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सिवनी: जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर, भोपाल, शहडोल और ग्वालियर संभाग में बूंदा बांदी: MP के तापमान में होगी गिरावट

Seoni News: मध्य प्रदेश में गर्म मौसम का दौर जारी है, लेकिन जल्द ही इसमें बदलाव देखने को मिलेगा। 16-17 मार्च को मध्य प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में हलकी बारिश/ बूंदा बांदी की वजह से दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, 18-19 मार्च को जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर, भोपाल, शहडोल और ग्वालियर संभागों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।

भीषण गर्मी के बीच राहत की उम्मीद

प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, रातें भी गर्म बनी हुई हैं। हालांकि, पिछले तीन दिनों से प्रदेश के कुछ शहरों में मौसम बदलता हुआ नजर आया है। कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई तो कहीं तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले दो दिनों तक तापमान में गिरावट जारी रहेगी और 18-19 मार्च को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम में बदलाव का कारण

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, वर्तमान में राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण तंत्र सक्रिय है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के झाबुआ, रतलाम, भिंड, मुरैना, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। यह सिस्टम जल्द ही कमजोर हो जाएगा, लेकिन 18-19 मार्च को एक नया पश्चिमी विक्षोभ और द्रोणिका लाइन के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

किन जिलों में होगी बारिश?

मौसम विभाग ने जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसके अनुसार 18-19 मार्च को जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल, इंदौर, शहडोल और ग्वालियर संभागों में हल्की बारिश की संभावना है। खासकर, 19 मार्च को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बादल छाने के साथ हल्की बारिश दर्ज हो सकती है।

बारिश होने से प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज होगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।

अप्रैल-मई में पड़ेगी प्रचंड गर्मी

मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल और मई 2025 के सबसे गर्म महीने होने की संभावना है। इन महीनों में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है।

इसके अलावा, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभागों में भी तापमान काफी ऊंचा बना रहेगा, जिससे लोगों को लू चलने का खतरा रहेगा।

गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय

चूंकि आगामी महीनों में भीषण गर्मी पड़ने वाली है, इसलिए हमें गर्मी से बचने के लिए कुछ आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • अधिक पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
  • दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर जाने से बचें।
  • हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर ढककर रखें।
  • गर्मी में बाहर जाते समय छाता या टोपी का इस्तेमाल करें।
  • तेज धूप में ज्यादा देर तक न रहें और शरीर को हाइड्रेट रखें।

मध्य प्रदेश में 16-17 मार्च को तापमान में गिरावट और 18-19 मार्च को हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इसके बाद अप्रैल और मई में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

चौरई के पास सड़क हादसा: तेज रफ्तार कार और पिकअप की जोरदार टक्कर

छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के चौरई के पास आज दोपहर करीब 03 बजे एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई। इस हादसे में एक तेज रफ्तार कार और पिकअप वाहन की जोरदार टक्कर हो गई, जिससे कई लोग घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन कार सवार को मामूली चोटें आई हैं।

हादसे की पूरी जानकारी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर हुई, जहां एक तेज गति से आ रही कार और एक लोडेड पिकअप वाहन की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ही वाहन तेज गति में थे, जिससे यह भीषण हादसा हुआ।

घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी

दुर्घटना होते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने घायलों को वाहन से बाहर निकाला और तुरंत 108 एम्बुलेंस और पुलिस को सूचना दी। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात को सुचारू रूप से बहाल किया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

मौके पर पहुंची चौरई पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात को बहाल किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि हादसा लापरवाही, तकनीकी खराबी, या सड़क की स्थिति की वजह से हुआ।

स्थानीय प्रशासन की अपील

प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क पर सुरक्षा नियमों का पालन करें, स्पीड लिमिट का ध्यान रखें और ओवरटेकिंग से बचें ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

सड़क सुरक्षा को लेकर क्या कहती हैं रिपोर्ट्स?

  • तेज रफ्तार के कारण भारत में हर साल हजारों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।
  • राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, ओवरस्पीडिंग सड़क हादसों की प्रमुख वजहों में से एक है।
  • सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने से इस तरह के हादसों से बचा जा सकता है।

चौरई के पास हुए इस सड़क हादसे ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे वाहन चालक सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं? इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए वाहन चालकों को सतर्क रहना होगा और प्रशासन को सड़क सुरक्षा नियमों को और सख्त करना होगा।

किसान पंजीयन स्लॉट बुकिंग: सिवनी में किसानों को छोड़कर किसे मिल रहा लाभ और कैसे हो रहे उपार्जन केंद्र प्रभावित?

सिवनी, बरघाट (एस. शुक्ला): किसान पंजीयन स्लॉट बुकिंग प्रणाली धान एवं गेहूं खरीद के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है। इस प्रणाली के माध्यम से किसानों को उनके अनाज की बिक्री की सुविधा मिलती है और उन्हें निर्धारित समय में भुगतान भी प्राप्त होता है। लेकिन क्या वास्तव में इस योजना का लाभ किसानों को मिल रहा है या फिर कुचिया व्यापारी और ठेकेदार इसका ज्यादा फायदा उठा रहे हैं? यह जांच और विचार का विषय है।

कुचिया व्यापारियों को अधिक लाभ

शासन की इस सुविधा का सबसे ज्यादा लाभ कुचिया व्यापारी और ठेकेदार उठा रहे हैं। पोर्टल पर बेचे गए अनाज के रिकॉर्ड को देखने पर पता चलता है कि कई बार किसानों के नाम पर दूरस्थ उपार्जन केंद्रों में अनाज की बिक्री दिखाई जाती है, जो वास्तविकता में संदिग्ध प्रतीत होती है।

कई मामलों में किसानों के पंजीयन पर अनाज बेचा जाता है, लेकिन वे खुद यह अनाज बेचने नहीं जाते। यह स्थिति दर्शाती है कि किसान के नाम पर कोई और व्यक्ति, खासकर कुचिया व्यापारी, इस प्रक्रिया का लाभ उठा रहा है।

उपार्जन केंद्रों पर प्रभाव

स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया लागू होने के बाद से उपार्जन केंद्रों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव देखा गया है। कुचिया व्यापारी और खरीदी प्रभारी की सांठगांठ से कई केंद्रों पर अनाज बिक्री के रिकॉर्ड अचानक बढ़ गए हैं। उदाहरण के लिए, जहां पहले 30-35 हजार क्विंटल अनाज खरीदा जाता था, वहीं अब यह आंकड़ा 80 हजार से 1 लाख क्विंटल तक पहुंच चुका है।

कई मामलों में यह भी देखा गया है कि सौ से दो सौ किलोमीटर दूर के किसानों के नाम पर भी स्लॉट बुकिंग हो रही है और उनकी धान बिक्री पोर्टल पर दर्ज की जा रही है। यह संदेह उत्पन्न करता है कि कहीं यह पूरी प्रक्रिया केवल कागजों पर ही तो नहीं हो रही?

मिलर्स को प्रदाय धान डिलीवरी ऑर्डर (आरो) में अनियमितताएँ

धान की मिलिंग के लिए मिलर्स को जारी किए जाने वाले डिलीवरी ऑर्डर (आरो) में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियाँ देखी गई हैं। यदि किसी किसान के पंजीयन पर बेचा गया अनाज वास्तव में केंद्र पर उपलब्ध नहीं होता, तो मिलर्स को नगद राशि देकर आरो जारी कर दिया जाता है।

इसका तात्पर्य यह है कि कुचिया व्यापारी किसानों के नाम पर धान बेचते हैं और जब धान केंद्र में नहीं पहुंचता, तो मिलर्स को 2150 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से नगद राशि दी जाती है। इस तरह, सरकारी योजना का लाभ वास्तविक किसानों की बजाय व्यापारियों को मिल रहा है।

खाली बारदाना वितरण और मजदूरों का शोषण

धान उपार्जन प्रक्रिया के दौरान 2024-25 के सीजन में यह भी देखा गया कि खरीदी प्रभारी के इशारे पर खाली बारदाने (बोरियाँ) खुलेआम वितरित कर दी गईं। इसके कारण कई मामलों में धान का तौल किसानों के घरों में ही कर दिया गया और सिलाई के बाद केंद्र पर डंप कर दिया गया।

इस प्रक्रिया में उपार्जन केंद्र पर काम करने वाले मजदूरों और हम्मालों का भारी शोषण हुआ। कुछ केंद्रों में जाँच की गई, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

किसानों की राय

कई किसानों ने इस नई व्यवस्था के बारे में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दी हैं। जनपद सदस्य गजानंद हरिनखेड़े, बसंत राहगड़ाले, हेमंत राहगंडाले सहित कई किसानों का कहना है कि स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था एक अच्छा कदम है, लेकिन इसका लाभ वास्तविक किसानों से अधिक कुचिया व्यापारियों को मिल रहा है।

उनका यह भी सुझाव है कि सहकारी समितियों और उपार्जन केंद्रों को पहले की तरह सीमित दायरे में ही अनाज खरीदने की अनुमति दी जाए, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल सके और उपार्जन केंद्रों की प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

किसान पंजीयन स्लॉट बुकिंग प्रणाली का उद्देश्य किसानों को उनके अनाज की बिक्री में सुविधा देना था, लेकिन व्यावहारिक रूप से इसका अधिकतर लाभ व्यापारी और मिलर्स उठा रहे हैं। सरकार को इस प्रणाली की गहराई से जाँच करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों के हक पर किसी और का कब्जा न हो। उपार्जन प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए उपाय अपनाने की आवश्यकता है।

ये सिवनी है दोस्त यहां किराना दुकान में मिल जाती है शराब, आबकारी विभाग नींद में; ग्रामीण परेशान

सिवनी: सीवी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। ग्राम मडवा के निवासी इस समस्या से अत्यधिक परेशान हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों तक पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। कई बार प्रयास करने के बावजूद अवैध शराब का कारोबार बंद नहीं हो रहा है, जिससे गांव के लोग हताश हो चुके हैं।

गांव में बढ़ती अवैध शराब की समस्या

ग्राम मडवा में अवैध शराब बिक्री खुलेआम हो रही है, जिससे सामाजिक माहौल बिगड़ता जा रहा है। गांव के लोगों ने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार:

  • अवैध शराब की बिक्री से युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं।
  • गुंडागर्दी और अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है।
  • गांव के लोगों को धमकियां दी जाती हैं, जिससे वे शिकायत करने से डरते हैं।
  • पुलिस प्रशासन को कई बार सूचित किया गया, लेकिन अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर संकट

गांव की महिलाएं और बुजुर्ग इस स्थिति से सबसे अधिक परेशान हैं। नशे की लत के कारण घरों में झगड़े बढ़ रहे हैं और घरेलू हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। ग्रामीणों ने कई बार इस अवैध कारोबार को बंद करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अपराधियों द्वारा धमकाया जाता है ग्राम मडवा के लोग अब संगठित होकर मंगलवार के दिन कलेक्टर महोदया से मिलने जा रहे हैं। वे उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर जल्द से जल्द सख्त कदम उठाएगा। ग्रामीणों की मांगें हैं:

  1. अवैध शराब बिक्री को तुरंत रोका जाए।
  2. शराब माफियाओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
  3. गांव में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि अपराधियों पर नजर रखी जा सके।
  4. जो भी व्यक्ति अवैध शराब बेचता है, उसके खिलाफ सख्त सजा दी जाए।

ग्रामीणों की एकजुटता और संघर्ष

गांव के सभी लोग इस लड़ाई में एकजुट हैं और अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की अपील की है। इस संबंध में ग्रामवासियों ने संगठित रूप से हस्ताक्षरित आवेदन पत्र भी तैयार किया है, जिसे वे प्रशासन को सौंपने वाले हैं।

अवैध शराब का धंधा न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह समाज के ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण:

  • परिवार टूट रहे हैं और घरेलू हिंसा बढ़ रही है।
  • युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
  • गांव में अपराध और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
  • सरकारी राजस्व की भी हानि हो रही है, क्योंकि यह कारोबार अवैध रूप से चल रहा है।

सरकार और प्रशासन को कड़े कदम उठाने की जरूरत

यदि प्रशासन ने समय रहते इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो स्थिति और भी खराब हो सकती है। सरकार को चाहिए कि वह:

  • अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए विशेष टीम गठित करे।
  • गांव में शराब विरोधी अभियान चलाए।
  • जो लोग इस कारोबार में लिप्त हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।
  • जनता को जागरूक करने के लिए पंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित करे।

ग्रामीणों को प्रशासन से न्याय की उम्मीद

गांव के लोग प्रशासन से यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस बार उनकी शिकायत पर ठोस कार्रवाई होगी। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो गांव के लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो सकते हैं। ग्राम मडवा में अवैध शराब बिक्री एक विकराल समस्या बन गई है। इसने न केवल ग्रामीणों की शांति भंग की है, बल्कि अपराध और असुरक्षा का माहौल भी बना दिया है। अब वक्त आ गया है कि प्रशासन इस मुद्दे पर कठोर कदम उठाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।

सिवनी: डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना घर से बिक रही अल्प्राजोलम, नशे के लिए युवा कर रहे उपयोग

सिवनी। जिला मुख्यालय के शुक्रवारी बाज़ार में एक घर से अल्प्राजोलम टेबलेट बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के खुलेआम बेची जा रही है, और सबसे चिंताजनक बात यह है कि शहर के युवा इस दवा का नशे के रूप में उपयोग कर रहे हैं।

भाजपा नेता ने किया खुलासा

भाजपा नेता भुनेश कुल्हाड़े ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से लाइव आकर इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शुक्रवारी स्थित गुप्ता मिठाईवाले के आसपास स्थित एक घर से यह दवा बेची जा रही है, जहां से युवा इसे खरीदकर नशे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

भुनेश कुल्हाड़े को सूचना मिली कि एक युवक ने इस स्थान से अल्प्राजोलम टेबलेट खरीदी है, जिसे नशे के लिए उपयोग किया जाता है। इस जानकारी के बाद कुल्हाड़े ने युवक को पकड़कर उसी स्थान पर ले जाकर इंस्टाग्राम लाइव के माध्यम से पूरे मामले को जनता के सामने रखा।

जिला प्रशासन की जिम्मेदारी

इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अगर वाकई में बिना डॉक्टर की अनुमति के अल्प्राजोलम जैसी दवा खुलेआम बेची जा रही है, तो यह एक गंभीर अपराध है। जिला प्रशासन को तुरंत इस मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

हालांकि, सिवनी में अक्सर देखा जाता है कि प्रशासन पहले शिकायत दर्ज होने का इंतजार करता है, और फिर ही जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। ऐसे में यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो प्रशासन को बिना किसी देरी के कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि युवाओं को इस खतरनाक नशे की लत से बचाया जा सके।

क्या है अल्प्राजोलम?

अल्प्राजोलम एक स्ट्रॉन्ग बेंजोडायजेपाइन ड्रग है, जिसका उपयोग डॉक्टर चिंता (Anxiety) और अनिद्रा (Insomnia) के इलाज के लिए करते हैं। लेकिन बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के इस दवा का सेवन नशे और लत का कारण बन सकता है। इसका अत्यधिक उपयोग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकता है।

प्रशासन को तुरंत करनी होगी कार्रवाई

यदि सिवनी में इस तरह की नशीली दवाएं खुलेआम बेची जा रही हैं और युवा इनका सेवन कर रहे हैं, तो यह समाज के लिए गंभीर खतरा है। प्रशासन को स्वतः संज्ञान लेकर न सिर्फ इस मामले की जांच करनी चाहिए, बल्कि दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई भी करनी चाहिए।

सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन का संदेश: यह रंग बहुत पवित्र होता है, जिसको रंग से दिक्कत हो वो अपने घर में रहें

सिवनी: होली के रंगों से सराबोर माहौल में, सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन ने अपने अंदाज में होली मनाते हुए एक बड़ा संदेश दिया। रंगों से खेलते हुए उन्होंने कहा, “यह रंग बहुत पवित्र होता है, जिसको रंग से दिक्कत हो वो अपने घर में रहें।”

होली के रंगों में डूबा सिवनी

सिवनी जिले में होली का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर प्रेम और सौहार्द का संदेश देते नजर आए। इस अवसर पर विधायक दिनेश राय मुनमुन भी जनता के बीच पहुंचे और रंगों की बारिश के साथ होली का आनंद लिया।

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विधायक का संदेश: रंगों से परहेज क्यों?

विधायक मुनमुन ने कहा कि होली भाईचारे और आनंद का पर्व है। यह रंग किसी जाति, धर्म या संप्रदाय का नहीं होता, बल्कि प्रेम और उल्लास का प्रतीक होता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को रंगों से दिक्कत है, तो वे अपने घर में ही रहें, लेकिन इस उत्सव में खलल न डालें।

होली का महत्व और सामाजिक सौहार्द

होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द, समरसता और आपसी प्रेम को बढ़ावा देने का अवसर भी है। विधायक दिनेश राय मुनमुन ने अपने संदेश में यही बात दोहराई कि होली हमें नफरत मिटाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है।

जिले में शांति पूर्ण रही होली

सिवनी में इस वर्ष होली का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं घटी। लोग रंगों से सराबोर होकर एक-दूसरे को गले लगाकर, मिठाइयां खिलाकर और डीजे की धुनों पर नाचकर होली का आनंद लेते नजर आए।

विधायक मुनमुन का जनता को धन्यवाद

होली के समापन पर विधायक दिनेश राय मुनमुन ने सिवनी की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी ने मिलकर एकजुटता और प्रेम के साथ इस पर्व को मनाया, यही सिवनी की पहचान है।

होली का पर्व हमें मिलजुल कर रहने, सभी भेदभाव मिटाने और खुशियों को साझा करने की प्रेरणा देता है। सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन का यह संदेश कि “रंग पवित्र होता है, इससे परहेज करने वाले अपने घर में रहें,” इस त्योहार की भावना को और मजबूत करता है।

सिवनी जिले में अग्निशामक यंत्रों की तत्काल व्यवस्था आवश्यक, प्रशासन और जनप्रतिनिधि कब लेंगे सुध

Seoni News: बसंत ऋतु के समापन के साथ ही अब ग्रीष्म ऋतु का आगमन हो चुका है। इस बदलते मौसम में खेतों में खड़ी फसलें जल अभाव के कारण समय से पहले पकने की संभावना है। इसके साथ ही, इस बार फसल उत्पादन में भारी कमी आने की भी आशंका व्यक्त की जा रही है।

पिछले वर्षों में केवलारी, कान्हीवाड़ा, पलारी समेत कई इलाकों में आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें किसानों की मेहनत से उगाई गई फसलें, अनाज, मकान और यहां तक कि मवेशी भी जलकर राख हो गए हैं। ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि प्रशासन इस बार पहले से ही सतर्कता बरते और अग्निशामक यंत्रों की समुचित व्यवस्था करे ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

मार्च लग गया है किंतु पलारी चौकी ओर कान्हीवाड़ा थाना में दमकल वाहन किसी अनहोनी आगजनी के लिए तैयार है आखिर कार फायर विग्रेड की मांग पिछले वर्षों की तरह मांग कर ही मिलेगी या किसी बड़ी दुर्घटना में बाद सुध लेगा प्रशासन……?

बिजली विभाग को सुधार कार्य करने की आवश्यकता

आग लगने के पीछे कई कारण होते हैं, जिनमें एक बड़ा कारण विद्युत लाइनों की खराब स्थिति भी है। कई स्थानों पर बिजली के खंभे झुके हुए हैं, तार ढीले लटक रहे हैं और शॉर्ट सर्किट की घटनाएं होती रहती हैं, जिससे आग लगने की संभावना बनी रहती है। अतः मध्य प्रदेश राज्य विद्युत मंडल के अधिकारियों से निवेदन है कि वे इन जर्जर खंभों और तारों को तुरंत ठीक करें ताकि स्पार्किंग से होने वाली आगजनी की घटनाओं को रोका जा सके।

पुलिस थानों एवं चौकियों में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था हो

प्रशासन से यह भी आग्रह किया जाता है कि पुलिस थाना केवलारी, पुलिस थाना कान्हीवाड़ा, पुलिस थाना छपारा, पुलिस थाना धनोरा, पुलिस चौकी पलारी, पुलिस चौकी भीमगढ़, पुलिस चौकी छींदा और पुलिस चौकी सुनवारा में फायर ब्रिगेड (अग्निशामक वाहन) की सुविधा तत्काल उपलब्ध कराई जाए।

पिछले वर्षों में जब आगजनी की घटनाएं हुईं, तो समय पर अग्निशमन वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अगर प्रत्येक थाना एवं चौकी में फायर ब्रिगेड उपलब्ध रहेगी, तो आग लगने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी और बड़े नुकसान को रोका जा सकेगा।

किसान भाई नरवाई न जलाएं

किसान भाइयों से भी विनम्र निवेदन है कि फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई (खेत में बची पराली) जलाने से बचें। नरवाई जलाना सरकार द्वारा दंडनीय अपराध घोषित किया जा चुका है, क्योंकि इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान होता है और कई बार आसपास के खेतों और बस्तियों में आग फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।

इसके अलावा, नरवाई जलाने से खेतों में मौजूद जरूरी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे अगली फसल की गुणवत्ता प्रभावित होती है। अतः किसान भाइयों से अनुरोध है कि जब तक गौ-पालकों के लिए पर्याप्त भूसे की व्यवस्था ना हो जाए, तब तक नरवाई न जलाएं और इसे सही ढंग से उपयोग में लाएं।

होली की हार्दिक शुभकामनाएं

आने वाले रंगों के पर्व होली की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। होली का यह पावन अवसर सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियों के रंग लेकर आए। होलिका दहन के अवसर पर सभी को मेरी ओर से शुभकामनाएं। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें और त्योहार को प्रेम एवं सौहार्द के साथ मनाएं।

Holika Dahan Puja 2025: होलिका दहन के दौरान भूलकर भी ना पहनें पीले रंग के कपड़े, इन गलतियों से होता है बड़ा नुक्सान

Holika Dahan Puja 2025: होलिका दहन 2025: ज्योतिषी पंडित जगन्नाथ गुरुजी बताते हैं कि पूजा के दौरान पीले रंग के कपड़े क्यों नहीं पहनने चाहिए और इस त्योहार का ध्यान रखने के लिए क्या करना चाहिए।

ज्योतिषी पंडित जगन्नाथ गुरुजी कहते हैं, “ज्योतिष के अनुसार, होलिका पूजा (Holika Dahan Puja 2025) के दौरान सर्वोत्तम संभव परिणाम सुनिश्चित करने के लिए कुछ निश्चित करने और न करने योग्य बातों का पालन करने की आवश्यकता होती है। 

आइए इस उत्सव के अवसर का आनंद लेते हुए क्या करें और क्या न करें के बारे में कुछ बातों पर जोर दें जिन्हें आप याद रख सकते हैं।

इस बार होली 13 मार्च 2025 को होगी। भारत में होली 2025 तिथि के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें । हिंदू धर्म में होली का बहुत महत्व है और पूरा भारत इस त्योहार को मनाता है। यह रंगों का त्योहार है। 

आपको बता दें कि इसे पूरे देश में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। भारत में होली 2025 की तारीख 13 तारीख को होगी।हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होली मनाई जाती है। साल 2025 में रंगों का त्योहार होली 13 मार्च 2025 को पड़ रहा है। यह भी पढ़ें: होली पर रंगों से खेलते समय ‘हर्बल रंगों’ का ही करें इस्तेमाल; जाने कैसे पहचाने हर्बल और केमिकल रंगों में फर्क

Holika Dahan Puja 205: होलिका दहन में ये जरूर करें

  1. घी का दीया जलाएं : घी का दीया जलाकर और उसे अपने घर के उत्तरी कोने में रखकर आप अपने घर में सकारात्मकता और शांति को आकर्षित कर सकते हैं।
  2. अग्नि को पवित्र वस्तुएं अर्पित करें : पवित्र अग्नि को गाय के गोबर के कंडे, सरसों के बीज और तेल, तिल, चीनी, गेहूं के दाने, अक्षत और सूखे नारियल चढ़ाएं। ऐसा माना जाता है कि इस प्रथा से घर में सौभाग्य और समृद्धि आती है।
  3. परिक्रमा करते समय अर्पित करें जल : परिक्रमा के दौरान जो अग्नि के चारों ओर हो रही हो, अग्नि को जल अर्पित करें। यह अभ्यास शुद्धि का प्रतीक है और माना जाता है कि यह देवता से आशीर्वाद लाता है।
  4. हल्दी और तिल का तेल लगाएं होलिका दहन के दिन पूरे शरीर पर हल्दी और तिल के तेल का मिश्रण लगाएं। कुछ देर बाद हल्दी को रगड़ कर उतार लें और इसे एक कागज़ के टुकड़े पर रख लें। इसके बाद खुरपी हुई हल्दी को होलिका की अग्नि में अर्पित करें। ऐसा माना जाता है कि यह अभ्यास अच्छा स्वास्थ्य लाता है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
  5. होलिका दहन की राख एकत्र करें : द्रिक पंचांग के अनुसार होलिका दहन की राख को एकत्रित करके शरीर पर लगाने से शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है क्योंकि इसे पवित्र माना जाता है।

Holika Puja 2025: होलिका दहन में ये नहीं करें

  1. बाहरी लोगों के भोजन या पानी का सेवन न करें : इस दिन घर के बाहर किसी के द्वारा दिए गए भोजन या पानी के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि यह अभ्यास नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाता है और बुरी आत्माओं से खुद को बचाता है।
  2. कीमती वस्तुएं या पैसा उधार न दें : माना जाता है कि होलिका दहन के दिन दूसरों को कीमती चीजें या पैसा उधार नहीं देना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि यह अभ्यास वित्तीय नुकसान से बचने और खुद को किसी भी नकारात्मक प्रभाव से बचाने के लिए है।
  3. बालों को रूखा और खुला न रखें : बालों को रूखा और खुला रखने से बचना चाहिए। इसके बजाय, बालों को तेल लगाने और यदि संभव हो तो इसे बाँधने की सलाह दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि यह अभ्यास नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखता है और सौभाग्य लाता है।
  4. पीले/काले रंग के कपड़े पहनने से बचें होलिका दहन की विधि करते समय पीले/काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि यह अभ्यास नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाता है और बुरी आत्माओं से खुद को बचाता है।
  5. सड़क पर बिखरी हुई वस्तुओं को न छुएं होलिका दहन की रात को सलाह दी जाती है कि सड़क पर पड़ी किसी भी वस्तु को न छुएं, क्योंकि वे हाथ से निकल सकती हैं। ऐसा माना जाता है कि यह अभ्यास स्वयं पर किसी भी नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए है।

होलिका दहन पूजा एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है जो होली से एक रात पहले किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सर्वोत्तम संभव परिणाम सुनिश्चित करने के लिए कुछ निश्चित करने और न करने योग्य बातों का पालन करने की आवश्यकता होती है। 

इन दिशानिर्देशों का पालन करके, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि पूजा ईमानदारी और भक्ति के साथ की जाए और यह हमें सौभाग्य, समृद्धि और खुशी प्रदान करे। आइए हम इस होली को सम्मान, प्रेम और आनंद के साथ मनाएं।