही को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से कार्रवाई की तैयारी है, लेकिन यह देखना होगा कि कानूनी प्रक्रिया में कितनी तेजी लाई जाती है और क्या अवैध कब्जे हटाने में प्रशासन सफल होगा या नहीं।

प्रशासन को दिखानी होगी सख्ती

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और भूमाफिया के दबाव में प्रशासन की कमजोरी को लेकर जनता में रोष बढ़ता जा रहा है। यदि सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो अतिक्रमण और भूमाफिया का आतंक बढ़ता ही जाएगा।

Bhopal की हर्षा रिछारिया को महाकुंभ में मिला फेम: AI VIDEO से परेशान होकर Harsha Richhariya ने दी आत्महत्या की धमकी

भोपाल: एमपी के भोपाल (Bhopal) की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया (Harsha Richhariya) ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कुछ धर्म-विरोधी तत्व AI-जनरेटेड वीडियो (Harsha Richhariya AI Video) के माध्यम से उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। इस विवाद के बीच हर्षा ने आत्महत्या की धमकी भी दी है, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

एआई वीडियो विवाद: कैसे हुई शुरुआत?

प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान निरंजनी अखाड़े के पेशवाई रथ पर दिखाई देने के बाद हर्षा रिछारिया चर्चाओं में आईं। हिंदू संस्कृति और धार्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों की सराहना की गई, लेकिन इसके साथ ही कुछ धर्म-विरोधी समूहों ने उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास भी किया।

हर्षा के अनुसार, सोशल मीडिया पर कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके वीडियो को एडिट कर उसे गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया। उन्होंने दावा किया कि एआई तकनीक का उपयोग कर उनके फर्जी वीडियो बनाए गए और सोशल मीडिया पर वायरल किए गए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची है।

हर्षा रिछारिया का बयान: “मैं महादेव की शक्ति तक लड़ूंगी”

मंगलवार रात इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में हर्षा ने बेहद भावुक स्वर में कहा,
“मैं महादेव द्वारा दी गई शक्ति तक लड़ूंगी। मैं मुश्किलों का सामना करूंगी लेकिन अगर मैं लड़ाई जारी रखने में विफल रही, तो मैं अपनी जान दे दूंगी और इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों का नाम लूंगी।”

क्या हर्षा ने कभी साध्वी होने का दावा किया?

सोशल मीडिया पर कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या हर्षा ने कभी “साध्वी” होने का दावा किया था?

इस पर हर्षा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी स्वयं को साध्वी नहीं बताया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य युवाओं को हिंदू संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के प्रति जागरूक करना था।

उन्होंने आगे कहा,
“हालांकि, पुरुष अहंकार वाले कुछ धर्म-विरोधी तत्व मुझे रोक रहे हैं। मुझे कई लोगों से संदेश और ईमेल मिल रहे हैं।”

फर्जी एआई वीडियो और साइबर अपराध: क्या हुई कानूनी कार्रवाई?

हर्षा रिछारिया ने दावा किया कि उनके फर्जी वीडियो बनाने वालों के नाम उन्हें मिल चुके हैं। उन्होंने कहा,
“अगर किसी सुबह यह खबर आती है कि हर्षा रिछारिया ने आत्महत्या कर ली है, तो मैं इन सभी लोगों के नाम पीछे छोड़ जाऊंगी।”

इस मामले को लेकर भोपाल साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई है। उनके निजी सहायक के अनुसार, यह शिकायत दो सप्ताह पहले दर्ज की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर बढ़ता ट्रोलिंग का खतरा

सोशल मीडिया आज अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सबसे प्रभावी मंच बन चुका है, लेकिन इसके साथ ही ट्रोलिंग और साइबर बुलिंग के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं

कुछ प्रमुख मुद्दे:

  1. एआई-जनरेटेड फर्जी वीडियो का उपयोग कर भ्रामक जानकारी फैलाना
  2. सोशल मीडिया पर संगठित ट्रोलिंग द्वारा किसी की छवि को नुकसान पहुंचाना।
  3. साइबर अपराधों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में देरी
  4. मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव, जिससे डिप्रेशन और आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ सकती है

क्या सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए?

हर्षा रिछारिया का मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता हैक्या सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे फर्जी वीडियो को फैलने से रोकने की अधिक जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए?

इसके अलावा, कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी साइबर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वालों को जल्द से जल्द रोका जा सके।

सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए सबक

यह मामला हमें सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों और एआई टेक्नोलॉजी के संभावित खतरों के प्रति सतर्क करता है।

क्या करें?

सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचें
यदि कोई एआई-जनरेटेड फर्जी वीडियो बनाकर आपको बदनाम करने की कोशिश करता है, तो तुरंत कानूनी मदद लें
साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाएं और संगठित रूप से आवाज उठाएं

क्या न करें?

बिना जांचे-परखे किसी भी वायरल वीडियो पर विश्वास न करें
सोशल मीडिया ट्रोलिंग से प्रभावित होकर गलत निर्णय न लें
किसी भी विवादित मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने से पहले सावधानी बरतें